ऑस्ट्रेलिया के साथ 5 मैचों की T20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान, श्रेयस अय्यर और हार्दिक बाहर

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IND vs AUS T20 Series Squad: भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे सीरीज के बाद टी20 सीरीज खेली जाएगी. भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया है. भारत की टी20 टीम सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में ऑस्ट्रेलिया जाएगी. टीम इंडिया के टी20 के स्क्वाड में श्रेयस अय्यर और हार्दिक पांड्या को नहीं चुना गया है.

टी20 सीरीज के लिए टीम का ऐलान

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), अभिषेक शर्मा, शुभमन गिल (उपकप्तान), तिलक वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा, संजू सैमसन (विकेटकीपर), रिंकू सिंह और वॉशिंगटन सुंदर.

श्रेयस अय्यर को नहीं मिला मौका

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए श्रेयस अय्यर को टीम में शामिल नहीं किया गया है. एशिया कप 2025 के स्क्वाड में अय्यर को नहीं लिया गया था. आईपीएल 2025 में दमदार प्रदर्शन के बाद भी श्रेयस अय्यर भारत की टी20 टीम से लगातार बाहर चल रहे हैं. श्रेयस IPL में लगातार दो बार कप्तानी करते हुए अपनी टीम को फाइनल तक लेकर आए हैं. आईपीएल 2025 में अय्यर की कप्तानी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने खिताब जीता. वहीं श्रेयस की कप्तानी में ही 11 साल बाद पंजाब किंग्स की टीम फाइनल तक पहुंची. लेकिन टी20 में बेहतर परफॉर्म करने के बाद भी श्रेयस अय्यर को टी20 इंटरनेशनल खेलने का मौका नहीं मिल रहा है.

हार्दिक पांड्या भी बाहर

हार्दिक पांड्या को ऑस्ट्रेलिया दौरे पर न तो वनडे सीरीज में लिया गया है और न ही पांड्या टी20 सीरीज का हिस्सा हैं. हार्दिक पांड्या एशिया कप 2025 के दौरान चोटिल हो गए थे. इसी वजह से एशिया कप फाइनल भी नहीं खेल पाए थे. हार्दिक के चोटिल होने की वजह से ही भारत का ये ऑलराउंडर प्लेयर ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नहीं जा रहा है.

भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया T20 सीरीज

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज के बाद पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी. ऑस्ट्रेलिया के लिए ODI सीरीज 19 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक चलेगी. इसके बाद 29 अक्टूबर से 8 नवंबर तक टी20 सीरीज खेली जाएगी.

  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया- पहला टी20- 29 अक्टूबर, कैनबेरा
  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया- दूसरा टी20- 31 अक्टूबर, मेलबर्न
  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया- तीसरा टी20- 2 नवंबर, होबार्ट
  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया- चौथा टी20- 6 नवंबर, गोल्ड कोस्ट
  • भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया- पांचवां टी20- 8 नवंबर, ब्रिसबेन

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ट्रंप के आदेश के बाद भी नहीं माने नेतन्याहू! गाजा पर IDF की ताबड़तोड़ बमबारी; 6 लोगों की मौत

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू को बमबारी रोकने का आदेश दिया था और कहा था कि हमास शांति के लिए तैयार है. इसके अलावा बंधकों को रिहा करने और युद्ध समाप्त करने की अमेरिकी योजना की कुछ अन्य शर्तों को स्वीकार करने पर भी सहमत है. हालांकि, इस आदेश के बावजूद इजरायल रुकने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच गाजा के अधिकारियों ने बताया कि इजरायल ने शनिवार (4 अक्टूबर 2025) को गाजा पर हमला किया. इजरायली गोलाबारी में गाजा पट्टी में छह लोगों की मौत हो गई. चिकित्साकर्मियों और स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि एक हमले में गाजा शहर के एक घर में चार लोग मारे गए, जबकि दूसरे हमले में दक्षिण में खान यूनिस में दो अन्य लोग मारे गए.

राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ दिन पहले अपनी 20-सूत्रीय गाजा शांति योजना प्रस्तुत की थी, जिसमें हमास को रविवार (5 अक्टूबर 2025) तक इसे स्वीकार करने या गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी. ट्रंप का दावा है कि यह योजना बंधकों की रिहाई और युद्ध समाप्ति के लिए एक व्यावहारिक रास्ता खोल सकती है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इजरायल को गाजा पर बमबारी तुरंत रोकनी चाहिए ताकि हम बंधकों को सुरक्षित और जल्दी से बाहर निकाल सकें. यह सिर्फ गाजा के बारे में नहीं है. यह मध्य पूर्व में लंबे समय से चाही जा रही स्थायी शांति के बारे में है. ट्रंप ने खुद को गाजा में शांति लाने में सक्षम एकमात्र व्यक्ति बताया है और कहा कि वे इस दो साल पुराने युद्ध को समाप्त करने के लिए राजनीतिक पूंजी लगा रहे हैं.

नेतन्याहू की सरकार ने दी सकारात्मक प्रतिक्रिया

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने घोषणा की कि सरकार ट्रंप की गाजा योजना के पहले चरण को तत्काल लागू करने की तैयारी कर रही है. इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश के राजनीतिक नेतृत्व ने सेना को गाजा में आक्रामक गतिविधियां कम करने के निर्देश दिए हैं. इजरायल के सैन्य प्रमुख ने भी कहा कि सेना को पहले चरण के कार्यान्वयन के लिए तैयार रहने के आदेश दिए गए हैं, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या यह युद्धविराम की दिशा में कदम है या नहीं.

हमास की प्रतिक्रिया शांति के लिए तैयार

गाजा पर नियंत्रण रखने वाले फ़िलिस्तीनी संगठन हमास ने ट्रंप की योजना पर आंशिक सहमति जताई है. हमास के नेताओं ने कहा कि वे बंधकों की रिहाई और संघर्ष विराम पर बात करने के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए उन्हें गाजा की मानवीय स्थिति में सुधार और नाकेबंदी हटाने की गारंटी चाहिए. हमास की यह प्रतिक्रिया ट्रंप के रविवार तक फैसला करो वाले अल्टीमेटम के बाद आई है. इससे संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच कूटनीतिक रास्ता खुल सकता है, यदि इजरायल अपनी सैन्य कार्रवाई को सीमित करता है.

युद्ध से थकी जनता और बंधक परिवारों का दबाव

इजरायल में युद्ध जारी रहने से बंधक परिवारों और आम नागरिकों में नाराज़गी बढ़ रही है. बंधकों के परिवारों ने नेतन्याहू सरकार से अपील की है कि वह “सभी बंधकों की सुरक्षित वापसी के लिए तुरंत वार्ता शुरू करे. एक ओर इजरायल के अंदर शांति की मांग बढ़ रही है, दूसरी ओर उनके दक्षिणपंथी सहयोगी युद्ध जारी रखने पर अड़े हुए हैं. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नेतन्याहू अब ट्रंप की मध्यस्थता के जरिए घरेलू असंतोष को कम करने की कोशिश कर सकते हैं.

गाजा में हालात भयावह

गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली सैन्य हमलों में अब तक 66,000 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें से अधिकांश नागरिक हैं. लगातार बमबारी ने गाजा की आधी से अधिक आबादी को बेघर कर दिया है, और कई इलाकों में भोजन और चिकित्सा आपूर्ति की भारी कमी है. अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों का कहना है कि गाजा में अब अकाल जैसे हालात बन चुके हैं. मानवीय संगठनों ने संयुक्त राष्ट्र से अपील की है कि वह तत्काल युद्धविराम और सहायता गलियारों की व्यवस्था करे.

7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुआ संघर्ष
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को तब शुरू हुआ जब हमास ने इजरायल पर हमला किया.इस हमले में 1,200 इजरायली नागरिक मारे गए और 251 लोगों को बंधक बनाकर गाजा ले जाया गया.इजरायल का कहना है कि अब भी 48 बंधक गाजा में हैं, जिनमें से 20 जीवित बताए जा रहे हैं. इस घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच लगातार युद्ध जारी है, जिसने पूरे मध्य पूर्व को अस्थिर कर दिया है.

