15 साल से छोटे हैं बच्चे तो अकेले नहीं जा सकते स्कूल, इस मुस्लिम देश ने लागू कर दिए नियम

[ad_1]


अबू धाबी में छात्रों की सुरक्षा, अनुशासन और सुविधा पर ध्यान केंद्रित करते हुए परिवहन नीतियों में बदलाव किया गया है. यहां एकेडमिक ईयर 2025-26 के लिए फिर से स्कूल खुल रहे हैं. अबू धाबी के शिक्षा विभाग ने जो बदलाव किया है उसमें बच्चे को कौन स्कूल से ले जा सकता है, छात्र स्कूटर से स्कूल जा सकते हैं या नहीं इन तमाम चीजों का जिक्र है.

नए नियम के मुताबिक जो 9-12 कक्षा के छाओं को साइकिल से अकेले स्कूल आने की छूट रहेगी. इसमें साइकिल के अलावा स्कूटर या अन्य निजी वाहन से भी आने का जिक्र है, हालांकि कुछ शर्तें भी लगाई गई है. इसके लिए बच्चे के माता-पिता को एक सहमति पत्र पर पर हस्ताक्षर करना होगा. इसमें लिखा है कि बच्चा कितनी दूरी तय करेगा और स्कूल परिसर में आने के बाद ही छात्र की जिम्मेदारी स्कूल की होगी.

अगर कोई स्कूल अपने परिसर में बाइक या स्कूटर जैसे निजी वाहनों के इस्तेमाल की अनुमति देता है तो उसे ट्रैक और पार्किंग उपलब्ध कराना होगा. स्कूलों को यह भी नियंत्रित करने का अधिकार है कि परिसर में इनका इस्तेमाल कैसे और कहां किया जाए. इसमें बताया गया है कि जो छात्र अपने निजी वाहन से स्कूल आएंगे और रास्ते में कोई घटना घटती है तो उसके लिए स्कूल जिम्मेदारी नहीं होगा.

15 वर्ष से कम उम्र के छात्रों के लिए स्वतंत्र यात्रा की अनुमति नहीं है. इन छात्रों को या तो माता-पिता स्कूल छोड़ेंगे या उनकी ओर से नियुक्त गार्जियन. 15 वर्ष या उससे अधिक आयु के बड़े भाई-बहन, छोटे भाई-बहनों (कक्षा 1 और उससे ऊपर) को ले जा सकते हैं, लेकिन ऐसा केवल तभी किया जा सकता है जब माता-पिता की ओर से हस्ताक्षरित सहमति पत्र उपलब्ध कराया जाए.

स्कूल बसें केवल छात्रों के परिवहन के लिए रिजर्व होंगी. पिक-अप पॉइंट से लेकर आखिरी ड्रॉप-ऑफ पॉइंट तक पहुंचने के लिए स्कूल बसों को 1 घंटे का समय दिया गया है. 11 साल से कम उम्र के छात्रों को ले जाने वाली हर बस में ड्राइवर के अलावा एक रजिस्टर्ड सुपरवाइजर भी होना चाहिए. ड्राइवर और सुपरवाइजर दोनों के पास आईटीसी परमिट होना जरूरी है.

अबू धाबी की सरकार की ओर से एक ऐप डिजाइन किया गया है, जिससे स्कूल जाते समय माता-पिता अपने बच्चों पर निगरानी रख सकते हैं. इसे स्कूल बस सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है. इससे स्कूल बस को ट्रैक किया जा सकता है. इससे पिक-अप और ड्रॉप-ऑफ प्वाइंट की लाइव लोकेशन का पता चलता रहेगा.

ये भी पढ़ें: राफेल, तेजस से लेकर सुखोई तक, IAF के बेड़े में होंगे 1000 से ज्यादा फाइटर जेट, प्लान सुनकर उड़ जाएगी PAK-चीन की नींद

[ad_2]

श्रीलंका में निवेश मुश्किल… अमेरिकी विदेश विभाग ने बताई आखिर क्या है इसकी वजह?

[ad_1]


Srilanka Foreign Investment Policy: अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि श्रीलंका की फॉरेन इंवेस्टमेंट पॉलिसी स्थिर व समान नहीं है. यह अनावश्यक नियमों और नौकरशाही की खराब प्रतिक्रियाओं से घिरा हुआ है. साथ ही यह कानूनी रूप से भी अनिश्चित है.

अमेरिका ने अपनी इस बात को रखते हुए अडानी ग्रुप के श्रीलंका में 40 करोड़ डॉलर की रिन्यूऐबल एनर्जी प्रोजेक्ट से हाथ खींचने का जिक्र किया.
अपने 2025 इंवेस्टमेंट क्लाइमेट स्टेटमेंट्स ने अमेरिका विदेश विभाग ने कहा कि श्रीलंका 2022 के आर्थिक संकट से उबरने के संकेत दे रहा है और 2024 में देश की जीडीपी भी 5 परसेंट तक पहुंच गई, जो उम्मीदों से कहीं अधिक है, लेकिन निवेश का माहौल अभी भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ है. 

