गाजा में मरने वालों को अब कफन भी नहीं हो रहा नसीब, कंबल में लपेट दफनाए जा रहे इजरायली हमलों में

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गाजा में हालात इतने भयावह हो चुके हैं कि अब मारे गए लोगों को दफनाने के लिए कफन तक मयस्सर नहीं है. लगातार इजरायली हमलों और भूख से मरने वालों की तादाद इतनी बढ़ गई है कि सफेद कफन की जगह अब शवों को मोटे कंबलों में लपेटकर दफनाया जा रहा है. श्मशान और अस्पताल दोनों भर चुके हैं. 

इजरायली फायरिंग और एयरस्ट्राइक्स में सोमवार (04 अगस्त,2025) को कम से कम 40 फिलिस्तीनियों की मौत हो गई. इनमें 10 लोग वे थे जो अमेरिकी समर्थित ‘गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन’ (GHF) के राहत केंद्रों पर मदद लेने पहुंचे थे. इसके अलावा 5 लोगों की भूख और कुपोषण के चलते मौत हो गई.

राहत केंद्रों पर गोलीबारी, शरणार्थियों की हुई मौत
स्थानीय डॉक्टरों ने बताया कि ये 10 मौतें मध्य और दक्षिण गाजा में दो अलग-अलग घटनाओं में हुईं. वहीं, गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने जानकारी दी कि रविवार को उत्तरी गाजा में ज़िकिम क्रॉसिंग पर राहत ट्रक का इंतजार कर रहे 13 लोगों को भी गोली मार दी गई.

या तो आटा मिलता है या शव बनकर लौटते हैं लोग!
40 वर्षीय फिलिस्तीनी बिलाल थारी ने बताया, ‘जो भी मदद लेने जाता है, वह या तो आटे की बोरी लेकर लौटता है या फिर लाश बनकर. कोई सुरक्षित नहीं लौटता.’ उन्होंने सोमवार को अल शिफा अस्पताल में अपने परिजनों की लाशें लेने पहुंचे लोगों के साथ दुख साझा किया.

कफन भी नहीं बचे, कम्बलों में लपेटे शव
गाजा में इसरायली सीमाई प्रतिबंधों और मौतों की बढ़ती संख्या के कारण सफेद कफन की भारी कमी हो गई है. इसलिए शवों को रंगीन मोटे कम्बलों में लपेटा जा रहा है, जिससे इस्लामिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार में बाधा आ रही है.

“हमें युद्ध नहीं, शांति चाहिए”
बिलाल थारी ने कहा, ‘हम युद्ध नहीं चाहते. हम शांति चाहते हैं. महिलाएं सड़कों पर हैं, हम सब भूखे हैं. हमारे पास एक सामान्य जीवन जीने की कोई सुविधा नहीं है. ये जीवन नहीं है.’

इजरायल की सफाई और रणनीति
इजरायली सेना ने सोमवार की घटना पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं दी, लेकिन कहा कि दक्षिण गाजा में जिस राहत केंद्र के पास लोग मारे गए, वहां उन्होंने सोमवार को गोली नहीं चलाई. इजरायल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि वह अपनी सुरक्षा कैबिनेट के साथ इस हफ्ते रणनीति पर चर्चा करेंगे.

भूख से अब तक 180 की मौत, 93 बच्चे शामिल
गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, बीते 24 घंटों में पांच और लोग भूख से मर गए हैं. युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 180 लोगों की भूख से मौत हो चुकी है, जिनमें 93 बच्चे शामिल हैं. संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि खाने की एयरड्रॉप पर्याप्त नहीं हैं, ज़मीन के रास्ते तत्काल अधिक राहत भेजी जानी चाहिए.

इजरायल ने कितनी मदद भेजी?
COGAT (इजरायली सैन्य एजेंसी) ने बताया कि पिछले सप्ताह 1,200 ट्रकों में 23,000 टन से अधिक मानवीय सहायता गाजा भेजी गई. हालांकि इनमें से सैकड़ों ट्रक अब भी वितरण केंद्रों तक नहीं पहुंच पाए हैं. इजरायली सेना ने बताया कि छह देशों के सहयोग से सोमवार को 120 फूड पैकेट एयरड्रॉप किए गए.

