ब्रिटेन और जर्मनी में गूंजेगी आयुर्वेद की शिक्षा, देश के इस विश्वविद्यालय ने रचा नया इतिहास

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भारत का पारंपरिक चिकित्सा आयुर्वेद विदेशों में अपनी अलग पहचान के लिए जानी जाती है. अब पहली बार ऐसा हो रहा है कि कोई भारतीय विश्वविद्यालय सीधे ब्रिटेन और जर्मनी के कॉलेजों के छात्रों को उनके ही कैंपस में आयुर्वेद पढ़ाएगा. आइए जानते हैं किस यूनिवर्सिटी की तरफ से ये पहल की गई है.

बताते चलें कि ये पहल सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर की ओर से की गई है. यूनिवर्सिटी की तरफ से इसके लिए ब्रिटेन की एसोसिएशन ऑफ आयुर्वेद एकेडमी, कम्युनिटी इंटरेस्ट कंपनी (CIC) और जर्मनी की इंडो-जर्मन यंग लीडर्स फोरम फॉर ए रिस्पॉन्सिबल फ्यूचर ईवी के साथ एमओयू (MoU) साइन किया है. इस समझौते के बाद विदेशों में बैठे छात्र अब ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड से आयुर्वेद की पढ़ाई कर सकेंगे.

ऐसे होगी पढ़ाई

ब्रिटेन और जर्मनी के छात्रों को बीएएमएस (बैचलर ऑफ आयुर्वेदिक मेडिसिन एंड सर्जरी) कोर्स कराया जाएगा. योजना के तहत छात्र पहले साढ़े तीन साल तक अपने देश से ही ऑनलाइन क्लास लेंगे. इसके बाद डेढ़ साल के लिए उन्हें जोधपुर आना होगा, जहां उन्हें प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके साथ ही एनसीआईएसएम की गाइडलाइन के आधार पर कुछ विशेष आयुष सिलेबस भी तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें विदेशी छात्रों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा.

शिक्षक पढ़ाएंगे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस योजना के लिए खास प्लानिंग की गई है. जोधपुर विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों का टाइमटेबल इस तरह बनाया जाएगा कि यहां की नियमित क्लास पर कोई असर न पड़े. प्रोफेसर अपने कैंपस से ऑनलाइन पढ़ाएंगे और जरूरत पड़ने पर ब्रिटेन और जर्मनी जाकर भी पढ़ाएंगे.

इस बात पर जोर

सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने पर भी फोकस किया गया है. विश्वविद्यालय ने केंद्रीय आयुर्वेदिक अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ नेचुरोपैथी, पुणे और केंद्रीय होम्योपैथी परिषद, जयपुर के साथ मिलकर पीएचडी कोर्स शुरू किया है.

इस शोध कार्यक्रम का मकसद है आयुर्वेद के प्राचीन ज्ञान को नई तकनीकों जैसे जीनोमिक्स और बायोटेक्नोलॉजी के साथ जोड़ना. इसके जरिए नई औषधियां और आधुनिक इलाज की पद्धतियां विकसित की जाएंगी. यूनिवर्सिटी का मानना है कि अगर परंपरागत आयुर्वेदिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान के साथ जोड़ा जाए तो यह और भी प्रभावी हो सकता है.

विदेश में पढ़ाई के लिए आसान रास्ता

अब तक विदेशी छात्रों को आयुर्वेद की पढ़ाई के लिए पूरे साढ़े 5 साल भारत में ही रहना पड़ता था. लेकिन इस नई पहल से उन्हें सिर्फ ट्रेनिंग के लिए भारत आना होगा. बाकी पढ़ाई वे अपने ही देश में कर पाएंगे.

रिपोर्ट्स के मुताबिक ब्रिटेन सरकार से इस कोर्स के लिए परमिशन लेटर मिल गया है, जबकि जर्मनी में प्रक्रिया जारी है. इसके अलावा भारत सरकार के आयुष मंत्रालय से भी अनुमति मिलने के बाद यह कार्यक्रम आधिकारिक रूप से शुरू किया जाएगा. आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पीके प्रजापति का कहना है कि ये पहल आयुर्वेद के लिए एक नया अध्याय है. अब आयुष ज्ञान का वैश्विक प्रसार हो सकेगा.