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अरबाज खान की वाइफ शूरा खान हॉस्पिटल में एडमिट, कभी भी हो सकती है डिलीवरी

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बॉलीवुड के खान परिवार में जल्द ही खुशियां दस्तक देने वाली हैं. दरअसल सलमान खान के भाई और एकटर अरबाज खान की वाइफ शूरा प्रेग्नेंट हैं. जो आज यानि 4 अक्टूबर को डिलीवरी के लिए अस्पताल में भर्ती हो चुकी हैं. शूरा को मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. जहां से एक वीडियो भी सामने आया है.

अस्पताल में भर्ती हुईं अरबाज की वाइफ शूरा

अरबाज खान ने साल 2023 में शूरा खान से शादी की थी. दोनों की शादी को दो साल होने वाला है. अब ये कपल अपने पहले बच्चे का स्वागत करने जा रहा है. हाल ही में सामने आई खबर के अनुसार शूरा की डिलीवरी के लिए अस्पताल में एडमिट हो चुकी हैं और अब कभी भी वो अपने बच्चे को जन्म दे सकती हैं. नन्हे मेहमान के लिए अरबाज के साथ उनकी पूरी फैमिली काफी एक्साइटिड है.


बेबी शावर में येलो ड्रेस में नजर आई थीं शूरा

हाल ही में शूरा खान की गोदभराई सेरेमनी भी रखी गई थी. जिसमें पूरा खान परिवार शामिल हुआ था. इसके अलावा कई बॉलीवुड और टीवी स्टार्स ने भी इस फंक्शन में हिस्सा लिया था. इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर अभी भी वायरल हो रही हैं. बेबी शावर में शूरा खान येलो कलर की लॉन्ग ड्रेस पहनकर पहुंची थी. जिसमें वो अपना बेबी बंप फ्लॉन्ट करती हुई भी दिखाई दी थी.


कौन हैं शूरा खान? 

बता दें कि शूरा खान बॉलीवुड की फेमस मेकअप आर्टिस्ट हैं. वो एक्ट्रेस रवीना टंडन और उनकी बेटी राशा थडानी के साथ काम करती है. अरबाज से उनकी पहली मुलाकात ‘पटना शुक्ला’ के सेट पर हुई थी. जहां पहले उनकी दोस्ती हुई और फिर प्यार परवान चढ़ा. अब कपल अपने पहले बच्चे का वेलकम करने जा रहा है.

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एक व्यू आने पर कितना पैसा देती है YouTube? कंटेट क्रिएटर के लिए ये बातें जानना है जरूरी

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अगर आप कंटेट क्रिएटर हैं तो यूट्यूब के कमाई के नियमों की जानकारी होना जरूरी है. यूट्यूब हर सिंगल व्यू के लिए क्रिएटर को पैसा देती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि किसी वीडियो पर 10 लाख व्यूज आने पर आप मालामाल हो जाएंगे. दरअसल, यूट्यूब अपने क्रिएटर्स को एड पर आए व्यूज के लिए पैसा देती है. एडवरटाइजर की तरफ से मिलने वाली रकम में से 45 प्रतिशत यूट्यूब खुद रखती है और 55 प्रतिशत क्रिएटर्स को दिया जाता है. 

कैसे काम करता है यूट्यूब का पे-पर-व्यू सिस्टम?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, क्रिएटर्स की कमाई के लिए यूट्यूब का पे-पर-व्यू सिस्टम काम करता है. इसका मतलब यह नहीं है कि आपके वीडियो पर आए हर व्यू के लिए आपको पैसा मिलेगा. असल में यूट्यूब आपके वीडियो पर चलने वाली एड को मिले व्यूज के हिसाब से पैसे देती है. उदाहरण के तौर पर अगर आपके वीडियो पर एक लाख व्यूज आए हैं, लेकिन इस पर कोई एड नहीं है तो आपको पैसा नहीं मिलेगा. वहीं अगर आपके वीडियो पर एक लाख व्यूज हैं और उस पर चलने वाली एड को 10,000 व्यूज मिले हैं तो इन्हीं 10,000 व्यूज का पैसा आपके खाते में आएगा. 

