‘पिता मुझे जानते नहीं थे… प्रिया सरोज रोने लगी…’, रिंकू सिंह ने 2 साल बाद किया बड़ा खुलासा

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रिंकू सिंह अभी दुबई में हैं, जहां टीम इंडिया 14 सितंबर को एशिया कप 2025 में अपना अगला मैच पाकिस्तान के साथ खेलेगी. इससे पहले रिंकू सिंह ने प्रिय सरोज के साथ अपने रिश्तों को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है. बता दें कि कुछ समय पहले ही रिंकू और प्रिया की सगाई हुई है, दोनों की नवंबर में शादी होनी थी लेकिन अब शायद उसे अगले साल तक के लिए टाल दिया गया है. रिंकू ने बताया कि कैसे आईपीएल में उन 5 छक्कों ने उनके रिश्ते को भी मजबूत किया, क्योंकि प्रिया रोने लगी थी.

रिंकू सिंह ने आईपीएल 2023 के 13वें मैच में लगातार 5 छक्के लगाए थे, वो भी तब जब केकेआर को आखिरी ओवर में जीत के लिए 29 रन चाहिए थे. किसी को नहीं लगा था कि अब केकेआर इस मैच को जीत सकती है, लेकिन उमेश यादव ने पहली गेंद पर सिंगल लेकर रिंकू को स्ट्राइक दी और उन्होंने लगातार 5 गेंदों में 5 छक्के मारकर अपनी टीम को विजयी बना दिया.

2 साल बाद रिंकू सिंह ने किया खुलासा

रिंकू सिंह ने अब 2 साल उस घटना को याद करते हुए बताया कि कैसे उसने प्रिया के साथ उनके रिश्ते को मजबूत बनाया. राज शमनी के यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि उस समय प्रिया सरोज के पिता को ये नहीं पता था कि मैं कौन हूं. बता दें कि सांसद प्रिया सरोज के पिता तूफानी सिंह भी सांसद रह चुके हैं, वर्तमान में वह विधायक हैं.

रिंकू सिंह ने आगे बताया कि जब उन्होंने वो पारी खेली तब प्रिया सरोज भावुक हो गई थीं. वह फोन पर रो रही थी. साची दीदी (क्रिकेटर नितीश राणा की पत्नी) ने मुझे बताया कि प्रिया काफी भावुक हो गई थीं.

रिंकू ने आगे कहा कि वो दिन मेरे लिए बहुत बड़ा था. 5 छक्कों के बाद लोग मुझे जानने लगे थे, इसलिए मुझे लग रहा था कि अब चीजें शायद आसान हो जाएंगी. रिंकू ने बताया कि उस समय उनके पिता (तूफानी सरोज) को नहीं पता था कि मैं कौन हूं. उन्हें क्रिकेट में भी कोई दिलचस्पी नहीं थी, इसलिए प्रिया के पिता मेरे बारे में ज्यादा नहीं जानते थे.


5 छक्कों ने रातोंरात बदली जिंदगी

यश दयाल के इस ओवर में 5 छक्के लगाने के बाद रिंकू सिंह की जिंदगी बदल गई, रिंकू को पहचान मिल गई थी. उन्होंने कहा कि मैंने जो मेहनत की, उसका फल मुझे उसी मैच में मिला. उनके सोशल मीडिया पर फ़ॉलोअर्स बढ़ने लगे थे. रिंकू सिंह और प्रिया सरोज अगले साल शादी कर सकते हैं, दोनों ने इसी साल जून में सगाई की थी.



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सिम कार्ड का एक कोना क्यों कटा होता है? 99 प्रतिशत लोगों को नहीं पता होगा जवाब, यहां जानें सीक्

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कई बार ऐसा होता है कि हम किसी चीज को लगातार यूज कर रहे होते हैं, लेकिन उसके बारे में कुछ चीजों की जानकारी नहीं होती. उदाहरण के तौर पर सब लोगों ने अपने मोबाइल में सिम कार्ड यूज किया है. लेकिन 99 प्रतिशत लोगों को यह पता नहीं होगा कि इसका एक कोना कटा क्यों होता है. यह ऐसा सवाल है, जिसका जवाब जानने की अधिकतर लोगों ने कोशिश भी नहीं की है. अगर आपके मन में यह सवाल है कि सिम कार्ड का एक कोना कटा क्यों होता है तो आइए इसके पीछे का कारण जानते हैं.

