सिर्फ इंटरव्यू से बनेगा करियर, कैनरा बैंक सिक्योरिटीज में बिना लिखित परीक्षा होगी भर्ती
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सिर्फ इंटरव्यू से बनेगा करियर, कैनरा बैंक सिक्योरिटीज में बिना लिखित परीक्षा होगी भर्ती
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सिर्फ इंटरव्यू से बनेगा करियर, कैनरा बैंक सिक्योरिटीज में बिना लिखित परीक्षा होगी भर्ती
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China Export Growth Slows: चीन का एक्सपोर्ट अगस्त के महीने में बढ़ा है, लेकिन पहले के मुकाबले इसकी ग्रोथ धीमी रही है. अगस्त में चीन का एक्सपोर्ट 321.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले साल अगस्त के मुकाबले 4.4 परसेंट ज्यादा है. हालांकि, यह जुलाई में हुए 7.2 परसेंट के एक्सपोर्ट ग्रोथ से कम है. इस बीच, इम्पोर्ट 219.5 अरब डॉलर रहा, जो 1.8 परसेंट की बढ़त को दर्शाता है.
चीन का अमेरिका और यूरोपीय यूनियन जैसे प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ व्यापार अधिशेष एक विवादास्पद मुद्दा बन गया है. व्यापार अधिशेष का मतलब दो देशों के बीच होने वाले व्यापार में किसी एक देश को अधिक फायदा पहुंचना है. मान लीजिए कि भारत और अमेरिका के बीच कारोबार में अमेरिका व्यापार अवस्था की स्थिति में रहता है. यानी कि अमेरिका को ज्यादा फायदा पहुंच रहा है.इधर, कम कीमत वाले चीनी आयात से उपभोक्ताओं को फायदा जरूर पहुंच रहा है, लेकिन इससे मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में नौकरियों में कटौती हो सकती है.
मासिक सीमा शुल्क आंकड़ों के मुताबिक, साल के शुरुआती आठ महीनों में चीन ने दूसरे देशों से आयात के मुकाबले 785.3 अरब डॉलर अधिक वस्तुओं का निर्यात किया. इस साल जनवरी में डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद उन्होंने चीन पर 30 परसेंट का टैरिफ लगाया. फिलहाल, दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है. दोनों देशों के एक-दूसरे पर टैरिफ लगाने और उसे बढ़ाए जाने की संभावनाएं दोनों तरह के व्यापार पर असर डाल रहे हैं.
अगस्त में चीन के लिए अमेरिका का एक्सपोर्ट 33 परसेंट घटकर 47.3 अरब डॉलर रह गया, जबकि अमेरिका से उसका आयात 16 परसेंट घटकर 13.4 अरब डॉलर रह गया. वहीं, यूरोपीय यूनियन के लिए चीन का निर्यात 10.4 परसेंट बढ़कर 46.8 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात थोड़ा कम होकर 22.8 अरब डॉलर रह गया. कुल मिलाकर जनवरी से फरवरी के बीच चीन के एक्सपोर्ट का ग्रोथ सबसे धीमा रहा है. इस दौरान इसमें सिर्फ 2.3 परसेंट की ही बढ़ोतरी हुई है. चीन से रेयर अर्थ का एक्सपोर्ट अगस्त में बढ़कर 55 मिलियन डॉलर हो गया, जो जुलाई में 41 मिलियन डॉलर था, लेकिन यह पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 25.6 परसेंट कम है.
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नेपाल में हो रहे प्रदर्शन को लेकर प्रधानमंत्री केपी ओली का बयान सामने आया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर लगे प्रतिबंध को हटाने से इंकार कर दिया है. कैबिनेट बैठक में उन्होंने सरकार के फैसले को सही ठहराया. उन्होंने इस प्रदर्शन को हिंसक बताते हुए इसकी जांच के लिए कमिटी बनाए जाने की बात कही.
संसद में घुसे प्रदर्शनकारी
नेपाल की राजधानी काठमांडू में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बैन लगाने के सरकार के फैसले के खिलाफ सोमवार (8 सितंबर 2025) को सुबह से हो रहा प्रदर्शन अचानक उग्र हो गया. प्रदर्शनकारी संसद में घुस गए, जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर बितर करने के लिए गोलीबारी की.