इस बात को लेकर बनी है चिंता

राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और उनके नेशनल पीपुल्स पावर (NPP) गठबंधन की 2024 की चुनावी जीत के बाद राजनीतिक स्थिरता में सुधार के बावजूद यह स्थिति बनी हुई है. हालांकि, देश के 3 अरब अमेरिकी डॉलर के आईएमएफ कार्यक्रम के लिए एनपीपी के समर्थन ने कुछ निवेशकों को आश्वस्त किया है, लेकिन इसके ऐतिहासिक रूप से मार्क्सवादी और पश्चिम-विरोधी रुख को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं.

क्या था अडानी का प्रोजेक्ट‌?

इस साल फरवरी में अडानी ग्रुप ने श्रीलंका में 442 मिलियन डॉलर (करीब 3800 करोड़ रुपये) यानी लगभग 36 अरब रुपये के विंड पावर प्रोजेक्ट से अपने हाथ खींच लिए. AFP के डॉक्यूमेंट्स के मुताबिक, श्रीलंकाई अधिकारियों की ओर से समझौते में बदलाव की कोशिश के बाद अडानी ने प्रोजेक्ट से हटने का फैसला लिया.

बता दें कि अडानी ग्रीन एनर्जी बीते लगभग दो साल से श्रीलंका के मान्नार और पूनेर्यन में दो 484 मेगावाट (MW) के रिन्यूएबल एनर्जी विंड फार्म बनाने के लिए सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड (CEB) और अन्य सरकारी विभागों के साथ बातचीत कर रही थी, लेकिन बाद में सहमति न बन पाने की वजह से प्रोजेक्ट को कैंसिल करना पड़ा. अडानी ग्रुप ने श्रीलंका के निवेश बोर्ड (BOI) को लिखे एक पत्र में कहा था कि इसमें सरकार के साथ अनबन होने जैसी कोई बात नहीं है, बस कुछ बातों पर सहमति नहीं बन पाई.

 

ये भी पढ़ें:

अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस इन्फ्रा के खिलाफ जांच तेज, ED की छह ठिकानों पर छापेमारी

[ad_2]

चाची को दहकते कोयलों पर लेकर चल पड़े चाचा! पैर फिसला और हो गया कांड- वीडियो देख कांप उठेंगे आप

[ad_1]


भारत के कई राज्यों में अलग अलग परंपराएं पाई जाती है जिन्हें अलग अलग मौकों पर खूब भुनाया जाता है. लेकिन कई परंपराएं ऐसी होती है जिनमें अगर थोड़ी भी चूक हुई तो रास्ता सीधे यमलोक को जाता है. ऐसा ही एक वीडियो साउथ इंडिया से सामने आया है जहां एक बुजुर्ग शख्स अपनी बीवी को गोद में उठाकर जलते और दहकते अंगारों पर दौड़ पड़ता है लेकिन तभी ऐसा कुछ होता है कि वहां खड़े लोगों की चीखें निकल जाती है और ये खेल हादसे में तब्दील हो जाता है. वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.

पत्नी को गोद में उठा अंगारों पर दौड़ पड़े चाचा, फिर हो गया कांड

सोशल मीडिया पर एक हैरतअंगेज वीडियो लोगों का ध्यान खींच रहा है. देहाती मेले जैसे माहौल में एक बूढ़े चाचा अपनी पत्नी को गोद में उठाकर दहकते कोयलों पर दौड़ पड़ते हैं. यह नजारा देखने वालों को हैरान भी करता है और रोमांचित भी. लेकिन जैसे ही सबकी सांसें थमी हुई थीं, अचानक चाचा का पैर फिसल जाता है और वे अपनी बीवी समेत जलते अंगारों पर गिर पड़ते हैं. देखते ही देखते हर ओर चीख-पुकार मच जाती है और लोग चाचा और उनकी बीवी को बचाने के लिए कोयलों की ओर भागते हैं. बड़ी मुश्किल से चाचा और चाची को दहकते अंगारों से बाहर निकाला जाता है. दावा है कि दोनों को कहीं पर हल्की तो कहीं गभीर चोट आई है. वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.

यह भी पढ़ें: Viral Video: दरवाजे से घुसते हैं खिड़की से निकलते हैं… कैसी होती है चोरी की मोहब्बत, वीडियो देख आ जाएगा समझ

यूजर्स ने जताई नाराजगी, यूं किया रिएक्ट

वीडियो को @Priyang87 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इस तरह के खेल खेलने ही क्यों हैं, जान से बड़ी कोई प्राथमिकता नहीं होती. एक और यूजर ने लिखा…बेचारी पत्नी को चाचा पर कितना यकीन था बेचारी. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा….ये क्या हरकत है भाई, ऐसे तो जान चली जाएगी.

