पितृ पक्ष में लगाएं ये पौधे, पितृ होंगे प्रसन्न, मिलेगा आशीर्वाद

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आश्विन मास की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक की अवधि को पितृ पक्ष कहते हैं. इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेंगे. पितृ पक्ष के 15 दिनों की अवधि मृत पूर्वजों को समर्पित होती है.

आश्विन मास की प्रतिपदा से लेकर अमावस्या तक की अवधि को पितृ पक्ष कहते हैं. इस साल पितृ पक्ष 7 सितंबर से शुरू होकर 21 सितंबर तक चलेंगे. पितृ पक्ष के 15 दिनों की अवधि मृत पूर्वजों को समर्पित होती है.

पितृ पक्ष में मुख्य रूप से पितरों की आत्मा की शांति, तृप्ति और पितृ दोष से मुक्ति के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. साथ इस समय दान-दक्षिणा, पूजा-पाठ और कुछ नियमों का पालन भी करना पड़ता है.

पितृ पक्ष में मुख्य रूप से पितरों की आत्मा की शांति, तृप्ति और पितृ दोष से मुक्ति के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. साथ इस समय दान-दक्षिणा, पूजा-पाठ और कुछ नियमों का पालन भी करना पड़ता है.

पितृ पक्ष का समय कुछ पेड़-पौधों के रोपण के लिए भी शुभ माना जाता है. श्राद्ध के समय इन पेड़-पौधों की पूजा करने और इनका रोपण करने से पितृ प्रसन्न होकर अपने वंशों को फलने-फूलने का आशीर्वाद देते हैं. जानें पितृ पक्ष में कौन से तीन पेड़-पौधे लगाना चाहिए और इससे क्या होता है.

पितृ पक्ष का समय कुछ पेड़-पौधों के रोपण के लिए भी शुभ माना जाता है. श्राद्ध के समय इन पेड़-पौधों की पूजा करने और इनका रोपण करने से पितृ प्रसन्न होकर अपने वंशों को फलने-फूलने का आशीर्वाद देते हैं. जानें पितृ पक्ष में कौन से तीन पेड़-पौधे लगाना चाहिए और इससे क्या होता है.

पीपल- हिंदू मान्यता के अनुसार, पीपल वृक्ष में देवताओ के साथ ही पितरों का वास भी होता है. इसलिए पितृ पक्ष के समय न सिर्फ पीपल वृक्ष की पूजा करने बल्कि पीपल के पौधे का रोपण करना भी अच्छा माना जाता है. इससे पूर्वज प्रसन्न होकर पूरे परिवार पर अपनी कृपा बरसाते हैं. लेकिन आप घर के बजाय पीपल को किसी खुले स्थान या मंदिर में लगाएं.

पीपल- हिंदू मान्यता के अनुसार, पीपल वृक्ष में देवताओ के साथ ही पितरों का वास भी होता है. इसलिए पितृ पक्ष के समय न सिर्फ पीपल वृक्ष की पूजा करने बल्कि पीपल के पौधे का रोपण करना भी अच्छा माना जाता है. इससे पूर्वज प्रसन्न होकर पूरे परिवार पर अपनी कृपा बरसाते हैं. लेकिन आप घर के बजाय पीपल को किसी खुले स्थान या मंदिर में लगाएं.

तुलसी- पितृ पक्ष के समय घर पर तुलसी का पौधा लगाना भी अच्छा होता है. इस समय तुलसी पौधा लगाने से ग्रह-दोष दूर होते हैं. साथ ही लक्ष्मीनारायण का आशीर्वाद भी मिलता है.

तुलसी- पितृ पक्ष के समय घर पर तुलसी का पौधा लगाना भी अच्छा होता है. इस समय तुलसी पौधा लगाने से ग्रह-दोष दूर होते हैं. साथ ही लक्ष्मीनारायण का आशीर्वाद भी मिलता है.

