एशिया कप से पहले संजू सैमसन का बड़ा कारनामा, सगे भाई संग मिलकर मचाया धमाल; वीडियो वायरल

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एशिया कप 2025 से ठीक पहले संजू सैमसन एक्शन में दिखे हैं. केरल क्रिकेट लीग में अपने भाई, सैली सैमसन (Sanju Samson Brother) संग मिलकर उन्होंने बड़ा कारनामा कर दिखाया है. संजू और सैली, दोनों केरल क्रिकेट लीग में कोच्चि ब्लू टाइगर्स के लिए खेल रहे हैं, दोनों ने मिलकर मैच की पहली गेंद पर अपनी टीम के लिए पहला विकेट लिया. दोनों ने मिलकर अदानी त्रिवेंद्रम रॉयल्स के सुबिन एस को रन आउट किया.

संजू सैमसन ने भाई संग मिलकर किया कमाल

अदानी त्रिवेंद्रम रॉयल्स की टीम पहले बैटिंग करने आई. कप्तान कृष्णा प्रसाद के साथ सुबिन एस ने ओपनिंग की और सामने कोच्चि ब्लू टाइगर्स के लिए गेंदबाजी का आगाज माध्यम गति के तेज गेंदबाज सैली सैमसन (संजू सैमसन के भाई) ने किया. पहली ही गेंद पर सुबिन एस ने गेंद को ऑफ-साइड की तरफ धकेलने के बाद खतरे भरे अंदाज में रन भागा, लेकिन दूसरी ओर संजू सैमसन ने जोरदार थ्रो किया, जिसे उनके भाई सैली ने पकड़ कर सुबिन एस को गोल्डन डक का शिकार बनाया.

दोनों भाइयों की इस जुगलबंदी का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. बताते चलें कि सैली सैमसन कोच्चि ब्लू टाइगर्स के कप्तान हैं और संजू सैमसन इसी टीम के उपकप्तान हैं. बता दें कि सैमसन भारत की टी20 टीम का अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं, जिनका एशिया कप स्क्वाड में भी चयन हुआ है.

क्या प्लेइंग इलेवन से बाहर हो जाएंगे सैमसन?

एशिया कप स्क्वाड में शुभमन गिल की एंट्री से टी20 टीम के बल्लेबाजी क्रम में उथल-पुथल मच सकती है. टीम कॉम्बिनेशन पर चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कहना था कि बेस्ट प्लेइंग इलेवन तैयार करना कप्तान और कोच के हाथों में होगा. वहीं दुबई पहुंचने के बाद बेहतर टीम कॉम्बिनेशन तैयार करने में आसानी होगी. अगरकर ने यह भी कहा कि शुभमन गिल और संजू सैमसन, दोनों शानदार फॉर्म में रहे हैं और अभिषेक शर्मा के रूप में भी टीम के पास बढ़िया विकल्प है.

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क्या जेलेंस्की कर देंगे पुतिन के आगे सरेंडर? यूक्रेन के राष्ट्रपति बोले- ‘कुछ समझौतों के लिए तै

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रूस के साथ युद्धविराम समझौते की अटकलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ‘कुछ समझौते’ करने के लिए तैयार हो गए हैं. जेलेंस्की ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ किसी भी बातचीत से पहले युद्धविराम की अपनी मांग पर ‘कुछ समझौतों’ के लिए तैयार हैं, बशर्ते यूक्रेन के लिए कुछ सुरक्षा गारंटी स्थापित हो.

यूक्रेनी राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस ने अमेरिका के इस दावे का खंडन किया कि पुतिन और जेलेंस्की के बीच द्विपक्षीय बैठक की योजना चल रही है. यूक्रेन और यूरोप के कुछ सहयोगी देश लगातार युद्धविराम की मांग कर रहे हैं, जिसमें सुरक्षा गारंटी और भूमि विवाद जैसे मुद्दे शामिल हैं.

