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चीन ने दबाई कमजोर नस तो टेंशन में आ गए ट्रंप, अब जिनपिंग से करेंगे मुलाकात, जानें पूरा मामला

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत और चीन समेत की देशों पर टैरिफ लगा चुके हैं. उन्होंने चीन को लेकर काफी सख्ती दिखाई थी, लेकिन अब ट्रंप चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने के लिए परेशान हैं. दरअसल चीन ने अमेरिका की कमजोर नस पकड़ ली है. उसने टैरिफ के मामले पर करारा जवाब देते हुए अमेरिका से सोयाबीन खरीदना बंद कर दिया है. अब ट्रंप अगले चार हफ्तों में जिनपिंग से मिल सकते हैं.

चीन और अमेरिका के बीच महीनों से टैरिफ वॉर चल रही है. ट्रंप ने चीनी माल पर 145 प्रतिशत तक आयात शुल्क बढ़ा दिया था, जिसके बाद जिनपिंग ने काउंटर-टैरिफ लगा दिया. इसके बाद इस साल मई में दोनों देशों के बीच बातचीत हुई और हालात कुछ सामान्य हुए. इसके बाद अमेरिका ने टैरिफ को 30 प्रतिशत कर दिया. हालांकि अभी कुल टैरिफ 55 प्रतिशत के करीब है.

चीन की वजह से क्यों परेशान हुए ट्रंप

अब ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ के जरिए अमेरिका की दिक्कत बताई है. उन्होंने लिखा, “चीन के सोयबीन न खरीदने से हमारे देश के सोयाबीन किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है, चीन ने सिर्फ मोलभाव करने के मकसद से खरीद रोक रखी है. हमने टैरिफ से इतनी कमाई की है कि उस पैसे का एक छोटा हिस्सा हम अपने किसानों की मदद में इस्तेमाल करेंगे. मैं कभी भी अपने किसानों को निराश नहीं करूंगा!”

जिनपिंग से जल्द ही मिलेंगे डोनाल्ड ट्रंप

ट्रंप ने जिनपिंग से मुलाकात को लेकर कहा, ”बाइडन ने चीन के साथ हमारे उस समझौते को लागू नहीं किया, जिसके तहत उन्हें अरबों डॉलर का हमारा कृषि उत्पाद खरीदना था, खासकर सोयाबीन. लेकिन सब ठीक हो जाएगा. हमारा हर किसान एक सच्चा देशभक्त है. मैं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चार हफ्तों में मिलने जा रहा हूं, और सोयाबीन इस बातचीत का एक बड़ा मुद्दा होगा.”

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ICC इवेंट में भी नहीं मिलाएंगे हाथ…, वर्ल्ड कप में IND-PAK मैच से पहले महिला टीम का बड़ा फैसला

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पिछले 3 रविवार को एशिया कप 2025 में भारत बनाम पाकिस्तान मैच देखने को मिले, अगले रविवार को एक बार फिर दोनों टीमें भिड़ने जा रही हैं इस बार ये महिला क्रिकेट में होगा. आईसीसी महिला विश्व कप 2025 के इस मैच से पहले सभी के मन में सवाल है कि क्या पुरुष टीम की तरफ महिला टीम भी पाकिस्तान के खिलाड़ियों और पीसीबी अधिकारियों से हाथ नहीं मिलाएंगी. इसको लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है.

एशिया कप 2025 के ग्रुप स्टेज में पहली बार देखने को मिला था जब सूर्यकुमार यादव ने टॉस के दौरान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया, मैच खत्म होने के बाद भारतीय प्लेयर्स ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया. इसको लेकर काफी बवाल हुआ था, हालांकि भारतीय टीम ने सुपर-4 और फिर फाइनल में भी ऐसा ही किया. इसके बाद मोहसिन नकवी भारत की जीती हुई ट्रॉफी अपने साथ लेकर चले गए.

एक मीडिया रिपोर्ट में बीसीसीआई अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि, बोर्ड सरकार के अनुसार काम करेगा और टॉस के दौरान हाथ मिलाने की परंपरा नहीं होगी, मैच रेफ़री के साथ कोई फोटोशूट नहीं होगा और खेल के अंत में भी कोई हाथ मिलाने की नीति नहीं होगी. जो पुरुष टीम ने किया था वह महिला टीम भी करेगी.”

