Mark Zuckerberg की सिक्योरिटी पर कितने करोड़ का आता है खर्च, जानें डिटेल

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टेक कंपनियों का कामकाज दुनियाभर में फैला हुआ है और इनके CEOs को अलग-अलग देशों में जाना पड़ता है. इसके अलावा हाई-प्रोफाइल जॉब होने के चलते इन CEOs की सिक्योरिटी पर भी भारी खर्च होता है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल दुनिया की 10 सबसे बड़ी टेक कंपनियों ने अपने प्रमुखों की सुरक्षा पर 45 बिलियन डॉलर (3.9 लाख करोड़ रुपये) खर्च किए थे. इनमें सबसे ज्यादा खर्च मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग की सुरक्षा पर हुआ. आइए जानते हैं कि किस कंपनी के सीईओ की सुरक्षा पर कितना खर्च होता है.

जुकरबर्ग की सुरक्षा पर खर्च होता है 237 करोड़ रुपये

अल्फाबेट, एनवीडिया और मेटा जैसी कंपनियां अपने सीईओ की सुरक्षा पर खर्च में सालाना आधार पर लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है. 2023 में जुकरबर्ग की सुरक्षा पर खर्च 24 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 210 करोड़ रुपये) था, वहीं 2024 में यह बढ़कर 27 मिलियन डॉलर (लगभग 270 करोड़ रुपये) हो गया. यह खर्च ऐप्पल, एनवीडिया, अमेजन, माइक्रोसॉफ्ट और अल्फाबेट के सीईओ की सुरक्षा पर होने वाले कुल बजट से अधिक है. जुकरबर्ग के सुरक्षा खर्च में उनकी पर्सनल, घर और फैमिली की सिक्योरिटी का भी खर्च शामिल है.

बाकी कंपनियां कितना खर्च करती हैं?

2024 में एनवीडिया ने अपने सीईओ Jensen Huang की सुरक्षा के लिए 30.6 करोड़ रुपये खर्च किए थे. इसी तरह अमेजन ने एंडी जेस्सी के लिए 9.6 करोड़ रुपये, पूर्व सीईओ जेफ बेजोस की सुरक्षा के लिए 14 करोड़ रुपये सालाना का बजट निर्धारित किया था. ऐप्पल की बात करें तो इस कंपनी ने टिम कुक की सुरक्षा पर 12.2 करोड़ रुपये और गूगल ने सीईओ सुंदर पिचई की सुरक्षा पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. टेस्ला ने बताया है कि उसने एलन मस्क की सिक्योरिटी पर 4.3 करोड़ रुपये खर्च किए थे. हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह मस्क की सिक्योरिटी खर्च का एक बहुत छोटा हिस्सा है.

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‘इस साल आपके बिना घर अधूरा सा लगता है…’ बप्पा को घर नहीं लाने पर इमोशनल हुईं शिल्पा शेट्टी

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आज गणेश चतुर्थी है और हर साल बॉलीवुड सेलेब्स इस त्योहार को बहुत ही धूमधाम से मनाते हैं. वो बप्पा का स्वागत नाचते गाते करते हैं. बॉलीवुड एक्ट्रेस शिल्पा शेट्टी हर साल गणपति बप्पा अपने घर लेकर आती हैं और धूमधाम से उनका स्वागत करती हैं. मगर इस बार उनकी 22 साल पुरानी परंपरा टूट गई है. वो इस साल अपने घर पर बप्पा को लेकर नहीं आई हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दे दी थी. अब गणेश चतुर्थी के दिन शिल्पा बप्पा को बहुत मिस कर रही हैं. उन्होंने बीते कई सालों के सेलिब्रेशन की एक वीडियो शेयर की है.

शिल्पा शेट्टी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है. जिसमें वो अपने परिवार के साथ आरती करती नजर आ रही हैं. किसी में विसर्जन के समय डांस करती नजर आ रही हैं. गणपति महोत्सव में पूरा परिवार मस्ती करता नजर आ रहा है. ये सब याद करके शिल्पा इमोशनल हो गई हैं.

