विराट-धोनी नहीं, ये हैं दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेटर; देखें टॉप-5 की लिस्ट

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दुनिया में क्रिकेट सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक बड़ा इंडस्ट्री बन चुका है. कई क्रिकेटर खेल के साथ-साथ ब्रांड एंडोर्समेंट और बिजनेस वेंचर्स के जरिए करोड़ों की कमाई कर रहे हैं. इस लिस्ट में भारत के तीन दिग्गज खिलाड़ी शामिल हैं जिनकी नेटवर्थ 100 मिलियन डॉलर से भी ज्यादा है. आइए जानते हैं दुनिया के टॉप 5 सबसे अमीर क्रिकेटरों के बारे में –

1. सचिन तेंदुलकर

संपत्ति: 170 मिलियन डॉलर (लगभग 1400 करोड़ रुपये+)
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर इस लिस्ट में पहले स्थान पर हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी उनकी कमाई लगातार जारी है. वह मुंबई इंडियंस के मेंटोर हैं और उन्होंने कई खेल अकादमियों, रेस्टोरेंट्स और स्टार्टअप्स में निवेश किया हुआ है.

2. विराट कोहली

संपत्ति: 127 मिलियन डॉलर (लगभग 1050 करोड़ रुपये+)
दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट ब्रांड में शामिल विराट कोहली दूसरे स्थान पर हैं. क्रिकेट कॉन्ट्रैक्ट्स के अलावा वह अपने फिटनेस और फैशन ब्रांड्स (Rogue, One8), विज्ञापन और रियल एस्टेट से भी बड़ा मुनाफा कमा रहे हैं. उनके पास मुंबई और गुरुग्राम में करोड़ों की प्रॉपर्टी है.

3. एमएस धोनी

संपत्ति: 123 मिलियन डॉलर (लगभग 1000 करोड़ रुपये+)
भारत के सबसे सफल कप्तानों में शुमार एमएस धोनी इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं. क्रिकेट के अलावा खेती, जिम चेन, प्रोडक्शन कंपनी और टेक स्टार्टअप्स में भी उन्होंने निवेश किया है. चेन्नई सुपर किंग्स में उनकी हिस्सेदारी भी है.

4. रिकी पोंटिंग

संपत्ति: 70 मिलियन डॉलर (लगभग 580 करोड़ रुपये+)
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने रिटायरमेंट के बाद कोचिंग और कमेंट्री से अपना करियर जारी रखा. वह आईपीएल में पंजाब किंग्स के कोच रह चुके हैं और टीवी व डिजिटल मीडिया के जरिए अच्छी-खासी आमदनी कर रहे हैं.

5. ब्रायन लारा

संपत्ति: 60 मिलियन डॉलर (लगभग 500 करोड़ रुपये+)
वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज ब्रायन लारा पांचवें स्थान पर हैं.वह कमेंट्री, कोचिंग और ब्रांड एंडोर्समेंट से लगातार सक्रिय हैं. लारा आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के कोच भी रह चुके हैं.

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मस्क ने कहा था Snake, ताशकंद से आए अमेरिका… कौन हैं सर्जियो गोर, जिन्हें ट्रंप ने बनाया भारत

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (22 अगस्त,2025) को ऐलान किया कि ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) में जन्मे और वर्तमान में व्हाइट हाउस के प्रमुख अधिकारी सर्जियो गोर को भारत का नया राजदूत नियुक्त किया जाएगा.

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर गोर की तारीफ करते हुए लिखा- ‘दुनिया के सबसे अधिक जनसंख्या वाले क्षेत्र के लिए मेरे पास ऐसा व्यक्ति होना जरूरी है, जिस पर मैं पूरी तरह भरोसा कर सकूं. सर्जियो मेरे कई वर्षों के करीबी मित्र रहे हैं और वे एक शानदार राजदूत साबित होंगे.’

सबसे युवा राजदूत होंगे सर्जियो गोर

सर्जियो गोर की उम्र 39 साल है. वह भारत में नियुक्त होने वाले सबसे युवा अमेरिकी राजदूत होंगे. वह डेमोक्रेटिक नेता एरिक गार्सेटी की जगह लेंगे, जो बाइडेन प्रशासन के बाद कैलिफोर्निया लौट गए थे. अगर सीनेट से पुष्टि मिलती है तो गोर भारत में राजदूत होने के साथ-साथ दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत (Special Envoy) भी होंगे. इस क्षेत्र में पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देश शामिल हैं, जहां अमेरिका के पास अभी पूर्णकालिक राजदूत नहीं हैं.