बरगद- बरगद या वट वृक्ष को दीर्घायु और अमरता का प्रतीक माना जाता है. पितृ पक्ष के दौरान बरगद वृक्ष की भी पूजा की जाती है. पितृ पक्ष में वट वृक्ष लगाने से पूर्वज अपने वंशों को आशीर्वाद देते हैं. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि वट वृक्ष के घर के बाहर किसी खुले स्थान पर ही लगाएं.

बरगद- बरगद या वट वृक्ष को दीर्घायु और अमरता का प्रतीक माना जाता है. पितृ पक्ष के दौरान बरगद वृक्ष की भी पूजा की जाती है. पितृ पक्ष में वट वृक्ष लगाने से पूर्वज अपने वंशों को आशीर्वाद देते हैं. लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि वट वृक्ष के घर के बाहर किसी खुले स्थान पर ही लगाएं.

Published at : 01 Sep 2025 02:53 PM (IST)

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ऐस्ट्रो फोटो गैलरी

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ChatGPT पर ऐसी बात की तो खैर नहीं, पुलिस पहुंच जाएगी घर, कंपनी ने खुद किया खुलासा

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आजकल लोग ChatGPT के साथ प्रोफेशनल से लेकर पर्सनल लाइफ तक की बातें शेयर कर रहे हैं. अगर आप भी उनमें से एक हैं और आपको लगता है कि ChatGPT के साथ हुई बातें प्राइवेट ही रहेंगी तो आपको दोबारा सोचने की जरूरत है. ChatGPT बनाने वाली कंपनी ओपनएआई ने कहा है कि यह यूजर की चैट्स को रिव्यू करती है और अगर उसे लगता है कि इससे किसी को खतरा पैदा हो सकता है कि वह उस जानकारी को पुलिस के साथ भी साझा करती है. 

चैट को रिव्यू करती है स्पेशल टीम

कंपनी ने अपने ब्लॉग में बताया है कि वह संभावित हिंसा के मामलों को कैसे हैंडल करती है. ओपनएआई के मुताबिक, अगर कोई यूजर ChatGPT पर दूसरों को नुकसान पहुंचाने की योजना बना रहा है तो उसका सिस्टम इसका पता लगा लेता है. इसके बाद यह चैट स्पेशल रिव्यू टीम के कर्मचारियों के पास भेजी जाती है. अगर इस टीम को लगता है कि खतरा गंभीर है तो वह इसकी जानकारी कानूनी एजेंसियों के साथ शेयर कर सकती है.

कंपनी पर उठे कई सवाल

इस ब्लॉग के सामने आन के बाद ओपनएआई पर कई सवाल उठे हैं. कई लोगों को लगता है कि AI चैटबॉट के साथ की गई बातचीत प्राइवेट रहेगी. वहीं कई आलोचकों का कहना है कि अगर किसी संभावित खतरे का पता लगाने के लिए इंसानों की मदद ली जाती है तो ChatGPT आत्म-निर्भर टूल कैसे हुआ. इसके अलावा इस बात को भी लेकर चिंता जताई जा रही है कि ओपनएआई एजेंसियों को जानकारी देने के लिए यूजर्स की लोकेशन का पता कैसे लगा रही है. कई विशेषज्ञों ने इसके संभावित दुरुपयोग को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की है. उनका कहना है कि कोई दूसरा व्यक्ति किसी को फंसाने के लिए हिंसा की धमकी दे सकता है और कंपनी निर्दोष व्यक्ति के घर पर पुलिस भेज दे.

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जबरन पैसा वसूलने से रोका तो किन्नरों ने आरपीएफ जवान को दौड़ा दौड़ाकर पीटा- वायरल हो रहा वीडियो

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आपने अक्सर ट्रेन में सफर करते हुए किन्नरों को यात्रियों से अवैध उगाही करते हुए देखा होगा. अक्सर ट्रेनों में लोग इन किन्नरों के रवैये और जबरदस्ती से परेशान रहते हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में इस बार इन किन्नरों ने हद कर दी जब एक आरपीएफ इंस्पेक्टर को रेलवे प्लेटफॉर्म पर दौड़ा दौड़ाकर पीटा. जी हां, उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले का बताए जा रहे इस वीडियो में किन्नर रेलवे प्लेटफॉर्म पर आरपीएफ इंस्पेक्टर को दौड़ा दौड़ाकर मार रहे हैं. वीडियो इंटरनेट पर वायरल है जिसे देखने के बाद आप भी हैरान और परेशान हो जाएंगे.