शिल्पा को आई बप्पा की याद
शिल्पा शेट्टी ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा- टइस साल आपके बिना घर अधूरा सा लगता है, पर दिल आपकी दुआओं से भरा है.ट शिल्पा की इस वीडियो पर फैंस ढेर सारे कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा- गणपति बप्पा मोरेया. दूसरे ने लिखा- शिल्पा मैम.


क्यों तोड़ी 22 साल की परंपरा
शिल्पा शेट्टी ने सोमवार 25 अगस्त को पोस्ट शेयर करके इस साल बप्पा घर नहीं लाने की जानकारी दी थी. उन्होंने लिखा था- डियर फ्रेंड्स, बहुत दुख के साथ आपको सूचित करना पड़ रहा है, हमें बहुत खेद है कि परिवार में किसी का निधन हो जाने के कारण इस साल हम गणपति उत्सव नहीं मना पाएंगे. परंपरा के अनुसार, हम 13 दिनों का शोक मनाएंगे, इसलिए किसी भी धार्मिक उत्सव से परहेज करेंगे. हम आपसे सहानुभूति और प्रार्थनाओं की उम्मीद करते है. शिल्पा ने कुंद्रा परिवार की तरफ से यह पोस्ट शेयर किया था.

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भारत पर लागू हुआ 50% टैरिफ, कपड़ा उद्योग में भारी हलचल, इन शहरों के फैक्ट्रियों पर पड़े ताले?

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US Tariffs Impact On Textile Sector: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से लगाए गए पैनाल्टी के तौर पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ आज यानी बुधवार की सुबह 9 बजकर 31 मिनट पर प्रभावी हो चुका है. भारतीय सामानों पर अमेरिका में पहले से ही 25 प्रतिशत टैरिफ लग रहा था, ऐसे में अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ के बाद अब यह कुल दरें बढ़कर 50 प्रतिशत हो चुकी है. राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से ये अतिरिक्त टैरिफ रूस से सस्ता तेल खरीदने की वजह से भारत के ऊपर लगाया गया है. भारत लगातार यह कहता रहा है कि यह बेवजह लगाया गया है.

इससे पहले सोमवार को यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी भारतीय सामानों के ऊपर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का औपचारिक एक मसौदा जारी किया था. ऐसे में हाई टैरिफ के बाद राष्ट्रपति ये उम्मीद कर रहे हैं कि उनके रूसी समकक्षीय राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर दबाव पड़ेगा और यूक्रेन से जंग रोकने की उनकी कोशिश में मदद मिलेगी.

पीएम का स्वदेशी पर जोर

दूसरी तरफ पीएम मोदी ने मंगलवार को एक सभा के दौरान स्वदेशी पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि मेरी तरफ से परिषाभा बिल्कुल साधारण है. मुझे इस बात की चिंता नहीं है कि ये किसका पैसा है, ये डॉलर है या फिर पॉण्ड और ये कहां से आया है… बल्कि महत्वपूर्ण ये है कि मेहनत और मिठाई दोनों ही भारतीय की होनी चाहिए.

उन्होंने अहमदाबाद में जनसभा के दौरान यूएस टैरिफ का हवाला देते हुए कहा कि भारत किसी भी बाहरी दबाव का सामना करेगा. उन्होंने जनता से यह सुनिश्चित किया कि किसान, डेयरी पालक और छोटे लघु उद्योगों के हितों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी.

