माउंट एवरेस्ट पर आया बर्फीला तूफान, एक पर्वतारोही की मौत, तिब्बती ढलानों से 137 का रेस्क्यू

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माउंट एवरेस्ट के तिब्बती ढलानों पर बर्फीले तूफान के कारण सोमवार (6 अक्टूबर, 2025) को एक पर्वतारोही की मौत हो गई. स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि फंसे हुए अन्य 137 पर्वतारोहियों को बचा लिया गया है. इसके साथ ही लापता पर्वतारोहियों की तलाश भी जारी है.

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट में स्थानीय अधिकारियों के हवाले से कहा गया कि हाइपोथरमिया और अत्यधिक ऊंचाई पर पहुंचने से जुड़ीं समस्याओं के कारण 41 वर्षीय पर्वतारोही की मौत हो गई. रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर पश्चिमी किंगाई प्रांत में लगातार बर्फबारी होने के कारण फंसे 137 पर्वतारोहियों को अब तक सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है और उनकी हालत स्थिर है.

किलियन पर्वत पर लाओहुगोऊ के लिए रवाना हुए थे 100 से ज्यादा लोग

एक अक्टूबर, 2025 से शुरू हुए आठ दिवसीय राष्ट्रीय अवकाश के दौरान पैदल यात्रा के शौकीन 100 से अधिक लोग लाओहुगोऊ क्षेत्र की ओर रवाना हुए. किलियन पर्वत पर स्थित लाओहुगोऊ क्षेत्र में छुट्टियों के दौरान लगातार बर्फबारी हुई है. इसकी औसत ऊंचाई 4,000 मीटर से अधिक है और भूभाग जटिल है.

1,000 से ज्यादा पर्यटक पर्वतारोहियों के फंसे होने की आशंका

इससे पहले, सरकारी सीसीटीवी ने बताया था कि 350 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि 200 लोग अब भी लापता हैं. रविवार (5 अक्टूबर, 2025) को बीबीसी की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन की ओर स्थित कर्मा घाटी में विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट के ढलानों पर 1,000 से अधिक पर्यटक पर्वतारोही फंसे हुए हैं.

फंसे पर्वतारोहियों की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों से पता चलता है कि रविवार (5 अक्टूबर, 2025) को दूरस्थ क्षेत्र में बादलों की गरज के बीच, तेज हवाओं और लगातार बर्फबारी के कारण रास्ते पूरी तरह से बर्फ में दब गए.

दक्षिण चीन में तूफान मैत्मो ने दी दस्तक

इस बीच, दक्षिण चीन के ग्वांगदोंग प्रांत के झानजियांग शहर के शूवेन काउंटी के पूर्वी तट पर रविवार (5 अक्टूबर) को तूफान मैत्मो ने दस्तक दी. स्थानीय सरकारों ने ग्वांगदोंग और हैनान के दक्षिणी प्रांतों से लगभग 3,47,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया.

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Bihar Election 2025: बिहार चुनाव 2025: 6, 11 और 14 नवंबर को बन रहे चौंकाने योग!

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Bihar Election 2025: बिहार में चुनावी रणभूमि तय हो चुकी है. निर्वाचन आयोग ने जो तीन तारीखें घोषित की हैं, 6 नवंबर, 11 नवंबर और 14 नवंबर वे महज कैलेंडर की तारीखें नहीं हैं. ग्रहों का खेल और पंचांग बताता है, ये वो तीन दिन हैं जब ग्रहों की चाल और जनता की मानसिकता टकराने वाली है. राजनीति में जो भी खिलाड़ी इन तिथियों को हल्के में लेगा, उसे नतीजे झटका दे सकते हैं. कैसे आइए समझते हैं-

पहला चरण 6 नवंबर 2025

पहले चरण का मतदान गुरुवार 6 नवंबर को होगा. इस दिन का पंचांग बताता है कि कार्तिक कृष्ण पक्ष प्रतिपदा से द्वितीया, नक्षत्र कृतिका रहेगा और चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा. कृतिका अग्नि तत्व का नक्षत्र है, जिसका स्वामी सूर्य है. यानी उस दिन की ऊर्जा तेज, ज्वालामुखी और निर्णायक होगी.

