MPESB पैरामेडिकल भर्ती 2025: आवेदन की तारीख बढ़ी, अब 30 अगस्त तक कर सकते हैं अप्लाई

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अब उम्मीदवार 30 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, फॉर्म में सुधार करने की आखिरी तारीख 2 सितंबर 2025 तय की गई है. पहले आवेदन की डेडलाइन 11 अगस्त थी, लेकिन अब उम्मीदवारों को और समय मिल गया है.

अब उम्मीदवार 30 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. वहीं, फॉर्म में सुधार करने की आखिरी तारीख 2 सितंबर 2025 तय की गई है. पहले आवेदन की डेडलाइन 11 अगस्त थी, लेकिन अब उम्मीदवारों को और समय मिल गया है.

उम्मीदवार एमपीईएसबी की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती अभियान में कई तरह के पैरामेडिकल पदों पर भर्तियां निकली हैं, जिनमें फिजियोथेरेपिस्ट, काउंसलर, फार्मासिस्ट, नेत्र सहायक और ओटी टेक्नीशियन शामिल हैं. अभियान के तहत 700 पदों पर भर्ती होगी.

उम्मीदवार एमपीईएसबी की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं. इस भर्ती अभियान में कई तरह के पैरामेडिकल पदों पर भर्तियां निकली हैं, जिनमें फिजियोथेरेपिस्ट, काउंसलर, फार्मासिस्ट, नेत्र सहायक और ओटी टेक्नीशियन शामिल हैं. अभियान के तहत 700 पदों पर भर्ती होगी.

फार्मेसी में डिप्लोमा या डिग्री (फार्मासिस्ट के लिए), ओटी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा (ओटी टेक्नीशियन के लिए), फिजियोथेरेपी में डिग्री या डिप्लोमा (फिजियोथेरेपिस्ट के लिए), ऑप्टोमेट्री या नेत्र विज्ञान से संबंधित डिग्री (नेत्र सहायक के लिए).

फार्मेसी में डिप्लोमा या डिग्री (फार्मासिस्ट के लिए), ओटी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा (ओटी टेक्नीशियन के लिए), फिजियोथेरेपी में डिग्री या डिप्लोमा (फिजियोथेरेपिस्ट के लिए), ऑप्टोमेट्री या नेत्र विज्ञान से संबंधित डिग्री (नेत्र सहायक के लिए).

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 साल है. जबकि अधिकतम उम्र 40 साल तय की गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को मध्यप्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जाएगी. एससी और एसटी वर्ग को 5 साल तक की छूट मिलेगी. ओबीसी उम्मीदवारों को 3 साल तक की छूट. दिव्यांगजन को 10 साल तक की छूट दी जाएगी.

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 साल है. जबकि अधिकतम उम्र 40 साल तय की गई है. आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को मध्यप्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र सीमा में छूट दी जाएगी. एससी और एसटी वर्ग को 5 साल तक की छूट मिलेगी. ओबीसी उम्मीदवारों को 3 साल तक की छूट. दिव्यांगजन को 10 साल तक की छूट दी जाएगी.

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए फीस 500 रुपये है. एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांग और मध्यप्रदेश के मूल निवासी उम्मीदवारों के लिए फीस 250 रुपए तय की गई है. आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा किया जाएगा.

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए फीस 500 रुपये है. एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, दिव्यांग और मध्यप्रदेश के मूल निवासी उम्मीदवारों के लिए फीस 250 रुपए तय की गई है. आवेदन शुल्क ऑनलाइन जमा किया जाएगा.

शुरुआती सैलरी 36,200 रुपये प्रति माह से शुरू होकर 1,14,800 रुपये तक जा सकती है. इसके अलावा, भत्ते और अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी.

शुरुआती सैलरी 36,200 रुपये प्रति माह से शुरू होकर 1,14,800 रुपये तक जा सकती है. इसके अलावा, भत्ते और अन्य सुविधाएं भी दी जाएंगी.

सबसे पहले एमपीईएसबी की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं. होमपेज पर पैरामेडिकल संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 का लिंक ढूंढें और उस पर क्लिक करें. नया रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन आईडी व पासवर्ड बनाएं.

सबसे पहले एमपीईएसबी की आधिकारिक वेबसाइट esb.mp.gov.in पर जाएं. होमपेज पर पैरामेडिकल संयुक्त भर्ती परीक्षा 2025 का लिंक ढूंढें और उस पर क्लिक करें. नया रजिस्ट्रेशन करें और लॉगिन आईडी व पासवर्ड बनाएं.