उपद्रवी Gen-Z के आगे नहीं झुकेगी सरकार- केपी ओली
कैबिनेट मीटिंग में ओली सरकार में शामिल नेपाली कांग्रेस के मंत्रियों ने सोशल मीडिया से प्रतिबंध हटाने की मांग की. जिस पर केपी ओली ने कहा कि सरकार उपद्रवी Gen-Z के आगे नहीं झुकेगी. पीएम की इस बात से कांग्रस के मंत्री नाराज हो गए और बैठक से वॉकआउट कर दिया. केपी ओली ने कहा कि सोशल मीडिया पर से बैन नहीं हटाया जाएगा.
नेपाल के गृह मंत्री रमेश लेखक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार के प्रतिबंध को लेकर काठमांडू और देश के अन्य हिस्सों में हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद सोमवार (8 सितंबर 2025) को इस्तीफा दे दिया. नेपाली कांग्रेस पार्टी का प्रतिनिधित्व करने वाले गृह मंत्री लेखक ने नैतिक आधार पर इस्तीफा दिया.
फिलहाल काठमांडू में हालात सामान्य
काठमांडू में स्थिति फिलहाल काफी हद तक सामान्य हो गई है. ज्यादातर प्रदर्शनकारी अपने घरों को लौट गए हैं. हालांकि सुरक्षा अधिकारी सतर्क हैं क्योंकि ऐसी आशंका है कि मंगलवार (9 सितंबर 2025) को प्रदर्शन फिर से शुरू हो सकता है. सेना और सुरक्षा बल प्रमुख इलाकों में तैनात हैं.
नेपाल में उग्र प्रदर्शनकारियों की वजह से हालात बिगड़ने के बाद सेना को राजधानी काठमांडू में तैनात किया गया. सेना के जवानों ने नए बानेश्वोर में संसद परिसर के आसपास के रास्तों पर नियंत्रण कर लिया. काठमांडू में Gen-Z बैनर के तले स्कूली छात्रों समेत हजारों युवा संसद भवन के सामने इकट्ठा हुए और प्रतिबंध को तुरंत हटाने की मांग करते हुए सरकार विरोधी नारे लगाए.
काठमांडू समेत कई इलाकों में लगा कर्फ्यू
हिंसा के बाद स्थानीय प्रशासन ने राजधानी के कई हिस्सों में कर्फ्यू लगा दिया. काठमांडू के अलावा, ललितपुर जिले, पोखरा, बुटवल और सुनसरी जिले के इटाहरी में भी कर्फ्यू लगा दिया गया. प्रतिबंधित क्षेत्र में लोगों के आवागमन, प्रदर्शन, बैठक, सभा या धरना-प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी.
नेपाल सरकार ने अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया का पालन नहीं करने पर चार सितंबर को फेसबुक, व्हाट्सऐप और एक्स सहित 26 सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध लगा दिया था. सरकार ने अपना रुख स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया मंचों पर प्रतिबंध उन्हें रेगुलेट करने के लिए लगाया गया है, लेकिन आम जनता में धारणा यह है कि इससे अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला होगा और सेंसरशिप की नौबत आ सकती है.
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Apple iPhone 17 Series का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है. 9 सितंबर को कंपनी इस सीरीज के साथ एयरपॉड्स और वॉचेज समेत कई प्रोडक्ट्स से पर्दा उठा देगी. हर साल की तरह इस साल भी ऐप्पल ने यह इवेंट सितंबर में आयोजित किया है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ सकते हैं कि हर साल ऐप्पल सितंबर में ही अपना यह इवेंट आयोजित क्यों करती है. आइए इसके पीछे के कारण जानते हैं.
होलीडेज सेल
सितंबर में नए प्रोडक्ट्स लॉन्च कर ऐप्पल अपने ग्राहकों के सामने नई पसंद रख देती है. साल की चौथी तिमाही में थैंक्सगिविंग, ब्लैक फ्राइडे, क्रिसमस और भारत में दिवाली समेत कई बड़े त्योहार आते हैं. इस मौके पर कंपनी की सेल में उछाल आता है. इसके अलावा अमेरिका में यह बैक-टू-स्कूल सीजन होता है. ऐसे में लोग वहां पर एकेडमिक ईयर की शुरुआत में नए डिवाइस खरीदना पसंद करते हैं.