कपड़ा उद्योग पर जबरदस्त मार

दूसरी तरफ ट्रंप के 50 प्रतिशत टैरिफ की सबसे ज्यादा मार कपड़ा, लेदर और झींगा मछली जैसे कारोबार पर पड़ा है. इनके एक्सपोर्ट्स के लिए अब अमेरिका बाजार में प्रतिस्पर्धा कर पाना बहुत मुश्किल हो रहा है. इसकी वजह से कई फैक्ट्रियों में ताले लगाने को मालिक मजबूर हो रहे हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारतीय निर्यातकों के संगठन फियो यानी फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन ने कहा कि चमड़ा, कपड़ा, कैमिकल्स जैसे उद्योग भारी संकट में हैं. फियो अध्यक्ष एस.सी. रल्हान की अगर मानें तो सूरत, तिरुपुर से लेकर नोएडा तक कई एपरल और टैक्सटाइल निर्माताओं ने प्रोडक्शन लागत बढ़ने की वजह से इसे रोक दिया है. उनका ये कहना है कि बांग्लादेश और वियतनाम के एक्सपोर्टर्स के मुकाबला करना भारत के लिए अब काफी मुश्किल हो चुका है. भारत का एक्सपोर्ट सेक्टर अब पिछड़ रहा है, जिसका सीधा असर इस सेक्टर में लगे लाखों लोगों की आजीविका पर पड़ रहा है.

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हमारे 30 लाख लोग मार दिए, लाखों बलात्कार किए…. PAK की बांग्लादेशी एक्सपर्ट ने लगाई क्लास

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पाकिस्तान को अपनी मौलिक कृति ‘वी ओ एन अपोलोजी टू बांग्लादेश’ को फिर से पढ़ना चाहिए. इस कृति में कई जाने-माने पाकिस्तानियों ने 1971 में पाकिस्तानी सेना की ओर से किए गए अपराधों पर आक्रोश व्यक्त किया है. इसमें बताया गया है कि पूर्व राष्ट्रपति याह्या खान और सैन्य अधिकारी टिक्का खान के शासन में बांग्लादेश ने कितनी भयानक पीड़ा झेली थी.

मंगलवार (26 अगस्त, 2025) को प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने 30 लाख बांग्लादेशियों की हत्या की, 2-4 लाख महिलाओं का यौन उत्पीड़न किया, 1 करोड़ बांग्लादेशियों को भारत में शरण लेने के लिए मजबूर किया और बंगाली गांवों और कस्बों को आग के हवाले कर दिया.

बांग्लादेशी पत्रकार, इतिहासकार और राजनीतिक विश्लेषक सैयद बदरुल अहसन ने एक लेख में लिखा है कि जनरल एएके नियाजी ने अपने अधीन सैनिकों की ओर से बांग्लादेशी महिलाओं के बलात्कार के जरिए लोगों की एक ‘नई नस्ल’ बनाने की खुलेआम बात की थी. यह लेख अवामी लीग की वेबसाइट पर प्रकाशित हुआ और पार्टी के सोशल मीडिया हैंडल पर भी प्रसारित हुआ.

उन्होंने लिखा, ‘यह एक ऐसी कृति है, जिसे शहबाज शरीफ और उनके मंत्रियों के साथ-साथ फील्ड मार्शल आसिम मुनीर को पढ़ने की जरूरत है, ताकि वे याद रख सकें कि उनके देशवासियों ने बांग्लादेश में किस तरह का आतंक फैलाया था, आखिर क्यों पाकिस्तान को किसी भी मायने में बंगाली भाईचारे वाला देश नहीं मान सकते.’

पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने हाल ही में ढाका यात्रा के दौरान दावा किया था कि इस्लामाबाद और ढाका के बीच मौजूद तीन अनसुलझे मुद्दे, जिनमें 1971 के नरसंहार पर माफी की पुरानी मांग भी शामिल है, पहले ही दो बार सुलझाए जा चुके हैं.

रविवार को मंत्रीस्तरीय बैठक के बाद जब इन अनसुलझे मुद्दों पर चर्चा को लेकर सवाल किया गया तो इशाक डार ने जवाब दिया, ‘यह मुद्दा पहली बार 1974 में सुलझा था. उस समय का दस्तावेज दोनों देशों के लिए ऐतिहासिक है. इसके बाद जनरल परवेज मुशर्रफ बांग्लादेश आए और इस मुद्दे को सुलझाया. ऐसे में, यह मुद्दा दो बार सुलझ चुका है, एक बार 1974 में और दूसरी बार 2000 के शुरुआती दशक में.’