किन्नरों ने आरपीएफ इंस्पेक्टर की कर दी पिटाई

दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में किन्नरों से पिट रहा ये शख्स को आम आदमी नहीं बल्कि आरपीएफ में तैनात एक इंस्पेक्टर है. जिसे केवल इस लिए पीटा जा रहा है क्योंकि इसने किन्नरों को रेलवे में अवैध उगाही करने से मना किया था.वीडियो में साफ दिख रहा है कि किन्नर लाठी और डंडों से आरपीएफ इंस्पेक्टर की पिटाई कर रहे हैं और आरपीएफ इंस्पेक्टर अपनी जान बचाने के लिए जद्दोजहद करता दिखाई दे रहा है.बताया जा रहा है कि किन्नरों को भीख मांगते देख आरपीएफ इंस्पेक्टर ने उन्हें मना किया था कि ऐसा ना करें. इसके अलावा किन्नरों को प्यार से समझाया भी गया था, लेकिन देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि किन्नरों ने इंस्पेक्टर पर ही हमला कर दिया और प्लेटफॉर्म पर उसे दौड़ा दौड़ाकर पीटने लगे.

लोगों की शिकायत पर किन्नरों को समझाने पहुंचे थे आस मोहम्मद

आरपीएफ ने इस पर कहा कि रेलवे स्टेशन थाना प्रभारी आस मोहम्मद को कुछ लोगों ने शिकायत की थी कि किन्नरों ने यात्रियों को काफी ज्यादा परेशान किया हुआ है. जिसके बाद थाना प्रभारी आस मोहम्मद किन्नरों को समझाने पहुंचे थे, लेकिन तभी किन्नरों ने समझने के बजाए थाना प्रभारी पर हमला कर दिया. जैसा कि वीडियो में साफ साफ देखा जा सकता है. हालांकि कुछ देर बाद आरपीएफ के जवान और लोगों ने इंस्पेक्टर को किन्नरों से बचाया.

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

वीडियो को @SinghDeepakUP नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक कई लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इन लोगों ने काफी आतंक मचाया हुआ है, इलाज जरूरी है. एक और यूजर ने लिखा…पुलिस और किन्नर दोनों ही अवैध उगाही करते हैं आजकल तो. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा….ऐसा इलाज किया जाए कि सात पुश्तें याद रखें.

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कौन हैं टोनी बेग, जिनसे नरगिस फाखरी ने रचाई थी सीक्रेट वेडिंग, जानें क्या करते हैं

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एक्ट्रेस नरगिस फाखरी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. जिसमें वो पहली बार शादी के बाद पति टोनी बेग संग दिखी. ये वीडियो मुंबई में विजिट कतर और नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र का जश्न मनाने वाले एक इवेंट का है. जहां पर दोनों रेड कार्पेट पर साथ तो दिखे, लेकिन कोई पोज नहीं दिया. ऐसे में एक बार फिर हर कोई ये जानने के लिए बेकरार हो गया कि आखिर टोनी कौन हैं और क्या करते हैं…

पति संग पहली बार दिखीं नरगिस

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में नरगिस और टोनी फिल्म मेकर फराह खान के साथ रेड कार्पेट पर पोज देते दिखे. नरगिस ने वाइन कलर का लहंगा और टोनी ने ब्लैक सूट पहना है. जिसमें वो काफी डैशिंग लग रहे हैं. दोनों का वीडियो फैंस के बीच खूब सुर्खियां बटोर रहा है.


कौन हैं नरगिस के पति टोनी बेग?