ट्रंप के कई काम संभालते हैं गोर

गोर ट्रंप के लिए व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे थे. ट्रंप के अनुसार, गोर ने विभिन्न विभागों में लगभग 4,000 MAGA (America First) समर्थकों को भर्ती कराया. वे ट्रंप की राष्ट्रपति चुनाव अभियान टीम और सुपर PAC (Political Action Committee) का हिस्सा रहे, जो “Make America Great Again” आंदोलन को समर्थन देता था. उन्होंने ट्रंप की बेस्टसेलिंग किताबों को भी प्रकाशित किया. 

एलन मस्क ने सर्जियो गोर को कहा था ‘Snake’

जून 2025 में एलन मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में सर्जियो गोर को ‘Snake’ तक कह दिया था. यह टिप्पणी न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के बाद आई थी, जिसमें दावा किया गया था कि गोर ने अपनी स्थायी सुरक्षा मंजूरी  के लिए जरूरी दस्तावेज पूरे नहीं किए थे. उस समय गोर व्हाइट हाउस प्रेसीडेंशियल पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर थे और हजारों कार्यकारी शाखा कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच की देखरेख कर रहे थे.

क्या सर्जियो गोर का भारत से कोई जुड़ाव?

सर्जियो गोर का भारत से अब तक कोई प्रत्यक्ष जुड़ाव या काम नहीं रहा है. उनका जन्म ताशकंद, उज़्बेकिस्तान में हुआ था, जब वह सोवियत संघ का हिस्सा था. 1999 में 12 साल की उम्र में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका आ गए. उनके पिता यूरी गोरोकहोव्स्की सोवियत सैन्य विमानों के डिजाइन पर काम करने वाले एक एविएशन इंजीनियर थे. उनकी मां इजरायली मूल की बताई जाती हैं.

गोर ने कहां से की पढ़ाई-लिखाई?

गोर का परिवार अमेरिका के लॉस एंजिलिस में बस गया, जहां उन्होंने पढ़ाई की. इसके बाद वे जॉर्ज वॉशिंगटन यूनिवर्सिटी (वॉशिंगटन डीसी) में पढ़ाई के लिए गए. छात्र जीवन से ही वे रिपब्लिकन राजनीति से जुड़े रहे. उन्होंने स्टीव किंग और मिशेल बाचमैन जैसे फार राइट विचारधारा वाले सांसदों के प्रवक्ता के रूप में काम किया. बाद में वह सीनेटर रैंड पॉल के स्टाफ में शामिल हुए और डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ बने.

कैसे ट्रंप के करीबी बने गोर?

सर्जियो गोर 2020 के चुनावों के दौरान ट्रंप की टीम से जुड़े और तेजी से MAGA आंदोलन के अहम चेहरे बन गए. वह ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित मार-ए-लागो एस्टेट के पास रहते थे. 2024 में ट्रंप की जीत के बाद उन्हें व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सोनल ऑफिस का डायरेक्टर बना दिया गया.

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Video: सेम रेट, लेकिन किसमें ज्यादा तेल, शीशी या पाउच? आंखें खोल देगा ये वायरल वीडियो

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Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति बोतल वाले बादाम तेल और पैकेट्स वाले बादाम तेल की आपस में तुलना करता है और साथ ही साथ वीडियो में दावा किया गया है कि बोतल वाला बादाम का तेल खरीदने से ज्यादा फायदा पैकेट्स वाला तेल खरीदना है. यह वीडियो न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि ग्राहक के साथ धोखा क्यों हो रहा है? आइए इस वीडियो और घटना के बारे में विस्तार से जानते हैं.

देखें एक अनोखे प्रयोग का वीडियो

वीडियो में एक युवक 465 रुपये के बादाम तेल की बोतल को और 465 रुपये के बादाम तेल के पैकेट्स की आपस में तुलना करता है कि क्या खरीदने में ज्यादा फायदा है. वीडियो की शुरुआत में वह बोतल और पैकेट्स को दिखाता है और फिर धीरे-धीरे वह पैकेट्स को खोलकर तेल को बोतल में डालता है.