बांग्लादेश के संस्थापक बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की जीवनी लिखने वाले अहसन ने लिखा, ‘क्या जुल्फिकार अली भुट्टो ने जून 1974 में बांग्लादेश की यात्रा के दौरान अपने देश की ओर से माफी मांगी थी? उन्होंने सिर्फ ‘तौबा’ कहा था, मानो 1971 में उनके देश, बल्कि खुद उनके ओर से किए गए पापों को धोने के लिए यही काफी हो. क्या परवेज मुशर्रफ ने कोई माफी मांगी थी? उन्होंने 1971 की दुखद घटनाओं पर खेद व्यक्त किया था. यह माफी मांगने का कोई तरीका नहीं था.’

उन्होंने कहा कि हाल ही में बांग्लादेश में कुछ राष्ट्रविरोधी तत्वों को हौसला मिला है, जिन्हें उन दलों का समर्थन प्राप्त है जिनके गुंडा दस्तों ने 1971 में पाकिस्तानी सेना की मदद से बांग्लादेशी बंगालियों की हत्या की थी. इन लोगों को उन पाकिस्तानियों की टिप्पणियों से बल मिला है, जो पुराने देश के पुनर्मिलन की बात करते हैं.

1971 के नरसंहार के दौरान पाकिस्तानी सेना की ओर से 30 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे, जबकि 3,00,000 से ज्यादा महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया. इस नरसंहार के बाद से, बांग्लादेश के लोग लगातार पाकिस्तान से अपनी बर्बरता के लिए माफी मांगने की मांग कर रहे हैं.

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तस्वीर में छिपा है खुफिया नंबर, खोजने के लिए आपके पास हैं केवल 10 सेकेंड

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऑप्टिकल इल्यूजन तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर किसी का सिर घूम रहा है. तस्वीर में पीली और नीली गोल-गोल धारियां बनी हुई हैं जो आंखों को चकरा देती हैं. पहली नजर में आपको इसमें कुछ भी अलग दिखाई नहीं देगा लेकिन असल में इसमें एक खुफिया नंबर छुपा है. जो लोग इसे देख लेते हैं उन्हें “जीनियस” कहा जा रहा है और जो नहीं देख पाते वो बार-बार स्क्रीन पर आंखें गड़ाकर बैठ जाते हैं.

तस्वीर में छिपे नंबर को खोजने के लिए यूजर्स लगा रहे अपना दिमाग

इस तस्वीर में खास ट्रिक ये है कि धारियां इस तरह बनाई गई हैं कि दिमाग तुरंत पैटर्न को पकड़ नहीं पाता. कुछ सेकंड तक लगातार घूरने पर बीच की ओर आपको अजीब सा धुंधलापन दिखेगा. इसी धुंधलेपन में नंबर छिपा हुआ है. लोग सोशल मीडिया पर इसे देखकर तरह-तरह की राय दे रहे हैं. किसी ने कहा “मुझे तो चक्कर ही आ गए”, तो किसी ने लिखा “अब तो समझ आ गया मेरी आंखें कमजोर हैं”. अगर आप भी खुद को ऑप्टिकल इल्यूजन का मास्टर मानते हैं तो कूद जाइए इस जंग के मैदान में और साबित कर दीजिए कि आप ही इस फील्ड के बादशाह हैं.

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तस्वीर में छिपा है खुफिया नंबर, खोजने के लिए आपके पास हैं केवल 10 सेकेंड

ये रहा सही जवाब

तो बता दें कि इस तस्वीर में जो नंबर छुपा है वो है – 20. अगर आपने पहली ही बार में ये देख लिया तो समझ लीजिए आपकी आंखें और दिमाग दोनों बेहद तेज हैं. वहीं अगर बार-बार देखने के बाद भी आपको नंबर नहीं दिखा तो घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इसी इल्यूजन पर लाखों लोग फेल हो चुके हैं. सोशल मीडिया पर ये तस्वीर अब तेजी से वायरल हो रही है और लोग अपने दोस्तों को चैलेंज कर रहे हैं “तू तो बड़ा होशियार है, जरा बता तो इसमें क्या लिखा है?” अब जिसने भी सही जवाब दिया वो खुद को “ऑप्टिकल इल्यूजन मास्टर” बता रहा है.

