कंपनी ने खोला खजाना, 8 बोनस शेयर देने का किया ऐलान; जानें कब है रिकॉर्ड डेट?

[ad_1]

DMR Hydroengineering & Infrastructures Shares: बीएसई एसएमई स्टॉक DMR हाइड्रोइंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स के शेयर ने आज 4.76 परसेंट की बढ़त हासिल की. इसी के साथ शेयर की कीमत 149.80 रुपये पर पहुंच गई. कंपनी के शेयरों में आई इस तेजी के पीछे एक वजह है. दरअसल, कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए 8:5 के अनुपात में बोनस शेयर देने के लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान कर दिया है. 

कंपनी ने किया रिकॉर्ड डेट का ऐलान 

बुधवार को सुबह के शुरुआती सत्र में शेयर 147 रुपये पर खुला, जबकि मंगलवार को यह 143 रुपये पर बंद हुआ था. हालांकि, यह बीएसई एसएमई स्टॉक मौजूदा समय में पिछले साल 15 सितंबर को छुए गए अपने 52-हफ्ते के हाई लेवल 208.46 से 39 परसेंट से भी अधिक नीचे कारोबार कर रहा है. आज कंपनी ने अपने बोनस इक्विटी शेयर के लिए शेयरहोल्डर्स की पात्रता निर्धारित करने के लिए गुरुवार, 28 अगस्त को रिकॉर्ड डेट निर्धारित किए जाने की घोषणा की. कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी, हम आपको बताना चाहेंगे कि कंपनी ने अपने बोनस इक्विटी शेयर के लिए शेयरहोल्डर्स की पात्रता का निर्धारण करने के लिए 28 अगस्त को रिकॉर्ड डेट तय किया है. 

5:8 के अनुपात में जारी होंगे बोनस शेयर 

कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी, हम आपको बताना चाहेंगे कि कंपनी ने अपने बोनस इक्विटी शेयर के लिए शेयरहोल्डर्स की पात्रता का निर्धारण करने के लिए 28 अगस्त को रिकॉर्ड डेट तय किया है. जुलाई में, कंपनी के बोर्ड ने 8:5 के रेशियो में इक्विटी शेयरों के बोनस इश्यू की मंजूरी दी थी. 

डीएमआर हाइड्रोइंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर्स ने 5:8 के अनुपात में बोनस शेयरों का ऐलान किया है. यानी कि रिकॉर्ड डेट की तारीख तक जिन शेयरहोल्डर्स के पास कंपनी के शेयर होंगे उन्हें हर पांच शेयर पर 8 नए पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे. यह फैसला फिलहाल अगले साल होने वाली बोर्ड की मीटिंग में कंपनी के शेयरधारकों की मंजूरी के अधीन है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

 

ये भी पढ़ें: 

पैसों की खान से कम नहीं यह शेयर, निवेशक होते जा रहे मालामाल; 5 सालों में 7071 परसेंट तक उछला स्टॉक

[ad_2]

सिर्फ एक क्लिक और फोन हैक! भारत में फैला नया स्कैम, जानें क्या है बचने के उपाय

[ad_1]

CAPTCHA Scam: साइबर अपराधियों ने अब लोगों को ठगने का नया तरीका खोज लिया है. वे नकली CAPTCHA कोड दिखाकर मासूम यूज़र्स को फंसाते हैं. यह कोड असली वेरिफिकेशन जैसा ही दिखता है लेकिन इसके जरिए Luma Stealer जैसे खतरनाक मालवेयर फोन और कंप्यूटर में घुस जाते हैं. यह मालवेयर संवेदनशील डेटा चोरी कर सकता है. भारत में इंटरनेट यूज़र्स को खास सतर्क रहने की ज़रूरत है, खासकर अज्ञात वेबसाइट ब्राउज़ करते समय, पॉप-अप ऐड पर क्लिक करने या ब्राउज़र नोटिफिकेशन ऑन करने पर.