युवक वजन मशीन पर एक बीकर रखता है, फिर सारा  पैकेट्स का तेल उसमें डालता है.उसके बाद युवक वीडियो में ये दावा करता है कि एक बोतल खरीदने से ज्यादा फायदा पैकेट वाले तेल को खरीदने में है. साथ ही साथ वह दोनों की क्वालिटी को भी एक समान बताने का दावा करता है.

वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई

वीडियो में दावा किया गया है कि बोतल वाले तेल को खरीदने से ज्यादा फायदेमंद पैकेट्स वाले तेल को खरीदना है. वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों ने अलग-अलग प्रकार की प्रतिक्रियाएं दी है. कुछ लोग इस प्रयोग को लेकर हैरानी व्यक्त कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसकी उपयोगिता पर सवाल उठा रहे हैं.

यह वीडियो न सिर्फ एक अनोखा प्रयोग दिखाता है, बल्कि यह हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि आखिर इस तरह के प्रयोगों का मकसद क्या है. लोगों की प्रतिक्रियाएं और मांगे दिखाती हैं कि वे इस वीडियो को लेकर अलग-अलग राय रखते हैं. 

नोट- वायरल वीडियो में शख्स ने जो दावा किया है, एबीपी न्यूज़ उसकी पुष्टि नहीं करता है.


50-50MP के दो कैमरा और दमदार बैटरी के साथ अगले हफ्ते लॉन्च होगा वीवो का यह फोन, जानें कीमत

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अगर आप नया एंड्रॉयड स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं तो अगले हफ्ते मार्केट में आपके लिए एक नया ऑप्शन लॉन्च होने जा रहा है. दरअसल, 26 अगस्त को Vivo T4 Pro भारत में दस्तक दे देगा. मिड रेंज बजट सेगमेंट में आने वाला यह फोन दमदार बैटरी और कई शानदार फीचर्स से लैस होने वाला है. इतना ही नहीं, इसमें दो 50MP के कैमरे मिलेंगे. यह पिछले साल लॉन्च हुए Vivo T3 Pro का सक्सेसर है. एक नजर डाल लेते हैं कि इस फोन में क्या-क्या फीचर मिलने वाले हैं और यह किस फोन को टक्कर देगा. 

Vivo T4 Pro के बारे में सामने आई ये जानकारी

रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फोन में 6.77 इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले दिया जाएगा, जो 20Hz हाई रिफ्रेश रेट और 1.5K रेजॉल्यूशन सपोर्ट के साथ आएगा. इसे Snapdragon 7 Gen 3 प्रोसेसर के साथ लॉन्च किया जा सकता है, जिसे 8GB रैम और 256GB स्टोरेज के साथ पेयर किया जाएगा. इसमें AI इरेज, AI इमेज इनहैंस और AI कॉल ट्रांसलेशन समेत कई AI फीचर्स से लैस किया जा सकता है.

दमदार होगी बैटरी और कैमरा कैपेबिलिटीज

यह फोन 6500mAh की दमदार बैटरी के साथ आएगा. यह बैटरी यूजर की गेमिंग से लेकर एंटरटेनमेंट तक, सब जरूरतों का ध्यान रखेगी. कैमरा की बात करें इसमें शानदार सेटअप मिलने वाला है. इसके रियर में ट्रिपल-कैमरा सेटअप होगा, जिसमें दो 50-50MP के लेंस होंगे. इसका 50 MP का प्राइमरी कैमरा OIS सेंसर के साथ आएगा. वहीं 50MP का टेलीफोटो पेरिस्कोप लेंस 3x जूम ऑफर करेगा. तीसरे लेंस की अभी तक जानकारी नहीं मिली है. फ्रंट में इसे 32MP कैमरा से लैस किया जा सकता है. 

क्या रह सकती है कीमत?

इस फोन को 26 अगस्त को दोपहर 12 बजे होने वाले इवेंट में लॉन्च किया जाएगा. इसकी आधिकारिक कीमत सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि इसे 25,000-30,000 की रेंज में लॉन्च किया जा सकता है. 

किस फोन से होगी टक्कर?
 
