TikTok के लिए खून कब खौलेगा रे तेरा फैजल? नेपाल में सोशल मीडिया को लेकर प्रदर्शन- यूजर्स ने..

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नेपाल में फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप और यूट्यूब जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकार के प्रतिबंध के बाद हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. सोमवार (8 सितंबर) को विरोध प्रदर्शन अचानक तब हिंसक हो गया जब हजारों प्रदर्शनकारी राजधानी काठमांडू में संघीय संसद भवन तक पहुंच गए. यह आंदोलन खासकर युवाओं और सोशल मीडिया यूजर्स ने चलाया जिन्हें सरकार के इस फैसले से अपनी अभिव्यक्ति की आजादी और संचार पर हमला महसूस हो रहा है. अब सोशल मीडिया पर यूजर्स भी इस मामले पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

सोशल मीडिया पर बैन को लेकर नेपाल की संसद में घुसे प्रदर्शनकारी!

सोशल मीडिया के बिना रहना नेपाली युवाओं को भारी पड़ रहा है. पढ़ाई, कारोबार और रिश्तेदारों से संवाद तक इन प्लेटफॉर्म्स पर निर्भर था. जैसे ही इन ऐप्स पर पाबंदी लगी, राजधानी समेत कई शहरों में लोग सड़कों पर उतर आए. शुरुआत में ये विरोध शांतिपूर्ण था, लेकिन बीते दो दिनों से माहौल तनावपूर्ण हो गया. सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड्स तोड़ दिए और संसद परिसर तक पहुंच गए.वायरल वीडियो में दिख रहा है कि किस कदर सड़कों पर जनता का हुजूम है और वो संसद की ओर अपने कदम बढ़ा रहे हैं. कई वायरल वीडियो में तो जनता ने पुलिस बैरिकेड्स भी तोड़ डाले हैं.

क्या है पूरा मामला जान लीजिए

आपको बता दें कि सरकार ने हाल ही में 26 सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स को प्रतिबंधित कर दिया था. तर्क यह दिया गया कि इन कंपनियों ने नेपाल में स्थानीय कार्यालय खोलने, रजिस्ट्रेशन कराने और ग्राइवेन्स मैकेनिज्म तैयार करने जैसे नियमों का पालन नहीं किया. दिलचस्प बात यह है कि टिकटॉक और कुछ छोटे ऐप्स ने ये प्रक्रिया पूरी कर ली, लेकिन फेसबुक, व्हाट्सऐप, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे दिग्गज प्लेटफॉर्म्स ऐसा नहीं कर पाए. नतीजा यह हुआ कि नेपाल टेलीकम्युनिकेशन अथॉरिटी ने इन्हें ब्लॉक कर दिया.

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इंटरनेट यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

जैसे ही ये मामला इंटरनेट पर वायरल हुआ वैसे ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे लेकर अपने रिएक्शन शुरू कर दिए. एक यूजर ने लिखा…युवा कहीं का भी हो, चाहे भारत का या फिर नेपाल का. इंटरनेट के बगैर एक दिन भी गुजारना मुश्किल है. एक और यूजर ने लिखा…भारत वालों तुम कब टिकटॉक के लिए खून खौलाओगे यार. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा….पहले श्रीलंका फिर नेपाल. अब पता नहीं आग कहां तक जाएगी. वीडियो को अलग अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है.

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बॉलीवुड की ‘फूल’ हैं रियल लाइफ में बेहद स्टाइलिश, हर आउटफिट में नितांशी गोयल बरसाती हैं कहर

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नितांशी गोयल आज बॉलीवुड की उन नई अदाकाराओं में गिनी जाती हैं, जिन्होंने अपनी मासूमियत, सादगी और टैलेंट से बहुत ही कम उम्र में दर्शकों का दिल जीत लिया है. फिल्म लापता लेडीज में फूल का कैरेक्टर निभाकर उन्होंने सभी को अपना दीवाना बना लिया था. नितांशी सिर्फ अपनी एक्टिंग ही नहीं बल्कि अपने फैशन स्टाइल और कॉन्फिडेंस के लिए भी जानी जाती हैं.

नितांशी गोयल आज बॉलीवुड की उन नई अदाकाराओं में गिनी जाती हैं, जिन्होंने अपनी मासूमियत, सादगी और टैलेंट से बहुत ही कम उम्र में दर्शकों का दिल जीत लिया है. फिल्म लापता लेडीज में फूल का कैरेक्टर निभाकर उन्होंने सभी को अपना दीवाना बना लिया था. नितांशी सिर्फ अपनी एक्टिंग ही नहीं बल्कि अपने फैशन स्टाइल और कॉन्फिडेंस के लिए भी जानी जाती हैं.

