नहीं वायरल हो रही थी रील, वीडियो बनाने के लिए ब्रिज से कूद गया शख्स, वीडियो वायरल

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सोशल मीडिया पर एक हैरान कर देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है . वीडियो में एक लड़का रील को वायरल करने के चक्कर में फ्लाइओवर से छलांग लगाता नजर आ रहा है . कूदने के बाद उसकी जो हालत हुई उसे देखकर लोगों का दिमाग घूम गया . ब्रिज से कूदने के बाद लड़का जमीन पर बुरी तरह तड़पता और दर्द से कराहता रहा . वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें लड़का दर्द से बुरी तरह तड़पता दिखाई दे रहा है.

रील वायरल करने के चक्कर में ब्रिज से कूदा लड़का

बताया जा रहा है कि युवक लगातार रील्स बनाता था लेकिन उसकी मेहनत पर उम्मीद के मुताबिक व्यूज नहीं आते थे . वीडियो वायरल न होने से वह बेहद निराश था . इसी बीच उसने कुछ अलग करने के लिए खतरनाक कदम उठाया और रील शूट करने के दौरान फ्लाइओवर से कूद गया . वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि लड़का ऊंचाई से छलांग लगाता है . नीचे गिरते ही वह जोर से जमीन पर टकराता है और बुरी तरह घायल हो जाता है . वहां मौजूद लोग घबरा जाते हैं और उसे संभालने की कोशिश करते हैं . लेकिन इस दौरान लड़के की हालत बेहद खराब हो जाती है और वह कराहता हुआ दिखाई देता है .

गिरते ही बुरी हो गई हालत

स्थानीय लोगों के मुताबिक युवक सोशल मीडिया पर फेमस होने का दीवाना था . कई बार उसके दोस्त उसे समझाते भी थे कि इस तरह के स्टंट उसकी जान ले सकते हैं . लेकिन वायरल होने की चाहत में उसने किसी की बात नहीं मानी . नतीजा यह हुआ कि आज खुद अपनी जिंदगी दांव पर लगा बैठा है .यह वीडियो सामने आते ही इंटरनेट पर हलचल मच गई है . एक तरफ लोग कह रहे हैं कि रील्स के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालना बिल्कुल बेवकूफी है . वहीं कुछ लोग ऐसे स्टंट रोकने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं .

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यूजर्स ने लगाई अक्ल ठिकाने

वीडियो को @inderjeetbarak नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…कैसे कैसे लोग हैं यार. एक और यूजर ने लिखा…इन लोगों को सबसे पहले उठाकर जेल में डालना चाहिए और रोज इतनी ऊंचाई से गिराना चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…वाह लाडले, तू तो बहादुर के साथ साथ मूर्ख भी निकला.

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करण जौहर ने अपने बेटे को बोला ‘नेपो बेबी’, तो मिला ऐसा जवाब कि बोलती हो गई बंद

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बॉलीवुड के पॉपुलर निर्माता–निर्देशक करण जौहर अक्सर ही किसी न किसी वजह से चर्चाओं में रहते हैं. हालांकि ज्यादातर समय लोग उन्हें नेपोटिज्म को लेकर काफी ट्रोल करते हैं. अब इसी को लेकर एक बार फिर सोशल मीडिया पर उनकी चर्चा हो रही है. 

वायरल हुआ करण जौहर के बेटे का वीडियो
करण जौहर अक्सर ही अपने बच्चों की तस्वीरें और विडियोज सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं. यूजर्स भी निर्माता के बच्चों की विडियोज को काफी पसंद करते हैं. हाल ही में उन्होंने बेटे यश का वीडियो अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर शेयर किया है. महज कुछ ही घंटों में इस वीडियो पर हजारों लोगों के लाइक और कमेंट आ चुके हैं.

इस वीडियो में करण जौहर के बेटे यश जौहर ब्लू कलर की टीशर्ट पहने नजर आ रहे हैं. जब वीडियो में करण जौहर अपने बेटे से पूछते हैं कि क्या वो नेपो बेबी हैं तो यश ने इसका काफी क्यूट जवाब दिया है.

