सोनम बाजवा के आगे फेल हैं मिस यूनिवर्स हरनाज संधू! ये 10 तस्वीरें हैं पुख्ता सबूत
[ad_1]
सोनम बाजवा के आगे फेल हैं मिस यूनिवर्स हरनाज संधू! ये 10 तस्वीरें हैं पुख्ता सबूत
[ad_2]
[ad_1]
सोनम बाजवा के आगे फेल हैं मिस यूनिवर्स हरनाज संधू! ये 10 तस्वीरें हैं पुख्ता सबूत
[ad_2]
[ad_1]
Stock Market News: भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर 50 प्रतिशत सीमा शुल्क लागू कर दिया है. यह नियम बुधवार से प्रभावी हो गया. विश्लेषकों का कहना है कि इस फैसले का सबसे ज्यादा असर वस्त्र, रत्न और आभूषण, चमड़ा, जूते और समुद्री उत्पादों जैसे निर्यात-आधारित क्षेत्रों पर पड़ेगा.
दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति ने रूस से तेल खरीद को लेकर भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा की थी. पहले से ही 25 प्रतिशत शुल्क लागू था, और अब कुल शुल्क 50 प्रतिशत हो गया है.
शेयरों पर दिखेगा असर
शेयर बाजार बुधवार को गणेश चतुर्थी की वजह से बंद थे, इसलिए इसका असर दिखाई नहीं दिया. लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि गुरुवार के सत्र में निवेशकों में हल्की घबराहट देखने को मिल सकती है.
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स के चीफ स्ट्रैटेजिस्ट वी. के. विजयकुमार का कहना है कि शुरुआती कारोबार में गिरावट आ सकती है, लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि निवेशक पहले से ही इस शुल्क वृद्धि की उम्मीद कर रहे थे. वहीं, मास्टर ट्रस्ट ग्रुप के निदेशक पुनीत सिंघानिया ने कहा कि निर्यात-आधारित कंपनियों की आय पर दबाव पड़ सकता है. हालांकि, दवा और आईटी जैसे रक्षात्मक सेक्टर निवेशकों के लिए आकर्षण बने रहेंगे.
सीमित दायरों में रह सकता है बाजार
ट्रेडजिनी के सीओओ त्रिवेश डी के मुताबिक, उच्च शुल्क से निर्यात-आधारित सेक्टर को चुनौती मिलेगी, लेकिन समग्र बाजार सीमित दायरे में रह सकता है. आपको बता दें कि भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी करीब 20 प्रतिशत है. ऐसे में शुल्क वृद्धि भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी चिंता बन सकती है. फिलहाल, निवेशकों की निगाहें गुरुवार के बाजार पर टिकी हुई हैं.
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)
[ad_2]
[ad_1]
Ganesha Business Lessons: गणेश जी को हिंदू धर्म में प्रथम देवता माना गया है. आज के दौर में गणेश जी पर्सनल और प्रोफशनल लाइफ में बड़ी भूमिका निभाते हैं. गणेश जी के बड़े कान से लेकर टूटा दांत और वाहन चूहे तक, हर प्रतीक हमें जीवन और कॉर्पोरेट जगत के लिए एक व्यावहारिक सबक देते हैं. आइए जानते हैं वे 9 अनमोल Life & Business Lessons, जो हर प्रोफेशनल और लीडर के लिए अनिवार्य हैं.
गणेश जी के बड़े कान यह बताते हैं कि Listening Leadership हर टीम और संगठन की रीढ़ है.
शास्त्रों में उन्हें श्रुतिसागरः कहा गया है, यानी जो सब सुनते हैं.
आधुनिक कॉर्पोरेट दुनिया में, गूगल और अमेजन जैसी कंपनियां Active Listening Workshops आयोजित करती हैं.
संदेश: एक महान लीडर वही है जो अपनी टीम, ग्राहक और निवेशक को ध्यान से सुनता है और फिर निर्णय लेता है.
गणेश जी का छोटा मुख हमें सिखाता है कि precise communication ही सफलता का मंत्र है.
बोर्डरूम में लंबी-लंबी बातें नहीं, बल्कि Short, Impactful Communication ज़रूरी है.
रामायण में गणेश जी को मधुवक्ता कहा गया है , जो मधुर और संक्षिप्त बोलते हैं.
Corporate Takeaway: Talk less, work more. Speak short, speak smart.
गणेश जी की छोटी लेकिन पैनी आंखें बताती हैं कि Focus Over Distraction हर क्षेत्र में जरूरी है.