ऐप्पल का फिस्कल कैलेंडर
ऐप्पल का फिस्कल ईयर सितंबर में पूरा होता है. इसलिए कंपनी नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करती है, जिससे उसे साल के अंत में बिक्री में उछाल देखने को मिलता है. इससे नए फिस्कल ईयर की शुरुआत से ही निवेशकों का कंपनी पर भरोसा बढ़ जाता है.
मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन
ऐप्पल हर साल जून-अगस्त के बीच में आईफोन का मास प्रोडक्शन शुरू करती है, जो सितंबर तक आते-आते अपने चरम पर पहुंच जाता है. इसलिए सितंबर में लॉन्चिंग के समय तक दुनियाभर में कंपनी की इन्वेंट्री स्टेबल हो जाती है और सप्लाई की दिक्कत नहीं रहती.
iOS रिलीज साइकिल
ऐप्पल हर साल आईफोन सीरीज के लगभग साथ ही नया iOS वर्जन लॉन्च करती है. दरअसल, जून में होने वाले कंपनी के WWDC इवेंट के बाद डेवलपर्स को सितंबर तक ऐप्स डेवलेप और टेस्ट करने के लिए समय मिल जाता है.
ट्रेडिशन
2012 में आईफोन 5 की लॉन्चिंग के समय से ही ऐप्पल हमेशा सितंबर में नई सीरीज लॉन्च करती आ रही है. इस वजह से यह एक ट्रेडिशन बन गई है और यह इवेंट भी खास बन गयाहै. यूजर्स, मीडिया और कंपीटिटर्स की इस पर नजरें टिकी रहती हैं.
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बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार यानी अक्षय कुमार की कहानी किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती. एक ऐसा लड़का जो अमृतसर की गलियों से निकला दिल्ली के बाद मुंबई आया और एक ऐसा सुपरस्टार बन गया जिसकी पहचान सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि दुनियाभर में बन गई. अक्षय की जिंदगी संघर्ष, मेहनत और संयोग से भरी हुई है. अभिनेता के जन्मदिन के मौके पर जानिए उनके हीरो बनने की कहानी.
एक्टर बनने के पहले किया वेटर की नौकरी
अक्षय कुमार का जन्म 9 सितंबर 1967 को पंजाब के अमृतसर में हुआ था. उनका असली नाम राजीव हरिओम भाटिया है. उनके पिता भारतीय सेना में थे, जिससे अनुशासन की सीख अक्षय को बचपन से ही मिली. कुछ सालों तक उनका परिवार दिल्ली में रहा और फिर मुंबई आ गया.
यहां उन्होंने डॉन बॉस्को स्कूल में पढ़ाई की और खालसा कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन मन पढ़ाई में कम और मार्शल आर्ट्स में ज्यादा लगता था. आठवीं क्लास से ही उन्होंने ताइक्वांडो की ट्रेनिंग लेनी शुरू कर दी थी और बाद में बैंकॉक जाकर मय थाई सीखा. वहीं रहते हुए उन्होंने होटल में शेफ और वेटर की नौकरी भी की.

रिजेक्शन के बाद भी डटे रहे अक्षय कुमार
बैंकॉक से लौटने के बाद अक्षय ने मुंबई में मार्शल आर्ट्स की क्लास लेना शुरू किया. यहीं पर उनके एक छात्र, जो एक फोटोग्राफर भी था, ने उन्हें मॉडलिंग में हाथ आजमाने की सलाह दी. पोर्टफोलियो बनवाने के लिए उन्होंने करीब 15 महीने तक एक फोटोग्राफर के साथ फ्री में काम किया. उन्हें धीरे-धीरे मॉडलिंग के छोटे-मोटे प्रोजेक्ट्स मिलने लगे और अक्षय को लगा कि एक्टिंग में भी हाथ आजमाया जा सकता है.