CAPTCHA के बहाने ठगी

CAPTCHA कोड से हम सब परिचित हैं जैसे “I am not a robot” पर टिक करना. यह सिस्टम असली में बॉट्स को रोकने के लिए बनाया गया था. लेकिन अब ठग इसी भरोसेमंद तकनीक का दुरुपयोग कर रहे हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साइबर अपराधी हैक की गई वेबसाइट्स, फिशिंग ईमेल्स और भ्रामक विज्ञापनों में नकली CAPTCHA कोड डाल रहे हैं. जैसे ही कोई यूज़र उस पर क्लिक करता है, मालवेयर चुपके से उसके डिवाइस में इंस्टॉल हो जाता है और पासवर्ड, लॉगिन डिटेल्स व बैंकिंग डेटा तक चुरा लेता है.

Luma Stealer का खतरा

साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस स्कैम में Luma Stealer नामक मालवेयर सबसे ज़्यादा फैलाया जा रहा है. यह मालवेयर डिवाइस में सेव पासवर्ड, ब्राउज़र हिस्ट्री और अन्य डेटा चुरा सकता है. सबसे खतरनाक स्थिति तब बनती है जब यूज़र नकली CAPTCHA पर क्लिक करके नोटिफिकेशन ऑन कर देता है जिससे हैकर्स को और गहरी पहुंच मिल जाती है.

कैसे चलता है यह स्कैम?

  • ठग पहले नकली वेबसाइट बनाते हैं जो असली प्लेटफॉर्म जैसी दिखती है.
  • स्क्रीन पर नकली CAPTCHA दिखाकर यूज़र से क्लिक करवाते हैं.
  • इसके बाद उन्हें फाइल डाउनलोड करने या नोटिफिकेशन ऑन करने को कहा जाता है.
  • सीधे क्लिक करने से तुरंत नुकसान नहीं होता लेकिन उसके बाद के निर्देश मानते ही डिवाइस में मालवेयर इंस्टॉल हो जाता है.

कैसे बचें इस CAPTCHA स्कैम से?

  • हमेशा URL चेक करें, नकली साइट्स पर अक्सर स्पेलिंग मिस्टेक या अजीब कैरेक्टर होते हैं.
  • अनजान वेबसाइट्स से नोटिफिकेशन ऑन न करें.
  • पॉप-अप्स को नज़रअंदाज़ करें जो ऐप/फाइल इंस्टॉल करने या परमिशन मांगें.
  • एंटीवायरस और सिक्योरिटी सॉफ़्टवेयर अपडेट रखें.
  • पब्लिक Wi-Fi पर सावधान रहें, यह हैकिंग का आसान टारगेट होता है.
  • साइट की ऑथेंटिसिटी ज़रूर चेक करें और स्क्रीन पर दिख रहे रैंडम इंस्ट्रक्शन फॉलो न करें.

यह भी पढ़ें:

गलत हुआ तो घर से अभी पुलिस उठाकर ले जाएगी, तुरंत ऐसे पता करें आपके नाम पर कितनी सिम हैं एक्टिव

[ad_2]

21 अगस्त 2025, मासिक शिवरात्रि व्रत का पंचांग, पूजा मुहूर्त, उपाय, मुहूर्त, किन राशियों को होगा

[ad_1]

Hindi Panchang 21 अगस्त 2025: 21 अगस्त 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है. इस दिन भाद्रपद माह की मासिक शिवरात्रि है. ये व्रत सुखी दांपत्य जीवन, संतान, धन प्राप्ति और अच्छे जीवनसाथी से शादी करने की इच्छा को पूर्ण करने वाला माना जाता है.

आइए जानते हैं ये दिन किन राशियों के लिए शुभ-अशुभ है, इस दिन का शुभ समय, अशुभ काल, राहुकाल, ग्रह स्थिति और विशेष उपाय भी जानें.

21 अगस्त का पंचांग 2025 (Hindi Panchang 21 August 2025)












तिथि

त्रयोदशी (20 अगस्त 2025, दोपहर 1.58 – 21 अगस्त 2025, दोपहर 12.44)

वार गुरुवार
नक्षत्र पुष्य
योग व्यतीपात, गुरु पुष्य योग, अमृत सिद्धि, सर्वार्थ सिद्धि योग
सूर्योदय सुबह 5.38
सूर्यास्त
शाम 6.42
चंद्रोदय
सुबह 4.41, 20 अगस्त
चंद्रोस्त
शाम 5.54
चंद्र राशि
कर्क