वीवो को अपकमिंग फोन MOTOROLA Edge 60 Pro को टक्कर देगा. मोटोरोला का यह फोन 6.7 इंच डिस्प्ले के साथ आता है और इसमें डायमेंसिटी 8350 प्रोसेसर दिया गया है. कैमरा फ्रंट पर इनकी टक्कर मजेदार होगी. वीवो की तरह मोटोरोला स्मार्टफोन में 50MP + 50MP + 10MP का रियर कैमरा सेटअप आता है. इसका फ्रंट कैमरा भी 50MP का है. फ्लिपकार्ट पर यह फोन 29,999 रुपये में उपलब्ध है. 

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Vamana Jayanti 2025: भाद्रपद माह में कब है वामन जयंती, भगवान विष्णु को क्यों लेना पड़ा यह अवतार

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वामन जयंती गुरुवार, 4 सितंबर 2025 को मनाई जाएगी. पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने की शुक्ल पक्ष की 12वीं तिथि को वामन जयंती का पर्व मनाया जाता है. इसे वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है. मान्यता है कि इसी तिथि में भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया था. यह भगवान विष्णु का पांचवा अवतार है.

धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान विष्णु के वामन रूप की पूजा करने से समस्त बुरे कर्मों का नाश होता है और पुण्य फल में वृद्धि होती है. भगवान विष्णु ने धर्म और सृष्टि की रक्षा के लिए कई अवतार लिए, जिसमें वामन अवतार भी एक हैं. विष्णुजी के इस अवतार का विस्तृत वर्णन श्रीमद् भागवत पुराण और विष्णु पुराण में भी मिलता है. आइए जानते हैं आखिर भगवान विष्णु को यह अवतार क्यों लेना पड़ा.

  • वामन जयंती तिथि- गुरुवार, 4 सितंबर 2025
  • द्वादशी तिथि प्रारंभ- 4 सितंबर, सुबह 4 बजकर 20 मिनट से
  • द्वादशी तिथि समाप्त- 5 सितंबर, सुबह 4 बजकर 10 मिनट तक

भगवान विष्णु को क्यों लेना पड़ा वामन अवतार?

  • शास्त्र और पुराणों में ऐसा उल्लेख मिलता है कि, भगवान विष्णु के वामन अवतार का उद्देश्य राक्षस बलि की बढ़ती शक्तियों को नियंत्रित करके देवताओं को इंद्रलोक वापिस कराना और धर्म का पुनर्स्थापन करना था. इसके संदर्भ में कथा भी प्रचलित है.
  • भगवान विष्णु ने देवों की रक्षा के लिए वामन रूप लिया. इस रूप में भगवान ने एक बौने ब्राह्मण का रूप धरा और अपनी माया से उन्होंने बलि से भिक्षा में तीन पग भूमि मांगी.
  • वामन अवतार में श्रीहरि ने पहले पग में पूरी पृथ्वी, दूसरे पग में स्वर्ग नाप लिए जब तीसरे पग के लिए कुछ नहीं बचा तो बलि ने अपना सिर अर्पण कर दिया.
  • इस प्रकार भगवान का यह अवतार और उनकी माया न्याय, धर्म और संविदा के संरक्षण को भी दर्शाती है.

वामन जयंती पर क्या करते हैं

वामन जयंती के दिन भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है. कई लोग इस दिन फलाहार या सात्विक उपवास भी रखते हैं. इस दिन पशुओं को अन्न और दही खिलाना शुभ माना जाता है. विष्णु जी को प्रसन्न कर उनका आशीर्वाद पाने के लिए भक्त पूजा पाठ के साथ ही मंत्रों का जाप और विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र का पाठ भी करते हैं.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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बेटे का पासपोर्ट था एक्सपायर! टर्मिनल पर मासूम को छोड़ हनीमून मनाने चला गया कपल- भड़क गए यूजर्स

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बच्चे और औलाद की फिक्र अगर सबसे ज्यादा किसी को होती है तो वो हैं मां बाप. अगर एक पल के लिए बच्चा अपनी मां की आंखों से ओझल हो जाए तो उसकी जान निकल जाती है. खासकर सफर में मां बाप अपने बच्चों को लेकर ज्यादा पजेसिव होते हैं, लेकिन बर्सिलोना के एक हवाई अड्डे पर जो हुआ वो एक दम अलग था और चौंका देने वाला था. जहां एक कपल ने अपने बच्चे को एयरपोर्ट पर सिर्फ इसलिए अकेला छोड़ दिया क्योंकि आगे जाने के लिए उसका पासपोर्ट वैध नहीं था. सोशल मीडिया पर अब ये मामला तेजी से वायरल हो रहा है.

