फिरौन की लाश का रहस्य क्या है, कैसे ये हजारों साल बाद भी सलामत है!

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Pharaoh Mummy: फिरौन का नाम लेते ही दिमाग में मिस्र का वो जालिम बादशाह याद आ जाता है, जिसने खुद को खुदा बताना शुरू कर दिया था. लेकिन कुरआन शरीफ में साफ लिखा है कि जब उसने हजरत मूसा अलैहिस्सलाम का मुकाबला किया और समुंदर में डूब गया, तो अल्लाह ने उसकी लाश को आने वाली नस्लों के लिए इबरत बना कर बचाए रखा.

हैरानी की बात ये है कि हजारों साल गुजर जाने के बावजूद फिरौन की ममी आज भी सलामत है और मिस्र के म्यूजियम में रखी हुई है. कुरआन की ये बात और तारीख की गवाही मिलकर एक बड़ी सवाल खड़ा करती हैं, क्या ये बस इत्तेफाक है या सच में अल्लाह का पैगाम? आइए जानते हैं कि इसके पीछे के विज्ञान और धार्मिक नजरिए.

कुरआन की गवाही: पानी में डूबा, फिर भी बची लाश
कुरआन में सूरह युनुस (10:92) में लिखा है कि जब फिरौन समुंदर में डूबा, तब अल्लाह तआला ने उसकी लाश को महफूज रखा. इसका मकसद सिर्फ ये दिखाना था कि आने वाली पीढ़ियां इससे सबक लें और घमंड या जुल्म से दूर रहें.

यानी ये कहानी महज इतिहास नहीं, बल्कि एक सीख भी है. आज हजारों साल बाद भी फिरौन की ममी मौजूद है, और लोग इसे देखकर कुरआन की सच्चाई को महसूस कर सकते हैं. इस तरह कुरआन की आयत और इतिहास की गवाही मिलकर हमें चेतावनी और हकीकत दोनों देती है.

समुद्र में डूबने के बाद भी क्यों है सलामत फिरौन की लाश?
जब हजरत मूसा अलैहिस्सलाम ने अल्लाह की मदद से फिरौन और उसकी फौज को मिस्र से बाहर निकालना शुरू किया, तो फिर फिरौन ने अपने घमंड और ताकत दिखाने की कोशिश की. उसने मूसा का पीछा किया, लेकिन समुद्र उसके लिए मौत बन गया.

लोग सोचते हैं कि यही उसकी आखिरी कहानी थी, लेकिन असल में ऐसा नहीं हुआ. अल्लाह ने उसकी लाश को महफूज रखा ताकि आने वाली नस्लें उसकी हिम्मत और घमंड की कहानी देख कर सीखें. यही वजह है कि आज भी फिरौन की लाश हजारों साल बाद तक मौजूद है.

फिरौन की ममी: हजारों साल बाद भी कैसे है सलामत?
वैज्ञानिकों और पुरातत्वविदों ने मिस्र में कई बार फिरौन की ममी का जायजा लिया है. ये ममियां हजारों सालों से वैसे ही सुरक्षित हैं जैसे पहले थीं. एक्सपर्ट्स कहते हैं कि मिस्र की खास जलवायु और ममी बनाने का तरीका ने इसे नैसर्गिक तरीके से बचा रखा.

आज फिरौन की लाश काहिरा (Egypt) के “Egyptian Museum” में सुरक्षित रखी हुई है. हर रोज इसे हजारों लोग देखने आते हैं, और लोग देखकर हैरान रह जाते हैं. यह सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि इंसानियत के लिए भी एक सबक है कि कैसे कुछ चीजें समय के बावजूद अपनी असली शक्ल बनाए रखती हैं.

आज भी क्यों लोग जानना चाहते हैं फिरौन की कहानी?
आज भी लोग फिरौन की लाश और उसकी कहानी जानने के लिए बहुत उत्सुक रहते हैं. सोशल मीडिया, डॉक्यूमेंट्री और इतिहास की किताबों में इसकी चर्चा लगातार होती रहती है. यह सिर्फ धार्मिक नजरिए से नहीं बल्कि ऐतिहासिक और वैज्ञानिक दृष्टि से भी दिलचस्प है.

इसे देखकर लगता है कि इतिहास, विज्ञान और धर्म कभी-कभी एक ही कहानी को अलग-अलग नजरिए से दिखाते हैं. ज्यादातर लोग फिरौन की ममी और उसकी कहानी को देखकर हैरानी महसूस करते हैं.

ये भी पढ़ें: Hidden Secret of Bible: बाइबल के अनसुने रहस्य! किताब में मिलेगा इतिहास के अनसुलझे सवाल का जवाब!