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‘मालिक इधर मालिक…’, पुतिन से मिलने के लिए दौड़े शहबाज शरीफ तो हो गए ट्रोल, देखें वीडियो

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चीन में चल रही एससीओ समिट में सोमवार (1 सितंबर) को पाकिस्तान की गजब फजीहत हुई. समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले का जिक्र किया. अहम बात यह है सदस्य देशों ने भी पीएम मोदी का साथ दिया. इस बीच पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक वीडियो वायरल हो रहा है. शहबाज, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिलने के आगे बढ़े, लेकिन पुतिन ने उन्हें इग्नोर कर दिया. शहबाज इसको लेकर काफी ट्रोल हो रहे हैं.

दरअसल पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग एक साथ चल रहे थे. उनके साथ दुनिया के और भी बड़े नेता मौजूद थे. वहीं पाक पीएम शहबाज शरीफ कोने में खड़े थे. शहबाज ने पुतिन को आगे बढ़ते हुए देखकर उनसे मिलने के लिए कदम बढ़ाया, लेकिन पुतिन उनसे मिले बिना चले गए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. शहबाज शरीफ को इसकी वजह से काफी ट्रोल भी किया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए शहबाज

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक मोना नाम की यूजर ने शहबाज को ट्रोल कर दिया. उसने लिखा, ”शहबाज का रिएक्शन इस लाइन पर फिट बैठता है, मालिक मालिक आपने इस नौकर को नहीं पहचाना.

पाकिस्तान – मालिक इधर, मालिक इधर.

पुतिन – खाना खा के जाना और हां बाकी लोगों के लिए भी लेकर जाना.”

 


पीएम मोदी की पुतिन के साथ खास मीटिंग

प्रधानमंत्री मोदी ने सोमवार (1 सितंबर) को रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ बातचीत की. इस दौरान रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर चर्चा हुई. इसकी वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है. मोदी और पुतिन दोनों शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए तियानजिन में हैं.



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धर्मेंद्र की फर्स्ट वाइफ प्रकाश कौर की तस्वीरें, ख़ूबसूरती में हीरोइन से कम नहीं

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कभी देखी हैं धर्मेंद्र की पहली पत्नी प्रकाश कौर की ये 10 तस्वीरें? खूबसूरती में किसी हीरोइन से कम नहीं

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कोई तो बचा लो! बालकनी में बैठे कुत्ते को अचनाक हुए देवदर्शन और मुंह को आ गया कलेजा- हैरान कर…

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सोशल मीडिया की दुनिया में रोजाना ऐसे-ऐसे वीडियो सामने आ जाते हैं जो कभी दिल दहला देते हैं तो कभी हंसी से लोटपोट करवा देते हैं. लेकिन कुछ वीडियो ऐसे भी होते हैं जिन्हें देखकर पहले तो दिल जोर-जोर से धड़कता है और फिर राहत की सांस आती है. ऐसा ही एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक बेचारा कुत्ता अपनी मासूम हरकत के चलते मौत के मुंह में जाने से बाल-बाल बच जाता है. अब जरा सोचो. बालकनी में आराम से बैठा एक डॉगी अचानक फिसल जाए और उसका आधा धड़ हवा में लटक जाए. ऊपर से नीचे देखने पर मानो उसे यमदर्शन हो जाएं. लेकिन कहते हैं ना कि मालिक का प्यार सबसे बड़ा होता है. वीडियो वायरल है जिसे देखने के बाद आप भी हैरान रह जाएंगे.

बालकनी में आराम फरमा रहे कुत्ते को हुए यमदर्शन

वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक कुत्ता अपनी बालकनी में बड़ी ही शान से बैठा हुआ है. सामने से आती हवा और नीचे का नजारा देखते हुए मानो वह अपने पलों का मजा ले रहा हो. लेकिन तभी कुछ ऐसा होता है कि उसकी जान सांसत में आ जाती है. दरअसल बालकनी पर लगी चिकनी टाइल्स पर उसका पैर फिसल जाता है और देखते ही देखते उसका आधा शरीर रेलिंग से बाहर लटक जाता है. पैर हवा में झूलने लगते हैं और बेचारे कुत्ते के चेहरे पर ऐसा एक्सप्रेशन आता है मानो उसे ऊपर वाले के देवदर्शन हो गए हों.


इसके बाद शुरू होती है उसकी जद्दोजहद. बेचारा डॉगी अपने पैरों से रेलिंग पकड़ने की कोशिश करता है. कभी सिर हिलाता है तो कभी पंजे मारता है. लेकिन चिकनी टाइल्स और गुरुत्वाकर्षण का जोर उस पर भारी पड़ता है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि वह लगातार संघर्ष करता है लेकिन खुद को ऊपर नहीं खींच पाता.