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19 गेंदों में 10 छक्के, यूपी टी20 लीग में इस खिलाड़ी का तूफानी शतक

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UP T20 League: क्रिकेट में हर मैच में कुछ नया रोमांच देखने को मिलता है. यूपी T20 लीग 2025 में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जब 20 साल के बल्लेबाज आदर्श सिंह ने ऐसी पारी खेल डाली कि पूरी लीग का समीकरण ही बदल गया. उनकी धमाकेदार बैटिंग ने उस टीम का विजय अभियान रोक दिया, जिसने अब तक टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं गंवाया था.

धीमी पारी से गगनचुंबी शॉट्स तक

कानपुर सुपरस्टार्स और काशी रुद्रास के बीच खेले गए इस मैच में आदर्श सिंह शुरुआत में बेहद साधारण दिख रहे थे. ओपनिंग पार्टनर आउट होने के बाद जब वो क्रीज पर आए, तो उनका खेल बहुत धीमा रहा. उन्होंने अपनी पहली 35 गेंदों पर सिर्फ 38 रन बनाए, जिनमें केवल 2 छक्के शामिल थे. लग ही नहीं रहा था कि वो आगे कोई खास धमाका करेंगे.

लेकिन डेथ ओवर्स आते ही पूरी तस्वीर पलट गई. अगले 19 गेंदों में उन्होंने 75 रन जोड़ दिए, जिसमें 10 छक्के शामिल थे. इतना ही नहीं, उन्होंने 51वीं गेंद पर छक्का लगाकर अपना शतक भी पूरा किया. आखिरकार, आदर्श ने 54 गेंदों पर नाबाद 113 रन बनाए और इस दौरान उनकी स्ट्राइक रेट 200 से ऊपर की रही.

टीम को दिलाई शानदार जीत

आदर्श सिंह की विस्फोटक पारी के दम पर कानपुर सुपरस्टार्स ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 198 रन बनाए थे. जवाब में लक्ष्य का पीछा करने उतरी काशी रुद्रास की टीम पूरी तरह धराशायी हो गई. कभी न हारने वाली यह टीम 15 ओवरों में मात्र 70 रन पर ढेर हो गई और 128 रन से मुकाबला गंवा बैठी. ये इस सीजन में उनकी पहली हार थी.

दो साल पहले भी किया था बड़ा कारनामा

यह पहली बार नहीं है जब आदर्श ने बड़े मंच पर अपनी परफॉर्मेंस से किसी को चौंकाया हो. साल 2023 में खेले गए एक अंडर-19 टूर्नामेंट के फाइनल में भी उन्होंने अपनी टीम इंडिया अंडर-19 ए को खिताब दिलाया था. उस मुकाबले में उन्होंने वैभव सूर्यवंशी की कप्तानी वाली इंडिया अंडर-19 बी टीम को हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था. उस टूर्नामेंट में इंग्लैंड अंडर-19 और बांग्लादेश अंडर-19 जैसी टीमें भी हिस्सा ले चुकी थी.

आदर्श सिंह की इस पारी ने न सिर्फ कानपुर सुपरस्टार्स की जीत पक्की की बल्कि टूर्नामेंट के नतीजों पर भी बड़ा असर डाला है. पहली बार हार झेलने के बाद अब काशी रुद्रास की अपराजेय छवि टूट गई है. 