हमास शासित गाजा मीडिया कार्यालय ने बताया कि जुलाई के अंत से जबसे इजरायल ने सीमित राहत देने की अनुमति दी है, अब तक 600 राहत ट्रक पहुंचे हैं. लेकिन गवाहों और हमास के सूत्रों का कहना है कि इनमें से कई ट्रक रास्ते में ही लूट लिए गए. संयुक्त राष्ट्र और फिलिस्तीनी अधिकारियों के मुताबिक, गाजा को हर दिन कम से कम 600 राहत ट्रकों की ज़रूरत है, जो युद्ध से पहले इजरायल द्वारा अनुमत संख्या थी.

यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ था, जब हमास ने दक्षिणी इजरायल पर हमला कर 1,200 लोगों को मार डाला और 251 को बंधक बना लिया. इसके जवाब में इजरायल ने गाजा पर हमला शुरू कर दिया. अब तक इजरायल के हमलों में 60,000 से अधिक फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है. इजरायली आंकड़ों के मुताबिक, अब भी गाजा में 50 बंधक हैं, जिनमें से सिर्फ 20 के जीवित होने की संभावना है.

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5 अगस्त 2025,सावन पुत्रदा एकादशी का पंचांग, पूजा मुहूर्त, उपाय, मुहूर्त, किन राशियों को होगा ला

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Hindi Panchang 5 अगस्त 2025: 5 अगस्त 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है. इस दिन सावन पुत्रदा एकादशी और मंगला गौरी व्रत है. संतान की प्राप्ति के लिए ये दिन बेहद पुण्यफलदायी माना गया है. इसके प्रभाव से जीवन में न सिर्फ सुख का आगमन होता है साथ ही मोक्ष के द्वार भी खुल जाते हैं.

आइए जानते हैं ये दिन किन राशियों के लिए शुभ-अशुभ है, इस दिन का शुभ समय, अशुभ काल, राहुकाल, ग्रह स्थिति और विशेष उपाय भी जानें.

5 अगस्त का पंचांग 2025 (Hindi Panchang 5 August 2025)












तिथि

एकादशी (4 अगस्त 2025, सुबह 11.41 – 5 अगस्त 2025, दोपहर 1.42)

वार मंगलवार
नक्षत्र ज्येष्ठा
योग इंद्र, रवि योग
सूर्योदय सुबह 5.38
सूर्यास्त
शाम 7.17
चंद्रोदय
दोपहर 4.19
चंद्रोस्त
सुबह 2.23, 5 अगस्त
चंद्र राशि
वृश्चिक

चौघड़िया मुहूर्त









सुबह का चौघड़िया
चर सुबह 9.06 – सुबह 10.46
लाभ सुबह 10.46 – दोपहर 12.27
अमृत दोपहर 12.27 – दोपहर 2.07
शाम का चौघड़िया
लाभ रात 8.29 – रात 9.48

राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal)








राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) दोपहर 3.48 – शाम 5.29
यमगण्ड काल दोपहर 12.27 – दोपहर 2.08
गुलिक काल दोपहर 12.27 – दोपहर 2.07
विडाल योग
सुबह 5.45 – सुबह 11.23,
भद्रा काल सुबह 5.45 – दोपहर 1.12

ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 5 August 2025)












सूर्य कर्क
चंद्रमा वृश्चिक
मंगल सिंह
बुध कर्क
गुरु मिथुन
शुक्र मिथुन
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह

किन राशियों को लाभ





मेष राशि विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर यदि कोई समस्या थी, तो वह भी दूर होती दिख रही है.
सिंह राशि पुराने मित्र से लंबे समय बाद मिलकर खुशी होगी और आपका कोई काम यदि लंबे समय से रुके हुआ था, तो उसके भी फाइनल होने की संभावना है.

