कप सीरप पीने से भी जा सकती है जान, इन दो राज्यों में हुईं इतने बच्चों की मौतें

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Deadly Cough Syrup: हाल ही में मध्यप्रदेश और राजस्थान से आई खबर ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इन दोनों राज्यों में अब तक 11 मासूम बच्चों की मौत हो चुकी है. और शुरुआती जांच में सामने आया है कि इन मौतों की वजह दो ब्रांड के खांसी के सिरप हो सकते हैं. जैसे ही यह मामला सामने आया. इन दोनों राज्यों के स्वास्थ्य विभाग ने फौरन इन सिरप की बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है. 

जांच के लिए सैंपल लैब में भेजे जा चुके हैं और केंद्र से लेकर राज्य स्तर तक मेडिकल टीमें एक्टिव हो गई हैं. फिलहाल डॉक्टरों और फार्मेसी स्टोर्स को निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी बच्चे को इन सिरप्स का इस्तेमाल न कराया जाए. भले ही खांसी-जुकाम के लक्षण मामूली ही क्यों न लगें. जांच टीमें यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आखिर सिरप में ऐसी कौन सी चीज मिली थी. जिसने बच्चों की जान ले ली.

सिरप में मिले खतरनाक रसायन

प्राथमिक जांच में स्वास्थ्य विभाग को सिरप में डाइएथिलीन ग्लाइकॉल जैसे जहरीले केमिकल की मौजूदगी का शक है. यह वही केमिकल है जो पहले भी कई देशों में बच्चों की मौत का कारण बन चुका है. इन सिरप्स के नाम कोल्ड्रिफ कफ सिरप और नेक्सा डीएस कफ सिरप बताए जा रहे हैं. अधिकारियों के मुताबिक सिरप बनाने वाली कंपनी ने सेफ्टी टेस्टिंग के सभी मानकों का पालन नहीं किया था.

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और बिना पूरी जांच के दवा को बाजार में उतार दिया गया. अब एफएसएसएआई और ड्रग कंट्रोल विभाग ने तुरंत उस बैच की हर बोतल को बाजार से वापस मंगाने का आदेश दिया है. फार्मासिस्ट्स को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि कोई भी गलती से इन दवाओं की बिक्री न कर दे.

गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में भी हुई थीं ऐसी मौतें

यह पहली बार नहीं है जब कफ सिरप के कारण बच्चों की जान गई हो. साल 2022 में अफ्रीकी देश गाम्बिया में भी ऐसी ही घटना हुई थी. जहां जहरीले सिरप के कारण करीब 70 बच्चों की मौत हो गई थी. उस मामले में भी सिरप भारत में बनी दवा थी और उसमें डाइएथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल जैसे रसायन पाए गए थे. इसके बाद उज्बेकिस्तान में भी एक और भारतीय कंपनी के कफ सिरप से 19 बच्चों की मौत हुई थी. 

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इन दोनों घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय फार्मा कंपनियों की दवा निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठे थे. अब जब मध्यप्रदेश और राजस्थान में ऐसी ही घटनाएं सामने आई हैं. तो केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के ड्रग विभागों को जांच के आदेश दिए हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी और राज्य में ऐसी लापरवाही न दोहराई जाए.

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पूरे स्टेडियम में मचा हड़कंप! आवारा कुत्तों ने कोचों पर किया हमला, तुरंत अस्पताल ले जाया गया

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World Para Athletics Championships 2025: दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में चल रही वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 के दौरान शुक्रवार (3 अक्टूबर) को एक चौंकाने वाली घटना सामने आई. स्टेडियम के अंदर घुसे कुछ आवारा कुत्तों ने जापान और केन्या के कोचों पर हमला कर दिया, जिससे पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई. दोनों कोचों को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें ट्रीटमेंट और एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए.

कैसे घटी ये घटना?