Published at : 29 Aug 2025 08:16 AM (IST)

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बुर्ज खलीफा पहुंच गया राजू कलाकार, खूबसूरत हसीना के साथ वायरल हो रहा वीडियो

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सोशल मीडिया पर अपने टैलेंट से पहचान बनाने वाले राजू कलाकार एक बार फिर चर्चा में है. कभी दो पत्थरों को बजाकर गाना गाने वाले राजू अब दुबई के मशहूर बुर्ज खलीफा के सामने दिखाई दे दिए हैं. इस बार उनका नया वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह एक खूबसूरत हसीना के साथ गाना गाते नजर आ रहे हैं.

सड़कों से बुर्ज खलीफा तक का सफर

राजस्थान के रहने वाले और सूरत में बस चुके राजू कलाकार का असली नाम राजू भट्ट है. उन्होंने दिल पर चलाई छुरिया गाकर रातों-रात इंटरनेट पर धूम मचा दी थी. यही गाना उन्हें स्टार बना गया. उनकी आवाज इतनी पॉपुलर हुई कि सोनू निगम ने भी उनके साथ इस गाने को दोबारा गया, जिसे टी सीरीज ने रिलीज किया.

वीडियो पर यूजर्स के मजेदार रिएक्शन

बुर्ज खलीफा के सामने शूट किए गए इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर धूम मचा दी है. वीडियो को देखकर यूजर्स भी तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं. एक यूजर ने लिखा कि दो पत्थरों से शुरू हुआ सफर अब दुबई की सड़कों तक, यह है असली सोशल मीडिया का जादू. वहीं दूसरे यूजर ने लिखा की बेलेंसिया की शर्ट, बुर्ज खलीफा का बैकग्राउंड और साथ में खूबसूरत हसीना अब तो भाई बिग बॉस में ही नजर आएगा. वहीं किसी ने मजे लेते हुए लिखा मैं तो सपने में ही अमेरिका घूम आया लेकिन राजू तो सच में दुबई पहुंच गया.

पापुलैरिटी बरकरार या रानू मंडल जैसा सफर

लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया ने राजू कलाकार की जिंदगी बदल दी है. अब हर कोई उनके गाने पर रील बना रहा है. हालांकि कुछ लोग सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या उनकी पापुलैरिटी लंबी चलेगी या फिर रानु मंडल की तरह सिर्फ कुछ समय की चमक है.

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इन 5 मामलों में iPhone 17 Air से बेहतर होंगे Pro Models, यह फीचर तो यूजर्स की मौज कर देगा

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Apple इस बार अपनी लाइनअप में अल्ट्रा-स्लिम iPhone 17 Air को लॉन्च करने वाली है. 9 सितंबर को होने वाले इवेंट में कंपनी आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स को लॉन्च करेगी. कीमत के हिसाब से इन मॉडल्स में अलग-अलग फीचर्स मिलने वाले हैं. आज हम आपको उन 5 फीचर्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनमें 17 प्रो मॉडल्स 17 एयर के मुकाबले बेहतर होने जा रहे हैं.

बैटरी

बैटरी के मामले में 17 प्रो मॉडल्स बाजी मारेंगे और इसमें कोई हैरानी भी नहीं होनी चाहिए. 17 एयर की थिकनेस कम रखने के लिए कंपनी ने बैटरी का साइज छोटा रखा है. वहीं दूसरी ओर 17 प्रो मैक्स में बड़ी बैटरी देने के लिए इसकी मोटाई को बढ़ाया गया है. 

कैमरा सेटअप

कैमरा के मामले में प्रो मॉडल्स हमेशा आगे रहे हैं और इस बार भी ऐसा ही होने जा रहा है. आईफोन 17 प्रो और 17 प्रो मैक्स के रियर मे 48MP के प्राइमरी कैमरा के साथ टेलीफोटो और अल्ट्रा वाइड लेंस दिया जा सकता है, वहीं आईफोन 17 एयर में सिर्फ 48MP का मेन कैमरा मिलेगा. फ्रंट में तीनों ही मॉडल 24MP लेंस के साथ लॉन्च हो सकते हैं.