कौन सी राशियों संभलकर रहें





वृश्चिक राशि आपको किसी विरोधी की बातों में आने से बचना होगा.
धनु राशि जल्दबाजी की आदत के कारण कोई गलती होने की संभावना है.

FAQs: 5 अगस्त 2025

  1. Q.कौन सा उपाय करें ?
    सावन पुत्रदा एकादशी के दिन गोपाल मंत्र – ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ग्लौं देवकीसुत गोविन्द वासुदेव जगत्पते देहि में तनयं कृष्ण त्वामहं शरणं गतः का  108 बार जाप करें. इससे संतान प्राप्ति के रास्ते सुलभ होते हैं.
  2. Q. कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ?
    इस दिन रवि और इंद्र योग संयोग बन रहा है.

Sawan Putrada Ekadashi 2025: घर में गूंजेंगी बच्चे की किलकारी! सावन पुत्रदा एकादशी की पूजा में जरुर पढ़ें ये कथा

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Video: फ्री की बिरयानी के लिए गंदी करतूत, वेज थाली में खुद डाल दी हड्डी, चालाकी कैमरे में कैद

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UP News: 31 जुलाई की रात एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया जब करीब 12 से 13 युवक एक रेस्टोरेंट में खाना खाने पहुंचे. कुछ लोगों ने वेज खाना ऑर्डर किया था, तो कुछ ने नॉनवेज. खाना आ चुका था और सब अपने-अपने खाने में लगे थे, तभी एक युवक अचानक चिल्लाने लगा, क्या निकला है दिखाइए? हड्डी है! वेज में हड्डी निकली है.”

वेज बिरयानी में खुद डाल दी हड्डी

उसके इतना बोलते ही रेस्टोरेंट का माहौल बिगड़ गया. वहां मौजूद दूसरे ग्राहकों और स्टाफ के बीच हड़कंप मच गया. युवक ने रेस्टोरेंट पर आरोप लगाया कि उन्होंने वेज थाली में नॉनवेज परोस दिया. उसने तेज आवाज में कहा, “कोई सफाई नहीं है यहां पर देखिए, वेज में हड्डी निकली है.”

हंगामा इतना बढ़ गया कि रेस्टोरेंट का स्टाफ भी हैरान रह गया. लेकिन जब रेस्टोरेंट के मैनेजर ने सीसीटीवी फुटेज देखा, तो पूरी सच्चाई सामने आ गई.

CCTV से पता चली सच्चाई

वीडियो में साफ दिखा कि जिस युवक ने शिकायत की, उसका एक दोस्त जो नॉनवेज खा रहा था, उसने अपनी प्लेट से हड्डी उठाकर दूसरे लड़के को दी. फिर वह लड़का बड़ी चालाकी से वह हड्डी वेज खाना खा रहे युवक की थाली में डाल देता है. यह घटना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले की बताई जा रही है.

यह पूरा घटनाक्रम CCTV में रिकॉर्ड हो चुका था, जिससे यह साबित हो गया कि यह आरोप झूठा और जानबूझकर किया गया था. इस घटना के बाद रेस्टोरेंट ने आरोप लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने का फैसला किया है, ताकि भविष्य में कोई इस तरह झूठा आरोप लगाकर प्रतिष्ठानों की छवि न बिगाड़े. इस वीडियो के सामने आने के बाद लोगों ने युवक की काफी निंदा की.

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आयुर्वेद को दिलाई वैश्विक पहचान, आचार्य बालकृष्ण के योगदान से ऐसे शिखर पर पहुंचा पतंजलि

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पतंजलि आयुर्वेद भारत की एक ऐसी कंपनी है, जिसने आयुर्वेद और योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई. पतंजलि का दावा है कि कंपनी की अभूतपूर्व सफलता के पीछे आचार्य बालकृष्ण का नेतृत्व एक प्रमुख प्रेरक शक्ति रहा है. उनकी दूरदर्शिता, कड़ी मेहनत और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण ने पतंजलि को एक साधारण शुरुआत से देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर प्रोडक्ट कंपनियों में से एक बनाया है.

