सभी WhatsApp यूज़र्स को पता होने चाहिए ये सीक्रेट सिक्योरिटी फीचर्स! नहीं तो खतरे में पड़ सकती है आपकी प्राइवेसी

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फिशिंग लिंक भेजने से लेकर सिम-स्वैप अटैक तक, ऐसे कई तरीके हैं जिनसे किसी का अकाउंट खतरे में आ सकता है. अगर सुरक्षा सेटिंग्स सही समय पर सक्रिय न की गईं तो आपकी निजी जानकारी गलत हाथों में जा सकती है. अच्छी बात यह है कि WhatsApp के अंदर ही कई ऐसे टूल मौजूद हैं जिन्हें कुछ ही मिनटों में एक्टिवेट करके अकाउंट को काफी हद तक सुरक्षित बनाया जा सकता है.

फिशिंग लिंक भेजने से लेकर सिम-स्वैप अटैक तक, ऐसे कई तरीके हैं जिनसे किसी का अकाउंट खतरे में आ सकता है. अगर सुरक्षा सेटिंग्स सही समय पर सक्रिय न की गईं तो आपकी निजी जानकारी गलत हाथों में जा सकती है. अच्छी बात यह है कि WhatsApp के अंदर ही कई ऐसे टूल मौजूद हैं जिन्हें कुछ ही मिनटों में एक्टिवेट करके अकाउंट को काफी हद तक सुरक्षित बनाया जा सकता है.

सबसे पहले ज़रूरी है कि दो-स्टेप वेरिफिकेशन चालू किया जाए. यह फीचर आपके अकाउंट पर एक तरह की अतिरिक्त दीवार खड़ी कर देता है, जिसमें हर बार नए डिवाइस पर लॉग-इन करने के लिए ओटीपी के साथ-साथ छह अंकों का पिन भी डालना पड़ता है. हैकर्स के लिए यह सुरक्षा को तोड़ पाना बेहद मुश्किल बना देता है. इसके अलावा, बायोमेट्रिक लॉक यानी फिंगरप्रिंट या फेस आईडी का इस्तेमाल करना भी बेहद उपयोगी है. मान लीजिए किसी के हाथ में अचानक आपका फोन आ जाए, तब भी बिना आपकी पहचान के वह आपके चैट्स तक नहीं पहुंच पाएगा.

सबसे पहले ज़रूरी है कि दो-स्टेप वेरिफिकेशन चालू किया जाए. यह फीचर आपके अकाउंट पर एक तरह की अतिरिक्त दीवार खड़ी कर देता है, जिसमें हर बार नए डिवाइस पर लॉग-इन करने के लिए ओटीपी के साथ-साथ छह अंकों का पिन भी डालना पड़ता है. हैकर्स के लिए यह सुरक्षा को तोड़ पाना बेहद मुश्किल बना देता है. इसके अलावा, बायोमेट्रिक लॉक यानी फिंगरप्रिंट या फेस आईडी का इस्तेमाल करना भी बेहद उपयोगी है. मान लीजिए किसी के हाथ में अचानक आपका फोन आ जाए, तब भी बिना आपकी पहचान के वह आपके चैट्स तक नहीं पहुंच पाएगा.

गोपनीयता के लिहाज़ से एक और प्रभावी फीचर है डिसअपीयरिंग मैसेजेस. इस विकल्प को ऑन करने पर चैट्स अपने आप निर्धारित समय—24 घंटे, 7 दिन या 90 दिन के बाद गायब हो जाते हैं. इससे संवेदनशील जानकारी लंबे समय तक फोन या क्लाउड पर सेव नहीं रहती और जोखिम कम हो जाता है.

गोपनीयता के लिहाज़ से एक और प्रभावी फीचर है डिसअपीयरिंग मैसेजेस. इस विकल्प को ऑन करने पर चैट्स अपने आप निर्धारित समय—24 घंटे, 7 दिन या 90 दिन के बाद गायब हो जाते हैं. इससे संवेदनशील जानकारी लंबे समय तक फोन या क्लाउड पर सेव नहीं रहती और जोखिम कम हो जाता है.

इसी तरह, बैकअप पर ध्यान देना भी जरूरी है. अक्सर यह समझा जाता है कि WhatsApp चैट्स सुरक्षित हैं क्योंकि वे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं लेकिन जब वही बैकअप क्लाउड में सेव होता है तो खतरा बना रहता है. यदि आप बैकअप्स पर भी एन्क्रिप्शन चालू कर दें और मजबूत पासवर्ड सेट करें तो कोई और आपकी पुरानी बातचीत तक नहीं पहुंच सकता.