ज्यादा एड व्यूज मतलब ज्यादा पैसा

अगर आपके किसी वीडियो पर एक से ज्यादा एड चल रही है तो इन पर आपके वीडियो की तुलना में ज्यादा व्यूज आ सकते हैं. ऐसी स्थिति में आपके वीडियो पर कम व्यूज होने पर आपकी अच्छी कमाई होगी. असल में यूट्यूब की खुद की कमाई विज्ञापनों से होती है. इसलिए वह केवल विज्ञापनों के आधार पर क्रिएटर्स को पैसा देती है.

व्यूज के हिसाब से कितना पैसा मिलता है?

इस सवाल का कोई सीधा जवाब नहीं है. व्यूज के हिसाब से कमाई सब्सक्राइबर्स, वीडियो की रीच और एंगेजमेंट आदि कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है. फिर भी अगर मोटे तौर पर अनुमान लगाया जाए तो एक क्रिएटर 1000 एड व्यूज पर 5-15 डॉलर (लगभग 444 रुपये से लेकर 1330 रुपये) तक कमा सकता है. 

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ये कैसा रावण है… छोटा हाथी पर निकली जलते हुए रावण की सवारी, वीडियो देखकर दहशत में यूजर्स

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आजकल सोशल मीडिया एक ऐसा मंच बन चुका है, जहां हर दिन कुछ न कुछ नया और चौंकाने वाला देखने को मिल जाता है. कभी कोई डांस वीडियो लोगों को हंसा देता है, तो कभी कोई अजीब घटना सबको सोचने पर मजबूर कर देती है. ऐसे में दशहरे के मौके पर एक वीडियो ने इंटरनेट पर हड़कंप मचा दिया है, जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और डरे हुए भी हैं. यह वीडियो एक इलाके की है, जहां दशहरे के दिन रावण दहन से पहले ही कुछ ऐसा हो गया कि लोग अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में एक जलता हुआ रावण, छोटी हाथी यानी छोटे ट्रक पर सवार होकर सड़क पर दौड़ रहा है और लोग उसे देखकर दंग रह गए. 

क्या है वायरल वीडियो 
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैसे ही रावण छोटी हाथी पर सवार होकर रास्ते से गुजर रहा था, किसी तरह उसमें आग लग गई. तेज हवा के कारण आग कुछ ही पलों में पूरे पुतले में फैल गई. इसके बाद जो हुआ, वो और भी खतरनाक था. रावण के अंदर भरे हुए पटाखे फूटने लगे. चलती हुई गाड़ी पर जब धमाके शुरू हुए तो लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे. बाजार में अफरा-तफरी मच गई. किसी को समझ ही नहीं आया कि क्या हो रहा है. गाड़ी का ड्राइवर भी एक पल के लिए घबरा गया, लेकिन फिर उसने सूझ-बूझ दिखाते हुए गाड़ी को भीड़ से दूर ले जाने की कोशिश की. 

लोगों ने सोशल मीडिया पर क्या कहा 
घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. यूजर @ChapraZila ने इसे X पर शेयर किया और देखते ही देखते इस पर हजारों व्यूज और कमेंट्स आ गए. लोग तरह-तरह के मजेदार कमेंट्स कर रहे हैं. कोई कह रहा है कि ये रावण तो बिना स्टेज के ही फुल एक्शन में आ गया, तो वहीं एक यूजर ने लिखा कि छोटी हाथी पर जलता हुआ रावण, अब तो दशहरा भी थ्रिलर बन गया, वहीं एक यूजर ने लिखा कि ये रावण तो अपने साथ 3-4 लोगों को लेकर ही मानेगा, वहीं कुछ यूजर कह रहे हैं कि ये तो हॉलीवुड मूवी का ट्रेलर लग रहा है. 

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सोने से आगे बढ़ता जा रहा चांदी, एक महीने में 19 परसेंट से ज्यादा उछला भाव; अभी कितनी है कीमत?

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Silver Price: सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव पर हमारी नजर बनी रहती है, लेकिन क्या आपको पता है कि सितंबर के महीने में चांदी की कीमत में 19.4 परसेंट की तेजी आई है. जबकि इसके मुकाबले सोने की कीमत महज 13 परसेंट ही बढ़ी है. सोलर और टेक्नोलॉजी सेक्टर्स से बढ़ती डिमांड और ग्लोबल सप्लाई में कमी के चलते चांदी की कीमत बढ़ी है. चांदी की कीमत 1 सितंबर के 1,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम से 24,500 रुपये बढ़कर 30 सितंबर को 1,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई. हाल के सालों में किसी एक महीने में चांदी की कीमत में आए तेज उछाल में से यह एक है. 

