‘परम सुंदरी’ ने संडे को उड़ाया गर्दा, 23 फिल्मों के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन को दी मात

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<p style="text-align: justify;">सिद्धार्थ मल्होत्रा और जाह्नवी कपूर स्टारर लेटेस्ट रिलीज फिल्म &lsquo;परम सुंदरी&rsquo; इस शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. फिल्म की ओपनिंग ठीक-ठाक हुई थी लेकिन इसने वीकेंड पर अच्छा कारोबार किया है. फिल्म की कमाई में शनिवार के बाद रविवार को भी तेजी देखी गई. चलिए यहां जानते हैं &lsquo;परम सुंदरी&rsquo; ने रिलीज के तीसरे दिन यानी संडे को कितना कलेक्शन किय़ा है?</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>&lsquo;परम सुंदरी&rsquo; ने रिलीज के तीसरे दिन कितना किया कलेक्शन?</strong> <br />तुषार जलोटा निर्देशित रोमांटिक कॉमेडी फिल्म &lsquo;परम सुंदरी&rsquo; में एक नॉर्थ के लड़के परम और साउथ की लड़की सुंदरी की प्यारी सी लव स्टोरी दिखाई गई है. परम अपनी सोलमेट से मिलने के लिए केरला पहुंचता है और यहां उसे सुंदरी से प्यार हो जाता है. इस क्रॉस कल्चर लव स्टोरी को क्रिटिक्स और ऑडियंस से मिक्स्ड रिस्पॉन्स मिला था हालांकि ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म कर रही है. वीकेंड पर तो फिल्म को देखने के लिए सिनेमाघरो में भीड&nbsp; उमड़ पड़ी. खासतौर पर इस मूवी को दिल्ली, यूपी और साउथ इंडिया में पसंद किया जा रहा है. इसी के साथ इसने रिलीज के तीन दिन में अच्छी कमाई कर ली है.</p>
<ul style="text-align: justify;">
<li>फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो &lsquo;परम सुंदरी&rsquo; ने रिलीज के पहले दिन 7.25 करोड़ कमाए थे.</li>
<li>दूसरे दिन इसकी कमाई में 27.59 फीसदी का इजाफा हुआ और इसने 9.25 करोड़ का कलेक्शन किया.</li>
<li>वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक &lsquo;परम सुंदरी&rsquo; ने रिलीज के तीसरे दिन यानी पहले संडे को 10.25 करोड़ कमाए हैं.</li>
<li>इसी के साथ &lsquo;परम सुंदरी&rsquo; की तीन दिन की कुल कमाई 26.75 करोड़ रुपये हो गई है.</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">&lsquo;<strong>परम सुंदरी&rsquo; ने 2025 की इन फिल्मों के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन को दी मात<br /></strong>&lsquo;परम सुंदरी&rsquo; ने वीकेंड पर गर्दा उड़ा दिया है. फिल्म के कलेकश्न में तो जबरदस्त उछाल देखा ही गया इसी के साथ इसने साल 2025 महावतार नरसिम्हा, सन ऑफ सरदार 2 सहित कई फिल्मों के ओपनिं वीकेंड कलेक्शन को भी मात दे दी है. कोईमोई के आंकड़ों के मुताबिक &lsquo;परम सुंदरी&rsquo; ने फिल्मों को ओपनिंग डे पर मात दी है.</p>
<ol style="text-align: justify;">
<li>सन ऑफ सरदार 2- 24.75 करोड़ रुपये</li>
<li>धड़क 2-11.97 करोड़ रुपये</li>
<li>महावतार नरसिम्हा- 16.56 करोड़ रुपये</li>
<li>निकिता रॉय- 86 लाख रुपये</li>
<li>मालिक- 15.02 करोड़ रुपये</li>
<li>आँखों की गुस्ताखियां- 1.26 करोड़ रुपये</li>
<li>मेट्रो इन दिनों- 18.65 करोड़ रुपये</li>
<li>मां- 18.43 करोड़ रुपये</li>
<li>केसरी वीर- 88 लाख रुपये</li>
<li>कंपकंपी- 92 लाख रुपये</li>
<li>द भूतनी- 4.72 करोड़ रुपये</li>
<li>फुले-1.05 करोड़ रुपये</li>
<li>ग्राउंड जीरो- 5.20 करोड़ रुपये</li>
<li>द डिप्लोमैट- 13.45 करोड़ रुपये</li>
<li>क्रेजी-4.25 करोड़ रुपये</li>
<li>सुपरबॉयज ऑफ मालेगांव-1.82 करोड़ रुपये</li>
<li>मेरे हसबैंड की बीवी-5.28 करोड़ रुपये</li>
<li>बैडएस रवि कुमार-9.72 करोड़ रुपये</li>
<li>लवयापा-4.75 करोड़ रुपये</li>
<li>देवा-19.43 करोड़ रुपये</li>
<li>इमरजेंसी-12.26 करोड़ रुपये</li>
<li>आजाद-4.75 करोड़ रुपये</li>
<li>फतेह-10.71 करोड़ रुपये</li>
</ol>
<p style="text-align: justify;"><strong>परम सुंदरी का बजट कितना है?<br /></strong>मैडॉक फिल्म्स ने इस रोमांटिक कॉमेडी का निर्माण लगभग 60 करोड़ रुपये की लागत से किया है. दो दिनों में ही इसने अपने बजट का लगभग तकरीबन 30% वसूल कर लिया है. अभी तक इसकी स्पीड अच्छी है, लेकिन 5 सितंबर, 2025 को इसे बागी 4 से कड़ी टक्कर मिलनी शुरू हो जाएगी. सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​और जाह्नवी कपूर अपनी फिल्मोग्राफी में कोई और सफलता जोड़ पाते हैं या नहीं, यह तो समय ही बताएगा.</p>
<p style="text-align: justify;"><strong>ये भी पढ़ें:-</strong><a href=" अर्जुन थे दादी के लाडले, इमोशनल पोस्टर कर बोले- ‘आप हर दिन याद आएंगी'</strong></a></p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">&nbsp;</p>