एंटी-रिफ्लेक्टिव डिस्प्ले

पिछले कुछ समय से ऐप्पल अपने प्रोडक्ट्स में एंटी-रिफ्लेक्टिव डिस्प्ले दे रही है. यह रिफ्लेक्शन को कम कर देता है. अब कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि आईफोन 17 सीरीज के प्रो मॉडल में ऐप्पल एंटी-रिफ्लेक्टिव टेक्नोलॉजी दे सकती है, लेकिन एयर मॉडल में यह फीचर नहीं आएगा.

चिपसेट

एयर और प्रो मॉडल्स में एक और अंतर चिपसेट का होगा. ये तीनों ही मॉडल 12GB रैम के साथ लॉन्च हो सकते हैं, लेकिन एयर मॉडल में प्रो मॉडल वाली A19 Pro चिप नहीं मिलेगी. चिपसेट के मामले में भी प्रो मॉडल्स बेहतर होंगे.

रिवर्स वायरलेस चार्जिंग

हालिया कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि ऐप्पल ने 17 प्रो मॉडल्स के लिए रिवर्र वायरलेस चार्जिंग को टेस्ट किया है. ऐसे में यह कयास लगाए जाने लगे हैं कि प्रो मॉडल्स इस फीचर के साथ आएंगे. इस फीचर की मदद से यूजर अपने अपने दूसरे ऐप्पल डिवाइसेस को इनके बैक पर रखकर चार्ज कर सकेंगे. 17 एयर में यह फीचर नहीं मिलेगा..

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गर्भवती महिलाएं पितृपक्ष में क्या न करें, शिशु पर पड़ सकता है असर

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आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष चलते हैं. यह समय पूर्वजों को याद करने और उन्हें श्रद्धांलजि अर्पित करने का होता है. ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष के समय मृत पूर्वज अपने परिवार वालों से मिलने धरती पर आते हैं और सर्व पितृ अमावस्या पर वापस लौट जाते हैं.

आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तिथि तक पितृ पक्ष या श्राद्ध पक्ष चलते हैं. यह समय पूर्वजों को याद करने और उन्हें श्रद्धांलजि अर्पित करने का होता है. ऐसी मान्यता है कि पितृ पक्ष के समय मृत पूर्वज अपने परिवार वालों से मिलने धरती पर आते हैं और सर्व पितृ अमावस्या पर वापस लौट जाते हैं.

पितृ पक्ष के समय पितरों की आत्मा की शांति और उनकी आशीर्वाद पाने के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण आदि किया जाता है. इस समय खान-पान को लेकर कई नियमों का पालन करना होता है, कोई मांगलिक काम नहीं होते और कई चीजें वर्जित होती हैं.

पितृ पक्ष के समय पितरों की आत्मा की शांति और उनकी आशीर्वाद पाने के लिए पिंडदान, श्राद्ध और तर्पण आदि किया जाता है. इस समय खान-पान को लेकर कई नियमों का पालन करना होता है, कोई मांगलिक काम नहीं होते और कई चीजें वर्जित होती हैं.

इसी के साथ पितृ पक्ष के समय खासकर गर्भवती स्त्रियों का सावधानी बरतनी चाहिए. यदि गर्भवती महिलाएं इन बातों का ध्यान नहीं रखेंगी, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ सकता है. इसलिए जान लें कि पितृ पक्ष के 15 दिनों में प्रेग्नेंट महिला क्या नहीं करें.

इसी के साथ पितृ पक्ष के समय खासकर गर्भवती स्त्रियों का सावधानी बरतनी चाहिए. यदि गर्भवती महिलाएं इन बातों का ध्यान नहीं रखेंगी, तो इसका प्रतिकूल प्रभाव गर्भ में पल रहे शिशु पर भी पड़ सकता है. इसलिए जान लें कि पितृ पक्ष के 15 दिनों में प्रेग्नेंट महिला क्या नहीं करें.

पितृ पक्ष के समय गर्भवती महिला को तामसिक भोजन (मांसाहार, लहसुन-प्याज और अधिक तला भुना) का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दौरान सात्विक भोजन ही ग्रहण करें. इससे मन और शरीर दोनों शांति रहेंगे, जोकि बच्चे के लिए भी अच्छा है.

पितृ पक्ष के समय गर्भवती महिला को तामसिक भोजन (मांसाहार, लहसुन-प्याज और अधिक तला भुना) का सेवन नहीं करना चाहिए. इस दौरान सात्विक भोजन ही ग्रहण करें. इससे मन और शरीर दोनों शांति रहेंगे, जोकि बच्चे के लिए भी अच्छा है.