जान बचाने दौड़ी मालकिन, तब जानकर आई राहत की सांस

इसी बीच उसकी मालकिन बालकनी की ओर आती है और जैसे ही अपने पालतू की हालत देखती है वैसे ही भागकर उसे पकड़ लेती है. धीरे-धीरे उसे ऊपर खींचकर सुरक्षित अंदर ले आती है. बस फिर क्या था. कुत्ते की जान तो बच जाती है लेकिन सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को देखकर हंसी भी नहीं रोक पा रहे. कोई कह रहा है कि “डॉगी को तो सच में भगवान के दर्शन हो गए होंगे” तो कोई मजाक में लिख रहा है कि “अब इसे समझ आ गया होगा कि चिकनी टाइल्स और गुरुत्वाकर्षण का कॉम्बो कितना खतरनाक होता है.”

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

वीडियो पर लोग जमकर कमेंट कर रहे हैं और मालकिन की टाइमिंग की तारीफ कर रहे हैं. सबका कहना है कि अगर समय पर उसने अपने पालतू को नहीं देखा होता तो अनहोनी हो सकती थी. फिलहाल कुत्ता पूरी तरह सुरक्षित है और सोशल मीडिया का स्टार बन गया है. वीडियो को humoursgagg नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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टैरिफ के सदमे से उबर नहीं पा रहा रुपया, ऐतिहासिक निचले स्तर के बाद और आई गिरावट

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Dollar vs Rupee: ट्रंप के भारत पर हाई टैरिफ लगाने के बाद हाल के दिनों में भारतीय रुपये में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. ऐसे हालात में अब रुपये को सहारा देने की उम्मीद केवल आरबीआई के कदमों से की जा रही है. विदेशी पूंजी की लगातार निकासी की वजह से निवेशकों की धारणा पर नकारात्मक असर पड़ा है. नतीजतन, हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 17 पैसे टूटकर 88.26 के स्तर पर आ गया.

अब तक का सबसे निचला स्तर

पिछले हफ्ते शुक्रवार को रुपया 88 का स्तर पार करते हुए 88.09 पर बंद हुआ था. वहीं, छह प्रमुख करेंसी के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर इंडेक्स 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 97.70 पर रहा.

रुपया टूटा, बाजार चढ़ा

रुपये में ऐतिहासिक गिरावट के बावजूद सोमवार को शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 343.46 अंक चढ़कर 80,153.11 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 105.8 अंक की बढ़त के साथ 24,532.65 पर कारोबार कर रहा था. अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड भी 0.41 प्रतिशत बढ़कर 67.20 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) शुक्रवार को शुद्ध रूप से 8,312.66 करोड़ रुपये के शेयर बेच चुके थे.

क्यों आई उथल-पुथल?

रुपये की गिरावट और बाजार में उथल-पुथल की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हाई टैरिफ है. रूस से तेल खरीदने के चलते ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिससे कुल टैरिफ दरें 50 प्रतिशत तक पहुंच गई हैं. ट्रंप की यह रणनीति रूस पर दबाव बनाने की कोशिश का हिस्सा है, लेकिन अभी तक उन्हें कोई खास सफलता नहीं मिली है.

भारत इस झटके को झेलने के लिए दो मोर्चों पर काम कर रहा है—एक तरफ सरकार ने जीएसटी सुधारों का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर रूस और चीन के साथ संबंधों को मजबूत करके वैकल्पिक व्यापारिक रास्ते तलाशने की कोशिशें तेज कर दी हैं.

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Ashtalakshmi: मां लक्ष्मी के 8 दिव्य स्वरूप जो बदल देंगे जीवन! धन, सुख, और सफलता के लिए जानें इ

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Ashtalakshmi Importance: मां लक्ष्मी मात्र धन की देवी ही नहीं अपितु वह तो सौभाग्य, शांति और जीवन को संतुलन भी प्रदान करती हैं. उनकी चार भुजाएं धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष का प्रतीक है. मां लक्ष्मी के आठ दिव्य स्वरूप हैं, जो जीवन के कई क्षेत्रों में सुख-सुविधा और समृद्धि का प्रतीक माने जाते हैं.

शास्त्रों में इनकी पूजा का विशेष महत्व है. आइए जानते हैं मा लक्ष्मी के अष्ट स्वरूपों के बारे में. 

