Snapchat पर अब फ्री नहीं रहेगा यह फीचर, पुरानी फोटो देखने के लिए देना पड़ेगा पैसा

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Snapchat यूजर्स के लिए उनका एक फेवरेट फीचर अब फ्री नहीं रहेगा. दरअसल, कंपनी ने ऐलान किया है कि वह पुरानी फोटोज और वीडियो स्टोर करने वाले Memories फीचर के लिए पैसे लेगी. 2016 में लॉन्चिंग के बाद से यह फीचर फ्री में उपलब्ध है और इसमें यूजर को अपनी फोटो और वीडियो स्टोर करने का ऑप्शन मिलता है. कंपनी के इस ऐलान से यूजर्स खुश नहीं हैं और वो इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. 

कब देना पड़ेगा पैसा?

नई पॉलिसी की तहत कंपनी 5GB से ज्यादा स्टोरेज होने पर यूजर्स से पैसे चार्ज करेगी. कंपनी की तरफ से ब्लॉग में कहा गया है कि इस पॉलिसी को धीरे-धीरे सभी यूजर्स के लिए लागू कर दिया जाएगा. कंपनी के एक प्रवक्ता ने बताया कि 100GB वाले प्लान के लिए 1.99 अमेरिकी डॉलर (लगभग 177 रुपये) प्रति महीने देने पड़ेंगे, वहीं 250GB वाला प्लान 3.99 डॉलर (लगभग 355 रुपये) की कीमत वाले Snapchat+ सब्सक्रिप्शन का हिस्सा होगा. अभी स्नैपचैट के पास 90 करोड़ से अधिक मंथली एक्टिव यूजर्स हैं और कंपनी का कहना है कि इनमें से ज्यादातर ऐसे हैं, जिनकी मेमोरीज की स्टोरेज 5GB से कम है. इन पर नए फैसले का कोई असर नहीं पडे़गा.

पैसे नहीं देने पर क्या होगा?

जिन यूजर्स की मेमोरीज की स्टोरेज 5GB से ज्यादा है, उन्हें एक साल तक टेंपरेरी स्टोरेज मिलेगी और उनके पास अपने सेव्ड कंटेट को डाउनलोड करने का ऑप्शन होगा. एक साल के बाद उन्हें स्टोरेज प्लान खरीदना ही पड़ेगा. बता दें कि स्नैपचैट को लॉन्च हुए करीब एक दशक होने वाला है और अभी तक इस पर एक ट्रिलियन से अधिक मेमोरीज सेव की जा चुकी हैं. अपने फैसले का बचाव करते हुए स्नैपचैट ने कहा कि यूजर्स के लिए यह मुश्किल होने वाला है, लेकिन इस पैसे को इसी फीचर का दायरा बढ़ाने के लिए यूज किया जाएगा.

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ट्रंप ने हमास को दी डेडलाइन, बोले- ‘2 दिन में मंजूर करो गाजा प्लान वरना ऐसा कहर बरपेगा…’

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शांति प्रस्ताव मानने के लिए हमास को डेडलाइन दे दी है. ट्रंप ने कहा कि हमास के पास शांति प्रस्ताव मानने के लिए रविवार (5 अक्तूबर 2025) की शाम 6 बजे तक का समय है. उन्होंने कहा कि अगर हमास नहीं माना तो ऐसा कार्रवाई होगी, जिसे दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा. 

‘हमास को ढूंढकर मार दिया जाएगा’

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, “मिडिल ईस्ट में हमास कई सालों से खतरा रहा है. उसने 7 अक्तूबर को इजरायल में नरसंहार करते हुए बच्चों, महिलाओं सहित कई लोगों को मार डाला. इसका बदला लेते हुए 25000 हमास सैनिक पहले ही मारे जा चुके हैं. बाकी हमास के लोगों को सेना ने घेर कर रखा हुआ है. वे बसे मेरे ऑर्डर का इंतजार कर रहे हैं. हम जानते हैं आप (हमास) कौन हैं और कहां हैं आपको ढूंढकर मार दिया जाएगा.”