प्राचीन ग्रंथ बृहत्त संहिता में वराहमिहिर ने लिखा है कृतिका नक्षत्रे कर्मारंभे कलहो भवेत्. अर्थात कृतिका नक्षत्र में प्रारंभ किया गया कार्य विवाद और संघर्ष का कारण बनता है.

इस दिन वृषभ में चंद्रमा का प्रवेश सुबह 10 बजे के बाद होगा. वृषभ स्थिरता का संकेत देता है, लेकिन उसी के साथ जिद और प्रतिरोध भी लाता है. इसलिए सुबह का मतदान आक्रोशपूर्ण और बयानबाजी से भरा हो सकता है, जबकि शाम तक जनता का मूड व्यावहारिक और शांत हो जाएगा.

राजनीतिक दृष्टि से यह दिन इस बात का संकेत है कि पहला चरण झटकेदार शुरुआत देगा, और कई क्षेत्रों में अप्रत्याशित मतदान पैटर्न उभर सकते हैं. वर्ज्य काल लगभग 1:52 से 3:30 के बीच रहेगा, जो बताता है कि इस अवधि में प्रशासनिक विवाद या शिकायतें बढ़ सकती हैं. मौसम और ग्रह दोनों संकेत दे रहे हैं इस दिन भावनाएं ज्यादा, पर निर्णय स्थिर रहेगा.

दूसरा चरण 11 नवंबर 2025

दूसरा चरण मंगलवार को है. दिन शुरू होगा भद्रा करण (विष्टि) से, जो सुबह 11:32 बजे तक प्रभावी रहेगा. इस अवधि को शास्त्रों में अशुभ और विवादजनक माना गया है. मुहूर्त चिंतामणि में स्पष्ट कहा गया है कि विष्टि करणे कर्म विवादं जनयेत्. यानि भद्रा में शुरू किया गया कोई भी काम बहस, विरोध या कठिनाई से घिरता है.

भद्रा के बाद शुरू होता है पुष्य नक्षत्र, जो गुरु के स्वामित्व वाला है. गुरु ज्ञान, स्थिरता और नीति का कारक है. इसलिए जैसे ही भद्रा समाप्त होगी, माहौल धीरे-धीरे शांत होने लगेगा.

सुबह के घंटों में विवाद, शिकायतें और तीखे प्रसंग संभव हैं, पर दोपहर के बाद मतदाता का व्यवहार संतुलित और जागरूक रहेगा. कर्क राशि का चंद्रमा जनता को भावनात्मक बनाता है. इसलिए इस चरण का मतदान मुद्दों से ज्यादा संवेदनाओं पर आधारित होगा.

राजनीति की भाषा में कहा जाए तो दूसरा चरण सत्ता की नसें टटोलने का दिन होगा. जो दल इस दिन की सुबह को संभाल लेंगे, वे दोपहर के बाद जनता के दिलों में जगह बना सकते हैं.

मतगणना 14 नवंबर 2025

मतगणना का दिन शुक्रवार है. यह दिन कार्तिक कृष्ण दशमी तिथि का रहेगा. नक्षत्र पूर्वाफाल्गुनी से उत्तराफाल्गुनी की ओर जा रहा होगा,
और चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा. फाल्गुनी नक्षत्र शुक्र के अधीन है और शुक्र प्रतिष्ठा, आकर्षण और निर्णय का ग्रह है.

वाराहमिहिर की संहिता में फाल्गुनी को राजसिक और निर्णायक कहा गया है. मतलब यह दिन जनता के मन की फाइनल राय को सामने लाने वाला है. सिंह राशि नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक होती है, जो बताती है कि परिणाम जनता की इच्छा से तय होंगे, कोई शक्ति उन्हें पलट नहीं पाएगी.

इस दिन कोई बड़ा दोषकाल या भद्रा नहीं है. यह शुद्ध मुहूर्त वाला दिन है, जो निर्णायक निष्कर्ष का संकेत देता है. पर ग्रह स्थिति कहती है कि यह परिणाम भावनाओं से नहीं, बल्कि प्रतिष्ठा और सम्मान से तय होंगे. यानी जनता उस नेतृत्व को चुनेगी जो उसे आत्मसम्मान दे सके.