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 9 बजे के आसपास जब खिलाड़ी और कोच अपने-अपने सत्र की तैयारी में जुटे थे, तभी स्टेडियम परिसर में दो आवारा कुत्ते दाखिल हो गए. केन्या के कोच डेनिस माराजिया उस वक्त कॉल रूम के पास अपने खिलाड़ी से बातचीत कर रहे थे. अचानक पीछे से आए कुत्ते ने उनके पैर पर काट लिया. खून निकलने लगा और आसपास मौजूद स्टाफ ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला.

कुछ ही मिनट बाद जापान की महिला कोच मेइको ओकुमत्सु भी इसी तरह की घटना का शिकार हुईं. वह प्रैक्टिस ट्रैक पर खिलाड़ियों की निगरानी कर रही थीं, तभी एक और कुत्ता उनके पास आया और काट लिया. दोनों घटनाएं आधे घंटे के भीतर हुईं, जिससे विदेशी टीमों में डर और नाराजगी फैल गई.

आयोजकों ने दी सफाई

इस घटना के बाद वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप की आयोजन समिति ने तुरंत प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया कि दोनों कोचों को तुरंत सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद वे सुरक्षित अपने होटल लौट गए. आयोजकों के मुताबिक, सुरक्षा व्यवस्था की पूरी समीक्षा की जा रही है और अब स्टेडियम में कुत्ता पकड़ने वाली दो टीमें स्थायी रूप से तैनात कर दी गई हैं.

समिति ने यह भी बताया कि 21 अगस्त 2025 को ही नगर निगम (MCD) को पत्र लिखकर स्टेडियम परिसर से कुत्तों को हटाने के लिए कहा गया था. उस समय परिसर खाली भी कराया गया था, लेकिन खाने की तलाश में कुत्ते दोबारा घुस आए. अब क्षेत्र को फिर से सैनिटाइज कर दिया गया है और सुरक्षा बढ़ा दी गई है.

दिल्ली में आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या

यह कोई पहली घटना नहीं है जब राष्ट्रीय राजधानी में आवारा कुत्तों का आतंक सामने आया हो. सुप्रीम कोर्ट तक इस मुद्दे पर सख्त निर्देश दे चुका है, लेकिन हालात अब भी नहीं सुधरे हैं. अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान ऐसी घटनाएं न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि भारत की ग्लोबल इमेज को भी नुकसान पहुंचाती हैं. 

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लगातार तीसरे दिन सस्ता हुआ सोना, चांदी की भी कम हुई कीमत; चेक करें आज का ताजा भाव

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Gold-Silver Price Today: अमेरिका में जारी शटडाउन, अक्टूबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों में कटौती और टैरिफ को लेकर टेंशन की बीच शनिवार को सोने-चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है. भले ही यह गिरावट बेहद मामूली है. शनिवार को 24 कैरेट सोना 65 रुपया सस्ता हुआ है. वहीं, चांदी की कीमत में शुक्रवार को 151 रुपये की गिरावट दर्ज की गई है. ऐसे में आने वाले फेस्टिव सीजन से पहले यह ग्राहकों के लिए खरीदारी का बढ़िया मौका है. 

हाल ही में सोने की कीमतें अपने रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गई थीं. 30 सितंबर को सोने की कीमत करीब 1,175 रुपये उछलकर 1,17,516 रुपये के अपने ऑल टाइम हाई लेवल पर पहुंच गई थी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी, अमेरिका में शटडाउन से पैदा हुई अनिश्चितता और टैरिफ के चलते तनाव के माहौल में सोने की कीमतों में तेजी आई है. हालांकि, आने वाले महीनों में कीमत में कमी की भी उम्मीद जताई जा रही है. 

कितनी है आज सोने-चांदी की कीमत? 