गाजा चले जाएं फिलिस्तीन के लोग: ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति ने फिलिस्तीन के लोगों से गाजा के सुरक्षित स्थान पर चले जाने का आग्रह किया. उन्होंने कहा, “मैं सभी निर्दोष फिलिस्तीनियों से अनुरोध करता हूं कि वे भविष्य में संभावित रूप से घातक इस क्षेत्र को छोड़कर गाजा के सुरक्षित क्षेत्रों में चले जाएं. वहां पर उनकी अच्छी तरह से देखभाल की जाएगी. हमास को एक आखिरी मौका दिया जाएगा. “

हमास लड़ाकों के पास आखिरी मौका

ट्रंप ने कहा, “मध्य पूर्व और उसके आसपास के देश अमेरिका साथ क्षेत्र में शांति कायम करने पर सहमत हुए हैं, जिस पर इजरायल ने भी हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते से सभी बचे हुए हमास लड़ाकों की जान भी बच जाएगी. इस प्रस्ताव के बारे में पूरी दुनिया को पता है और यह सभी के लिए अच्छा है. किसी न किसी तरह मध्य पूर्व में शांति स्थापित होगी. हिंसा और लोगों को खूब बहना रुक जाएगा.”

ट्रंप ने दी हमास को शांति समझौता मानने की डेडलाइन

अमेरिकी राष्ट्रपति ने चेतावनी देते हुए कहा, “सभी बंधकों जिनमें मृत लोगों के शव भी शामिल हैं सब को अभी रिहा किया जाए. रविवार (5 अक्तूबर 2025) की शाम 6 बजे तक हमास के साथ एक शांति समझौता हो जाना चाहिए. सभी देशों ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं. अगर यह समझौता नहीं हुआ तो हमास पर ऐसा कहर बरपाएंगे, जिसे दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा. मध्य पूर्व में किसी न किसी तरह शांति स्थापित होगी.”

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पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर ने भारत के खिलाफ उगला जहर, मोहसिन नकवी के समर्थन में बोला- टीम इंडिया

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एशिया कप ट्रॉफी विवाद अभी सुलझा नहीं है. एशियाई चैंपियन होने के बाद भी टीम इंडिया को ट्रॉफी नहीं मिल पाई है, क्योंकि फाइनल मैच के बाद ACC चेयरमैन मोहसिन नकवी ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए थे. अब पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने ट्रॉफी विवाद पर मोहसिन नकवी का समर्थन किया है. भारतीय टीम ने फाइनल जीतने के बाद नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था, टीम इंडिया के इस रुख को ‘तीसरे दर्जे की हरकत’ बताया है.

पाकिस्तानी चैनल ARY न्यूज से बातचीत में बासित अली ने भारतीय टीम पर तंज कसते हुए कहा, “वो दुनिया की नंबर-1 टीम है, लेकिन उसकी हरकतें तीसरे दर्जे की हैं. मोहसिन नकवी ही ट्रॉफी देंगे, अगर टीम इंडिया उसे स्वीकारने से इनकार करती है तो उसका दुनिया में सम्मान गिर जाएगा. ट्रॉफी उन्हें नहीं दी जानी चाहिए.”

भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से मना कर दिया था. उसके बाद नकवी ट्रॉफी अपने साथ होटल ले गए थे. रिपोर्ट्स अनुसार BCCI इसके प्रति कड़ी आपत्ति जता चुका है. फिलहाल ट्रॉफी यूएई के क्रिकेट बोर्ड के पास है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है कि ट्रॉफी टीम इंडिया को दी जाएगी या नहीं.

बासित अली ने आगे यह भी कहा कि अगर यह कोई ICC इवेंट होता और पाकिस्तान टीम जय शाह के हाथों से ट्रॉफी लेने से मना करती, वो तब भी ऐसा ही बयान देते. बता दें कि एशिया कप समाप्त होने के बाद टीम इंडिया फिलहाल वेस्टइंडीज टेस्ट सीरीज में व्यस्त है. भारत बनाम वेस्टइंडीज पहला टेस्ट अहमदाबाद स्थित नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जा रहा है.