इसी तरह, बैकअप पर ध्यान देना भी जरूरी है. अक्सर यह समझा जाता है कि WhatsApp चैट्स सुरक्षित हैं क्योंकि वे एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड हैं लेकिन जब वही बैकअप क्लाउड में सेव होता है तो खतरा बना रहता है. यदि आप बैकअप्स पर भी एन्क्रिप्शन चालू कर दें और मजबूत पासवर्ड सेट करें तो कोई और आपकी पुरानी बातचीत तक नहीं पहुंच सकता.

अंत में, प्रोफ़ाइल प्राइवेसी कंट्रोल्स को नज़रअंदाज़ करना गलती साबित हो सकता है. यह फीचर आपको तय करने की सुविधा देता है कि आपकी प्रोफ़ाइल फोटो, आखिरी ऑनलाइन स्थिति, ‘अबाउट’ और स्टेटस जैसी जानकारियां कौन देख पाए. अनजान लोगों से अपनी जानकारी छुपाना हमेशा बेहतर होता है क्योंकि छोटी-सी डिटेल भी गलत मकसद से इस्तेमाल की जा सकती है.

अंत में, प्रोफ़ाइल प्राइवेसी कंट्रोल्स को नज़रअंदाज़ करना गलती साबित हो सकता है. यह फीचर आपको तय करने की सुविधा देता है कि आपकी प्रोफ़ाइल फोटो, आखिरी ऑनलाइन स्थिति, ‘अबाउट’ और स्टेटस जैसी जानकारियां कौन देख पाए. अनजान लोगों से अपनी जानकारी छुपाना हमेशा बेहतर होता है क्योंकि छोटी-सी डिटेल भी गलत मकसद से इस्तेमाल की जा सकती है.

साइबर अपराधी लगातार नई तरकीबें निकालते रहते हैं लेकिन इन पांच सरल बदलावों के साथ आप अपने WhatsApp अकाउंट को कहीं अधिक मज़बूत बना सकते हैं. हर भारतीय यूज़र के लिए यह ज़रूरी है कि इन सेटिंग्स को तुरंत एक्टिव करे क्योंकि यही डिजिटल सुरक्षा और प्राइवेसी को बचाने का सबसे आसान तरीका है.

साइबर अपराधी लगातार नई तरकीबें निकालते रहते हैं लेकिन इन पांच सरल बदलावों के साथ आप अपने WhatsApp अकाउंट को कहीं अधिक मज़बूत बना सकते हैं. हर भारतीय यूज़र के लिए यह ज़रूरी है कि इन सेटिंग्स को तुरंत एक्टिव करे क्योंकि यही डिजिटल सुरक्षा और प्राइवेसी को बचाने का सबसे आसान तरीका है.

Published at : 20 Aug 2025 10:43 AM (IST)

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टेक्नोलॉजी फोटो गैलरी

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ये 5 लक्षण दिखें तो समझ जाएं बॉडी से कम हो रहा प्रोटीन, तुरंत करें डॉक्टर को कॉल

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प्रोटीन की कमी का पहला संकेत सूजन है. हाथ, पैर या पेट में सूजन दिख सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोटीन खून में फ्लूड को संतुलित रखता है. इसकी कमी होने पर पानी टिश्यू में जमा होने लगता है और शरीर फूल जाता है.

प्रोटीन की कमी का पहला संकेत सूजन है. हाथ, पैर या पेट में सूजन दिख सकती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि प्रोटीन खून में फ्लूड को संतुलित रखता है. इसकी कमी होने पर पानी टिश्यू में जमा होने लगता है और शरीर फूल जाता है.

प्रोटीन सिर्फ मांसपेशियों को नहीं बनाता, यह दिमाग को भी सही रखता है. इसमें मौजूद अमीनो एसिड दिमाग के केमिकल्स (जैसे डोपामिन, सेरोटोनिन) बनाने में मदद करते हैं. इनकी कमी होने पर इंसान चिड़चिड़ा, उदास और डिप्रेस महसूस कर सकता है.

प्रोटीन सिर्फ मांसपेशियों को नहीं बनाता, यह दिमाग को भी सही रखता है. इसमें मौजूद अमीनो एसिड दिमाग के केमिकल्स (जैसे डोपामिन, सेरोटोनिन) बनाने में मदद करते हैं. इनकी कमी होने पर इंसान चिड़चिड़ा, उदास और डिप्रेस महसूस कर सकता है.

