मुस्लिम एक्ट्रेस ने बदला धर्म, 4 शादीशुदा मर्दों से जुड़ा नाम, 50 की उम्र में भी हैं सिंगल

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एंटरटेनमेंट वर्ल्ड में कब किसको किससे प्यार हो जाए और कब किसका रिश्ता टूट जाए कोई नहीं जानता.ऐसी ही एक एक्ट्रेस हैं,जिनका 4-4 बार शादीशुदा मर्दों के साथ नाम जुड़ा और उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिली फिर वो इंडस्ट्री से दूर हो गईं.

ये हसीना कोई और नहीं बल्कि नगमा हैं. अब वो एक्टिंग की दुनिया से दूर राजनेता बन चुकी हैं. नगमा के पिता का नाम अरविंद मोरारजी था, जो कपड़ा उद्योग के बड़े बिजनेसमैन थे. साल 1974 में नगमा की मां और उनके पिता अलग हो गए थे.

50 साल की उम्र में हैं कुंवारी

एक्ट्रेस का एक छोटा भाई भी है.नगमा के पिता हिंदू थे और उनकी मां मुस्लिम थीं. लेकिन, उन्हें ईसाई धर्म की तरफ लगाव महसूस हुआ. 2007 में एक्ट्रेस ने अपना धर्म बदल लिया और बाइबिल पढ़ना शुरू कर दिया.एक्ट्रेस 50 साल की हैं, उन्होंने 49 साल की उम्र में शादी और बच्चे की इच्छा जाहिर की थी.

इस मुस्लिम एक्ट्रेस ने बदला 'धर्म', एक- दो नहीं 4 शादीशुदा मर्दों से जुड़ा नाम, मिली जान से मारने की धमकी तो छोड़ी इंडस्ट्री

नगमा की पर्सनल लाइफ में काफी दिक्कतें रहीं. उनका नाम चार बार शादीशुदा मर्दों के साथ जुड़ा. बता दें नगमा का क्रिकेटर सौरव गांगुली के साथ जुड़ा था. हालांकि, उस दौरान सौरव शादीशुदा थे. जब सौरव अच्छा परफॉर्म नहीं कर रहे थे, तब भी इसका इल्जाम नगमा पर ही लगा था.

सौरव गांगुली संग जुड़ा नाम

बदनामी होते देख नगमा और सौरव ने एक-दूसरे से दूरी बना ली. एक्ट्रेस का नाम रवि किशन से भी जुड़ा. कई जगह इनके अफेयर की खबरें भी छपीं. रवि किशन भी पहले से शादीशुदा थे. हालांकि, नगमा ने बाद में क्लियर किया कि रवि किशन से उनका कोई रिश्ता नहीं है.

नगमा का नाम एक्टर से सांसद बने शरद कुमार संग भी जुड़ा.दोनों ने अपने रिश्ते को बहुत छिपाने की कोशिश की लेकिन ऐसा नहीं हो पाया. जब शरद की पत्नी को इस बारे में पता चला तो उन्होंने तलाक ले लिया.उसके बाद शरद ने नगमा से भी ब्रेकअप कर लिया.

नगमा का दिल ही नहीं टूटा बल्कि उन्हें टॉलीवुड भी छोड़ना पड़ा. नगमा पर कई तरह के सवाल उठे और उन्हें जान से मारने की धमकियां भी मिलीं.मनोज तिवारी संग भी नगमा की लिंकअप की खबरें आई थीं. हालांकि, नगमा ने कहा कि मैं उनके साथ काम कर रही हूं इसका मतलब ये नहीं कि हमारे बीच कुछ चल रहा है.

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Sharad Purnima 2025: रावण की नाभि में था अमृत कुंड, शरद पूर्णिमा पर यह काम करता था लंकापति

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Sharad Purnima 2025: आश्विन महीने की पूर्णिमा पर चंद्रमा की चमकीली और रोशनीदार रात को शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है. इस साल शरद पूर्णिमा आज 6 अक्टूबर 2025 को है. इसका धार्मिक महत्व यह है कि इस दिन चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर आकाश से अमृत वर्षा करता है. 