यश ने कहा कि, ‘हां लेकिन मैं लॉन्च होना नहीं चाहता’. वीडियो शेयर करते हुए करण जौहर ने बताया कि ये टीशर्ट किसी ने उनके बेटे को गिफ्ट किया है लेकिन ये किसने किया यश ने उन्हें बताने से  मना किया है. वैसे तो अक्सर ही करण जौहर को नेपोटिज्म के लिए ट्रोल किया जाता है लेकिन इस बार उनके बेटे का ये क्यूट वीडियो यूजर्स को बहुत पसंद आ रहा है.


करण जौहर के अपकमिंग प्रोजेक्ट्स 
कुछ समय पहले करण जौहर अपने रियलिटी शो द ट्रेटर्स को लेकर सुर्खियां बटोर रहे थे. अब उनका ये शो खत्म हो चुका है. अब वो सनी संस्कारी की तुलसी कुमारी के प्रोडक्शन में बिजी थे जिसका आज रैप अप हो चुका है. इसके अलावा वो अनन्या पांडे की फिल्म चांद मेरा दिल में बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं. वो कार्तिक आर्यन की फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा मैं तेरा तो मेरी’ को भी प्रोड्यूस करेंगे. ये फिल्म अगले साल रिलीज होगी. 



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अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानियों को सता रहा देश से निकाले जाने का डर, जानें क्या है इसकी वजह

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अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर अमेरिकी-विरोधी या चरमपंथी पोस्ट की जांच शुरू किए जाने के कारण पाकिस्तान के छात्रों और अन्य वीजा धारकों में अनिश्चितता का माहौल है. मीडिया में शनिवार (23 अगस्त, 2025) को आई एक खबर में यह जानकारी दी गई.

इस व्यापक जांच प्रक्रिया के तहत अधिकारी अमेरिकी नागरिकों, संस्कृति, सरकार या संस्थानों के प्रति किसी भी प्रकार की शत्रुता के संकेत के लिए सोशल मीडिया गतिविधि की समीक्षा में जुटे हैं. जिसमें नियमों का उल्लंघन, राजनीतिक गतिविधि या अधूरे दस्तावेज भी उनके (पाकिस्तानी नागरिकों के) प्रवास को खतरे में डाल सकते हैं.

DHS को दी जा सकती है विरोध प्रदर्शनों की सूचना

पाकिस्तान के डॉन अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, यातायात उल्लंघन और परिसर में विरोध प्रदर्शनों की घटनाओं की सूचना अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS/Department of Homeland Security) को दी जा सकती है, जिससे पाकिस्तानी समुदाय में चिंता बढ़ रही है.

खबर के मुताबिक, उत्तरी वर्जीनिया में यातायात मामलों से जुड़ी एक अदालत के न्यायाधीश ने हाल में दो पाकिस्तानी छात्रों को सूचित किया कि अब अदालतों को यातायात उल्लंघनों के रिकॉर्ड DHS के साथ साझा करने होंगे. मैरीलैंड में बाल्टीमोर के एक छात्र यूनुस खान ने कहा, “हम शिकागो जाने की योजना बना रहे थे लेकिन हमें ऐसा न करने की सलाह दी गई. हम वीजा पर आए हैं और एक छोटी सी गलती भी वीजा रद्द होने का कारण बन सकती है.”

राजनीतिक शरण पाने वाले पाकिस्तानियों को ज्यादा चिंता

खबर के मुताबिक, पाकिस्तानी दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है और राजनीतिक गतिविधियों में सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है. फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में भाग लेने से पाकिस्तानी छात्र चिंतित हैं.