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जवानी में कुनिका सदानंद अपनी खूबसूरती से लूट लेती थीं महफिल, अब वायरल हो रहीं तस्वीरें

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कुनिका सदानंद ने अपने करियर की शुरुआत टीवी इंडस्ट्री से की थी. इसके बाद अपने टैलेंट और खूबसूरती का जलवा बिखेर जल्द ही उन्होंने बॉलीवुड में भी अपनी जगह बना ली. अब उनके जवानी की दिनों की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.

कुनिका सदानंद ने अपने करियर की शुरुआत टीवी इंडस्ट्री से की थी. इसके बाद अपने टैलेंट और खूबसूरती का जलवा बिखेर जल्द ही उन्होंने बॉलीवुड में भी अपनी जगह बना ली. अब उनके जवानी की दिनों की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं.

अदाकारा अपने खूबसूरत चेहरे और अदाओं से सभी का दिल अपने नाम कर लेती थीं. 90 के दशक में हसीना की गिनती एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेसेस में होती थी. अपने नेगेटिव रोल से कुनिका सदानंद ने खूब वाहवाही लूटी थी.

अदाकारा अपने खूबसूरत चेहरे और अदाओं से सभी का दिल अपने नाम कर लेती थीं. 90 के दशक में हसीना की गिनती एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री की पॉपुलर एक्ट्रेसेस में होती थी. अपने नेगेटिव रोल से कुनिका सदानंद ने खूब वाहवाही लूटी थी.

एक्ट्रेस की इन वायरल तस्वीरों को देख के उनकी खूबसूरती का अंदाजा लगाया जा सकता है. अब हसीना की जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं उनसे नजरें हटा पाना मुश्किल है. हर कोई उनकी इन फोटोज पर दिल खोल कर प्यार बरसा रहा है.

एक्ट्रेस की इन वायरल तस्वीरों को देख के उनकी खूबसूरती का अंदाजा लगाया जा सकता है. अब हसीना की जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं उनसे नजरें हटा पाना मुश्किल है. हर कोई उनकी इन फोटोज पर दिल खोल कर प्यार बरसा रहा है.

आपको बता दें, एक्ट्रेस ने 28 साल की उम्र से अपने करियर की शुरुआत की और 1988 में हॉरर फिल्म कब्रिस्तान से फिल्मी पर्दे पर डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने 'राजा की आएगी बारात', 'कोयला', 'गुमराह' और 'खिलाड़ी' जैसी फिल्मों में काम किया. उस दौर में भी एक्ट्रेस ने सभी को अपने फैशन सेंस से दीवाना बना दिया.

आपको बता दें, एक्ट्रेस ने 28 साल की उम्र से अपने करियर की शुरुआत की और 1988 में हॉरर फिल्म कब्रिस्तान से फिल्मी पर्दे पर डेब्यू किया. इसके बाद उन्होंने ‘राजा की आएगी बारात’, ‘कोयला’, ‘गुमराह’ और ‘खिलाड़ी’ जैसी फिल्मों में काम किया. उस दौर में भी एक्ट्रेस ने सभी को अपने फैशन सेंस से दीवाना बना दिया.

हर कोई उनके स्टाइलिश ड्रेसेज और फैशन सेंस का फैन था. दर्शक कुनिका के इन्हीं अदाओं पर अपना दिल हार बैठते थे. लेकिन प्रोफेशनल लाइफ के साथ कुनिका सदानंद अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रह चुकी हैं. एक्ट्रेस ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि वो 6 साल तक कुमार सानू संग सीक्रेट रिलेशनशिप में रही हैं.

हर कोई उनके स्टाइलिश ड्रेसेज और फैशन सेंस का फैन था. दर्शक कुनिका के इन्हीं अदाओं पर अपना दिल हार बैठते थे. लेकिन प्रोफेशनल लाइफ के साथ कुनिका सदानंद अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चा में रह चुकी हैं. एक्ट्रेस ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया था कि वो 6 साल तक कुमार सानू संग सीक्रेट रिलेशनशिप में रही हैं.

हसीना ने बताया कि कुमार सानू के शादीशुदा होने के वजह से उन्होंने अपना रिश्ता छुपाया और दोनों ने एक दूसरे को 6 साल तक डेट किया और बाद में अपनी राहें अलग कर ली.

हसीना ने बताया कि कुमार सानू के शादीशुदा होने के वजह से उन्होंने अपना रिश्ता छुपाया और दोनों ने एक दूसरे को 6 साल तक डेट किया और बाद में अपनी राहें अलग कर ली.

कुनिका सदानंद की भी दो शादियां हो चुकी हैं और वो 2 बेटों की मां बनीं. अब वो बतौर सिंगल मदर अपने बेटों के साथ रहती हैं.