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‘कालीन भैया ने कालीन पहन ली क्या?’, पंकज त्रिपाठी की अलबेली तस्वीरों पर यूजर्स ने किए ऐसे कमेंट

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पंकज त्रिपाठी अपने किरदारों के साथ–साथ सोशल मीडिया पर भी फैंस को एंटरटेन करते रहते हैं. आज उन्होंने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम हैंडल पर अपनी कुछ तस्वीरें शेयर कर फैंस को चौंकाया है. इस अलग अंदाज में एक्टर को देख यूजर्स हैरान तो हैं ही साथ ही कन्फ्यूज्ड भी हैं कि पंकज त्रिपाठी ने किस नई शुरुआत की ओर इशारा किया है. 

स्टाइलिश आउटफिट में नजर आ रहे हैं पंकज त्रिपाठी 
पंकज त्रिपाठी ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर अपनी कुछ तस्वीरें शेयर की हैं. इसमें वो स्टाइलिश के साथ–साथ अतरंगी भी नजर आ रहे हैं. पोस्ट शेयर करते हुए अभिनेता ने कैप्शन में लिखा, ‘एक नई शुरुआत. ये एक दिलचस्प चीज की शुरुआत है. वाइब कैसी लगी?’ हालांकि एक्टर के अभी तक इस चीज का खुलासा नहीं किया है कि उन्होंने किस नई शुरुआत की ओर इशारा किया. 

इन तस्वीरों में पंकज त्रिपाठी ने रेड कलर का हेवी डिजाइनर सलवार कैरी किया है. इसके साथ उन्होंने ब्लैक नेट शर्ट और ग्रीन लॉन्ग ब्लेजर भी पेयर किया है. टोपी लगाते हुए उन्होंने अपने इस लुक को कंप्लीट किया. फैंस तो इन फोटोज को AI जनरेटेड कह रह हैं लेकिन अभी तक इस बात की कोई कंफर्मेशन नहीं मिली है. हमेशा ही कैजुअल, फॉर्मल और ट्रेडीशनल वेयर में नजर आने वाले पंकज त्रिपाठी ने अब इस अलग आउटफिट से सबका ध्यान अपनी ओर किया है.


एक से बढ़कर एक हैं फैंस के कमेंट्स
यूजर्स का ये दावा है कि पंकज त्रिपाठी ने इन तस्वीरों में AI का इस्तेमाल किया है. लेकिन कई लोगों ने उन्हें रणवीर सिंह के साथ भी कंपेयर किया है क्योंकि उन्हें भी कई बार ऐसे अतरंगी लिबासों में देखा गया है. एक यूजर ने लिखा कि, कालीन भैया कालीन ही पहन लिया क्या?

तो वहीं दूसरे ने लिखा, रणवीर सिंह पार्टी 2 कमिंग सून. तो वहीं कई लोगों ने इस पिक्चर को AI जनरेटेड समझकर उनसे ऐसी फोटो बनाने का तरीका भी पूछ लिया है. पंकज त्रिपाठी का ये पोस्ट सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड कर रहा है और लोगों के मिक्सड रिस्पॉन्स भी देखने को मिल रहे हैं.

कालीन भैया ने कालीन पहन ली क्या?', पंकज त्रिपाठी की अलबेली तस्वीरों पर यूजर्स ने किए ऐसे कमेंट

पंकज त्रिपाठी का वर्कफ्रंट 
पंकज त्रिपाठी ने अपने गंभीर किरदारों और एक्टिंग स्किल्स से हमेशा ही लोगों को बहुत इंप्रेस किया है. चाहे उनका रोल गंभीर हो या उन्हें अपने किरदारों से दर्शकों को हंसना ही, उन्हें हर बार ही शिद्दत से अपने रोल्स को परफॉर्म किया है.

आखिरी बार उन्हें ‘मेट्रो… इन दिनों’ में देखा गया था. फिल्मीबीट के रिपोर्ट के अनुसार अब अगले साल उनकी सीरीज ‘मिर्जापुर: द फिल्म’ रिलीज होगी.