वहीं, बाल्टीमोर में रहने वाली समीना अली ने कहा, “हममें से कुछ लोग उन प्रदर्शनों में शामिल हुए थे और अब हमें नहीं पता कि हम रुक पाएंगे या फिर हमें निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है.” जबकि जॉर्ज मेसन विश्वविद्यालय के छात्र मोहम्मद साजिद ने कहा, “अंशकालिक नौकरी करना मुश्किल हो गया है.” राजनीतिक शरण पाने वाले पाकिस्तानियों को और भी ज्यादा चिंताएं हैं.

काफी लोग रजिस्टर्ड नहीं, इसलिए सटीक संख्या स्पष्ट नहीं- पाकिस्तानी दूतावास

वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास के अनुसार, 7,00,000 से 10 लाख पाकिस्तानी अमेरिका में रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर नागरिक हैं या फिर लंबे अरसे से देश में रह रहे हैं. दूतावास ने कहा कि चूंकि कई लोग आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं हैं, इसलिए सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है.

यह भी पढ़ेंः वाशिंगटन के बाद अब शिकागो पर ट्रंप की नजर! आखिर क्यों स्टेट को कमजोर दिखाना चाहते हैं अमेरिकी राष्ट्रपति?

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दिल्ली मेट्रो में आपका स्वागत है! सीट के लिए एक दूसरे के जमकर नोचे बाल- वीडियो देख सिर पीट लेंग

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दिल्ली मेट्रो एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार वजह कोई रोमांटिक वीडियो या अजीब हरकत नहीं, बल्कि दो महिलाओं के बीच हुई जोरदार मारपीट है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ दिखाई दे रहा है कि दो महिलाएं एक-दूसरे पर टूट पड़ीं और मामला बाल नोचने से लेकर धक्कामुक्की तक पहुंच गया. वीडियो इंटरनेट पर जमकर वायरल हो रहा है जिसे देखकर यूजर्स अपना सिर पीटने लगे हैं.

दिल्ली मेट्रो में गुत्थम गुत्था हुई महिलाएं

वीडियो में देखा जा सकता है कि मेट्रो की बोगी में एक महिला सीट पर लेटी हुई है और दूसरी महिला उसके ऊपर चढ़कर उसे दबाए हुए है. दोनों के बीच जमकर हाथापाई हो रही है. कभी एक दूसरी के बाल पकड़ती है तो कभी थप्पड़ मारने की कोशिश करती है. आसपास बैठे यात्री इस नजारे को देखकर हैरान रह जाते हैं. कई लोग बीच-बचाव करने के बजाय इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाने में व्यस्त दिखाई देते हैं.

घटना किस वजह से शुरू हुई, इसकी अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है. लेकिन सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के अंदाजे लगा रहे हैं. कुछ का कहना है कि यह झगड़ा किसी सीट को लेकर हुआ होगा, जबकि कुछ का मानना है कि मामला निजी दुश्मनी का भी हो सकता है.

दिल्ली मेट्रो में आए दिन होती हैं ऐसी घटनाएं

दिल्ली मेट्रो में इस तरह की घटनाएं नई नहीं हैं. आए दिन यहां यात्रियों के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की के वीडियो वायरल होते रहते हैं. कभी कपल्स का रोमांस चर्चा में आता है तो कभी यात्रियों की अजीब हरकतें. लेकिन इस बार मामला हिंसा तक पहुंच गया, जिससे यात्रियों में खौफ और नाराजगी दोनों देखने को मिली.वीडियो को लेकर यूजर्स तरह तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.

यूजर्स लेने लगे मजे

वीडियो को @gharkekalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…अरे दीदी समाप्त ही कर दोगी क्या आंटी को, छोड़ भी दो. एक और यूजर ने लिखा…यही वजह है कि मैं दिल्ली मेट्रो को इतना पसंद करता हूं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…वाह दीदी वाह, महफिल जमा दी मेट्रो में.