5 अक्टूबर को अलग होगा नजारा

भारतीय महिला क्रिकेट टीम और पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के बीच वर्ल्ड कप का मैच 5 अक्टूबर को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा. पाकिस्तान अपने सभी मैच इसी ग्राउंड पर खेलेगी, अगर उनकी टीम फाइनल में पहुंची तो खिताबी भिड़ंत भी इसी ग्राउंड पर होगी. 5 अक्टूबर को जब दोनों टीमें आमने सामने होंगी, तो प्लेयर्स के व्यवहार पर सभी की नजरें होंगी. हो सकता है प्लेयर्स पर भी इसका दबाव हो, हालांकि टीम नहीं चाहेगी कि इसका कोई भी दबाव प्लेयर्स के ऊपर हो. संभावना न के बराबर है कि क्या टॉस के बाद हरमनप्रीत कौर और पाकिस्तान की कप्तान फातिमा सना के बीच बातचीत होगी, या दोनों हाथ मिलाएंगे.

भारत ने जीत के साथ किया टूर्नामेंट का आगाज

आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने श्रीलंका को 59 रनों से हराया था. बारिश से प्रभावित इस मैच को 47 ओवरों का तय किया गया था, जिसमें भारत ने 269 रन बनाए थे. श्रीलंका की टीम 211 रनों पर ऑलआउट हो गई थी. दीप्ति शर्मा ने 53 रन बनाए थे और 3 विकेट लिए थे. इस शानदार ऑलराउंडर प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ़ द मैच चुना गया था.

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इंडियन ओवरसीज बैंक में स्पेशलिस्ट ऑफिसर भर्ती, आवेदन की आखिरी तारीख नजदीक

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सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह सुनहरा मौका है. इंडियन ओवरसीज बैंक (IOB) ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के 127 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है. अब उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए केवल दो दिन का समय शेष है. यानी जो भी अभ्यर्थी अभी तक किसी कारणवश आवेदन नहीं कर पाए हैं, वे 3 अक्टूबर 2025 तक अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं. इसके बाद आवेदन की विंडो बंद हो जाएगी.

इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए इंडियन ओवरसीज बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां भर्ती सेक्शन में जाकर “Specialist Officer Recruitment 2025” पर क्लिक करके आवश्यक विवरण भरना होगा. आवेदन जमा करने के बाद उसका प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रखना जरूरी है.

आयु सीमा

इस भर्ती में शामिल होने के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु पदानुसार अलग-अलग रखी गई है. कुछ पदों के लिए न्यूनतम आयु 24 वर्ष, कुछ के लिए 25 वर्ष और कुछ पदों पर न्यूनतम 30 वर्ष तय की गई है. अधिकतम आयु पदानुसार 25 वर्ष, 28 वर्ष और 40 वर्ष तक रखी गई है. सरकार द्वारा आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार छूट भी दी जाएगी. एससी/एसटी उम्मीदवारों को अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी जाएगी. जबकि ओबीसी वर्ग को 3 वर्ष की छूट मिलेगी. वहीं. दिव्यांग उम्मीदवारों को 10 वर्ष की छूट दी जाएगी.

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में डिग्री या डिप्लोमा होना चाहिए. उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से बीई, बीटेक, एमसीए, एमएससी, एमबीए या पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया हो. इसके साथ ही पदानुसार अन्य जरूरी पात्रताओं को पूरा करना भी अनिवार्य है.

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को पदानुसार आकर्षक वेतन दिया जाएगा. एमएमजीएस-II पद पर चयनित उम्मीदवार को 64,820 से 93,960 प्रति माह वेतन मिलेगा. एमएमजीएस-III पद पर चयनित उम्मीदवार को 85,920 से 1,05,280 तक प्रतिमाह वेतन मिलेगा. इस पैकेज के साथ बैंकिंग सेक्टर में स्थायी नौकरी चाहने वालों के लिए यह अवसर बेहद खास है.

चयन प्रक्रिया

लिखित परीक्षा – इसमें कुल 100 अंकों के 100 प्रश्न पूछे जाएंगे.
विषय: अंग्रेजी, सामान्य जागरूकता और प्रोफेशनल नॉलेज.
परीक्षा की अवधि: 2 घंटे.
निगेटिव मार्किंग: प्रत्येक गलत उत्तर पर ¼ अंक काटा जाएगा.
इंटरव्यू: लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा. अंतिम मेरिट लिस्ट लिखित परीक्षा और इंटरव्यू दोनों के प्रदर्शन पर आधारित होगी.