चौघड़िया मुहूर्त










सुबह का चौघड़िया
शुभ सुबह 5.53 – सुबह 7.31
चर सुबह 10.46 – दोपहर 12.24
लाभ दोपहर 12.24 – दोपहर 02.02
शाम का चौघड़िया
अमृत शाम 6.54 – रात 8.17
चर रात 8.17 – रात 9.39

राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal)









राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) दोपहर 2.02 – दोपहर 3.49
यमगण्ड काल सुबह 5.53 – सुबह 7.31
आडल योग
सुबह 12.08 – सुबह 5.54, 22 अगस्त
गुलिक काल
सुबह 09.09 – सुबह 10.46
विडाल योग
सुबह 5.53 – सुबह 12.08, 22 अगस्त
भद्रा काल
दोपहर 12.44 – सुबह 12.16, 22 अगस्त

ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 21 August 2025)












सूर्य कर्क
चंद्रमा कर्क
मंगल सिंह
बुध कर्क
गुरु मिथुन
शुक्र मिथुन
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह

किन राशियों को लाभ





वृषभ राशि बॉस से किसी तरह का विवाद हो सकता है. वाणी पर संयम रखें.
धनु राशि स्वास्थ अच्छा रहेगा. नौकरी में लाभ मिल सकता है. 

कौन सी राशियों संभलकर रहे





सिंह राशि बिजनेस में प्रगति को लेकर खुश होंगे. सकारात्मक ऊर्जा से आपको करियर में सफलता मिलेगी.
कुंभ राशि  जॉब में उच्चाधिकारियों के सुंदर सहयोग से बहुत जल्द प्रमोशन प्राप्त कर सकते हैं.

FAQs: 21 अगस्त 2025

  1. Q.कौन सा उपाय करें ?
    भादो की मासिक शिवरात्रि पर गौरी शंकर रुद्राक्ष शिवलिंग पर अर्पित करें और फिर इसे धारण कर सकते हैं, इससे पति-पत्नी के रिश्तों में मिठास बढ़ती है.
  2. Q. कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ?
    इस दिन सर्वार्थ सिद्धि, अमृत सिद्धि, गुरु पुष्य योग का संयोग बन रहा है.

Antim Sanskar: सुहागिन की मृत्यु पर क्यों करते हैं 16 श्रृंगार? रहस्य जानकर चौंक जाएंगे!

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

[ad_2]

पाप धोने वाली मशीन नहीं हैं… बाबा प्रेमानंद पर क्या बोल गए खेसारी लाल यादव, यूजर्स करने लगे ट

[ad_1]

वृंदावन के प्रेमानंद बाबा इन दिनों पूरे देश और दुनिया में चर्चा में हैं. उनके करोड़ों भक्त हैं. विराट कोहली से लेकर राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम उनके आशीर्वाद लेने जा चुके हैं. हाल ही में भोजपुरी सिंगर खेसारी लाल यादव ने बाबा पर एक टिप्पणी की जिसमें उन्होंने कहा कि प्रेमानंद बाबा कोई पाप धोने वाली मशीन नहीं हैं. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया.

लोग अपने-अपने अंदाज में मीम्स और कमेंट्स शेयर कर रहे हैं. मामला तेजी से वायरल हो गया है. कई यूजर्स ने कहा कि खेसारी की बात सही हो सकती है. लेकिन इसे लेकर उनका अंदाज विवादित बन गया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ उनके समर्थन में दिख रहे हैं. तो वहीं ट्रोल करने वाले भी पीछे नहीं हैं.

प्रेमानंद बाबा को लेकर खेसारी हुए ट्रोल

भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुके हैं. दरअसल खेसारी लाल यादव ने कुछ दिनों पहले ही प्रेमानंद महाराज को लेकर एक ट्वीट किया था. जिसमें उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज पाप धोने वाली मशीन नहीं है. बस फिर गया था सोशल मीडिया पर लोगों ने उनको ट्रोल करना शुरू कर दिया. लोगों अलग-अलग तरीकों से खेसारी लाल यादव पर तीखें कमेंट कर रहे हैं.

यह भी पढ़ें: पहले तू डांस देख… हल्दी सेरेमनी में दीदी ने किया ऐसा डांस कि झूम गए यूजर्स, वीडियो वायरल

एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा ‘तुम जो चारा चोर के घर जो 940 करोड़ का पाप किया है.’ तो वहीं एक और यूजर उन्हें ट्रोल करते हुए लिखा ‘जिंदगी भर लौंडा का नाच किए और अश्लील खाने गाकर भोजपुरी समाज और बिहार को बदनाम कर रहे हो और अब ज्ञान बांट रहे यहां पर.’ तू एक और यूजर ने कमेंट किया है ‘अब नचनिया भी ज्ञान देगा क्या.’