पालपोर्ट एक्सपायर होने पर एयरपोर्ट पर बच्चे को अकेला छोड़ गया कपल

स्पेन के बार्सिलोना एयरपोर्ट से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहां एक दंपति ने अपने 10 साल के बेटे को एयरपोर्ट टर्मिनल पर अकेला छोड़ दिया क्योंकि उसके पासपोर्ट की वैधता खत्म हो चुकी थी, जबकि वे अपने छोटे बेटे के साथ छुट्टियां मनाने मोरक्को के कैसाब्लांका रवाना हो गए. यह घटना तब सामने आई जब एयरपोर्ट पर एक छोटा बच्चा अकेला भटकता मिला और उसने बताया कि उसके माता-पिता उसे छोड़कर उड़ान में चले गए हैं. जांच करने पर पता चला कि माता-पिता ने जानबूझकर बच्चे को वहीं छोड़ दिया था क्योंकि उसके पास नया पासपोर्ट या वीजा नहीं था और उन्होंने एक रिश्तेदार को बुलाया था कि वो बाद में आकर बच्चे को ले जाए.

पुलिस ने रुकवाई फ्लाइट

पुलिस ने फ्लाइट को तुरंत रोकने के निर्देश दिए और माता-पिता से पूछताछ की, जिन्होंने इसे एक सामान्य बात बताया लेकिन अब उन पर बच्चे को अकेला छोड़ने और फ्लाइट में देरी करने का आरोप लगा है. यह मामला अब सोशल सर्विस और स्पेनिश सिविल गार्ड के पास है, जो जांच के बाद यह तय करेंगे कि माता-पिता पर क्या कार्रवाई होगी. सोशल मीडिया पर मामला वायरल है और यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स ने निकाली भड़ास, सुना दी खरी खोटी

सोशल मीडिया पर जैसे ही ये मामला वायरल हुआ इसे लाखों बार पढ़ा गया और कई लोगों ने इसे लेकर अपने विचार भी रखे. एक यूजर ने लिखा…इस तरह के मां बाप के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. एक और यूजर ने लिखा…ये इस बच्चे के मां बाप हो ही नहीं सकते. हनीमून पर जाने के लिए बच्चे को एयरपोर्ट पर अकेला छोड़ दिया. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ये मां बाप नहीं बल्कि मां बाप के रूप में हैवान हैं जिन्हे अपने बच्चे से ज्यादा हनीमून मनाने की पड़ी है.

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GATE 2026 की लिए शुरू होने जा रही आवेदन प्रक्रिया, जानें परीक्षा की तारीखें, ऐसे करें रजिस्ट्रे

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इंजीनियरिंग और साइंस के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. आईआईटी गुवाहाटी ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग (GATE 2026) की आधिकारिक सूचना जारी कर दी है. इस परीक्षा के जरिए इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, विज्ञान, वास्तुकला और मानविकी जैसे विषयों में पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी प्रोग्राम्स में दाखिला मिलता है. उम्मीदवार 25 अगस्त 2025 से आवेदन कर सकेंगे और आखिरी तारीख 25 सितंबर 2025 होगी.

गेट 2026 परीक्षा 7, 8, 14 और 15 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी. परीक्षा दो शिफ्टों में होगी. पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से 12:30 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से 5:30 बजे तक. उम्मीदवार 2 जनवरी 2026 से एडमिट कार्ड डाउनलोड कर पाएंगे. वहीं स्कोरकार्ड 27 मार्च से 31 मई 2026 तक मुफ्त में उपलब्ध रहेंगे.

नया पेपर शामिल

इस बार गेट परीक्षा में एक खास बदलाव किया गया है. इंजीनियरिंग साइंस (XE) के अंतर्गत एनर्जी साइंस का नया पेपर जोड़ा गया है. हालांकि कुल परीक्षा पत्रों की संख्या 30 ही रहेगी. परीक्षा का स्वरूप पहले की तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) रहेगा.

इतना देना होगा आवेदन शुल्क

गेट 2026 में आवेदन शुल्क श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग रखा गया है. महिला उम्मीदवारों, एससी, एसटी और दिव्यांग वर्ग के लिए सामान्य अवधि में शुल्क 1000 रुपये और विस्तारित अवधि में 1500 रुपये होगा. अन्य सभी उम्मीदवारों के लिए सामान्य अवधि में 2000 रुपये और विस्तारित अवधि में 2500 रुपये निर्धारित किए गए हैं. शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम जैसे डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और UPI से ही किया जा सकेगा.