बिजनेस में बाजार की हलचल, प्रतिस्पर्धा और अस्थिरता आपको भटका सकती है.
लेकिन जो अपने लक्ष्य पर नज़र टिकाए रखता है, वही विजेता बनता है.
यह सिद्धांत हर स्टार्टअप और कॉर्पोरेट ग्रोथ स्ट्रैटेजी की नींव है.
गणेश जी का बड़ा सिर हमें यह सीख देता है कि Think Big, Innovate Smart.
स्टार्टअप इकोसिस्टम का यही मंत्र है, Think Big, Start Small, Scale Fast.
माइक्रोसॉफ्ट और टेस्ला जैसी कंपनियों ने अपनी बड़ी सोच से दुनिया बदल दी.
Corporate Lesson: बड़ा सोचो, लेकिन Execution को Smart और Practical रखो.
महाभारत लिखते समय गणेश जी ने अपना दांत तोड़कर कलम बनाई.
यह त्याग हमें सिखाता है कि कभी-कभी छोटे Sacrifice से Long Term Success मिलती है.
एक लीडर को चाहिए कि वह अपने Ego या Comfort को टीम और संगठन के लिए त्याग दे.
Lesson: Short-term compromise for long-term vision.
गणेश जी का विशाल पेट बताता है कि Maturity is accepting Both Success and Failure.
हर प्रोजेक्ट सफल नहीं होता, लेकिन हर असफलता भविष्य के लिए सबक छोड़ जाती है.
भगवद्गीता में भी कहा गया: समत्वं योग उच्यते , संतुलन ही योग है.
Corporate Lesson: Fail fast, learn faster.
गणेश जी की सूंड कभी कठोर और कभी कोमल हो सकती है.
यही हमें सिखाती है कि Agility ही Survival Strategy है.
बिज़नेस में टेक्नोलॉजी, मार्केट और पॉलिसी हर दिन बदलते हैं. जो कंपनी सबसे तेज Adapt करती है, वही जीतती है.
गणेश जी का वरदहस्त हमें याद दिलाता है कि Positive Leadership सबसे बड़ी ताकत है.
संकट में भी जो लीडर अपनी टीम को प्रेरित करता है, वही संगठन को आगे ले जाता है.
Corporate Example: महामारी के समय जिन CEOs ने positivity फैलाई, उनकी कंपनियां तेज़ी से रिकवर हुईं.
गणेश जी का वाहन चूहा हमें सिखाता है कि Small Resources- Big Impact.
हर बड़ा बिज़नेस कभी छोटी शुरुआत से ही खड़ा हुआ है.
स्टार्टअप्स ने छोटे Resource और Smart Utilization से Global कंपनियां बनाई.
Lesson: टीम का आकार नहीं, उसकी दिशा और नेतृत्व महत्वपूर्ण है.
FAQ
Q1. Lord Ganesha से बिज़नेस मैनेजमेंट के कौन-से सबक मिलते हैं?
गणेश जी के स्वरूप से Listening Leadership, Smart Communication, Focus, Innovation और Flexibility जैसे कॉर्पोरेट सबक मिलते हैं.
Q2. क्या गणेश जी के प्रतीक आधुनिक स्टार्टअप संस्कृति में भी उपयोगी हैं?
हां, स्टार्टअप्स limited Resources, Agility और Innovation पर चलते हैं , ठीक वैसे ही जैसे गणेश जी का वाहन चूहा और सूंड का लचीलापन सिखाता है.
Q3. बड़े कान और छोटा मुख लीडरशिप के लिए क्या संदेश देते हैं?
यह सिखाते हैं कि एक लीडर को अधिक सुनना चाहिए और कम लेकिन असरदार बोलना चाहिए.
Q4. क्या गणेश जी के सबक Crisis Management में मदद करते हैं?
जी हां, बड़ा पेट और आशीर्वाद हाथ हमें सिखाते हैं कि सफलता और असफलता दोनों को संतुलन से स्वीकार कर टीम को प्रेरित किया जाए.
Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.
[ad_2]
[ad_1]
इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी जेम्स एंडरसन जुलाई 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं. उन्हें टेस्ट के महानतम गेंदबाजों में गिना जाएगा, जिन्होंने 704 टेस्ट विकेट झटके, लेकिन अब उनकी दिलचस्पी टी20 और फ्रैंचाइजी क्रिकेट में बढ़ने लगी है. उन्होंने IPL 2025 मेगा ऑक्शन के लिए अपना नाम रजिस्टर करवाया था, लेकिन अनसोल्ड रहे. अब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग के ऑक्शन में अपना नाम दिया है. बताते चलें कि 9 सितंबर को होने वाले ऑक्शन (SA20 Auction 2025) के लिए 782 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर करवाया है.