सिम कार्ड का एक कोना कटा क्यों होता है?

सिम कार्ड एक ऐसी चीज है, जिसे बड़ी संख्या में लोग यूज करते हैं. टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स का कहना है कि सिम कार्ड को इस तरह डिजाइन करने की पीछे एक खास कारण है. फोन में सही तरीके से फिट हो सके, इसलिए सिम कार्ड का एक कोना कट किया जाता है. इससे लोगों को यह आसानी से समझ आ जाता है कि वो सिम कार्ड को सीधा लगा रहे हैं या उल्टा. अगर सिम कार्ड को उल्टा लगा दिया जाए तो यह काम नहीं करेगा. इससे मोबाइल में नेटवर्क नहीं आएंगे और सिम कार्ड के खराब होने का भी खतरा रहता है. 

कैसे काम करता है सिम कार्ड?

सिम कार्ड का पूरा नाम सब्सक्राइब आइडेंटिटी मॉड्यूल होता है. इसका काम मोबाइल डिवाइस को सेलुलर नेटवर्क से कनेक्ट करना होता है. यह इंटरनेशनल मोबाइल सब्सक्राइबर आइडेंटिटी (IMSI) नंबर और इससे जुड़ी Keys को स्टोर रखता है. इनकी मदद से किसी मोबाइल नेटवर्क के यूजर की पहचान और उसे ऑथेंटिकेट किया जाता है. ऑन होने के बाद मोबाइल सिम कार्ड के डेटा को रीड कर इसे मोबाइल नेटवर्क तक पास करता है. इस प्रोसेस के बाद नेटवर्क यूजर की आइडेंटिटी को वेरिफाई करता है. इससे उसे पता चल पाता है कि यह यूजर नेटवर्क को एक्सेस कर सकता है या नहीं. इसी वजह से एक कंपनी का सिम कार्ड दूसरी कंपनी के नेटवर्क से कनेक्ट नहीं हो पाता.

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बचे अब सिर्फ 4 दिन… आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन नजदीक, चूक गए तो जेब हो सकती है ढीली

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ITR Filing Deadline 2025: आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन धीरे-धीरे नजदीक आ रही है. इसे पहले 31 जुलाई से बढ़ाकर 15 सितंबर किया गया. यानी कि अब रिटर्न फाइल करने के लिए कुछ ही दिन शेष बचे हैं. अब सबसे जरूरी सवाल यह आता है कि क्या होगा अगर आप अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) तय समय के अंदर न भर पाए तो? आइए आज हम आपको इस खबर के जरिए इसकी पूरी जानकारी देते हैं. 

लेट फी का करना होगा भुगतान

15 सितंबर पार हो जाने के बाद भी आईटीआर जमा न करने वालों पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 234F लागू हो जाती है. इसके तहत आयकर विभाग टैक्सपेयर्स पर लेट आईटीआर फाइल करने के लिए फाइन लगाता है. इस धारा के तहत विभाग की तरफ से पेनाल्टी वसूली जाती है. पेनाल्टी टैक्सपेयर के आय के अनुरूप लगाई जाती है. 

कितना देना होगा जुर्माना?

  • अगर आपका टोटल इनकम 5 लाख रुपये से ज्यादा है, तो आपको 5,000 रुपये का जुर्माना देना होगा. 
  • अगर टोटल इनकम 5 लाख रुपये से कम है, तो 1,000 रुपये से ज्यादा जुर्माना नहीं देना होगा. 
  • अगर इनकम कर योग्य सीमा से कम है, तो कोई जुर्माना नहीं लगेगा. 

बकाए टैक्स पर इंटरेस्ट 

निर्धारित तारीख से पहले रिटर्न फाइल करने से चूक जाने वालों पर धारा 234A के तहत बकाए टैक्स अमाउंट पर 1 परसेंट की दर से ब्याज भी लगाया जाता है. यानी कि पेनाल्टी के अलावा भी अलग से ब्याज का भुगतान करना होगा.

कैरी-फॉरवर्ड लाभों का नुकसान

इनकम टैक्स रिटर्न निर्धारित तिथि से पहले फाइल करने से चूक जाने पर कैरी-फॉरवर्ड लाभों को नुकसान पहुंचता है. मान लीजिए कि अगर कारोबारी साल 2025 में आपको व्यावसायिक घाटा या पूंजीगत घाटा (मान लीजिए, शेयर बाजार में ट्रेडिंग से) हुआ है, तो आप नियत तारीख से पहले आईटीआर दाखिल करने तक आने वाले सालों में अपने लाभ की भरपाई के लिए उन्हें आगे नहीं ले जा सकते. 