अक्षय को 1987 में महेश भट्ट की फिल्म ‘आज’ में एक छोटा सा रोल मिला था, जिसमें वह मार्शल आर्ट्स इंस्ट्रक्टर बने थे. ये रोल महज 17 सेकंड का था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने ऑडिशन देना जारी रखा. 1992 की फिल्म ‘जो जीता वही सिकंदर’ के लिए भी उन्होंने ऑडिशन दिया था, लेकिन वह रोल उन्हें नहीं मिला. बाद में वो फिल्म आमिर खान ने की और सुपरहिट रही. अक्षय के लिए किस्मत ने कुछ और ही सोच रखा था.
फ्लाइट छूटी तो किस्मत ने मार ली पलटी
अक्षय की जिंदगी में एक ऐसा मोड़ भी आया जिसने उनकी किस्मत ही पलट दी, जब एक सुबह उन्होंने फ्लाइट मिस कर दी और उसी दिन उन्हें उनकी पहली बड़ी फिल्म ‘दीदार’ मिल गई.एक दिन उन्हें बेंगलुरु में एक फैशन शो के लिए बुलाया गया था. अक्षय को लगा फ्लाइट शाम को है जबकि वह सुबह की थी. नतीजा ये हुआ कि उन्होंने फ्लाइट मिस कर दी और शो से बाहर हो गए. पूरे दिन वह मायूस रहे. जब घर लौटे तो मां ने समझाया कि निराश मत हो, कुछ और अच्छा होगा.
उसी दिन अक्षय नटराज स्टूडियो पहुंचे, जहां उनकी मुलाकात प्रमोद चक्रवर्ती के मेकअप मैन नरेंद्र से हुई. नरेंद्र ने अक्षय से तस्वीर मांगी और प्रमोद चक्रवर्ती को दिखा दी. कुछ देर बाद अक्षय को अंदर बुलाया गया और वहीं उन्हें फिल्म ‘दीदार’ के लिए लीड रोल ऑफर किया गया. खास बात ये रही कि जब उन्हें चेक सौंपा गया, तब घड़ी में ठीक 6 बजे थे, ठीक उसी वक्त जब सुबह की फ्लाइट थी. इस इत्तेफाक ने अक्षय की जिंदगी की दिशा ही बदल दी.

खिलाड़ी कुमार के नाम से चर्चित हैं अभिनेता
1991 में अक्षय की पहली फिल्म ‘सौगंध’ रिलीज हुई, लेकिन असली पहचान 1992 की फिल्म ‘खिलाड़ी’ से मिली. इसके बाद तो ‘खिलाड़ी’ उनके नाम का हिस्सा बन गया. ‘मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी’, ‘सबसे बड़ा खिलाड़ी’, ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’, ‘इंटरनेशनल खिलाड़ी’, ‘खिलाड़ी 420’ और ‘खिलाड़ी 786’ जैसी फिल्मों ने अक्षय को ‘बॉलीवुड का खिलाड़ी कुमार’ बना दिया.
हर किरदार में छोड़ी अपनी अमिट छाप
अक्षय ने एक्शन से शुरुआत की लेकिन फिर उन्होंने कॉमेडी में खुद को साबित किया. ‘हेरा फेरी’, ‘गरम मसाला’, ‘फिर हेरा फेरी’, ‘भागमभाग’, और ‘भूल भुलैया’ जैसी फिल्मों ने उनकी इमेज को एक बहुमुखी कलाकार में बदल दिया. ‘एयरलिफ्ट’, ‘रुस्तम’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’, और ‘पैडमैन’ जैसी फिल्मों में उन्होंने गंभीर और सामाजिक भूमिकाएं निभाईं, जिससे उनकी पहचान सिर्फ मसाला एक्टर की नहीं, बल्कि समाज से जुड़ी कहानियों को कहने वाले जिम्मेदार कलाकार की भी बन गई.
पुरस्कारों की बात करें तो अक्षय को 2017 में ‘रुस्तम’ के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला. 2009 में उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया.आज अक्षय कुमार भारत के सबसे फिट और प्रोफेशनल अभिनेताओं में से एक माने जाते हैं. उनकी लाइफस्टाइल बहुत अनुशासित है. वह सुबह जल्दी उठते हैं और शूटिंग टाइम का बेहद सख्ती से पालन करते हैं. अब फैंस उनकी लेटेस्ट फिल्म जॉली एलएलबी का इंतजार कर रहे हैं और ये फिल्म 19 सितंबर को रिलीज होगी.