SA20 लीग का अगला सीजन 26 दिसंबर से शुरू होगा और फाइनल टी20 वर्ल्ड कप से कुछ ही दिन पहले खेला जाएगा. 43 वर्षीय जेम्स एंडरसन की बात करें तो जुलाई 2024 में अपने इंटरनेशनल करियर को विराम देने के बाद उन्होंने फर्स्ट-क्लास, द हंड्रेड लीग और अन्य टी20 मुकाबलों को मिलाकर कुल 17 मैच खेले हैं.
द हंड्रेड लीग में जेम्स एंडरसन, मैनचेस्टर ऑरिजिनल्स के लिए खेल रहे हैं, लेकिन अब तक 3 मैचों में कोई विकेट नहीं ले पाए हैं. SA20 लीग की बात करें तो उसमें कुल 6 टीम भाग लेती हैं, जिनमें से पांच का मालिकाना हक IPL टीमों के पास है. जोबर्ग सुपर किंग्स (CSK), पार्ल रॉयल्स (RR), प्रिटोरिया कैपिटल्स (DC) और MI केपटाउन (Mumbai Indians) और सनराइजर्स ईस्टर्न केप (SRH), ये सभी ऑक्शन टेबल पर मौजूद होंगी, जिनमें से कोई भी एंडरसन पर बोली लगाकर उन्हें अपने स्क्वाड में शामिल कर सकता है.
SA20 लीग का आगामी सीजन इसलिए भी खास रहने वाला है क्योंकि 13 भारतीय खिलाड़ियों ने ऑक्शन के लिए रजिस्टर किया है. इन 13 खिलाड़ियों के नाम पीयूष चावला, सिद्धार्थ कॉल, अंकित राजपूत, सरुल कंवर, अनुरीत सिंह कथुरिया, अंसारी मारूफ, महेश अहीर, निखिल जागा, मोहम्मद फैद, केएस नवीन, इमरान खान, वेंकटेश गलीपेली, अतुल यादव है.
यह भी पढ़ें:
2025 Asia Cup में हिस्सा ले रही सभी 8 टीमों की ICC रैंकिंग क्या है? बेहद बुरा है पाकिस्तान का हाल
[ad_2]
[ad_1]
जरा सोचिए.. घर के अंदर कोई मजदूर नहीं बल्कि एक रोबोट काम करता दिखे और वो भी हाथ में हथौड़ा लेकर दीवार तोड़ता हुआ.सुनने में अजीब लगता है ना.. लेकिन सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक घर के अंदर एक रोबोट मजदूरी करता नजर आ रहा है. रोबोट अपने हाथों से हथौड़ा पकड़कर दीवार पर जोर-जोर से मार रहा है और उसे तोड़ रहा है. देखने वालों को यह नजारा किसी साइंस फिक्शन फिल्म से कम नहीं लग रहा. लोग कह रहे हैं अब मजदूर की मजदूरी खतरे में है.
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक रोबोट हाथ में बड़ा सा हथौड़ा लेकर घर की दीवार तोड़ता दिखाई दे रहा है. जी हां, इतना ही नहीं, रोबोट दीवार तोड़ने में ज्यादा देर भी नहीं लगाता, दो से तीन शॉट में ही वो पूरी दीवार को जमींदोज कर देता है. रोबोट को इस तरह के रूप में देखने के बाद मजदूर वर्ग में डर का माहौल है.
रोबोट बना मज़दूर देखो कैसे आसानी से दीवार तोड़ डाली 🤯
🔨
क्या इंसानों की जगह अब मशीनें ले लेंगी 👀❓ pic.twitter.com/7J7wDOV2P8
— Nazeer Ahmad (@NazeerHuss47926) August 27, 2025
हर कोई कह रहा है कि पहले तो एआई ने सभी की नौकरी पर कब्जा जमाना शुरू किया, एक मजदूर ही बचे थे,बेचारे वो भी गए.खास बात ये है कि रोबोट दीवार तोड़ने में पूरी ताकत लगा रहा है इसके बाद भी वो ना तो गिर रहा है और ना ही उसका संतुलन बिगड़ रहा है. इंटरनेट पर ये वीडियो काफी वायरल है और लोग इसके मजे लेते दिखाई दे रहे हैं.
यह भी पढ़ें: Video: मां-बाप सावधान! 30 सेकंड में लड़की को किया किडनैप, भगा ले गए कार, देखें वीडियो
वीडियो को @NazeerHuss47926 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…मजदूर लोगों का रोजगार खतरे में है, आने वाले दिनों में इसका असर दिखेगा. एक और यूजर ने लिखा…यहां लेबर नहीं मिल रही, इस रोबोट को हमारे पास भेजो. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…दीवार इतनी आसानी से तोड़ दी, गजब की तकनीक है.
यह भी पढ़ें: डोगेश भाइयों की जीत हुई… आवारा कुत्तों पर सुप्रीम डिसीजन से झूम गया इंटरनेट, शेयर हो रहे मजेदार मीम्स
[ad_1]