गुडरिटर्न्स की वेबसाइट के मुताबिक, भारत में 24 कैरेट सोने की कीमत 65 रुपये घटकर 11,804 रुपये प्रति ग्राम रह गई. इसी तरह से 22 कैरेट सोने की कीमत भी 60 रुपये कम होकर अब 10,820 रुपये प्रति ग्राम रह गई है. 49 रुपये की गिरावट के साथ 18 कैरेट सोने की कीमत 8,853 रुपये प्रति ग्राम रह गई है.

हालांकि, शुक्रवार और शनिवार को कीमतों में आई इस गिरावट के बाद भी सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई लेवल के करीब बनी हुई हैं. दशहरे के एक दिन बाद शुक्रवार को भारत में चांदी की कीमतों में भी कुछ गिरावट देखी गई. शुक्रवार को भारत में चांदी की कीमत 151 रुपये प्रति ग्राम और 1,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक गिर गई. दिलचस्प बात यह है कि भारत में सोने की कीमत में गिरावट के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने की कीमतों में तेजी देखी जा रही है. इससे निवेशकों के बीच इसकी डिमांड सुरक्षित निवेश के रूप में और भी बढ़ गई है.

इन शहरों में आज सोने की कीमत 

मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, केरल, बेंगलुरु और पुणे में आज 24 कैरेट सोने की कीमत प्रति ग्राम 11,940 रुपये है. जबकि इन शहरों में 22 कैरेट सोने की कीमत 10,945 रुपये प्रति ग्राम है. चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 11,946 रुपये है और यहां 22 कैरेट सोने की कीमत 10,950 रुपये है. दिल्ली में आज 24 कैरेट सोने की कीमत सबसे ज्यादा 11,955 रुपये प्रति ग्राम है और यहां 22 कैरेट सोना प्रति ग्राम 10,960 रुपये है. 

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मोबाइल वॉलपेपर पर भगवान की तस्वीर क्यों नहीं लगानी चाहिए? जानिए इसका धार्मिक और वास्तु कारण

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मोबाइल फोन का इस्तेमाल तो आज कल सभी करते हैं, मगर इस पर भगवान की तस्वीर का वॉलपेपर लगाना चाहिए या नहीं . वॉलपेपर सिर्फ एक सजावट का नहीं, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व और मानसिक स्थिति को भी दिखाता है. हम जो वॉलपेपर लगाते हैं, वह कभी न कभी हमारे जीवन पर असर डालता है.

मोबाइल फोन का इस्तेमाल तो आज कल सभी करते हैं, मगर इस पर भगवान की तस्वीर का वॉलपेपर लगाना चाहिए या नहीं . वॉलपेपर सिर्फ एक सजावट का नहीं, बल्कि यह हमारे व्यक्तित्व और मानसिक स्थिति को भी दिखाता है. हम जो वॉलपेपर लगाते हैं, वह कभी न कभी हमारे जीवन पर असर डालता है.

मोबाइल फोन में आ रहे नोटिफिकेशन, कॉल और अन्य दुनियावी चीजों के बीच धार्मिक स्थलों की तस्वीर होना सही नहीं माना जाता है. क्योंकि बार-बार नोटिफिकेशन आने से तस्वीर के प्रति श्रद्धा और आदर नहीं रह पाता. जिससे भगवान के प्रति धीरे-धीरे भाव कम होता है.

मोबाइल फोन में आ रहे नोटिफिकेशन, कॉल और अन्य दुनियावी चीजों के बीच धार्मिक स्थलों की तस्वीर होना सही नहीं माना जाता है. क्योंकि बार-बार नोटिफिकेशन आने से तस्वीर के प्रति श्रद्धा और आदर नहीं रह पाता. जिससे भगवान के प्रति धीरे-धीरे भाव कम होता है.

मोबाइल फोन की स्क्रीन पर लोग अकसर धार्मिक स्थलों की तस्वीरें लगाते हैं, जैसे मंदिरों, मस्जिदों या चर्च की तस्वीरें. मगर ऐसी तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि धार्मिक दृष्टि के अनुसार मोबाइल फोन का इस्तेमाल हर जगह होता है, जैसे बाथरूम, सड़क, या कई बार अशुद्ध जगहों पर भी. इसलिए इसे उचित नहीं माना जाता.