अष्टलक्ष्मी के 8 स्वरूप और उनका महत्व
आदि लक्ष्मी (Adi Lakshmi) 
मां लक्ष्मी का मूल स्वरूप आदि लक्ष्मी हैं, जो सृष्टि की आदि शक्ति भी हैं. वेदों में कहा गया है कि आदिलक्ष्मी की पूजा-आराधना से साधक में स्थिरता, वैराग्य और आध्यात्मिकता की शक्ति प्राप्त होती है. 

धन लक्ष्मी (Dhana Lakshmi)
मां लक्ष्मी का दूसरा स्वरूप धन लक्ष्मी हैं, जो धन, सुख, वैभव और भौतिक सुख-संपदा की देवी हैं. पद्मपुराण और लक्ष्मी तंत्र के मुताबिक इनकी कृपा से जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है.

धान्य लक्ष्मी (Dhanya Lakshmi)
मां लक्ष्मी का धान्य स्वरूप अन्न और अन्नदाता का प्रतीक हैं. अथर्ववेद और विष्णु पुराण के मुताबिक अन्न को ब्रह्म स्वरूप कहा गया है. धान्य लक्ष्मी की कृपा से अन्न-समृद्धि और परिवार का पोषण होता है. 

गज लक्ष्मी (Gaja Lakshmi)
गज लक्ष्मी मां लक्ष्मी का वो स्वरूप जो ऐश्वर्य, कीर्ति और राजसुख प्रदान करता है. हरिवंश पुराण और श्रीमद्भागवत में गजलक्ष्मी का उल्लेख भी देखने को मिलता है. गजलक्ष्मी की पूजा सामाजिक सम्मान, यश और विजय प्राप्ति के लिए किया जाता है. 

संतान लक्ष्मी (Santana Lakshmi)
मां लक्ष्मी का संतान स्वरूप संतान की सुख, वंशवृद्धि और रक्षा का प्रतीक माना जाता है. स्कंद पुराण में संतति लक्ष्मी के पूजन का विशेष महत्व बताया गया है. 

वीर लक्ष्मी (Veera Lakshmi)
मां लक्ष्मी का वीर स्वरूप धैर्य और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है. धर्मयुद्ध और कठिन परिस्थितियों में वीर लक्ष्मी शक्ति और साहस प्रदान करती हैं. महाभारत काल में वीर लक्ष्मी का उल्लेख देखने को मिलता है. उनकी कृपा से धर्म की विजय होती है. 

विद्या लक्ष्मी (Vidhya Lakshmi)
विद्या लक्ष्मी ज्ञान, शिक्षा, कला और विद्या की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं. देवी भागवत और वेदों में विद्या लक्ष्मी की स्तुति की जाती है. विद्यार्थियों और विद्वानों में इनकी पूजा का काफी महत्व बताया गया है. 

विजय लक्ष्मी (Vijaya Lakshmi)
विजय लक्ष्मी जीवन के हर क्षेत्र में सफलता, विजय और मंगल का प्रतीक माना जाता है. शास्त्रों के मुताबिक विजय लक्ष्मी की कृपा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होने के साथ कार्य में सिद्धि भी प्राप्त होती है. 

अष्ट लक्ष्मी स्वरूप का धार्मिक महत्व

  • अष्टलक्ष्मी जी की पूजा विशेष तौर पर दीपावली, व्रत त्योहारों पर की जाती है.
  • लक्ष्मी तंत्र, देवी भागवत पुराण और पद्म पुराण में अष्टलक्ष्मी के स्वरूपों की आराधना करने से धन से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं. 
  • इनकी पूजा और उपासना करने से व्यक्ति धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष चारों पुरुषार्थों को प्राप्त होता है. 
  • अष्ट लक्ष्मी धन, अन्न, विद्या, साहस, संतान, विजय, धैर्य और राज का प्रतीक है.
  • मां लक्ष्मी का प्रेम सच्चे कर्मों में है. साफ-सफाई, सेवा, दीप और भक्ति मां को यही सबसे प्रिय है. 