आवेदन प्रक्रिया कैसे करें?

  • उम्मीदवार सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट gate2026.iitg.ac.in पर जाएं.
  • इसके बाद “रजिस्ट्रेशन” पर क्लिक करें और अपना नाम, ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें.
  • फिर पंजीकरण के बाद लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त होगा.
  • अब लॉगिन करके आवेदन फॉर्म खोलें और उसमें अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, पता, शैक्षिक योग्यता और परीक्षा केंद्र का चुनाव भरें.
  • इसके बाद पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और आवश्यक दस्तावेज (जैसे कैटेगरी सर्टिफिकेट या दिव्यांग सर्टिफिकेट) अपलोड करें.
  • अब ऑनलाइन माध्यम से आवेदन शुल्क का भुगतान करें.
  • फिर सभी डिटेल्स चेक करने के बाद आवेदन फॉर्म सबमिट कर दें.

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क्या 5 साल बाद भारत में वापस आ रही TikTok? मिलने लगे हैं संकेत, जानें पूरा मामला

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क्या शॉर्ट वीडियो ऐप TikTok भारत में वापसी की तैयारी कर रही है? कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जिनसे यह कयास लगाया जाने लगा है कि एक समय बेहद पॉपुलर रही TikTok करीब 5 साल बाद भारत में वापस आ सकती है. दरअसल, शुक्रवार को भारत में कई यूजर्स के लिए टिकटॉक की वेबसाइट एक्सेसिबल रही. हालांकि सरकारी सूत्रों ने कहा कि वेबसाइट को अनब्लॉक करने के लिए आधिकारिक तौर पर कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है. कंपनी ने भी इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है.

ऐप अवेलेबन नहीं

सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने टिकटॉक की वेबसाइट एक्सेसिबल होने की बात कही है, वहीं कुछ का कहना है कि वो इसे एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं. कई यूजर्स ने कहा कि वो वेबसाइट के होम पेज से आगे नहीं जा पाए. वहीं अभी तक टिकटॉक ऐप भी गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर पर अवेलेबल नहीं हुई है. वेबसाइट एक्सेस होने के बाद लोगों के मन में यह सवाल आया कि क्या यह चाइनीज ऐप फिर से भारतीय यूजर्स के लिए उपलब्ध हो सकती है. हालांकि, अभी तक सरकार ने इससे बैन नहीं हटाया है.

5 साल पहले बैन हुई थी टिकटॉक

करीब 5 साल पहले चीन के साथ सीमा पर हुए तनाव को लेकर भारत सरकार ने टिकटॉक समेत कई चाइनीज ऐप्स को बैन कर दिया था. उस समय सरकार ने कहा था कि ये ऐप्स भारत की संप्रुभता, एकता, सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए खतरा है. 

अमेरिका में भी बैन है टिकटॉक

भारत की तरह अमेरिका में भी टिकटॉक बैन है. हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि अमेरिकी बायर इस ऐप को खरीदने के लिए तैयार है. दरअसल, अमेरिका ने राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होने की बात कहते हुए इस ऐप को बैन कर दिया था. ट्रंप का कहना है कि कोई अमेरिकी व्यक्ति इसके अमेरिकी ऑपरेशन को खरीदकर टिकटॉक को संचालित कर सकता है.

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टैरिफ वॉर के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा फैसला, सर्जियो गोर को बनाया भारत में अमेरिका का राजदूत

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भारत के साथ टैरिफ वॉर के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा फैसला किया है. ट्रंप ने अपने विश्वासपात्रों में शामिल सर्जियो गोर को भारत में अमेरिका का अगला राजदूत नियुक्त किया है. इसके साथ-साथ गोर को साउथ एंड मिडिल ईस्ट एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत की जिम्मेदारी भी सौंपी है. ट्रंप ने यह फैसला भारत पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ के बीच किया है. 