नितांशी गोयल का जन्म उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुआ था. बचपन से ही उन्हें डांस और एक्टिंग का शौक था. स्कूल के दिनों से ही वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों और डांस प्रतियोगिताओं का हिस्सा बनती रहीं. धीरे-धीरे उन्होंने तय कर लिया कि एक्टिंग ही उनका पैशन है. करियर की शुरुआत उन्होंने मॉडलिंग और टीवी विज्ञापनों से की, जहां उनकी मासूमियत और स्क्रीन प्रेज़ेंस ने सबका ध्यान खींचा.

नितांशी गोयल का जन्म उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुआ था. बचपन से ही उन्हें डांस और एक्टिंग का शौक था. स्कूल के दिनों से ही वह सांस्कृतिक कार्यक्रमों और डांस प्रतियोगिताओं का हिस्सा बनती रहीं. धीरे-धीरे उन्होंने तय कर लिया कि एक्टिंग ही उनका पैशन है. करियर की शुरुआत उन्होंने मॉडलिंग और टीवी विज्ञापनों से की, जहां उनकी मासूमियत और स्क्रीन प्रेज़ेंस ने सबका ध्यान खींचा.

उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्हें आमिर खान प्रोडक्शन और किरण राव की फिल्म लापता लेडीज में अहम भूमिका मिली. इस फिल्म में नितांशी ने अपने बेहतरीन अभिनय से न केवल दर्शकों को प्रभावित किया बल्कि समीक्षकों से भी खूब तारीफें बटोरीं.

उनके करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट तब आया जब उन्हें आमिर खान प्रोडक्शन और किरण राव की फिल्म लापता लेडीज में अहम भूमिका मिली. इस फिल्म में नितांशी ने अपने बेहतरीन अभिनय से न केवल दर्शकों को प्रभावित किया बल्कि समीक्षकों से भी खूब तारीफें बटोरीं.

नितांशी गोयल का परिवार शुरू से ही उनके सपनों के साथ खड़ा रहा. उनकी मां ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके पिता ने भी उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिंग में आगे बढ़ने की पूरी आजादी दी.

नितांशी गोयल का परिवार शुरू से ही उनके सपनों के साथ खड़ा रहा. उनकी मां ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके पिता ने भी उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ एक्टिंग में आगे बढ़ने की पूरी आजादी दी.

नितांशी करियर के साथ-साथ पढ़ाई में भी अच्छी हैं. योग, जिम और अच्छी डाइट उनके डेली रूटीन का हिस्सा है.

नितांशी करियर के साथ-साथ पढ़ाई में भी अच्छी हैं. योग, जिम और अच्छी डाइट उनके डेली रूटीन का हिस्सा है.

नितांशी गोयल सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हैं. इंस्टाग्राम पर उनके हजारों फॉलोअर्स हैं और उनकी हर तस्वीर वायरल हो जाती हैं. उनका फैशन सेंस क्लासी और मॉडर्न दोनों का परफेक्ट मेल है.

नितांशी गोयल सोशल मीडिया पर बेहद लोकप्रिय हैं. इंस्टाग्राम पर उनके हजारों फॉलोअर्स हैं और उनकी हर तस्वीर वायरल हो जाती हैं. उनका फैशन सेंस क्लासी और मॉडर्न दोनों का परफेक्ट मेल है.

नितांशी गोयल अपनी मेहनत, टैलेंट और ग्रेसफुल पर्सनालिटी से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना रही हैं. उनकी जर्नी अभी बस शुरू हुई है, लेकिन फैंस को यकीन है कि आने वाले समय में वह इंडस्ट्री की टॉप अदाकाराओं में शामिल होंगी.

नितांशी गोयल अपनी मेहनत, टैलेंट और ग्रेसफुल पर्सनालिटी से बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बना रही हैं. उनकी जर्नी अभी बस शुरू हुई है, लेकिन फैंस को यकीन है कि आने वाले समय में वह इंडस्ट्री की टॉप अदाकाराओं में शामिल होंगी.

चाहे इंडियन आउटफिट हो या वेस्टर्न ड्रेस, नितांशी हर लुक में कहर ढाती हैं. फैंस उनकी सादगी और कॉन्फिडेंस से भरे अंदाज़ के दीवाने हैं, जो उन्हें सबसे अलग बनाता है.

चाहे इंडियन आउटफिट हो या वेस्टर्न ड्रेस, नितांशी हर लुक में कहर ढाती हैं. फैंस उनकी सादगी और कॉन्फिडेंस से भरे अंदाज़ के दीवाने हैं, जो उन्हें सबसे अलग बनाता है.

इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर नितांशी की तस्वीरें अक्सर वायरल होती हैं. फैंस उनके ड्रेसिंग स्टाइल को फॉलो करते हैं और उन्हें एक फैशन आइकन मानते हैं.