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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UP T20 लीग में पहली बार 5 गेंद का हुआ सुपर ओवर! ऐसा कैसे हुआ जान लीजिए

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UP T20 League 2025: यूपी T20 लीग 2025 का 31 अगस्त का मैच क्रिकेट फैंस के लिए बेहद खास साबित हुआ. वजह थी, 5 गेंदों वाला सुपर ओवर. जी हाँ, पहली बार टूर्नामेंट में ऐसा रोमांच देखने को मिला जब सुपर ओवर 12 गेंदों की बजाय सिर्फ 5 गेंदों में ही खत्म हो गया. इस मुकाबले में नेता-अभिनेता रवि किशन की टीम गौर गोरखपुर लायंस ने कानपुर सुपरस्टार्स को हराकर अपनी पांचवीं जीत दर्ज की.

बारिश ने छोटा किया मैच

गोरखपुर और कानपुर के बीच खेला गया यह मुकाबला बारिश के कारण प्रभावित रहा. दोनों टीमों को 20 ओवर की बजाय 15-15 ओवर खेलने का मौका मिला. पहले बल्लेबाजी करते हुए गोरखपुर ने 7 विकेट खोकर 141 रन बना दिए थे. जवाब में कानपुर सुपरस्टार्स ने भी उतने ही रन बनाए और 5 विकेट पर 141 पर अपनी पारी खत्म की. मैच टाई होने के बाद फैसला सुपर ओवर से होना तय हुआ.

सुपर ओवर में कानपुर का बुरा हाल

सुपर ओवर में पहले बल्लेबाजी कानपुर सुपरस्टार्स ने की. टीम को उम्मीद थी कि कप्तान समीर रिजवी, जिन्होंने मैच में 75 रन की शानदार पारी खेली थी, यहां भी चमकेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. गोरखपुर के गेंदबाज अब्दुल रहमान ने सुपर ओवर की पहली ही गेंद पर रिजवी को LBW कर वापस पवेलियन भेज दिया.

इसके बाद आए अभिषेक पांडे ने दूसरी गेंद पर एक रन लिया और स्ट्राइक आदर्श सिंह को दी, लेकिन रहमान ने तीसरी ही गेंद पर आदर्श को भी बिना रन बनाए आउट कर चलता किया. नतीजा ये हुआ कि कानपुर सुपरस्टार्स की सुपर ओवर की पारी सिर्फ 3 गेंदों में ही ढह गई.

गोरखपुर का आसान चेज

अब गोरखपुर के सामने जीत के लिए सिर्फ 2 रन का टारगेट था. गोरखपुर के ओपनर अक्षदीप नाथ और प्रिंस यादव बल्लेबाजी करने उतरे. इन्होंने कानपुर के गेंदबाज विनीत पवार की 2 गेंदों में ही आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया. इस तरह गोरखपुर ने सुपर ओवर की सिर्फ 2 गेंदों में जीत दर्ज की.

कुल 5 गेंदों में निपटा सुपर ओवर

अगर दोनों टीमों की पारी को जोड़कर देखा जाए तो सुपर ओवर में सिर्फ 5 गेंदें ही फेंकी गईं. तीन गेंदों में कानपुर की पारी खत्म और दो गेंदों में गोरखपुर ने टारगेट हासिल कर लिया. यह न सिर्फ यूपी T20 लीग 2025 का पहला सुपर ओवर था बल्कि सबसे अनोखा भी रहा

इस जीत के साथ गौर गोरखपुर लायंस ने टूर्नामेंट में अपनी पाँचवीं जीत दर्ज कर प्लेऑफ की ओर कदम और मजबूत कर लिए हैं.

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iPhone 17 सीरीज को लेकर सामने आई बड़ी जानकारी, गायब हो सकता है यह फीचर, तैयारी में जुटी ऐप्पल

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iPhone 17 सीरीज इसी महीने लॉन्च होने जा रही है और उससे पहले इससे जुड़ी कई जानकारियां सामने आ रही हैं. अब पता चला है कि आईफोन 17 सीरीज के मॉडल से सिम कार्ड ट्रे गायब रह सकती है. अमेरिका में ऐप्पल ने पहले से ही फिजिकल सिम कार्ड के लिए स्लॉट देना बंद कर रखा है. इस बार यूरोपीय देशों में बिकने वाले आईफोन से फिजिकल सिम कार्ड स्लॉट हटाया जा सकता है. इसके बाद यूजर्स को ई-सिम के आसरे रहना पड़ेगा.