यह भी पढ़ें: Video: मैडम जी ने बुरी तरह ठोक दी कार, फिर कैब वाले को मारने दौड़ी, सड़क पर कलेश का वीडियो वायरल


जवानी में कैसी दिखती थीं गोविंदा की पत्नी? 10 फोटोज में देखें हीरो नंबर 1 की बीवी की खूबसूरती

[ad_1]

गोविंदा, बॉलीवुड के मशहूर हीरो नंबर 1, अपनी फिल्मों और शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उनके पर्सनल लाइफ में भी उनका नाम और परिवार हमेशा चर्चा में रहते हैं.

गोविंदा, बॉलीवुड के मशहूर हीरो नंबर 1, अपनी फिल्मों और शानदार एक्टिंग के लिए जाने जाते हैं. लेकिन उनके पर्सनल लाइफ में भी उनका नाम और परिवार हमेशा चर्चा में रहते हैं.

गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा बॉलीवुड की उन सेलेब्स में से हैं, जो अपनी सादगी और खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं.

गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा बॉलीवुड की उन सेलेब्स में से हैं, जो अपनी सादगी और खूबसूरती के लिए जानी जाती हैं.

सुनीता आहूजा बेहद गॉर्जियस और खूबसूरत हैं. उनकी पर्सनालिटी बेहद सिंपल और ग्रेसफुल है.

सुनीता आहूजा बेहद गॉर्जियस और खूबसूरत हैं. उनकी पर्सनालिटी बेहद सिंपल और ग्रेसफुल है.

उनकी खूबसूरती और स्टाइल के कारण वह हमेशा चर्चा में रही  हैं. सुनीता का अंदाज जितना सिंपल है, उतना ही अट्रैक्टिव भी है.

उनकी खूबसूरती और स्टाइल के कारण वह हमेशा चर्चा में रही हैं. सुनीता का अंदाज जितना सिंपल है, उतना ही अट्रैक्टिव भी है.

वह अपने फैन्स के बीच अपनी पर्सनल लाइफ और ग्लैमरस स्टाइल के लिए भी चर्चा में रहती हैं.

वह अपने फैन्स के बीच अपनी पर्सनल लाइफ और ग्लैमरस स्टाइल के लिए भी चर्चा में रहती हैं.

सुनीता को अक्सर एथनिक अटायर में देखा जाता है. उन्हें हैवी जूलरी पहनना बहुत पसंद है.

सुनीता को अक्सर एथनिक अटायर में देखा जाता है. उन्हें हैवी जूलरी पहनना बहुत पसंद है.

सुनीता आहूजा हमेशा अपने परिवार और बच्चों के लिए प्रायोरिटी देती हैं.

सुनीता आहूजा हमेशा अपने परिवार और बच्चों के लिए प्रायोरिटी देती हैं.

उनका फैशन सेंस और स्टाइल हमेशा लोगों को प्रभावित करता रहा है. चाहे वह ट्रेडिशनल लुक में हों या वेस्टर्न ड्रेस में, सुनीता का लुक हमेशा शानदार लगता है.

उनका फैशन सेंस और स्टाइल हमेशा लोगों को प्रभावित करता रहा है. चाहे वह ट्रेडिशनल लुक में हों या वेस्टर्न ड्रेस में, सुनीता का लुक हमेशा शानदार लगता है.

सुनीता आहूजा न सिर्फ एक खूबसूरत पत्नी हैं बल्कि एक आदर्श मां और स्टाइल आइकॉन भी मानी जाती हैं. कुल मिलाकर, सुनीता आहूजा खूबसूरती और ग्लैमर का बेहतरीन मेल है. उन्होंने बॉलीवुड के सबसे मशहूर हीरो में से एक गोविंदा के साथ अपना जीवन खूबसूरती और सादगी से बिताया है.

सुनीता आहूजा न सिर्फ एक खूबसूरत पत्नी हैं बल्कि एक आदर्श मां और स्टाइल आइकॉन भी मानी जाती हैं. कुल मिलाकर, सुनीता आहूजा खूबसूरती और ग्लैमर का बेहतरीन मेल है. उन्होंने बॉलीवुड के सबसे मशहूर हीरो में से एक गोविंदा के साथ अपना जीवन खूबसूरती और सादगी से बिताया है.

सुनीता अहूजा के लुक्स अक्सर वायरल रहते हैं.

सुनीता अहूजा के लुक्स अक्सर वायरल रहते हैं.

Published at : 30 Sep 2025 08:46 PM (IST)

[ad_2]

नेवले ने सांप के साथ खेला खूनी खेल! जबड़ा नोचा और उतार दिया मौत के घाट, वीडियो देख कांप उठेगी..