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​AIIMS में होगी फैकल्टी के पदों पर भर्ती, इस डेट तक ही कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन; लाखों में है सै

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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), गोरखपुर ने फैकल्टी ग्रुप-ए के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है. यह अवसर उन सभी योग्य उम्मीदवारों के लिए है जो भारत के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थानों में अपने करियर को ऊँचाई तक ले जाना चाहते हैं. इस भर्ती के माध्यम से कुल 88 पद भरे जाएंगे और आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से शुरू हो चुकी है. इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 26 अक्टूबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं.

AIIMS गोरखपुर में फैकल्टी पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से एमएच (ट्रॉमा सर्जरी), एमडी (इमरजेंसी मेडिसिन), एमडी (ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन) या एमडी (ब्लड बैंक) की डिग्री होनी चाहिए. इसके अलावा, उम्मीदवारों को संबंधित क्षेत्र में निर्धारित अनुभव और अन्य योग्यताएं पूरी करनी अनिवार्य हैं. यह सुनिश्चित करता है कि संस्थान में उच्चतम स्तर की शिक्षा और चिकित्सा सेवा प्रदान की जा सके.

कितने मिलेगी सैलरी
प्रोफेसर के पद पर चयनित उम्मीदवार को प्रतिमाह 1,68,900 रुपये से लेकर 2,20,400 रुपये मिलेंगे. वहीं, एडिशनल प्रोफेसर को 1,48,200 से 2,11,400 रुपये प्रतिमाह, एसोसिएट प्रोफेसर को 1,38,300 से 2,09,200 रुपये प्रतिमाह और असिस्टेंट प्रोफेसर को 1,01,500 से 1,67,400 रुपये प्रतिमाह वेतन प्रदान किया जाएगा. इसके साथ ही सरकारी नियमों के अनुसार हाउस रेंट अलाउंस, ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्ते भी मिलेंगे, जिससे उम्मीदवार की कुल आमदनी और जीवनशैली में सुधार होगा.

आयु सीमा और छूट
इन पदों के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 से 56 वर्ष रखी गई है. हालांकि, विशेष वर्ग के उम्मीदवारों को छूट दी जाएगी. एससी और एसटी उम्मीदवारों को 5 साल, ओबीसी उम्मीदवारों को 3 साल और दिव्यांग उम्मीदवारों को 5 साल की आयु में छूट दी जाएगी. यह नियम सुनिश्चित करता है कि सभी वर्गों के योग्य उम्मीदवारों को अवसर मिले और भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष रहे.

एप्लीकेशन फीस
आवेदन प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों को फीस का भुगतान भी करना होगा. सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 2,000 रुपये रखा गया है, जबकि एससी एवं एसटी उम्मीदवारों के लिए केवल 500 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है.

आवेदन प्रक्रिया
फैकल्टी पदों के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा. उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होगा, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे और निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा. आवेदन पूरा होने के बाद उम्मीदवार अपना प्रिंट आउट रख लें.

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मीन साप्ताहिक टैरो राशिफल (5–11 अक्टूबर 2025): इस सप्ताह में विरोध और आलोचना संभव, रिश्तों में

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Meen Saptahik Tarot Rashifal 05 to 11 October: टैरो कार्ड्स संकेत दे रहे हैं कि मीन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह उदासी और मानसिक चुनौतियों से भरा रह सकता है. आलोचना और शुभचिंतकों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है, जिससे मन परेशान हो सकता है. सकारात्मक सोच बनाए रखना इस समय अत्यंत आवश्यक है.

करियर/बिज़नेस:
कार्यस्थल पर आलोचनाएँ और विरोध देखने को मिल सकता है. हालांकि, मेहनत और धैर्य से आप स्थिति को संभाल सकते हैं. बड़े निर्णय लेने से पहले सोच-समझकर योजना बनाएँ. व्यवसायियों को किसी क्लाइंट या साझेदारी से जुड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है.

धन/इन्वेस्टमेंट:
आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी. किसी बड़े निवेश या नए वित्तीय सौदे में जल्दबाज़ी न करें. खर्चों में संयम रखें और पुराने बकाया वसूलने के प्रयास करने में सफलता मिलेगी.