दरअसल, रामभद्राचार्य ने हाल ही में संत प्रेमानंद महाराज के संस्कृत ज्ञान को लेकर एक चुनौती भरा बयान दिया था. उनके इस बयान को कई लोगों ने प्रेमानंद महाराज का अपमान मान लिया.

रामभद्राचार्य का संस्कृत अध्ययन वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से हुआ है. यहीं से उन्होंने वेद, दर्शन और संस्कृत व्याकरण में गहरी पकड़ बनाई. इसी विश्वविद्यालय से उनकी विद्वत्ता की नींव रखी गई, जिसने उन्हें जगद्गुरु का दर्जा दिलाया.

वाराणसी, उत्तर प्रदेश में स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय देश का एक प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान है. यह दुनिया के सबसे बड़े संस्कृत विश्वविद्यालयों में गिना जाता है. वर्तमान में विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की पढ़ाई करवा रहा है.

बचपन में आंखों की रोशनी खोने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद धर्म और अध्यात्म के प्रचार के लिए रामकथा की शुरुआत की और उससे मिलने वाली दक्षिणा को दिव्यांगों की सेवा में लगाया.

पहले उन्होंने मिडिल स्तर तक की पढ़ाई के लिए एक विद्यालय खोला और बाद में उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना कर समाजहित में बड़ा योगदान दिया. यही कारण है कि वह आजीवन इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बने रहे.

वह दुनिया के पहले दृष्टिबाधित कुलाधिपति हैं. जब वह सिर्फ दो महीने के थे, तभी ट्रेकोमा नामक बीमारी के कारण उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी.
Published at : 27 Aug 2025 06:13 PM (IST)