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, ‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि मैं सर्जियो गोर को भारत हमारा अगला अमेरिकी राजदूत और दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के लिए विशेष दूत नियुक्त कर रहा हूं. सर्जियो और उनकी टीम ने रिकॉर्ड समय में हमारी संघीय सरकार के विभागों में 4,000 से अधिक अमेरिका फर्स्ट पैट्रियट्स की नियुक्ति की है. वे मेरे एजेंडे को आगे बढ़ाने और अमेरिका को फिर से महान बनाने में मदद करेंगे.’

सर्जियो गोर लंबे समय से ट्रंप परिवार के करीबी सहयोगी रहे हैं. उन्होंने डोनाल्ड ट्रंप जूनियर के साथ Winning Team Publishing की सह-स्थापना की थी. इसके तहत राष्ट्रपति ट्रंप की दो किताबें प्रकाशित हुईं. इसके अलावा उन्होंने ट्रंप के अभियानों को समर्थन देने वाले सबसे बड़े सुपर पीएसी में से एक का संचालन किया. ट्रंप ने गोर की तारीफ करते हुए कहा कि सर्जियो एक बेहतरीन दोस्त और सहयोगी हैं, जो मेरे चुनावी अभियानों से लेकर प्रकाशन तक हर कदम पर साथ रहे. वे इस क्षेत्र के लिए शानदार राजदूत साबित होंगे.

भारत का राजदूत बनाए जाने पर क्या बोले सर्जियो गोर?

भारत के लिए अगला राजदूत नामित होने पर सर्जियो गोर ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने X पर लिखा कि अमेरिका का भारत में प्रतिनिधित्व करना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान होगा. इस प्रशासन के महान कामों के जरिए अमेरिकी लोगों की सेवा करने से ज्यादा मुझे किसी चीज पर गर्व नहीं. उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप के अविश्वसनीय विश्वास और भरोसे के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह उनके करियर का मील का पत्थर है.

ट्रंप के विश्वासपात्र हैं सर्जियो गोर

ट्रंप प्रशासन में गोर ने सीनियर अधिकारियों की नियुक्ति प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. हाल ही में वे नासा प्रमुख के लिए अरबपति जेरेड इसाकमैन के नामांकन की प्रक्रिया में भी शामिल थे. गोर को एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जाना जाता है जो प्रशासनिक ढांचे को ट्रंप के विजन के अनुरूप ढालने में सक्षम रहे हैं.

फिलहाल भारत में कौन है US का राजदूत?

सर्जियो गोर एरिक गार्सेटी के उत्तराधिकारी होंगे, जिन्होंने 11 मई 2023 से 20 जनवरी 2025 तक भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में सेवा दी. उनसे पहले केनेथ जस्टर (2017–2021) ने यह पद संभाला था. गार्सेटी के कार्यकाल समाप्त होने के बाद से भारत में अमेरिकी दूतावास का नेतृत्व जॉर्गन के. एंड्रयूज कर रहे थे, जिन्होंने 20 जनवरी 2025 को कार्यभार संभाला. अब गोर की नियुक्ति को सीनेट से मंजूरी मिलना बाकी है. तब तक वे व्हाइट हाउस में अपनी मौजूदा भूमिका निभाते रहेंगे.

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IDBI Bank बिकने को तैयार – करोड़ों की Deal आखिरी मोड़ पर! | Paisa Live

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IDBI Bank का विनिवेश अब आखिरी पड़ाव पर है। सरकारी और LIC की 60.72% हिस्सेदारी को खरीदने के लिए दिग्गज कंपनियों ने अपनी जांच-पड़ताल लगभग पूरी कर ली है। DIPAM सचिव अरुणेश चावला के बयान के बाद शेयरों में 8% से ज्यादा की उछाल देखी गई – जो साफ इशारा करता है कि ये डील अब फाइनल स्टेज पर है। ये मोदी सरकार की इस साल की सबसे अहम डील मानी जा रही है, जिससे ₹47,000 करोड़ के विनिवेश लक्ष्य को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी। The mega disinvestment of IDBI Bank is now in its final lap. Big financial players have nearly completed due diligence to buy the government & LIC’s 60.72% stake. Following DIPAM Secretary Arunesh Chawla’s update, IDBI shares surged over 8% intraday — a clear signal that the deal is close to closing. This disinvestment is a key pillar in Modi government’s ₹47,000 crore divestment target for FY25. With ₹20,000 crore already raised in Q1, the IDBI sale is expected to bring in a significant amount. Shareholders should watch this space closely!

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