रिश्ते:
रिश्तों में असंतुलन और मतभेद हो सकते हैं. साथी या परिवार के साथ सकारात्मक और शांतिपूर्ण बातचीत बनाए रखें. अपने दृष्टिकोण में लचीलापन लाएँ और विवाद से बचें.

हेल्थ/वेलनेस:
स्वास्थ्य के मामले में यह सप्ताह अच्छा रहेगा. पहले सेहत में सुधार हो चुका होगा. नियमित दिनचर्या, संतुलित भोजन और हल्का व्यायाम आपके लिए लाभकारी रहेगा. मानसिक थकान दूर करने के लिए ध्यान और प्राणायाम करें.

साप्ताहिक उपाय:
रविवार को घर में हल्का नीला दीपक जलाएँ और सकारात्मक ऊर्जा के लिए अपने कमरे में साफ-सफाई रखें.

Do/Don’t:

  • Do: मानसिक स्थिरता बनाए रखें और सकारात्मक सोच अपनाएँ.
  • Don’t: आलोचनाओं पर जल्दी प्रतिक्रिया न दें, संयम रखें.

लकी कलर / नंबर / डे: नीला | 5 | रविवार

FAQs:

Q1: आलोचनाओं का सामना कैसे करें?
उत्तर: धैर्य और संयम बनाए रखें, केवल उपयोगी सुझाव अपनाएँ.

Q2: स्वास्थ्य में सुधार कैसे बनाए रखें?
उत्तर: नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और ध्यान का अभ्यास करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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US स्टाफ को निकाले जाने पर भड़के अमेरिकी सांसद, TCS समेत इन 9 कंपनियों पर जानें क्या लिया एक्शन

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H1B Visa Fees Row:  अमेरिकी सांसदों ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), कॉग्निजेंट और 8 अन्य प्रमुख कंपनियों से हाल ही में बड़े पैमाने पर यूएस कर्मचारियों छंटनी करने के बाद हजारों एच-1बी वीजा आवेदन दायर करने को लेकर पूछताछ की है. अमेरिकी संसद की सीनेट न्यायपालिका समिति के चेयरमैन चार्ल्स ग्रासली और रैंकिंग सदस्य रिचर्ड डर्बिन ने अमेजन, एप्पल, डेलॉयट, गूगल, जेपी मॉर्गन चेज, मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और वॉलमार्ट जैसी कंपनियों से भी उनके भर्ती तरीकों, वेतन संरचना और अमेरिकी कर्मचारियों व एच-1बी वीजाधारकों के बीच लाभों में अंतर की जानकारी मांगी है.

अमेरिका स्टाफ को निकालने पर भड़के सांसद

सांसदों ने कहा कि उनकी यह पहल ऐसे समय में हुई है जब अमेरिकी टेक्नोलॉजी क्षेत्र में बेरोजगारी दर समग्र बेरोजगारी दर से कहीं ज्यादा है. फेडरल रिजर्व के आंकड़ों के अनुसार, एसटीईएम डिग्री वाले हालिया अमेरिकी स्नातकों को आम जनता की तुलना में अधिक बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है. गौरतलब है कि ग्रासली और डर्बिन लंबे समय से एच-1बी वीजा कार्यक्रम के आलोचक रहे हैं. उनका कहना है कि कई कंपनियां इन वीजाओं का इस्तेमाल अमेरिकी कामगारों की जगह विदेश से सस्ते श्रमिकों को लाने के लिए करती हैं.

इन सांसदों ने यह भी बताया कि वे एच-1बी और एल-1 वीजा कार्यक्रमों में सुधार के लिए द्विदलीय कानून फिर से पेश कर रहे हैं. उनका तर्क है कि एच-1बी और एल-1 वीजा सुधार अधिनियम अमेरिकी आव्रजन प्रणाली में धोखाधड़ी और दुरुपयोग को रोकने, अमेरिकी कामगारों और वीजाधारकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और विदेशी श्रमिकों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने में मदद करेगा.