[ad_2]
[ad_1]
कहते हैं मौत और मुसीबत कभी कहकर नहीं आती. लेकिन अगर किस्मत अच्छी हो और खुदा मेहरबान हो तो मौत भी आने से पहले पूछती है और मुसीबत आने से पहले चेतावनी देती है. ऐसा ही कुछ हुआ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शख्स के साथ. ये जनाब घोड़े बेचकर सो रहे थे कि तभी इन्हें अहसास हुआ कि उनकी जेब में कुछ हलचल हो रही है जिसके बाद इन्हें थोड़ी दिक्कत जरूर हुई लेकिन बहरहाल जान बच गई. मंजर डरावना था लेकिन जानलेवा नहीं, आप भी देखिए.
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जो किसी किचन का मालूम होता है. यहां कुर्सी पर घोड़े बेचकर सो रहे शख्स के साथ जो हुआ वो आपको हैरान कर देगा. हुआ यूं कि शख्स जब नींद ले रहा था तो उसकी जेब में रखे फोन में अचानक चिंगारी निकली और वो गर्म हो गया. जिसके बाद शख्स की नींद खुल गई, नींद खुलते ही मोबाइल ने आग पकड़ ली मानों उसके जागने का ही इंतजार कर रहा था. बहरहाल, जैसे ही फोन ने आग पकड़ी शख्स घबरा गया, मोबाइल धूं धूं करके जलने लगा तब तक भाग कर आए शख्स और नींद धारी जनाब ने फोन को जेब से निकालकर बाहर फेंक दिया जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया.
⚡ खतरा बिना चेतावनी के आता है…😨
थोड़ा सा भी लेट होते तो नतीजा डरावना होता 🚨 pic.twitter.com/U6uoqikVK4
— Faruk Pathan (@Faruk_pathan01) August 27, 2025
बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन की बैटरी फूलने के बाद गर्म हो गई थी ,जिसके बाद उसमें आग लग गई. आग लगते ही शख्स ने फुर्ती दिखाते हुए फोन को जेब से निकालकर बाहर फेंक दिया. वक्त पर नींद खुलना और समझदारी दिखाने की वजह से शख्स की जान जाने से बच गई. वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद यूजर्स भी तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.
यह भी पढ़ें: डोगेश भाइयों की जीत हुई… आवारा कुत्तों पर सुप्रीम डिसीजन से झूम गया इंटरनेट, शेयर हो रहे मजेदार मीम्स
वीडियो को @Faruk_pathan01 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक हजारों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई की किस्मत बढ़िया थी जो जान बच गई. एक और यूजर ने लिखा….भाई के जिगर मा बड़ी आग है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भाई दिल जला है, मोहब्बत का मारा है तभी आग लग गई.
यह भी पढ़ें: Video: मां-बाप सावधान! 30 सेकंड में लड़की को किया किडनैप, भगा ले गए कार, देखें वीडियो
[ad_1]
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाई टैरिफ के ऐलान के बाद आखिर वो दिन आ ही गया, जब से यह टैरिफ लागू होंगे. बुधवार (27 अगस्त, 2025) को अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लागू कर दिया. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम भारत के रूस से तेल खरीद को बंद नहीं करने की वजह से उठाया गया. चूंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, ऐसे में इस टैरिफ ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. दुनिया के बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों में इस फैसले पर चर्चा हो रही है.
ट्रंप के टैरिफ पर क्या बोली US मीडिया?
अमेरिकी चैनल CNN ने इस खबर को प्रमुखता से कवर किया. उसके विश्लेषण में कहा गया कि इस टैरिफ विवाद से अमेरिका ने भारत को खो दिया है और इसके नतीजे बहुत खराब होंगे. CNN ने लिखा कि रूस से तेल खरीद पर लगाया गया टैरिफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पचाना मुश्किल है, क्योंकि ट्रंप के पहले कार्यकाल में मोदी और ट्रंप के रिश्ते बेहद अच्छे थे. CNN की दूसरी रिपोर्ट में कहा गया कि 50% टैरिफ से भारत जैसे बड़े साझेदार के साथ अमेरिका का रिश्ता खराब हो गया है. इससे अमेरिका में भारतीय सामान महंगा हो गया है और उपभोक्ता व कंपनियां पहले से महंगाई और खराब लेबर मार्केट की मार झेल रहे हैं. भारत ने पहले ही कहा है कि वह टैरिफ का जवाब देगा.
ब्रिटिश मीडिया ने कैसे किया रिपोर्ट?
ब्रिटिश अखबार Guardian ने इस कदम को भारत-अमेरिका रिश्तों में अब तक की ‘सबसे बड़ी क्षति’ बताया. एक भारतीय व्यापार अधिकारी के हवाले से लिखा गया कि ट्रंप ने सब कुछ गंवा दिया है और दोनों देशों के रिश्ते को फिर से पटरी पर लाने में लंबा वक्त लगेगा. गार्डियन ने यह भी लिखा कि भारत में माहौल विद्रोही है. मोदी सरकार ने रूसी तेल की खरीद रोकने से इनकार कर दिया है और ‘मेड इन इंडिया’ सामान खरीदने पर जोर दिया है. मोदी ने कहा है, ‘टैरिफ से दबाव बढ़ सकता है, लेकिन हम मुकाबला करेंगे.’ अखबार ने Goldman Sachs के अर्थशास्त्री शांतनु सेनगुप्ता के हवाले से चेतावनी दी कि अगर 50% टैरिफ जारी रहा तो भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5% से घटकर 6% से नीचे जा सकती है.
टैरिफ के जरिए ताकत दिखा रहे हैं ट्रंप: गार्जियन
Guardian के डिप्लोमैटिक एडिटर पैट्रिक विन्टॉर ने लिखा कि ट्रंप टैरिफ के जरिए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत और ब्राजील जैसे देश मिलकर विरोध कर रहे हैं. ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) देशों की ओर से विरोध जताया गया है, जो दिखाता है कि ट्रंप की रणनीति उलटी पड़ सकती है और एक नई प्रतिरोध धुरी बन सकती है.
रॉयटर्स ने ट्रंप के टैरिफ पर क्या कहा?
रॉयटर्स ने लिखा कि टैरिफ लागू होते ही दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों और रणनीतिक साझेदारों में तनाव बढ़ गया है. इससे भारत के छोटे निर्यातकों और नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका-भारत के बीच पांच दौर की वार्ता नाकाम होने के बाद यह कदम उठाया गया. भारत चाहता था कि अमेरिकी टैरिफ को 15% तक सीमित किया जाए, जैसा जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ पर लागू है. लेकिन राजनीतिक गलतफहमियों और संकेतों की अनदेखी के कारण वार्ता विफल रही. अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के अनुसार, 2024 में भारत-अमेरिका का व्यापार 129 अरब डॉलर का था, जिसमें अमेरिका का घाटा 45.8 अरब डॉलर रहा.
चीन के ग्लोबल टाइम्स ने क्या लिखा?
चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि भारत पर 50% टैरिफ अमेरिका के ‘सबसे ऊंचे टैरिफ’ में से एक है. रूस से तेल खरीद से नाराज होकर ट्रंप ने यह कदम उठाया है. भारत-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद भारतीय निर्यातक ऑर्डर में भारी गिरावट का सामना कर रहे हैं. अखबार ने यह भी दावा किया कि ट्रंप ने चार बार फोन कर मोदी से बात करने की कोशिश की, लेकिन मोदी ने कॉल रिसीव करने से इनकार कर दिया.
अल जजीरा और AP ने कैसे रिपोर्ट किया?
कतर के सरकारी चैनल Al Jazeera ने लिखा कि भारी टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा क्योंकि अमेरिका उसका सबसे बड़ा निर्यात बाजार है. 2024 में भारत ने अमेरिका को 87 अरब डॉलर से ज्यादा का सामान बेचा था. अल जज़ीरा ने मोदी सरकार के हवाले से लिखा कि यह टैरिफ ‘अनुचित और अविवेकपूर्ण’ है और 48 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात प्रभावित हो सकता है. AP एजेंसी के हवाले से कहा गया कि इससे नौकरियों पर भी खतरा है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है.
[ad_2]
[ad_1]