पितृ पक्ष के श्राद्ध में पितरों के लिए जो भी भोजन बनाया जाए, उसे गर्भवती महिला को छूने से भी बचना चाहिए और ना ही खाना चाहिए. गर्भावस्था के समय पिंड दान वाले स्थानों पर भी नहीं जाना चाहिए.

पितृ पक्ष के श्राद्ध में पितरों के लिए जो भी भोजन बनाया जाए, उसे गर्भवती महिला को छूने से भी बचना चाहिए और ना ही खाना चाहिए. गर्भावस्था के समय पिंड दान वाले स्थानों पर भी नहीं जाना चाहिए.

इस साल 2025 में पितृ पक्ष के पहले और अंतिम दिन ग्रहण भी लगेगा. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को बहुत संभलकर रहने की जरूरत है. ग्रहण के समय घर से बाहर निकलें, पेट पर गेरु लगाएं और नुकीली चीजों के प्रयोग से बचें. बता दें कि पितृ पक्ष के पहले दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण और अंतिम दिन यानी सर्व पितृ अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लगेगा.

इस साल 2025 में पितृ पक्ष के पहले और अंतिम दिन ग्रहण भी लगेगा. ऐसे में गर्भवती महिलाओं को बहुत संभलकर रहने की जरूरत है. ग्रहण के समय घर से बाहर निकलें, पेट पर गेरु लगाएं और नुकीली चीजों के प्रयोग से बचें. बता दें कि पितृ पक्ष के पहले दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण और अंतिम दिन यानी सर्व पितृ अमावस्या पर सूर्य ग्रहण लगेगा.

Published at : 29 Aug 2025 09:38 AM (IST)

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अमेरिका का राष्ट्रपति बनना चाहते हैं जेडी वेंस! इंटरव्यू में डोनाल्ड ट्रंप को लेकर कही ये जरूरी

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अमेरिकी मीडिया को दिए इंटरव्यू में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि वह अमेरिका के राष्ट्रपति बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. वेंस ने यह भी कहा की उन्हें पूरा विश्वास है कि ट्रंप अच्छी स्थिति में हैं, वे अपना शेष कार्यकाल पूरा करेंगे और अमेरिकी लोगों के लिए काम करते रहेंगे. उन्होंने अपने अनुभवों को साझा किया और कहा कि उपराष्ट्रपति पद पर रहते हुए उन्हें ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग का अमूल्य अवसर मिला है. उनके मुताबिक पिछले 200 दिनों में उन्होंने नेतृत्व, नीति-निर्माण और राष्ट्रपति पद से जुड़े कामों का गहन अनुभव हासिल किया है.

78 साल के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उम्र और स्वास्थ्य को लेकर सवाल लगातार उठते रहे हैं.  डेमोक्रेट्स और यहां तक कि रिपब्लिकन पार्टी के अंदर भी, विशेषकर निक्की हेली जैसे नेताओं ने ट्रंप की उम्र को मुद्दा बनाया. हाल ही में व्हाइट हाउस ने जानकारी दी थी कि ट्रंप को क्रोनिक वेनस इनसफीशिएंसी नामक एक सामान्य रोग है. उनके पैरों में आई सूजन की वजह से यह मुद्दा चर्चा में आया. व्हाइट हाउस के चिकित्सक सीन बारबेला ने इसे सामान्य बताया और कहा कि यह किसी गंभीर स्वास्थ्य का संकेत नहीं है. इस पर वेंस ने राष्ट्रपति के स्वास्थ्य को लेकर सकारात्मक बात की. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का स्वास्थ्य बहुत अच्छा है. उनमें गजब की एनर्जी है. वह रात में आख़िरी कॉल करने वाले और सुबह सबसे पहले कॉल उठाने वाले व्यक्ति हैं.”