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Samsung के इस फोल्डेबल फोन पर मिल रही 55,000 रुपये से ज्यादा की छूट, जल्दी उठाएं मौके का फायदा

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अगर आप फोल्डेबल फोन के शौकीन हैं, लेकिन इनकी महंगी कीमत के कारण खरीद नहीं पा रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. सैमसंग का फोल्डेबल फोन Samsung Galaxy Z Fold 6 5G अब 50,000 रुपये से अधिक के डिस्काउंट के साथ बिक्री के लिए उपलब्ध है. 1,64,999 रुपये की असली कीमत वाला यह फोन अब 1,10,000 रुपये से भी कम में मिल रहा है. आइए इस फोल्डेबल फोन के फीचर और इस पर मिल रही डील के बारे में जानते हैं.

Samsung Galaxy Z Fold 6 5G के फीचर्स

इस फोन के फीचर्स की बात करें तो इसमें 6.3 इंच का आउटर डिस्प्ले और 7.6 इंच की फोल्डेबल मेन स्क्रीन मिलती है. इसमें स्नैपड्रेगन 8 जेन 3 प्रोसेसर मिलता है, जिसे 12GB रैम और 512GB स्टोरेज के साथ पेयर किया गया है. बड़ी रैम के चलते यह मल्टीटास्किंग और हाई-एंड गेम्स को आसानी से हैंडल कर लेता है. पावर के लिए इसमें 4400 mAh की बैटरी दी गई है. फोटो और वीडियोग्राफी के लिए इसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर, 12MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस और 10MP का टेलीफोटो लेंस दिया गया है. फ्रंट में इसके अंडर डिस्प्ले पर 4MP और कवर स्क्रीन पर 10MP का कैमरा मिलता है.

फोन पर मिल रही भारी छूट

अगर आप यह फोन खरीदना चाहते हैं तो फ्लिपकार्ट पर यह भारी डिस्काउंट के साथ मौजूद है. इस फोन की असल कीमत 1,64,999 रुपये है, लेकिन फ्लिपकार्ट पर यह 1,12,299 रुपये में लिस्टेड है. इस तरह इस पर 52,700 रुपये का सीधा डिस्काउंट मिल रहा है. इसके अलावा फ्लिपकार्ट एक्सिस बैंक क्रेडिट कार्ड के जरिए 4,000 रुपये का इंस्टैंट डिस्काउंट भी पाया जा सकता है. इस तरह इसकी कीमत घटकर 1,08,299 रुपये हो जाती है. 

Vivo X Fold3 Pro से है मुकाबला

Samsung Galaxy Z Fold 6 कई मामलों में Vivo X Fold3 Pro से मुकाबला करता है. वीवो के फोन में 8.03 इंच का मेन और 6.53 इंच का कवर डिस्प्ले मिलता है. दोनों ही डिस्प्ले 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करते हैं. इस फोन में भी स्नैपड्रेगन 8 जेन 3 चिपसेट मिलता है. यह 16GB रैम और 512GB स्टोरेज के साथ आता है. इसके रियर में 50MP + 50MP + 64MP कैमरा सेटअप मिलता है. इसकी कीमत 1,59,999 रुपये है.

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डेंगू पॉजिटिव होते ही खाना शुरू कर दें ये चीजें, नहीं घटेगी प्लेटलेट्स

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पपीते के पत्तों का रस: पपीते के पत्तों का रस डेंगू में रामबाण माना जाता है. यह प्लेटलेट्स को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है और शरीर को ताकत भी देता है. दिन में 2 बार इसका सेवन करना फायदेमंद है.

पपीते के पत्तों का रस: पपीते के पत्तों का रस डेंगू में रामबाण माना जाता है. यह प्लेटलेट्स को तेजी से बढ़ाने में मदद करता है और शरीर को ताकत भी देता है. दिन में 2 बार इसका सेवन करना फायदेमंद है.

अनार: अनार आयरन से भरपूर होता है और डेंगू में होने वाली थकान को कम करता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्लेटलेट्स को गिरने से बचाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को भी दुरुस्त रखते हैं.