मोबाइल फोन की स्क्रीन पर लोग अकसर धार्मिक स्थलों की तस्वीरें लगाते हैं, जैसे मंदिरों, मस्जिदों या चर्च की तस्वीरें. मगर ऐसी तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए, क्योंकि धार्मिक दृष्टि के अनुसार मोबाइल फोन का इस्तेमाल हर जगह होता है, जैसे बाथरूम, सड़क, या कई बार अशुद्ध जगहों पर भी. इसलिए इसे उचित नहीं माना जाता.

वास्तु शास्त्र में मोबाइल फोन पर देवी-देवताओं की तस्वीर लगाना भी अशुभ माना जाता है. इसे लगाने से पूजा स्थलों की गरिमा नहीं रहती और ग्रहों के प्रभाव से जीवन में अशुभ परिणाम आ सकते हैं.

वास्तु शास्त्र में मोबाइल फोन पर देवी-देवताओं की तस्वीर लगाना भी अशुभ माना जाता है. इसे लगाने से पूजा स्थलों की गरिमा नहीं रहती और ग्रहों के प्रभाव से जीवन में अशुभ परिणाम आ सकते हैं.

मोबाइल फोन पर भगवान की तस्वीर लगाना बिल्कुल बुरा माना जाता है, क्योंकि इसे हम अशुद्ध जगहों पर लेकर जाते हैं, जिससे इसकी मर्यादा का पालन नहीं होता. इसलिए बेहतर है कि इन तस्वीर को मंदिर या घर के पवित्र स्थानों पर ही रखें.

मोबाइल फोन पर भगवान की तस्वीर लगाना बिल्कुल बुरा माना जाता है, क्योंकि इसे हम अशुद्ध जगहों पर लेकर जाते हैं, जिससे इसकी मर्यादा का पालन नहीं होता. इसलिए बेहतर है कि इन तस्वीर को मंदिर या घर के पवित्र स्थानों पर ही रखें.

Published at : 04 Oct 2025 10:41 AM (IST)

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कैसे काम करती है Dish TV की छतरी? 99% लोगों को नहीं पता इसके पीछे की टेक्नोलॉजी

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डिश TV की छतरी का मुख्य काम है सैटेलाइट से आने वाले सिग्नल को पकड़ना. टीवी चैनल्स का प्रसारण पहले जमीन से हजारों किलोमीटर ऊपर मौजूद जियोस्टेशनरी सैटेलाइट्स तक भेजा जाता है. ये सैटेलाइट्स उसी गति से पृथ्वी के साथ घूमते रहते हैं जिससे वे हमेशा एक ही जगह पर दिखाई देते हैं. डिश एंटीना इस सैटेलाइट से आने वाली रेडियो तरंगों (microwave frequency) को कैप्चर करता है.

डिश TV की छतरी का मुख्य काम है सैटेलाइट से आने वाले सिग्नल को पकड़ना. टीवी चैनल्स का प्रसारण पहले जमीन से हजारों किलोमीटर ऊपर मौजूद जियोस्टेशनरी सैटेलाइट्स तक भेजा जाता है. ये सैटेलाइट्स उसी गति से पृथ्वी के साथ घूमते रहते हैं जिससे वे हमेशा एक ही जगह पर दिखाई देते हैं. डिश एंटीना इस सैटेलाइट से आने वाली रेडियो तरंगों (microwave frequency) को कैप्चर करता है.

क्या आपने गौर किया है कि डिश एंटीना गोल और गहराई वाला होता है? इसे पैरबोलिक शेप कहते हैं. इस शेप की खासियत यह है कि यह दूर-दराज से आने वाले कमजोर सिग्नल्स को एक ही बिंदु पर केंद्रित कर देता है. इस बिंदु को फोकल प्वाइंट कहते हैं, और यहीं पर डिश में लगा हुआ LNB (Low Noise Block Converter) सिग्नल को रिसीव करता है.