पतंजलि ने कहा, ”आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद और योग को आधुनिक दुनिया में नया जीवन दिया. 1995 में स्वामी रामदेव के साथ मिलकर उन्होंने दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की और 2006 में पतंजलि आयुर्वेद की नींव रखी. उनका मानना है कि स्वास्थ्य, समृद्धि और मानसिक शांति आपस में जुड़े हुए हैं. इस दर्शन को उन्होंने पतंजलि के उत्पादों में शामिल किया, जो प्राकृतिक और रसायन-मुक्त हैं. उनके नेतृत्व में पतंजलि ने साबुन, तेल, खाद्य पदार्थों से लेकर हर्बल दवाओं तक 400 से अधिक उत्पाद लॉन्च किए, जो उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हैं.”

भारतीय उत्पाद गुणवत्ता में किसी से कम नहीं- पतंजलि

पतंजलि का कहना है, ”आचार्य बालकृष्ण ने ‘स्वदेशी’ और ‘मेक इन इंडिया’ के सिद्धांत को पतंजलि की रणनीति का आधार बनाया. उन्होंने भारतीय उत्पादों को वैश्विक ब्रांडों के मुकाबले खड़ा किया और उपभोक्ताओं में यह विश्वास जगाया कि भारतीय उत्पाद गुणवत्ता में किसी से कम नहीं हैं. उनकी मार्केटिंग रणनीति पारंपरिक नियमों को चुनौती देती है, जिसमें बिना बाहरी मार्केट रिसर्च के कई श्रेणियों में उत्पाद लॉन्च किए गए. यह दृष्टिकोण पतंजलि को एक अनूठी पहचान देता है.”

पतंजलि ने बताया, ”आचार्य बालकृष्ण का कार्यशैली और समर्पण उनकी सफलता का एक बड़ा कारण है. वह प्रतिदिन 15 घंटे काम करते हैं, बिना छुट्टी लिए. वह पतंजलि में 94% हिस्सेदारी रखते हैं, लेकिन वेतन नहीं लेते. उनकी सादगी भरी जीवनशैली और अनुशासन कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है. उनके कार्यालय में कंप्यूटर की बजाय कागजी दस्तावेजों का उपयोग और पारंपरिक पोशाक में काम करना उनकी सादगी को दर्शाता है.”

शिक्षा और अनुसंधान में भी आचार्य का योगदान- पतंजलि

पतंजलि का दावा है, ”आचार्य बालकृष्ण ने केवल व्यापार में ही नहीं, बल्कि शिक्षा और अनुसंधान में भी योगदान दिया है. वह पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति हैं और 330 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं. उनकी ‘वर्ल्ड हर्बल एनसाइक्लोपीडिया’ 50,000 औषधीय पौधों का दस्तावेजीकरण करती है, जो वैश्विक स्तर पर सराहा गया. यह उनके ज्ञान और आयुर्वेद के प्रति समर्पण का प्रतीक है.”

पतंजलि का कहना है, ”आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में पतंजलि ने न केवल भारत में बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज की. अमेजन और बिगबास्केट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी ने ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दिया. उनकी रणनीति में वितरक नेटवर्क को दोगुना करना, नए कारखाने स्थापित करना और कर्मचारी संख्या को पांच लाख तक बढ़ाना शामिल है.”

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एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले सूर्यकुमार यादव के रिटर्न पर आई ‘गुड न्यूज’

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Suryakumar Yadav Sports Hernia Surgery: भारत की टी20 इंटरनेशनल टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की हाल ही में स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी हुई थी. अब सूर्यकुमार यादव की हेल्थ को लेकर बड़ा अपडेट आया है. सर्जरी के बाद भारतीय कप्तान पहली बार प्रैक्टिस के लिए लौटे हैं. पिछले हफ्ते सूर्यकुमार यादव बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रैक्टिस करते नजर आए. भारत के इस खिलाड़ी की जुलाई 2025 में जर्मनी में सर्जरी हुई थी.