रिकॉर्ड हाई लेवल पर चांदी 

शुक्रवार को दिल्ली में चांदी की कीमत 1,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रेट पर बरकरार रही और मंगलवार को इसने 1,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम के अपने रिकॉर्ड हाई लेवल को छू लिया. इसके विपरीत, सितंबर में सोने की कीमतों में 14,330 रुपये प्रति 10 ग्राम या 13.56 परसेंट का इजाफा हुआ है.

1 सितंबर को चांदी 1,05,670 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव से बढ़कर 30 सितंबर को 1,20,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, जिंस बाजार के एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी निवेश का अच्छा विकल्प है. साथ ही इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड भी है. इसकी टोटल डिमांड में इं​डस्ट्रियल कंजप्शन की हिस्सेदारी 60-70 परसेंट तक है.

क्यों बढ़ रही है चांदी की कीमत? 

कमोडिटी मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि चांदी निवेश का भी एक बेहतर विकल्प है और इसकी इंडस्ट्रियल डिमांड है, जिसके चलते सोने के मुकाबले इसमें तेजी आई है. वेंचुरा में कमोडिटी डेस्क हेड और CRM एनएस रामास्वामी ने कहा, “बाजार में लगातार सात साल से चांदी की सप्लाईमें कमी आ रही है. अकेले सौर पैनल में इस्तेमाल के लिए 2023 में 232 मिलियन औंस चांदी की जरूरत होगी. इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स में इनकी डिमांड खासतौर पर है.

उन्होंने कहा कि डिमांड और सप्लाई के बीच बैलेंस न बन पाने की वजह से चांदी पर दबाव बना हुआ है. मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि सोलर कैपेसिटी,  इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और 5G रोलआउट के बढ़ते दायरे के बीच अगले कुछ सालों में खपत बढ़ेगी. ग्लोबल लेवल पर स्पॉट सिल्वर लगभग 2 परसेंटबढ़कर 47.75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है. 

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स्वदेशी की प्रेरणा से आत्मनिर्भर भारत तक, NCERT ने स्टूडेंट्स के लिए खास शैक्षिक मॉड्यूल लॉन्च

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हाल ही में राष्ट्रीय शिक्षा अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् (NCERT) ने दो विशेष शैक्षिक मॉड्यूल प्रकाशित किए हैं, जिनका उद्देश्य ‘स्वदेशी’ की यात्रा को आज की आत्मनिर्भर भारत की दिशा से जोड़ना है. ये मॉड्यूल क्रमशः ‘स्वदेशी: वोकल फॉर लोकल’ (मध्यम कक्षा के लिए) और ‘स्वदेशी: आत्मनिर्भर भारत के लिए’ (माध्यमिक स्कूल के लिए) नाम से जारी किए गए हैं.

इसमें भारत के 1905 के बंगाल विभाजन विरोध आंदोलन से लेकर आज के समय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत विचार तक की कहानी को पढ़ने वालों के सामने रखा गया है. मॉड्यूल में स्वतंत्रता संघर्ष की वह परिणीति दिखाई गई है, जिसमें स्वदेशी आंदोलन विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार ही नहीं, बल्कि भारतीय विकल्प तैयार करने की लहर भी था. उदाहरण के लिए, बंगाल के रसायन उद्योग और तारापुर के इस्पात उद्यम को इस संदर्भ में दिखाया किया गया है.

मॉड्यूल में प्रधानमंत्री मोदी के इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस भाषण का अंश भी शामिल है, जिसमें उन्होंने आत्मनिर्भर भारत को “विकसित भारत की आधारशिला” बताया. इसके साथ ही उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे “एक होमवर्क” लें वह होमवर्क है छात्रों के साथ मिलकर स्वदेशी उत्पादों और वोकल फॉर लोकल की पहल का प्रचार.इतिहास के पन्नों में यह भी याद दिलाया गया है कि महात्मा गांधी ने शिक्षा क्षेत्र में स्वदेशी को महत्व दिया और रबीन्द्रनाथ टैगोर ने इसे स्वतंत्रता का सच्चा मानदंड कहा.