हत्या के प्रयास और व्हाइट हाउस की प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति ट्रंप को अपने पिछले चुनाव अभियान के दौरान दो बार मारने की कोशिश की गई थी. जुलाई 2024 में पेंसिल्वेनिया की एक रैली में एक हमलावर ने ट्रंप को गोली मारी, जिससे उनके कान पर लगी. इस घटना के बावजूद उन्होंने रिपब्लिकन नेशनल कन्वेंशन में शिरकत की और अपने कान पर पट्टी बांधकर पार्टी का नामांकन स्वीकार किया. सितंबर 2024 में भी एक और घटना सामने आई, जब फ्लोरिडा में उनके गोल्फ कोर्स पर एक व्यक्ति राइफल लेकर घुसने की कोशिश कर रहा था. सीक्रेट सर्विस ने समय रहते उसे पकड़ लिया और एक बड़ा हादसा टल गया. इन घटनाओं ने यह साफ़ कर दिया कि राष्ट्रपति पद केवल राजनीतिक ही नहीं बल्कि सुरक्षा के लिहाज़ से भी चुनौतीपूर्ण है. वेंस ने कहा, “हां, भयानक त्रासदियां होती हैं, लेकिन मुझे पूरा विश्वास है कि राष्ट्रपति अच्छी स्थिति में हैं और अमेरिकी लोगों के लिए महान काम करेंगे.”

वेंस नेतृत्व की नई भूमिका की ओर
जेडी वेंस ने कहा कि भगवान न करे, अगर कोई गंभीर स्थिति आती है तो उन्हें पिछले 200 दिनों का अनुभव काम आएगा. यह बयान उनके आत्मविश्वास और राष्ट्रपति पद की ज़िम्मेदारी उठाने की तत्परता को उजागर करता है.

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गोविंदा ने गणपति बप्पा को दी विदाई, अनन्या पांडे ने ईको-फ्रेंडली अंदाज में किया विसर्जन

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बॉलीवुड से लेकर टीवी तक कई सेलेब्स गणपति बप्पा को अपने घर लेकर आए हैं. कोई बप्पा को पूरे 11 दिन तक अपने घर में विराजमान करता है तो कुछ 5 या उससे कम दिन में ही बप्पा का विसर्जन कर देते हैं. बॉलीवुड और टीवी के कई सेलेब्स ने गुरुवार को बप्पा का विसर्जन कर दिया है. हर सेलेब्स का तरीका काफी हटकर था. अनन्या पांडे ने इस साल अपने घर में ही विसर्जन किया तो वहीं टीवी के राम-सीता गुरमीत-देबिना ने ढोल बजाकर बप्पा को अलविदा कहा.

गोविंदा ने किया बप्पा का विसर्जन

गोविंदा भी अपने परिवार के साथ बप्पा को घर लेकर आए थे. उन्होंने बप्पा का विसर्जन कर दिया है. गोविंदा और सुनीता का बेटा यशवर्धन बप्पा को घर से कार में लेकर गए. गोविंदा के बप्पा की विदाई का वीडियो वायरल हो रहा है.


अनन्या ने किया इको-फ्रेंडली अंदाज में

अनन्या पांडे गणपति का विसर्जन करने के लिए कहीं बाहर नहीं गईं बल्कि उन्होंने घर में ही विसर्जन किया. उन्होंने बप्पा को अलविदा कहने की वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की है जिसमें वो विसर्जन करती नजर आ रही हैं.



देबिना-गुरमीत ने किया जमकर डांस

देबिना और गुरमीत दोनों बप्पा को लेकर मुंबई के घाट पर गए थे. जहां उन्होंने ढोल पर खूब डांस किया. उनकी दोनों प्यारी बेटियां भी खूब डांस करती हुई नजर आईं.

अंबानी परिवार ने किया विसर्जन


अंबानी परिवार भी गणपति को बहुत ही धूमधाम से अपने घर लेकर आया था. गुरुवार को अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट ने भी बप्पा का विसर्जन किया. अंबानी परिवार के गणपति के दर्शन के लिए कई बड़े सेलेब्स उनके घर पहुंचे थे.


भारती सिंह, युविका चौधरी, दीपिका सिंह जैसे कई टीवी सेलेब्स ने भी गणपति बप्पा का विसर्जन किया. हर कोई बप्पा की भक्ति में लीन नजर आया. अगले साल फिर बप्पा को घर लाने की खुशी में उनका विसर्जन किया.



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धूप में ज्यादा वक्त बिताने से माइकल क्लार्क को हुआ स्किन कैंसर, जानें यह बीमारी कितनी खतरनाक?

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ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेट कप्तान माइकल क्लार्क एक बार फिर सुर्खियों में हैं. दरअसल, उन्होंने स्किन कैंसर की वजह से हाल ही में अपनी नाक की एक और सर्जरी कराई. बता दें कि माइकल क्लार्क को धूप में घंटों क्रिकेट खेलने की वजह से यह समस्या हुई. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या धूप में ज्यादा वक्त बिताने से स्किन कैंसर हो जाता है और यह बीमारी कितनी खतरनाक है? आइए इसके लक्षण, टेस्ट और बचाव के तरीकों के बारे में जानते हैं.