[ad_1]


सांप और नेवले की जंग के बारे में तो आपने खूब सुना होगा. कहा जाता है कि सांप और नेवले की जंग में हमेशा नेवला ही जीतता है लेकिन इस बात का सबूत बहुत कम लोग दे पाते हैं. लेकिन आज आपका ये शक और इंतजार भी दूर हो ही जाएगा. एक वीडियो इंटरनेट पर इन दिनों वायरल हो रहा है जिसमें एक नेवला और सांप एक दूसके के साथ मौत की लड़ाई लड़ते दिखाई दे रहे हैं. वीडियो में नेवला सांप को ऐसी मौत देता है कि मौत भी कांप उठती है.

सांप और नेवले में छिड़ी खूनी जंग

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें नेवला और सांप एक दूसरे से खूनी जंग लड़ रहे हैं. यहां धामन सांप ने नेवले पर जैसे ही अटैक किया वैसे ही नेवले ने सांप को ऐसा पटखनी दी कि सांप को दोबारा उठने का मौका नहीं मिला. सांप दर्द से लगातार छटपटा रहा है लेकिन नेवले के जबड़ों ने सांप के मुंह को ऐसा जकड़ा है कि नेवला रहम खाने को तैयार नहीं है. सांप का मुंह लहूलुहान हो चुका है और वो नेवले से लगातार जान की भीख मांग रहा है लेकिन ये जंगल की दुनिया है, यहां उसी को मौत मिलती है जो रहम कर जाता है.

आखिर में दम तोड़ गया सांप?

आखिर में सांप ने नेवले से लिपटकर उसे हराने की आखिरी कोशिश की लेकिन वो भी नाकाम साबित हुई. आखिर में नेवला ही सांप को तड़पा तड़पा कर मारता रहा और सांप ने वहीं हथियार डाल दिए. खून में सना सांप का शरीर ऐसा था मानों कि नेवले ने उसके मुंह के दो टुकड़े कर दिए हों. वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद लोग तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: Video: मैडम जी ने बुरी तरह ठोक दी कार, फिर कैब वाले को मारने दौड़ी, सड़क पर कलेश का वीडियो वायरल

यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

वीडियो को @cute_girl789 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…नेवले की एक मार से सांप का खेल खत्म हो जाता है. एक और यूजर ने लिखा…इन्हें कभी देखा नहीं था लड़ते हुए आज ये सपना भी पूरा हो गया. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…आजकल इनका झगड़ा बहुत कम देखने को मिलता है.

यह भी पढ़ें: Viral Video: दरवाजे से घुसते हैं खिड़की से निकलते हैं… कैसी होती है चोरी की मोहब्बत, वीडियो देख आ जाएगा समझ


Brahma Muhurta: जो सोता है वो खोता है…ब्रह्म मुहूर्त का ऐसा रहस्य जिसे जानने के बाद…

[ad_1]

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

Brahma Muhurta: सूर्योदय से पहले का समय केवल अंधकार का नहीं है. शास्त्र कहते हैं कि इस क्षण में प्रकृति का हर कण दिव्यता से सराबोर होता है. इसे ही कहते हैं ब्रह्म मुहूर्त. वह काल जो सूर्योदय से लगभग 96 मिनट पहले से 48 मिनट पहले तक रहता है.

आयुर्वेद से लेकर विज्ञान तक मानता है कि इस समय उठना और साधना करना व्यक्ति को लंबी आयु, अपार ऊर्जा और असाधारण ज्ञान प्रदान करता है. आइए जानें क्यों यह समय जीवन-ऊर्जा का सबसे बड़ा रहस्य छिपाए बैठा है.

ब्रह्म मुहूर्त का समय और गणना

हिंदू पंचांग के अनुसार, दिन-रात के 30 मुहूर्त माने गए हैं. इनमें ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पहले आता है. इसकी गणना सूर्योदय से 1 घण्टा 36 मिनट पहले की जाती है और यह सूर्योदय से 48 मिनट पहले तक चलता है.

उदाहरण के अनुसार यदि सूर्योदय 6:00 बजे है तो ब्रह्म मुहूर्त 4:24 से 5:12 तक रहेगा. यह वह समय है जब प्रकृति की ऊर्जा तरंगें मनुष्य के मस्तिष्क और आत्मा के साथ तालमेल बिठाती हैं.

शास्त्रीय प्रमाण के अनुसार मनुस्मृति कहती है कि ब्रह्मे मुहूर्ते उत्तिष्ठेत् स्वस्थो रक्षार्थमायुषः. यानी जो व्यक्ति स्वस्थ रहकर दीर्घायु चाहता है, उसे ब्रह्म मुहूर्त में उठना चाहिए.

अथर्ववेद में कहा गया है कि इस समय किया गया जप-तप हजार गुना फल देता है. वहीं योगसूत्र कहता है कि ध्यान और साधना का सर्वश्रेष्ठ समय ब्रह्म मुहूर्त ही माना गया है क्योंकि इस समय चित्त की वृत्तियां शांत रहती हैं.