भारतीय आईटी कंपनियों पर सीधा असर

टीसीएस, इंफोसिस, विप्रो, एचसीएल और कॉग्निजेंट जैसी भारतीय आईटी कंपनियां अमेरिका में बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट्स पर काम करती हैं. इन कंपनियों के लिए एच-1बी वीजा बेहद अहम है, क्योंकि इनके ज़रिए भारतीय आईटी प्रोफेशनल्स अमेरिका जाकर क्लाइंट लोकेशंस पर काम करते हैं. अगर अमेरिका वीजा नियमों को और सख्त करता है या वेतन की न्यूनतम सीमा बढ़ा देता है, तो भारतीय कंपनियों के लिए वहां लोगों को भेजना महंगा और मुश्किल हो जाएगा.

अगर अमेरिकी सांसदों की मांग के अनुसार कंपनियों को एच-1बी वीजा धारकों को अमेरिकी कामगारों के बराबर या उससे अधिक वेतन देना होगा, तो भारतीय कंपनियों की लागत (cost) बढ़ जाएगी. इससे उनकी मार्जिन पर असर पड़ सकता है और कुछ प्रोजेक्ट्स की प्रॉफिटेबिलिटी घट सकती है. 

सख्त नियमों के चलते भारतीय आईटी कंपनियां ऑफशोर डिलीवरी मॉडल (यानी भारत से ही प्रोजेक्ट्स डिलीवर करना) को और ज्यादा अपनाने पर जोर देंगी. इससे भारत में रोजगार के नए अवसर बढ़ सकते हैं, लेकिन अमेरिकी क्लाइंट्स को ऑनसाइट सपोर्ट कम मिल सकता है.

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Jio और Airtel की बढ़ गई टेंशन! BSNL ने पूरे देश में शुरू की ये नई सेवा, जानिए कैसे लोगों को मिल

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BSNL eSIM: भारत सरकार की दूरसंचार कंपनी BSNL ने देशभर में eSIM सेवाओं की शुरुआत कर दी है. इसके लिए BSNL ने टाटा कम्युनिकेशंस के Move प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी की है. इस कदम का उद्देश्य भारत की डिजिटल संरचना को और मजबूत करना और ग्राहकों को अधिक सुरक्षित व आसान मोबाइल कनेक्टिविटी का अनुभव देना है.

अब नहीं पड़ेगी फिजिकल सिम की ज़रूरत

eSIM तकनीक की मदद से BSNL यूज़र्स अब 2G, 3G और 4G नेटवर्क को बिना फिजिकल सिम लगाए केवल एक QR कोड स्कैन करके एक्टिवेट कर सकेंगे. डुअल सिम स्मार्टफोन रखने वाले यूज़र्स एक ही डिवाइस में फिजिकल सिम और eSIM दोनों का इस्तेमाल कर पाएंगे. इसके साथ ही जो लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करते हैं उनके लिए यह फीचर खास लाभकारी होगा, क्योंकि वे विदेश में लोकल ऑपरेटर का नेटवर्क इस्तेमाल करते हुए भी अपना BSNL नंबर सक्रिय रख पाएंगे.

टाटा कम्युनिकेशंस का Move प्लेटफॉर्म

इस सेवा को सफल बनाने के लिए BSNL ने टाटा कम्युनिकेशंस के GSMA अनुमोदित सब्सक्रिप्शन मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म Move का उपयोग किया है. यह प्लेटफॉर्म BSNL को लाखों ग्राहकों के लिए बड़े पैमाने पर eSIM सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध कराने में मदद करेगा.

डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

BSNL के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ए. रॉबर्ट रवि ने कहा कि यह लॉन्च भारत की टेलीकॉम क्षमताओं को नई दिशा देगा. टाटा कम्युनिकेशंस की विशेषज्ञता के साथ BSNL अब अपने ग्राहकों को अधिक लचीलापन, सुरक्षा और कुशल मोबाइल सेवाएं प्रदान कर सकेगा. यह पहल भारत के डिजिटल आत्मनिर्भरता मिशन को भी मजबूती देती है.

BSNL के हालिया विस्तार कदम

2024–25 में BSNL लगातार अपनी सेवाओं को विस्तार देने में सक्रिय रहा है. अगस्त 2025 में कंपनी ने दिल्ली में 4G सेवाओं की शुरुआत की. इसी दौरान, डाक विभाग (India Post) के साथ एक साल का करार किया गया जिसके तहत देशभर के 1.65 लाख पोस्ट ऑफिस अब BSNL की सिम और रिचार्ज सेवाएं बेच पाएंगे.