क्रेमलिन के साथ बातचीत से पहले ‘सुरक्षा गारंटी’ का इंतजार

जेलेंस्की ने कहा, ‘जो प्रारूप प्रस्तावित किया गया है, उसमें कुछ समझौते शामिल हैं. मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से कहा कि किसी भी स्थिति में, अगर हम वाकई इस योजना को गंभीरता से लेना चाहते हैं तो युद्ध समाप्त करने की पूरी योजना बनाने के लिए हमें शांति के एक दौर की जरूरत होगी.’

मीडिया से बातचीत के दौरान बुधवार (21 अगस्त, 2025) को यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन क्रेमलिन के साथ बातचीत की तारीख तय करने से पहले सात से दस दिनों के भीतर ‘सुरक्षा गारंटी ढांचे’ के स्थापित होने का इंतजार कर रहा है. इसी समझ से हमारा लक्ष्य एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करना है और ये मेरा तर्क है. ट्रंप के बयानों का जिक्र करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रंप, पुतिन और जेलेंस्की के बीच आखिर में एक बैठक होगी.

यूक्रेनी सेना को सुरक्षा गारंटी की जरूरत

हालांकि यूक्रेन, अमेरिका के साथ अमेरिकी हथियारों पर लगभग 90 अरब डॉलर खर्च कर सुरक्षा गारंटी के लिए तैयार हो गया है. जेलेंस्की ने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि यह एक मजबूत हथियार समझौता किया गया है, जिसकी यूक्रेनी सेना को सुरक्षा गारंटी के हिस्से के रूप में जरूरत है.

वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार (20 अगस्त, 2025) को कहा कि क्रेमलिन ने इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए उच्च-स्तरीय अधिकारियों को भेजने का प्रस्ताव रखा है. हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि रूस नेतृत्व स्तर पर बैठक का समर्थन करता है.

युद्धविराम की दिशा में कोई प्रगति नहीं

रूसी विदेश मंत्री ने तुर्की में हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि मास्को और कीव कैदियों की अदला-बदली पर सहमत हुए थे, लेकिन युद्धविराम की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई. लावरोव ने यह भी कहा कि मास्को के बिना यूक्रेन की सुरक्षा पर चर्चा करना ‘एक स्वप्नलोक और कहीं नहीं जाने वाला रास्ता’ है.

लावरोव ने आगे कहा, ‘अभी तक यूक्रेन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप की हमारे राष्ट्रपति से बातचीत के बाद, पुतिन ने न केवल वार्ताओं को जारी रखने का प्रस्ताव रखा, बल्कि प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के स्तर को बढ़ाने पर भी विचार करने की बात कही.’

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Aaj ka Meen Rashifal: मीन राशिफल 22 अगस्त, आकस्मिक धनलाभ, बिजनेस और नौकरी में मेहनत से सफलता

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Pisces Horoscope 22 August 2025: चन्द्रमा 5वें हाउस में होने से आज शिक्षा, प्रेम और रचनात्मक कार्यों में अनुकूलता रहेगी. आकस्मिक धन लाभ की संभावना है और व्यापार/बिजनेस में मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा. स्पोर्ट्स पर्सन और आर्टिस्ट को बाधाओं को दूर करने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं.

परिवार राशिफल: परिवार में आ रही कुछ परेशानियां खत्म हो सकती हैं. पुराने किसी काम को पूरा करने का समय है. घर में शांति और सामंजस्य बना रहेगा. कुछ नए लोग आपकी बातों से प्रभावित होंगे.

लव राशिफल: नये रिश्ते शुरू करने का मौका मिल सकता है. पहले से चल रहे संबंधों को बेहतर बनाने की कोशिश करेंगे और इसमें सफलता मिलेगी.

व्यापार राशिफल: बिजनेसमैन के लिए दिन मेहनत भरा रहेगा, लेकिन रुकी हुई या उधारी पर दी गई रकम वापस मिल सकती है. धैर्य और ईमानदारी से लक्ष्य की ओर बढ़ते रहें.

नौकरी राशिफल: नौकरीपेशा लोगों के लिए दिन शुभ है. अधिकारियों से सराहना मिलेगी. कुछ को नई ज़िम्मेदारियाँ मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभकारी रहेंगी.

युवा और करियर राशिफल: स्पोर्ट्स पर्सन और आर्टिस्ट फालतू गतिविधियों से बचें. विदेश जाने की तैयारी कर रहे लोगों की निराशा दूर हो सकती है. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को मेहनत का फल मिलने के संकेत हैं.