ब्रह्म मुहूर्त में छिपा है आध्यात्मिक महत्व, आत्मा और ब्रह्म का संगम

  1. ध्यान और साधना का द्वार – ब्रह्म मुहूर्त में वातावरण सात्विक होता है. साधक का मन चंचलता छोड़ देता है, जिससे ध्यान गहरा होता है.
  2. जप और पूजा का विशेष फल – इस समय किए गए मंत्र-जप को देवता तुरंत स्वीकार करते हैं.
  3. आत्मिक शुद्धि – यह समय आत्मा के मैल धोने और ईश्वर से जुड़ने का माना गया है.
  4. ऋषि परंपरा – वेदों के ऋषि, तपस्वी और संत इसी समय साधना करके सिद्धि प्राप्त करते थे.

आयुर्वेद और स्वास्थ्य के लिहाज से क्यों ये समय है उत्तम

आयुर्वेद में दिनचर्या का आरंभ ब्रह्म मुहूर्त से करने का निर्देश दिया गया है. वात-पित्त-कफ का संतुलन: ब्रह्म मुहूर्त में शरीर के दोष संतुलित रहते हैं. इसके साथ ही इस समय जागने और जलपान करने से पेट संबंधी दिक्कतों से मुक्ति मिलती है. पाचन तंत्र मजबत होता है.

श्वसन तंत्र की शुद्धि में भी ये समय अहम भूमिका निभाता है. कहते हैं कि इस समय प्राणवायु यानी ऑक्सीजन की शुद्धता चरम पर होती है. इतना ही नहीं नींद का संतुलन बनता है क्योंकि जल्दी उठने वाले को नींद की गुणवत्ता बेहतर मिलती है. दिमाग तरोताजा महसूस करता है.

ब्रह्म मुहूर्त को लेकर चरक संहिता में कहा गया है कि इस समय उठने वाला व्यक्ति आयु, बल, सौंदर्य और बुद्धि से संपन्न होता है. सनातन काल से ही सबसे सर्वोत्तम समय माना गया है.

आधुनिक विज्ञान का रहस्य

  • ऑक्सीजन का स्तर: सूर्योदय से पहले वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है. यह फेफड़ों और मस्तिष्क को ऊर्जा देती है.
  • अल्फा ब्रेन वेव्स: इस समय मस्तिष्क अल्फा स्टेट में होता है, जिससे रचनात्मकता, एकाग्रता और शांति बढ़ती है.
  • हार्मोनल बैलेंस: रिसर्च कहती है कि मेलाटोनिन हार्मोन सूर्योदय से पहले उच्च स्तर पर होता है, जो मानसिक स्थिरता लाता है.
  • बॉडी क्लॉक: शरीर का प्राकृतिक जैविक घड़ी तंत्र इस समय जागने वाले को लंबी उम्र और ऊर्जा प्रदान करता है.

विद्यार्थी और विद्या के लिए स्वर्णिम समय

पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के लिए ये समय तो गोल्डन टाइम है. विद्वान और विज्ञान दोनों ही इस बात को मानते हैं कि स्मरणशक्ति बढ़ाने और सीखने की क्षमता ब्रह्म मुहूर्त में सबसे तेज होती है.

विज्ञान की दृष्टि से देखे तो मस्तिष्क में डोपामिन और न्यूरल कनेक्शन मजबूत रहते हैं. गुरुकुल परंपरा में विद्यार्थियों को इसी समय उठाकर वेद आदि का अध्ययन कराया जाता था. आज भी UPSC, IIT या कठिन परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थी अगर इस समय पढ़ें तो परिणाम चौंकाने वाले होते हैं.

आधुनिक जीवन में ब्रह्म मुहूर्त

कॉर्पोरेट पेशेवर के लिए यह समय प्लानिंग और क्रिएटिव सोच का बेहतरीन दौर है. योग और वर्कआउट के लिए भी यह समय आदर्श है. डिजिटल लाइफ में भी अगर इस समय को डिजिटल डिटॉक्स के रूप में अपनाया जाए तो मानसिक शांति अद्भुत होगी.

क्यों कहा जाता है जीवन का स्वर्ण द्वार?

ब्रह्म मुहूर्त वह समय है जब सूर्य की पहली किरण अभी धरती पर नहीं पड़ी होती. पृथ्वी की विद्युत चुंबकीय तरंगें इस क्षण सबसे शांत रहती हैं. मनुष्य का सबकॉन्शियस माइंड (अवचेतन मन) पूरी तरह ग्रहणशील रहता है. इसलिए शास्त्र और विज्ञान दोनों मानते हैं यह जीवन की रीसेट बटन दबाने का सही समय है.