रिफंड मिलने में देरी 

डेडलाइन के बाद रिटर्न दाखिल करने से रिफंड प्रॉसेस होने में भी देर लगती है. डेडलाइन से पहले आईटीआर फाइल करने वालों के मुकाबले बाद में रिटर्न जमा करने वालों को रिफंड मिलने में भी देरी होती है.

क्या सरकार बढ़ाएगी समय सीमा?

टैक्सपेयर्स रिटर्न फाइल करने की समय सीमा बढ़ाने की उम्मीद कर रहे हैं, खासकर हाल के दिनों में जीएसटी रिफॉर्म्स और पोर्टल की गड़बड़ियों को देखते हुए. हालांकि, संबंधित अधिकारियों के मुताबिक, इस साल समय सीमा और बढ़ाने की संभावना नहीं है, जब तक कि फाइलिंग सिस्टम में कोई तकनीकी खराबी न हो. 

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भगवान राम का जन्म, लिपुलेख और कालापनी… ओली ने इस्तीफे के बाद भारत के खिलाफ जी भरकर उगला जहर

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नेपाल में Gen-Z के विरोध प्रदर्शनों के चलते प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद केपी शर्मा ओली का पहला रिएक्शन सामने आया है. बुधवार (10 सितंबर, 2025) को जारी एक बयान में ओली ने खुलासा किया कि वह वर्तमान में नेपाल सेना के शिवपुरी बैरक में हैं. ओली ने सत्ता छोड़ने के बाद भी भारत के खिलाफ बोलना बंद नहीं किया है.

पीएम पद से हटने के बाद ओली भारत के खिलाफ जहर उगलने लगे हैं. ओली का कहना है कि उन्होंने सत्ता इसलिए खो दी क्योंकि उन्होंने ‘अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान की बात का विरोध किया था.’

कहां छिपे हैं केपी शर्मा ओली ?
नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली ने कहा कि अगर उन्होंने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा का मुद्दा नहीं उठाया होता तो वह सत्ता में बने रहते. ऐतिहासिक रूप से भारत का हिस्सा रही इन जगहों को नेपाल अपना क्षेत्र बनाता है. ओली ने अपने बयान के जरिए उन रिपोर्टों का खंडन किया, जिनमें दावा किया गया था कि वह देश छोड़कर भाग गए हैं. ओली ने कहा कि वो काठमांडू के उत्तर में स्थित शिवपुरी में हैं.

खुद को बताया जिद्दी स्वभाव का व्यक्ति
अपने पत्र में खुद को स्वभाव से जिद्दी बताते हुए ओली ने कहा कि अगर जिद्दी न होते तो बहुत पहले हार चुके होते. उन्होंने कहा, ‘इसी जिद के साथ मैंने यहां काम करने वाली सोशल मीडिया कंपनियों से हमारे नियमों का पालन करने और स्थानीय स्तर पर पंजीकरण कराने की मांग की थी. मैंने जोर देकर कहा था कि लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा नेपाल के हैं. मैंने यह भी कहा था कि भगवान श्री राम का जन्म नेपाल में हुआ था भारत में नहीं. जैसा कि शास्त्रों में कहा गया है.

‘मेरे लिए पद और प्रतिष्ठा मायने नहीं रखती’
ओली ने आगे कहा, ‘अगर मैंने इन बातों पर समझौता कर लिया होता तो मैं कई आसान रास्ते चुन सकता था और कई लाभ प्राप्त कर सकता था. अगर लिंपियाधुरा समेत नेपाल का नक्शा संयुक्त राष्ट्र को न भेजा गया होता, या अगर मैंने दूसरों को अपने लिए फैसला लेने दिया होता तो मेरा जीवन बहुत अलग होता. ओली ने कहा कि उनके लिए पद और प्रतिष्ठा मायने नहीं रखती.