धन राशिफल: खर्चों में वृद्धि हो सकती है लेकिन साथ ही कुछ रुके हुए पैसे भी वापस मिल सकते हैं. आर्थिक मामलों में समझदारी से निर्णय लें.

हेल्थ राशिफल: सेहत सामान्य रहेगी लेकिन पेट दर्द जैसी समस्या परेशान कर सकती है. खानपान पर ध्यान दें और पानी अधिक मात्रा में लें.

शुभ अंक: 5
शुभ रंग: पीला
उपाय: हनुमान जी को गुड़-चने का भोग लगाएं.
FAQs:
Q. क्या आज मीन राशि वालों को पैसे की प्राप्ति होगी?
A. हां, रुका हुआ धन वापस मिल सकता है.

Q. क्या प्रतियोगी छात्र को सफलता मिलेगी?
A. जी हां, मेहनत का अच्छा फल मिलने की संभावना है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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कोलकाता में ‘द बंगाल फाइल्स’ के ट्रेलर पर लगी रोक, पल्लवी टीएमसी को ठहराया जिम्मेदार

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अभिनेत्री पल्लवी जोशी इन दिनों फिल्म ‘द बंगाल फाइल्स’ को लेकर चर्चा में हैं. अब फिल्म का ट्रेलर कोलकाता में रिलीज होना था. लेकिन प्रशासन ने इस पर रोक लगा दी. जिसके बाद फिल्म के निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री की पुलिस से तीखी बहस भी हुई. फिल्म के प्रोड्यूसर ने वहां की राज्य सरकार पर अपनी मनमानी करने के आरोप भी लगाए थे. इसके साथ ही सवाल किया था कि क्या पश्चिम बंगाल में दूसरा संविधान चलता है?

पल्लवी जोशी ने टीएमसी को ठहराया जिम्मेदार

अब फिल्म की निर्माता और अभिनेत्री पल्लवी जोशी ने भी कोलकाता में फिल्म के ट्रेलर रिलीज पर लगाई गई रोक पर खुलकर बात की है. आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने फिल्म के ट्रेलर रिलीज पर रोक लगाने और उसके बाद हुए सारे हंगामे के लिए वहां की ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की सत्तारूढ़ सरकार को जिम्मेदार ठहराया है.

पल्लवी ने आईएएनएस को बताया कि, ‘ये स्पष्ट रूप से राज्य की सत्ताधारी पार्टी द्वारा किया गया था, और हम इसे बताने में कोई संकोच नहीं कर रहे हैं. हमें पता था कि हमें किसी न किसी तरह का विरोध झेलना पड़ेगा, लेकिन हमें नहीं पता था कि यह इस तरह होगा कि हम अपना ट्रेलर बिल्कुल भी नहीं दिखा पाएंगे. 16 अगस्त को, जो कि डायरेक्ट एक्शन डे की सालगिरह थी, कोलकाता में अपना ट्रेलर रिलीज करना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण था.’


सरकार को हमारी मदद करना चाहिए थी – पल्लवी

उन्होंने यह भी बताया कि, ‘अगर इतिहास में कुछ ऐसा घटित हुआ जिसके बारे में लोगों को जानना चाहिए और उसकी कहानी कुछ लोग आगे लाने की कोशिश कर रहे हैं तो सरकार को इन कहानियों को उजागर करने में मदद करनी चाहिए. उन्हें हमारा पूरा समर्थन करना चाहिए था. लेकिन मुझे नहीं पता था कि वे हमें ट्रेलर नहीं दिखाने देंगे, जो बहुत दुख की बात थी क्योंकि इससे हमारी पूरी टीम को परेशानी हुई और सभी को थोड़ा बुरा लगा. आखिरकार राज्य की सरकार का यह काम था कि हमलोगों को इसके लिए सहयोग मिलता.’

विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ‘द बंगाल फाइल्स’ को लिखा और डायरेक्ट किया है. इसमें मिथुन चक्रवर्ती, पल्लवी जोशी, अनुपम खेर और दर्शन कुमार नजर आएंगे. यह फिल्म 5 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

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रिलायंस जियो के बहुप्रतीक्षित आईपीओ का रास्ता आसान, सेबी ने दी नियमों में ढील

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SEBI Ease IPO Proposals: बाजार विनियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने आगामी आईपीओ (IPO) को लेकर नियमों में ढील दी है. माना जा रहा है कि इस कदम का सीधा फायदा रिलायंस जियो और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को मिल सकता है. नए प्रावधानों के मुताबिक, जिन कंपनियों का पोस्ट-IPO मार्केट कैपिटलाइजेशन 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक होगा, उन्हें अपनी इक्विटी का 8% हिस्सा सार्वजनिक रूप से जारी करना होगा. अभी तक यह न्यूनतम सीमा 10% थी.

इसके अलावा, जिन कंपनियों का पोस्ट-IPO मार्केट कैपिटलाइजेशन 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक है, उनके लिए पब्लिक शेयरहोल्डर्स को न्यूनतम ऑफर घटाकर 2.5% कर दिया गया है, जो पहले 5% था.

जियो के लिए रास्ता आसान

ब्रोकरेज फर्म सिटी का कहना है कि सेबी का यह कदम संभावित जियो के आईपीओ पर सकारात्मक असर डालेगा. सिटी ने बताया कि जियो प्लेटफॉर्म्स का वैल्यू 120 बिलियन डॉलर आंका गया है. मौजूदा नियमों के तहत 5% पब्लिक ऑफर का मतलब होता कि जियो को लगभग 6 बिलियन डॉलर का आईपीओ लाना पड़ता, जो भारतीय बाजार के हिसाब से बहुत बड़ा है. लेकिन नए प्रस्ताव के बाद यह घटकर करीब 3 बिलियन डॉलर रह जाएगा, जो भारतीय निवेशकों की क्षमता के अनुरूप है.

एनएसई को भी फायदा

सेबी के इन नए प्रस्तावों का फायदा एनएसई को भी मिल सकता है, जो अगले साल 50 बिलियन डॉलर से अधिक वैल्यूएशन के साथ शेयर बाजार में लिस्टिंग की तैयारी कर रहा है. सेबी चेयरमैन तुहिन कांत पांडेय ने गुरुवार को कहा कि बाजार नियामक एक विनियमित मंच (Regulated Platform) पेश करने पर विचार कर रहा है, जहां आईपीओ लाने वाली कंपनियां सूचीबद्ध होने से पहले कुछ खुलासों के बाद कारोबार कर सकेंगी.

उन्होंने उद्योग निकाय फिक्की के कार्यक्रम में कहा कि कई बार निवेशकों के पास आईपीओ से पहले पर्याप्त जानकारी नहीं होती. ऐसे में यह पहल निवेश निर्णय लेने में मददगार साबित हो सकती है.

प्री-IPO ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म

सेबी की योजना के अनुसार, एक नया प्री-IPO ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म बनाया जा सकता है. यह मंच निवेशकों को आईपीओ के आवंटन और सूचीबद्ध होने के बीच तीन दिन की अवधि में शेयरों का विनियमित तरीके से व्यापार करने की सुविधा देगा. यह पहल मौजूदा अनियमित ‘ग्रे मार्केट’ की जगह ले सकती है, जो इस समय आईपीओ से पहले ट्रेडिंग का आधार बना हुआ है. कुल मिलाकर, सेबी के इन नए कदमों से न सिर्फ जियो और एनएसई को फायदा होगा, बल्कि भारतीय शेयर बाजार में पारदर्शिता और स्थिरता भी बढ़ सकती है.

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कौन हैं कैरान काजी, बांग्लादेश के इस शख्स की जिंदगी का एक-एक पल क्यों जानना चाहते हैं लोग?

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काबिलियत कभी उम्र नहीं देखती… जिसका एक उदाहरण 16 वर्षीय कैरान काजी हैं. दरअसल बांग्लादेश मूल के अमेरिकी किशोर कैरान काजी ने वो कर के दिखाया है जो लोग दशकों तक मेहनत करने के बाद भी नहीं कर पाते. दो साल पहले अपनी प्रतिभा से उन्होंने दुनिया के सबसे बड़े उद्योगपति एलन मस्क को प्रभावित किया था.