अनार: अनार आयरन से भरपूर होता है और डेंगू में होने वाली थकान को कम करता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट प्लेटलेट्स को गिरने से बचाते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को भी दुरुस्त रखते हैं.

नारियल पानी: नारियल पानी शरीर को हाइड्रेटेड रखने का सबसे अच्छा विकल्प है. इसमें मौजूद मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर की कमजोरी दूर करते हैं और प्लेटलेट्स स्टेबल बनाए रखते हैं.

नारियल पानी: नारियल पानी शरीर को हाइड्रेटेड रखने का सबसे अच्छा विकल्प है. इसमें मौजूद मिनरल्स और इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर की कमजोरी दूर करते हैं और प्लेटलेट्स स्टेबल बनाए रखते हैं.

गिलोय का रस: गिलोय इम्यूनिटी बूस्टर है और डेंगू में बुखार को कम करने में मदद करता है. इसके रस का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और प्लेटलेट्स तेजी से रिकवर होते हैं.

गिलोय का रस: गिलोय इम्यूनिटी बूस्टर है और डेंगू में बुखार को कम करने में मदद करता है. इसके रस का सेवन करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और प्लेटलेट्स तेजी से रिकवर होते हैं.

कीवी: कीवी विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। यह प्लेटलेट्स बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को एनर्जी देता है. रोजाना 1 कीवी खाने से डेंगू मरीजों को जल्दी आराम मिलता है.

कीवी: कीवी विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। यह प्लेटलेट्स बढ़ाने के साथ-साथ शरीर को एनर्जी देता है. रोजाना 1 कीवी खाने से डेंगू मरीजों को जल्दी आराम मिलता है.

हल्की खिचड़ी या दलिया: डेंगू के दौरान पचने में हल्का और पौष्टिक खाना जरूरी होता है. खिचड़ी या दलिया शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ डाइजेशन को भी आसान बनाते हैं.इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन शरीर को रिकवरी में मदद करते हैं.

हल्की खिचड़ी या दलिया: डेंगू के दौरान पचने में हल्का और पौष्टिक खाना जरूरी होता है. खिचड़ी या दलिया शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ डाइजेशन को भी आसान बनाते हैं.इसमें मौजूद कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन शरीर को रिकवरी में मदद करते हैं.

Published at : 23 Aug 2025 06:43 PM (IST)

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हेल्थ फोटो गैलरी

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गर्लफ्रेंड की प्रेग्नेंसी रोकने के लिए शख्स ने खरीदी गोलियां लेकिन पेमेंट हो गया फेल और फिर…

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सोचिए कोई शख्स जिसका शादी के बाद भी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ चक्कर चल रहा हो और जब वो गर्लफ्रेंड की प्रेगनेंसी रोकने के लिए गोलियां लेने मेडिकल स्टोर जाए और वही स्टोर वाला उसकी बीवी को फोन करके पोल खोल दे तो? ऐसा ही कुछ हुआ चीन के इस शख्स के साथ. शख्स प्रोटेक्शन के लिए गोलियां लेने गया था, लेकिन वहां उसका पेमेंट सिस्टम फेल हो गया और स्टोर वाले ने इसी से तंग आकर उसकी शिकायत उसी की बीवी से कर दी. सोशल मीडिया पर मामला काफी वायरल हो रहा है.

मेडिकल स्टोर पर गर्भनिरोधक लेने गए शख्स के साथ हुआ कांड

चीन में एक अजीब घटना सामने आई है. ग्वांगडोंग प्रांत के यांगजियांग शहर में एक आदमी चोरी-छिपे गर्भनिरोधक गोलियां खरीदने गया. उसका इरादा था कि घर वालों को पता न चले, लेकिन किस्मत ने उसका राज खोल दिया. वह शख्स एक दवा की दुकान पर गया और 15.8 युआन (लगभग 200 रुपये) की गर्भनिरोधक गोलियां खरीद लीं. उसने सोचा कि मोबाइल से पेमेंट कर लेगा और चुपचाप घर चला जाएगा. लेकिन अचानक उसका मोबाइल पेमेंट फेल हो गया. सिस्टम ने “त्रुटि” दिखा दी और पैसे नहीं कटे.