6 से 14 नवंबर तक बनने वाले ग्रहों के योग बताते हैं कि चुनाव सिर्फ विकास बनाम धर्म या जाति नहीं रहेगा, बल्कि यह नीति बनाम भावना की लड़ाई बनेगा. शनि कुंभ में होने से जनता अनुशासन और स्थायित्व चाहती है. मंगल अपने ही घर वृश्चिक में होगा जो तीखी कार्रवाई, गुप्त रणनीति और सत्ता संघर्ष का संकेत दे रहा है. प्रशासनिक कुशलता और क्षमता को दिखाना होगा. अधिकारियों को अधिक सजग रहना होगा.

चुनाव आयोग की डेटों पर शास्त्र क्या कहते हैं?

बृहत्त संहिता के अनुसार पहला चरण कृतिका नक्षत्र में होगा जो विवाद और संघर्ष का संकेत दे रहा है. मुहूर्त चिंतामणि की मानें तो भद्रा में किए गए कार्य वाद-विवाद और विरोध का कारण बनते हैं. निर्णयामृत और हस्तसंजीवनी के अनुसार फाल्गुनी नक्षत्र में फल-सिद्धि और प्रतिष्ठा की प्राप्ति होती है.

चंद्रमा की भूमिका निर्णायक साबित होगी?

बिहार की तीनों तिथियां सिर्फ चुनाव तक सीमित नहीं, बल्कि ग्रहों की परीक्षा भी हैं. हर तिथि जनता की मनःस्थिति के अलग-अलग चरण दिखा रही है.

ग्रहों की दृष्टि से यह चुनाव कठिन शुरुआत का संकेत दे रहा है, पर स्थायी परिणाम का संकेत भी दे रहा है. जो दल जनता की भावना समझेगा, वही टिकेगा. जो अति करेगा, ग्रह उसका संतुलन बिगाड़ देंगे. जनता और ग्रह दोनों एक साथ फैसला देंगे.

तीनों तारीखें शुभ नहीं हैं, पर निर्णायक जरूर हैं. पहले चरण में आग, दूसरे में बहस, तीसरे में फैसला. भद्रा, कृतिका और फाल्गुनी ये तीन नक्षत्र बिहार की किस्मत लिखेंगे. किसी दल या व्यक्ति के समर्थन में नहीं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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गन्ने की मशीन में फंसा शख्स का हाथ! निकालने में छूटे लोगों के पसीने- वीडियो देख फट पड़ेगा कलेजा

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मर्द अपना घर और पेट पालने के लिए क्या कुछ नहीं करता. इन्हीं जद्दोजहद में कई बार ऐसी घटनाएं घट जाती हैं कि उन्हें देखकर लोगों का दिल पसीज जाता है. ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स का हाथ गन्ने का जूस निकालते हुए मशीन में फंस गया है और अब वो शख्स दर्द से इस कदर तड़प रहा है कि देखने वालों की आंख में आंसू आ गए. वीडियो देखकर आपका भी कलेजा फट पड़ेगा.

गन्ने के रस की मशीन में फंसा शख्स का हाथ

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक शख्स दर्द में बुरी तरह तड़पता दिखाई दे रहा है. दर्द से तड़पने की वजह ये है कि शख्स का हाथ गन्ने का रस निकालने की मशीन में फंस गया है. शख्स का हाथ इस कदर मशीन में फंसा हुआ है कि उसके हाथ से खून बहकर लगातार निकलता जा रहा है. आसपास भीड़ जमा है और लोग शख्स का फंसा हुआ हाथ बाहर निकालने की लगातार कोशिश कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि मशीन में गन्ना डालते वक्त शख्स का हाथ मशीन में फंस गया जिसके बाद तुरंत मशीन को बंद किया गया. लेकिन जब तक मशीन बंद हुई शख्स का आधे से ज्यादा हाथ घायल हो चुका था. वीडियो देखने के बाद आप भी सिहर उठेंगे. 


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वीडियो देख सिहर उठे यूजर्स

वीडियो को  titan_memes30 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…वीडियो देखते हुए मैं इस शख्स का दर्द महसूस कर सकता हूं. एक और यूजर ने लिखा…इन सारे लोगों को सलाम जिन्होंने शख्स की जान बचाई. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…शख्स इसलिए रो रहा है क्योंकि वो सोच रहा है कि अब कमाएगा कौन.