आवेदन शुल्क

एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए – 175 रुपये
सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए -1000 रुपये

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वाइफ नताशा दलाल को ‘सनी संस्कारी…’ दिखाने लाए वरुण धवन, बीवी-बच्चों संग पहुंचे मनीष पॉल

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फिलीपींस में कमाए 1 लाख तो भारत में लौटकर हो जाएंगे कितने, करेंसी की वैल्यू उड़ा देगी होश

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फिलीपींस सेबू प्रांत में मंगलवार (30 सितंबर 2025) की रात को 6.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 69 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 150 के करीब लोग घायल हो गए थे. हालांकि, अगर यहां की करेंसी की वैल्यू की भारत के रुपये से तुलना करके देखें तो यहां का एक फिलीपींस पेसो भारत में 1 रुपया 52 पैसे के बराबर है. इसका मतलब ये है कि यहां की करेंसी की कीमत भारत में ज्यादा है, जबकि ये देश भारत के मुकाबले हर मामले में काफी पीछे हैं. इस तरह से अगर कोई भारतीय फिलीपींस में जाकर 1 लाख फिलीपींस पेसो कमाता है तो भारत में आकर उसकी कीमत 1 लाख 52 हजार 449.90 रुपया हो जाएगा.

फिलीपींस पेसो को बैंक ऑफ फिलीपींस जारी करता है. इसका आधिकारीक चिह्न ₱ है. फिलीपींस पेसो (₱) की शुरुआत स्पेनिश औपनिवेशिक काल में हुई थी. 1500 के दशक में स्पेनिश शासकों ने रियल और बाद में पेसो दे ओचो (आठ रियल का सिक्का) चलन में लाया था. यह चांदी का सिक्का पूरे एशिया-प्रशांत क्षेत्र में व्यापार का मुख्य माध्यम बन गया. 1898 में स्पेन-अमेरिका युद्ध के बाद फिलीपींस पर अमेरिकी शासन शुरू हुआ. 1903 में अमेरिकी पेसो को अपनाया गया. इसे अमेरिकी डॉलर से जोड़ा गया (1 USD = 2 PHP). इसी दौरान बैंकिंग व्यवस्था और नोट छपाई को आधुनिक रूप मिला.

पेसो को स्वतंत्र राष्ट्रीय मुद्रा का दर्जा मिला
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद, 1946 में फिलीपींस स्वतंत्र हुआ. 1949 में सेंट्रल बैंक ऑफ फिलीपींस (Bangko Sentral ng Pilipinas) की स्थापना हुई. इसके बाद पेसो को स्वतंत्र राष्ट्रीय मुद्रा का दर्जा मिला. 1960 के दशक के अंत से मुद्रा में बड़े बदलाव हुए. नोटों पर फिलीपींस भाषा (Filipino) में छपाई शुरू हुई. नोटों और सिक्कों पर राष्ट्रीय नायकों, संस्कृति और इतिहास को दर्शाया जाने लगा. इससे पेसो एक राष्ट्रीय पहचान का प्रतीक बना.

न्यू जेनरेशन करेंसी
2010 में न्यू जेनरेशन करेंसी (NGC) सीरीज जारी की गई. इसमें सुरक्षा फीचर्स मजबूत किए गए. नए नोट और सिक्कों में फिलीपींस की धरोहर, प्राकृतिक स्थल और नायक दिखाए गए है.फिलीपींस में फिलीपींस पेसो (PHP) की आधिकारिक मुद्रा है और इसके बैंकनोट 20, 50, 100, 200, 500 और 1,000 पेसो के मूल्यवर्ग में चलते हैं. हालांकि, 200 पेसो के नोट को अब बंद कर दिया गया है, क्योंकि इसका उपयोग कम होता है. 10, 5, और 1 पेसो के सिक्के भी प्रचलन में हैं.

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मीन राशि के लिए अक्टूबर का महीना उत्साह से भरा! पढ़ें मासिक राशिफल

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Pisces October Month Horoscope 2025: अक्टूबर 2025 मीन राशि के लिए बदलाव और अवसरों का महीना रहेगा. इस दौरान बुध, शुक्र और गुरु के गोचर आपके व्यवसाय, नौकरी, परिवार, प्रेम और स्वास्थ्य पर असर डालेंगे.