धार्मिक मान्यतानुसार शरद पूर्णिमा पर ही मां लक्ष्मी का अवतरण भी हुआ था. इस रात्रि लोग खीर बनाकर चंद्रमा के प्रकाश के नीचे रखते हैं और फिर इसका सेवन करते हैं. ऐसी मान्यता है कि, चंद्रमा का प्रकाश पड़ने के कारण खीर में अमृत तत्व आ जाते हैं और इस खीर को खाने वाले को स्वास्थ्य लाभ मिलता है. इसी शरद पूर्णिमा की अमृतमयी रात का लाभ लंकापति रावण ने भी उठाया था.

रावण ने ब्रह्मा जी की घोर तपस्या की थी और उन्हें प्रसन्न कर अमरता का वरदान प्राप्त किया था. रामायण में ऐसा वर्णन मिलता है कि, रावण की नाभि में अमृत कुंड था. यही कारण है कि भगवान राम के बारंबार प्रयास और प्रहार के बाद भी रावण मर नहीं रहा था. अगर विभीषण रावण के नाभि में अमृत कुंड होने के रहस्य का उजागर राम के समक्ष नहीं करते तो शायद रावण वध संभव न होता.

रावण की नाभि में था अमृत कुंड

उमा काल मर जाकीं ईछा। सो प्रभु जन कर प्रीति परीछा॥
सुनु सरबग्य चराचर नायक। प्रनतपाल सुर मुनि सुखदायक॥
नाभिकुंड पियूष बस याकें। नाथ जिअत रावनु बल ताकें।।
सुनत बिभीषन बचन कृपाला। हरषि गहे कर बान कराला॥

इस श्लोक के अनुसार- विभीषण महदेव का नाम लेकर बताते हैं कि, रावण की नाभिकुंड में अमृत का निवास है. हे नाथ! ये राक्षसराज उसी के बल पर जीता है. विभीषण की बात सुनकर राम ने हर्षित होकर हाथ में विकराल बाण लिए और रावण की नाभि पर प्रहार कर दिया.

शरद पूर्णिमा पर क्या करता था रावण

कहा जाता है कि, लंकापति रावण शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा की किरणों को दर्पण ने माध्यम से अपनी नाभि में ग्रहण करता था. इससे उसे पुनर्योवन शक्ति मिलती थी और लंकापति की ताकत और अधिक बढ़ जाती थी.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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क्या 14 अक्टूबर के बाद काम करना बंद कर देगा आपका लैपटॉप? जानिए क्या है सच्चाई

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पिछले कुछ दिनों से लोगों के बीच यह अफवाह फैल रही है कि 14 अक्टूबर के बाद Windows 10 पर चलने वाले लैपटॉप काम करना बंद कर देंगे. अगर आपने भी ऐसा सुना है तो बता दें कि यह पूरी तरह अफवाह है और ऐसा कुछ नहीं होने वाला. हां, 14 अक्टूबर के बाद विंडोज 10 को माइक्रोसॉफ्ट का सपोर्ट नहीं मिलेगा, लेकिन इससे आपके लैपटॉप की फंक्शनिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा और यह पहले की तरह काम करता रहेगा.

क्यों हो रही हैं ऐसी बातें?

दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट ने 14 अक्टूबर से विंडोज 10 के लिए सपोर्ट बंद करने का ऐलान कर दिया है. ऐसे में अगर 14 अक्टूबर के बाद विंडोज 10 पर चलने वाले सिस्टम में कोई सुरक्षा खामी या बग आता है तो कंपनी की तरफ से इसे ठीक करने के लिए सिक्योरिटी पैच रिलीज नहीं किया जाएगा. इससे यूजर्स की सुरक्षा कमजोर हो जाएगी और साइबर अटैक का खतरा बढ़ जाएगा. इस खबर के सामने आने के बाद कई लोगों को लगने लगा था कि 14 अक्टूबर के बाद विंडोज 10 वाले लैपटॉप और सिस्टम काम करना बंद कर देंगे. 