क्या आपने गौर किया है कि डिश एंटीना गोल और गहराई वाला होता है? इसे पैरबोलिक शेप कहते हैं. इस शेप की खासियत यह है कि यह दूर-दराज से आने वाले कमजोर सिग्नल्स को एक ही बिंदु पर केंद्रित कर देता है. इस बिंदु को फोकल प्वाइंट कहते हैं, और यहीं पर डिश में लगा हुआ LNB (Low Noise Block Converter) सिग्नल को रिसीव करता है.

LNB डिश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसका काम है सैटेलाइट से आने वाली हाई-फ्रीक्वेंसी तरंगों को पकड़ना. इन सिग्नल्स को कम शोर (noise) और कम फ्रीक्वेंसी वाले सिग्नल्स में बदलना. बदले हुए सिग्नल्स को कोएक्सियल केबल के जरिए आपके सेट-टॉप बॉक्स तक भेजना.

LNB डिश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है. इसका काम है सैटेलाइट से आने वाली हाई-फ्रीक्वेंसी तरंगों को पकड़ना. इन सिग्नल्स को कम शोर (noise) और कम फ्रीक्वेंसी वाले सिग्नल्स में बदलना. बदले हुए सिग्नल्स को कोएक्सियल केबल के जरिए आपके सेट-टॉप बॉक्स तक भेजना.

जब सिग्नल्स सेट-टॉप बॉक्स तक पहुंचते हैं तब भी वे डिजिटल कोड के रूप में होते हैं. सेट-टॉप बॉक्स इन्हें डिकोड करता है और आपके टीवी को समझ आने वाले ऑडियो-वीडियो सिग्नल में बदल देता है. यानी डिश की छतरी + LNB + सेट-टॉप बॉक्स यही है टीवी पर आने वाली हर तस्वीर और आवाज का असली कारण.

जब सिग्नल्स सेट-टॉप बॉक्स तक पहुंचते हैं तब भी वे डिजिटल कोड के रूप में होते हैं. सेट-टॉप बॉक्स इन्हें डिकोड करता है और आपके टीवी को समझ आने वाले ऑडियो-वीडियो सिग्नल में बदल देता है. यानी डिश की छतरी + LNB + सेट-टॉप बॉक्स यही है टीवी पर आने वाली हर तस्वीर और आवाज का असली कारण.

आपने कई बार देखा होगा कि बारिश या तूफान के समय टीवी सिग्नल गायब हो जाते हैं. इसकी वजह है कि पानी की बूंदें और बादल माइक्रोवेव सिग्नल्स को अवशोषित (absorb) कर लेते हैं. इससे सैटेलाइट से आने वाले सिग्नल्स कमजोर पड़ जाते हैं और डिश उन्हें ठीक से पकड़ नहीं पाती.

आपने कई बार देखा होगा कि बारिश या तूफान के समय टीवी सिग्नल गायब हो जाते हैं. इसकी वजह है कि पानी की बूंदें और बादल माइक्रोवेव सिग्नल्स को अवशोषित (absorb) कर लेते हैं. इससे सैटेलाइट से आने वाले सिग्नल्स कमजोर पड़ जाते हैं और डिश उन्हें ठीक से पकड़ नहीं पाती.

आज Dish TV में HD और 4K ब्रॉडकास्टिंग भी इसी टेक्नोलॉजी के जरिए संभव है. आने वाले समय में और एडवांस सैटेलाइट्स और IPTV (Internet Protocol TV) तकनीक मिलकर इसे और तेज, स्थिर और बेहतर बनाएंगे. Dish TV की छतरी सिर्फ एक गोल प्लेट नहीं है, बल्कि यह अत्याधुनिक सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का हिस्सा है. इसके पैरबोलिक डिज़ाइन, LNB और सेट-टॉप बॉक्स मिलकर सैकड़ों चैनल्स को हमारे टीवी तक लाते हैं.