दुकानदार ने लगा दिया बीवी को फोन

अब दुकान वाले को पैसे चाहिए थे. इसलिए कर्मचारी ने उस शख्स के फार्मेसी सदस्यता कार्ड से जुड़े फोन नंबर पर कॉल किया. लेकिन बड़ी गड़बड़ी हो गई. कॉल उसकी पत्नी के फोन पर चली गई. पत्नी ने तुरंत पूछा कि यह कॉल किस बारे में है तो फार्मेसी कर्मचारी ने ईमानदारी से बता दिया कि यह कॉल गर्भनिरोधक गोलियों की खरीदारी के बारे में है. जैसे ही पत्नी ने यह सुना, उसे सब समझ आ गया कि उसके पति का कहीं बाहर अफेयर चल रहा है. इस तरह पति का राज उसी की पत्नी के सामने खुल गया.

दुकानदार पर कराया केस लेकिन…

इस घटना के बाद बड़ा झगड़ा हुआ. पति ने कहा कि उसकी गलती से दो परिवार तबाह हो गए. उसने दवा की दुकान को दोषी ठहराया और कहा कि दुकानदार ने उसकी निजी जानकारी उजागर कर दी. उसने पुलिस रिपोर्ट भी दिखाई, जो यांगजियांग के पिंगगांग पुलिस स्टेशन ने बनाई थी. लेकिन वकीलों का कहना है कि मामला इतना आसान नहीं है. हेनान जेजिन लॉ फर्म के प्रमुख फू जियान ने कहा कि आदमी चाहे तो कानूनी कार्रवाई कर सकता है, लेकिन केस जीतना कठिन होगा.

यूजर्स ले रहे मजे

सोशल मीडिया पर जैसे ही ये मामला वायरल हुआ यूजर्स ने रिएक्शन देने शुरू कर दिए. एक यूजर ने लिखा…भाई जब भी मेडिकल स्टोर जाओ तो खाते में पैसे हों या ना हों इंटरनेट जरूर होना चाहिए. एक और यूजर ने लिखा…भाई के साथ तो बहुत बुरा हो गया, एक दम से वक्त और जज्बात पलट गए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…अरे भाई इसने तो सोचा भी नहीं होगा कि ऐसा कांड हो जाएगा.

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जापान की बैंक SMBC खरीदेगी Yes Bank में 24.99 परसेंट हिस्सेदारी, RBI से मिला अप्रूवल

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Yes Bank: यस बैंक ने शनिवार को बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जापान के बैंक सुमितोमो मित्सुई बैंकिंग कॉर्पोरेशन के यस बैंक में 24.99 परसेंट तक हिस्सेदारी खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

9 मई को स्टॉक एक्सचेंज में दी गई जानकारी के हवाले से यस बैंक ने कहा कि SMBC ने बैंक में सेकेंड्री मार्केट के जरिए 20 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने का प्रस्ताव रखा है. इनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से 13.19 परसेंट और सात अन्य शेयरहोल्डर्स – एक्सिस बैंक, बंधन बैंक, फेडरल बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक से 6.81 परसेंट संयुक्त हिस्सेदारी की खरीद शामिल है. अधिग्रहण के बाद यस बैंक में एसबीआई की हिस्सेदारी 10.2 परसेंट हो जाएगी. 

कब तक वैलिड रहेगा अप्रूवल? 

यस बैंक ने कहा है कि यह अप्रूवल 22 अगस्त, 2025 से एक साल तक के लिए वैलिड रहेगा. रिजर्व बैंक ने यह भी कह दिया है कि इस अधिग्रहण के बाद SMBC को बैंक का प्रोमोटर नहीं माना जाएगा.