कुनिका सदानंद की भी दो शादियां हो चुकी हैं और वो 2 बेटों की मां बनीं. अब वो बतौर सिंगल मदर अपने बेटों के साथ रहती हैं.

Published at : 11 Sep 2025 10:45 PM (IST)

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Mangal Gochar 2025: मंगल का तुला राशि में गोचर जानें किसे मिलेगा लाभ और कौन रहे सावधान

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Mars Transit 2025: मंगल 13 सितंबर को रात 08:21 मिनट पर कन्या राशि की यात्रा को खत्म करते हुए तुला राशि में गोचर करेंगे. मंगल को ज्योतिष शास्त्र में अग्नि तत्व का प्रतिनिधि और क्रूर ग्रह माना जाता है, जो साहस, ऊर्जा, जुझारूपन और संघर्ष का प्रतीक है.

पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डॉ अनीष व्यास ने बताया कि मंगल 13 सितंबर को मंगल रात 08:21 मिनट पर कन्या राशि से तुला राशि में गोचर करेंगे.

मंगल तुला राशि में 27 अक्टूबर तक रहेगा. यह ग्रह जीवन में सक्रियता और पराक्रम लाता है, लेकिन इसकी कमजोर या अशुभ स्थिति व्यक्ति के स्वास्थ्य, संबंधों और वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है.

मंगल ग्रह की स्थिति व्यक्ति की कुंडली में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है. यदि मंगल कमजोर हो या अशुभ स्थिति में हो, तो इसके कारण कई प्रकार की परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं, जैसे तनाव, पारिवारिक झगड़े, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और आर्थिक नुकसान. 

ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और द्दढ़ संकल्प का कारक ग्रह माना जाता है. मंगल ग्रह का संबंध भूमि से भी होता है. जिन जातकों की कुंडली में मगंल ग्रह शुभ स्थान पर होते हैं वह व्यक्ति साहसी, नेतृत्व करने में योग्य और बहुत ही उत्साही स्वभाव का होता है,

वहीं दूसरी तरफ मंगल के कुंडली में पीड़ित होने पर व्यक्ति व्यक्ति में आक्रामकता,संघर्ष और आतुरता से भरा हुआ होता है. वैदिक ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस, आक्रामकता और द्दढ़ संकल्प का प्रतीक होता है.

मंगल के गोचर करने से देश दुनिया पर विशेष तरह का प्रभाव देखने को मिलता है. इसके साथ ही सभी 12 राशियों के जातकों के ऊपर भी प्रभाव देखने को मिलता है.

ग्रहों के सेनापति हैं मंगल

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र में मंगल को सभी ग्रहों का सेनापति होने का दर्जा प्राप्त है.  मंगल मेष राशि और वृश्चिक राशि के स्वामी माने गए हैं.  

मकर राशि में मंगल उच्च के हो जाते हैं वहीं कर्क राशि में मंगल को नीच का माना जाता है.  सूर्य, चंद्रमा और बृहस्पति से इनकी मित्रता है. बुध से मंगल की नहीं बनती है.  

जबकि शुक्र और शनि इनके सम संबंध  हैं. मंगल देव पराक्रम, स्फूर्ति, साहस, आत्मविश्वास, धैर्य, देश प्रेम, बल, रक्त, महत्वकांक्षा एवं शस्त्र विद्या के अधिपति माने गए है.

यहां आपको विशेष रूप से बताना चाहता हूं कि अग्नि तत्व होने से मंगल सभी प्राणियों को जीवन शक्ति देता है. यह प्रेरण, उत्साह एवं साहस का प्रेरक होता है. 

मंगल का शुभ-अशुभ प्रभाव

भविष्यवक्ता और कुण्डली विश्ल़ेषक डा. अनीष व्यास ने बताया कि रोजगार के क्षेत्रों में वृद्धि होगी. आय में बढ़ोतरी होगी. देश की अर्थव्यवस्था के लिए शुभ रहेगा.

खाने की चीजों की कीमतें सामान्य रहेंगी. सब्जियां, तिलहन और दलहन की कीमतें कम होंगी. व्यापार में तेजी रहेगी. सोने चांदी के भाव में वृद्धि होगी.

राजनीति में उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा. प्राकृतिक आपदा के साथ अग्नि कांड भूकंप गैस दुर्घटना वायुयान दुर्घटना होने की संभावना.  पूरे विश्व में राजनीतिक अस्थिरता यानि राजनीतिक माहौल उच्च होगा.