नरगिस ने इसी साल फरवरी में अपने लॉन्ग टाइम बॉयफ्रेंड टोनी बेग से सीक्रेट वेडिंग की थी. दोनों ने शादी से पहले तीन साल डेटिंग की थी. टोनी एक अमेरिकी बिजनेसमैन है. जिनका जन्म कश्मीर में हुआ था. वो डियोज ग्रुप के संस्थापक हैं. उनके भाई टेलीविजन निर्माता जॉनी बेग हैं, जबकि उनके पिता शकील अहमद बेग जम्मू-कश्मीर के फॉर्मर डिप्यूटी इंस्पेक्टर जनरल और पॉलीटिशियन हैं. बता दें कि टोनी ने ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया यूनिवर्सिटी से बिजनेस, मैनेजमेंट और में एमबीए की डिग्री ली हुई है.


नरगिस फाखरी वर्कफ्रंट

नरगिस फाखरी हाल ही में अक्षय कुमार स्टारर फिल्म ‘हाउसफुल 5’ में नजर आई थीं. फिल्म में इन दोनों के अलावा अभिषेक बच्चन, रितेश देशमुख, संजय दत्त, फरदीन खान, श्रेयस तलपड़े, नाना पाटेकर, जैकी श्रॉफ, डिनो मोरिया, जैकलीन फर्नांडीज, चित्रांगदा सिंह, सोनम बाजवा, सौंदर्या शर्मा, चंकी पांडे, निकितिन धीर और जॉनी लीवर जैसे स्टार्स थे. फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन किया था.

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टैक्सपेयर्स ध्यान दें! ITR के बाद अगर रुका आपका रिफंड तो ई-वैरिफिकेशन के बाद ही आएगा पैसा

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Income Tax Refund: टैक्सपेयर्स जब आयकर रिटर्न फाइल करते हैं तो उसके बाद उन्हें बेसब्री से रिफंड का इंतजार रहता है. उनके मन में यह सवाल बना रहता है कि आखिर रिफंड की रकम कब तक मिल जाएगी. दरअसल, जिस तारीख को टैक्सपेयर्स की तरफ से ई-वैरिफिकेशन किया जाता है, उसी के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू होती है. आम तौर पर देखा गया है कि ई-वैरिफिकेशन होने के बाद रिफंड आने में करीब दो हफ्ते से लेकर दो महीने तक का समय लग सकता है.

रिफंड में क्यों होती है देरी?
अगर रिफंड में किसी तरह की गलतियां टैक्सपेयर्स की तरफ से हुई हों तो उन्हें रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करना पड़ सकता है. आयकर विभाग के दिशा-निर्देश के मुताबिक, आईटीआर फाइल होते ही रिफंड प्रक्रिया शुरू हो जाती है. ई-वैरिफिकेशन की स्थिति में रिफंड जल्दी मिल जाता है. हालांकि, कुछ मामलों में रिफंड फंस जाता है. ज्यादातर केस वे होते हैं जहां आईटीआर फाइल करने के 30 दिनों के भीतर ई-वैरिफिकेशन न किया गया हो या फिर बैंक डिटेल्स गलत डाली गई हों.

इसलिए जरूरी है कि आईटीआर सही तरीके से भरा जाए और 30 दिनों के भीतर ई-वैरिफिकेशन कर लिया जाए. ऐसा न करने पर रिटर्न अमान्य हो सकता है. ई-वैरिफिकेशन के बाद ही इनकम टैक्स डिपार्टमेंट रिफंड की प्रक्रिया शुरू करता है.

रिफंड न आने पर क्या करें?

  • आईटीआर-1 फाइल करने वालों को आम तौर पर 10 से 15 दिनों के भीतर रिफंड मिल जाता है.

  • आईटीआर-2 फाइल करने वालों को 20 से 45 दिन तक का समय लग सकता है.

  • आईटीआर-3 फाइल करने वालों को रिफंड आने में करीब दो महीने लग सकते हैं.

अगर रिफंड में देरी हो तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के हेल्पलाइन नंबर 1800-103-4455 पर कॉल किया जा सकता है. इसके अलावा मेल आईडी ask@incometax.gov.in पर ईमेल करके भी अधिकारियों से संपर्क किया जा सकता है.