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Hindi Panchang 9 सितंबर 2025: 9 सितंबर 2025 को है. इस दिन पितृ पक्ष का दूसरा द्वितीया तिथि का श्राद्ध किया जाएगा. श्राद्ध पक्ष में पितरों की आत्मा की शांति के लिए घर में भी तर्पण कर सकते हैं. तांबे के बर्तन में जौं, तिल, चावल, गाय का कच्चा दूध, गंगाजल , सफेद फूल और पानी डालें। इसके बाद लौटे में जलभर दक्षिण दिशा में घुटने को जमीन में टिकाकर बैठें और हाथों में कुशा घास रखकर सीधे हाथ के अंगूठे से अर्पित करें.
आइए जानते हैं ये दिन किन राशियों के लिए शुभ-अशुभ है, इस दिन का शुभ समय, अशुभ काल, राहुकाल, ग्रह स्थिति और विशेष उपाय भी जानें.
9 सितंबर का पंचांग 2025 (Hindi Panchang 9 September 2025)
| तिथि |
द्वितीया (9 सितंबर 2025,रात 9.11 – 10 सितंबर 2025, शाम 6.28)
|
| वार | मंगलवार |
| नक्षत्र | उत्तर भाद्रपद |
| योग | गण्ड, सर्वार्थ सिद्धि योग |
| सूर्योदय | सुबह 5.57 |
| सूर्यास्त |
सुबह 6.48 |
| चंद्रोदय |
रात 7.31 |
| चंद्रोस्त |
सुबह 7.38 |
| चंद्र राशि |
मीन |
चौघड़िया मुहूर्त
| सुबह का चौघड़िया | |
| चर | सुबह 9.11 – सुबह 10.44 |
| लाभ | सुबह 10.44 – दोपहर 12.18 |
| अमृत | दोपहर 12.18 – दोपहर 1.52 |
| शाम का चौघड़िया | |
| लाभ | रात 8.00 – रात 9.26 |
राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal)
| राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) | दोपहर 3.26 – शाम 4.59 |
| यमगण्ड काल | सुबह 9.11 – सुबह 10.44 |
| गुलिक काल |
दोपहर 12.18 – दोपहर 1.52 |
| भद्रा काल |
सुबह 5.03 – सुबह 6.04, 10 सितंबर |
| विडाल योग |
सुबह 6.03 – शाम 6.07 |
| पंचक |
पूरे दिन |
ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 9 September 2025)
| सूर्य | सिंह |
| चंद्रमा | मीन |
| मंगल | सिंह |
| बुध | कर्क |
| गुरु | मिथुन |
| शुक्र | कर्क |
| शनि | मीन |
| राहु | कुंभ |
| केतु | सिंह |
किन राशियों को लाभ
| सिंह राशि | भविष्य के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं. दृष्टिकोण के साथ नई शुरुआत कर सकते हैं. |
कौन सी राशियां संभलकर रहें
| कुंभ राशि | कोई अपना आपका काम बिगाड़ सकता है. परिवार और नौकरी में सावधानी रखें. |
FAQs: 9 सितंबर 2025
Pitru Paksha 2025: त्रिपंडी श्राद्ध क्या होता है ? कौन कर सकता है, कहां होता है, इसका महत्व जानें
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
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Rohit Sharma Suddenly Reached Kokilaben Hospital: भारत की वनडे टीम के कप्तान रोहित शर्मा को सोमवार, 8 सितंबर की रात मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल में देखा गया. रोहित अचानक ही अस्पताल पहुंचे और उनका हॉस्पिटल के बाहर का वीडियो सामने आया है. रोहित का ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. रोहित अस्पताल क्यों पहुंचे थे, अभी इस बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन रोहित के चाहने वाले ये दुआ कर रहे हैं कि उनके हिटमैन की लाइफ में सबकुछ ठीक हो.