इसके अलावा BSNL ने पहले तमिलनाडु में eSIM सेवा शुरू की थी जिसे अब राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध कराया गया है. इसी साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओडिशा के झारसुगुड़ा से BSNL का पूरी तरह से स्वदेशी 4G नेटवर्क लॉन्च किया जिसमें लगभग 97,500 नए मोबाइल टावर घरेलू तकनीक से स्थापित किए गए.

ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा फायदा

eSIM तकनीक से BSNL यूज़र्स को अब ज्यादा लचीलापन, सुरक्षा और इंटरनेशनल रोमिंग की सुविधा मिलेगी. यह लॉन्च BSNL के लिए एक बड़ा मील का पत्थर है जो उसे निजी टेलीकॉम कंपनियों के मुकाबले अधिक प्रतिस्पर्धी बनाएगा और डिजिटल युग में उसकी पकड़ को मजबूत करेगा.

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Diwali 2025: दिवाली कब है 20 या 21 अक्टूबर, यहां देखिए 5 दिवसीय दीपोत्सव का पूरा कैलेंडर

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Diwali 2025 Date in India: दीपावली दीपों का त्योहार है. लेकिन यह उत्सव एक नहीं बल्कि पूरे 5 दिनों का होता है, जिसकी शुरुआत कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी से लेकर कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि तक चलती है. इन पांच दिनों के पर्व की शुरुआत धनतेरस के साथ होती है और भाई दूज तक चलती है.

दिवाली 2025 कब है (Diwali 2025 Kab Hai)

पांच दिवसीय दीपोत्सव में दीपावली या लक्ष्मी पूजा को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है. इस साल दीपावली 20 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी. हालांकि हर साल की तरह इस साल भी दीपावली की तिथि (Diwali 2025 Date) को लेकर लोगों के बीच कंफ्यूजन (Diwali Date 2025 Confusion) है कि, दीपावली 20 अक्टूबर को होगी या 21 अक्टूबर को.  

पंचांग के अनुसार, दिवाली का पर्व कार्तिक अमावस्या के दिन मनाया जाता है. कार्तिक अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर दोपहर 03:44 से शुरू होगी और 21 अक्टूबर शाम 05:54 मिनट तक रहेगी. दिवाली के दिन सूर्यास्त के बाद ही लक्ष्मी पूजन किया जाता है. ऐसे में इस साल दिवाली सोमवार, 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी.

दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त (Diwali 2025 Laxmi Puja Muhurat)

लक्ष्मी पूजा के लिए 20 अक्टूबर को शाम 07:08 से रात 08:18 तक का समय शुभ रहेगा. वहीं इस दिन प्रदोष काल शाम 05:46 से रात 08:18 तक रहेगा. इस मुहूर्त में आप लक्ष्मी पूजन कर सकते हैं. कई लोग इस दिन लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति की स्थापना करते हैं.

पांच दिवसीय दीपोत्सव का कैलेंडर (5 Days of the Festival of Lights)


Diwali 2025: दिवाली कब है 20 या 21 अक्टूबर, यहां देखिए 5 दिवसीय दीपोत्सव का पूरा कैलेंडर

पहला दिन (धनतेरस)- शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को धनतेरस रहेगा. धनतेरस के साथ ही पांच दिनों के पर्व की शुरुआत होती है. इस दिन मुख्य रूप से खरीदारी करने और लक्ष्मी-कुबेर की पूजा का महत्व है. धनतेरस पर खरीदारी के लिए 18 अक्टूबर दोपहर 12:18 बजे से 19 अक्टूबर दोपहर 1:51 तक मुहूर्त रहेगा.

दूसरा दिन (नरक चतुर्दशी)- सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को नरक चतुर्दशी रहेगी. इसे छोटी दिवाली या रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है. नरक चतुर्दशी पर तिल और तेल का उबटन लगाकर स्नान करने की परंपरा है.