पहले की तरह काम करते रहेंगे सिस्टम

बता दें कि 14 अक्टूबर के बाद भी विंडोज 10 वाले सिस्टम पहले की तरह काम करते रहेंगे. बस फर्क इतना होगा कि माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से इन सिस्टम के लिए कोई अपडेट नहीं आएगी. गौरतलब है कि करीब एक दशक बाद माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 10 को बंद कर रही है और उसने यूजर्स से विंडोज 11 पर शिफ्ट होने की अपील की है. 

विंडोज 10 यूजर्स के पास अब क्या रास्ता?

विंडोज 10 का सपोर्ट खत्म होने के बाद माइक्रोसॉफ्ट डिफेंडर एंटीवायरस से सिस्टम को प्रोटेक्ट किया जा सकता है. इस एंटीवायरस को अक्टूबर, 2028 तक सिक्योरिटी अपडेट मिलती रहेगी. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट ने एक्सटेंडेड सिक्योरिटी अपडेट्स (ESU) प्रोग्राम का भी ऐलान किया है. 15 अक्टूबर से यूजर्स इसे सब्सक्राइब कर सकेंगे. इसके जरिए यूजर्स फ्री विंडोज बैकअप ले पाएंगे या 30 डॉलर (लगभग 2,650 रुपये) देकर एक साल की कवरेज पा सकते हैं. इससे उन्हें अगले साल अक्टूबर तक प्रोटेक्शन मिल जाएगी. बिजनसेस के लिए ESU प्रोग्राम की कीमत 61 डॉलर (लगभग 5400 रुपये) है. 

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Video: कार से टकराया नशे में धुत बाइक सवार, ALTO पर चढ़कर बैठा, खूब काटा बवाल, देखें वीडियो

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Andhra Pradesh News: आंध्र प्रदेश के चोप्पला नेशनल हाईवे पर एक ऐसी घटना हुई, जिसने सड़क सुरक्षा और नशे में गाड़ी चलाने के खतरों को उजागर किया है, यहां एक युवक, जो नशे में धुत था. उसने बाइक को गलत दिशा में चलाते हुए सामने आ रही एक कार से टक्कर मार दी.  हादसे में बाइक पूरी तरह से चकनाचूर हो गई. इसके बाद युवक कार के बोनट पर बैठकर हंगामा करने लगा. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.

युवक की वजह से सड़क पर जाम लगा

बता दें कि एक युवक नशे में धुत होकर बाइक चला रहा था. वह बाइक को गलत दिशा में लेकर जा रहा था, जिसके कारण सामने से आ रही एक कार से टक्कर हो जाती है. टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो जाती है.  


इसके बाद युवक कार के बोनट पर बैठ जाता है, जिसके कारण गाड़ियों के आने-जाने में दिक्कतें होने लगती है. युवक की इस हरकत के कारण लोगों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ा. युवक बुरी तरह से नशे में था और वह किसी की सुन भी नहीं रहा था.वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क पर लंबा जाम लगा हुआ है. 

पुलिस मामले की जांच में जुटी

युवक को कई बार समझाने के बाद भी वह नहीं माना, जिसके बाद लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी. कुछ देर बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. पुलिस ने कहा कि वीडियो के जरिए आगे की जांच करेंगे. वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी है.


शेयर बाजार एक बार फिर बुलिश, आईटी और बैंकिंग सेक्टर बने मार्केट की जान, जानें इसकी वजह

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Indian Stock Market News: भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे ट्रेडिंग सेशन में बढ़ोतरी देखने को मिली. बीएसई सेंसेक्स इंडेक्स में 582 अंकों की तेजी देखी गई, तो वहीं निफ्टी 50 इंडेक्स 25,000 के ऊपर चली गई. सोमवार के कारोबारी दिन में आईटी और बैंकिंग सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त उछाल देखी गई. शेयर बाजार में आई इस तेजी से निवेशकों का काफी फायदा हुआ. वैश्विक बाजारों से मिल रही सकारात्मक संकेत से बाजार को सपोर्ट मिला. बाजार विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे बहुत से कारण हो सकते हैं.