कर्मचारियों के लिए जरूरी की गई ट्रेनिंग

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐप्पल ने यूरोप में अपने ऑथोराइज्ड रिसेलर्स के कर्मचारियों को 5 सितंबर तक ई-सिम से जुड़ा एक ट्रेनिंग कोर्स पूरा करने को कहा है. 9 सितंबर को आईफोन 17 सीरीज लॉन्च हो जाएगी. ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि कंपनी इस बार यूरोपीय संघ के देशों में बिकने वाले आईफोन मॉडल्स में केवल ई-सिम का ऑप्शन देगी. बता दें कि यूरोपीय संघ में फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, इटली और हंगरी समेत 27 देश हैं. यूरोप के अलावा अन्य देशों में भी नए आईफोन में केवल ई-सिम का ऑप्शन मिल सकता है. 

सिर्फ ई-सिम सपोर्ट करेगा एयर मॉडल

9 सितंबर को लॉन्च होने वाली सीरीज में अल्ट्रा-स्लिम आईफोन 17 एयर मॉडल भी शामिल होगा. कई रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि यह मॉडल केवल ई-सिम को सपोर्ट करेगा. इसमें फिजिकल सिम स्लॉट नहीं मिलेगा. इसके अलावा चीन और भारत समेत कई मार्केट्स को छोड़कर अधिकतर देशों में बाकी मॉडल भी केवल ई-सिम सपोर्ट के साथ आ सकते हैं. 

अमेरिका में बेचे जा रहे केवल ई-सिम वाले आईफोन

अमेरिका में आईफोन 14 और उसके बाद के सभी मॉडल केवल ई-सिम सपोर्ट के साथ आते हैं. 2022 में आईफोन 14 सीरीज को लॉन्च करते हुए ऐप्पल ने eSIMs को अधिक सुरक्षित बताते हुए प्रमोट किया था. ई-सिम को फोन से हटाया नहीं जा सकता. ऐसे में चोरी या गुम होने की स्थिति में इसे ढूंढना आसान हो जाता है. आईफोन में एक साथ 8 ई-सिम को मैनेज किया जा सकता है.

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यमराज का भैंसा चरने गया है! तेज रफ्तार ट्रेन से टकराया बकरी का बच्चा, उठा संभला और चल दिया

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सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर लोग हैरान भी हैं और दंग भी. कहते हैं जाको राखे साइयां मार सके ना कोय और इस वीडियो में वही सच साबित हो गया. जहां एक ओर तेज रफ्तार ट्रेन मौत का फरमान लेकर दौड़ती आई, वहीं दूसरी ओर पटरी पर भागकर पहुंच गया एक काला बकरी का बच्चा. अगले ही पल ट्रेन से टकराकर वह हवा में उछला और पटरी से दूर जा गिरा. सबको लगा कि अब उसका बचना नामुमकिन है, लेकिन नजारा इसके ठीक उलट था. बकरी का बच्चा उठ खड़ा हुआ, खुद को झाड़ा और फिर ऐसे निकल लिया मानो कुछ हुआ ही ना हो. वीडियो इंटरनेट पर धूम मचा रहा है.

तेज रफ्तार ट्रेन से टकराया बकरी का बच्चा!

वायरल वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एक काला बकरी का बच्चा खेलते-खेलते भागते हुए सीधे रेलवे ट्रैक पर आ जाता है. तभी पीछे से तेज रफ्तार ट्रेन धमकते हुए आती है. लोग देखते ही रह जाते हैं और इससे पहले कि कोई उसे बचा पाए, ट्रेन सीधे बकरी के बच्चे से टकरा जाती है. ट्रेन से टकराते ही बकरी का बच्चा उछलकर पटरी से दूर जा गिरता है. माहौल एक पल के लिए सन्नाटे में बदल जाता है. ऐसा लगता है कि अब उसकी जान नहीं बचेगी. लेकिन तभी चमत्कार हो जाता है.

संभला, धूल झाड़ी और निकल लिया

बकरी का बच्चा धीरे-धीरे उठता है, चारों पैर सम्हालता है और फिर बिना किसी डर के अपने शरीर पर लगी धूल झाड़ देता है. इसके बाद वो बेफिक्री से वहां से चलता बनता है. वीडियो में मौजूद लोग भी इस नजारे को देखकर दंग रह जाते हैं. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और लोग इसे लेकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

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यूजर्स रह गए हैरान

वीडियो को Sonu Verma नाम के फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इस बच्चे को टक्कर लगी है और अंदर की चोट है, अभी खून गर्म है इसलिए पता नहीं लगा है. एक और यूजर ने लिखा..भाई यमराज का भैंसा चरने गया है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…क्या किस्मत लेकर पैदा हुआ है, लगता है कसाई के हाथों ही कटेगा.

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