नवरात्रि, करवा चौथ और शरद पूर्णिमा जैसे पर्व आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेंगे. इस महीने किए गए प्रयास लंबी अवधि में आपके लिए लाभकारी साबित होंगे. आइए जानते हैं मीन राशि का मासिक राशिफल

बिजनस एंड वेल्थ

02 से 23 अक्टूबर तक बुध अष्टम भाव में रहते शनि से षडाष्टक संबंध होने से पार्टनरशिप बिजनेस थोड़े कमजोर रह सकते हैं.

माह के अंत तक आप समझ जाएंगे कि सहयोग से ही लाभ मिलेगा.

01 से 16 अक्टूबर तक सूर्य-शनि दृष्टि संबंध बिजनेसमैन के लिए अनुकूल रहेगा, नए स्रोत और मेल-मुलाकात के अवसर मिलेंगे.

18 अक्टूबर से गुरु पंचम भाव में उच्च होकर सातवीं दृष्टि एकादश भाव पर रहने से आर्थिक स्थिति अनुकूल रहेगी, गवर्नमेंट फील्ड से लाभ और साहसिक निर्णयों से अच्छा मुनाफा संभव है.

16 से 26 अक्टूबर तक बुध विशाखा नक्षत्र में रहकर पेरेंट्स का सहयोग और एंसेस्ट्रल प्रॉपर्टी से आर्थिक मदद मिलेगी.

24 अक्टूबर के बाद बुध नवम भाव में रहते सूर्य से 2-12 संबंध के कारण परिणाम में थोड़ी निराशा हो सकती है, लेकिन व्यवसाय धीरे-धीरे गति पकड़ेगा.

26 अक्टूबर तक मंगल अष्टम भाव में रहकर फॉरेन बिजनेस में कुछ डाउनफॉल का सामना करना पड़ सकता है.

जॉब एण्ड प्रॉफेशन

08 अक्टूबर तक शुक्र षष्ठ भाव में रहते दशम भाव से नवम-पंचम संबंध नौकरी में सफलता दिलाएंगे.

16 अक्टूबर तक सूर्य-राहु षडाष्टक संबंध के कारण छुपे कार्यों से बचें.

17 अक्टूबर तक गुरु चतुर्थ भाव में रहते सातवीं दृष्टि दशम भाव पर होने से पदोन्नति के योग हैं.

17-26 अक्टूबर तक सूर्य-मंगल पराक्रम योग नौकरी में लाभकारी रहेगा.

26 अक्टूबर तक मंगल अष्टम भाव में रहकर करियर के कई मामलों में अनुकूलता रहेगी.

01-09 अक्टूबर सूर्य-चंद्र हस्त नक्षत्र में होने से काम सराहनीय रहेगा.

27 अक्टूबर से मंगल नवम स्वगृही अनुकूल, लेकिन मंगल-सूर्य 2-12 संबंध सावधानी आवश्यक.

फैमिली लाइफ, लव लाइफ और रिलेशनशिप

01-08 अक्टूबर तक शुक्र षष्ठ भाव में गुरु से 3-11 संबंध फैमिली में शुभ समाचार देंगे.

06-17 अक्टूबर तक शुक्र सूर्य उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र में रोमांस और प्रेम भाव बढ़ाएंगे.

09-23 अक्टूबर बुध-शुक्र परिवर्तन योग से प्रेम में सच्चाई और जिम्मेदारी बढ़ेगी.

18 अक्टूबर से गुरु पंचम भाव में उच्च होकर धार्मिक और यात्रा संबंधित गतिविधियां लाभदायक होंगी.

लवर के लिए 03,05,19,21,29,30 अक्टूबर को मानसिक तनाव कम करके अपने पार्टनर को महत्व दें, संबंध मजबूत होंगे.

24 अक्टूबर से बुध नवम भाव में रहकर फेस्टिवल सीजन के दौरान घर की जिम्मेदारी बढ़ सकती है.

स्टूडेंट्स और लर्नर्स

08 अक्टूबर तक शुक्र षष्ठ भाव में सातवीं दृष्टि द्वादश भाव पर होने से विदेश में पढ़ाई के इच्छुक छात्रों के लिए सफलता संभव है.

01,06,07,12,13,21,22,23 अक्टूबर को प्रदर्शन और उपलब्धि के मौके मिल सकते हैं.