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जितिया व्रत में पीले धागे और नारियल का ये उपाय, दीर्धायु होगी संतान

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मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के दृष्टिवान नेतृत्व में राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा अर्निंग वेल-लिविंग वेल मंत्र को पूरा करने वाला ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ विधानसभा में पारित हुआ

*कानूनी सरलता तथा पारदर्शिता की ओर राज्य सरकार का एक और कदम*

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दिशादर्शन में वैश्विक निवेशकों की पसंद बने गुजरात में मैक्सिमम गवर्नेंस-मिनिमम गवर्नमेंट के ध्येय को जनविश्वास विधेयक और तेज गति से साकार करेगा*

*6 विभागों के 11 कानूनों-अधिनियमों के लगभग 516 प्रावधानों में सुझाए गए सुधार किए जाएंगे*

*उद्योग मंत्री श्री बलवंतसिंह राजपूत द्वारा विधानसभा सदन में प्रस्तुत किए गए ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ के मुख्य लाभ :*
– *विश्वास आधारित शासन को प्रोत्साहन–नागरिकों में अनावश्यक भय कम होगा*
– *कानून की चूक की गंभीरता के अनुसार फाइन नहीं, बल्कि पैनल्टी*
– *न्यायिक प्रणाली के बोझ में कमी*
– *कानूनी सुधारों द्वारा व्यापारिक सशक्तिकरण का दिशादर्शन*
– *पुराने कानूनों का समयानुकूल आधुनिकीकरण*
– *एमएसएमई-स्टार्टअप्स सहित अन्य व्यवसायों को प्रोत्साहन*

*गांधीनगर, 09 सितंबर :* प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिवान नेतृत्व में विकसित भारत@2047 के लिए विकसित गुजरात के निर्माण की दिशा में मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के दिशादर्शन में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट तथा पॉलिसी ड्रिवन गवर्नेंस के चलते गुजरात आज जब विश्वभर के निवेशकों की पहली पसंद बना है, तब ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को वेग देकर अर्निंग वेल-लिविंग वेल की संकल्पना साकार करने का राज्य सरकार का ध्येय है।

15वीं गुजरात विधानसभा के सातवें सत्र के दूसरे दिन उद्योग मंत्री श्री बलवंतसिंह राजपूत ने इस उद्देश्य की पूर्ति के लिए सदन में ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ प्रस्तुत किया।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के सरलता एवं पारदर्शिता की ओर एक और ठोस कदम के रूप में पारित हुआ यह जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 राज्य में कानून के पालन को आसान बनाकर, डिजिटलाइज्ड कर तथा सुयोग्य ढंग से बदलाव लाकर व्यापार सरलता के साथ जीवन जीने की सरलता में भी वृद्धि करने वाला सिद्ध होगा। इतना ही नहीं; न्यायपालिका पर बोझ घटाने में भी यह विधेयक उपयुक्त बनेगा।

मंत्री श्री बलवंतसिंह राजपूत ने सदन में इस जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 की पृष्ठभूमि रखते हुए कहा कि किसी भी देश में विकास के लिए स्थिर नीतियाँ तथा अच्छा व्यावसायिक माहौल बहुत ही महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने हमेशा कानूनों को आधुनिक, फ्लेक्सिबल, पीपल फ्रेंड्ली तथा विश्वास आधारित बनाया है। सरकार ने आम नागरिकों तथा उद्योगों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना है।

इतना ही नहीं; टेक्नोलॉजी के उपयोग से त्वरित एवं अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकने वाले क्षेत्रों में उनके मार्गदर्शन का भी सरकार ने स्वागत किया है। इसलिए केन्द्र सरकार ने 2023 में जनविश्वास अधिनियम लागू कर कम्प्लायंसेज घटाने का प्रयास किया है। इस दिशा में केन्द्र व राज्य स्तर पर 40 हजार से अधिक कम्प्लायंसेज निर्मूल किए गए। इससे ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को प्रोत्साहन मिला है। हाल ही में संसद में जनविश्वास विधेयक 2.0 प्रस्तुत हुआ है।

राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार के जनविश्वास विधेयक 2.0 का विस्तृत अध्ययन करने के बाद गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 तैयार किया है।

मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल इन्क्रीमेंटल चेंज के लिए नहीं, बल्कि क्वाण्टम जंप के लक्ष्य के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात के सुदृढ़ विकास की डाली गई नींव को अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल ट्रस्ट बेस्ड गवर्नेंस तथा प्रो-पीपल गवर्नेंस के लिए हमेशा आग्रही रहे हैं। उसे साकार करते हुए राज्य सरकार के 6 विभागों के 11 कानूनों-नियमों के अंतर्गत लगभग 516 प्रावधानों को अपराधमुक्त डिक्रिमिनलाइज्ड करना इस विधेयक का उद्देश्य है।