सबसे पहले जान लीजिए कि गूगल एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो हर सर्च क्वेरी का रिकॉर्ड रखता है. जब भी आप कुछ टाइप करते हैं, तो उसका डेटा सुरक्षित रहता है. साइबर सेल और इन्वेस्टिगेशन एजेंसियां जरूरत पड़ने पर इन सर्च हिस्ट्री को ट्रैक कर सकती हैं. ऐसे में अगर आपने कोई गलत या संदिग्ध शब्द गूगल पर डाला तो यह आपके खिलाफ सबूत भी बन सकता है.

उदाहरण के तौर पर, हथियार बनाने के तरीके, बम तैयार करने के फार्मूले या ड्रग्स से जुड़ी जानकारी सर्च करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. अगर कोई व्यक्ति मज़ाक या जिज्ञासा में भी ऐसे शब्द गूगल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है. कई मामलों में लोगों को पुलिस ने ऐसे ही सर्च पैटर्न की वजह से हिरासत में लिया है.

इसके अलावा, गूगल पर अश्लील या प्रतिबंधित कंटेंट से जुड़े कीवर्ड डालना भी जोखिम भरा हो सकता है. नाबालिगों से संबंधित पोर्नोग्राफी सर्च करना भारतीय कानून के तहत सख्त अपराध है. ऐसा करते पकड़े जाने पर न सिर्फ जेल हो सकती है बल्कि भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.