इंस्टाग्राम और सोशल मीडिया पर नितांशी की तस्वीरें अक्सर वायरल होती हैं. फैंस उनके ड्रेसिंग स्टाइल को फॉलो करते हैं और उन्हें एक फैशन आइकन मानते हैं.

वह हर इवेंट और फोटोशूट में अपनी पर्सनैलिटी के अनुसार आउटफिट चुनती हैं, जिससे उनका स्टाइल हमेशा ट्रेंडिंग बना रहता है.

वह हर इवेंट और फोटोशूट में अपनी पर्सनैलिटी के अनुसार आउटफिट चुनती हैं, जिससे उनका स्टाइल हमेशा ट्रेंडिंग बना रहता है.

Published at : 08 Sep 2025 05:54 PM (IST)

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बॉलीवुड फोटो गैलरी

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पीएम ओली का शेख हसीना जैसा हाल करने की कोशिश? इस्तीफे की मांग तेज, जानें चीन का क्या है कनेक्शन

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नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोमवार (8 सितंबर 2025) को जिस तरह का प्रदर्शन हो रहा है वह बांग्लादेश में पिछले साल हुए तख्तापलट की याद दिला रहा है. नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के इस्तीफे पर मांग की जा रही है. नेपाल के युवा सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पीएम ओली से इस्तीफा मांग रहे हैं. काठमांडू में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प में अब तक 21 लोगों की मौत हो चुकी है.

काठमांडू सहित कई शहरों में लगा कर्फ्यू 

काठमांडू में अचानक विरोध प्रदर्शन शुरू हआ, जिसमें 26 साल से कम उम्र के युवा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध और भ्रष्टाचार के विरोध में सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर आए हैं. पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बात इतनी बिगड़ गई कि सुरक्षाबलों के गोली तक चलानी पड़ी. काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक झड़प के बाद काठमांडू के अलावा बुटवल और भैरहवा शहरों में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

युवाओं में इतना गुस्सा था कि वे नेपाल की संसद में घुसने लगे, जिसके बाद भीड़ को तितर बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और रबर की गोलियां चलाई. बांग्लादेश में पिछले साल अगस्त में प्रदर्शनकारी युवा प्रधानमंत्री आवास में घुस गए थे. उस समय ढाका सहित दूसरे राज्यों में ऐतिहासिक इमारतों को गिरा दिया गया था.

चीन के करीबी रहे हैं केपी शर्मा ओली

नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली चीन के काफी करीबी रहे हैं. वह नेपाल में चीन जैसा सेंसरशिप लागू करना चाहते हैं. उन्होंने फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया, लेकिन भ्रष्टाचार को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की.

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक काठमांडू जिला कार्यालय के प्रवक्ता मुक्तिराम रिजाल ने बताया कि स्थिति पर काबू पाने के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया, जो स्थानीय समयानुसार रात 10 बजे तक लागू रहेगा. उन्होंने बताया कि भीड़ पर काबू पाने के लिए पानी की बौछारें, लाठियां और रबर की गोलियों का इस्तेमाल करने के आदेश दिए गए थे. 

नेपाल में भी तख्तापलट का बांग्लादेशी मॉडल?

भारत के जियो-पॉलिटिकल एक्सपर्ट सुशांत शरीन ने नेपाल में हो रहे प्रदर्शन को बांग्लादेश और श्रीलंका में हुए प्रोटेस्ट से जोड़ा है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा, “अब नेपाल की बारी है. क्या हमसे कुछ चूक हो गई है कि सड़कों पर गुस्से का ये जबरदस्त विस्फोट दिखाई दे रहा है. बस एक चिंगारी की जरूरत है। हमने इसे श्रीलंका, बांग्लादेश और अब नेपाल में देखा. इंडोनेशिया और म्यांमार में भी ऐसे आंदोलन तेज हो रहे हैं. हमने इसे किसान आंदोलन और शाहीन बाग के दौरान देखा.”

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मेरे घर राम आए हैं! भगवा कपड़े पहन विदेशी बच्चों ने गाया राम भजन- लाखों लोगों ने देख डाला वीडिय

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें राजस्थान के बूंदी शहर की गलियों में घूमते हुए एक विदेशी परिवार को देखा जा सकता है. परिवार में एक महिला और उसके साथ दो छोटे बच्चे हैं. खास बात यह है कि बच्चों ने पीले रंग के राजस्थानी कपड़े पहन रखे हैं.  वीडियो में दिखता है कि विदेशी महिला बूंदी की तंग गलियों से गुजरते हुए अचानक एक घर के बाहर रुकती है. वह वहां मौजूद लोगों को हाथ जोड़कर नमस्ते करती है. इसके बाद जो होता है उसे देखकर आप हैरान रह जाएंगे.