एशिया कप से पहले लौटे SKY

सूर्यकुमार यादव तब से ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मेडिकल स्टाफ की देख-रेख में हैं, जब से उनके पेट के निचले दाहिने हिस्से की सर्जरी से उबर रहे हैं. अब धीरे-धीरे अगले कुछ हफ्तों में सूर्यकुमार यादव का वर्कलोड बढ़ेगा और वे 9 सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप (Asia Cup 2025) से पहले टीम इंडिया में वापसी करेंगे. इस बार एशिया कप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में होने वाला है.

ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक, पहले सूर्यकुमार यादव बांग्लादेश के खिलाफ अगस्त में होने वाली टी20 सीरीज में ही वापसी करने वाले थे, लेकिन अब ये सीरीज अगले साल 2026 तक के लिए स्थगित हो गई है. ऐसे में अब सूर्यकुमार सीधे एशिया कप में ही खेलते नजर आएंगे. सूर्या को दिलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन टीम के स्क्वाड में भी शामिल किया गया था, लेकिन सर्जरी वजह से ही इस खिलाड़ी को ये टूर्नामेंट छोड़ना पड़ा.

एशिया कप में पाकिस्तान के साथ मैच

एशिया कप में भारत के टी20 कप्तान वापसी करने वाल हैं, लेकिन इसी एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर बवाल मचा हुआ है. कुछ लोग इस मैच के विरोध में हैं. वहीं कुछ लोग चाहते हैं कि पाकिस्तान के साथ खेलकर उसे हराया जाए. अगर भारत, पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलता है तो इससे ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए टीम इंडिया को काफी नुकसान हो सकता है.

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Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, होगी मनोकामना पूरी

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हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को बहुत ही शुभ और पुण्य फलदायी माना जाता है. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा-अराधना की जाती है. हर मास शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में दो एकादशी तिथि पड़ती है. सावन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि में पड़ने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. जोकि मंगलवार 5 अगस्त 2025 को है.

पुत्रदा एकादशी का व्रत और पूजन करने से जातक को संतान सुख की प्राप्ति होती है. संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति को यह व्रत अवश्य करना चाहिए. इसके अलावा यह व्रत संतान की सुरक्षा, सफलता और सुखद पारिवारिक जीवन के लिए भी रखा जाता है.

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, एकादशी पूजन में कथा, पाठ, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ आदि भी किया जाता है. साथ ही पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप भी करना चाहिए. लेकिन अगर आप अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जाप करेंगे तो, इससे आपकी मनोकामना पूर्ण होगी.

राशि अनुसार मंत्रों का जाप (Mantra Jaap According to Zodiac Sign)

मेष राशि (Mesh Rashi)- ‘ऊँ श्री प्रभवे नम: और ॐ महाकन्यायै नमः’ मंत्र का जाप करें.

वृषभ राशि (Vrishabh Rashi)- ‘ऊँ श्री सुरेशाय नम: और ॐ महादेव्यै नमः’ मंत्र का जाप करें.

मिथुन राशि (Mithun Rashi)- पुत्रदा एकादशी की पूजा के दौरान ‘ऊँ श्री कमलनयनाय नम: और ॐ त्रिपुरायै नमः’ मंत्र का जाप करें.

कर्क राशि (Kark Rashi)- कर्क राशि वाले ‘ऊँ श्री धनंजाय नम: और ॐ कामाक्ष्यै नमः’ मंत्र का जाप करें.

सिंह राशि (Singh Rashi)‘ऊँ श्री कृष्णाय नम: और ॐ देव्यै नमः’ मंत्र का जाप करना लाभकारी रहेगा.

कन्या राशि (Kanya Rashi)- पूजा के समय ‘ ऊँ श्री विष्णवे नम: और ॐ परमायै नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं.

तुला राशि (Tula Rashi)- ‘ऊँ श्री भूभवे नम: और ॐ देवमात्रे नमः मंत्र का जाप करें. इससे भगवान विष्णु के साथ ही देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होंगी.

वृश्चिक राशि (Vrishchik Rashi)- ‘ऊँ श्री प्रजापतये नम: और ॐ मोहिन्यै नमः’ मंत्र का जाप करें.