SMBC सुमितोमो मित्सुई फाइनेंशियल ग्रुप (SMFG) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है, जो जापान का दूसरा सबसे बड़ा और दुनिया का 14वां सबसे बड़ा बैंकिंग ग्रुप है. इसका नेटवर्थ करीब 2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर है.

यह बैंकिंग, लीजिंग, सिक्योरिटीज, कंज्यूमर फाइनेंस और क्रेडिट कार्ड से जुड़ी सर्विसेज देती है. मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने पिछले महीने रॉयटर्स को बताया था कि SMBC यस बैंक में अतिरिक्त 4.9 परसेंट हिस्सेदारी खरीदने की भी मंजूरी मांग रही है. 

यस बैंक के शेयर 

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को यस बैंक के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई. इस दिन बीएसई में 0.77 परसेंट की गिरावट के साथ इसकी क्लोजिंग 19.28 रुपये के लेवल पर हुई. बीते एक साल में बैंक के शेयरों में 21 परसेंट से ज्यादा की गिरावट आई है. हालांकि, बीते 5 सालों में बैंक के शेयरों ने 23 परसेंट की बढ़त भी हासिल की है. इसके 52-वीक का हाई लेवल 24.84 रुपये और 52-वीक का लो लेवल 16.02 रुपये है. बैंक का मार्केट कैप 60,480.60,480.45 रुपये है. 

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चीन के लिए बढ़ा भारत का एक्सपोर्ट, अप्रैल से जुलाई के बीच भेजे गए 50,112 करोड़ रुपये के सामान

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बैंक में नौकरी करने का है सपना तो बढ़ गई है आवेदन करने की तारीख, 10 हजार से ज्यादा पद हैं खाली

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पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त थी, लेकिन अब उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय मिल गया है. उम्मीदवार आवेदन आधिकारिक साइट पर जाकर कर सकते हैं.

पहले आवेदन करने की आखिरी तारीख 21 अगस्त थी, लेकिन अब उम्मीदवारों को अतिरिक्त समय मिल गया है. उम्मीदवार आवेदन आधिकारिक साइट पर जाकर कर सकते हैं.

यह भर्ती अभियान युवाओं के लिए खास इसलिए है क्योंकि इसके जरिए पूरे देश में 10,277 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा अवसर है.

यह भर्ती अभियान युवाओं के लिए खास इसलिए है क्योंकि इसके जरिए पूरे देश में 10,277 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी. बैंकिंग क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह सुनहरा अवसर है.

इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की हो. उम्र सीमा की बात करें तो आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी.

इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduate) की डिग्री हासिल की हो. उम्र सीमा की बात करें तो आवेदन करने वाले उम्मीदवार की आयु 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए. हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी.

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2025 के लिए चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी. पहले उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) देनी होगी. इसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा (Mains) में बैठने का मौका मिलेगा. दोनों परीक्षाओं के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा.

आईबीपीएस क्लर्क भर्ती 2025 के लिए चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी. पहले उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) देनी होगी. इसमें सफल होने वाले उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा (Mains) में बैठने का मौका मिलेगा. दोनों परीक्षाओं के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा.

आईबीपीएस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 4, 5 और 11 अक्टूबर 2025 को होगा. वहीं, मुख्य परीक्षा 29 नवंबर 2025 को आयोजित की जाएगी.

आईबीपीएस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन 4, 5 और 11 अक्टूबर 2025 को होगा. वहीं, मुख्य परीक्षा 29 नवंबर 2025 को आयोजित की जाएगी.

इस भर्ती के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. उम्मीदवारों को आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाकर आवेदन करना होगा. सबसे पहले उम्मीदवारों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. उसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी, जैसे नाम, शैक्षणिक योग्यता, पता आदि.

इस भर्ती के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है. उम्मीदवारों को आईबीपीएस की आधिकारिक वेबसाइट ibps.in पर जाकर आवेदन करना होगा. सबसे पहले उम्मीदवारों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा. उसके बाद आवेदन फॉर्म में मांगी गई जानकारी भरनी होगी, जैसे नाम, शैक्षणिक योग्यता, पता आदि.