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Pitru Paksha गर्भ में मृत्यु हो जाने पर क्या बच्चे का श्राद्ध करना चाहिए ? शास्त्र क्या कहता है

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Pitru Paksha 2025: पितृ पक्ष शुरू होने में अब कुछ ही दिन बाकी हैं. 7 सितंबर से श्राद्ध पक्ष आरंभ हो जाएंगे. मान्यता है कि पितृ पक्ष में पूर्वज पृथ्वी पर आते हैं और परिवार को आशीर्वाद देते हैं. कहा जाता है कि इस अवधि में श्राद्ध करने से पितरों को मोक्ष मिलता हैं, पितृ दोष दूर होता है.

लोगों को बड़े-बुजुर्गों के श्राद्ध के नियम तो पता होते हैं लेकिन कई बार ये सवाल उठता है कि जिन बच्चों की मृत्यु गर्भ में ही हो गई हो क्या उनका श्राद्ध किया जाता है ? जन्म लेने के बाद किस उम्र तक के बच्चों का श्राद्ध शास्त्रसम्मत है आइए जानते हैं.

गर्म में संतान की मृत्यु होने पर उसका श्राद्ध करें या नहीं ?

कई बार गर्भावस्था के दौरान किसी कारणवश संतान की मृत्यु हो जाती है तो शास्त्रों के अनुसार उसका श्राद्ध कर्म नहीं किया जाता है. अजन्मी संतान की आत्मा की शांति मलिन षोडशी परंपरा का निर्वहन किया जाता है.

मलिन षोडशी हिंदू धर्म में मृत्युपरांत किया जाने वाला एक अनुष्ठान है, जो मृत व्यक्ति की आत्मा की शांति और परिवार को अशुभ प्रभाव से बचाने के लिए किया जाता है. मलिन षोडशी क्रिया मृत्यु से अंतिम संस्कार तक के समय में की जाती है.