नई मॉड्यूल इस बात पर भी जोर देती हैं कि आज की तारीख में स्वदेशी केवल एक इतिहास नहीं है, बल्कि एक सामरिक सोच है. भारत ने हाल ही में अंतरिक्ष, रक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता पाई है, जो आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़े कदम माने जा सकते हैं. इन मॉड्यूल्स में स्वदेशी को आधुनिक योजनाओं जैसे मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत से जोड़ा गया है. स्वदेशी का मतलब केवल “देशी वस्तुएँ खरीदना” नहीं, उस विश्वास को मजबूत करना भी है, जो भारतीय ब्रांडों पर हो. उदाहरण के लिए अमूल (डेयरी), ISRO(अंतरिक्ष) और आयुर्वेद (स्वास्थ्य) को ऐसे ब्रांडों के रूप में बताया गया है, जिनका भरोसा दोनों घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता है.

स्वदेशी को डिजिटल रूप

आधुनिक युग में स्वदेशी को डिजिटल रूप भी दिया गया है. मॉड्यूल्स में “स्वदेशी Ai ” की अवधारणा पेश की गई है, जिसमें यह कहा गया है कि हमें विदेशी तकनीकों जैसे ChatGPT या Google Gemini पर निर्भरता कम कर, अपनी एआई क्षमताएं विकसित करना चाहिए. इस तरह भारत अपनी डेटा संप्रभुता बनाए रख सकेगा और स्थानीय जरूरतों – भाषा, कृषि, प्रशासन के अनुरूप समाधान दे सकेगा.

क्या है उद्देश्य?

इस पहल से यह स्पष्ट हो जाता है कि एनसीईआरटी का उद्देश्य सिर्फ इतिहास पढ़ाना नहीं है बल्कि आज के समय में विद्यार्थियों को आत्मनिर्भरता की समझ देना है. यह एक ऐसा शैक्षिक प्रयोग है, जो भारत के अतीत को उसके वर्तमान और भविष्य से जोड़ता है.इस तरह, शिक्षा की इस नई दिशा में ‘स्वदेशी’ केवल एक विचार नहीं बल्कि छात्रों को आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार करने की रणनीति बन गया है. 

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मुनीर की एक और चाल, गाजा प्लान पर पलटने के बाद PAK ने US को दिया बड़ा ऑफर; क्या मानेंगे ट्रंप?

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पीस प्लान की दुनिया के सभी बड़े देशों ने सराहना की है, यहां तक कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने भी पहले इस पर सहमति दे दी, लेकिन जब देश में इसका विरोध हुआ तो इस प्लान को डिप्टी पीएम इशाक डार ने इसे ट्रंप का प्लान करार दिया. इस बीच आसिम मुनीर ने एक और चाल चली है. पाक आर्मी चीफ के सलाहकारों ने अमेरिका जाकर अधिकारियों के सामने एक बड़ा ऑफर पेश किया है. 

आसिम मुनीर के सलाहकारों ने यूएस अधिकारियों के सामने अरब सागर में एक बंदरगाह बनाने और उसे संचालित करने का प्रस्ताव रखा है. फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इस योजना में अमेरिकी निवेशकों द्वारा पासनी शहर में महत्वपूर्ण खनिजों तक पहुंचने के लिए एक टर्मिनल बनाने और संचालन करना शामिल है. बता दें कि पासनी, बलूचिस्तान के ग्वादर जिले में एक बंदरगाह शहर है, जिसकी सीमा अफगानिस्तान और ईरान से लगती है. 

ट्रंप से मिले थे मुनीर-शहबाज

पाकिस्तान की ओर से यह कदम आसिम मुनीर और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की सितंबर में व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ हुई बैठक के बाद उठाया गया है. इस बैठक में शहबाज शरीफ ने कृषि, प्रौद्योगिकी, खनन और ऊर्जा क्षेत्रों में अमेरिकी कंपनियों से निवेश की अपील की थी.