1. IT शेयरों में जबरदस्त खरीदारी 

सोमवार के कारोबारी दिन में आईटी कंपनियों के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली. निवेशकों ने आईटी शेयरों पर दांव लगाया.  निफ्टी IT इंडेक्स के सभी 10 शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. साथ ही कारोबारी सत्र में निफ्टी आईटी इंडेक्स में 1.6 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई. 

2. बैंकिंग सेक्टरों में हुई खरीदारी

बैंकिंग शेयरों में पिछले 4 दिनों से जारी खरीदारी को निवेशकों ने सोमवार को भी जारी रखा.  HDFC बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक की मजबूती से बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त उछाल रही और मार्केट मजबूत हुआ. साथ ही बैंक निफ्टी के सभी 12 शेयर में तेजी देखी गई. पिछले 5 दिनों में बैंक शेयरो में 3 प्रतिशत की उछाल देखी गई है. बाजार जानकारों का मानना है कि प्राइवेट सेक्टर के बैंक भी अच्छा कर सकते हैं. 

3. रुपए में आई मजबूती

भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को अच्छी शुरुआत हुई. दोनों ही प्रमुख इंडेक्स हरे निशान के साथ ओपन हुए. शुरुआती कारोबार में ही रुपया पांच पैसे की बढ़त के साथ 88.74 प्रति डॉलर पर पहुंच गया. जो पिछले भाव की तुलना में 5 पैसे की बढ़त को दिखाता है. रुपए में आई तेजी से भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला और इसमें तेजी देखी गई.

4. वैश्विक मार्केट के सकारात्मक बदलाव

वैश्विक बाजार में हुई तेजी का असर भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिला. वैश्विक बाजार से आ रही पॉजिटिव संकेत से भारतीय बाजार को सपोर्ट मिला. एशिया के ज्यादातर बाजार सुबह के कारोबार में हरे निशान पर ट्रेड कर रहे थे. जापान के निक्केई इंडेक्स में 225 अंक की तेजी देखी गई.  

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डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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शरद पूर्णिमा पर त्रैलोक्य भ्रमण पर निकलती हैं मां लक्ष्मी, शाम में इन जगहों पर जलाएं दीप

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आज 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जा रही है. इसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं. मान्यता है कि इसी दिन मां लक्ष्मी का अवतरण हुआ था. इसलिए आज के दिन रात्रि के समय मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है.

आज 6 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा मनाई जा रही है. इसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं. मान्यता है कि इसी दिन मां लक्ष्मी का अवतरण हुआ था. इसलिए आज के दिन रात्रि के समय मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना की जाती है.

शरद पूर्णिमा को लेकर यह भी कहा जाता है आज चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है और आज रात्रि मां लक्ष्मी पृथ्वीलोक का भ्रमण करती हैं. इसलिए आज शाम के समय कुछ जगहों पर दीप जलाने का महत्व है.

शरद पूर्णिमा को लेकर यह भी कहा जाता है आज चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करता है और आज रात्रि मां लक्ष्मी पृथ्वीलोक का भ्रमण करती हैं. इसलिए आज शाम के समय कुछ जगहों पर दीप जलाने का महत्व है.

आज भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन करें और खीर का खीर भोग लगाकर रात्रि में खुले आसमान के नीचे रखें. मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा में घी का दीप जरूर जलाएं.

आज भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का पूजन करें और खीर का खीर भोग लगाकर रात्रि में खुले आसमान के नीचे रखें. मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा में घी का दीप जरूर जलाएं.

शुभता के लिए आज शरद पूर्णिमा पर सूर्यास्त के बाद शाम के समय घी का दीप जलाकर घर के मुख्य द्वार पर रखना भी शुभ होता है. इससे घर पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है.

शुभता के लिए आज शरद पूर्णिमा पर सूर्यास्त के बाद शाम के समय घी का दीप जलाकर घर के मुख्य द्वार पर रखना भी शुभ होता है. इससे घर पर मां लक्ष्मी का आगमन होता है.