माइकल क्लार्क ने किया यह पोस्ट

माइकल क्लार्क ने 29 अगस्त (शुक्रवार) को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट किया. उन्होंने बताया कि स्किन कैंसर की वजह से उन्होंने नाक की छठी सर्जरी कराई है. उन्होंने लिखा कि ऑस्ट्रेलिया में स्किन कैंसर के मामले बेहद कॉमन हैं. आज मैंने अपनी नाक की एक और गांठ निकलवाई. सबको याद दिला रहा हूं कि अपनी स्किन की जांच कराते रहो. गौरतलब है कि साल 2006 में माइकल क्लार्क को पहली बार इस बीमारी का पता चला था. क्रिकेट के मैदान पर घंटों धूप में खेलने की वजह से उन्हें यह समस्या हुई. अब 44 साल की उम्र में क्लार्क एक बार फिर इस बीमारी से लड़ रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया में ज्यादा क्यों होता है स्किन कैंसर?

माइकल क्लार्क जैसे क्रिकेटरों को मैच के दौरान घंटों सूरज की तेज रोशनी में रहना पड़ता है. डॉक्टरों के मुताबिक, इसी वजह से क्लार्क को स्किन कैंसर हुआ. 2019 के दौरान उनके माथे से तीन गांठें निकाली गईं, जो नॉन-मेलानोमा स्किन कैंसर थीं. अब नाक पर सर्जरी हुई है. क्लार्क कहते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में सूरज की किरणें बहुत तेज हैं, इसलिए वहां स्किन कैंसर के केस सबसे ज्यादा हैं. 

क्यों होता है स्किन कैंसर?

स्किन कैंसर त्वचा की कोशिकाओं में असामान्य बढ़ोतरी की वजह से होता है. इसका सबसे बड़ा कारण सूरज की अल्ट्रावायलेट (यूवी) किरणें हैं. जब हम ज्यादा देर धूप में रहते हैं तो ये किरणें स्किन के डीएनए को नुकसान पहुंचाती हैं. इससे कोशिकाएं कंट्रोल से बाहर होकर कैंसर बन जाती हैं. क्लार्क की तरह जो क्रिकेट खेलते हुए धूप में रहते थे, ऐसे लोगों को खतरा ज्यादा होता है. अन्य कारणों में गोरी स्किन, परिवार में कैंसर की हिस्ट्री, कमजोर इम्युनिटी सिस्टम और केमिकल्स का संपर्क आदि भी शामिल हैं. टैनिंग बेड या आर्टिफिशियल यूवी लाइट्स भी कैंसर की वजह हो सकते हैं. ऑस्ट्रेलिया में ओजोन लेयर पतली है, जिसके कारण यूवी किरणों का खतरा ज्यादा होता है. यही वजह है कि ऑस्ट्रेलिया में स्किन कैंसर के केस काफी ज्यादा हैं.

कितनी तरह का होता है स्किन कैंसर?

स्किन कैंसर के तीन तरह का होता है. इनमें बेसल सेल कार्सिनोमा सबसे कॉमन है, जो धीरे-धीरे बढ़ता है. दूसरे नंबर पर स्क्वॉमस सेल कार्सिनोमा आता है, जो स्किन की ऊपरी लेयर में होता है. वहीं, तीसरा मेलानोमा कैंसर होता है, जो सबसे खतरनाक होता है और तेजी से फैलता है. क्लार्क को ज्यादातर नॉन-मेलानोमा टाइप का कैंसर हुआ है, जो कम खतरनाक है, लेकिन बार-बार रिपीट हो सकता है.

स्किन कैंसर के लक्षण

स्किन कैंसर के लक्षण शुरुआत में छोटे लगते हैं, लेकिन इग्नोर करने से बड़ा खतरा बन जाते हैं. अगर स्किन पर नई गांठ या स्पॉट बढ़ रहा है तो ध्यान देने की जरूरत है. इसके अलावा पुराने तिल के रंग, आकार या शेप में बदलाव, घाव ठीक नहीं होना, खुजली वाली जगह से खून निकलना भी स्किन कैंसर के लक्षण हैं. अगर ऐसे संकेत दिखें तो डॉक्टर से मिलें, क्योंकि जल्दी पता चलने से 95 पर्सेंट केस ठीक हो जाते हैं.