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डॉगेश भाई से पंगा नहीं! कुत्ते के आगे फीकी पड़ी दहाड़, उल्टे पैर लौटा जंगल का राजा-वीडियो वायरल

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक हैरान करने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में जंगल का ऐसा नजारा देखने को मिला है जिसे देखकर लोग दंग रह गए. आमतौर पर शेर को जंगल का राजा कहा जाता है और उसके सामने कोई जानवर टिक नहीं पाता. लेकिन इस वीडियो में कहानी बिल्कुल उलट दिखती है. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जब एक कुत्ते और शेर का आमना-सामना हुआ तो शेर दहाड़ने के बजाय पीछे हट गया. कुत्ते ने जैसे ही शेर को देखा, वो अपना आपा खो बैठा और जोर-जोर से भौंकते हुए उस पर हमला करने लगा.

कुत्ते के हौसले के आगे पस्त हो गए शेर के इरादे!

शेर पहले तो कुत्ते की हरकतों को अनदेखा करने की कोशिश करता है और पंजा मारकर उसे डराने की कोशिश भी करता है. लेकिन कुत्ता इतना जोश में था कि शेर की दहाड़ भी उसके हौसले को नहीं डिगा पाई. वीडियो में दिख रहा है कि कुत्ता लगातार भौंकता है और शेर को पीछे धकेल देता है. शेर कई बार पंजा मारकर कुत्ते को शांत कराने की कोशिश करता है लेकिन हर बार नाकाम रहता है. गुस्से में भरे कुत्ते का जोश इतना ज्यादा था कि शेर को आखिरकार पीछे हटना पड़ता है.

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उल्टे पांव लौटा शेर, यूजर्स ने लिए मजे

वीडियो का सबसे मजेदार हिस्सा वो है जब जंगल का राजा कहलाने वाला शेर आखिरकार कुत्ते की दहाड़ और गुस्से के आगे झुक जाता है और धीरे-धीरे वहां से निकल जाता है. सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को देखकर तरह-तरह के मजेदार कमेंट कर रहे हैं. कोई कह रहा है “आज कुत्ता बना जंगल का राजा”, तो कोई लिख रहा है “शेर को हराना है तो बस देसी कुत्ते को भेज दो”. वहीं कुछ यूजर्स ने मजाक में लिखा “ये कुत्ता मुझे चाहिए, बहुत लोग हैं जो खुद को शेर समझते हैं”. वीडियो को @itssunildutt नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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क्या YouTube चुपके से AI से वीडियो बदल रहा है? गूगल ने किया हैरान करने वाला खुलासा

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YouTube Using AI: कई महीनों से यूज़र्स और क्रिएटर्स को लग रहा था कि उनके वीडियो अपलोड्स में कुछ अजीब हो रहा है. किनारों पर अजीब से इफेक्ट्स दिखने लगे, मूवमेंट ज़रूरत से ज्यादा स्मूद लगने लगा और डिटेल्स आर्टिफिशियल रूप से तेज़ दिखाई देने लगे. किसी को समझ नहीं आ रहा था कि ऐसा क्यों हो रहा है लेकिन अब गूगल ने खुद राज़ खोला है.

गूगल का खुलासा

गूगल ने माना है कि वह YouTube पर चुपचाप AI आधारित वीडियो एन्हांसमेंट का टेस्ट कर रहा है. कंपनी का कहना है कि यह प्रयोग सर्वश्रेष्ठ वीडियो क्वालिटी देने के लिए किया जा रहा है. लेकिन बिना जानकारी दिए इसे लागू करना कई क्रिएटर्स को नाराज़ कर रहा है. इस साल की शुरुआत में YouTube Shorts पर यूज़र्स ने पहली बार इस बदलाव को नोटिस किया. कई वीडियो में आर्टिफैक्ट्स और डिस्टॉर्शन नज़र आने लगे. कुछ लोगों ने इसे ऐसे फोटो से तुलना की जो स्मार्टफोन से ज़्यादा शार्प किए जाने पर पेंटिंग जैसे दिखने लगते हैं.