धनु राशि (Dhanu Rashi)- आप ‘ऊँ श्री उपेन्द्राय नम: और ॐ चन्द्रिकायै नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं.

मकर राशि (Makar Rashi)- ‘ऊँ श्री शत्रुजिते नम: और ॐ हरिप्रियायै नमः’ मंत्र का जाप करें.

कुंभ राशि (Kumbh Rashi)- इस राशि के जातक ‘ऊँ श्री माधवाय नम: मंत्र का जाप करें.

मीन राशि (Meen Rashi)- पूजा के समय ‘ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नम: और ॐ सिद्धलक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q. क्या हर राशि के लिए अलग मंत्र होता है?

A. हां, हर राशि का ग्रह अलग है. राशि की प्रकृति के अनुसार विशिष्ट मंत्र भी होते हैं.

Q. मंत्र का जाप किस दिशा में करना चाहिए?

A. मंत्र जाप करते समय जाकत का मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.

Q.क्या सिर्फ व्रत के दौरान ही मंत्र जाप कर सकते हैं?

A. नहीं, ऐसा नहीं है. अगर आप व्रत ना भी रखें तो श्रद्धा से मंत्र जाप कर सकते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.ो

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Infinix GT 30 5G Plus: 8 अगस्त को होगा लॉन्च, गेमिंग के शौकीनों के लिए दमदार फीचर्स के साथ आएगा

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अगर आप एक नया गेमिंग स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. Infinix GT 30 5G Plus अगले हफ्ते, 8 अगस्त दोपहर 12 बजे भारत में लॉन्च होने जा रहा है. कंपनी ने लॉन्च से पहले ही इसके कई दमदार फीचर्स का खुलासा कर दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह फोन खास तौर पर गेमिंग लवर्स के लिए तैयार किया गया है.

Flipkart पर हुआ लिस्ट, डिजाइन और कलर ऑप्शन का खुलासा

फोन के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर एक डेडिकेटेड पेज भी लाइव हो चुका है, जहां से इसके डिजाइन और कलर ऑप्शन की जानकारी मिलती है. Infinix GT 30 5G+ को प्लस ग्रीन, साइबर ब्लू और ब्लेड व्हाइट जैसे तीन आकर्षक रंगों में पेश किया जाएगा. फोन के बैक साइड में नथिंग फोन की तरह लाइटिंग डिजाइन देखने को मिलेगी, जिसे कंपनी ने साइबर मेचा डिजाइन 2.0 नाम दिया है.

दमदार परफॉर्मेंस और गेमिंग के लिए स्पेशल ट्रिगर बटन

फोन में MediaTek Dimensity 7400 प्रोसेसर मिलेगा, जो 7,79,000+ Antutu स्कोर के साथ आता है. यह चिपसेट 25% ज्यादा पावर एफिशिएंसी देने का दावा करता है. इसके साथ फोन में 16GB तक RAM और 256GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलेगा. गेमिंग अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए इसमें GT शोल्डर ट्रिगर बटन भी दिया गया है, जो क्विक लॉन्च, कैमरा कंट्रोल और वीडियो प्लेबैक में काम आएगा.

शानदार डिस्प्ले और AI फीचर्स से लैस

फोन में 1.5K रेजोल्यूशन वाली AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट, 10-बिट कलर डेप्थ, 4500 निट्स पीक ब्राइटनेस और Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन के साथ आएगी. इसके अलावा, फोन में एडवांस्ड AI फीचर्स भी मिलेंगे जो स्मार्टफोन को और ज्यादा यूजर-फ्रेंडली बनाते हैं.

5 अगस्त को बाकी फीचर्स से उठेगा पर्दा

Infinix ने कुछ प्रमुख फीचर्स का खुलासा कर दिया है, लेकिन बाकी स्पेसिफिकेशन से कंपनी 5 अगस्त को पर्दा उठाएगी.