इन टेस्ट से लगता है स्किन कैंसर का पता

स्किन कैंसर का पता लगाने का सबसे सही तरीका रेगुलर चेकअप है. इसमें विजुअल एग्जाम, डर्मोस्कोपी, बायोप्सी आदि करके बीमारी का पता लगाया जाता है. अगर आप धूप में ज्यादा वक्त बिताते हैं तो साल में एक बार स्किन चेकअप जरूर कराना चाहिए.

कैसे कर सकते हैं बचाव?

अगर स्किन कैंसर से बचना चाहते हैं तो धूप में कम निकलना चाहिए. अगर धूप में जाना जरूरी है तो सनस्क्रीन इस्तेमाल करनी चाहिए. साथ ही, पूरी आस्तीन के कपड़े, हैड और चश्मा पहनना चाहिए. टैनिंग होने के कारण स्किन कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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भारोत्तोलक अजय बाबू और बेदब्रत ने रिकॉर्ड वजन उठाकर जीता गोल्ड मेडल

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अनुभवी भारोत्तोलक अजय बाबू वल्लूरी और युवा भारोत्तोलक बेदब्रत भराली ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीते.

राष्ट्रीय खेलों के चैंपियन अजय ने सीनियर पुरुष 79 किग्रा वर्ग में कुल 335 किग्रा भार उठाया जिसमें स्नैच में 152 किग्रा का चैंपियनशिप रिकॉर्ड और क्लीन एंड जर्क में 183 किग्रा का वजन शामिल है.

अजय ने 148 किग्रा के अपने पहले प्रयास में फाउल के बाद दूसरे प्रयास में भी इतना ही भार उठाया और फिर उसे 152 किग्रा तक बढ़ा दिया. इस तरह उन्होंने नाइजीरिया के एडिडियोंग जोसेफ उमोआफिया द्वारा बनाए गए 147 किग्रा के स्नैच रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.

उन्होंने क्लीन एंड जर्क में 176 किग्रा से 180 किग्रा तक लगातार प्रगति की. फिर 183 किग्रा से रिकॉर्ड तोड़ते हुए कुल 335 किग्रा भार उठाया. अजय ने पिछले साल के चरण में भी 81 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था.

भारत ने महिला वर्ग में भी एक पदक जीता. 2022 राष्ट्रमंडल खेलों की कांस्य पदक विजेता हरजिंदर कौर ने 69 किग्रा भार वर्ग में कांस्य पदक जीता. उन्होंने स्नैच में 95 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 123 किग्रा वजन उठाकर कुल 222 किग्रा भार उठाया.

जूनियर पुरुष वर्ग के 79 किग्रा भार वर्ग में बेदब्रत ने स्नैच, क्लीन एंड जर्क और कुल भार वर्ग में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 326 किग्रा भार उठाकर स्वर्ण पदक जीता.

उन्होंने स्नैच में लगातार सुधार करते हुए 138 किग्रा से 142 किग्रा और अंततः 145 किग्रा वजन उठाया जिससे 139 किग्रा के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया. क्लीन एंड जर्क में उन्होंने 173 किग्रा, 177 किग्रा और फिर 181 किग्रा वजन उठाया और 169 किग्रा के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया.

बेदब्रत ने कुल 326 किग्रा से चैंपियनशिप के 307 किग्रा के रिकॉर्ड को भी बेहतर किया. भारत को युवा महिलाओं की 77 किग्रा स्पर्धा में ग्रिश्मा थोराट से रजत पदक भी मिला. उन्होंने स्नैच में 79 किग्रा और क्लीन एंड जर्क में 99 किग्रा वजन उठाकर कुल 178 किग्रा वजन उठाया.

इस स्पर्धा में समोआ की सीन स्टोवर्स का दबदबा रहा जिन्होंने 102 किग्रा स्नैच के साथ अपना ही मीट रिकॉर्ड तोड़ दिया और कुल 229 किग्रा वजन उठाया.

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धड़ाम हो गए सैमसंग के 50MP कैमरा वाले इस प्रीमियम स्मार्टफोन के दाम, 25,000 से ज्यादा की छूट

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Samsung Galaxy S24 Price Cut: नया स्मार्टफोन खरीदने का प्लान बना रहे ग्राहकों के लिए शानदार मौका है. दरअसल, Samsung Galaxy S24 पर इस समय भारी डिस्काउंट मिल रहा है. यह फ्लिपकार्ट पर 33 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ लिस्टेड है और इस पर दूसरे ऑफर का भी फायदा उठाया जा सकता है. सैमसंग का यह प्रीमियम स्मार्टफोन कई शानदार फीचर्स से लैस है. आइए जानते हैं कि इस फोन पर फिलहाल क्या ऑफर चल रहा है और आप कितनी कीमत में इसे अपना बना सकते हैं.