उद्योग मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि इस विधेयक में कानूनों एवं नियमों में सुझाए गए सुधारों में छोटी (कम गंभीर) भूलों के लिए जहाँ तक संभव हो, कैद की सजा का प्रावधान हटा दिया गया है और फाइन यानी दंड के स्थान पर वित्तीय पैनल्टी के प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार के शहरी विकास विभाग, श्रम एवं कौशल विकास तथा रोजगार विभाग, नर्मदा, जल संसाधन, जलापूर्ति एवं कल्पसर विभाग, उद्योग एवं खान विभाग, कृषि, किसान कल्याण एवं सहकारिता विभाग और वित्त विभाग के 11 कानूनों-नियमों के अंतर्गत आने वाले 516 प्रावधानों को अपराधमुक्त करने से सजा के भय के स्थान पर प्रामाणिकता से कानूनों के पालन में मदद मिलेगी।

उन्होंने अपराधमुक्त किए गए 516 प्रावधानों का विवरण देते हुए कहा कि एक प्रावधान में कैद की धारा है, जिसे हटाया जा रहा है। 17 प्रावधानों में कैद या फाइन को पैनल्टी में बदला जा रहा है तथा 498 प्रावधानों में फाइन को पैनल्टी में बदला जाएगा।

इसके अलावा; 8 कानूनों के अंतर्गत उल्लंघन के समाधान की व्यवस्था के साथ अधिकारी द्वारा राशि स्वीकार किए जा सकने के प्रावधान किए गए हैं।

उद्योग मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में प्रस्तुत हुए इस विधेयक का उद्देश्य नियमों में सुधारों से भी एक कदम आगे बढ़कर सरकार व नागरिकों के बीच विश्वास को अधिक मजबूत करने का प्रयास है।

इस विधेयक का उद्देश्य फाइलिंग विलंब, लाइसेंस रिन्यूल में विलंब टालना, सुरक्षा उल्लंघन संबंधी छोटी भूलों के लिए अनपेक्षित व फौजदारी आरोंपों से मुक्ति देना, न्यायिक प्रणाली पर बोझ घटाकर पैनल्टी आधारित दंड व्यवस्था लाना है। इस विधेयक से विशेषकर स्टार्टअप्स तथा एमएसएमई अधिक सुदृढ़ होंगे और छोटी (कम गंभीर) भूलों के लिए फौजदारी कार्यवाही के अनावश्यक भय के बिना अपने उद्योग-व्यवसायों का और बेहतर ढंग से विकास कर राज्य में एमएसएमई इकोसिस्टम को सुदृढ़ बनाएंगे।

श्री राजपूत ने कहा कि अब तक राज्य स्तर के जनविश्वास कानून पारित करने वाले अन्य राज्यों की तुलना में गुजरात ने सबसे अधिक कानूनों एवं प्रावधानों में सुधार किया है।

उद्योग मंत्री ने विधानसभा सदन के समक्ष ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ के लाभों का विवरण देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के दिशादर्शन में तैयार किया गया यह जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025 राज्य में विकास एवं निवेश को अधिक मजबूत करने के साथ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तथा ईज ऑफ लिविंग को भी गति देगा।

इस विधेयक में छोटे (कम गंभीर) उल्लंघनों और छोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से बाहर निकाल कर डिक्रिमिनलाइज्ड करने पर ध्यान केन्द्रित किया गया है। दंडात्मक कदमों के स्थान पर सुधारात्मक कदमों को जो प्रोत्साहन दिया गया है, वह राज्य के सर्वग्राही विकास के साथ नियमनकारी सुधार यात्रा का महत्वपूर्ण माइलस्टोन बनेगा तथा गुजरात की देश के विकास के रोल मॉडल के रूप में स्थापित हुई पहचान को मुख्यमंत्री श्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में व्यापक स्तर पर उजागर करेगा।

इस विधेयक पर सत्तापक्ष तथा प्रतिपक्ष के सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और इसके बाद यह ‘गुजरात जनविश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक-2025’ सदन में बहुमत से पारित किया गया।