18 अक्टूबर से गुरु पंचम भाव में उच्च होकर विराजित, स्पोर्ट्स पर्सन के लिए बड़ी उपलब्धि लाएगा.

24 अक्टूबर से बुध नवम भाव में रहकर नवम-पंचम राजयोग छात्रों को शुभ समाचार देगा.

हेल्थ और ट्रैवल्स

शनि-केतु षडाष्टक संबंध स्वास्थ्य प्रभावित कर सकते हैं. नेत्र रोग, पैरों में दर्द या चोट की संभावना.

17 अक्टूबर से सूर्य अष्टम भाव में नीच होने से दांत संबंधी समस्याओं से सावधानी जरूरी. द्वादश भाव में राहु की दृष्टि मध्यम से बेहतर स्वास्थ्य दर्शाती है.

पुरानी बीमारियों में सुधार होगा. 16 अक्टूबर के बाद यात्रा की योजना संभव है.

उपाय

  • 02 अक्टूबर (विजयदशमी) हनुमान जी के उड़ते चित्र के सामने ऊँ रामदूताय नमः मंत्र का जाप करें और हनुमान चालीसा 7 बार पढ़ें.
  • 06 अक्टूबर (शरद पूर्णिमा) चाँदी या स्टील पात्र में जल, चावल, फूल मिलाकर चंद्रमा को अर्घ्य दें, ऊँ सोम सोमाय मंत्र का जाप करें. शक्कर, दूध, दही और मीश्री का दान करें.
  • 10 अक्टूबर (करवा चौथ) केसरिया या सुनहरे रंग की साड़ी पहनकर शिव-पार्वती को बिल्वपत्र, आक, धतुरा अर्पित करें और सफेद मावे का भोग लगाकर ऊँ गजवक्त्राय नमः मंत्र का जाप करें.

FAQs (अक्टूबर 2025 मासिक राशिफल)

Q1. अक्टूबर 2025 में मीन राशि के लिए व्यवसाय कैसा रहेगा?
A1. पार्टनरशिप में थोड़ा संघर्ष हो सकता है, लेकिन साहसिक निर्णय और सहयोग से लाभ संभव है. गवर्नमेंट फील्ड से आर्थिक लाभ भी मिलेगा.

Q2. नौकरीपेशा मीन राशि वालों के लिए माह कैसा रहेगा?
A2. पदोन्नति और लाभ के योग हैं, लेकिन कुछ कार्यों में सावधानी जरूरी है. मंगल-सूर्य संबंध के कारण छोटी गलतियों से बचें.

Q3. प्रेम और पारिवारिक जीवन कैसा रहेगा?
A3. प्रेम और लव लाइफ में सच्चाई बढ़ेगी. पार्टनर को महत्व देने से संबंध मजबूत होंगे. पारिवारिक खुशियां बढ़ेंगी.

Q4. छात्रों और प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए माह कैसा रहेगा?
A4. उच्च शिक्षा और विदेश में पढ़ाई के अवसर अनुकूल हैं. नवम-पंचम राजयोग से शुभ समाचार और अच्छी उपलब्धियां मिल सकती हैं.

Q5. स्वास्थ्य और यात्रा की स्थिति कैसी रहेगी?
A5. नेत्र, दांत और पैरों में चोट से सावधानी रखें. पुरानी बीमारियों में सुधार होगा. 16 अक्टूबर के बाद यात्रा की योजना संभव है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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एयर मार्शल ने इंग्लिश गानों पर लगाए ठुमके! पाकिस्तान में आग लगाने के बाद डांस स्टेज ऑन फायर

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो धमाल मचा रहा है जिसे देखकर हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है. इंडियन एयरफोर्स चीफ अमरप्रीत सिंह का डांस वीडियो इंटरनेट पर धूम मचा रहा है. क्लिप में वो इंग्लिश गाने पर जमकर थिरकते नजर आ रहे हैं. खास बात यह है कि लोग इस वीडियो को हाल ही में पाकिस्तान पर भारत की ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में मिली शानदार सफलता से जोड़कर देख रहे हैं और सोशल मीडिया पर यह क्लिप नंबर वन ट्रेंड कर रही है.

एयरफोर्स चीफ ने इंग्लिश गानों पर जमकर लगाए ठुमके!