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ट्रंप के टैरिफ को अमेरिकी कंपनी ने ही दिखाया ठेंगा, भारत में करेगी एक अरब डॉलर का निवेश

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India Investment News: भारतीय शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन बेहद सकारात्मक (Positive) रहा. घरेलू बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों प्रमुख इंडेक्स हरे निशान पर बंद हुए. इसी बीच अमेरिका से भारत के लिए एक और अच्छी खबर आई है.

अमेरिकी फार्मा दिग्गज एली लिली एंड कंपनी (Eli Lilly and Co.) ने भारत में 1 अरब अमेरिकी डॉलर (करीब 8,879 करोड़ रुपये) निवेश करने की घोषणा की है. कंपनी ने कहा है कि इस निवेश का उद्देश्य भारत में अपनी मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन क्षमताओं को मजबूत करना है.

हैदराबाद में बनेगा नया सेंटर

एली लिली कंपनी ने जानकारी दी है कि वह हैदराबाद में अपना नया सेंटर स्थापित करेगी. यह सेंटर पूरे देश में कंपनी के मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क के लिए मुख्य हब के रूप में काम करेगा और उच्च गुणवत्ता वाली टेक्नोलॉजी और इनोवेशन सेवाएँ प्रदान करेगा.

कंपनी ने इस साल की शुरुआत में भारत में वजन घटाने और डायबिटीज की दवा ‘मौन्जारो’ (Mounjaro) लॉन्च की थी, जिसकी ग्लोबल डिमांड लगातार बढ़ रही है. जानकारों का कहना है कि एली लिली का यह निवेश मोटापा और डायबिटीज दवाओं के बढ़ते बाजार में प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है, जिससे कंपनी को भविष्य में बड़ा लाभ मिल सकता है.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एली लिली के निवेश पर खुशी जताते हुए कहा, “हैदराबाद में लिली कंपनी का निवेश इस बात का प्रमाण है कि शहर ग्लोबल हेल्थ सर्विस इनोवेशन का एक भरोसेमंद और उभरता हुआ केंद्र बन चुका है.” उन्होंने कहा कि यह निवेश न केवल राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि भारत की बायोटेक और फार्मा इंडस्ट्री को भी नई दिशा देगा.

स्थानीय साझेदारी और उत्पादन बढ़ाने पर जोर

एली लिली ने बताया है कि वह तेलंगाना में स्थानीय दवा कंपनियों के साथ साझेदारी करेगी ताकि दवाओं के उत्पादन और वितरण क्षमता को बढ़ाया जा सके. कंपनी का कहना है कि इससे मोटापा और डायबिटीज से जुड़ी दवाएँ भारत में अधिक सुलभ और किफायती बन सकेंगी.

लिली इंटरनेशनल के कार्यकारी वाइस प्रेसिडेंट पैट्रिक जॉनसन ने कहा, “हम वैश्विक स्तर पर अपनी मैन्युफैक्चरिंग और मेडिसिन सप्लाई कैपेसिटी को बढ़ाने के लिए अहम कदम उठा रहे हैं. भारत में 1 अरब डॉलर का यह निवेश इसी रणनीति का हिस्सा है.”

यह निवेश भारत के हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर के लिए एक बड़ा अवसर साबित हो सकता है. विशेषज्ञों का मानना है कि एली लिली जैसी कंपनियों का भारत की ओर रुझान देश की दवा निर्माण क्षमता, टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर और वैश्विक निवेश आकर्षण की पुष्टि करता है.

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ChatGPT से कभी न लें इन मामलों पर सलाह, फायदे की जगह हो जाएगा नुकसान, पड़ेगा पछताना

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आजकल लोग लगभग हर काम के लिए ChatGPT जैसे AI चैटबॉट की मदद लेने लगे हैं. बॉस से छुट्टी मांगने के मेल लिखना हो या कॉलेज के किसी असाइनमेंट के लिए रिसर्च, लोग ज्यादातर कामों के लिए AI चैटबॉट की तरफ देखने लगे हैं. कई मामलों में ये चैटबॉट आपकी मदद कर सकते हैं, लेकिन कई बार मुश्किलें बढ़ा भी सकते हैं. आज हम जानेंगे कि किन मामलों में ChatGPT जैसे चैटबॉट्स की मदद लेने से बचना चाहिए. 