एक और गलती जो लोग अक्सर कर बैठते हैं वह है किसी व्यक्ति, संस्था या धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें सर्च करना या कंटेंट शेयर करना. यह साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है और इस पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है. ऐसे मामलों में सोशल मीडिया और गूगल दोनों की सर्च हिस्ट्री जांची जाती है.

गूगल पर बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी नोट बनाने के तरीके या हैकिंग ट्रिक्स सर्च करना भी बेहद खतरनाक है. यह सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में आता है और साइबर पुलिस तुरंत अलर्ट हो जाती है. कई बार तो संदिग्ध सर्च करने वालों को ट्रैक कर तुरंत गिरफ्तार भी कर लिया जाता है.

इसलिए याद रखिए कि गूगल आपका दोस्त ज़रूर है लेकिन यह कानून से ऊपर नहीं. इंटरनेट पर कुछ भी टाइप करने से पहले सोचें कि कहीं वह आपको मुश्किल में तो नहीं डाल देगा. सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट यूज़ ही सबसे बेहतर विकल्प है. ऐसे में गूगल का इस्तेमाल हमेशा जानकारी और सीखने के लिए करें न कि अवैध या संदिग्ध गतिविधियों के लिए. वरना लापरवाही में किया गया एक सर्च आपकी जिंदगी को मुश्किल बना सकता है और पुलिस आपके घर तक पहुंच सकती है.
Published at : 27 Aug 2025 01:47 PM (IST)

[ad_2]
[ad_1]
आलिया भट्ट अपनी फिटनेस का खास ध्यान रखती हैं. बेटी राहा के जन्म के बाद वो एकदम फिट अवतार में वापस आ गई हैं. आलिया ने राहा को नवंबर 2022 में जन्म दिया था और उसके जन्म के कुछ समय बाद ही उन्होंने अपना फिटनेस रूटीन फॉलो करना शुरू कर दिया था. आलिया वर्कआउट के साथ गेम्स भी खेलती हैं ताकि वो फिट रह सकें. आलिया अक्सर अपने वर्कआउट की फोटोज और वीडियो फैंस के लिए शेयर करती रहती हैं. इस बार आलिया के ट्रेनर ने उनकी वर्कआउट करते हुए फोटोज शेयर की हैं. जिसमें से एक फोटो उनकी बेटी राहा ने क्लिक की है.
रणबीर और आलिया की छोटी राहा अब अपनी मम्मा की पर्सनल फोटोग्राफर बनती जा रही हैं. वो आलिया के साथ उनके वर्कआउट सेशन में भी जाती हैं. आलिया के ट्रेनर करण ने एक्ट्रेस के वर्कआउट की फोटोज शेयर की हैं.
राहा बनी मम्मा की फोटोग्राफर
करण ने पहले आलिया के साथ एक मिरर सेल्फी शेयर की है और दूसरी फोटो में वो वर्कआउट कर रही हैं. करण ने फोटो शेयर करते हुए लिखा- ‘पहली फोटो में आलिया भट्ट ने 40 मिनट का पुल सेशन बहुत ही शानदार किया. राहा की फोटोग्राफी स्किल्स देखने के लिए स्वाइप करें.’
फैंस हुए इंप्रेस
करण के पोस्ट पर फैंस ढेर सारे कमेंट कर रहे हैं. एक ने लिखा- राहा के फोटोग्राफी स्किल्स शानदार हैं. दूसरे ने लिखा- राहा को ये अपने पापा से मिले हैं. एक ने लिखा- वाओ, बेबी फोटोग्राफर राहा.
बता दें रणबीर कपूर भी बहुत अच्छी फोटोग्राफी करते हैं. रणबीर सोशल मीडिया पर नहीं हैं लेकिन आलिया अक्सर उनकी क्लिक की हुई फोटोज शेयर करती रहती हैं. राहा भी अब अपने पापा की तरह बनती जा रही हैं.
वर्कफ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट जल्द ही संजय लीला भंसाली की फिल्म लव एंड वॉर में नजर आने वाली हैं. इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और विक्की कौशल लीड रोल में नजर आएंगे.
ये भी पढ़ें: War 2 Box Office Collection Day 14: ‘वॉर 2’ की चपेट में आई शाहरुख खान की ब्लॉकबस्टर फिल्म, देखें दो हफ्तों का कलेक्शन
[ad_2]