पूरे विश्व में सीमा पर तनाव शुरू हो जायेगा. मंगल की वजह से दुर्घटना होने की आशंका है. देश के कुछ हिस्सों में हवा के साथ बारिश रहेगी. भूकंप या अन्य तरह से प्राकृतिक आपदा आने की भी आशंका है.

करें पूजा-पाठ और दान

डा. अनीष व्यास ने बताया कि मंगल के अशुभ असर से बचने के लिए हनुमानजी की पूजा करनी चाहिए. लाल चंदन या सिंदूर का तिलक लगाना चाहिए.

तांबे के बर्तन में गेहूं रखकर दान करने चाहिए. लाल कपड़ों का दान करें. मसूर की दाल का दान करें. शहद खाकर घर से निकलें. हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें. मंगलवार को बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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क्या जीएसटी के दायरे में आएंगे पेट्रोल-डीजल? CBIC चेयरमैन ने बताई हकीकत

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GST on Petrol-Diesel: जीएसटी रिफॉर्म्स के तहत देश में 22 सितंबर से कईसारी जरूरी चीजों की कीमत कम होने वाली है. इससे आम आदमी को फायदा पहुंचने वाला है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में क्यों नहीं लाया जा रहा है, जबकि इनकी कीमतें आसमान छू रही हैं. देश के कईशहरों में पेट्रोल की कीमतें प्रति लीटर 100 रुपये के पार चली गई है, जबकि डीजल की कीमतें भी 90 रुपये प्रति लीटर को पार कर गई है. बढ़ती कीमतों की वजह से भी पेट्रोल-डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं लाए जाने की वजह सामने आ गई है. 

इस वजह से जीएसटी के अंदर नहीं आएंगे पेट्रोल-डीजल? 

सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्स एंड कस्टम (CBIC) के चेयरमैन संजय कुमार अग्रवाल ने इसका जवाब देते हुए कहा कि पेट्रोल और डीजल को फिलहाल जीएसटी के दायरे में लाना संभव नहीं है क्योंकि इन पर मूल्य वर्धित कर (VAT) लगता है. इससे राज्यों के साथ-केंद्र सरकार को केंद्रीय उत्पाद शुल्क के रूप में अच्छा-खासा रेवेन्यू मिल जाता है.

न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पेट्रोल और डीजल पर फिलहाल केंद्रीय उत्पाद शुल्क और मूल्य वर्धित कर (वैट) लगता है. इन दोनों पेट्रोलियम प्रोडक्ट‌्स से राज्यों को वैट के रूप में और केंद्र सरकार को केंद्रीय उत्पाद शुल्क के रूप में पर्याप्त रेवेन्यू मिलता है. संजय कुमार अग्रवाल आगे कहते हैं, ”रेवेन्यू को देखते हुए फिलहाल इन उत्पादों को जीएसटी के दायरे में नहीं लाया जा सकता.” CBIC चेयरमैन का यह बयान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पिछले हफ्ते यह कहने के बाद आया कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर पेट्रोल और डीजल को जीएसटी काउंसिल के प्रस्ताव में शामिल नहीं किया है. 

पेट्रोल-डीजल का जीएसटी में शामिल होना तय था

वित्त मंत्री ने कहा था, कानूनी तौर पर हम तैयार हैं, लेकिन यह फैसला राज्यों को लेना होगा.” उनके अनुसार, पेट्रोल और डीजल का इसमें शामिल होना तय था. वित्त मंत्री ने कहा, “मुझे याद है कि जब जीएसटी लागू हुआ था, तब भी मेरे दिवंगत पूर्ववर्ती अरुण जेटली ने इस बारे में बात की थी.”

वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, “राज्यों की सहमति के बाद उन्हें काउंसिल में कराधान की दर तय करनी होगी. एक बार फैसला हो जाने के बाद, इसे अधिनियम में शामिल कर लिया जाएगा.” जुलाई 2017 में लागू जीएसटी में पेट्रोल, डीजल और मादक पेय जैसे उत्पादों को तब से इसके दायरे से बाहर रखा गया था. ये वस्तुएं उत्पाद शुल्क और वैट के जरिए केंद्र और राज्य सरकारों दोनों के लिए राजस्व का प्रमुख स्रोत हैं. ये कई राज्यों के लिए उनके कर राजस्व का 25-30 परसेंट से अधिक योगदान करते हैं.

 

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बिहार में निकली परियोजना प्रबंधक की भर्ती, जानें कौन और कब तक कर सकते हैं आवेदन

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बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने उद्योग विभाग में परियोजना प्रबंधक के 9 पदों पर भर्ती की घोषणा की है. इस भर्ती की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. कैंडिडेट्स इसके लिए 6 अक्टूबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं.