कथित तौर पर भारतीय वायुसेना के चीफ अमरप्रीत सिंह का एक डांस वीडियो इन दिनों इंटरनेट पर सनसनी बना हुआ है. वीडियो में वे खुले दिल से हंसते-खिलखिलाते और पूरे जोश के साथ वो किसी इंग्लिश गानों पर थिरकते दिखाई दे रहे हैं. उनके डांस मूव्स और एनर्जी ने दर्शकों को चौंका दिया है. आमतौर पर सख्त और गंभीर नजर आने वाले एयरफोर्स चीफ का यह फन मोड लोगों को बेहद भा रहा है. यह पहली बार नहीं है जब किसी सैन्य अधिकारी का हल्का-फुल्का अंदाज वायरल हुआ हो, लेकिन एयरफोर्स चीफ अमरप्रीत सिंह का यह वीडियो इसलिए खास है क्योंकि इसे भारत की जीत और ताकत के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है.


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यूजर्स को भा गया एयरचीफ का खास अंदाज

सोशल मीडिया यूज़र्स ने इस वीडियो को हाथों-हाथ लिया और लगातार शेयर कर रहे हैं. कई लोग लिख रहे हैं कि यह डांस वायुसेना की हालिया सफलता का जश्न है. दरअसल, भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ जो  ‘ऑपरेशन सिंदूर’ किया था उसने पड़ोसी मुल्क की कमर तोड़ दी थी और अब तक वो इस सदमे से बाहर नहीं आए हैं. ऐसे में इस वीडियो को लोग विजय और जश्न की तस्वीर मान रहे हैं. वीडियो को rachna_bishtrawat नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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क्या ट्रंप की धमकियों से डर गया भारत? सितंबर में रूस कम हुई तेल की खरीद

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Russian Crude Oil Import: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूस से कच्चे तेल की आयात को लेकर 25 परसेंट की पेनाल्टी लगाई है. इसी के साथ भारत पर टैरिफ बढ़कर 50 परसेंट तक पहुंच चुका है. अमेरिका का मानना है कि यूक्रेन पर रूसी हमले की सबसे बड़ी वजह भारत और चीन है. अगर ये रूस से तेल खरीदना बंद कर दे, तो यूक्रेन पर हमला तुरंत रूक जाएगा.

ट्रंप का कहना है कि ये रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन में हमले को बढ़ावा दे रहा है. ट्रंप ने यह तक कहा है कि भारत रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन में हमले के लिए रूस की फंडिंग कर रही है. इसे लेकर अमेरिकी सरकार लगातार भारत पर दबाव बना रही है कि वह रूस से तेल खरीदना बंद कर दे और अब लगता है कि कहीं का कहीं इस दबाव का असर भी दिखने लगा है.

रिपोर्ट में चौंकानेवाला खुलासा 

सिंतबर के महीने में भारत ने रूस से अगस्त के मुकाबले कम तेल खरीदा. हालांकि, यह गिरावट बेहद मामूली है. ग्लोबल रियल टाइम डेटा और एनालिटिक्स प्रोवाइडर केप्लर की ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, सितंबर में भारत का रूस से तेल आयात 1.60 मिलियन बैरल प्रति दिन रहा, जो अगस्त के 5.4 परसेंट के लेवल से कम है. केप्लर की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में भारत की सरकारी कंपनियों का रूस से क्रूड ऑयल इम्पोर्ट औसतन 605,000 बैरल प्रति दिन (बीपीडी) रहा, जो अप्रैल-अगस्त के औसत से 32 परसेंट कम है. 

क्या सच में ट्रंप के दबाव में आया भारत?

रूस से भारत के लिए कितने तेल की सप्लाई की जानी है इस पर कॉन्ट्रैक्ट डिलीवरी से छह-आठ हफ्ते पहले ही बन जाता है. यानी कि सितंबर में कितने बैरल तेल का एक्सपोर्ट किया जाना है यह जुलाई और अगस्त में हुए कॉन्ट्रैक्ट में ही तय हो जाता है. जुलाई में ट्रंप ने रूस से तेल की खरीद को लेकर भारत पर सार्वजनिक रूप से निशाना साधा शुरू किया था और अगस्त के पहले हफ्ते तक उन्होंने भारत पर पेनाल्टी लगाए जाने की भी घोषणा कर दी थी. अब अक्टूबर में रूस से तेल की सप्लाई होने के बाद ही यह साफ-साफ समझ में आएगा कि क्या वाकई में ट्रंप प्रशासन के दबाव का कुछ खास असर हुआ है कि नहीं? 