अगर आप पूरी नींद लेने के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं तो इसका कारण प्रोटीन की कमी हो सकती है. प्रोटीन शरीर को ऊर्जा देने वाले हार्मोन और एंजाइम बनाने में जरूरी है. इसकी कमी से कमजोरी, सुस्ती और दिमागी थकान बढ़ जाती है.

अगर आप पूरी नींद लेने के बाद भी थका हुआ महसूस करते हैं तो इसका कारण प्रोटीन की कमी हो सकती है. प्रोटीन शरीर को ऊर्जा देने वाले हार्मोन और एंजाइम बनाने में जरूरी है. इसकी कमी से कमजोरी, सुस्ती और दिमागी थकान बढ़ जाती है.

प्रोटीन में मौजूद केराटिन और कोलेजन बाल, स्किन और नाखून के लिए बहुत जरूरी हैं. जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता तो बाल गिरने लगते हैं, नाखून टूटते हैं और त्वचा रूखी हो जाती है.

प्रोटीन में मौजूद केराटिन और कोलेजन बाल, स्किन और नाखून के लिए बहुत जरूरी हैं. जब शरीर को पर्याप्त प्रोटीन नहीं मिलता तो बाल गिरने लगते हैं, नाखून टूटते हैं और त्वचा रूखी हो जाती है.

अगर आपको हमेशा भूख लगती रहती है तो यह भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है. प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और अनावश्यक क्रेविंग रोकता है. इसकी कमी होने पर बार-बार खाने की इच्छा होती है.

अगर आपको हमेशा भूख लगती रहती है तो यह भी प्रोटीन की कमी का संकेत हो सकता है. प्रोटीन पेट को लंबे समय तक भरा रखता है और अनावश्यक क्रेविंग रोकता है. इसकी कमी होने पर बार-बार खाने की इच्छा होती है.

शुरुआती लक्षण अक्सर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर इन संकेतों को समय रहते नहीं समझा गया तो गंभीर प्रोटीन की कमी (जैसे क्वाशीओरकर) हो सकती है.

शुरुआती लक्षण अक्सर लोग मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन अगर इन संकेतों को समय रहते नहीं समझा गया तो गंभीर प्रोटीन की कमी (जैसे क्वाशीओरकर) हो सकती है.

अपने खाने में प्रोटीन से भरपूर चीज़ें ज़रूर शामिल करें. दूध, दालें, अंडे, मछली, सोया, पनीर और ड्राई फ्रूट्स अच्छे स्रोत हैं. अगर लक्षण ज्यादा हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

अपने खाने में प्रोटीन से भरपूर चीज़ें ज़रूर शामिल करें. दूध, दालें, अंडे, मछली, सोया, पनीर और ड्राई फ्रूट्स अच्छे स्रोत हैं. अगर लक्षण ज्यादा हैं तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.

Published at : 20 Aug 2025 10:29 AM (IST)

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हेल्थ फोटो गैलरी

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अमेरिका ने इस देश के पास भेजी 3 विध्वंसक वॉरशिप, जवाब में 45 लाख लड़ाके तैयार, क्या होगा आगे?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ड्रग कार्टेल के खिलाफ अबतक का सबसे बड़ा अभियान छेड़ दिया है. ट्रंप ने इन्हें वैश्विक आतंकवादी संगठन घोषित करते हुए दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला के नजदीक 3 युद्धपोतों को तैनात कर दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक तीन अमेरिकी एजिस क्लास गाइडेड मिसाइल विध्वंसक वॉरशिप अगले 36 घंटों में वेनेजुएला तट के पास पहुंच जाएंगे. 

डोनाल्ड ट्रंप के इस बड़े एक्शन को लेकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने कहा कि उनका देश अपने हितों की रक्षा करेगा. उन्होंने अमेरिकी आक्रामकता से निपटने के लिए लाखों मिलिशिया तैनात करने का ऐलान कर दिया है. 

अमेरिका ने इन खतरनाक वॉरशिप को किया तैनात
अमेरिका ने जिन युद्धपोतों को वेनेजुएला के पास तैनात किया है, उनमें यूएसएस ग्रेवली, यूएसएस जेसन डनहम और यूएसएस सैम्पसन भी शामिल हैं. इन युद्धपोतों के अलावा कई पी-8 समुद्री गश्ती विमानों, युद्धपोतों और कम से कम एक हमलावर पनडुब्बी को भी तैनात किया जा रहा है. 