 

यह भी पढ़ें: वाह ये डॉग लवर… MCD वाले पकड़कर ले जा रहे थे कुत्ते, शख्स ने खोल दी वैन की कुंडी; वीडियो वायरल

पोस्ट में कही थी यह बात

भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स अकाउंट @khesariLY से पोस्ट करते हुए लिखा था ‘एक अपील..प्रेमानंद महाराज को बस अनुभूति कीजिए, कुछ दिन से नोटिस किए की कई लोग Image Making के लिए वहाँ जाने लगे हैं. वो पाप धोने वाले मशीन नहीं हैं. सच्ची श्रद्धा है तो बस उनके बातो को अनुसरण कीजिए। हर जगह प्रमोशन और प्रचार ठीक नहीं लगता..भोरे भोरे ज़्यादा ज्ञान लगे फिर भी ठीक हैं.’ उनकी इस पोस्ट को अब तक 95 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है. जहां कुछ लोग उनकी इस बात को सही कह रहे हैं. तो वहीं काफी संख्या में लोग खेसारी को ट्रोल भी कर रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: Video: बाउंड्री वाल और कंटीले तार, बावजूद शातिर चोर उठा ले गया साइकिल, हैरान कर देगा ये वीडियो


Achyut Potdar का 91 साल की उम्र में निधन, प्रशंसकों ने उनके प्रतिष्ठित ‘कहना क्या चाहते हो’ डायलॉग को याद किया

[ad_1]





[ad_2]

Video: पंजाबी छा गए ओए! पार्सल लेकर गए सरदार जी ने ग्राहक के लिए किया कुछ ऐसा, वीडियो वायरल

[ad_1]

Social Media Viral Video: ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में रहने वाले सिख डाकिया गुरप्रीत सिंह की एक नेकदिली भरी हरकत ने दुनिया भर के लोगों का दिल जीत लिया है. एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें गुरप्रीत सिंह एक पैकेज डिलीवरी करने के बाद बारिश शुरू होने पर महिला की लॉन्ड्री बचाने के लिए आगे आए. इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और कई लोगों और बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपडा समेत ने उनकी तारीफ की है.

गुरप्रीत सिंह ने नोट में क्या लिखा?

वीडियो में देखा जा सकता है कि गुरप्रीत सिंह एक पैकेज डिलीवरी करने के लिए एक घर में पहुंचे. तभी अचानक बारिश शुरू हो गई. उन्होंने नोटिस किया कि घर के बाहर सूखने के लिए लटकाए गए कपड़े बारिश में भीगने लगे हैं. बिना किसी हिचकिचाहट के गुरप्रीत सिंह ने कपड़ों को समेटना शुरू किया और उन्हें अंदर ले जाकर सुरक्षित जगह पर रखा. इसके बाद उन्होंने एक नोट लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने कपड़े अंदर रख दिए हैं ताकि वे बारिश में न भीगें.

लोगों ने गुरप्रीत सिंह की खूब तारीफ की

इस घटना को कैद करने वाली महिला, वेरिटी वेंडेल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो शेयर किया और गुरप्रीत सिंह के साथ एक सेल्फी पोस्ट की. उन्होंने कैप्शन में लिखा,” मिलिए गुरप्रीत सिंह से, उस अद्भुत डाकिए से जो बारिश शुरू होने पर लॉन्ड्री अंदर ले आए.” इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और लोग गुरप्रीत की नेकदिली की तारीफ करने लगे. वीडियो  वायरल होने के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने भी इसे लाइक किया और कमेंट किया कि यह सच्ची नेकदिली है. 


भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीतने की कोई उम्मीद नहीं,’ टीम सेलेक्शन पर पूर्व भारतीय का बड़ा बयान

[ad_1]

बीसीसीआई ने मंगलवार को एशिया कप के लिए भारतीय टीम का एलान कर दिया. इस टीम में यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर जैसे बड़े स्टार खिलाड़ी को जगह नहीं मिली. इस दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने टीम सेलेक्शन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अक्षर पटेल को उपकप्तानी से हटाने और हर्षित राणा, रिंकू सिंह और शिवम दुबे को टीम में शामिल करने की भी आलोचना की. श्रीकांत ने यहां तक कह दिया कि इस टीम के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का कोई चांस नहीं है.

इस टीम के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का कोई चांस नहीं है- श्रीकांत

श्रीकांत का कहना है कि यह टीम एशिया कप जीत सकती है, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप जीतने के लिए काफी नहीं है. अपने यूट्यूब चैनल Cheeky Chaka पर बोलते हुए उन्होंने कहा, हम एशिया कप जीत सकते हैं, लेकिन इस टीम के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का कोई चांस नहीं है. क्या आप वर्ल्ड कप में यही टीम ले जाएंगे? क्या यही वर्ल्ड कप की तैयारी है, जो अब सिर्फ छह महीने दूर है?”

टीम सेलेक्शन पर उठाए सवाल

श्रीकांत ने टीम सेलेक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा, चयनकर्ता पीछे चले गए हैं. अक्षर पटेल से उपकप्तानी छीन ली गई. मुझे समझ नहीं आता कि रिंकू सिंह, शिवम दुबे और हर्षित राणा टीम में कैसे आ गए. आईपीएल को सेलेक्शन का मुख्य आधार माना जाता है, लेकिन लगता है चयनकर्ताओं ने उससे पहले के प्रदर्शन को ज्यादा अहमियत दी है.”

2025 एशिया कप के लिए भारतीय टीम

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा और रिंकू सिंह.

एशिया कप में भारतीय टीम का शेड्यूल

2025 एशिया कप की शुरुआत 9 सितंबर से होगी. वहीं टूर्नामेंट में टीम इंडिया अपना पहला मैच 10 सितंबर को खेलेगी. भारत का पहला मैच यूएई से होगा. इसके बाद 14 सितंबर को टीम इंडिया चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी. फिर 19 सितंबर को ओमान से मुकाबला होगा.

यह भी पढ़ें-

डेब्यू मैच में ही खतरे में पड़ा करियर, ऑस्ट्रेलिया ने ICC से कर दी शिकायत? बॉलिंग एक्शन की होगी जांच

 

[ad_2]

बिना रिफ्यूलिंग 10,000 KM की रेंज, 1100KM/H स्पीड… B-2 से कितने खतरनाक हैं अमेरिका के B-21 बॉ

[ad_1]

अमेरिका ने ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’ में जिन B-2 बॉम्बर्स से ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह किया था, अब उनकी विदाई होने वाली है. अब अमेरिका छठी पीढ़ी का एक ऐसा महाविनाशक बॉम्बर तैयार कर रहा है, जो पूरी दुनिया में तबाही मचा सकता है. इस बॉम्बर का नाम है- B-21. ये बिना रिफ्यूलिंग के 10 हजार किलोमीटर तक की उड़ान भर सकेगा और इसकी रफ्तार 1,100 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी. यह दुनिया के सबसे एडवांस स्टेल्थ बॉम्बर्स में से एक माना जा रहा है और पुराने B-2 जेट की तुलना में कई मायनों में ज्यादा खतरनाक है.

क्या है B-21 बॉम्बर की विशेषताएं और क्षमता?

B-21 बॉम्बर फिलहाल टेस्टिंग फेज में है और इसे B-2 के फ्लाइंग विंग डिजाइन के आधार पर बनाया गया है, लेकिन इसमें कई अपग्रेडेशन किए गए हैं. इसके एयर-इनलेट्स अंदर धंसे हुए हैं, जिससे रडार पर पकड़ना मुश्किल है. 2-D एग्जॉस्ट सिस्टम इन्फ्रारेड ट्रैकिंग को मुश्किल बनाता है. इसमें लेटेस्ट रडार, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, ISR और नेटवर्किंग क्षमताएं शामिल हैं. इसका रेंज लंबा है और ओपन सिस्टम आर्किटेक्चर भविष्य में नए हथियार जोड़ने में आसान बनाएगा.

US एयरफोर्स को कितने B-21 बॉम्बर मिलेंगे?