भारतीय कप्तान रोहित शर्मा अपनी कार से अस्पताल पहुंचे थे. रोहित अस्पताल में जाने से पहले एक शख्स से मिले. इसके बाद रोहित सीधे हॉस्पिटल के अंदर चले गए. रोहित के अस्पताल पहुंचने को लेकर उनके फैंस अलग-अलग तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.
Rohit Sharma spotted in Kokilaben hospital Mumbai.❤️ pic.twitter.com/bQ6zTuixGc
— 𝐑𝐮𝐬𝐡𝐢𝐢𝐢⁴⁵ (@rushiii_12) September 8, 2025
रोहित शर्मा को लेकर एक फैन ने पूछा कि क्या हुआ भाई?
Bhai what happened???
— ̷P̷̷r̷̷o̷̷u̷̷d̷ ̷R̷̷O̷̷H̷̷I̷̷T̷̷i̷a̷̷n̷ (@Rohi45Appu) September 8, 2025
रोहित के एक फैन ने सवाल किया कि अब हॉस्पिटल क्यों गया है?
Abb hospital kyo gaya ye?
Please tell
— RO-HIT-MAN (@WORSHIP_RO) September 8, 2025
रोहित शर्मा को लेकर अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, हिटमैन पूरी तरह ठीक है और कोई परेशानी वाली बात नहीं है.
रोहित शर्मा टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं. रोहित भारत की वनडे टीम के कप्तान अभी भी हैं. रोहित आगामी ऑस्ट्रेलिया दौरे पर वनडे सीरीज में नजर आ सकते हैं. रोहित की कप्तानी में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी 2025 जीती. भारत को अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में वनडे और टी20 सीरीज खेलनी है.
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Pisces Horoscope 9 September 2025: मीन राशि वालों के लिए आज का दिन भावनात्मक रूप से थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है. चन्द्रमा आपकी राशि में होने से मन अशांत और दुःखी रह सकता है, लेकिन सेहत के मामले में राहत रहेगी.
हेल्थ राशिफल
शारीरिक रूप से आप बेहतर महसूस करेंगे. हालांकि, लवर की सेहत को लेकर चिंता रहेगी. मानसिक तनाव से बचने के लिए मेडिटेशन और सकारात्मक सोच जरूरी है.
बिज़नेस राशिफल
बुधादित्य योग के प्रभाव से पार्टनरशिप बिजनेस में सेल्स बढ़ने के योग हैं. लेकिन ध्यान रखें, बिजनेस विस्तार श्राद्ध के बाद करना शुभ रहेगा.
जॉब राशिफल
चन्द्रमा-मंगल दृष्टि संबंध से आपकी मेहनत और परिश्रम से कार्यस्थल पर महत्वपूर्ण कार्य समय पर पूरे होंगे. बॉस और सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा.
फैमिली और लव राशिफल
पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा, लेकिन लवर की सेहत को लेकर मन में चिंता बनी रहेगी. धैर्य और सहयोग से रिश्तों में मजबूती आएगी. लव लाइफ में धोखा या गलतफहमी की स्थिति बन सकती है, इसलिए जल्दबाजी में कोई कदम न उठाएँ.
युवा राशिफल
युवा वर्ग अपने कार्यों में सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे और परिश्रम का फल भी मिलेगा. यह समय आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा.
स्टूडेंट राशिफल
गण्ड और सर्वार्थसिद्धि योग स्टूडेंट्स को अपने ड्रीम और लक्ष्य पर फोकस करने की प्रेरणा देगा. प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए समय उपयोगी है.
शुभ उपाय
“ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” मंत्र की एक माला का जाप करें.
शुभ अंक: 3
शुभ रंग: पीला
FAQs
Q1. क्या बिजनेस विस्तार के लिए आज शुभ है?
नहीं, बिजनेस विस्तार श्राद्ध के बाद ही करना शुभ रहेगा.
Q2. क्या प्रतियोगी छात्रों को आज लाभ मिलेगा?
हां, यदि आप अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहेंगे तो दिन लाभकारी होगा.
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नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ सोमवार को राजधानी काठमांडू और अन्य क्षेत्रों में युवाओं ने जमकर प्रदर्शन किया. इस दौरान कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए. हिंसक प्रदर्शन के बाद गृह मंत्री रमेश लेखक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए नेपाली सेना को तैनात किया गया और उन्होंने नए बानेश्वोर में संसद परिसर के आसपास के रास्तों पर नियंत्रण कर लिया.