विदेशी बच्चों ने गाया राम भजन

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि महिला के साथ पीछे खड़े बच्चे भी उसकी नकल करते हुए लोगों को नमस्ते कहते हैं. इस दौरान स्थानीय लोग काफी खुश नजर आते हैं और बच्चों से राम भजन गाने का आग्रह करते हैं. इसके बाद जो होता है उसने हर किसी को हैरान कर दिया. विदेशी बच्चे जुबीन नौटियाल का मशहूर भजन मेरे घर राम आए हैं गाने लगते हैं. उनका उच्चारण भले ही विदेशी लहजे में हो लेकिन श्रद्धा और भावनाओं की झलक साफ नजर आती है. गली में मौजूद लोग बच्चों की मासूम आवाज सुनकर तालियां बजाने लगते हैं. यह नजारा किसी धार्मिक आयोजन से कम नहीं दिखता.


बूंदी में दिखती है राजस्थान के इतिहास की झलक, आते हैं कई विदेशी

राजस्थान के बूंदी का यह वीडियो धार्मिक और सांस्कृतिक समन्वय का प्रतीक बन गया है. यहां अक्सर विदेशी पर्यटक आते हैं लेकिन इस तरह का नजारा पहली बार सामने आया है.दावा किया जा रहा है कि विदेशी परिवार कई दिनों से शहर में रह रहा है और भारतीय परंपराओं को नजदीक से देखने की कोशिश कर रहा है. वीडियो फिलहाल इंटरनेट पर वायरल है जिसे देखने के बाद यूजर्स अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

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यूजर्स ने की जमकर तारीफ

वीडियो को bundi_view नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…क्या बात है, बच्चों ने प्यारे अंदाज में गाना गाया है. एक और यूजर ने लिखा…सरकार से कहकर इनका आधार कार्ड बनवाओ. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…इस तरह की संस्कृति केवल भारत में ही देखने को मिलती है.

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2025 से 2030 तक मेष राशि वालों के लिए समय आसान नहीं है, गुरु वरदान देंगे पर शनि…

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Mesh Rashi Prediction 2025-2030: मेष राशि (Aries) अग्नि तत्व की राशि है और मंगल इसका स्वामी ग्रह है. यह राशि तेजी, ऊर्जा और साहस के लिए जानी जाती है.

मेष जातक अक्सर नेतृत्व करना पसंद करते हैं, लेकिन आने वाला समय सिर्फ उत्साह पर नहीं चलेगा, ग्रह आपसे अनुशासन और धैर्य की मांग करेंगे. 

पंचांग के अनुसार 29 मार्च 2025 से आपकी साढ़ेसाती शुरू हो चुकी है. यह वह समय है जब जीवन अचानक करवट लेता है. बृहद्पाराशर होरा शास्त्र कहता है कि शनि: कर्मविघ्नकर्ता, परं च तपसा सुखप्रदः. अर्थात शनि पहले परीक्षा लेते हैं, फिर मेहनत का फल देते हैं.

2025 मेष राशि वालों के लिए निर्णायक रहेगा. 29 मार्च को शनि देव मीन राशि में गोचर कर रहे हैं. आपकी राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण शुरू हो चुका है.

मेष राशि पर प्रभाव

करियर में नए अवसर बनेंगे. धन का आगमन होगा, लेकिन शनि के प्रभाव से खर्च भी बढ़ेंगे. परिवार और रिश्तों में मतभेद की संभावना बनी रहेगी.

सबसे अहम समय होगा 9 जून से 7 जुलाई 2025 का जब गुरु अस्त थे. इस दौरान बड़े फैसले और निवेश टाल देने से आप परेशानियों से बचे रहे. इस साल का संदेश स्पष्ट है अवसर को पकड़िए लेकिन जल्दबाजी से बचिए. क्योंकि ग्रहों का गणित फिलहाल आपके लिए सरल और सहज नहीं है.

2026 का साल मेष राशि वालों के लिए सीख और अनुशासन का वर्ष

गुरु 2026 में मिथुन और कर्क राशि में रहेंगे. पंचांग बताता है कि यह समय शिक्षा, लेखन, संचार और घर-परिवार से जुड़े मामलों में प्रगति देगा. धन का आगमन होगा. 

जीवनसाथी का सहयोग प्राप्त होगा और लव लाइफ भी अच्छी रहेगी. पेट संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं. इसका ध्यान रखना होगा. 2026 में विशेष प्रभाव देखने को मिल सकते हैं, जिस कारण से विदेश यात्रा और उच्च शिक्षा के योग बन रहे हैं.