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने उद्योग विभाग में परियोजना प्रबंधक के 9 पदों पर भर्ती की घोषणा की है. इस भर्ती की आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है. कैंडिडेट्स इसके लिए 6 अक्टूबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं.

भर्ती के जीरे कुल 9 पदों पर नियुक्ति होगी, जिनमें 3 पद अनारक्षित, 1 पद EWS, 3 पद SC, 1 पद OBC और 1 पद OBC महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं.

भर्ती के जीरे कुल 9 पदों पर नियुक्ति होगी, जिनमें 3 पद अनारक्षित, 1 पद EWS, 3 पद SC, 1 पद OBC और 1 पद OBC महिला वर्ग के लिए आरक्षित हैं.

शैक्षणिक योग्यता के तहत संबंधित विषय में इंजीनियरिंग डिग्री, अर्थशास्त्र/गणित/सांख्यिकी/भौतिक विज्ञान/रसायन शास्त्र में ऑनर्स डिग्री, AICTE से मान्यता प्राप्त MBA/PG डिप्लोमा, फार्मेसी की डिग्री या CA की सदस्यता आवश्यक है.

शैक्षणिक योग्यता के तहत संबंधित विषय में इंजीनियरिंग डिग्री, अर्थशास्त्र/गणित/सांख्यिकी/भौतिक विज्ञान/रसायन शास्त्र में ऑनर्स डिग्री, AICTE से मान्यता प्राप्त MBA/PG डिप्लोमा, फार्मेसी की डिग्री या CA की सदस्यता आवश्यक है.

नोटिफिकेशन के अनुसार उम्र सीमा 1 अगस्त 2025 को न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 37 से 42 वर्ष (श्रेणीवार) तय की गई है.

नोटिफिकेशन के अनुसार उम्र सीमा 1 अगस्त 2025 को न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 37 से 42 वर्ष (श्रेणीवार) तय की गई है.

चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा (सिर्फ सामान्य ज्ञान आधारित), लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं. चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान लेवल-9 मिलेगा.

चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक परीक्षा (सिर्फ सामान्य ज्ञान आधारित), लिखित परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं. चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान लेवल-9 मिलेगा.

आवेदन शुल्क सभी अभ्यर्थियों के लिए 100 रुपये है. हालांकि, जिन उम्मीदवारों ने आधार संख्या दर्ज नहीं की होगी, उन्हें अतिरिक्त 200 रुपये Biometric Fee देनी होगी.

आवेदन शुल्क सभी अभ्यर्थियों के लिए 100 रुपये है. हालांकि, जिन उम्मीदवारों ने आधार संख्या दर्ज नहीं की होगी, उन्हें अतिरिक्त 200 रुपये Biometric Fee देनी होगी.

Published at : 11 Sep 2025 07:14 PM (IST)

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कनाडा में भारतीय मूल की डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस रद्द, मरीजों के साथ अवैध संबंध रखने की पाई गई

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भारतीय मूल की एक डॉक्टर सुमन खुलबे का चिकित्सा नियमों का उल्लंघन करने के आरोप में कनाडा में मेडिकल लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. डॉक्टर सुमन खुलबे पर आरोप लगाया कि उन्होंने एक पुरुष मरीज के साथ यौन संबंध बनाया और दो अन्य मरीजों के साथ अनुचित व्यवहार भी किया. आरोपों की पुष्टि होने के बाद समीक्षा समिति ने उनके मेडिकल लाइसेंस को कैंसिल कर दिया.

नेशनल पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर खुलबे ने अस्पताल के मरीजों के लिए अपने प्यार का इजहार किया. इसके अलावा, उनके साथ निजी और व्यावसायिक संबंध भी बनाए, जो चिकित्सा नैतिकता नियमों के खिलाफ माने गए और उन पर कार्रवाई की गई.

डॉक्टर और मरीज के बीच यौन संबंध के खिलाफ संस्था की जीरो टॉलरेंस की नीति

आरोपी डॉक्टर के खिलाफ कॉलेज ऑफ फिजिशियंस एंड सर्जन ऑफ ओंटारियो की समीक्षा समिति ने कार्रवाई की. समिति ने इस मामले में खुलबे के व्यवहार की जांच की और इस नतीजे पर पहुंचे कि खुलबे ने अपने मरीजों को सिर्फ एक मरीज के तौर पर नहीं देखा, बल्कि उन्होंने सभी मरीजों को अपने दोस्त, सामाजिक जीवन का हिस्सा, खेल गतिविधियों में सहभागी और बिजनेस पार्टनर की तरह समझा. समिति ने कहा कि भले ही यह संबंध डॉक्टर और मरीज की सहमति से बने हों, लेकिन संस्था डॉक्टर और मरीज के बीच यौन संबंध को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूर्ण रूप से दृढ है.