इलाज संबंधी सलाह

भले ही ChatGPT जैसे चैटबॉट्स आपको बीमारी के कारण, लक्षण और संभावित इलाज के बारे में सब कुछ बता दें, लेकिन इनसे सलाह मांगना महंगा पड़ सकता है. कई बार यह लक्षणों के आधार पर सामान्य बीमारी को भी गंभीर या गंभीर बीमारी को सामान्य बता सकता है. इसलिए हमेशा इलाज संबंधी सलाह के लिए डॉक्टर की सलाह लें. 

मेंटल हेल्थ के लिए चैटबॉट्स पर निर्भर न रहें

अगर आप किसी मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं तो चैटबॉट पर पूरी तरह निर्भर न रहें. ये कुछ हद तक आपकी मदद कर सकते हैं, लेकिन इन पर निर्भरता आपकी मुश्किल बढ़ा सकते हैं. इन चैटबॉट्स के पास असल जीवन का कोई अनुभव नहीं होता है. इसलिए इनकी सलाह लेने से बचना समझदारी भरा काम होगा.

इमरजेंसी स्थिति में चैटबॉट नहीं करेगा मदद

अगर आप किसी मुश्किल या संकट वाली स्थिति में है तो सबसे पहले वहां से बाहर निकलने की कोशिश करें. ऐसी स्थिति में चैटबॉट से सवाल पूछना आपके जीवन को संकट में डाल सकता है. संकट की घड़ी में हर पल कीमती होता है. इसलिए बिना वक्त गंवाएं सुरक्षित स्थान पर पहुंचें और इमरजेंसी सेवा से संपर्क करें.

निजी मामले पर न मांगे सलाह

ChatGPT समेत किसी भी AI टूल्स पर अपनी सेंसेटिव और प्राइवेट जानकारी शेयर कर सलाह न मांगे. प्रॉम्प्ट बॉक्स में टाइप कर ओके करने के बाद आपकी पर्सनल जानकारी सिर्फ आप तक न रहकर किसी कंपनी के सर्वर पर स्टोर हो जाती है. यह भी हो सकता है कि यह किसी हैकर के हाथ लग जाए या कोई कंपनी इस जानकारी का अपने चैटबॉट को ट्रेनिंग देने के लिए भी यूज कर ले.

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मेरा देश बदल रहा है! जब ड्रोन ने की अमृत भारत ट्रेन की वॉशिंग, वीडियो देख बोल पड़े यूजर्स

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भारतीय रेलवे का जब नाम आता है तो जहन में जनरल बोगियां, सरपट दौड़ती ट्रेनें और चाय चाय की आवाजें गूंजने लगती हैं. लेकिन वंदेभारत और नई तकनीक ने भारतीय रेलवे को नई दिशा दी है. लेकिन इस बार भारतीय रेलवे ने जो वीडियो शेयर किया है उसे देखकर यूजर्स भी कह रहे हैं…” मेरा देश बदल रहा है” दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में अमृत भारत ट्रेन की धुलाई किसी पाइप या बाल्टी से नहीं बल्कि ड्रोन से हो रही है. वीडियो देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

अमृत भारत ट्रेन की वॉशिंग करता दिखा ड्रोन

दरअसल, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जिसे देखने के बाद लोग हैरान रह गए. वीडियो में एक ड्रोन ट्रैक पर खड़ी ट्रेन के सामने उड़ रहा है. खास बात ये है कि ड्रोन केवल उड़ नहीं रहा बल्कि ट्रेन की धुलाई भी कर रहा है. ड्रोन से तेज प्रेशर के साथ पानी निकल रहा है जिसे ट्रेन पर डाला जा रहा है जिससे ट्रेन की वॉशिंग की जा रही है. वीडियो देखने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे. क्योंकि पाइप और दूसरी मशीनों से ट्रेन धुलते हुए तो लोगों ने कई बार देखी है लेकिन ड्रोन से ट्रेन की वॉशिंग करना अपने आप में खास है. वीडियो वायरल होने के बाद लोग वीडियो को लेकर रिएक्शन भी दे रहे हैं.