शरद पूर्णिमा पर आज रात ईशान कोण में मां लक्ष्मी की पूजा करें और दो घी के दीपक जलाकर मां लक्ष्मी के दाहिनी तरफ रखें.

शरद पूर्णिमा पर आज रात ईशान कोण में मां लक्ष्मी की पूजा करें और दो घी के दीपक जलाकर मां लक्ष्मी के दाहिनी तरफ रखें.

शरद पूर्णिमा पर शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाकर रखना शुभ होता है. इससे घर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है.

शरद पूर्णिमा पर शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाकर रखना शुभ होता है. इससे घर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है.

शरद पूर्णिमा पर खुले में दीप दान करने का महत्व है. आज शरद पूर्णिमा की अमृतमयी रात में घी का दीप जालकर घर के आंगन, मंदिर के प्रांगण, नदी- सरोवर आदि में रखें.

शरद पूर्णिमा पर खुले में दीप दान करने का महत्व है. आज शरद पूर्णिमा की अमृतमयी रात में घी का दीप जालकर घर के आंगन, मंदिर के प्रांगण, नदी- सरोवर आदि में रखें.

Published at : 06 Oct 2025 05:13 PM (IST)

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डीजे फ्लोर पर दूल्हा दुल्हन ने हरियाणवी गानों पर मचाया गदर! वीडियो देख खूबसूरती पर फिदा हुए यूज

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शादी का माहौल हो और दू्ल्हा दुल्हन का डांस ना हो तो पूरे फंक्शन की चमक फीकी पड़ जाती है. इंटरनेट पर आपने कई सारे शादियों के वीडियो और दूल्हा दुल्हन के डांस देखे होंगे, लेकिन इस बार वाला थोड़ा स्पेशल और अलग है. वीडियो में दुल्हन लाल लहंगे में अपने दूल्हे के साथ हरियाणवी गानों पर ठुमके लगाती दिखाई दे रही है. इस दौरान दुल्हन के ठुमकों और डांस पर चार चांद लगा रहा है उसका खूबसूरत चेहरा जिसे देखने के बाद पूरे इंटरनेट की नींद उड़ी हुई है. वीडियो देखने के बाद आप भी कह उठेंगे…”वाह”.

हरियाणवी गानों पर ठुमके लगा दूल्हा-दुल्हन ने जमाई महफिल

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दूल्हा दुल्हन अपने शादी के फंक्शन में डीजे फ्लोर पर डांस करते दिखाई दे रहे हैं. दुल्हन गाने की बीट पर इस तरह ठुमक रही है जैसे कोई परी फ्लोर पर उतर आई हो. दुल्हन के डांस से ज्यादा उसकी खूबसूरती के चर्चे इंटरनेट पर हो रहे हैं. दूल्हा भी कम नहीं है, डांस वो ऐसा कर रहा है मानों किसी प्रोफेशनल डांसर से सीखकर आया हो. दोनों को देखकर यूजर्स रब ने बना दी जोड़ी के शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा को याद कर रहे हैं. कुल मिलाकर बात ये है कि डांस तो और भी हो सकते थे लेकिन हरियाणवी गानों पर जब कोई खूबसूरत दुल्हन ठुमके लगाती है तो उसकी बात ही कुछ और होती है.

वीडियो देखने के लिए यहां क्लिक करें

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट, झूमने लगा इंटरनेट

वीडियो को @subhashstar-w2p नाम के यूट्यूब अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…दुल्हन काफी खूबसूरत है. एक और यूजर ने लिखा…दूल्हे को देखकर तो लग रहा है कि लव मैरिज हुई है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…हरियाणवी गानों पर डांस करने की बात ही कुछ और है. दोनों रब ने बना दी जोड़ी के शाहरुख-अनुष्का लग रहे हैं.

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इम्यून सिस्टम से जुड़ी खोज करने के लिए ब्रूनको, रैम्सडेल और साकागुची को मिला मेडिसन का नोबेल पु

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नोबेल पुरस्कारों की घोषणा का सिलसिला शुरू हो चुका है. हर साल की तरह 2025 में भी चिकित्सा, भौतिकी, साहित्य और शांति सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों और विचारकों को यह प्रतिष्ठित सम्मान दिया जा रहा है. सोमवार, 6 अक्टूबर से शुरू हुई नोबेल पुरस्कारों की घोषणा 13 अक्टूबर तक जारी रहेगी.