क्रिएटर्स की नाराज़गी और विवाद

प्रसिद्ध म्यूज़िक यूट्यूबर Rhett Shull ने हाल ही में इस मुद्दे पर वीडियो बनाया और दावा किया कि YouTube बिना बताए वीडियो पर AI प्रोसेसिंग कर रहा है. उन्होंने इसे अपस्केलिंग जैसा बताया. हालांकि, YouTube के हेड ऑफ एडिटोरियल Rene Ritchie ने इसे खारिज किया.

रिची के अनुसार, यह तकनीक जनरेटिव AI नहीं है बल्कि पारंपरिक मशीन लर्निंग टूल्स का इस्तेमाल करती है. इसका उद्देश्य ब्लर कम करना, शोर घटाना और वीडियो को शार्प बनाना है. लेकिन क्रिएटर्स का तर्क है कि चाहे इसे AI कहें, मशीन लर्निंग या अपस्केलिंग नतीजा यही है कि उनके वीडियो बिना अनुमति बदले जा रहे हैं.

भरोसे और इमेज पर खतरा

इस बदलाव को लेकर एक और चिंता सामने आई है क्रिएटर्स की साख पर असर. इंटरनेट पर AI का नाम भर आते ही आलोचना शुरू हो जाती है. ऐसे में अगर YouTube बिना बताए वीडियो पर AI एडिट्स करता है तो दर्शक गलतफहमी में क्रिएटर्स को ही AI टूल्स इस्तेमाल करने वाला समझ सकते हैं. गूगल का कहना है कि यह सिर्फ एक टेस्ट है और वे दर्शकों व क्रिएटर्स से फीडबैक लेकर इसे बेहतर बनाना चाहते हैं. हालांकि सवाल ये है कि शुरुआत से ही पारदर्शिता क्यों नहीं दिखाई गई?

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समय से पहले क्यों बूढ़ी हो रही हैं महिलाएं? इन चीजों से दूर की जा सकती है यह दिक्कत

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Premature Aging in Women: अक्सर देखा जाता है कि 30–35 की उम्र पार करते ही कई महिलाएं समय से पहले बूढ़ी दिखने लगती हैं. चेहरे पर झुर्रियां, बालों का झड़ना, थकान, और आत्मविश्वास में कमी इसके आम लक्षण हैं. विशेषज्ञ मानते हैं कि इसकी सबसे बड़ी वजह हमारी लाइफस्टाइल और गलत आदतें हैं.

डॉ. सीमा शर्मा बताती हैं कि, अगर महिलाएं कुछ छोटी-छोटी बातों पर ध्यान दें और हानिकारक चीजों से दूरी बना लें, तो समय से पहले आने वाली बुढ़ापे की परेशानी से आसानी से बचा जा सकता है.

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गलत खानपान और जंक फूड का असर

आजकल फास्ट फूड और पैकेज्ड खाने का चलन बहुत बढ़ गया है. इनमें मौजूद ज्यादा तेल, नमक और प्रिज़र्वेटिव्स शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं. इसका असर त्वचा और बालों पर सबसे पहले दिखता है. अपनी डाइट में हरी सब्जियां, मौसमी फल, नट्स और पर्याप्त मात्रा में पानी शामिल करें।

नींद की कमी और स्ट्रेस

कम नींद और तनाव चेहरे से ग्लो छीन लेते हैं. लंबे समय तक यह आदत स्किन को ढीला और उम्र से ज्यादा बूढ़ा दिखाने लगती है. रोजाना कम से कम 7–8 घंटे की नींद लें और योग, मेडिटेशन या वॉक को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.

स्मोकिंग और अल्कोहल से बढ़ता रिस्क

धूम्रपान और शराब का सेवन शरीर में टॉक्सिन्स बढ़ाता है, जिससे स्किन डल और रूखी हो जाती है. यह आदतें समय से पहले झुर्रियों और स्किन एजिंग का बड़ा कारण हैं. इन आदतों से पूरी तरह दूरी बनाना ही सबसे कारगर उपाय है.