आज Dish TV में HD और 4K ब्रॉडकास्टिंग भी इसी टेक्नोलॉजी के जरिए संभव है. आने वाले समय में और एडवांस सैटेलाइट्स और IPTV (Internet Protocol TV) तकनीक मिलकर इसे और तेज, स्थिर और बेहतर बनाएंगे. Dish TV की छतरी सिर्फ एक गोल प्लेट नहीं है, बल्कि यह अत्याधुनिक सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम का हिस्सा है. इसके पैरबोलिक डिज़ाइन, LNB और सेट-टॉप बॉक्स मिलकर सैकड़ों चैनल्स को हमारे टीवी तक लाते हैं.

Published at : 04 Oct 2025 10:33 AM (IST)

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इजरायली बंधकों को छोड़ेगा, सत्ता से भी हटेगा… गाजा प्लान पर राजी हुआ हमास तो क्या बोले ट्रंप?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गाजा संघर्ष खत्म करने और मिडिल ईस्ट में शांति बहाल करने के लिए पीस प्लान पेश किया है, जिसे हमास की ओर से भी स्वीकार कर लिया गया है. व्हाइट हाउस की तरफ से शेयर किए गए वीडियो संदेश में ट्रंप ने कहा कि यह समझौता कई देशों के सहयोग से संभव हो सका है. उन्होंने कतर, तुर्की, सऊदी अरब, मिस्र और जॉर्डन का विशेष आभार व्यक्त किया.

ट्रंप ने कहा कि यह दिन ऐतिहासिक है और उन्होंने बंधकों की सुरक्षित वापसी की उम्मीद जताई. हालांकि, उन्होंने माना कि कुछ बंधकों की हालत गंभीर हो सकती है. व्हाइट हाउस के मुताबिक, यह शांति योजना ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बैठक के बाद तैयार हुई है.

क्या है गाजा पीस प्लान?

गाजा को आतंकवाद और कट्टरपंथ से मुक्त किया जाएगा. गाजा के पुनर्विकास की योजना लागू होगी ताकि स्थानीय लोग बेहतर जीवन जी सकें. दोनों पक्षों के सहमत होने पर युद्ध तुरंत समाप्त होगा. इजरायली सेना बंधकों की रिहाई के लिए सहमत रेखा तक लौटेगी. हवाई हमले और तोपखाने की बमबारी सहित सभी सैन्य अभियान रोक दिए जाएंगे. धीरे-धीरे इजरायली सेना की पूर्ण वापसी की प्रक्रिया लागू होगी.

ट्रंप के प्लान पर क्या बोला हमास?

हमास ने ट्रंप के पीस प्लान के महत्वपूर्ण बिंदुओं को स्वीकार कर लिया है, जिनमें इजरायली बंधकों की रिहाई और गाजा से प्रशासन को छोड़ना शामिल है. हमास ने प्रस्ताव दिया है कि लगभग 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों और मारे गए गाजावासियों के शवों के बदले 48 बंधकों की रिहाई की जाएगी. इन 48 बंधकों में से लगभग 20 के जीवित होने की संभावना है. हमास ने कहा है कि वह इस मामले पर मध्यस्थों के साथ तुरंत बातचीत शुरू करने को तैयार है.

PM मोदी समेत दुनिया के नेताओं ने की ट्रंप की तारीफ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई बड़े नेताओं ने मिडिल ईस्ट में शांति लाने की कोशिशों के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का तारीफ की है. पीएम मोदी ने कहा कि हम अमेरिकी राष्ट्रपति के नेतृत्व का स्वागत करते हैं क्योंकि गाजा में शांति प्रयासों में निर्णायक प्रगति दिखाई दे रही है. बंधकों की रिहाई के संकेत एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखे जा सकते हैं. भारत सभी प्रयासों का लगातार समर्थन करता रहेगा, जो एक स्थायी और न्यायसंगत शांति की दिशा में काम कर रहे हैं. भारत के अलावा ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों, कतर के अमीर समेत दुनिया के कई देशों ने ट्रंप की सराहना की है.