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यूजर्स हुए हैरान, बोले मेरा देश बदल रहा है

वीडियो को @RailMinIndia नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…अगर यही वीडियो चीन या जापान से आया होता तो लोग तारीफों के पुल बांध देते. एक और यूजर ने लिखा…मेरा देश बदल रहा है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ट्रेन की सफाई होनी चाहिए, फिर वो कैसे भी हो हमें उससे मतलब नहीं.

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पटना मेट्रो में कैसे मिल सकती है जॉब, सैलरी समेत जानें कितनी योग्यता होनी जरूरी?

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Patna Metro: बिहार चुनावों से पहले पटनावासियों को बड़ा तोहफा म‍िला है. पटना मेट्रो का उद्घाटन हो गया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मेट्रो के पहले चरण को हरी झंडी दिखाई है. उद्घाटन के बाद कल यानी 7 अक्टूबर से पटना मेट्रो आम जनता के लिए शुरू हो जाएगी. पटना मेट्रो की रेड लाइन के प्राथमिक कॉरिडोर पर न्यू पाटलिपुत्र बस टर्मिनल से भूतनाथ स्टेशन के बीच नियमित संचालन शुरू होगा. ऐसे में पटना मेट्रो में जॉब के नए अवसर भी सामने आने लगे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि पटना मेट्रो में जॉब कैसे मिल सकती है और मेट्रो में जॉब के लिए क्‍या योग्यता होनी जरूरी है. 

पटना मेट्रो में कैसे मिल सकती है जॉब 

पटना मेट्रो में फिलहाल केवल कुछ ही पदों पर भर्ती हो रही है. मेट्रो में नौकरी पाने के लिए उम्मीदवारों को एक्सपीरियंस और योग्यता के अनुसार आवेदन करना होगा. पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड ने स्पष्ट किया है कि आवेदकर्ता पटना मेट्रो से जुड़ी क‍िसी भी भर्ती प्रक्रिया के ल‍िए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ही आवेदन करें और किसी भी प्रकार की फर्जी भर्ती प्रक्रिया या पैसे लेने वालों से सावधान रहे. 

पटना मेट्रो में जॉब, सैलरी और योग्यता 

मेट्रो में अलग-अलग पदों पर जॉब की योग्यता के अनुसार, उम्मीदवारों को कम से कम दसवीं पास होना चाहिए. इसके अलावा आईटीआई या डिप्लोमा होना जरूरी है. वहीं इंजीनियरिंग डिग्री या पॉलिटेक्निक डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों को मेट्रो में नौकरी की ज्यादा प्राथमिकता दी जाती है. इसके अलावा मेट्रो में नौकरी के लिए आयु सीमा 18 से 28 वर्ष तय की जाती है. हालांकि, कुछ विशेष श्रेणियां में छूट भी दी जाती है. इसके अलावा क‍िसी भी मेट्रो में ड्राइवर के पद के लिए अच्छा स्वास्थ्य जरूरी माना जाता है, खासकर आंखों की रोशनी का सही होना जरूरी होता है. अगर किसी भी व्यक्ति को कोई भी आंखों से संबंधित समस्या होती है तो उसे इस पद के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाता है. इसके अलावा मेट्रो में नौकरी के लिए मेट्रो रेल कॉरपोरेशन आवेदन मांगता है. नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इसके बाद लिखित परीक्षा होती है. यह परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का मेडिकल टेस्ट किया जाता है और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन होता है. यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवार की ट्रेनिंग होती है. 

मेट्रो में सैलरी 

आमतौर पर मेट्रो में ड्राइवर के रूप में करियर शुरू करने वाले उम्मीदवारों को लगभग 39,000 प्रति माह की शुरुआती सैलरी मिलती है. वहीं एक्सपीरियंस और प्रमोशन के साथ यह सैलरी बढ़ाई जाती है. इसके अलावा ड्राइवर और अन्य पदों पर नौकरी करने वाले उम्मीदवारों को कई भत्ते भी दिए जाते हैं.