Samsung Galaxy S24 के फीचर

यह सैमसंग का पहला AI पावर्ड स्मार्टफोन है. इसमें 6.2 इंच का FHD+ AMOLED डिस्प्ले मिलता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट को सपोर्ट करता है. इसे 8GB रैम के साथ Exynos 2400 चिपसेट से पेयर किया गया है. वाटर और डस्ट रजिस्टेंस के लिए इसे IP68 रेटिंग मिली हुई है. सैमसंग ने इसे 4,000mAh की बैटरी से लैस किया है, जो 25W वायर्ड और 15W वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करती है. कैमरा की बात करें तो इसके रियर में 50MP का मेन सेंसर, 10MP टेलीफोटो कैमरा और 12MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस मिलता है. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए यह 12MP कैमरा के साथ आता है.

कितने रुपये में उपलब्ध है Samsung Galaxy S24?

74,999 रुपये की कीमत वाला यह फोन फ्लिपकार्ट पर महज 49,999 रुपये में लिस्टेड है और इस पर 5 प्रतिशत कैश बैक भी ऑफर किया जा रहा है. साथ ही कंपनी एक्सचेंज ऑफर भी दे रही है, जिसमें आप अपना पुराना फोन देकर नया Samsung Galaxy S24 खरीद सकते हैं. ऑफर की वैलिडिटी को लेकर कोई जानकारी नहीं आई है. इसलिए फोन खरीदने से पहले ऑफर और बाकी चीजें ध्यान से देख लें.

OnePlus 13 से होता है मुकाबला

Samsung Galaxy S24 का मार्केट में OnePlus 13 से कड़ा मुकाबला होता है. वनप्लस के इस प्रीमियम स्मार्टफोन में 12 GB रैम और 256GB स्टोरेज मिलती है. 6.82 इंच डिस्प्ले वाले इस फोन के रियर में 50MP + 50MP + 50MP का ट्रिपल कैमरा सेटअप आता है. फ्रंट में इसके 32MP लेंस दिया गया है. कंपनी ने इसे 6000mAh की बैटरी से लैस किया है. अभी इसकी कीमत 65,499 रुपये है.

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ट्रंप को भारत ने किया इग्नोर! टैरिफ के सामने सीना तानकर हुआ खड़ा, अब रूस से और ज्यादा खरीदेगा

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भारत और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, लेकिन भारत, अमेरिका के आगे झुकने वाला नहीं है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारत अब रूस से और ज्यादा तेल खरीदने की तैयारी में है. ट्रंप ने रूस से तेल खरीदने की वजह से ही कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था. 

अमेर‍िकी टैर‍िफ को दरक‍िनार कर भारत सितंबर महीने में रूस से क्रूड ऑयल का आयात बढ़ाने जा रहा है. र‍िलायंस इंडस्‍ट्रीज और नायरा एनर्जी की तरफ से स‍ितंबर महीने में क्रूड ऑयल का आयात मौजूदा महीनों के मुकाबले बढ़ाने का प्‍लान क‍िया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक रिलायंस इंडस्ट्रीज और नायरा एनर्जी अगस्त की तुलना में रूसी तेल की खरीद 10-20% बढ़ा सकती हैं. इसका मतलब यह हुआ क‍ि रोजाना डेढ़ से तीन लाख बैरल एक्‍स्‍ट्रा तेल आयात क‍िया जा सकता है.

रूसी तेल से दिक्कत, पर खुद रूस से ट्रेड कर रहा अमेरिका

भारत रूसी तेल आपूर्ति का सबसे बड़ा खरीदार बन गया है. अमेरिकी अधिकारियों ने भारत पर रूसी तेल पर छूट से मुनाफा कमाने का आरोप लगाया है, जबकि भारतीय अधिकारियों ने पश्चिमी देशों पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है. ट्रंप को इस बात से दिक्कत है कि भारत, रूस से क्यों तेल खरीदता है, लेकिन अमेरिका अभी भी रूस से अरबों डॉलर का ट्रेड करता है.

 

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