यह भी पढ़ें- इजरायल-हमास डील पर PM मोदी ने की ट्रंप की तारीफ, फ्रांस-ब्रिटेन से लेकर कतर तक के नेताओं का भी आया रिएक्शन



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इंडियन आर्मी में करियर का सुनहरा मौका, ग्रुप-C के 194 पदों पर भर्ती शुरू; ये करें अप्लाई

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आईसीएमआर की नई सलाह कार्ब्स नहीं, प्रोटीन है ज्यादा जरूरी, सफेद चावल छोड़ें, हेल्दी ग्रेन्स अपनाएं

आईसीएमआर की नई सलाह कार्ब्स नहीं, प्रोटीन है ज्यादा जरूरी, सफेद चावल छोड़ें, हेल्दी ग्रेन्स अपनाएं

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5 बजे के बाद ऑफिस में सन्नाटा, सोशल मीडिया पर वायरल यूरोप का ऑफिस कल्चर और लोग बोले हमें भी ऐसा

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आज के दौर में सोशल मीडिया एक ऐसा प्लेटफार्म बन चुका है जहां कब क्या वायरल हो जाए, किसी को पता नहीं चलता, कभी कोई मजेदार डांस वीडियो इंटरनेट पर छा जाता है, तो कभी किसी की छोटी-सी हरकत लाखों लोगों का ध्यान खींच लेती है. लेकिन इस बार जो वीडियो वायरल हुआ है, उसने हंसी या मनोरंजन नहीं, बल्कि सोचने पर मजबूर कर दिया है. 

यह वीडियो किसी फिल्मी सितारे या सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर का नहीं, बल्कि एक भारतीय महिला का है, जो चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और यूरोप में काम करती हैं. उन्होंने अपने ऑफिस के माहौल की एक झलक इंस्टाग्राम पर शेयर की, जो अब लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है और भारत में काम करने वाले कई लोगों को सोच में डाल चुकी है. 

क्या है इस वायरल वीडियो में?
इस वीडियो को ज्योति सैनी ने पोस्ट किया है , जो KPMG नीदरलैंड्स में काम करती हैं. वीडियो में वो अपने ऑफिस की हालत शाम के 5 बजे दिखाती हैं. जैसे ही कैमरा ऑफिस के अंदर घूमता है, वहां की खाली डेस्क और कुर्सियां दिखाई देती हैं, कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं है, ऑफिस एकदम शांत और खाली है, ज्योति कैमरे में कहती हैं किअभी 5:10 बजे हैं और देखिए मेरे ऑफिस को, वीडियो का कैप्शन था कि कॉर्पोरेट शॉक और अब तक इसे 20 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. 

सोशल मीडिया पर लोगों के कमेंट्स
इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों बहस छिड़ गई यूरोप और भारत की वर्किंग कल्चर में कितना फर्क है, तो कोई कह रहा है कि यूरोप में लोग काम जल्दी शुरू करते हैं, ध्यान से काम करते हैं, ब्रेक नहीं लेते और समय पर घर चले जाते हैं. इसके अलावा एक यूजर ने कहा कि यहां तो 9 से 5 की नौकरी 9 से रात 9 तक चलती है, एक यूजर ने लिखा पश्चिमी देशों में न फालतू मीटिंग करते हैं, न ऑफिस पॉलिटिक्स में फंसते हैं. कुछ ने मजाक में कहा कि अगर वहां भारतीय मैनेजर आ जाएं, तो सबका घर देर रात ही होगा. 