फर्जी वैकेंसी के चक्कर में न फंसे

पटना मेट्रो के उद्घाटन से पहले सोशल मीडिया, व्हाट्सएप और फर्जी वेबसाइट पर नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले विज्ञापन तेजी से फैल रहे हैं. इन विज्ञापनों में इलेक्ट्रीशियन, फीटर, लाइनमेन, प्लंबर और स्टेशन सुपरवाइजर जैसे पदों के लिए नौकरी का दावा किया जा रहा है. कई मामलों में लाखों रुपये तक की वसूली की खबरें भी सामने आई है. ऐसे में पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड की तरफ से स्पष्ट किया गया है कि मेट्रो से जुड़ी किसी भी फर्जी भर्ती प्रक्रिया पर विश्वास न करें और मेट्रो की सारी वैकेंसी आधिकारिक वेबसाइट पर ही जारी की जाएगी. 

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क्या रोहित शर्मा पर आने वाली है एक और बैड न्यूज़? सुनील गावस्कर का जवाब सुनकर हैरान रह जाएंगे आप

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भारतीय वनडे टीम का कप्तान बदलने के साथ ही ‘रोहित शर्मा एरा’ समाप्त हो गया है. ऑस्ट्रेलियाई टूर के लिए भारतीय स्क्वाड की घोषणा करते समय अजीत अगरकर ने एलान करके बताया कि शुभमन गिल को वनडे टीम का नया कप्तान बनाया जा रहा है, जबकि रोहित बतौर बल्लेबाज खेलना जारी रखेंगे. इसी बीच भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर का कहना है कि जल्द और भी ‘बैड न्यूज’ आ सकती है.

सुनील गावस्कर का मानना है कि 2027 ODI वर्ल्ड कप तक भारतीय टीम को ज्यादा वनडे मैच नहीं खेलने हैं. ऐसे में रोहित शर्मा और विराट कोहली को अपनी गेम फिटनेस बरकरार रखनी है तो उन्हें डोमेस्टिक क्रिकेट में सक्रिय रहना होगा. स्पोर्ट्स तक से बातचीत में सुनील गावस्कर से पूछा गया कि क्या रोहित शर्मा के संबंध में और कोई ‘बैड न्यूज’ आ सकती है, तो उन्होंने हां में जवाब दिया.

सुनील गावस्कर ने कहा, “हां बिल्कुल. अगर आप (रोहित शर्मा) प्रतिबद्ध नहीं रहते हैं, तय नहीं कर पा रहे हैं कि आप अगले 2 साल के लिए तैयार रहेंगे या नहीं, तो बैड न्यूज के लिए तैयार रहिए. वो भी इस बारे में जानते हैं कि वो अगर सिर्फ ODI खेलेंगे, तो उन्हें ज्यादा अभ्यास की जरूरत होगी और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट में हिस्सा लेना होगा.”

टीम पहले आती है…

भारतीय दिग्गज ने यह भी बताया कि रोहित शर्मा अब सिर्फ वनडे मैच खेलते हैं, लेकिन 2027 वर्ल्ड कप तक टीम इंडिया को ज्यादा ODI मैच नहीं खेलने हैं. ऐसे में रोहित शर्मा उतना अभ्यास नहीं कर पाएंगे, जितना वर्ल्ड कप जैसे टूर्नामेंट के लिए चाहिए होता है. गावस्कर ने कहा कि रोहित की टीम में जगह निश्चित ना होने की स्थिति में ही शायद शुभमन गिल को कप्तान बनाने का फैसला लिया गया.

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यूके की नेशनल हेल्थ सर्विस ने कजिन मैरिज की शादी को बताया फायदेमंद, मचा बवाल फिर उठाया ये कदम

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चचेरे भाई-बहनों की शादी को फायदेमंद बताने वाली गाइडलाइन को बड़ा विवाद खड़ा होने के बाद ब्रिटेन की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) ने अपनी वेबसाइट से हटा लिया है. एनएचएस ने एक ब्लॉग पोस्ट में कजिन के बीच शादी को फायदेमंद बताया था, जबकि शोध में पता चला कि इससे आनुवांशिक रोग, जन्मदोष और सीखने की अक्षमताओं का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है. हालांकि, अब इस विवादित गाइडलाइन को वेबसाइट से चुपके से हटा लिया गया है.