मेडिसन (चिकित्सा) के क्षेत्र में इस साल का नोबेल पुरस्कार तीन वैज्ञानिकों को संयुक्त रूप से चुना गया है. इनमें मैरी ई ब्रूनको और फ्रेड रैम्सडेल (अमेरिका) व शिमॉन साकागुची (जापान) का नाम शामिल है.

इन वैज्ञानिकों को यह पुरस्कार पेरीफेरल इम्यून टॉलरेंस पर उनके क्रांतिकारी शोध के लिए मिला है. सरल भाषा में कहें तो पेरीफेरल इम्यून टॉलरेंस वह प्रक्रिया है, जिसमें हमारा इम्यून सिस्टम शरीर के अपने ही उत्तकों (टिशू) पर हमला नहीं करता, बल्कि उन्हें ‘स्वयं’ के रूप में पहचानता है. यह खोज ऑटोइम्यून बीमारियों को समझने और उनके इलाज में एक अहम कदम मानी जा रही है.

करोलिंस्का इंस्टीट्यूट से हुई घोषणा
छह नोबेल पुरस्कारों की श्रृंखला में सबसे पहले मेडिसन (चिकित्सा) का नोबेल पुरस्कार घोषित किया गया. यह घोषणा स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम स्थित करोलिंस्का इंस्टीट्यूट में एक पैनल द्वारा की गई. इस वर्ष का प्रतिष्ठित पुरस्कार अमेरिका की मैरी ई ब्रूनको, फ्रेड राम्सडेल और जापान के शिमोन साकागुची को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया है. इन तीनों वैज्ञानिकों को यह सम्मान पेरीफेरल इम्यून टॉलरेंस पर उनके अहम शोध के लिए दिया गया है.

पेरीफेरल इम्यून टॉलरेंस शरीर की एक अहम जैविक प्रक्रिया है, जिसके जरिए हमारा इम्यून सिस्टम अपने ही टिशू पर हमला करने के बजाय बाहरी आक्रमणकारियों पर ध्यान केंद्रित करता है. इस खोज ने इम्यून सिस्टम को समझने और बीमारियों के इलाज में एक नई दिशा दी है. नोबेल समिति ने अपने बयान में कहा कि इन वैज्ञानिकों की खोजों ने शोध के एक नए क्षेत्र की नींव रखी है और कैंसर व ऑटोइम्यून बीमारियों के लिए नए उपचार विकसित करने में प्रेरणा दी है.

मेडिसन का नोबेल पुरस्कार 1901 से 2024 तक कुल 115 बार 229 विजेताओं को दिया जा चुका है. पिछले वर्ष यह पुरस्कार अमेरिका के विक्टर एम्ब्रोस और गैरी रूवकुन को माइक्रोRNA की खोज के लिए संयुक्त रूप से दिया गया था.

इन क्षेत्रों में दिए जाते हैं नोबेल पुरस्कार
नोबेल पुरस्कार हर साल भौतिकी, रसायन, साहित्य, शांति और अर्थशास्त्र के क्षेत्रों में भी दिए जाते हैं. विजेताओं को लगभग 1.2 मिलियन डॉलर की पुरस्कार राशि के साथ वैश्विक पहचान भी मिलती है. इस वर्ष भौतिकी का पुरस्कार मंगलवार को, रसायन का बुधवार को, साहित्य का गुरुवार को और शांति का शुक्रवार को घोषित किया जाएगा. वहीं, अर्थशास्त्र के क्षेत्र में नोबेल की घोषणा 13 अक्टूबर को की जाएगी. पुरस्कार विजेताओं को हर साल 10 दिसंबर को नोबेल सम्मान प्रदान किए जाते हैं. यह तारीख नोबेल पुरस्कारों के संस्थापक, स्वीडिश रसायनज्ञ और उद्यमी अल्फ्रेड नोबेल की पुण्यतिथि है.