यह भी पढ़ें पहले मारी टक्कर फिर जानबूझकर बेजुबान के ऊपर चढ़ा दी कार, सांड की हत्या का वीडियो देख कांप जाएगी रूह

भारत ने कस लिया शिकंजा, वेस्टइंडीज हुई ढेर, क्या तीसरे दिन ही जीत तय?

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IND vs WI Test Series: अहमदाबाद टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने मेहमान वेस्टइंडीज के खिलाफ अपनी पकड़ इतनी मजबूत बना ली है कि मुकाबले का नतीजा तीसरे दिन (4 अक्टूबर) ही सामने आ सकता है. भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन और वेस्टइंडीज की कमजोर चुनौती इस टेस्ट को एकतरफा बना चुकी है.

भारत का दबदबा

भारत की पहली पारी का नजारा शानदार रहा. केएल राहुल ने ठोस बल्लेबाजी करते हुए 100 रन बनाए, जबकि युवा विकेटकीपर ध्रुव जुरेल ने बेहतरीन 125 रन ठोके. कप्तान शुभमन गिल ने भी जिम्मेदारी निभाते हुए 50 रन जोड़े. वहीं रवींद्र जडेजा ने शानदार अंदाज में 104 रन की नाबाद पारी खेली और स्टेडियम में छक्कों की बारिश कर दी.

दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक भारत का स्कोर 5 विकेट पर 448 रन था और लीड 286 रन तक पहुंच चुकी थी. जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर क्रीज पर डटे हुए हैं, ऐसे में टीम इंडिया के सामने अब पारी घोषित करने का विकल्प खुला है.

वेस्टइंडीज की पहली पारी ध्वस्त

वेस्टइंडीज ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया, लेकिन यह उनके लिए बुरा साबित हुआ. पूरी टीम महज 162 रन पर सिमट गई. भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाया. मोहम्मद सिराज ने 4 विकेट चटकाए, जसप्रीत बुमराह ने 3, कुलदीप यादव ने 2 और सुंदर ने 1 विकेट अपने नाम किया.

विंडीज की बैटिंग बेहद कमजोर साबित हुई. जस्टिन ग्रीव्स (32), शाई होप (26) और कप्तान रोस्टन चेज (24) ही थोड़ी देर टिक सके. बाकी बल्लेबाज भारतीय आक्रमण के आगे टिक ही नहीं पाए.

फीके साबित हुए विंडीज गेंदबाज

भारतीय बल्लेबाजी के दौरान वेस्टइंडीज के गेंदबाज बेबस नजर आए. तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने कुछ हद तक असर डाला, लेकिन बाकी गेंदबाज पूरी तरह नाकाम रहे. खासकर उनके स्पिनर बिल्कुल प्रभावी नहीं दिखे. जडेजा ने तो वॉरिकन की धुनाई करते हुए 5 छक्के जड़ दिए थे. कप्तान रोस्टन चेज के फैसले भी सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि उन्होंने नई गेंद लेने में देरी की.

कभी दहशत थी, अब कमजोर कड़ी

वेस्टइंडीज टीम कभी टेस्ट क्रिकेट की दिग्गज रही है, लेकिन अब हालात पूरी तरह उलट हैं. मई 2002 के बाद से वे भारत को टेस्ट में हराने में नाकाम रहे हैं. इस बार तो टीम और भी कमजोर नजर आई है. चोटिल खिलाड़ियों की कमी और अनुभवहीन बल्लेबाजी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं.

तीसरे दिन ही जीत तय?

भारत ने इस मुकाबले में इतनी मजबूत लीड बना ली है कि तीसरे दिन ही मुकाबले का फैसला लगभग तय है. सवाल सिर्फ इतना है कि टीम इंडिया पारी घोषित करके वेस्टइंडीज को कितनी जल्दी आउट करती है. अगर सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो अहमदाबाद टेस्ट भारत के नाम होगा और यह जीत भारतीय टीम की ताकत और वेस्टइंडीज की कमजोरी दोनों की तस्वीर पेश करेगी. 

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