अन्य लॉन्चिंग अपडेट

आपको बता दें कि Infinix GT 30 5G Plus के अलावा, Vivo T4R 5G की सेल भी अगले हफ्ते 5 अगस्त दोपहर 12 बजे से शुरू हो रही है. यह फोन भारत का सबसे पतला क्वाड कर्व्ड डिस्प्ले फोन है और इसे भी Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा.

इसमें 6.77 इंच की क्वाड कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 9400 दमदार प्रोसेसर, 120Hz रिफ्रेश रेट+ 2160Hz PWM डिमिंग सपोर्ट, Diamond Shield ग्लास प्रोटेक्शन, IP68 और IP69 वाटर-डस्ट रेसिस्टेंट, Google Circle to Search, AI Note Assist जैसे एडवांस फीचर्स हैं.

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मेडिकल स्टूडेंट्स पर भारी पड़ रहा बिहार सरकार का फैसला, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों ने डबल की फीस

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अगर आप बिहार में MBBS करने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. बिहार के निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को अब भारी भरकम फीस का सामना करना पड़ सकता है. दरअसल, निजी मेडिकल कॉलेजों ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार का मौजूदा आदेश पूरी तरह लागू होता है, तो बाकी बची 50% सीटों पर छात्रों से 30 से 40 लाख रुपये तक वसूले जा सकते हैं.

बिहार सरकार ने यह आदेश दिया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों की 50 प्रतिशत सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों जैसी कम फीस ही ली जाए. यानी हर साल सिर्फ करीब 1.2 से 1.5 लाख रुपये में MBBS की पढ़ाई का मौका मिल सकेगा. ये नियम कुल 9 निजी मेडिकल कॉलेजों की लगभग 1350 MBBS सीटों में से 675 सीटों पर लागू होगा.

इस फैसले का फायदा तो हजारों छात्रों को मिलने वाला है लेकिन अब कॉलेज प्रशासन ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि अगर आधी सीटों पर कम फीस ली जाएगी, तो वे बाकी की आधी सीटों पर भारी फीस वसूलने को मजबूर होंगे, जिससे छात्र 5 साल की पढ़ाई में कुल 30 से 40 लाख रुपये तक चुकाने को मजबूर हो सकते हैं.

महंगी होगी फीस?

इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जिन्हें सरकारी फीस पर सीट नहीं मिलेगी. पहले से ही निजी कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा की फीस 8 से 16 लाख रुपये सालाना तक होती है और अब यह और भी महंगी हो सकती है. यानी मेडिकल की पढ़ाई सिर्फ अमीर तबके तक सीमित रह सकती है.

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कम खर्च में डॉक्टर

हालांकि जिन छात्रों का चयन कम फीस वाली सीटों पर हो जाएगा, उनके लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा. उन्हें कम खर्च में डॉक्टर बनने का मौका मिल सकता है. खासकर ग्रामीण इलाकों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और ओबीसी छात्रों को इस नीति से बड़ा फायदा मिल सकता है.

क्या बोले प्राइवेट मेडिकल कॉलेज

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों का कहना है कि यदि सरकार इतनी कम फीस पर सीट भरवाना चाहती है, तो उन्हें वित्तीय सहायता भी देनी चाहिए. वरना कॉलेजों की आर्थिक हालत बिगड़ सकती है और संस्थान चलाना मुश्किल हो जाएगा.

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Viral: सड़क पर बैठे बेल को तेज रफ्तार कार ने कुचला, घिसटता चला गया बेल, वीडियो वायरल

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Himachal Pradesh News: अक्सर आपने देखा होगा कि गाय, भैस, सांड और बैल थक कर आराम करने के लिए सड़क के किनारे या कही भी बैठ जाते हैं. कई वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल भी होते रहते है, जिसमें  बीच सड़क पर जानवरों के लड़ाई होने के या बीच रोड़ पर बैठने पर होने वाले हादसे के भी कई वीडियो वायरल होते रहते है.