एलन मस्क ने न सिर्फ उनकी प्रतिभा को पहचाना बल्कि उन्हें अपनी कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) में इंजीनियर बना दिया. लेकिन अब यह किशोर फिर चर्चा में है. वजह यह है कि कैरान ने मस्क की कंपनी को छोड़कर एक नया रास्ता चुन लिया है. जिससे वह एक बार फिर सुर्खियों में हैं.

बता दें कि साल 2023 में जब कैरान महज 14 साल के थे, तब एलन मस्क ने उन्हें स्पेसएक्स की स्टारलिंक डिवीजन में इंजीनियर नियुक्त किया था. यह पहली बार था जब इतनी छोटी उम्र का कोई किशोर इस स्तर पर काम कर रहा था. स्पेसएक्स में दो साल के दौरान कैरान ने स्टारलिंक प्रोजेक्ट में अहम योगदान दिया. यह वही प्रोजेक्ट है जिसका मकसद एडवांस सैटेलाइट तकनीक के जरिए दुनिया के हर कोने तक इंटरनेट पहुंचाना है. कैरान ने इस मिशन में अपनी इंजीनियरिंग और टेक्नोलॉजी स्किल से बड़ी भूमिका निभाई.

अब कहां करेंगे काम?

लेकिन अब उन्होंने एलन मस्क की कंपनी को अलविदा कह दिया है और सिटाडेल सिक्योरिटीज (Citadel Securities) जॉइन कर ली है. यहां वे क्वांट डेवलपर के तौर पर काम करेंगे. यह नौकरी किसी भी इंजीनियर के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण मानी जाती है क्योंकि इसमें ट्रेडिंग सिस्टम्स और इंजीनियरिंग दोनों का मेल है.

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कौन हैं कैरान काजी?

कैरान काजी बांग्लादेश मूल के अमेरिकी नागरिक हैं. उनका जन्म एक पढ़े-लिखे और पेशेवर परिवार में हुआ. पिता मुस्ताहिद काजी एक केमिकल इंजीनियर हैं और मां जूलिया काजी वॉल स्ट्रीट में काम करती हैं. सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने सांता क्लारा यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन पूरा किया. खास बात यह है कि यूनिवर्सिटी के 170 साल के इतिहास में वह सबसे कम उम्र के ग्रेजुएट बने.

बचपन से ही असाधारण प्रतिभा

रिपोर्ट्स के अनुसार 10 साल की उम्र में उन्होंने इंटेल लैब्स में इंटर्नशिप की. 11 साल की उम्र में लास पेसिटास कॉलेज से गणित में एसोसिएट ऑफ साइंस डिग्री हासिल की. फिर 14 साल की उम्र में ग्रेजुएशन पूरा कर इतिहास रच दिया.

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ICC T20I की बैटिंग और बॉलिंग रैंकिंग में भारतीयों का दबदबा, टॉप 10 में 7 भारतीय; पूरी लिस्ट

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ICC T20I Batting And Bowling Rankings: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए अगली सबसे बड़ी चुनौती एशिया कप है. ये टूर्नामेंट इस बार टी20 फॉर्मेट में खेला जा रहा है. एशिया कप की शुरुआत 9 सितंबर से हो रही है. इस टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले जानते हैं कि आईसीसी टी20 इंटरनेशनल रैंकिंग में कौन कौन भारतीय खिलाड़ी शामिल हैं. देखा जाए तो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों के लिए ही आईसीसी रैंकिंग में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा है. बैटिंग और बॉलिंग दोनों में मिलाकर भारत के सात खिलाड़ी टॉप 10 लिस्ट में हैं.

ICC मेन्स टी20 इंटरनेशनल बैटिंग रैंकिंग्स

आईसीसी की टी20 बैटिंग रैंकिंग्स में 10 में से चार खिलाड़ी भारतीय टीम के शामिल हैं. इनमें से तीन प्लेयर एशिया कप में भी भारतीय स्क्वाड में लिए गए हैं.