किस उम्र तक के बच्चों का नहीं होता श्राद्ध ?

वहीं जो बच्चे जन्म के बाद मृत्यु को प्राप्त हुए हैं उन बच्चों के श्राद्ध के नियम बच्चे की मृत्यु की उम्र पर निर्भर करते हैं. नवजात शिशु से 2 वर्ष से कम उम्र के बालक का कोई श्राद्ध नहीं होता इनकी भी मलिन षोडशी होती है और तर्पण किया जाता है क्योंकि पारंपरिक श्राद्ध कर्म इनके लिए नहीं किया जाता है. इन बच्चों का श्राद्ध और वार्षिक क्रिया नहीं होती है.

किस तिथि पर होता है बच्चों का श्राद्ध ?

पितृपक्ष में 6 साल से बड़े बच्चे की मृत्यु तिथि पर ही उसका श्राद्ध किया जाता है, लेकिन तिथि ज्ञान न होने पर त्रयोदशी पर पूर्ण विधि विधान से किया गया श्राद्ध बच्चों की मृतात्मा को प्राप्त होता है. अगर तिथि ज्ञात ना हो तो त्रयोदशी तिथि में ही तर्पण करना चाहिए.इससे मोक्ष की प्राप्ति होती है.

Ahoi Ashtami 2025: करवा चौथ के बाद क्यों करते हैं अहोई अष्टमी व्रत ? तारीख, मुहूर्त और महत्व भी जानें

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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मुकेश अंबानी की कंपनी RIL सहित इन 8 कंपनियों को तगड़ा झटका, एक हफ्ते में डूबे 2.25 लाख करोड़

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M-Cap of 10 Valuable Companies: अगस्त का महीना जाते-जाते देश की 8 सबसे वैल्यूऐबल कंपनियों को बड़ा झटका दे गया. महीने का आखिरी कारोबारी हफ्ता शेयर बाजार के लिए नुकसान देने वाला रहा. 29 अगस्त को सेंसेक्स 271 अंक फिसलकर 79810 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी भी 74 अंक गिरकर 24427 पर बंद हुआ.

इस पूरे हफ्ते में सेंसेक्स में 1826 अंकों की गिरावट आई है. निफ्टी में भी 540 अंकों की गिरावट दर्ज की गई. इसका असर देश की कई बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप पर भी पड़ा. शेयर बाजार में लिस्टेड 10 सबसे वैल्यूऐबल कंपनियों में से 8 कंपनियों का मार्केट कैप इस दौरान 2,24,630.45 करोड़ रुपये घट गया. इनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज और HDFC बैंक को सबसे अधिक नुकसान हुआ. 

रिलांयस को 70 हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान 

इन टॉप 10 कंपनियों में से रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, भारती एयरटेल, ICICI बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के मार्केट कैप में गिरावट आई, जबकि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) और हिंदुस्तान यूनिलीवर को फायदा पहुंचा है. रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप 70,707.17 करोड़ रुपये घटकर 18,36,424.20 करोड़ रुपये रह गया है. HDFC बैंक का भी वैल्यूऐशन 47,482.49 करोड़ रुपये घटकर 14,60,863.90 करोड़ रुपये रह गया है. 

इन कंपनियों का भी मार्केट कैप घटा 

इसी तरह से ICICI बैंक का वैल्यूएशन 27,135.23 करोड़ रुपये कम होकर 9,98,290.96 करोड़ रुपये और भारती एयरटेल का मार्केट कैप 24,946.71 करोड़ रुपये घटकर 10,77,213.23 करोड़ रुपये रह गया है. LIC का भी वैल्यूऐशन 23,655.49 करोड़ रुपये घटकर 5,39,047.93 करोड़ रुपये और भारतीय स्टेट बैंक का वैल्यूऐशन 12,692.1 करोड़ रुपये घटकर 7,40,618.60 करोड़ रुपये रह गया है.