 अमेरिकी वायुसेना कम से कम 100 B-21 बॉम्बर शामिल करना चाहती है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि संख्या कम होने पर लागत कई अरब डॉलर तक पहुंच सकती है. B-2 बॉम्बर के समय 132 बनाने का लक्ष्य था, लेकिन सिर्फ 21 ही बने. अमेरिकी जनरल्स ने सुझाव दिया है कि कम से कम 200 B-21 खरीदने चाहिए, खासकर चीन और अन्य क्षेत्रों में शक्ति प्रदर्शन के लिए.

लंबी दूरी के मिशनों के लिए बना B-21

B-21 को खास तौर पर लंबी दूरी के सीक्रेट स्ट्रैटजिक बमबारी मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है. इसके तकनीकी विवरण गुप्त रखे गए हैं, लेकिन माना जाता है कि इसकी अधिकतम स्पीड हाई सबसोनिक रेंज में है, यानी लगभग मैक 0.85 से 0.95 (करीब 630 मील प्रति घंटा). इसकी रेंज लगभग 6,500 मील आंकी गई है, जो हवाई रिफ्यूलिंग के साथ और भी ज्यादा हो सकती है. इसी वजह से यह आसानी से इंटरकॉन्टिनेंटल मिशन पूरे कर सकता है.

[ad_2]

डोनाल्ड ट्रंप के शपथ से पहले अपशकुन और दुर्योधन के जन्म के समय की स्थिति में क्या कोई राज है?

[ad_1]

इतिहास जब स्वयं को दोहराता है, तो वह सीधे तथ्य नहीं लाता, वह प्रतीकों, अपशकुनों और घटनाओं की छायाओं में अपनी गूंज सुनाता है. महाभारत में दुर्योधन का जन्म जिस प्रकार महायुद्ध का शंखनाद बन गया था, उसी प्रकार ट्रंप की शपथ से पहले लगी जंगल की आग और आज भारत-पाक को लेकर दिए जा रहे उनके बयान एक ही पंक्ति में खड़े दिखाई देते हैं, क्या ये सब मात्र संयोग हैं या सत्ता की वही पुरानी नियति?

दुर्योधन जन्म का भयावह आरंभ

महाभारत में वर्णन है, कि जब दुर्योधन का जन्म हुआ तो आकाश से उल्का-पिंड बरसे. गिद्ध, कौवे और गीदड़ अशुभ ध्वनि करने लगे. धरती कांप उठी और नगर में भय फैल गया.

उस समय इन स्थितियों को देखते हुए महर्षि व्यास और ब्राह्मणों ने धृतराष्ट्र से कहा था कि- त्याग दीजिए इस बालक को, अन्यथा यह युद्ध की ज्वाला में समस्त वंश को भस्म कर देगा.

लेकिन मोह ने निर्णय पर पर्दा डाल दिया. नतीजा वही हुआ, महाभारत का युद्ध. यह प्रसंग हमें बताता है कि जब सत्ता की शुरुआत अपशकुनों से होती है, तो अंत में समाज महाविनाश की ओर धकेल दिया जाता है. इसे पढ़ें- ‘डोनाल्ड ट्रंप’ की शपथ से पहले अमेरिका में लगी आग किसी अपशकुन का संकेत तो नहीं?

इसे लेकर शास्त्र क्या कहता है?

शकुनाः स्युर्विनाशाय, शुभाय च शुभाशुभाः
यानी शकुन-अपशकुन कभी व्यर्थ नहीं होते; वे आने वाले समय की दिशा बताते हैं.

महाभारत (आदि पर्व, अध्याय 115–116)

“जज्ञे तु तस्मिन्नेव दिने कुरुपुंगवः, तदा चापि महाभागा विनाशं जगतः स्मृतम्
दुर्योधन का जन्म होते ही विद्वानों ने इसे विश्व-विनाश का कारण बताया.

ट्रंप की शपथ और आधुनिक अपशकुन

20 जनवरी 2017 को डोनाल्ड ट्रंप का शपथग्रहण था. लेकिन यह कोई सामान्य सत्ता परिवर्तन नहीं था. लेकिन इससे पूर्व कैलिफ़ोर्निया और लॉस एंजेलिस में लगी भयंकर जंगल की आग ने लाखों पक्षियों और पशुओं की जान ले ली.