  • आईसीसी मेन्स टी20 इंटरनेशनल बैटिंग रैंकिंग्स में टॉप पर भारत के ओपनिंग बल्लेबाज अभिषेक शर्मा हैं. अभिषेक 829 रेटिंग पॉइंट्स के साथ बल्लेबाजों की टी20 रैंकिंग में नंबर वन पर हैं.
  • इस लिस्ट में दूसरे नंबर पर 804 रेटिंग पॉइंट्स के साथ तिलक वर्मा हैं.
  • भारत की टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव 739 रेटिंग पॉइंट्स के साथ छठवें नंबर पर हैं.
  • आईसीसी टी20 बैटिंग रैकिंग्स में 10वें नंबर पर 673 रेटिंग पॉइंट्स के साथ यशस्वी जायसवाल हैं. इस खिलाड़ी को एशिया कप के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया है.

ICC मेन्स टी20 इंटरनेशनल बॉलिंग रैंकिंग्स

आईसीसी मेन्स टी20 इंटरनेशनल बॉलिंग रैंकिंग्स में भारत के तीन गेंदबाज शामिल हैं. इन तीन में से दो खिलाड़ियों को एशिया कप के लिए भारतीय स्क्वाड में शामिल किया गया है.

  • आईसीसी टी20 बॉलिंग रैंकिंग्स में नंबर 4 पर 704 रेटिंग पॉइंट्स के साथ वरुण चक्रवर्ती हैं. वरुण को एशिया कप के लिए चुनी गई 15 सदस्यीय टीम में रखा गया है.
  • टी20 बॉलिंग रैंकिंग्स में सातवें नंबर पर रवि बिश्नोई का नाम है. बिश्नोई 674 रेटिंग पॉइंट्स के साथ 7वें नंबर पर हैं.
  • अर्शदीप सिंह का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है. अर्शदीप 653 रेटिंग पॉइंट्स के साथ आईसीसी टी20 रैंकिंग्स में 10वें नंबर पर हैं.

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रूस के साथ जंग में मारे गए यूक्रेन के 17 लाख सैनिक, इस हैकर ग्रुप ने किया चौंकाने वाला दावा

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रूस के एक हैकर ग्रुप ने यूक्रेनी सेना के हेडक्वार्टर को ऑनलाइन हैक कर दस्तावेज चुराकर सोशल मीडिया पर लीक कर दिया है. हैकर ग्रुप ने जिन दस्तावेजों को लीक किया है, उससे पता चलता है कि फरवरी 2022 से लेकर अब तक यूक्रेन के 1.7 मिलियन यानी 17 लाख सैनिक मारे गए हैं या लापता हैं. इनमें से बड़ी संख्या में सैनिकों की उम्र 19-24 वर्ष है. यूक्रेन के जनरल स्टाफ की तरफ से इस लीक दस्तावेज पर कोई बयान सामने नहीं आया है.

खास बात है कि फरवरी 2022 यानी जब से रूस और यूक्रेन में जंग शुरू हुई है, दोनों देशों ने अपने-अपने मरने वाले सैनिकों का आंकड़ा कभी साझा नहीं किया है, न ही नागरिकों के हताहत होने की कोई संख्या जारी की. ये बात जरूर है कि दोनों देश, एक दूसरे को पहुंचाए नुकसान का आंकड़ा जरूर जारी करते रहते हैं.

रूसी राष्ट्रपति ने मरने वालों को लेकर किया था दावा

करीब एक साल पहले, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ये जरूर कहा था कि रूस और यूक्रेन के सैनिकों के मारे जाने का अनुपात 1:10 का है. यानी अगर रूस का एक सैनिक मारा गया तो यूक्रेन के मारे गए सैनिकों की संख्या 10 है. वहीं यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय का दावा है कि अब तक रूस के 10 लाख से ज्यादा सैनिक मारे जा चुके हैं, लेकिन इस आंकड़े को रूस तो एक सिरे से खारिज करता ही है, अमेरिका भी ज्यादा भरोसा नहीं जताता है.  

इस साल के शुरुआत में संयुक्त राष्ट्र से जुड़ी एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि पिछले तीन साल में रूस-यूक्रेन जंग में करीब 25 लाख घर तबाह हुए हैं और 17.60 हजार करोड़ डॉलर यानी 15 लाख करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है.