मेरी बातों को सार्वजनिक सुनवाई में छिपाया गया- खुलबे

हालांकि, नेशनल पोस्ट के मुताबिक, डॉक्टर खुलबे ने कहा कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगी. उन्होंने कहा, ‘मेरे मामले में कई बातों को सार्वजनिक सुनवाई के दौरान छिपाया गया. इनमें भाग लेने के लिए मुझे और मेरे माता-पिता को बहुत वित्तीय और निजी त्याग करने पड़े ताकि मेरी बातों को सुना जा सके.’ उन्होंने समिति से कहा कि एक जिम ट्रेनर के साथ उनके यौन संबंध एक रिलेशनशिप का हिस्सा थे.

अपने क्लिनिक में प्रोकेन का इस्तेमाल करती थीं खुलबे

डॉक्टर सुमन खुलबे के खिलाफ यह भी आरोप लगाए गए कि वह अपनी क्लिनिक में सामाजिक आयोजन करतीं थीं, जहां शराब का भी सेवन किया गया और प्रोकेन का इस्तेमाल किया गया. उल्लेखनीय है कि प्रोकेन के इस्तेमाल आमतौर पर एनेस्थीसिया, पेरिफेरल नर्व ब्लॉक और स्पाइनल नर्व ब्लॉक के लिए होता है. इस बीच एक जिम ट्रेनर ने खुलबे पर आरोप लगाया कि उन्होंने उस पर डीप टिश्यू फिजिकल थेरेपी किया.

ट्रेनर ने खुलबे पर क्या लगाए आरोप?

कोर्ट के रिकॉर्ड्स के मुताबिक, जिम ट्रेनर ने खुलबे पर आरोप लगाया कि उन्होंने उसके प्राइवेट पार्ट पर हाथ रखकर एक्सरसाइज कराए. इसके अलावा, यह भी दावा किया गया कि यौन क्रियाओं में ओरल सेक्स, किस और मैनुअल स्टिमुलेशन भी किए गए और यह तब किया गया जब वह प्रोकेन के प्रभाव में था.

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कलाई पर बंधी स्मार्टवॉच दिल की धड़कन का पता कैसे लगा लेती है? ऐसे काम करती है टेक्नोलॉजी

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आजकल स्मार्टवॉच में हार्ट रेट ट्रैकिंग फीचर मिलना आम बात हो गई है. स्मार्टवॉच के साथ-साथ स्मार्ट रिंग और अब तो एयरपॉड्स में भी यह फीचर आने लगा है. ऐसा माना जाता है कि हार्ट रेट से दिल के स्वास्थ्य का पता आसानी से लगाया जा सकता है. हार्ट रेट सामान्य होने का मतलब है कि आपका दिल ठीक तरीके से ब्लड को पंप कर रहा है और सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंच रही है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ये डिवाइस हार्ट रेट का पता कैसे लगाते हैं? अगर नहीं तो चलिए आज इस सवाल का जवाब जानते हैं.

कैसे काम करती है यह टेक्नोलॉजी?

आपने गौर किया होगा कि स्मार्टवॉच के पीछे लगातार ग्रीन लाइट फ्लैश होती रहती है. लाइट के साथ ही एक ऑप्टिकल सेंसर लगा होता है. ग्रीन लाइट ही कलाई से आपकी हार्ट रेट का पता लगाती है. दरअसल, कलर व्हील पर लाल और हरा एक-दूसरे के बिल्कुल अपॉजिट होते हैं. इसलिए ब्लड ग्रीन लाइट को जल्दी अब्जॉर्ब कर लेता है. ब्लड से रिफ्लेक्ट होकर आने वाली लाइट को डिटेक्ट करने का काम ऑप्टिकल सेंसर का होता है. 

ऐसे लगता है हार्ट रेट का पता

लाइट के जरिए हार्ट रेट को मापने को कहा फोटोप्लेथिस्मोग्राफी (PSP) कहा जाता है. हर धड़कन के बाद हार्ट की मसल सिकुड़ जाती है. इससे नसों में दौड़ रहे खून की मात्रा बढ़ जाती है. जब मसल रिलैक्स होती है तो खून की मात्रा कम हो जाती है. खून की मात्रा बढने से जब नसें फूलती हैं तो ये ज्यादा ग्रीन लाइट अब्जॉर्ब करती हैं और जब ये रिलैक्स होती हैं तो अब्जॉर्ब होने वाली लाइट की मात्रा कम रह जाती है. नसों द्वारा लाइट अब्जॉर्ब करने के आधार पर सॉफ्टवेयर प्लस रेट का पता लगाता है और आपको स्मार्टवॉच पर हार्ट रेट मेजरमेंट दिखता है.