नई स्किल सीखने से करियर में स्थिरता में आ सकती है और पारिवारिक जीवन में विशेष सुधार देखने को मिलेगा. लेकिन याद रखिए शनि अब भी साढ़ेसाती में हैं. यानी सफलता मिलेगी पर मेहनत दोगुनी करनी होगी. इसे बात सदैव याद रखना होगा.

2027 में राहु-केतु का बड़ा परिवर्तन होगा जो आपके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण होगा. जब राहु कर्क और केतु मकर राशि में प्रवेश करेंगे. वहीं गुरु मिथुन से कर्क राशि में गोचर करेंगे.

इसका प्रभाव ये होगा कि विदेश यात्रा और शिक्षा में बड़ी सफलता. लेकिन जीवनसाथी या साझेदार से मतभेद होंगे. करियर में अचानक उतार-चढ़ाव की स्थिति बन सकती है. शास्त्र कहता है कि राहु भ्रान्तिकरः, केतु कलहप्रदः. यह साल साफ संदेश दे रहा है कि हर रिश्ते को धैर्य और समझदारी से संभालना होगा.

2028 में मिलेगा शनि की पकड़ और गुरु का सहारा

2028 में शनि मेष राशि की ओर बढ़ेंगे और साढ़ेसाती का दूसरा चरण और कठिन होगा. गुरु सिंह और फिर कन्या राशि से गोचर करेंगे. जिस कारण से करियर में उतार-चढ़ाव. 

धन की स्थिति अस्थिर. पढ़ाई, शोध और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी. जीवन की गाड़ी धीमी चलेगी लेकिन गुरु आपके लिए उम्मीद की किरण बनेंगे. इसलिए धैर्य बनाए रखना होगा.

2029 में होगा कर्मों का हिसाब!

गुरु सिंह राशि में रहेंगे और शनि साढ़ेसाती का दबाव बनाए रखेंगे. जिसका प्रभाव करियर और नेतृत्व की भूमिका पर पडे़गा. व्यवसाय में विस्तार के योग. स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा. यह साल संकेत दे रहा है कि आप जितना कर्म करेंगे, उतना ही फल मिलेगा.

साल 2030 आध्यात्मिकता और आत्मचिंतन का साल

2030 में गुरु कन्या राशि में प्रवेश करेंगे. शनि अब भी मेष राशि पर भारी रहेंगे. इसका प्रभाव ये होगा कि आपका आध्यात्मिकता की ओर झुकाव देखने को मिलेगा.

शिक्षा और शोध में बड़ी प्रगति लेकिन स्वास्थ्य और मानसिक शांति चुनौती बन सकते हैं. यह साल आपकी सच्ची सफलता भीतर के संतुलन की परीक्षा लेने वाला होगा.

मेष राशि वालों के लिए कौना साल लाएगा खुशियां

2025–26 करियर और धन का लाभ का साल रहेगा लेकिन खर्च और मानसिक दबाव बढ़ेंगे. वहीं 2027–28 विदेश यात्रा और शिक्षा का लाभ लेकर आ रहा है लेकिन पर रिश्तों में संकट आ सकता है. 2029–30 में नेतृत्व और आध्यात्मिकता में वृद्धि होगी पर पर स्वास्थ्य की परीक्षा देनी होगी.

उपाय (Panchang and Shastra Based)

मंगलवार को हनुमान जी को सिंदूर और लाल फूल चढ़ाएं. शनिवार को पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाएं. गुरुवार को पीली वस्तुओं और चने का दान करें. राहु-केतु शांति हेतु दुर्गा कवच और हनुमानाष्टक का पाठ करें.

2025 से 2030 तक मेष राशि वालों के लिए समय आसान नहीं है. गुरु वरदान देंगे, पर शनि और राहु-केतु परीक्षा लेंगे. फलानि ग्रहचारेण तानि कर्मफलानि च. यानी ग्रह केवल संकेत देते हैं, असली फल कर्म से मिलता है.

अगर आपने अनुशासन, धैर्य और आस्था को जीवन का हिस्सा बना लिया तो यही कठिन समय आपके लिए उपलब्धियों की सीढ़ी बन जाएगा.

FAQs

Q1. क्या 2025 में नौकरी बदलना शुभ होगा?
हां, गुरु की कृपा से नए अवसर मिलेंगे, लेकिन जून–जुलाई में गुरु अस्त के दौरान बड़ा फैसला टालें.

Q2. 2027 में राहु-केतु का असर कैसा होगा?
विदेश यात्रा और शिक्षा में सफलता मिलेगी, लेकिन साझेदारी में मतभेद बढ़ सकते हैं.

Q3. 2029–30 में क्या मुख्य चुनौती रहेगी?
स्वास्थ्य और मानसिक शांति.