इस दौरान बजाज फाइनेंस को भी नुकसान पहुंचा है. इसका मार्केट कैप 10,471.08 करोड़ रुपये घटकर 5,45,490.31 करोड़ रुपये पर आ गया है. इसी तरह से 7,540.18 करोड़ रुपये के नुकसान के साथ इंफोसिस का मार्केट कैप 6,10,463.94 करोड़ रुपये रह गया है. 

TCS को हुआ इतने करोड़ का फायदा 

अकेले TCS और हिंदुस्तान यूनिलीवर को फायदा हुआ है. जहां TCS का मार्केट वैल्यूऐशन 11,125.62 करोड़ रुपये बढ़कर 11,15,962.91 करोड़ रुपये हो गया. वहीं,  हिंदुस्तान यूनिलीवर का वैल्यूऐशन 7,318.98 करोड़ रुपये बढ़कर 6,24,991.28 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

हालांकि, इतने बड़े नुकसान के बावजूद भी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब भी सबसे वैल्यूऐबल कंपनियों की लिस्ट में पहले नंबर पर है. इसके बाद HDFC बैंक, TCS,भारती एयरटेल, ICICI बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस और LIC शामिल हैं. 

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इतने करोड़ में होगी न्यू जर्सी स्पॉन्सर डील, Dream11 के हटने के बाद आई ताजा रिपोर्ट

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भारतीय संसद में ऑनलाइन गेमिंग विधेयक पारित होने के बाद ड्रीम 11 को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के साथ अपना अनुबंध खत्म करना पड़ा था. एशिया कप 2025 पास आ रहा है, इसलिए बीसीसीआई पर दबाव भी बढ़ रहा है. इसी बीच एनडीटीवी ने एक रिपोर्ट जारी करके बताया है कि बोर्ड 2025-2028 की अवधि के लिए नया स्पॉन्सर लाने पर विचार कर रहा है. बताया जा रहा है कि ये नई स्पॉन्सरशिप डील लगभग 452 करोड़ रुपये की हो सकती है.

ड्रीम11 ने साल 2023 में बीसीसीआई के साथ लगभग 358 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए थे. मगर नए ऑनलाइन गेमिंग विधेयक के कारण ड्रीम11 को एक साल पहले ही डील समाप्त करनी पड़ी.

नए स्पॉन्सर की तलाश में BCCI

एनडीटीवी के मुताबिक सूत्रों ने बताया कि BCCI साल 2025 से 2028 तक की अवधि के लिए नया स्पॉन्सर ढूंढ रही है. इस दौरान टीम इंडिया करीब 140 मैच खेलेगी. अगर ऐसा होता है तो यह पैसे के मामले में Dream11 से कहीं बेहतर डील होगी. यह स्पॉन्सरशिप डील ना केवल घरेलू और विदेश में होने वाले मैचों के लिए बल्कि एशियाई क्रिकेट काउंसिल (ACC) और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) द्वारा आयोजित बहुपक्षीय टूर्नामेंट्स पर भी लागू होगी.

बीसीसीआई ने प्रत्येक द्विपक्षीय मैच के लिए 3.5 करोड़ रुपये की रकम भी सेट कर दी है. वहीं ICC और ACC टूर्नामेंट्स में होने वाले प्रत्येक मैच के लिए 1.5 करोड़ रुपये का टारगेट रखा गया है. यह रकम ड्रीम11 वाली डील से अधिक होगी, लेकिन Byju’s डील से कम होगी.

एशिया कप में कैसी होगी टीम इंडिया की जर्सी?

जहां तक एशिया कप की बात है, BCCI उससे पहले ही नए स्पॉन्सर के नाम पर मुहर लगा देना चाहती है, लेकिन समय भागा जा रहा है इसलिए एशिया कप से पहले शायद टीम इंडिया की जर्सी को नया स्पॉन्सर ना मिल पाए. मगर महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 से पहले डील तय की जा सकती है.