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पुतिन-जिनपिंग और पीएम मोदी की कैमिस्ट्री देखकर अमेरिका की अक्ल आई ठिकाने, जारी किया बड़ा बयान

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चीन के तियानजिन में चल रहे SCO शिखर सम्मेलन 2025 के दौरान जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन एक ही मंच पर आए. इसे लेकर अमेरिका की ओर से भी बयान सामने आ गया है. अमेरिकी विदेश विभाग और अमेरिकी अधिकारियों ने भारत-अमेरिका संबंधों को लेकर एक विशेष बयान जारी किया, जिसमें दोनों देशों के बीच मजबूत साझेदारी और सहयोग पर जोर दिया गया.

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, “भारत और अमेरिका के बीच साझेदारी लगातार नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही है और यह 21वीं सदी का परिभाषित संबंध बन चुकी है.” बयान में यह भी कहा गया कि इस महीने अमेरिका खास तौर पर भारत-अमेरिका लोगों, प्रगति और संभावनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जो दोनों देशों को आगे बढ़ाने में मदद कर रही हैं.

मार्को रुबियो ने कही ये बड़ी बात

मार्को रुबियो ने अपने बयान में यह भी बताया कि इन सहयोगों में नवाचार, रक्षा और द्विपक्षीय संबंध शामिल हैं. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच स्थायी मित्रता ही इस साझेदारी की असली ताकत है और यही भविष्य की दिशा तय कर रही है. अमेरिका ने अपने बयान के साथ एक सोशल मीडिया अभियान भी चलाया है. उन्होंने कहा, “#USIndiaFWDforOurPeople के हेशटैग को फॉलो करें और इस यात्रा का हिस्सा बनें.” इस हेशटैग के जरिए अमेरिका और भारत के बीच चल रहे सहयोग, प्रगति और साझेदारी को दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जा रहा है.

भारत में अमेरिकी दूतावास का यह ट्वीट ऐसे समय में आया है जब सोमवार (1 सितंबर) सुबह ही चीन के तियानजिन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात हुई. यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत भारी टैरिफ लगाए हैं और उनके सलाहकार और रणनीतिकार भारत के खिलाफ कड़े बयान दे रहे हैं.

दुनियाभर में हो रही है इन तीन देशों की बैठक की चर्चा

चीन में हुई इस तीन देशों की बैठक की चर्चा दुनियाभर की राजनीतिक और कूटनीतिक राजधानियों में हो रही है. इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने SCO शिखर सम्मेलन में संबोधन देते हुए कहा, “ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को पुराने और आउटडेटेड फ्रेमवर्क में सीमित रखना भविष्य की पीढ़ियों के प्रति अन्याय है. नई पीढ़ी के बहुरंगी सपनों को हम पुराने जमाने की ब्लैक एंड व्हाइट स्क्रीन पर नहीं दिखा सकते. इसके लिए हमें स्क्रीन बदलनी होगी.”

प्रधानमंत्री ने इस संदेश के जरिए दुनिया को बदलाव को स्वीकार करने और नई सोच अपनाने का संकेत दिया, ताकि वैश्विक साझेदारी और विकास की राह में युवाओं की रचनात्मकता और आकांक्षाओं का सही सम्मान हो सके.

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ICC ने महिला वनडे वर्ल्ड कप की प्राइज मनी में की बंपर बढ़ोतरी, चैंपियन टीम को मिलेंगे 40 करोड़

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महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को बढ़ावा देने और उन्हें पुरुष क्रिकेटरों के बराबर सम्मान दिलाने के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप की प्राइज मनी बढ़ा दी है. आईसीसी ने महिला वनडे वर्ल्ड कप की प्राइज मनी में बंपर इज़ाफा किया है. अब चैंपियन टीम को लगभग 40 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. 

बता दें कि 2025 महिला वनडे वर्ल्ड कप 30 सितंबर से खेला जाएगा. इस बार इस वैश्विक टूर्नामेंट की मेजबानी भारत और श्रीलंका संयुक्त रूप से कर रहे हैं. 2025 महिला वनडे विश्व कप में विजेता टीम को 44.80 लाख डॉलर (लगभग 39.55 करोड़ रुपये) की पुरस्कार राशि मिलेगी, जो कि इस टूर्नामेंट में अभी तक की सबसे बड़ी इनामी राशि होगी. 