Q4. साढ़ेसाती से कैसे बचें?
अनुशासन, धैर्य और शनि की साधना ही इसका उपाय है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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भारत के लिए सिर दर्द होगा यह अंपायर! IND vs PAK मैच में हुई एंट्री; जानें क्यों है ‘अनलकी’

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IND VS PAK In Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 के शुरू होने में अब केवल एक दिन का समय रह गया है. इस टूर्नामेंट की शुरुआत 9 सितंबर से होने जा रही है. इससे पहले एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने अंपायर्स की लिस्ट जारी कर दी है. इस लिस्ट के आने से भारत-पाकिस्तान के बीच हाई वोल्टेज मुकाबले के लिए भी अंपायर का ऐलान हो गया है, जिससे इस मैच से पहले और भी बड़ी टेंशन सामने आ गई है.

भारत-पाकिस्तान मैच में ‘अनलकी’ अंपायर

2019 वनडे वर्ल्ड कप के दौरान रुचिरा पल्लियागुरुगे का एक फैसला काफी चर्चा का विषय बना था. इस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया. इस मैच में रुचिरा पल्लियागुरुगे के एक फैसले ने वेस्टइंडीज को वर्ल्ड कप जीतने नहीं दिया और ऑस्ट्रेलिया ने ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया. वहीं अब यही अंपायर भारत-पाकिस्तान मैच में भी अंपायरिंग करने वाला है.

एशिया कप में शामिल होंगे 10 अंपायर

एशिया कप 2025 के लिए 10 अंपायरों के नाम का ऐलान किया गया है. ये अंपायर भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और अफगानिस्तान से ताल्लुक रखते हैं.

भारत- वीरेंद्र शर्मा और रोहन पंडित

पाकिस्तान- आसिफ याकूब और फैसल अफरीदी

बांग्लादेश- गाजी सोहेल और मसूदुर रहमान

श्रीलंका- रवींद्र विमलसिरी और रुचिरा पल्लियागुरुगे

अफगानिस्तान- अहमद पाकतीन और इजातुल्लाह सफी

28 सितंबर को खेला जाएगा फाइनल

एशिया कप 2025 की शुरुआत 9 सितंबर से हो रही है और इस टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला 28 सितंबर को खेला जाएगा. इस बार ये टूर्नामेंट टी20 फॉर्मेट में होने जा रहा है. एशिया कप में 8 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है. ग्रुप ए में भारत, पाकिस्तान, यूएई और ओमान हैं. ग्रुप बी में बांग्लादेश, श्रीलंका, अफगानिस्तान और हांगकांग चीन हैं. दोनों ग्रुप में से 2-2 टीमें सुपर-4 में जाएंगी. सुपर-4 से दो टीमें फाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी और 28 सितंबर को एशिया कप 2025 का विनर का नाम सामने आएगा.

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नेपाल कौन-कौन से सोशल मीडिया ऐप बैन, क्यों लगाया गया प्रतिबंध, जानिए देश में हो रहे बवाल की पूर

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Social Media Ban in Nepal: नेपाल में सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ जनरेशन जेड (Gen Z) के युवाओं का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा. विरोध प्रदर्शनों के दौरान हालात बिगड़ने पर झड़पें हुईं, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और करीब 80 लोग घायल हो गए.

नेपाल में भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ जनरेशन जेड (Gen Z) के युवा बड़े पैमाने पर विरोध कर रहे हैं. जो आंदोलन पहले ऑनलाइन शुरू हुआ था, वह सोमवार को सड़कों तक फैल गया. संसद भवन के पास प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हुई झड़प में सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की  जिसमें एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और 80 से अधिक लोग घायल हुए.

काठमांडू में हजारों युवाओं का जमावड़ा

काठमांडू की सड़कों पर हजारों छात्र-युवा उतर आए, जिसे अब “Gen Z रिवोल्यूशन” कहा जा रहा है. प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़कर प्रतिबंधित क्षेत्रों में घुसने की कोशिश की. हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई जगहों पर फायरिंग की गई. हालात काबू से बाहर होते देख प्रशासन ने राजधानी के संवेदनशील इलाकों, खासकर संसद क्षेत्र में कर्फ्यू लागू कर दिया.

विरोध की असली वजह

सरकार ने 4 सितंबर को फेसबुक, ट्विटर (X), व्हाट्सऐप, यूट्यूब समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया था. कारण यह बताया गया कि इन कंपनियों ने नेपाल के सूचना और संचार मंत्रालय में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया था. सरकार का कहना है कि यह कदम केवल “नियमों के पालन” के लिए है  लेकिन युवाओं और विपक्षी दलों का मानना है कि यह असहमति की आवाज़ दबाने की कोशिश है.