नेपाल में दुम दबाकर भागे राजनेता! रास्ता नहीं मिला तो हेलीकॉप्टर पर रस्सी टांग लटके

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नेपाल इन दिनों जबरदस्त उथल-पुथल से गुजर रहा है. राजनीतिक अस्थिरता और लगातार हो रहे प्रदर्शनों के बीच सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि सेना का एक हेलीकॉप्टर सीधे एक घर की छत के ऊपर उड़ता हुआ आता है और बगैर लैंड किए ही सत्ता पक्ष के कुछ नेताओं को एयरलिफ्ट कर लेता है. ये वीडियो सामने आने के बाद अंदाजा लगाया जा सकता है कि नेपाल में हालात कितने बेकाबू हो चुके हैं.

प्रदर्शनकारियों से बचकर यूं भागे नेपाल के राजनेता!

वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि नेपाल के राजनेता कैसे देश छोड़कर भाग रहे हैं. बताया जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों के गुस्से और बढ़ते दबाव से बचने के लिए नेताओं को इस तरह सुरक्षित बाहर निकाला गया. वीडियो में साफ दिख रहा है कि सेना का हेलीकॉप्टर जैसे ही नेताओं को लेकर उड़ान भरता है, आसपास के लोग शोर मचाते हैं और माहौल और भी तनावपूर्ण हो जाता है. नेपाल की राजनीति में इस घटना ने नई बहस छेड़ दी है. विद्रोही नेताओं के इस कदम के बाद जोर जोर से हूटिंग करने लगते हैं तो वहीं समर्थक इसे नेताओं की सुरक्षा से जुड़ा ज़रूरी कदम बता रहे हैं.

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यूजर्स ने ले ली मौज, कुछ ने जताई चिंता

वीडियो को @jimNjue_ नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…नेताओं का अंत में यही हाल होता है. बेईमानी एक दिन इंसान को कुत्ता बना देती है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बादशाहत या तानाशाही में जुल्म करना और आवाज दबाना गलत है. आपको बता दें कि नेपाल के पीएम ने इस्तीफा दे दिया है और बताया जा रहा है कि वो देश छोड़कर जा चुके हैं. अब नए पीएम पर चर्चा तेज हो गई है और सुशीला कार्की का नाम सबसे आगे है.

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Elon Musk की चौंका देने वाली भविष्यवाणी, कहा- इस मामले में इंसानों से आगे निकल जाएगी AI

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Tesla CEO Elon Musk ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर एक चौंका देने वाली भविष्यवाणी की है. उनका मानना है कि अगले साल यानी 2026 तक AI किसी आम इंसान से ज्यादा इंटेलिजेंट होगी. इससे भी चौंकाने वाली बात कहते हुए मस्क ने अनुमान लगाया है कि 2030 तक AI दुनिया के सारे इंसानों से ज्यादा समझदार और स्मार्ट होगी. बता दें कि मस्क से पहले भी कई एक्सपर्ट्स यह कह चुके हैं कि AI इंसानों को पीछे छोड़ देगी. कई लोगों ने तो यह भी आशंका जताई है कि AI जल्द ही इंसानों को कंट्रोल करने लगेगी.

तेजी से हो रहा AI का विकास 

पिछले कुछ समय से AI का तेजी से विकास हो रहा है. हर टेक कंपनी अपने AI मॉडल बनाने में जुटी है और सबकी कोशिश एक-दूसरे को पछाड़ने की है. मस्क ने यह नहीं बताया कि उनकी भविष्यवाणी किन फैक्टर्स पर आधारित है, लेकिन एजेंटिक AI और फिजिकल AI आदि में हो रहे डेवलपमेंट के चलते ये माना जा रहा है कि AI से जल्द ही इंसानों को कड़ी टक्कर मिलने वाली है. हाल ही में गूगल के चीफ साइंटिस्ट जेफ डीन ने कहा था कई आधुनिक AI मॉडल ऐसी स्टेज पर पहुंच चुके हैं, जिन्होंने कुछ नॉन-फिजिकल कामों में एक आम इंसान को पछाड़ दिया है. 