ब्रह्म मुहूर्त कोई साधारण समय नहीं, बल्कि जीवन का रहस्यमय स्वर्ण काल है. जो व्यक्ति इस समय उठकर साधना, अध्ययन और स्वास्थ्य के नियमों का पालन करता है, वह केवल दीर्घायु ही नहीं, बल्कि मानसिक और आत्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचता है. यह काल हमें सिखाता है कि जीवन बदलने के लिए पूरे दिन नहीं, केवल 48-96 मिनट ही काफी हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

[ad_2]

Google अब आपके फोन पर रखेगा नजर! Chrome और Gemini में हुआ ये बड़ा बदलाव

[ad_1]


Google Update: हाल ही में क्रोम और Gemini इंटीग्रेशन को लेकर एक बड़ी चेतावनी जारी हुई है. रिपोर्ट के अनुसार अब गूगल का ब्राउज़र स्मार्टफोन से संवेदनशील डेटा इकट्ठा कर रहा है. इसमें आपका नाम, लोकेशन, डिवाइस आईडी, ब्राउज़िंग व सर्च हिस्ट्री, प्रोडक्ट इंटरैक्शन और खरीददारी का रिकॉर्ड तक शामिल है.

अब तक का सबसे बड़ा अपग्रेड

गूगल ने घोषणा की है कि अब से क्रोम में Gemini को जोड़ा जा रहा है जिसे कंपनी ने अब तक का सबसे बड़ा अपग्रेड बताया है. लेकिन Surfshark की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अपडेट यूज़र्स की प्राइवेसी के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है. रिसर्च के अनुसार, क्रोम और Gemini मिलकर सीधे तौर पर 24 तरह का डेटा इकट्ठा करते हैं जो किसी भी अन्य एआई ब्राउज़र से कहीं ज्यादा है.

दूसरे ब्राउज़रों से तुलना

जहां Microsoft Edge और Copilot मिलकर केवल आधा डेटा ट्रैक करते हैं वहीं Perplexity, Opera और Brave जैसे ब्राउज़र बहुत कम जानकारी इकट्ठा करते हैं. Surfshark ने चेतावनी दी है कि यूज़र्स को समझना चाहिए कि क्रोम में Gemini जोड़ने के बाद उनकी कितनी जानकारी सुरक्षित नहीं रह जाती.

एक्सटेंशन और थर्ड-पार्टी का खतरा

केवल क्रोम ही नहीं बल्कि Edge और Firefox जैसे ब्राउज़र भी एआई एक्सटेंशन (जैसे ChatGPT) की सुविधा देते हैं. लेकिन इन टूल्स को इंस्टॉल करने से आपकी पर्सनल जानकारी थर्ड-पार्टी कंपनियों तक पहुंच सकती है. कई बार आधिकारिक स्टोर से डाउनलोड किए गए एक्सटेंशन भी डेटा चोरी में पकड़े गए हैं.

गूगल के दावे में कितनी सच्चाई

गूगल का कहना है कि “Gemini in Chrome केवल तभी एक्टिव होता है जब आप इसे खुद इस्तेमाल करें.” लेकिन असलियत यह है कि जैसे ही आप इसका इस्तेमाल करते हैं आपकी जानकारी कंपनी के पास पहुंच जाती है. रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि गूगल अपने लोकप्रिय इमेज एडिटिंग टूल Nano Banana को Google Photos में ला सकता है. साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि हर अपलोड की गई फोटो में आपके चेहरे की बायोमेट्रिक जानकारी, GPS लोकेशन, डिवाइस डिटेल और सोशल नेटवर्क पैटर्न जैसी बेहद संवेदनशील जानकारी छिपी होती है.

एप्पल ने उठाया कदम

वहीं दूसरी ओर Apple ने iOS 26 में Safari ब्राउज़र पर डिफॉल्ट रूप से एंटी-फिंगरप्रिंटिंग टेक्नोलॉजी लागू कर दी है. लेकिन अगर आप iPhone पर Chrome का इस्तेमाल करते हैं तो ऐसी कोई सुरक्षा नहीं मिलेगी. इसी वजह से एप्पल ने यूज़र्स को क्रोम से बचने और Safari चुनने की सलाह दी है.

डेटा कलेक्शन से बचने के तरीके

अगर आप क्रोम में Gemini इस्तेमाल कर रहे हैं तो कुछ सेटिंग्स बदलकर आंशिक रूप से कंट्रोल पा सकते हैं.

  • Settings > AI innovations > Gemini in Chrome में जाकर इसकी एक्टिविटी चेक करें.
  • “Gemini Apps Activity” में जाकर डेटा सेविंग को 72 घंटे से ज्यादा न होने दें.
  • फोन की सेटिंग में लोकेशन और कैमरा जैसी परमिशन को मैन्युअली कंट्रोल करें.

क्या बची है आपकी प्राइवेसी

साइबर विशेषज्ञों का कहना है कि Gemini और Nano Banana जैसे “फ्री टूल्स” दरअसल मुफ्त नहीं हैं. इनका बिजनेस मॉडल यही है कि आपकी जानकारी ही असली प्रोडक्ट बन जाती है. यानी जितना ज्यादा आप इन टूल्स का इस्तेमाल करेंगे, उतना ही ज्यादा आपका डेटा कंपनी और अन्य प्लेटफॉर्म्स के पास जाएगा.