महिला वनडे विश्व कप में कुल आठ टीमें हिस्सा लेंगी. आईसीसी ने इस टूर्नामेंट के लिए कुल पुरस्कार राशि 13.88 मिलियन डॉलर (लगभग 122.5 करोड़ रुपये) घोषित की है. आईसीसी ने एक बयान में कहा, “आईसीसी ने महिला क्रिकेट के लिए एक नया मानदंड स्थापित किया है, क्योंकि चैंपियन को रिकॉर्ड 44.8 लाख डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी.”

न्यूजीलैंड में खेले गए पिछले महिला वनडे विश्व कप की कुल पुरस्कार राशि लगभग 31 करोड़ रुपये ही थी और इस तरह से अब इस राशि में लगभग 297 प्रतिशत की वृद्धि (बढ़ोतरी) की गई है. महिला वनडे विश्व कप की कुल पुरस्कार राशि आईसीसी पुरुष वनडे विश्व कप 2023 की पुरस्कार राशि से अधिक है, जिसकी कुल पुरस्कार राशि 10 मिलियन डॉलर (लगभग 88.26 करोड़ रुपये) थी. 

महिला वनडे विश्व कप की उपविजेता टीम को अब 2.24 मिलियन डॉलर (लगभग 19.77 करोड़ रुपये) जबकि सेमीफाइनल में हारने वाली टीमों को 1.12 मिलियन डॉलर (लगभग 9.89 करोड़ रुपये) मिलेंगे. ग्रुप चरण (लीग स्टेज) में जीत दर्ज करने पर टीमों को 34,314 डॉलर (लगभग 30.29 लाख रुपये) मिलेंगे. पांचवें और छठे स्थान पर रहने वाली टीमों को 700,000 डॉलर (लगभग 62 लाख रुपये) और सातवें और आठवें स्थान पर रहने वाली टीमों को 280,000 डॉलर (लगभग 24.71 लाख रुपये) मिलेंगे. प्रत्येक प्रतिभागी टीम को 250,000 डॉलर (लगभग 22 लाख रुपये) मिलेंगे. 

आईसीसी ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य दुनिया भर में महिला क्रिकेट की लोकप्रियता बढ़ाना और उसे पुरुष क्रिकेट के बराबर लाना है. आईसीसी के चेयरमैन जय शाह ने कहा कि यह महिला क्रिकेट को प्राथमिकता देने की दिशा में उठाया गया कदम है. उन्होंने कहा, यह घोषणा महिला क्रिकेट के सफ़र में एक मील का पत्थर साबित होगी. पुरस्कार राशि में यह चार गुना वृद्धि महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है और इसके दीर्घकालिक विकास के लिए हमारी स्पष्ट प्रतिबद्धता को दर्शाती है. हमारा संदेश सरल है, महिला क्रिकेटरों को यह पता होना चाहिए कि अगर वे इस खेल को पेशेवर रूप से चुनेंगी तो उनके साथ पुरुषों के समान व्यवहार किया जाएगा.

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Video: इतना खतरनाक स्टंट नहीं देखा! लड़की को पीछे बिठा 180 डिग्री उठा दी बाइक, वीडियो वायरल

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Dangerous Stunts: सोशल मीडिया पर आए दिन तरह-तरह के वीडियो वायरल होते रहते हैं. हाल ही में एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने लोगों को दंग कर दिया है. इस वीडियो में एक लड़का सड़क पर बाइक चला रहा है और उसके पीछे एक लड़की बैठी हुई है. देखने वालों को यह एक सामान्य सवारी लग सकती थी, लेकिन अचानक लड़के ने बाइक पर खतरनाक स्टंट करना शुरू कर दिया.