अमेरिकी अधिकारी ने क्या कहा 
अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि यह प्रक्रिया कई महीनों तक चलेगी और योजना है कि ये विमान अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में संचालित किए जाएं. एक अधिकारी ने कहा कि इन नौसैनिक उपकरणों (युद्धपोतों, पनडुब्बियों और पी-8 गश्ती विमान) का इस्तेमाल न केवल खुफिया और निगरानी अभियानों के लिए किया जा सकता है, बल्कि अगर कोई निर्णय लिया जाता है तो लक्ष्यों पर हमलों के लिए लॉन्चिंग पैड के रूप में भी इस्तेमाल किया जा सकता है.

45 लाख से अधिक मिलिशिया तैनात 
निकोलस मादुरो ने अमेरिकी खतरों के बीच कहा कि वेनेजुएला अपने समुद्र, आकाश और जमीन की रक्षा करेगा. उन्होंने अमेरिका की नई धमकियों के जवाब में 45 लाख से अधिक मिलिशिया लड़ाकों को तैनात करने का संकल्प लिया है. 

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GST रिफॉर्म के ऐलान भर से नहीं रुक रही रुपये की तेजी, फिर डॉलर को करेंसी के रिंग में दी पटखनी

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Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये में हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को भी जबरदस्त तेजी देखी गई. कारोबार की शुरुआत होते ही डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे की उछाल के साथ 87.20 के स्तर पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि पीएम मोदी द्वारा जीएसटी रिफॉर्म समेत कर सुधारों को लेकर किए गए ऐलान का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है. यही वजह है कि रुपया अपने मौजूदा स्तर से ऊपर बना हुआ है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि केंद्र ने जीएसटी सुधारों का मसौदा राज्यों के बीच वितरित किया है और दिवाली से पहले प्रस्ताव को लागू करने के लिए उनसे सहयोग मांगा गया है. प्रस्तावित ‘दो स्लैब’ वाली व्यवस्था को यदि जीएसटी परिषद की मंजूरी मिल जाती है, तो यह माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में मौजूदा चार ‘स्लैब’ की जगह ले लेगी और 12 प्रतिशत एवं 28 प्रतिशत वाले ‘स्लैब’ समाप्त हो जाएंगे.

मजबूत हुआ रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Inter Bank Foreign Exchange Market) में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 87.24 पर खुला. उसके बाद यह 87.20 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 19 पैसे की बढ़त दर्शाता है. एक दिन पहले सोमवार को अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया 87.39 पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.21 पर आ गया.

शेयर बाजार में तेजी
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 203.44 अंक चढ़कर 81,477.19 अंक पर और निफ्टी 53.4 अंक की बढ़त के साथ 24,930.35 अंक पर पहुंच गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.44 प्रतिशत फिसलकर 66.31 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को लिवाल रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 550.85 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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रेस्टोरेंट में बैठा फूड रिव्यू कर रहा था कपल, तेज रफ्तार कार ने मार दी टक्कर- वीडियो वायरल

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विदेशी फूड व्लॉगर कपल अपने कैमरे के सामने बैठकर बड़े ही आराम से खाने का रिव्यू कर रहा था. मेज पर सजा था तरह-तरह का खाना और उनके चेहरे पर वही मुस्कान जो हर व्लॉगर अपने दर्शकों को दिखाना चाहता है. लेकिन तभी जो हुआ उसने पूरे माहौल को मिनटों में हंसी से दहशत में बदल दिया. रेस्टोरेंट के बाहर से आती हुई एक कार अचानक तेज रफ्तार में बेकाबू हुई और सीधी आकर उसी कांच से टकरा गई जिसके पीछे ये कपल बैठकर अपना वीडियो शूट कर रहा था. इसके बाद का मंजर बड़ा ही भयावह था जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

रेस्टोरेंट में फूड रिव्यू कर रहे कपल को तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर

टक्कर इतनी जोरदार थी कि पल भर में वहां अफरा-तफरी मच गई. कांच टूटने की आवाज के साथ ही कपल घबराकर अपनी सीट से उछल पड़ा और टेबल के नीचे जा गिरा. वीडियो में उस वक्त का डर साफ नजर आता है जब कुछ सेकंड पहले तक हंसी-मजाक और खाने का टेस्ट डिस्कस कर रहे व्लॉगर अचानक हादसे के बीच फंस गए. रेस्टोरेंट में मौजूद लोग भी चीखते-भागते दिखे और कैमरे में कैद हुआ ये मंजर अब सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ वायरल हो गया है. कपल बड़े आराम से वहां बैठा बर्गर खा रहा था, लेकिन जैसे ही पहला बाइट उसने चखा वैसे ही तेज रफ्तार कार ने धावा बोल दिया और हर जगह दहशत के साथ अफरा तफरी मच गई.