इंटरनेट बंदी के बीच भी आवाज़ बुलंद

सरकार ने हालात बिगड़ने पर इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क पर रोक लगाने की कोशिश की  लेकिन युवाओं ने विकल्प के तौर पर TikTok और Reddit जैसे प्लेटफ़ॉर्म का सहारा लिया. हजारों छात्र अपने स्कूल और कॉलेज की वर्दी में झंडे और पोस्टर लेकर सड़कों पर उतरे. उनके नारे थे “हमारी स्वतंत्र आवाज़ हमारा अधिकार है” और “टैक्सपेयर्स का पैसा आखिर गया कहां?”

ऑनलाइन से लेकर संसद परिसर तक

सोमवार को प्रदर्शनकारी जब संसद भवन के नज़दीक पहुंचे तो पुलिस ने रास्ता रोकने के लिए बैरिकेड लगाए. गुस्साई भीड़ ने इन्हें तोड़ दिया और कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर में घुसने में भी कामयाब रहे. इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक टकराव हुआ. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में आंसू गैस के गोले और पुलिस पर फेंकी जा रही बोतलें व लकड़ी की शाखाएं साफ़ दिख रही हैं.

भ्रष्टाचार और असमानता से उपजा गुस्सा

विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंदोलन सिर्फ सोशल मीडिया बैन तक सीमित नहीं है, बल्कि लंबे समय से चल रहे भ्रष्टाचार और आर्थिक असमानता के प्रति गुस्से की परिणति है. सोशल मीडिया पर रोक बस उस चिंगारी की तरह साबित हुई जिसने डिजिटल रूप से सक्रिय युवाओं को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया.

ओली सरकार का बचाव

इसी बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने सोशल मीडिया बैन का बचाव करते हुए कहा कि “देश की स्वतंत्रता और गरिमा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.” उन्होंने पार्टी सम्मेलन में कहा कि सरकार हमेशा भ्रष्टाचार और अराजकता के खिलाफ खड़ी रहेगी. ओली ने तर्क दिया कि “कुछ लोगों की नौकरियां जाने से बड़ी है राष्ट्र की संप्रभुता और सम्मान.”

सोशल मीडिया कंपनियों को नोटिस

नेपाल सरकार ने 28 अगस्त को सभी बड़ी सोशल मीडिया कंपनियों को 7 दिन का समय दिया था कि वे नेपाल में रजिस्टर हों  शिकायत निवारण अधिकारी नियुक्त करें और देश में एक आधिकारिक संपर्क कार्यालय खोलें. लेकिन फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, यूट्यूब, ट्विटर (X), रेडिट और लिंक्डइन जैसी किसी भी बड़ी कंपनी ने तय समय सीमा तक आवेदन नहीं किया.

नेपाल का डिजिटल इतिहास

नेपाल पहले भी ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाता रहा है. जुलाई में सरकार ने ऑनलाइन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग के नाम पर टेलीग्राम ऐप को ब्लॉक कर दिया था. पिछले साल TikTok पर 9 महीने तक प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे तभी हटाया गया जब कंपनी ने स्थानीय नियमों का पालन करने का आश्वासन दिया.

इन ऐप्स पर लगा है बैन

नेपाल सरकार ने कुल 26 सोशल मीडिया और कम्युनिकेशन प्लेटफ़ॉर्म्स पर रोक लगाई है जिनमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, व्हाट्सऐप, एक्स (पहले ट्विटर), यूट्यूब, स्नैपचैट, लिंक्डइन, रेडिट, वाइबर और बॉटिम शामिल हैं. हालांकि टिकटॉक फिलहाल चालू है  क्योंकि नवंबर 2024 में उसने सभी नियामक शर्तें पूरी करने के बाद आधिकारिक तौर पर रजिस्ट्रेशन कराया था. खास बात यह है कि टेलीग्राम को जुलाई 2025 में पहले ही ऑनलाइन फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका के चलते बैन कर दिया गया था. वहीं, टिकटॉक पर भी अगस्त 2024 में अस्थायी रोक लगी थी  लेकिन बाद में नियमों का पालन करने पर उसे दोबारा शुरू कर दिया गया.

इन ऐप्स पर नहीं लगा बैन

गुरुंग ने बताया कि टिकटॉक और वाइबर समेत पांच कंपनियों ने नेपाल में रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. इसके चलते उन पर कोई कार्रवाई नहीं होगी. बता दें कि नेपाल ने 2023 में टिकटॉक को भी बैन कर दिया था. बाद में जब कंपनी रजिस्ट्रेशन के लिए तैयार हो गई तो 2024 में यह पाबंदी हटा दी गई.

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Video: गणेश विसर्जन का ये वीडियो देख खौल जाएगा खून! देवी की मूर्तयों को किया किस

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Social Media Viral Video: हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें गणेश विसर्जन के दौरान एक ऐसा दृश्य दिखाया गया है, जिसने कई लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है. इस वीडियो में लोग गणेश जी की मूर्ति को गलत तरीके से विसर्जित करते दिख रहे हैं, जिसे देखकर लोगों ने कहा कि ये भक्ति नहीं है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद लोगों ने गुस्सा जाहिर किया है. 