क्या है इसके पीछे वजह? 

केप्लर ने बताया कि इसकी एक बड़ी वजह रूस से भारत आने वाली माल ढुलाई की लागत हो सकती है, जिसमें कोई कमी नहीं आई है. सितंबर के अंत और अक्टूबर की शुरुआत तक रूस से भारत आने वाली माल ढुलाई की लागत में इजाफा हुआ. तेल की खरीद पर मिलने वाला डिस्काउंट भी पहले के मुकाबले कम हुआ है. इसके अलावा, रूस से तेल की खरीद को लेकर अमेरिका के दबाव के बढ़ते जोखिम और सरकारी कंपनियों के लिए सप्लाई में विविधता लाने की जरूरत भी इसकी एक वजह हो सकती है. 

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इस टीम ने उठाया चौंकाने वाला कदम, क्रिकेट जगत में पहली बार हुआ ऐसा, जानकर चौंक जाएंगे

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USA Cricket: अमेरिका में क्रिकेट का भविष्य इन दिनों संकट में नजर आ रहा है. पिछले महीने आईसीसी (ICC) ने USA क्रिकेट को उसके दायित्वों को बार-बार तोड़ने के आरोप में सदस्यता से निलंबित कर दिया था. अब इस विवाद के बीच USA क्रिकेट ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है. बोर्ड ने चैप्टर 11 दिवालियापन (Chapter 11 Bankruptcy) के लिए अर्जी दाखिल कर दी है. क्रिकेट इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी आईसीसी सदस्य संस्था ने दिवालियापन की कानूनी प्रक्रिया का सहारा लिया है.

क्या है चैप्टर 11 दिवालियापन?

चैप्टर 11 दिवालियापन अमेरिका का एक कानूनी प्रावधान है, जो किसी संस्था या व्यक्ति को अदालत की निगरानी में अपने कर्ज और वित्तीय संकट को पुनर्गठित करने की अनुमति देता है. इसका मतलब यह नहीं कि संस्था बंद हो जाती है, बल्कि उसे फिर से खड़ा होने का मौका दिया जाता है. यह चैप्टर 7 से अलग है, जिसमें कंपनी की संपत्तियों को बेचकर कर्ज चुकाया जाता है. इसका मकसद संस्था को पूरी तरह बंद करने के बजाय उसे दोबारा खड़ा करना होता है. इसमें संस्था अपने संचालन को जारी रखते हुए उधार चुकाने और वित्तीय व्यवस्था सुधारने की कोशिश कर सकती है. यही वजह है कि इसे “पुनर्गठन दिवालियापन” कहा जाता है.

सुनवाई से ठीक पहले उठाया कदम

अमेरिकन क्रिकेट एंटरप्राइजेज (ACE) के साथ लंबे समय से चल रहे विवाद की सुनवाई शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही USA क्रिकेट के वकील ने कोर्ट में दिवालियापन का ऐलान कर दिया. ACE ने आरोप लगाया कि बोर्ड को पहले से पता था कि नतीजा उसके खिलाफ जाएगा, इसलिए उसने यह कदम उठाया है. साथ ही ACE ने कहा कि USA क्रिकेट अब खिलाड़ियों और खेल के विकास की बजाय राजनीति और आंतरिक खींचतान में उलझा हुआ है.

खिलाड़ियों पर संकट के बादल

इस कदम से उन खिलाड़ियों की चिंता बढ़ गई है जिन्होंने हाल ही में USA क्रिकेट से करार किया है या फिर मेजर और माइनर लीग में शामिल हुए हैं. सबसे बड़ी चुनौती यह है कि USA को 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना है, लेकिन अगर बोर्ड की वित्तीय हालत और कानूनी विवाद ऐसे ही बने रहते हैं, तो टीम की भागीदारी पर भी सवाल उठ सकते हैं.

क्रिकेट पर असर

आईसीसी द्वारा सदस्यता निलंबित किए जाने और अब दिवालियापन की अर्जी ने साफ कर दिया है कि USA क्रिकेट गहरे संकट में है. एक तरफ खिलाड़ी भविष्य को लेकर असमंजस में हैं, वहीं दूसरी ओर अमेरिका में क्रिकेट को ग्लोबल स्तर पर पहचान दिलाने की कोशिशों को भी बड़ा झटका लग सकता है.

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