उछलकर नीचे गिरा कपल

वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार की भिड़ंत इतनी तेज थी कि कपल को एक पल के लिए भी संभलने का मौका नहीं मिला और सब कुछ वहीं धरा का धरा रह गया. पूरा वीडियो फ्रेम टक्कर के बाद कांच ही कांच से भर गया और कपल असंतुलित होकर चेयर से नीचे गिर गया. वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल होने में वक्त नहीं लगा. अब यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

यह भी पढ़ें: Video: बस पर चढ़ तेंदुए ने टूरिस्ट को मारा थप्पड़, वीडियो देख छूट जाएगी हंसी, क्यूट वीडियो वायरल

घबरा गए यूजर्स

वीडियो को ninaunrated नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा….हे भगवान ये कितना भयावह था. एक और यूजर ने लिखा…हादसा कभी भी हो सकता है, इंसान कहीं भी सुरक्षित नहीं है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कितना खतरनाक सीन है, क्या हाल हुआ होगा बेचारों का.

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वाह ये डॉग लवर… MCD वाले ले जा रहे थे कुत्ते, शख्स ने खोल दी वैन की कुंडी; वीडियो वायरल

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कैसा हो कि सड़क पर एक वैन खड़ी हो और उसमें मासूम कुत्ते बैठे हों जिन्हें वैक्सीनेशन के लिए शेल्टर ले जाया जा रहा हो. माहौल बिल्कुल नॉर्मल हो, लेकिन तभी फिल्मी अंदाज में बाइक से एक शख्स एंट्री मारे और ऐसा कारनामा कर जाए कि देखने वाले दंग रह जाएं. जी हां, सोशल मीडिया पर इस वक्त एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें खुद को डॉग लवर बताने वाला शख्स कुत्तों को छुड़ाने के मिशन पर उतर आता है. लेकिन इस तरह की हरकतें गैर जिम्मेदाराना है और विभाग की कार्रवाई में अड़ंगा लगाती हैं. वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स खासे नाराज दिखाई दे रहे हैं.

डॉग वैन का गेट खोलकर भाग गया कथित डॉग लवर!

वीडियो में साफ दिखता है कि जैसे ही डॉग वैन सड़क किनारे खड़ी थी, तभी बाइक से आया शख्स फटाफट उतरता है और बड़ी चालाकी से वैन की कुंडी बाहर से खोल देता है. कुंडी खुलते ही अंदर बैठे कुत्तों में से एक फुर्ती से बाहर कूद जाता है और मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है. हैरानी की बात ये है कि शख्स कुंडी खोलने के बाद बिना रुके तुरंत बाइक पर बैठकर वहां से फरार हो जाता है. सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोग दो हिस्सों में बंट गए हैं.

कुछ कह रहे हैं कि ये शख्स सच्चा एनिमल लवर है जिसने मासूम जानवर को आजाद किया, तो वहीं दूसरे लोग इसे लापरवाही बताते हुए कह रहे हैं कि वैक्सीनेशन जानवरों के लिए जरूरी है, ऐसे में ये हरकत खतरनाक भी साबित हो सकती है. कुल मिलाकर, ये वीडियो इंटरनेट पर ताबड़तोड़ वायरल हो गया है और लोग अब इसे “डॉग वैन वाली कहानी” नाम देकर शेयर कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: Video: बेंगलुरु-मैसूरु एक्सप्रेसवे पर बड़ा हादसा, बस ने गाड़ी को मारी टक्कर, सामने आया वीडियो

भड़क गए यूजर्स, बोले इसका भी वैक्सीनेशन जरूरी

वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ऐसे लोगों का भी वैक्सीनेशन जरूरी है. एक और यूजर ने लिखा…ये लोग खुद को डॉग लवर कहते हैं लेकिन ये पूरी इंसानियत के लिए खतरा है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…इसे पकड़कर जेल भेज देना चाहिए. MCD किसी कुत्ते के साथ गलत नहीं करती है तो फिर ये हरकत क्यों?