धूप और प्रदूषण का असर

बिना प्रोटेक्शन धूप में निकलना स्किन को नुकसान पहुंचाता है. सूरज की हानिकारक यूवी किरणें झाइयां और एजिंग स्पॉट्स बढ़ा देती हैं. साथ ही प्रदूषण भी समय से पहले स्किन की चमक छीन लेता है. सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें और चेहरे को दिन में 2 बार धोकर साफ रखें.

एक्टिव लाइफस्टाइल की कमी

आजकल बैठने वाली लाइफस्टाइल आम हो गई है. कम शारीरिक गतिविधि और एक्सरसाइज की कमी से ब्लड सर्कुलेशन सही नहीं हो पाता, जिससे शरीर थका-थका और बूढ़ा नजर आने लगता है रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज या तेज चाल से वॉक जरूर करें.

समय से पहले बुढ़ापा आना कोई प्राकृतिक प्रक्रिया नहीं बल्कि गलत आदतों और लापरवाही का नतीजा है. अगर महिलाएं अपने खानपान, नींद, तनाव और लाइफस्टाइल पर ध्यान दें तो न सिर्फ स्किन और बाल जवां रहेंगे, बल्कि शरीर भी लंबे समय तक हेल्दी बना रहेगा.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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ट्रंप का टैरिफ भारत के किस-किस सेक्टर को करेगा प्रभावित? जानें कहां हो सकता है बड़ा नुकसान

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अमेरिका और भारत के बीच बढ़ती दूरी फिलहाल कम नहीं होने वाला है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया है. इस तरह उस पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लग गया है, जिसकी डेडलाइन बुधवार (27 अगस्त) को खत्म हो रही है. नए टैरिफ सिस्टम से भारत के कुछ सेक्टर प्रभावित हो सकते हैं. फार्मास्यूटिकल्स, ऑटोमोटिव कंपोनेंट्स और सोलर उपकरण का सेक्टर कमजोर हो सकता है.

एसएंडपी ग्लोबल की रिपोर्ट के मुताबिक कैपिटल गुड्स, केमिकल, ऑटोमोबाइल्स, फूड और बेवरेज निर्यात को टैरिफ से कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है. वहीं कुछ ऐसे भी सेक्टर हैं जिन पर टैरिफ का बहुत ही कम असर होने वाला है. इसमें टेलिकॉम, आईटी, बैंक और रियल एस्टेट शामिल हैं.

फार्मास्यूटिकल्स – भारत, अमेरिका को लगभग 10 अरब डॉलर की जेनरिक दवाएं भेजता है, जो कि देश के फार्मा निर्यात का 31-35 प्रतिशत हिस्सा है. अगर इस पर राहत नहीं मिली तो अमेरिकी बाजारों को किफायती दवाएं नहीं मिल सकेंगी.

टेक्सटाइल या कपड़ा – भारत के कपड़ा निर्यात का लगभग 28 प्रतिशत हिस्सा अमेरिका पहुंचता है. अमेरिका में भारत के कपड़े पर 10-12 प्रतिशत टैरिफ था, लेकिन अब 50 प्रतिशत टैरिफ हो गया है. यह सेक्टर दबाव का सामना कर सकता है.

सोलर उपकरण – एनर्जी सेक्टर पर डायरेक्ट असर होने की उम्मीद बहुत कम है. हालांकि सोलर पीवी सेल और मॉड्यूल निर्यातकों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है.

टैरिफ की वजह से इन सेक्टर्स पर पड़ सकता है कम प्रभाव

टैरिफ के प्रभाव से कुछ सेक्टर्स बच सकते हैं. आईटी, रियल एस्टेट, बैंक, पॉवर और कैपिटल गुड्स पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव पड़ेगा.

ट्रंप ने चीन को दी राहत, पर भारत पर लगाया ज्यादा टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कई देशों पर टैरिफ लगाया है, लेकिन भारत पर काफी दबाव बढ़ा दिया है. ट्रंप भारत के रूस से तेल खरीदने की वजह से नाराज हैं. अहम बात यह भी है कि चीन भी रूस से तेल खरीदता है, लेकिन उस पर कम टैरिफ लगाया है.

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