अमेरिकी अधिकारियों के सामने रखा गया प्रस्ताव 

एफटी के अनुसार, यह प्रस्ताव कुछ अमेरिकी अधिकारियों के सामने रखा गया था और पिछले महीने के अंत में व्हाइट हाउस में ट्रंप के साथ बैठक से पहले मुनीर के साथ साझा किया गया था. इस ब्लूप्रिंट में बंदरगाह का इस्तेमाल अमेरिकी सैन्य ठिकानों के लिए नहीं बल्कि इसका बंदरगाह को खनिज-समृद्ध पश्चिमी प्रांतों से जोड़ने वाले रेल नेटवर्क के लिए विकास निधि आकर्षित करना है. अमेरिकी विदेश विभाग, व्हाइट हाउस और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है.

क्या था ट्रंप का गाजा प्लान?

प्रस्ताव के मुताबिक गाजा में सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकनी होगी. ये भी कहा गया है कि जब तक जीवित और मृत बंधकों के शवों की वापसी की शर्तें पूरी नहीं हो जातीं मौजूदा स्थिति बहाल रहेगी. योजना के मुताबिक, हमास अपने हथियार त्याग देगा, इसके साथ ही उसकी सुरंगें और हथियार बनाने के ठिकाने नष्ट कर दिए जाएंगे. हर इजराइली बंधक के शव की रिहाई पर इजराइल 15 गाजावासियों के शव लौटाएगा. जैसे ही दोनों पक्ष पर सहमत होंगे, गाजा में तुरंत पूरी सहायता भेजी जाएगी. 

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AI स्किल नहीं तो नौकरी नहीं, LinkedIn CEO बोले- कॉलेज डिग्री काफी नहीं, अब इन चीजों की जरूरत

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अब किसी अच्छे कॉलेज से डिग्री ले लेना नौकरी पाने के लिए पर्याप्त नहीं है. LinkedIn के सीईओ Ryan Roslansky का मानना है कि सिर्फ अच्छे कॉलेज से डिग्री के कारण नौकरी मिलने वाले दिन चले गए. उन्होंने कहा कि अब ग्लोबल जॉब मार्केट में डिग्री और डिप्लोमा काफी नहीं रह गए हैं. अब प्रैक्टिकल स्किल्स खासकर, AI से जुड़ी स्किल होना जरूरी हो गया है. इस तेजी से बदलते समय में उन्होंने छात्रों को सिर्फ डिग्री की बजाय प्रैक्टिकल नॉलेज हासिल करने की सलाह दी है. 

AI के कारण बदल गई जरूरतें

जॉब मार्केट में AI के रोल पर बात करते हुए Ryan ने कहा कि लोगों को AI अपनाने के साथ-साथ दूसरी स्किल्स भी सीखनी चाहिए. अब भविष्य उन लोगों का नहीं है, जिनके पास बड़े कॉलेज से डिग्री है या जो बेस्ट कॉलेज में पढ़े हैं. अब समय के साथ बदलाव के लिए सहज, आगे की सोचने वाले, सीखने को तैयार और AI टूल्स अपनाने वाले लोगों का समय है. उन्होंने कहा कि AI के कारण अब कंपनियों की जरूरतें बदल गई हैं. यह कुछ कंपनियों की बात नहीं है. हर इंडस्ट्री में अब ऐसे लोगों को नौकरी मिल रही है, जो नई स्किल सीख सकते हैं और तेजी से बदल रही टेक्नोलॉजी को अपनाने में सहज हैं.

AI स्किल्स की बढ़ी मांग

AI की जरूरत पर जोर डालने वाले लिंक्डइन सीईओ अकेले व्यक्ति नहीं है. हाल ही में माइक्रोसॉफ्ट ने एक सर्वे किया था. इसमें पता चला कि 71 प्रतिशत कंपनियां उन लोगों को नौकरी देने के लिए तैयार हैं, जिनके पास अनुभव कम हैं, लेकिन AI स्किल्स हैं. इन कंपनियों को अब अनुभव की ज्यादा चिंता नहीं है. 66 प्रतिशत कंपनियों ने कहा कि वो ऐसे किसी भी व्यक्ति को नौकरी पर नहीं रखेंगी, जिन्हें AI की बिल्कुल भी जानकारी नहीं है.

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