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‘मैं कप्तान बनना चाहता हूं’, शुभमन गिल के ODI में कप्तान बनने के बाद इस युवा खिलाड़ी ने कही बात

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Team India New Captain: भारतीय क्रिकेट टीम में इस समय कई बदलाव देखने को मिल रहे हैं. टीम इंडिया के कई दिग्गज खिलाड़ी अलग-अलग फॉर्मेट से संन्यास ले चुके हैं. वहीं भारतीय कप्तान के तौर पर भी फेरबदल जारी है. रोहित शर्मा के टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने के बाद शुभमन गिल को पहले टीम इंडिया की टेस्ट टीम का कप्तान बनाया गया. वहीं अब रोहित शर्मा के टीम में रहते हुए भी गिल को वनडे टीम का भी कप्तान बना दिया गया है. अब इस बीच भारत के युवा बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल का एक बयान सामने आया है, जिसमें इस खिलाड़ी ने टीम के कप्तान बनने की इच्छा जताई है.

‘मैं भी कप्तान बनना चाहता हूं’

भारतीय टीम के युवा खिलाड़ी यशस्वी जायसवाल ने राज शमानी को दिए इंटरव्यू में अपने मन की बात जाहिर की. जायसवाल ने कहा कि ‘मैं हर दिन अपनी फिटनेस और स्किल्स पर काम कर रहा हूं. खुद को बेहतर बनाने के लिए हर दिन अपने शरीर पर मेहनत करना जरूरी है. मुझे लगता है कि अभी मुझे और भी फिट होने की जरूरत है. मैं खुद पर इतना काम करना चाहता हूं कि मैं एक अच्छा लीडर बन सकूं, क्योंकि मैं आने वाले समय में एक टीम का कप्तान बनना चाहता हूं’.

यशस्वी जायसवाल का क्रिकेट करियर

यशस्वी जायसवाल टीम इंडिया में ओपनिंग बल्लेबाज की भूमिका में नजर आ रहे हैं. जायसवाल भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 तीनों फॉर्मेट में डेब्यू कर चुके हैं.

  • जायसवाल टीम इंडिया के लिए अब तक 25 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, जिनमें 49.88 की औसत से 3,390 रन बना चुके हैं. जायसवाल का टेस्ट में अब तक का हाईएस्ट स्कोर नाबाद 214 रन है.
  • भारत के इस 23 साल के खिलाड़ी ने वनडे में अब तक केवल एक ही मैच खेला है.
  • जायसवाल ने टी20 इंटरनेशनल में 23 मुकाबलों में 36.15 की औसत से 723 रन बना लिए हैं. अपने इस छोटे से करियर में ही जायसवाल टी20 इंटरनेशनल में 1 शतक और 5 अर्धशतक लगा चुके हैं.

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अमेरिका ने भारत से बढ़ते व्यापारिक तनाव के बीच विदेशी छात्रों के लिए नई पाबंदियां लागू कर दी हैं. पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर टैरिफ लगाया था, अब ट्रंप प्रशासन ने विदेशी छात्रों को लेकर नया फरमान जारी कर दिया है. दरअसल, अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही अमेरिका की यूनिवर्सिटीज को एक 10-सूत्रीय मेमो भेजा है. इसके अनुसार अमेरिका की यूनिवर्सिटीज में अब सिर्फ 15 प्रतिशत ही इंटरनेशनल स्टूडेंट्स एडमिशन ले पाएंगे और किसी एक देश के छात्रों की संख्या 5 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होगी.

इसके अलावा ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका की यूनिवर्सिटीज को विदेशी छात्रों के रजिस्ट्रेशन को कम करने और कुछ डिपार्टमेंट में सुधार करने के लिए भी कहा है. अमेरिका में भारतीय छात्रों के ऊपर लगाई गई पाबंदियों के बीच चलिए जानते हैं कि अमेरिका के अलावा किन-किन देशों में पढ़ाई के बेहतर ऑप्शन मौजूद हैं. 