युद्धग्रस्त यूक्रेन पर आरडीएनए रिपोर्ट 

संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने वर्ल्ड बैंक, यूरोपीय संघ (ईयू) और यूक्रेन की सरकार की मदद से युद्धग्रस्त यूक्रेन पर रैपिड डैमेज एंड नीड एस्सेमेंट (आरडीएनए) नाम की एक रिपोर्ट रिलीज की थी. रिपोर्ट के मुताबिक, टैंक, मिसाइल और तोप के गोलों से पूरी तरह तबाह हो चुके यूक्रेन के पुनर्बहाली और पुनर्निर्माण में अगले एक दशक में 52.40 हजार करोड़ डॉलर (करीब 46 लाख करोड़) से अधिक खर्च होने का अनुमान है. ये आकलन, संयुक्त राष्ट्र ने युद्ध के कारण हुए नुकसान के बाद लगाया है.

यूक्रेन के कुल 13 प्रतिशत घर तबाह

यूएन की रिपोर्ट के मुताबिक, जंग के कारण यूक्रेन के रिहायशी इलाके, ट्रांसपोर्ट, ऊर्जा, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री और शैक्षणिक संस्थानों को जबरदस्त नुकसान हुआ है. यूक्रेन के करीब 25 लाख घर ही अकेले तबाह हो गए हैं. यानी यूक्रेन के 13 प्रतिशत घर नष्ट हो चुके हैं. साथ ही ऊर्जा क्षेत्र में 93 प्रतिशत नुकसान हुआ है. जिन बेहद अहम एनर्जी सेक्टर को नुकसान हुआ है, उसमें पावर जेनरेशन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल है. 

रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध की विभीषिका में सबसे ज्यादा बुजुर्ग और दिव्यांग लोग हुए हैं. फरवरी 2022 यानी जब से रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण किया था, तब से लेकर दिसंबर 2024 तक युद्ध के कारण तीन लाख से ज्यादा लोग दिव्यांग हो चुके हैं. ये तीन लाख वे लोग हैं, जो जंग में घायल हुए हैं.

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5 ऑस्कर जीतने वाली ‘विकेड’ को दो पार्ट में क्यों बनाया गया? हॉलीवुड एक्ट्रेस ने बताया राज

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2024 में आई फिल्म ‘विकेड’ ने 5 ऑस्कर पुरस्कार अपने नाम किए थे. लंबे इंतजार के बाद अब इसका दूसरा पार्ट जल्द ही रिलीज होने जा रहा है. इसमें ऑस्कर विजेता अभिनेत्री मिशेल यो भी हैं. उन्होंने बताया कि क्यों इस फिल्म को दो पार्ट में बनाया गया है. इस स्टोरी में जानिए क्या है पूरा माजरा. 

क्यों दो भाग में बनाई गई ये फिल्म? 
‘विकेड 2’ में ओज़ की चुड़ैलों की उत्पत्ति की कहानी दिखाई गयी है. ‘पीपल’ मैगजीन की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें सिंथिया एरिवो, एरियाना ग्रांडे, जेफ गोल्डब्लम और जोनाथन बेली भी हैं. मिशेल यो ने पीपल मैगजीन को बताया कि , ‘हमने ‘विकेड’ और ‘विकेड: फॉर गुड’ एक ही समय पर शूट की थी.’

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि फ्रैंचाइजी के वितरक और निर्माता, यूनिवर्सल पिक्चर्स, बहुत बहादुर थे. मिशेल यो ने आगे कहा, ‘यह काफी हद तक म्यूजिकल जैसा ही है. पहला पार्ट, फिर ब्रेक, और फिर दूसरा पार्ट.  मुझे लगता है कि इस बारे में चर्चा हुई थी कि शायद हमें इसे एक साथ (समेट कर) रखना चाहिए. लेकिन अंतत: टीम ने कहानी को और विस्तार देने का फैसला किया.  इसलिए ये दो पार्ट में आई.’