युवाओं ने जताया सरकार के खिलाफ गुस्सा
काठमांडू में ‘Gen-Z’ के बैनर तले हजारों युवा, जिनमें स्कूली छात्र भी शामिल थे, संसद भवन के सामने इकट्ठा हुए. उन्होंने सोशल मीडिया प्रतिबंध को तुरंत हटाने की मांग की और सरकार विरोधी नारे लगाए. प्रदर्शन शुरू में शांतिपूर्ण था, लेकिन तब हिंसक हो गया जब कुछ प्रदर्शनकारी संसद परिसर में घुस गए. इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और रबर की गोलियों का इस्तेमाल कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की. पोखरा, बुटवल, भैरहवा, भरतपुर, इटाहरी और दामक जैसे अन्य शहरों में भी प्रदर्शन हुए.
गृह मंत्री रमेश लेखक का इस्तीफा
नेपाली कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार गृह मंत्री रमेश लेखक ने हिंसक प्रदर्शन के मद्देनजर नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दिया. लेखक ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को बालुवाटर में आयोजित कैबिनेट बैठक में अपना इस्तीफा सौंपा. सरकार पर बढ़ते दबाव और हालात बिगड़ने के बीच उनका यह इस्तीफा आया.
प्रधानमंत्री ओली का बयान
नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने रविवार की कैबिनेट बैठक में कहा कि वह प्रधानमंत्री पद छोड़ सकते हैं, लेकिन 4 सितंबर को लगाए गए सोशल मीडिया प्रतिबंध को नहीं हटाएंगे. उनका यह बयान काठमांडू और अन्य शहरों में बढ़ते भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और सोशल मीडिया प्रतिबंध के खिलाफ हो रहे Gen-Z के हिंसक प्रदर्शनों के बीच आया.
कैसे शुरू हुआ नेपाल में यह आंदोलन
सरकार सोशल मीडिया कंपनियों को रजिस्ट्रेशन कराने में जुटी थी, उसी समय एक नया मुद्दा नेपाल में उभरता जा रहा था. कुछ युवाओं ने टिकटॉक पर देश के नेताओं के बच्चों की लग्जरी लाइफ को दिखाते हुए फोटो और वीडियो शेयर करना शुरू किया. इस अभियान का हैशटैग था ‘#NepoKid’. इसका उद्देश्य यह बताना था कि नेता सत्ता में आकर अपने बच्चों की भलाई करते हैं, लेकिन देश के लिए काम नहीं करते. अभियान चलाने वालों ने युवाओं से अपील की कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन में शामिल हों. इसके लिए टिकटॉक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोगों को शामिल होने की भी अपील की गई.
सोशल मीडिया बैन से बिगड़ गया माहौल
सरकार ने 4 अगस्त को देशभर में फेसबुक, एक्स, व्हाट्सएप, यूट्यूब समेत कुल 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रतिबंध लगा दिया. यह फैसला लोगों के गुस्से में और इजाफा करने वाला बन गया. लोगों ने नेताओं के बच्चों की लग्जरी लाइफ और देश के गरीबों की कठिन जिंदगी की तुलना करना शुरू कर दी. सोशल मीडिया पर ये पोस्ट और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे. ‘नेपो किड्स’ हेशटैग से शुरू हुआ यह विरोध प्रदर्शन अब सरकार की नीतियों और बड़े पैमाने पर फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ भी चर्चा बन गया.
कहां से आया नेपो किड ट्रेंड?
दरअसल, ऐसा कहा जा रहा है कि नेपाल में हो रहे हिंसक प्रदर्शन को प्रेरणा श्रीलंका और बांग्लादेश में सरकार के खिलाफ हुए बड़े प्रदर्शनों से मिली है. एक प्रदर्शनकारी ने अल जजीरा को बताया कि ‘नेपो किड्स’ ट्रेंड फिलिपींस से आया था. टिकटॉक पर वायरल वीडियोज में नेपाली पॉलिटिशियंस के बच्चों को लग्जरी लाइफ जीते हुए दिखाया गया. सरकार के 4 सितंबर के फैसले ने देशभर में विरोध प्रदर्शन को और तेज कर दिया. इस फैसले में बताया गया था कि यह कदम राष्ट्रहित में कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ब्लॉक करने के लिए उठाया गया.