AI को लेकर मस्क ने लगाया था ये अनुमान

मस्क लगातार AI को लेकर आशावादी रहे हैं, लेकिन उन्होंने इसके तेज विकास पर चिंता भी जताई है. 2020 में मस्क ने कहा था कि अगले 5 सालों में इंसानों से ज्यादा आगे होगी. हालांकि, अभी तक उनकी यह भविष्यवाणी पूरी तरह ठीक नहीं हुई है, लेकिन उसके कुछ संकेत मिलने लगे हैं. मस्क के बयान से पहले 2017 में आई MIT की एक स्टडी में कहा गया था कि इस बात के 50 प्रतिशत चांस हैं कि अगले 45 सालों में मशीनों में इंसानों के बराबर समझ आ जाएगी. वहीं ऐसा अगले 9 सालों में होने के 10 प्रतिशत चांस हैं.

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शाहरुख खान की इन तीन कीमती चीजों को चुराना चाहती थीं अनुष्का शर्मा, कहा था- बेच दूंगी

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बॉलीवुड सेलेब्स के थ्रोबैक इंटरव्यू के वीडियो खूब वायरल होते हैं. इन वीडियो क्लिप में अक्सर ये सितारे चौंकाने वाले खुलासे करते हुए नजर आते हैं. फिलहाल अनुष्का शर्मा का एक पुराना वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वे बताती नजर आ रही है कि वे बॉलीवुड के बादशाह यानी शाहरुख खान की तीन चीजें चुराना चाहती हैं. चलिए यहां जानते हैं आखिर शाहरुख खान की कौन सी चीजों पर अनुष्का शर्मा नजरें गड़ाए बैठी हैं?

शाहरुख खान की तीन चीजों को चुराना चाहती थीं अनुष्का शर्मा
बता दें कि वायरल हो रही क्लिप ओरिजनली साल 2016 की है. उस दौरान अनुष्का शर्मा और शाहरुख खान फिल्म निर्माता साजिद खान और अभिनेता रितेश देशमुख के चैट शो ‘यारों की बारात’ में पहुंचे थे. इस दौरान साजिद खान ने अनुष्का शर्मा से पूछा था, “अगर आपको शाहरुख से एक चीज चुरानी पड़े, तो वह क्या होगी?” इस सवाल पर अनुष्का हंसते हुए कहती हैं कितनी सारी चीजें हैं. वहीं शाहरुख खान तपाक से बोलते है कि दो-चार चीज़ें तो ये चुरा चुकी हैं.

वहीं साजिद खान के सवाल का जवाब देते हुए अनुष्का ने कहा था कि  वह बॉलीवुड सुपरस्टार के घड़ियों के कलेक्शन चुराना चाहती हैं,. उन्होंने मज़ाक में कहा, “और मैं बेचूंगूं.” जब उनसे पूछा गया कि और क्या चीजें वे किंग खान से चुकाना चाहती हैं तो एक्ट्रेस ने कहा था “मन्नत,ज़ाहिर है.” तीसरी चोरी वाली चीज़ के बारे में अनुष्का ने कहा, “अभी कुछ तो छोड़ देती हूं.य”

 


शाहरुख ने अनुष्का शर्मा से वैनिटी वैन छोड़ने की रिक्वेस्ट की थी
शाहरुख खान ने अपने ख़ास अंदाज़ में यह कहकर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया था कि, “वैनिटी वैन छोड़ दो, बच्चों और बीवी को लेकर वैनिटी वैन में ही रहूंगा मैं.” इस वीडियो को फैंस से बहुत प्यार मिला था और सभी ने शाहरुख खान और अनुष्का शर्मा की दोस्ती की सराहना की थी.

शाहरुख खान-अनुष्का शर्मा की फिल्मों में जोड़ी रही हिट
बता दें कि अनुष्का शर्मा और शाहरुख खान ने कई फिल्मों में साथ काम किया है. एक्ट्रेस ने किंग खान के साथ रब ने बना दी जोड़ी से बॉलीवुड में डेब्यू किया था था. उन्होंने जब हैरी मेट सेजल और जब तक है जान जैसी फिल्मों में भी साथ काम किया है. फैंस इस जोडी को दोबारा पर्दे पर देखने के लिए काफी बेरकरार हैं.

 

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LIVE: नेपाल में जल्द नई सरकार का होगा गठन, जानें कौन होगा अगला प्रधानमंत्री

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नेपाल के नए प्रधानमंत्री को लेकर एक प्रदर्शनकारी ने प्रतिक्रिया दी है. उसने कहा, देश चलाना आसान नहीं है, इसलिए एक अनुभवी व्यक्ति की जरूरत है. नेपाल की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की अच्छा विकल्प हैं.



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