180 डिग्री तक उठा दी बाइक

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लड़का बाइक को अचानक 180 डिग्री तक उठाता है. यानी उसने बाइक को इतने खतरनाक तरीके से बैलेंस किया कि पल भर के लिए लगा मानो बाइक गिर जाएगी. यह पूरा दृश्य आसपास से गुजर रहे लोगों ने देखा और किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया.

वीडियो के वायरल होते ही लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगीं. कई लोगों ने इस तरह के स्टंट को लापरवाही भरा और जानलेवा बताया. उनका कहना है कि सड़क पर इस तरह का स्टंट करना न सिर्फ स्टंट करने वाले के लिए खतरनाक है, बल्कि उसके साथ बैठे व्यक्ति और आसपास मौजूद लोगों की जान को भी खतरे में डाल सकता है. वहीं, कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि ऐसे स्टंट के लिए खुले मैदान या ट्रैक बने होते हैं, न कि सार्वजनिक सड़कें.

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल 

हालांकि, यह वीडियो किस जगह का है और कब शूट किया गया, इसकी अभी तक पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन जिस तरह से यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, उससे यह जरूर साफ है कि लोग इस पर चर्चा कर रहे हैं.

पुलिस भी ऐसे मामलों में अक्सर कार्रवाई करती है. लोगों को जागरूक रहकर इस तरह की खतरनाक हरकतों से बचना चाहिए और दूसरों को भी रोकना चाहिए. लाइक्स और व्यूज़ के चक्कर में की गई एक छोटी-सी लापरवाही जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है. सड़क पर सुरक्षित ड्राइविंग करना ही सबसे बड़ा स्टंट है. 


eSIM का पूरा सच! क्या है ये नई टेक्नोलॉजी और कैसे बदल देगी आपकी SIM कार्ड की दुनिया? भारतीय यूज

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eSIM Technology: स्मार्टफोन टेक्नोलॉजी तेजी से बदल रही है और अब पारंपरिक SIM कार्ड की जगह eSIM (Embedded SIM) धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रही है. यह एक डिजिटल सिम है जो सीधे आपके फोन के हार्डवेयर में मौजूद रहती है. यानी आपको इसे लगाने या निकालने की जरूरत नहीं होती. भारत में फिलहाल Jio, Airtel और Vi जैसी बड़ी टेलीकॉम कंपनियां चुनिंदा डिवाइस पर eSIM सपोर्ट देती हैं. हालांकि, अभी भी कई यूज़र्स के मन में सवाल है कि यह तकनीक क्या है और भारत जैसे बड़े बाजार में इसके फायदे और सीमाएं क्या हो सकती हैं.

नॉर्मल SIM कार्ड क्या होता है?

SIM का पूरा नाम है Subscriber Identity Module. यह एक छोटी प्लास्टिक चिप होती है जिसे फोन में डालना पड़ता है. इसमें आपकी मोबाइल नेटवर्क डिटेल्स, नंबर और कुछ बेसिक कॉन्टैक्ट्स स्टोर होते हैं. भारत में फिलहाल nano-SIM सबसे ज्यादा इस्तेमाल हो रही है.

eSIM क्या है?

eSIM (Embedded SIM) असल में SIM का डिजिटल वर्ज़न है जो आपके फोन के मदरबोर्ड में ही इनबिल्ट रहती है. इसे एक्टिव करने के लिए आपको अलग से कार्ड डालने की जरूरत नहीं होती. टेलीकॉम ऑपरेटर QR कोड या सेटिंग्स के जरिए इसे एक्टिवेट कर देते हैं. भारत में iPhone, Google Pixel और कुछ Samsung Galaxy मॉडल्स पहले से ही eSIM सपोर्ट करते हैं.

eSIM और नॉर्मल SIM में अंतर

  • नॉर्मल SIM एक अलग कार्ड है जबकि eSIM फोन के अंदर पहले से लगी होती है और हटाई नहीं जा सकती.
  • eSIM में आप QR कोड स्कैन करके ऑपरेटर बदल सकते हैं जबकि नॉर्मल SIM बदलने के लिए फिजिकल कार्ड स्वैप करना पड़ता है.
  • eSIM के साथ आप एक साथ डिजिटल और फिजिकल दोनों SIM चला सकते हैं.
  • eSIM चोरी या खो नहीं सकती जबकि फिजिकल SIM आसानी से गुम हो सकती है.
  • eSIM से फोन के अंदर अतिरिक्त जगह बचती है जिससे कंपनियां स्लिम डिजाइन या बड़ी बैटरी दे सकती हैं.