लोगों ने बप्पा को बुरी तरह पानी में फेंका

वायरल वीडियो में देखा गया है कि लोगों ने कैसे गणेश जी पर पैर रखा, देवी को चूमा और बप्पा को बुरी तरह पानी में फेंका है. वीडियो में कई सारे लोग पानी में खड़े नजर आ रहे हैं और वह गणेश जी की मूर्ति को विसर्जित कर रहे हैं, लेकिन मूर्ति को पानी में डुबोने की बजाय वह उसे पानी में फेंकते हैं मानो यह कोई साधारण वस्तु हो. इसके अलावा वीडियो में एक दृश्य में देखा गया है कि कई व्यक्ति कैसे गणेश जी की मूर्ति पर पैर रखकर उसे विसर्जित कर रहे हैं.

व्यक्ति देवी की मूर्ति को चूमते हुए नजर आया

आगे वीडियो में एक व्यक्ति देवी की मूर्ति को चूमते हुए नजर आ रहा है. इन दृश्यों को देखकर यह साफ हो जाता है कि विसर्जन का ये तरीका बिल्कुल गलत है. वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी है. लोगों का कहना है कि ये हिंदू धर्म के प्रति अपमान बताया. अगर लोगों को भगवान की मूर्ति का सम्मान नहीं करना आता तो उन्हें मूर्तियों को खरीदना भी नहीं चाहिए. कुछ लोगों ने कहा कि ऐसे दृश्यों से समाज में गलत संदेश जाता है.


कॉफी में इस एक चीज को मिलाकर चेहरे पर लगाएं, 1 हफ्ते में चमक जाएगी आपकी स्किन

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Home Remedy for Glowing Skin: हम सभी चाहते हैं कि हमारी त्वचा हर वक्त ग्लोइंग नजर आए, लेकिन कुछ लोगों के साथ ऐसा हो नहीं पाता, कभी-कभी कम उम्र में भी स्किन में दिक्कत होने लगती है. ऐसे में घर पर मौजूद कुछ चीजें आपके लिए बहुत काम आ सकती हैं. अगर आप चाहती हैं कि आपकी त्वचा 1 हफ्ते में खूबसूरत दिके तो कॉफी के साथ बस इस एक चीज को मिलाकर चेहरे पर लगा लें.

डॉ. उपासना बोहरा का कहना है कि, कॉफी और दूध को मिलाकर चेहरे पर लगाने से काफी फायदा मिलता है. स्किन को तरोताजा करने के लिए ये तरीका बेहतरीन है. सबसे अच्छी बात यह है कि, ये हमारे किचन में आसानी से मिल जाता है. यानी आपको किसी तरह की दिक्कत नहीं होती.

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कॉफी और दूध का इस्तेमाल?

कॉफी में मौजूद caffeine त्वचा की blood circulation को बढ़ाती है, जिससे त्वचा में ग्लो आता है. वहीं दूध में lactic acid होता है, जो स्किन के डेड सेल्स हटाने में मदद करता है.

  • 1 छोटी चम्मच कॉफी पाउडर
  • 2 छोटी चम्मच दूध
  • एक कटोरी में कॉफी और दूध को मिला लें
  • इसको तब तक मिलाएं, जब तक ये स्मूद नहीं हो जाता
  • अब इसे चेहरे पर लगा लें
  • फेस पैक को 10 मिनट तक सूखने दें
  • इसके बाद हल्के गर्म पानी से चेहरे को धो लें
  • हफ्ते में 3 बार इस पैक का इस्तेमाल करें

आपके लिए कुछ जरूरी टिप्स

  • पैक लगाने से पहले त्वचा को साफ करें, ताकि किसी तरह की समस्या न हो
  • पैक लगाने के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं

क्या-क्या फायदा मिलेगा

  • त्वचा में 1 हफ्ते में ग्लो आना शुरू हो जाएगा
  • डेड स्किन सेल्स हटेंगे चेहरा साफ नजर आएगा
  • चेहरे से डलनेस खत्म होने लगेगी

कॉफी और दूध का यह फेस पेक आपकी त्वचा को सॉफ्ट, ग्लोइंग और पूरी तरह से नया बना देगा. यानी अब आपको महंगे सैलून में जाने या फिर महंगे प्रोडेक्टस लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बस इन दो चीजों कोसही तरीके से इस्तेमाल करने पर आपका चेहरा निखर जाएगा. अगर आप 1 हफ्ते लगातार इसका इस्तेमाल करेंगे तो फर्क खुद महसूस करेंगे.

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Disclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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