फिल्म की एक्ट्रेस ने आगे बताया इसमें बहुत सारी और बारीकियां हैं जो कहानी के साथ जोड़ी गई हैं और इसे पर्दे पर उतारने की भरपूर कोशिश की गई है. ‘विकेड वन’ देखने के बाद आपको लगता है, मैंने एक पूरी फिल्म देख ली है, लेकिन इसमे आगे क्या होने वाला है, इसके बारे में मैं और जानना चाहती हूं. आपको बता दें, ‘विकेड’ के निर्देशक जॉन एम. चू हैं और इसके निर्माता मार्क प्लैट हैं. 


मिशेल यो के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स 
यो ने ये भी बताया कि फिल्म की कास्ट शूटिंग और प्रमोशन के दौरान एक-दूसरे के करीब रहे हैं. ‘विकेड: फॉर गुड’ 21 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. ‘एवरीथिंग एवरीवेयर ऑल एट वन्स’ स्टार कहती हैं कि उनके बीच ग्रुप चैट होती है, लेकिन मैं आमतौर पर व्यक्तिगत चैट करना पसंद करती हूं. यो की आने वाली फिल्म की बात करें तो इसमें ‘अवतार’ का सीक्वल शामिल है. इसके अलावा, वो ‘ने झा 2’ के अंग्रेजी वर्जन में भी हैं. इसमें उन्होंने लेडी यिन की आवाज दी है. यह फिल्म 22 अगस्त को अमेरिकी सिनेमाघरों में रिलीज होगी.



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GST रिफॉर्म के ऐलान के बाद लगातार छठे दिन तेजी, सेंसेक्स 82000 पार, कल कैसी होगी बाजार की चाल?

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Stock Market News: जीएसटी रिफॉर्म के ऐलान के बाद लगातार छठे दिन गुरुवार को घरेलू बाजार में तेजी देखी गई. बीएसई पर 30 अंकों वाला सेंसेक्स 143 अंक ऊपर चढ़कर 82,000 अंक के स्तर को पार कर गया. मुख्य रूप से आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में लिवाली से बाजार में तेजी रही. सीमित कारोबार में 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 142.87 अंक यानी 0.17 प्रतिशत चढ़कर 82,000.71 अंक पर बंद हुआ. कारोबार के दौरान, एक समय यह 373.33 अंक तक चढ़ गया था. सेंसेक्स के 14 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 16 में गिरावट रही.

शेयर बाजार में मजबूती

पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 33.20 अंक यानी 0.13 प्रतिशत बढ़कर 25,083.75 अंक पर बंद हुआ. सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फिनसर्व, आईसीआईसीआई बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख रूप से लाभ में रहीं. दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में पावर ग्रिड, इटर्नल, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अदाणी पोर्ट्स शामिल हैं. बाजार विशेषज्ञों ने कहा कि प्रस्तावित जीएसटी सुधारों और हाल ही में एसएंडपी द्वारा रेटिंग बढ़ाये जाने से निवेशकों का विश्वास बढ़ाया है.

जीएसटी दरों को युक्तिसंगत बनाने पर राज्यों के मंत्रियों के समूह ने केंद्र के पांच और 18 प्रतिशत की दो-स्लैब संरचना अपनाने के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है. जीएसटी परिषद अगले महीने इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला ले सकती है. वर्तमान में, माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की चार स्तरीय संरचना… 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत है. खाद्य पदार्थों पर या तो शून्य या पांच प्रतिशत कर लगता है, जबकि विलासिता और अहितकर वस्तुओं पर 28 प्रतिशत कर लगता है.

यूरोपीय बाजार में गिरावट

निवेशकों का ध्यान जैक्सन हॉल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख जेरोम पावेल के बयान पर भी है. एशिया के अन्य बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त में रहे, जबकि जापान का निक्की और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए.

यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख रहा. अमेरिका के ज्यादातर बाजार बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुए थे. शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 1,100.09 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,806.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे. वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.90 प्रतिशत चढ़कर 67.44 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. छह दिनों की तेजी में सेंसेक्स 1,765 अंक यानी 2.14 प्रतिशत और निफ्टी 596 अंक यानी 2.4 प्रतिशत चढ़ चुका है.

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डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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