22 सितंबर को एनएचएस इंग्लैंड के जीनोमिक्स एजुकेशन प्रोग्राम ने एक ब्लॉग पोस्ट जारी किया था, जिसका शीर्षक था ‘क्या यूके सरकार को पहले चचेरे भाई-बहनों के विवाह पर प्रतिबंध लगाना चाहिए?’. इस पोस्ट में दावा किया गया था कि रिश्तेदारों के बीच शादी से मजबूत पारिवारिक सहयोग और आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं. हालांकि, ब्लॉग में इस बात को भी स्वीकार किया गया था कि इससे आनुवांशिक बीमारियों का खतरा बढ़ता है, लेकिन सुझाव दिया गया था कि शिक्षा और वैकल्पिक जेनेटिक टेस्टिंग से इसे संभाला जा सकता है.

ब्लॉग पोस्ट को लेकर बाद में काफी विवाद खड़ा हो गया. आलोचकों ने एनएचएस पर आरोप लगाया कि वैज्ञानिक प्रमाणों की उपेक्षा की गई और सांस्कृतिक मुद्दों में पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया गया. विशेषज्ञों ने यह भी चेतावनी दी थी कि ऐसा कदम आनुवांशिक बीमारियों की रोकथाम के बजाय जोखिम को काफी बढ़ा सकता है. ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि यह गाइडलाइन सरकारी समर्थन से आयोजित किए गए कार्यक्रम के तहत प्रकाशित हुआ था, जिससे इसकी गंभीरता और बढ़ गई.

कंजर्वेटिव सांसद रिचर्ड होल्डन ने इस दस्तावेज की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि एनएचएस को हानिकारिक सांस्कृतिक परंपराओं के आगे झुकना बंद कर देना चाहिए क्योंकि यह प्रथा महिलाओं के अधिकारों पर नकारात्मक असर डालती है और इसे स्थायी रूप से समाप्त कर देना चाहिए. वहीं, एक सांसद मोहम्मद रिवाज ने इसका सपोर्ट किया है और कहा कि कई परिवारों के लिए यह सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है. उन्होंने कहा कि चचेरे भाई-बहनों की शादी पारिवारिक रिश्तों को सशक्त बनाती है और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करती है.

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Video: बरसाए थप्पड़, मारे लात घूंसे, नशे में धूत युवकों ने पेट्रोल पंप कर्मचारी को पीटा

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Karnataka News: कर्नाटक के गुलबर्गा के विशवराध्या मंदिर के पास एक पेट्रोल पंप पर हुई एक भयावह घटना ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया है. इस घटना में एक पेट्रोल पंप कर्मचारी को कई लोगों ने बेरहमी से पीटा. घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए. इस घटना का वायरल वीडियो सामने आया है, जिसमें हमलावर कर्मचारी को मारते हुए नजर आ रहे हैं. 

कर्मचारी को लात-घूंसे मारे गए

यह घटना गुलबर्गा के विशवराध्या मंदिर के पास हुई, जहां एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले कर्मचारी पर कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सभी लोग मिलकर कैसे कर्मचारी को पीट रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि सभी लोग नशे में थे.

वीडियो में साफ देखा गया है कि कितनी बुरी तरह से कर्मचारी को लात-घूंसे मारे गए है. पेट्रोल पंप पर मौजूद एक अन्य कर्मचारी उन्हें रोकने की कोशिश करता है, लेकिन कोई भी रुकने का नाम नहीं लेता. सभी लगातार कर्मचारी पर हमला करते रहते हैं. वीडियो में देखा गया कि एक युवक कर्मचारी को फोन पर कुछ दिखाता और फिर उसे थप्पड़ मारने लगता है.

पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ जमा हुई

वीडियो में आगे देखा गया कि पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ भी जमा होने लगती है, लेकिन कोई भी उन्हें कर्मचारी को पीटने से रोक नहीं रहा था. सभी खड़े होकर दृश्य देख रहे थे. सभी लोग हमले के बाद मौके से फरार हो जाते हैं.

घटना के इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया, जिसके बाद लोगों की तरह-तरह कि प्रतिक्रियाएं सामने आई है. कई लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की. हालांकि, घटना के पीछे का कारण अभी तक साफ नहीं हुआ है.