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भारत में पहली बार बनेंगे iPhone 17 Series के सभी मॉडल, अमेरिका में भी बिकेगा मेड इन इंडिया आईफो

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ऐप्पल अगले महीने अपनी नई आईफोन 17 सीरीज लॉन्च करेगी. इसमें आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि इस चारों आईफोन्स का प्रोडक्शन भारत में होगा. यह पहली बार होगा, जब ऐप्पल अपनी सीरीज के सभी मॉडल का प्रोडक्शन भारत में करने जा रही है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका में बिक्री के पहले दिन से ही भारत में बने आईफोन उपलब्ध होंगे. 

5 संयंत्रों में होगा प्रोडक्शन

भारत में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ऐप्पल आईफोन 17 का प्रोडक्शन भारत के 5 संयंत्रों में करेगी. पहले से चल रहे संयंत्रों के साथ-साथ हाल ही में ऑपरेशनल हुए फॉक्सकॉन के बेंगलुरू संयंत्र और टाटा ग्रुप के तमिलनाडु के होसुर संयंत्र में भी इस मॉडल का प्रोडक्शन किया जाएगा. इसी के साथ यह पहली बार होगा, जब ऐप्पल अपने नए मॉडल का प्रोडक्शन भारत में कर उन्हें दूसरे देशों में बेचेगी. बता दें कि अमेरिकी कंपनी पिछले काफी समय से चीन पर अपनी निर्भरता कम कर रही है और इसी कड़ी में वह भारत में अपना प्रोडक्शन बढ़ा रही है.

टाटा ग्रुप की भूमिका रहेगी अहम

भारत में ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन ऐप्पल की बड़ी कॉन्ट्रैक्टर है. अब टाटा ग्रुप भी ऐप्पल के प्रोडक्शन में अहम भूमिका निभाने जा रही है. टाटा ग्रुप अकेली भारतीय कंपनी है, जो आईफोन 17 सीरीज को असेंबल कर रही है. 2023 में टाटा ग्रुप ने विस्ट्रॉन कॉर्प के कर्नाटक स्थित प्लांट को खरीद लिया था. इसके अलावा कंपनी की चेन्नई स्थित पेगाट्रॉन के प्लांट में भी हिस्सेदारी है. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अगले दो सालों में भारत में बनने वाले आईफोन में आधे से अधिक टाटा ग्रुप बनाएगा.

भारत से बढ़ा आईफोन का निर्यात

भारत से अमेरिका जाने वाले आईफोन का निर्यात तेजी से बढ़ा है. 2024 में अमेरिका के स्मार्टफोन आयात का केवल 11 प्रतिशत हिस्सा भारत से गया था, लेकिन इस साल के शुरुआती पांच महीनों में यह बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया. दूसरी तरफ चीन से अमेरिका का स्मार्टफोन आयात 82 प्रतिशत से घटकर 49 प्रतिशत रह गया है.

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युजवेंद्र से तलाक के बाद दोबारा प्यार को चांस देना चाहती हैं धनश्री वर्मा?

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युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का ब्रेकअप 2025 के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी ब्रेकअप में से एक था. कोर्ट में तलाक की सुनवाई के लिए जाने के दौरान भारतीय स्पिनर ने एक टी-शर्ट पहनी थी जिस पर लिखा था, “बी योर ओन शुगर डैडी”. चहल की टीशर्ट पर लिखे इस मैसेज ने सभी का ध्यान खींचा और फैंस ने इसे तुरंत उनकी एक्स वाइफ धनश्री से जोड़ा. वहीं चहल ने भी बाद में कबूल किया कि यह उनकी लाइफ के उस चैप्टर को खत्म करने से पहले उनके लिए एक आखिरी बयान भेजने का उनका तरीका था.

 अगर चहल ने अपनी टी-शर्ट से सुर्खियाँ बटोरीं, तो धनश्री को ऑनलाइन ट्रोलिंग का खामियाजा भुगतना पड़ा. नेटिज़ेंस ने उन्हें चहल से सैपरेशन के लिए दोषी ठहराया, और कई ने तो उन्हें “गोल्ड डिगर” तक कह दिया. लेकिन दबाव में टूटने के बजाय, धनश्रीवर्मा और भी मजबूत हो गई.वहीं एक इंटरव्यू में धनश्री ने आगे बढ़ने के बारे में खुलकर बात की.