संभावित बीमारी का भी चल जाता है पता

आजकल कई कंपनियां नए डिवाइस और सॉफ्टवेयर में एडवांस एल्गोरिद्म का यूज कर रही हैं, जो पल्स रेट के आधार पर संभावित बीमारी का अंदाजा लगा सकती है. हालांकि, इनकी सटीकता अब भी परफेक्शन के लेवल पर नहीं पहुंची है और लोगों को नियमित तौर पर हेल्थ चेकअप कराने की सलाह दी जाती है. 

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दिनदहाड़े महिला के गले पर मारा हाथ और सोने की चेन ले उड़े बाइक सवार, बीकानेर का वीडियो वायरल

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Rajasthan News: राजस्थान के बीकानेर शहर में अपराधियों के हौसले दिन पर दिन बुलंद होते जा रहे हैं. हाल ही में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी है. वायरल हो रहे वीडियो में देखा गया है कि बाइक पर सवार दो लोगों ने दिनदहाड़े एक महिला के गले से सोने की चेन छीन ली. यह घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

चेन छीनकर मौके से फरार हुए बाइक सवार

वीडियो में देखा गया है कि महिला दिन के समय एक गली से गुजर रही थी, तभी अचानक बाइक पर दो लोग आए और पीछे बैठे हुए शख्स ने महिला के गले से सोने की चेन खींच ली और मौके से फरार हो गए. हादसे के बाद महिला गली में गिर जाती है. एक अन्य महिला उनको  उठाती हैं. फिर दोनों मिलकर बाइक सवार का पीछा करने लगते हैं, लेकिन तब तक बाइक सवार भाग गए होते हैं. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दोनों लोगों ने अपना चेहरा कपड़े और हेलमेट से छुपाया हुआ था.

हादसे पर लोगों की तमाम प्रतिक्रियाएं आई

हादसे का वीडियो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गया है. दिनदहाड़े ऐसे हादसे की खबर सुनकर स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई है. वीडियो देखने के बाद लोगों ने स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल खड़े किए है. लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है.  अभी यह पता नहीं चला है कि इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई है या नहीं. ये कोई पहली घटना नहीं है, ऐसी तमाम दिन दहाड़े चोरी की वारदात की खबर सामने आती रहती है. स्थानीय प्रशासन और पुलिस को जल्द से जल्द इस पर कार्रवाई करनी चाहिए.


प्रिया सचदेव की सैलरी कितनी है? पति संजय की मौत के बाद मिली थी बड़ी पोजिशन

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बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के एक्स हसबैंड संजय कपूर की दूसरी वाइफ प्रिया सचदेव इंडियन-अमेरिकन एंटरप्रेन्योर के साथ-साथ इन्वेस्टमेंट बैंकिंग में जाना-माना नाम हैं. इसी साल संजय की मौत के बाद प्रिया को सोना कॉमस्टार में नॉन एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की बड़ी जिम्मेदारी मिली थी. जिसके बाद से वो लगातार चर्चा में बनी हुई हैं.

कितनी है प्रिया सचदेव की सैलरी?

सीएनबीसीटीवी 18 की एक रिपोर्ट के अनुसार जब प्रिया को सोना कॉमस्टार में ये बड़ी जिम्मेदारी मिली थी तो उनकी काफी तारीफ की गई थी. कंपनी ने उन्हें एक शानदार एंटरप्रेन्योर और इन्वेस्टर कहा था और इन्वेस्टमेंट बैंकिंग, रिटेल और ऑटोमेटिव इंडस्ट्री का उनका अनुभव भी इसके पीछे की एक वजह रहा. इसी रिपोर्ट में ये भी बताया गया कि बोर्ड में अपनी भूमिका के लिए उन्हें कोई सैलरी नहीं मिलती.

संजय की प्रॉपर्टी को लेकर हुआ विवाद

31000 करोड़ के मार्केट कैपिटल वाली सोना कॉमस्टार में प्रिया को अहम जिम्मेदारी को लेकर विवाद भी हुआ. एक तरफ कंपनी ने उनकी नियुक्ति को सभी प्रक्रिया और क्वालिफिकेशन के आधार पर बताया तो वहीं रानी कपूर की एक चिट्ठी से इसपर सवाल भी उठे.

इसमें प्रिया कपूर के पारिवारिक मामलों को लेकर आलोचना की गई थी. अब बिजनेसमैन संजय कपूर की मौत के बाद उनकी एक्स वाइफ करिश्मा कपूर, वाइफ प्रिया सचदेव कपूर और मां रानी कपूर उनकी संपत्ति को लेकर आमने सामने हैं. अब ये मामला दिल्ली हाइकोर्ट में हैं और हर कोई अपना दावा कर रहा है.