वॉशिंगटन डी.सी. में शपथ से पहले ही दंगे और आगजनी हुई, मानो लोकतंत्र का उत्सव एक युद्धभूमि में बदल गया हो. मौसम ने भी संकेत दिया, अचानक बारिश और बादलों की स्थिति में अजीब सी हलचल देखी गई, जो अमूमन कम ही देखने को मिलती है.

ज्योतिषीय दृष्टि से भी शनि संधिकाल, राहु-केतु दोष और मंगल-सूर्य तनाव जैसे योग उस क्षण को घेरे हुए थे. यह सब एक ही बात की ओर इशारा कर रहे थे, सत्ता का यह आरंभ शांति का नहीं, विभाजन का दूत होगा.

भारत-पाक पर ट्रंप के बयान: कूटनीति या अशुभ हस्तक्षेप?

आज, आठ वर्ष बाद, ट्रंप जब भारत-पाक संबंधों पर दावा करते हैं कि उन्होंने युद्ध रोका, विमान गिराए जाने की स्थिति को शांत किया और ट्रेड को हथियार की तरह इस्तेमाल किया, तो भारतीय जनमानस में यह कथन किसी अपशकुन की पुनरावृत्ति सा प्रतीत होता है.

व्हाइट हाउस और ट्रंप का दावा कि हमने भारत-पाक युद्ध रोका, भारत ने सख्ती से इसे खारिज किया.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि संघर्ष को विराम भारत की सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन सिंदूर) से मिला, किसी तीसरे की दखल से नहीं.

शशि थरूर ने तीखी टिप्पणी की थी कि शांति का कारण ट्रंप नहीं, बल्कि भारत की सफल स्ट्राइक्स थीं.

यहां भी वही प्रतीक दोहराया जाता है, दूसरे की सत्ता अपने अहंकार में अपशकुन को नज़रअंदाज़ कर देती है, और असल कारण को छिपाने का प्रयास करती है.

भारतीय धारणा: मित्रता का अंत?

2014–19 के बीच मोदी और ट्रंप की तस्वीरें हाउडी मोदी से लेकर नमस्ते ट्रंप तक मित्रता का प्रतीक बनीं. लेकिन 2025 में यह संबंध तीव्र असंतोष और अविश्वास में बदल चुका है. कैसे समझते हैं-

  • टैरिफ और आर्थिक नीतियां, भारत के लिए संकट.
  • रूस से तेल आयात पर अमेरिकी आपत्ति, भारत की संप्रभुता पर सवाल.
  • ट्रंप के लगातार बयान, भारतीय समाज में आक्रोश और असंतोष.

The Washington Post ने हाल में इसे the worst crisis in two decades कहा. भारतीयों में अब यह धारणा बन रही है कि ट्रंप मित्र नहीं, बल्कि एक अशुभ संकेतक हैं, जैसे दुर्योधन का जन्म कुरु वंश के लिए था.

2025 में फिर वही संकेत दिखाई दे रहे हैं, शनि मीन राशि में प्रवेश कर जल-सुरक्षा, समुद्री संघर्ष और वैश्विक आपूर्ति-शृंखला पर संकट का इशारा कर रहा है.

राहु कुंभ और केतु सिंह से जनआन्दोलन, ऑनलाइन असंतोष और नेतृत्व की छवि पर दबाव है. गुरु मिथुन और अर्द्रा नक्षत्र में रहते हुए सूचना-युद्ध, मीडिया-नैरेटिव और कूटनीतिक तनाव को तीव्र कर रहा है, जबकि मंगल सिंह में प्रवेश कर सीमा-पार सैन्य तनाव का सूचक है.

इसका अर्थ यह है कि आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में दरार गहरी हो सकती है, भारत-पाक सीमा पर झड़पें या हवाई संघर्ष की स्थिति बन सकती है और आर्थिक-सामाजिक स्तर पर अस्थिरता का दौर तेज हो सकता है.

यानी महाभारत काल के अपशकुन और आज के ग्रहयोग दोनों एक ही दिशा में संकेत करते हैं, जब सत्ता अहंकार और विभाजन से घिरी हो, तो भविष्य शांति का नहीं बल्कि संघर्ष का दूत बनता है.