क्या दोबारा प्यार को चांस देंगी युजवेंद्र चहल 
दरअसल ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ हाल ही में एक इंटरव्यू में, धनश्री ने अपने तलाक के बाद प्यार के बारे में खुलकर बात की. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अब भी इसके लिए तैयार हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा, “मुझे लगता है कि हम सभी ज़िंदगी में प्यार चाहते हैं. भला कौन नहीं चाहता कि उसे प्यार मिले? हम सभी कहीं न कहीं प्यार करते हैं, हम सभी उम्मीद करते हैं, हमें उस पर भरोसा है.”

और कभी-कभी प्यार एक ऐसी चीज़ होती है जो आपको इंस्पायर भी करती है, मैं सेल्फ लव चाहती हूं क्योंकि सेल्फ लव, नंबर वन, आप जानते हैं, खुद से प्यार करें और फिर बाद में प्यार पाएं. लेकिन अगर मेरी लाइफ में आगे मेरे लिए कुछ अच्छा लिखा है, तो क्यों नहीं?” उसने प्यार को “सबसे खूबसूरत एहसास” कहा और स्वीकार किया कि वह अभी भी दिल से एक निराशाजनक रोमांटिक है.

उन्होंने कहा, “यह बहुत बॉलीवुड है, वह सब घंटी, आप पर फूल गिरना और वह सब. कौन उस एहसास को नहीं चाहता? हम सभी चाहते हैं और हम सभी को इससे गुजरना होगा. हर किसी को उस तरह का प्यार मिलना चाहिए. तो हां, यह मेरी राय है. मैं ओपन यूनिवर्स में ओपन हूं.”

 


धनश्री वर्मा और चहल की लव स्टोरी से तलाक तक की कहानी
धनश्री वर्मा और युजवेंद्र चहल की लव स्टोरी  2020 में शुरू हुई थी जब चहल ने धनश्री की ऑनलाइन डांस क्लासेस के लिए साइन अप किया. प्यार जल्दी ही गहरा गया और कुछ ही महीनों में उनकी सगाई (अगस्त 2020) और शादी (दिसंबर 2020) हो गई. लेकिन चार साल बाद, ये फेयरीटेल जैसी लव स्टोरी खत्म हो गई. मार्च 2025 में ये जोड़ी ऑफिशियली तलाक लेकर अलग हो गई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक  चहल ने धनश्री को 4.75 करोड़ रुपये की एलिमिनी दी थी. 

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इस जगह हो सकती है ट्रंप-पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात! तैयारी तेज, इसलिए है ये पहली पसंद

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ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों की संभावित त्रिपक्षीय शांति बैठक की मेजबानी हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट कर सकता है. यह पहल वर्षों से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अगले चरण की बातचीत मानी जा रही है.

अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पहले से ही बुडापेस्ट में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी कर रही हैं. हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन लंबे समय से ट्रंप के करीबी रहे हैं, जिससे इस जगह के चयन को राजनीतिक और रणनीतिक समर्थन मिलता दिख रहा है. हालांकि, सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से अंतिम स्थान बदल भी सकता है. फिर भी बुडापेस्ट फिलहाल अमेरिका की पहली पसंद है.

किन जगहों के नाम पर हो रही है चर्चा?
रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों की संभावित त्रिपक्षीय शांति बैठक के लिए मॉस्को, जिनेवा और स्विट्जरलैंड को लेकर भी चर्चा की जा रही है. इस पर राष्ट्रपति पुतिन ने मॉस्को को प्राथमिक स्थान बताया, जबकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने जिनेवा को सही जगह करार दिया है. वहीं स्विट्जरलैंड ने तटस्थता का हवाला देते हुए खुद को मेजबान बनाने की कोशिश की और यहां तक पेशकश की कि अगर बैठक वहीं होती है तो पुतिन पर लगे वॉर क्राइम के वारंट को छूट देने का रास्ता भी निकाला जा सकता है.

क्या है 1994 का बुडापेस्ट ज्ञापन?
यूक्रेन के लिए बुडापेस्ट एक संवेदनशील और असहज विकल्प है. 1994 के बुडापेस्ट ज्ञापन में अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और उसकी सीमाओं का सम्मान करने का वादा किया था. बदले में यूक्रेन ने अपने परमाणु हथियार छोड़ दिए थे, लेकिन 2014 में पुतिन के यूक्रेन पर हमले ने इस समझौते को अप्रासंगिक बना दिया. उस समय किसी भी  देश ने सैन्य बल से यूक्रेन की मदद नहीं की. यही वजह है कि बुडापेस्ट का नाम सुनते ही यूक्रेन के लिए यह अतीत की यादें ताजा करता है.