तीसरा दिन दिवाली (लक्ष्मी पूजा)- सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को दिवाली का त्योहार मनाया जाएगा. दिवाली की शाम जो दीप जलाकर घर-आंगन को रौशन करते हैं और सुख-समृद्धि के लिए गणेश-लक्ष्मी की पूजा करते हैं.

चौथा दिन (गोवर्धन पूजा)- कार्तिक शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को गोवर्धन पूजा का पर्व मनाया जाएगा. इसे अन्नकूट के नाम से भी जाना जाता है.

पांचवा दिन (भाई दूज)- कार्तिक शुक्ल की द्वितीया तिथि गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 को भाई दूज होगी. भाई दूज भाई-बहन के अटूट प्रेम और पवित्र रिश्ते का पर्व है. भाई की रक्षा के लिए इस दिन बहन अपने भाई को टीका करती है.

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‘अगर और देश जुड़े तो बन जाएगा इस्लामी NATO’, सऊदी-पाक डिफेंस डील पर बोले इशाक डार

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पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने शुक्रवार (03 अक्टूबर, 2025) को दावा किया कि कई देशों ने इस्लामाबाद के साथ रक्षा समझौता करने में रुचि दिखाई है और सुझाव दिया कि यदि अधिक देश सऊदी-पाकिस्तान परस्पर रक्षा समझौते में शामिल होते हैं तो यह नाटो जैसा गठबंधन बन जाएगा.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हाल ही में घोषित गाजा शांति योजना के मुद्दे पर संसद को संबोधित करते हुए डार ने 18 सितंबर को सऊदी अरब के साथ आधिकारिक रूप से हस्ताक्षरित ‘रणनीतिक पारस्परिक रक्षा समझौते’ के बारे में भी बात की. उन्होंने कहा कि कई देशों, अरब और गैर-अरब इस्लामी राष्ट्रों ने पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हुए रक्षा समझौते में शामिल होने में रुचि दिखाई है.

‘पाकिस्तान करेगा इस्लामी दुनिया का नेतृत्व’

डार ने कहा, ‘कई अन्य देशों ने पाकिस्तान के साथ रक्षा समझौता करने में रुचि दिखाई है और कई देशों ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान पाकिस्तान से संपर्क किया है.’ उन्होंने सुझाव दिया कि यदि और अधिक देश इसमें शामिल हो जाएं तो यह नाटो जैसा गठबंधन बन जाएगा.

उप-प्रधानमंत्री ने कहा कि इस समझौते में अन्य देशों को भी शामिल किया जा सकता है, जिससे संभवतः यह ‘नया नाटो या पूर्वी नाटो’ में परिवर्तित हो जाएगा. उन्होंने विश्वास जताया कि पाकिस्तान एक दिन इस्लामी दुनिया का नेतृत्व करेगा. उन्होंने कहा, ‘ईश्वर की इच्छा से पाकिस्तान 57 इस्लामी देशों का नेतृत्व करेगा.’

‘पाकिस्तान करे आर्थिक शक्ति बनने का प्रयास’

डार ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान पहले से ही एक परमाणु और मिसाइल शक्ति है, लेकिन अब उसे एक आर्थिक शक्ति बनने का भी प्रयास करना चाहिए, जो कि सामूहिक प्रयास से ही प्राप्त की जा सकती है. उन्होंने कहा, ‘यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण समझौता है, इसे बिना सोचे-समझे या जल्दबाजी में नहीं किया गया.’

समझौते के बारे में विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन हस्ताक्षर समारोह के बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया है कि किसी भी देश के विरुद्ध किसी भी आक्रमण को दोनों के विरुद्ध आक्रमण माना जाएगा.

भारत के साथ पाकिस्तानी संघर्ष को लेकर बोले इशाक डार

मई में भारत के साथ हुए चार दिवसीय संघर्ष को याद करते हुए डार ने कहा कि रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान पर इस तरह के हमले को सऊदी अरब पर हमला माना जाता. इस समझौते पर हस्ताक्षर इजराइल की ओर से कतर पर हमला करने के कुछ दिनों बाद किए गए थे. कतर पर हमले से अरब देशों में इसी तरह के हमले की आशंका पैदा हो गई थी.

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