यह भी पढ़ें:

कहीं देर न हो जाए! इस दिन खत्म हो जाएगी Flipkart Big Billion Days Sale 2025, अब मिलेंगे सबसे ज्यादा डिस्काउंट

[ad_2]

छत्तीसगढ़ में निकली केमिस्ट के पदों पर भर्ती, 91 हजार से ज्यादा मिलेगी सैलरी; ऐसे करें अप्लाई

[ad_1]


छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, रायपुर के अंतर्गत केमिस्ट पदों पर भर्ती प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा कर दी है. इच्छुक उम्मीदवार अब सीजी व्यापम की आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती अभियान के माध्यम से राज्य के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग में कुल 12 पदों को भरा जाएगा.

चयनित उम्मीदवारों को इस पद के लिए मासिक वेतन 28,700 रुपये से 91,300 रुपये तक मिलेगा. यह भर्ती राज्य में स्वास्थ्य क्षेत्र में पेशेवर और योग्य कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए शुरू की गई है. CG Vyapam ने इस भर्ती के लिए आवेदन और परीक्षा की महत्वपूर्ण तिथियों की जानकारी भी साझा की है. उम्मीदवारों को यह जानकारी ध्यानपूर्वक पढ़नी चाहिए ताकि किसी भी देरी या चूक से बचा जा सके.

  • आवेदन की अंतिम डेट: 22 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे तक
  • त्रुटि सुधार की डेट: 23 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2025, शाम 5 बजे तक
  • परीक्षा की संभावित डेट: 21 दिसंबर 2025
  • परीक्षा समय: सुबह 11:00 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक
  • प्रवेश पत्र जारी होने की डेट: 15 दिसंबर 2025

इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बीएससी (रसायन विज्ञान विषय) में उत्तीर्ण होना आवश्यक है. साथ ही आयु सीमा 1 जनवरी 2025 के अनुसार 18 से 40 वर्ष रखी गई है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी.

यह भी पढ़ें – अब स्कूल-कॉलेज में मिलेगा आयुर्वेद का ज्ञान, NCERT और UGC मिलकर तैयार कर रहे कोर्स मॉड्यूल

कितनी मिलेगी सैलरी

CG Vyapam केमिस्ट भर्ती 2025 में चयन प्रक्रिया में मुख्य रूप से लिखित परीक्षा और अन्य आवश्यक मानदंड शामिल होंगे. सफल उम्मीदवार राज्य के पब्लिक हेल्थ इंजीनियरिंग विभाग में काम करेंगे. इस भर्ती में पे स्केल 28,700 – 91,300 रुपये (लेवल-7) निर्धारित किया गया है.

कैसे करें आवेदन

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट vyapamcg.cgstate.gov.in पर जाएं.
  • होमपेज पर उपलब्ध “ऑनलाइन एप्लीकेशन” टैब पर क्लिक करें.
  • केमिस्ट पदों की भर्ती परीक्षा (PHEC25) लिंक पर क्लिक करें.
  • ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें और अपनी प्रोफाइल बनाएं.
  • जनरेट क्रेडेंशियल से लॉगिन करें, फॉर्म भरें, परीक्षा शुल्क जमा करें और आवेदन सबमिट करें.
  • आवेदन का प्रिंटआउट भविष्य के लिए सेव रखें.

यह भी पढें – RBI में निकली वैकेंसी के लिए आवेदन का मौका आज, तुरंत करें इस भर्ती के लिए अप्लाई

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

अब इस बड़ी लीग में खेलते दिखेंगे दिनेश कार्तिक, बोले- इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना सपने के सच..

[ad_1]


भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक एक बार फिर विदेशी लीग में खेलते दिखेंगे. पिछले साल कार्तिक दक्षिण अफ्रीका की SAT20 लीग में खेले थे. अब कार्तिक इंटरनेशनल टी20 लीग यानी ILT20 में खेलते दिखेंगे. वह इस लीग में शारजाह वॉरियर्स की टीम का हिस्सा होंगे. कार्तिक ने वॉरियर्स टीम में श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज कुसल मेंडिस की जगह ली है. इस टीम के कोच दक्षिण अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जेपी डुमिनी हैं. 

दिनेश कार्तिक ने इस लीग में जुड़ने पर कहा, “मैं डीपी वर्ल्ड आईएलटी20 टूर्नामेंट के लिए शारजाह वॉरियर्स टीम से जुड़कर बहुत उत्साहित हूं. मैं जानता हूं कि वे एक युवा टीम है और जो कुछ खास करने की ख्वाहिश रखते हैं. मैं यहां आकर खुश हूं. शारजाह भी उन प्रतिष्ठित स्टेडियमों में से एक है जहां हर कोई खेलना चाहता है. शारजाह वॉरियर्स फ्रेंचाइजी का हिस्सा बनना एक सपने के सच होने जैसा है.”