यूरोपीय नेताओं की भूमिका और ट्रंप की सक्रियता
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने हाल ही में व्हाइट हाउस में जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक की. उन्होंने संकेत दिया कि पुतिन और जेलेंस्की के बीच एक बैठक कुछ हफ्तों में हो सकती है. इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वे खुद पुतिन और जेलेंस्की के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक करेंगे. अलास्का में पुतिन से उनकी हालिया मुलाकात के बाद इस पहल को नई गति मिली है.

क्या बुडापेस्ट बनेगा ऐतिहासिक समझौते का गवाह?
हालांकि तैयारी तेज है, लेकिन बैठक की सफलता अभी भी अनिश्चित है. रूस की ओर से पुतिन की अपनी शर्तें और मूल कारणों पर चर्चा की मांग है. यूक्रेन अब भी सुरक्षा और भरोसे को लेकर सतर्क है. अमेरिका इस बैठक को शांति प्रक्रिया के अंतिम चरण की तरह पेश कर रहा है.

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DRDO में वैज्ञानिक बनने के लिए इन यूनिवर्सिटी से कर सकते हैं पढ़ाई, मोटी मिलती है सैलरी

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देश की सबसे बड़ी रक्षा अनुसंधान संस्था डीआरडीओ हर उस युवा के लिए सपनों की मंजिल है, जो विज्ञान और टेक्नोलॉजी के जरिए देश की सुरक्षा को मजबूत बनाना चाहता है. अगर आपका सपना है कि आप भारत की रक्षा से जुड़ी सबसे अहम परियोजनाओं पर काम करें और वैज्ञानिक बनें, तो यह खबर आपके लिए खास है. डीआरडीओ वैज्ञानिक बनने का रास्ता आसान नहीं है, लेकिन अगर आप सही दिशा में मेहनत करें और सही संस्थानों से पढ़ाई करें, तो आपके लिए करियर के बड़े दरवाजे खुल सकते हैं.

वैज्ञानिक बनने के लिए सबसे पहले आपके पास इंजीनियरिंग या साइंस में मजबूत बैकग्राउंड होना चाहिए. भारत की कुछ चुनिंदा यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट्स ऐसे हैं, जहां से पढ़ाई करने के बाद डीआरडीओ में करियर बनाने का सुनहरा मौका मिलता है. इनमें आईआईटी (IITs), आईआईएससी बेंगलुरु (IISc), एनआईटी (NITs) जैसे संस्थान शामिल हैं. यहां से आप एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, फिजिक्स, केमिस्ट्री या अन्य टेक्निकल सब्जेक्ट्स में पढ़ाई कर सकते हैं.

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कैसे होता है चयन?

डीआरडीओ में वैज्ञानिक के पद पर भर्ती मुख्य रूप से DRDO Scientist Entry Test (SET Exam), GATE स्कोर और इंटरव्यू के जरिए होती है. अगर आप इंजीनियरिंग के किसी भी विषय से ग्रेजुएट हैं और आपके पास GATE क्वालीफिकेशन है, तो डीआरडीओ में आवेदन कर सकते हैं. वहीं, साइंस बैकग्राउंड के छात्रों को रिसर्च में बेहतर प्रदर्शन और पब्लिकेशन पर भी मौके मिलते हैं.

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कितनी सैलरी मिलती है?

डीआरडीओ वैज्ञानिकों की सैलरी सरकारी नौकरियों में सबसे आकर्षक मानी जाती है. यहां लेवल-10 से लेकर लेवल-13 तक के पे स्केल पर वैज्ञानिकों को नौकरी मिलती है. शुरुआत में वैज्ञानिक-बी (Scientist-B) पद पर चयन होने पर बेसिक सैलरी करीब 56,100 रुपये प्रति माह होती है. इसके साथ HRA, ट्रैवल अलाउंस और अन्य भत्ते जोड़कर इनकी इन-हैंड सैलरी 80,000 रुपये से ऊपर पहुंच जाती है.

जैसे-जैसे अनुभव और पद बढ़ता है, सैलरी भी तेजी से बढ़ती है. उच्च पदों पर वैज्ञानिकों को 1.3 लाख से लेकर 2 लाख रुपये तक मासिक सैलरी मिलती है. इसके अलावा सरकारी नौकरी की सुरक्षा, पेंशन, मेडिकल और रिसर्च फंडिंग जैसी सुविधाएं इस नौकरी को और आकर्षक बनाती हैं.

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