शकुन और अपशकुन केवल घटनाएं नहीं होते, वे भविष्य की छाया होते हैं.
दुर्योधन का जन्म एक युद्ध का सूचक था. डोनाल्ड ट्रंप का शपथग्रहण और अब उनके बयान, भारत-पाक युद्ध और कूटनीतिक संकट के बीच, वही संदेश दोहरा रहे हैं, सत्ता जब अहंकार और असत्य पर टिकी हो, तो उसके आरंभ के अशुभ संकेत समाज को महाविनाश की ओर ले जाते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

—-समाप्त——

[ad_2]

Online Gaming Bill 2025: क्या है ई-स्पोर्ट्स जिसे सरकार दे रही बढ़ावा, जानें किन गेम्स पर लगेगा

[ad_1]

Online Gaming Bill 2025: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग के प्रोत्साहन और विनियमन से जुड़ा बिल 2025 पेश किया. इस प्रस्तावित कानून का मकसद ई-स्पोर्ट्स, शैक्षणिक खेलों और सामाजिक गेमिंग को संगठित रूप से बढ़ावा देना है जबकि पैसों पर आधारित ऑनलाइन गेम्स पर कड़ा नियंत्रण लगाया जाएगा.

ई-स्पोर्ट्स और मनी गेम्स में फर्क

सरकार ने ई-स्पोर्ट्स को ऐसे कौशल-आधारित प्रतियोगी खेलों के रूप में परिभाषित किया है जिन्हें वर्चुअल एरिना में नियमों और मानकों के तहत खेला जाता है. इसमें प्रोफेशनल टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं को भी शामिल किया गया है.

दूसरी ओर, जिन खेलों में पैसों या कीमती वस्तुओं की बाज़ी लगाई जाती है उन्हें “मनी गेम्स” माना गया है. यानी ई-स्पोर्ट्स को खेल और प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा जाएगा जबकि जुए जैसे खेलों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी.

बनेगी नई Regulatory Authority

इस बिल में एक स्वतंत्र नियामक प्राधिकरण (Regulatory Authority) बनाने का प्रावधान है जो ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र की नीतियों को दिशा देगा, विकास को बढ़ावा देगा और सभी नियमों के अनुपालन की निगरानी करेगा. इसके पास किसी भी ऑनलाइन मनी गेम के संचालन, विज्ञापन या प्रचार पर रोक लगाने की शक्ति भी होगी. चाहे वह खेल मोबाइल, कंप्यूटर या इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर क्यों न चल रहा हो.

बिल में क्या-क्या है खास

इस कानून के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को रियल-मनी गेमिंग के लेन-देन करने से रोका जाएगा. साथ ही, ऐसे गेम्स के विज्ञापनों पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. वहीं, ई-स्पोर्ट्स और कौशल-आधारित गैर-आर्थिक खेलों को बढ़ावा देने की बात कही गई है. इसके अलावा, बिना पंजीकरण वाले या अवैध प्लेटफॉर्म्स पर सख्त कार्रवाई होगी. सरकार का लक्ष्य है कि इस क्षेत्र में एक ही तरह का कानूनी ढांचा बने ताकि अलग-अलग राज्यों में होने वाले भ्रम और विवाद कम हो सकें.

सरकार क्यों लाई यह पहल

2023 में सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी लगाया था. इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025 से ऐसे खेलों से हुई जीत पर 30% टैक्स लगाया जा रहा है. विदेशों में चल रहे गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को भी भारतीय कर सिस्टम में शामिल किया गया है. दिसंबर 2023 में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) में संशोधन कर अवैध बेटिंग को आपराधिक अपराध घोषित किया गया जिसमें सात साल तक की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है. पिछले तीन सालों में केंद्र सरकार ने 1,400 से ज्यादा वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक किया है जो ऑनलाइन सट्टेबाजी या जुए से जुड़े थे.

नशे और लत को लेकर चिंता

शिक्षा मंत्रालय ने अभिभावकों और शिक्षकों को चेतावनी जारी की है कि नाबालिगों में गेमिंग की लत तेजी से बढ़ रही है. वहीं, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रसारकों को निर्देश दिया है कि वे गेमिंग के वित्तीय खतरों पर चेतावनी संदेश दिखाएं.

यह भी पढ़ें:

Airtel यूजर्स को झटका! कंपनी ने चुपके से बंद कर दिया ये सस्ता प्लान, जानें क्या है वजह



[ad_2]