दिनेश कार्तिक के लिए यह दूसरी विदेशी टी20 लीग होगी. वह इससे पहले दक्षिण अफ्रीका में एसए20 की की टीम पार्ल रॉयल्स का हिस्सा रह चुके हैं. रॉयल्स के लिए उन्होंने छह पारियों में 97 रन बनाए थे. कार्तिक आईपीएल 2025 चैंपियंस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के बल्लेबाजी कोच भी हैं.

आरसीबी में कार्तिक ने ऑस्ट्रेलिया के टिम डेविड के साथ मिलकर काम किया था, जो शारजाह वॉरियर्स के विदेशी खिलाड़ियों में से एक हैं. वॉरियर्स के मुख्य कोच डुमिनी ने कहा, “दिनेश कार्तिक सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में से एक हैं और उन्हें टी20 क्रिकेट में महारत हासिल है. मैं डीपी वर्ल्ड आईएलटी20 के आगामी सत्र के लिए उन्हें अपनी टीम में पाकर बहुत उत्साहित हूं.”

दिनेश कार्तिक के नाम 412 टी20 मैचों में 7437 रन हैं. उन्होंने इस दौरान 136.66 की स्ट्राइरेट से रन बनाने के साथ 35 अर्धशतक जड़े हैं. उन्होंने भारत के लिए 60 टी20 अंतरराष्ट्रीय में 142.61 स्ट्राइक रेट से 686 रन बनाये हैं.

[ad_2]

क्या गाजा में अपनी सेना तैनात करेगा PAK? ट्रंप के प्लान पर विदेश मंत्री इशाक डार का बड़ा बयान

[ad_1]


अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से गाजा में युद्धविराम के लिए पेश किए गए नए प्रस्ताव को भारत, चीन, रूस समेत आठ अरब और मुस्लिम बहुल देशों ने सराहा है. इस बीच पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने मंगलवार (30 सितंबर 2025) को कहा कि गाजा में ‘शांति सेना’ की सहायता के लिए आर्मी भेजने का निर्णय पाकिस्तान का शीर्ष नेतृत्व लेगा. उन्होने कहा कि फिलिस्तीन लॉ एनफोर्समेंट एजेंसी जमीनी स्तर पर काम करेंगी.

ट्रंप और मुस्लिम देश के नेताओं के बीच क्या बात हुई?

इशाक डार ने पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) के 80वें सत्र से इतर मुस्लिम नेताओं के साथ ट्रंप की बैठक के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि इस बैठक में पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, जॉर्डन, तुर्किए और इंडोनेशिया के नेताओं ने ट्रंप के साथ गाजा-इजरायल युद्ध को समाप्त करने पर बात की.

‘वेस्ट बैंक पर इजरायल के कब्जे को रोका जाए’

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि दो उद्देश्यों से अमेरिका गए थे. एक संयुक्त राष्ट्र महासभा की गतिविधियों से संबंधित था तो दूसरा गाजा में युद्ध समाप्त करने के लिए समान विचारधारा वाले देशों के साथ मिलकर काम करना था.

उन्होंने बताया, “ट्रंप के साथ बैठक का उद्देश्य गाजा में युद्धविराम की कोशिश करना, गाजा के पुनर्निर्माण की योजना बनाना, गाजा में मानवीय सहायता भेजने की व्यवस्था करना, फिलिस्तीनियों के जबरन विस्थापन को रोकना, गाजा से विस्थापित लोगों की वापसी की व्यवस्था करना और वेस्ट बैंक पर इजरायल के कब्जे की कोशिशों को रोकना था.”

क्या गाजा में अपनी सेना तैनात करेगा पाकिस्तान?

क्या पाकिस्तान 20-सूत्रीय योजना के तहत गाजा में कोई सैनिक तैनात करेगा? इस सवाल के जवाब में इशाक डार ने कहा, “हमारा विचार यह है कि वहां टेक्नोक्रेट्स की एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी सरकार हो. इसकी देखरेख एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी निकाय करेगा, जिसमें भी ज्यादातर फिलिस्तीनी होंगे. टोनी ब्लेयर इस संबंध में प्रयास कर रहे हैं. उन्हें अब तक सफलता नहीं मिली है, लेकिन अब उन्हें एक अवसर मिल सकता है.”

इशाक डार ने कहा, “वहां तैनात बल शांति सेना है. जमीनी स्तर पर फिलिस्तीन लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां होंगी. उनका समर्थन करने वाली अलग सेनाएं होंगी. इंडोनेशिया ने इसके लिए 20,000 सैनिकों की पेशकश की है. मुझे यकीन है कि पाकिस्तान का नेतृत्व भी इस पर कोई फैसला लेगा.”

ये भी पढ़ें : ‘3-4 दिन के भीतर शांति समझौता स्वीकार करे वरना…’, गाजा प्लान को लेकर ट्रंप की हमास को चेतावनी

[ad_2]