क्या है प्रिया सचदेव की एजुकेशन

न्यूयॉर्क में पैदा हुईं और दिल्ली में पली बढ़ी प्रिया सचदेव, एक कार डीलरशिप ऑनर अशोक सचदेव की बेटी हैं. प्रिया सचदेव गणित में डबल मेजर डिग्री होल्डर हैं. उन्होंने प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया और लंदन स्कूल ऑफ इकॉनॉमिक्स से अपनी पढ़ाई पूरी की है.

एक सक्सेफुल बिजनेसवुमन हैं प्रिया

प्रियंका ने न्यूयॉर्क में रिटेल इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके अलावा कई अहम फैशन और लग्जरी वेंचर्स को भी उन्होंने कामयाबी तक पहुंचाया. 2015 में उन्होंने रॉक एंड शॉप के जरिए भारत के शुरुआती ई कॉमर्स दौर में अपनी पहचान बनाई थी. प्रिया ने मॉडलिंग में भी हाथ आजमाया और कई ब्रांड्स के लिए कैंपेंन किए.

प्रिया ने इस फिल्म में किया था काम

इसके अलावा साल 2005 में फिल्म नील एंड निक्की में वो सपोर्टिंग रोल में भी नजर आई थीं. हालांकि संजय कपूर से पहले प्रिया की शादी न्यूयॉर्क बेस्ड होटल कारोबारी विक्रम चटवाल के साथ हुई थी.

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भारत-UAE मैच के बाद पॉइंट्स टेबल में कौन सी टीम किस नंबर पर? जानें ताजा अपडेट

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Asia Cup 2025 Points Table After IND vs UAE: एशिया कप 2025 में ग्रुप ए और ग्रुप बी दोनों टीमों का 1-1 मैच हो गया है. ग्रुप ए के पहले मैच में जहां भारत ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर जीत हासिल की, वहीं ग्रुप बी के पहले मैच में अफगानिस्तान ने हांगकांग चीन को हराया. इसके बाद से ही पॉइंट्स टेबल में भारत और अफगानिस्तान ने शुरुआती बढ़त बना ली है. एशिया कप 2025 में कुल आठ टीमें खेल रही हैं.

ग्रुप A: भारत, यूएई, पाकिस्तान और ओमान.

ग्रुप B: अफगानिस्तान, हांगकांग चीन, बांग्लादेश और श्रीलंका.

एशिया कप 2025 की पॉइंट्स टेबल

एशिया कप 2025 के लिए अभी दो पॉइंट्स टेबल ही बनी हुई हैं. ग्रुप ए में भारत इस समय पहले नंबर पर है. भारत ने यूएई के खिलाफ मैच में जीतकर 2 अंक हासिल कर लिए हैं. इस जीत के साथ टीम इंडिया का नेट रन रेट (NRR) +10.483 हो गया है. यूएई की टीम को इस मैच में 9 विकेट से करारी हार मिली, जिसकी वजह से इस टीम का NRR -10.483 हो गया है. ग्रुप ए की टीमों में पाकिस्तान और ओमान ने अभी एक भी मैच नहीं खेला है, इसलिए ये दोनों टीमें तीसरे और चौथे नंबर पर हैं. ग्रुप ए की इन दोनों टीमों के बीच 12 सितंबर को मैच खेला जाएगा, इसके बाद ग्रुप ए की पॉइंट्स टेबल में और भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा.

ग्रुप ए की पॉइंट्स टेबल

  1. भारत- 1 मैच (जीत)- 2 अंक
  2. यूएई- 1 मैच (हार)- 0 अंक
  3. ओमान- 0 मैच- 0 अंक
  4. पाकिस्तान- 0 मैच- 0 अंक

ग्रुप बी की टीमों के बीच भी एक ही मैच खेला गया है. एशिया कप का पहला मैच अफगानिस्तान और हांगकांग चीन के बीच खेला गया था. इसमें अफगानिस्तान ने मैच जीतकर दो अंक हासिल किए थे. एशिया कप का तीसरा मुकाबला आज 11 सितंबर को बांग्लादेश और हांगकांग के बीच खेला जाएगा. इससे पहले ग्रुप बी की पॉइंट्स टेबल देख लेते हैं.

ग्रुप बी की पॉइंट्स टेबल

  1. अफगानिस्तान- 1 मैच (जीत)- 2 अंक
  2. हांगकांग चीन- 1 मैच (हार)- 0 अंक
  3. बांग्लादेश- 0 मैच- 0 अंक
  4. श्रीलंका- 0 मैच- 0 अंक

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