Published at : 23 Aug 2025 04:27 PM (IST)

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नौकरी फोटो गैलरी

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अमेरिका में रह रहे पाकिस्तानियों को सता रहा, देश से निकाले जाने का डर, जानें क्या है इसकी वजह

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अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर अमेरिकी-विरोधी या चरमपंथी पोस्ट की जांच शुरू किए जाने के कारण पाकिस्तान के छात्रों और अन्य वीजा धारकों में अनिश्चितता का माहौल है. मीडिया में शनिवार (23 अगस्त, 2025) को आई एक खबर में यह जानकारी दी गई.

इस व्यापक जांच प्रक्रिया के तहत अधिकारी अमेरिकी नागरिकों, संस्कृति, सरकार या संस्थानों के प्रति किसी भी प्रकार की शत्रुता के संकेत के लिए सोशल मीडिया गतिविधि की समीक्षा में जुटे हैं. जिसमें नियमों का उल्लंघन, राजनीतिक गतिविधि या अधूरे दस्तावेज भी उनके (पाकिस्तानी नागरिकों के) प्रवास को खतरे में डाल सकते हैं.

DHS को दी जा सकती है विरोध प्रदर्शनों की सूचना

पाकिस्तान के डॉन अखबार में प्रकाशित खबर के मुताबिक, यातायात उल्लंघन और परिसर में विरोध प्रदर्शनों की घटनाओं की सूचना अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS/Department of Homeland Security) को दी जा सकती है, जिससे पाकिस्तानी समुदाय में चिंता बढ़ रही है.

खबर के मुताबिक, उत्तरी वर्जीनिया में यातायात मामलों से जुड़ी एक अदालत के न्यायाधीश ने हाल में दो पाकिस्तानी छात्रों को सूचित किया कि अब अदालतों को यातायात उल्लंघनों के रिकॉर्ड DHS के साथ साझा करने होंगे. मैरीलैंड में बाल्टीमोर के एक छात्र यूनुस खान ने कहा, “हम शिकागो जाने की योजना बना रहे थे लेकिन हमें ऐसा न करने की सलाह दी गई. हम वीजा पर आए हैं और एक छोटी सी गलती भी वीजा रद्द होने का कारण बन सकती है.”

राजनीतिक शरण पाने वाले पाकिस्तानियों को ज्यादा चिंता

खबर के मुताबिक, पाकिस्तानी दूतावास स्थिति पर नजर रख रहा है और राजनीतिक गतिविधियों में सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है. फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में भाग लेने से पाकिस्तानी छात्र चिंतित हैं.

वहीं, बाल्टीमोर में रहने वाली समीना अली ने कहा, “हममें से कुछ लोग उन प्रदर्शनों में शामिल हुए थे और अब हमें नहीं पता कि हम रुक पाएंगे या फिर हमें निर्वासन का सामना करना पड़ सकता है.” जबकि जॉर्ज मेसन विश्वविद्यालय के छात्र मोहम्मद साजिद ने कहा, “अंशकालिक नौकरी करना मुश्किल हो गया है.” राजनीतिक शरण पाने वाले पाकिस्तानियों को और भी ज्यादा चिंताएं हैं.

काफी लोग रजिस्टर्ड नहीं, इसलिए सटीक संख्या स्पष्ट नहीं- पाकिस्तानी दूतावास

वाशिंगटन स्थित पाकिस्तानी दूतावास के अनुसार, 7,00,000 से 10 लाख पाकिस्तानी अमेरिका में रहते हैं, जिनमें से ज्यादातर नागरिक हैं या फिर लंबे अरसे से देश में रह रहे हैं. दूतावास ने कहा कि चूंकि कई लोग आधिकारिक तौर पर पंजीकृत नहीं हैं, इसलिए सटीक संख्या स्पष्ट नहीं है.

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