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भारत-चीन के किस फैसले से बौखलाए नेपाल के पीएम ओली, SCO समिट से पहले जिनपिंग से कही ये बात

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नेपाल के प्रधानमंत्री के. पी. शर्मा ओली ने शनिवार (30 अगस्त, 2025) को लिपुलेख के जरिए सीमा व्यापार को फिर से शुरू करने के भारत और चीन के समझौते पर कड़ी आपत्ति जताई. ओली ने दावा किया कि यह इलाका 1816 की सुगौधी संधि के तहत नेपाल के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आता है.

के. पी. ओली ने इस संबंध में सीधे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को अपने संदेश दिया. ओली ने शनिवार (31 अगस्त) को तियानजिन में द्विपक्षीय वार्ता के दौरान शी जिनपिंग से यह बात कही. नेपाली पीएम और चीनी राष्ट्रपति की यह बैठक तियानजिन में आयोजित 25वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन और SCO प्लस बैठक से ठीक पहले हुई.

नेपाल के विदेश सचिव ने बयान जारी कर साझा की जानकारी

नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय ने इस संबंध में एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा, ‘ओली ने शी जिनपिंग को याद दिलाया कि सुगौली संधि में महाकाली नदी को सीमा रेखा के रूप में तय किया गया था और नदी के पूर्व दिशा में स्थित सभी इलाकों को नेपाल का हिस्सा बताया गया है, जिसमें लिपुलेख भी शामिल है.’

राय ने कहा, ‘चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बैठक में मुलाकात के दौरान प्रधानमंत्री ओली ने लिपुलेख मुद्दे को भी उठाया. इस मामले में उन्होंने स्पष्ट किया कि 1816 की सुगौली संधि के मुताबिक महाकाली नदी के पूर्व दिशा में पड़ने वाले सभी क्षेत्र नेपाल के हैं. ऐसे में चीन को लिपुलेख इलाके का व्यापार के लिए इस्तेमाल करने वाले इस समझौते का समर्थन नहीं करना चाहिए, क्योंकि नेपाल को इस भारत-चीन के बीच हुए इस समझौते पर आपत्ति है. यह स्पष्ट संदेश राष्ट्रपति शी जिनपिंग तक पहुंचाया गया.’

नेपाल PMO ने ओली के रुख को दोहराया

विदेश सचिव के अलावा, नेपाल के प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने भी पीएम के. पी. शर्मा ओली के इस रुख को दोहराते हुए नेपाल के पक्ष को स्पष्ट रूप से रखा. PMO ने अपने बयान में कहा, ‘राष्ट्रपति शी के साथ बैठक में पीएम ओली ने स्पष्ट रूप से लिपुलेख के नेपाली इलाके को व्यापार का रास्ता बनाने के भारत-चीन समझौते पर नेपाल की आपत्ति जताई.

भारत और चीन के समझौते के बाद फिर से उभरा विवाद

यह विवाद इस अगस्त महीने की शुरुआत में फिर से उभर कर सामने आया था, जब भारत और चीन ने नई दिल्ली में हुई बातचीत के दौरान नेपाल के दार्चुला जिले में स्थित लिपुलेख पास से व्यापार को फिर से खोलने पर सहमति जताई.

वहीं, चीन और भारत के इस समझौते के जवाब में नेपाली विदेश मंत्रालय ने 20 अगस्त को फिर से दोहराया कि नेपाल के आधिकारिक नक्शे में लिपिंयाधुरा, लिपुलेख और कालापानी उसके अभिन्न हिस्से हैं, जो नेपाल के संविधान में अंकित है. हालांकि, भारत के अपने रुख को बरकरार रखा है कि लिपुलेख पास से सीमा व्यापार 1954 से ही चला आ रहा है और यह पिछले कुछ सालों में सिर्फ कोरोना महामारी और कुछ अन्य कारणों की वजह से बाधित हुआ था. लेकिन अब भारत और चीन ने इसे फिर से शुरू करने पर सहमति जताई है.

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