भारत में eSIM के फायदे

  • बिना स्टोर गए ऑपरेटर बदलना आसान.
  • SIM कार्ड के टूटने या गुम होने का कोई खतरा नहीं.
  • ट्रैवलर्स के लिए सुविधाजनक, विदेश में नया SIM खरीदे बिना इंटरनेशनल प्लान तुरंत एक्टिव कर सकते हैं.
  • डुअल SIM का फायदा, एक नंबर काम के लिए और दूसरा पर्सनल के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं.

भारत में eSIM की चुनौतियां

सीमित डिवाइस सपोर्ट: फिलहाल केवल महंगे स्मार्टफोन्स (iPhone, Pixel, Samsung Galaxy) में ही eSIM मिलती है.

जटिल सेटअप: फिजिकल SIM की तरह तुरंत लगाने पर काम शुरू नहीं होता बल्कि QR कोड और सेटिंग्स के जरिए एक्टिवेट करना पड़ता है.

फोन बदलना मुश्किल: नॉर्मल SIM की तरह तुरंत दूसरे फोन में ट्रांसफर नहीं हो सकती, इसे दोबारा सेटअप करना पड़ता है.

सीमित ऑपरेटर: अभी सिर्फ Jio, Airtel और Vi ही eSIM सपोर्ट करते हैं. छोटे नेटवर्क पीछे हैं.

फोन खोने या खराब होने पर दिक्कत: डिवाइस डैमेज या लॉस्ट होने पर eSIM तुरंत ट्रांसफर नहीं हो पाती इसके लिए फिर से ऑपरेटर से रिक्वेस्ट करनी पड़ती है.

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Video: उचित दूरी बनाए रखें, वरना ऐसा होगा हाल, पीछे फिसला ट्रक, कार को कुचला, देखें वीडियो

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Truck Crushed Car: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें साफ देखा जा सकता है कि एक कार ट्रक के बिलकुल पीछे चल रही थी. अचानक ट्रक रुका और फिर पीछे की ओर जाने लगा. कार चालक को संभलने का मौका तक नहीं मिला और देखते ही देखते कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई. यह पूरी घटना दूसरी गाड़ी में लगे कैमरे में कैद हो गई और अब इंटरनेट पर लोग इसे देखकर हैरान हैं.

जानें क्या है टेलगेटिंग?

विशेषज्ञ हमेशा चेतावनी देते हैं कि ट्रक या बड़े वाहनों के बिल्कुल पीछे चलना बेहद खतरनाक है. इसे टेलगेटिंग कहते हैं. इस स्थिति में आपकी दृश्यता कम हो जाती है और प्रतिक्रिया करने का समय भी घट जाता है. एक छोटी-सी गलती भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है.


जब आप ट्रक के बहुत पास चलते हैं, तो आपके सामने की सड़क पूरी तरह से ढक जाती है. आगे ट्रैफिक में कोई रुकावट या खतरा हो तो आप समय रहते उसे देख नहीं पाते.

ब्लाइंड स्पॉट की वजह से होते हैं हादसे 

ट्रक भारी भरकम होते हैं. उन्हें रोकने के लिए कारों से कहीं ज्यादा लंबी दूरी की जरूरत होती है. अगर ट्रक अचानक ब्रेक लगा दे या टायर फट जाए तो पीछे चल रही गाड़ी के पास बचने का लगभग कोई मौका नहीं रहता.

ट्रक के चारों ओर बड़े ब्लाइंड स्पॉट होते हैं. अगर आप इन हिस्सों में हैं तो ट्रक चालक आपको बिल्कुल भी नहीं देख पाएगा. ऐसे में दुर्घटना की संभावना कई गुना बढ़ जाती है.