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Country With No Internet: आज की तकनीकी दुनिया में बिना इंटरनेट के जिंदगी की कल्पना करना लगभग असंभव है. चाहे बात पढ़ाई की हो, नौकरी की, मनोरंजन की या फिर बैंकिंग जैसी रोजमर्रा की जरूरतों की हर चीज इंटरनेट पर निर्भर है. लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि दुनिया में आज भी एक ऐसा देश है जहां मोबाइल इंटरनेट बिल्कुल नहीं है?
यह देश है इरिट्रिया (Eritrea), जो बाकी दुनिया से डिजिटल रूप से पूरी तरह कटा हुआ है. यहां न मोबाइल डेटा मिलता है, न सोशल मीडिया का इस्तेमाल होता है और न ही एटीएम जैसी बेसिक सुविधाएं आम लोगों के लिए उपलब्ध हैं. आइए जानते हैं आखिर क्यों इरिट्रिया आज भी इंटरनेट से महरूम है और इसका असर वहां के लोगों की जिंदगी पर कैसे पड़ रहा है.
इरिट्रिया अफ्रीका के हॉर्न ऑफ अफ्रीका (Horn of Africa) क्षेत्र में बसा एक छोटा देश है. इसके पड़ोसी देश हैं इथियोपिया, सूडान और जिबूती. इसकी राजधानी अस्मारा (Asmara) है जो लाल सागर के करीब स्थित है. दुनिया के ज्यादातर देशों में जहां मोबाइल डेटा आम लोगों तक पहुंच चुका है, वहीं इरिट्रिया में अभी तक मोबाइल इंटरनेट सर्विस उपलब्ध ही नहीं है.
रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां की सिर्फ 1% आबादी ने कभी इंटरनेट का इस्तेमाल किया है. जो कुछ इंटरनेट कैफे मौजूद हैं वे भी केवल बड़े शहरों तक सीमित हैं. वहां भी इंटरनेट स्पीड बेहद खराब है, अक्सर 2G से भी धीमी जिससे इस्तेमाल करना और भी मुश्किल हो जाता है.
इरिट्रिया को अक्सर “अफ्रीका का नॉर्थ कोरिया” कहा जाता है क्योंकि यहां की सरकार बेहद सख्त और तानाशाही मानी जाती है. यहां अनिवार्य सैन्य सेवा लागू है और नागरिकों की स्वतंत्रता पर कई पाबंदियां हैं, जिनमें इंटरनेट तक पहुंच भी शामिल है.
सरकार का दावा है कि इंटरनेट से सामाजिक नियंत्रण और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है. इसी वजह से टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर और मोबाइल डेटा पर कड़ा नियंत्रण रखा गया है. केवल कुछ कैफे में महंगे दामों पर वाई-फाई उपलब्ध है.
इरिट्रिया की आर्थिक स्थिति भी बेहद कमजोर है. यहां एक घंटे इंटरनेट कैफे में बैठने का खर्च करीब 100 इरिट्रियन नाक्फा (लगभग ₹100) है. इतनी रकम वहां की आम जनता के लिए बहुत ज्यादा है, इसलिए इंटरनेट का इस्तेमाल केवल अमीर या चुनिंदा लोग ही कर पाते हैं.
इरिट्रिया भले ही पूरी तरह से इंटरनेट से दूर है, लेकिन कई विकासशील देशों में भी महंगे डेटा पैक और कमजोर नेटवर्क जैसी दिक्कतें मौजूद हैं. फर्क बस इतना है कि वहां सोशल मीडिया और मोबाइल डेटा कम से कम उपलब्ध तो है. इरिट्रिया का उदाहरण साफ दिखाता है कि इंटरनेट फ्रीडम आज के दौर में प्रगति की कुंजी है. जब सरकारें डिजिटल एक्सेस पर पाबंदी लगाती हैं तो इसका सीधा असर लोगों की शिक्षा, रोजगार और सामाजिक विकास पर पड़ता है.
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