पहले जानें भारतीय छात्रों पर फैसले का असर 

अमेरिकी प्रशासन के नए मेमो का असर सबसे ज्‍यादा भारतीय छात्रों पर देखने को मिलेगा. दरअसल, अमेरिका  में काफी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं. ट्रंप के इस फैसले के बाद अमेरिकी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन लेना पहले से कहीं ज्यादा मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि हर यूनिवर्सिटी में कुल छात्रों में विदेशी छात्रों की संख्या सिर्फ 15 प्रतिशत तक सीमित होगी और किसी एक देश के 5 प्रत‍िशत से ज्यादा स्टूडेंट नहीं हो सकते हैं. इसका मतलब है कि भारतीय छात्रों के लिए कंपटीशन बढ़ जाएगा और बहुत से छात्रों को एडमिशन नहीं मिल पाएगा . इसके अलावा यूनिवर्सिटी को स्टूडेंट के जीपीए, टेस्ट स्कोर, ट्यूशन फीस और ग्रेजुएशन के बाद कमाई का डाटा भी पब्लिक करना होगा. माना जा रहा है क‍ि ट्रंप के इस फैसले के बाद अब भारतीय छात्र अमेरिका के अलावा विदेश में पढ़ाई के नए ऑप्शन तलाशने लगेंगे. 

जर्मनी भारतीय छात्रों की पसंद 

अमेरिकी सरकार के फैसलों के बाद जर्मनी को भी भारतीय छात्रों की पढ़ाई के लिए अच्छा विकल्प माना जा रहा है. दरअसल, जर्मनी की ज्यादातर पब्लिक यूनिवर्सिटी में इंटरनेशनल स्टूडेंट से ट्यूशन फीस नहीं ली जाती है. इसके अलावा यहां इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को सेमेस्टर की फीस भी ज्यादा नहीं देनी होती है. साथ ही यहां पार्ट टाइम जॉब करने और पोस्ट स्टडी वर्क वीजा लेने की परमिशन भी होती है. ऐसे में भारतीय छात्रों के लिए जर्मनी को अमेरिका के बाद सबसे अच्छा विकल्प माना जा रहा है. 

कनाडा भी है सुरक्षित विकल्प 

भारतीय छात्रों के लिए कनाडा को भी अच्छा विकल्प माना जा रहा है. अमेरिका की तुलना में कनाडा की यूनिवर्सिटी में ट्यूशन फीस भी कम होती है . वहीं अगर स्टूडेंट चाहे तो यहां कई स्कॉलरशिप के जरिए ट्यूशन फीस को भी कम कर सकते हैं. साथ ही कनाडा में बिजनेस और हेल्थ केयर को लेकर भी कई प्रोग्राम ऑफर किए जाते हैं, जिनका लाभ भी स्टूडेंट उठा सकते हैं. 

ब्रिटेन भी भारतीय छात्रों की ल‍िस्‍ट में

ब्रिटेन को जहां एक तरफ घूमने वाली जगह और मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है. वहीं इसे अब विदेशी छात्रों की पढ़ाई के लिए भी सबसे अच्छे देश में से एक माना जा रहा है. इसकी बड़ी वजह यह है कि ब्रिटेन में दुनिया की टॉप यूनिवर्सिटीज में पढ़ने का मौका मिलता है. जिनमें ऑक्सफोर्ड और कैम्ब्रिज जैसी यूनिवर्सिटी शामिल है. इसके अलावा ग्रेजुएशन के बाद यहां ग्रेजुएट वीजा के जरिए नौकरी का ऑप्शन भी रहता है. 

फ्रांस भी छात्रों की पसंद 

अमेरिका के फैसलों के बाद भारतीय स्टूडेंट्स फ्रांस का भी रुख कर सकते हैं. दरअसल फ्रांस में भी कई यूनिवर्सिटीज में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स के लिए फीस काफी कम है. इसके अलावा यहां रहने का खर्च भी अलग-अलग शहरों में अलग-अलग होता है, जिससे यहां के छोटे शहर स्टूडेंट के लिए किफायती हो सकते हैं.

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