एक ऐसा ही वीडियो हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में शिमला-मटौर नेशनल हाईवे  (NH-5) से सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पर बैठे एक आवारा बैल को कुचल दिया और उसे कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गई. ये एक बड़ा ही भयावह हादसा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

ड्राइवर हादसे के बाद मौके से फरार हुआ

बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद बैल गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर तड़पता रहा. वह न तो खड़ा हो पा रहा था और न ही चल पा रहा था. पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कार ड्राइवर हादसे के बाद मौके से फरार हो गया. हादसे के बाद कई गुजरती हुई कारें और एक टेम्पो बैल से बचने के लिए रास्ता बदलते दिखें, लेकिन कोई भी रुककर उसकी मदद नहीं कर पाया. कार ड्राइवर ने हादसे के बाद गाड़ी नहीं रोकी और वहां से निकल गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया.

ड्राइवर को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश जारी

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग ड्राइवर की लापरवाही के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. बिलासपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेद के आधार पर जांच शुरू कर दी है. यह घटना सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीर सवाल उठाती है. डीएसपी बिलासपुर ने बताया कि हादसे की जांच जारी है और ड्राइवर को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश की जा रही है.


खाने की तलाश में हाथी ने जाम कर दिया हाईवे! ट्रकों में टटोले बैग और फिर…वीडियो हो रहा वायरल

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भूख न जात-पात देखती है, न जंगल-शहर. इंसान हो या जानवर, जब पेट में चूहे दौड़ते हैं, तो शेर भी सयंमी हो जाता है और हाथी भाई, हाथी तो सीधे ट्रैफिक रोक देता है. जी हां, ऐसा ही कुछ हुआ ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में, जहां एक जंगली हाथी पेट की पुकार सुनकर सीधा सड़क पर आ धमका. ना कोई हुंकार, ना तांडव बस आंखों में भूख और सूंड में उम्मीद लेकर वो ट्रकों के बीचों-बीच खड़ा हो गया, जैसे कह रहा हो “कुछ खिलाओ यार, बहुत दिन से कुछ सही नहीं खाया.” वीडियो देखने के बाद आप भी हैरान तो होंगे ही साथ ही भावुकता के साथ आपकी आंखों में आंसू भी आ जाएंगे.

भूख से परेशान हाथी ने रोक लिया ट्रैफिक

पूरा मामला सुंदरगढ़ के कोइड़ा बनखंड इलाके का है, जहां सागरगढ़-मंडीजोड़ा रोड पर एक जंगली हाथी सड़क पर आ गया. ये रास्ता आम तौर पर व्यस्त रहता है और उस वक्त भी वहां एल्युमीनियम से लदे कई भारी-भरकम ट्रक जा रहे थे. तभी अचानक जंगल की ओर से हाथी आया और ट्रैफिक के बीच खड़ा हो गया. उसे देखकर ट्रक ड्राइवरों की हालत थोड़ी देर के लिए पतली हो गई कोई हॉर्न बजाने की हिम्मत नहीं कर पाया, कोई ट्रक से नीचे नहीं उतरा. सबने गाड़ियां रोक दीं और खुद भी रुक गए.

लेकिन जो आगे हुआ, उसने सबके चेहरे पर हैरानी और मुस्कान दोनों ला दी. हाथी सीधा एक ट्रक के पास गया, सूंड ऊपर उठाई और ड्राइवर की खिड़की से एक बैग उठा लिया. उस बैग को अपनी सूंड में पकड़कर वो बड़ी शांति से सूंघने लगा. जैसे बच्चे टिफिन में झांककर देखते हैं “क्या लाए हैं आज?” वैसे ही हाथी महाशय बैग को सूंघ रहे थे. जब उन्हें लगा कि उसमें कोई स्वादिष्ट चीज नहीं है, तो उन्होंने बैग वहीं छोड़ दिया और आगे बढ़ गए. न किसी को मारा, न डराया बस खाने की तलाश की और आगे बढ़ गए.

ट्रक वालों का बैग टटोलने लगा हाथी

बताया जा रहा है कि यह हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था. शायद जंगल में खाना नहीं मिल पाया, इसलिए इंसानी इलाकों में चला आया. उसकी चाल में न कोई आक्रामकता थी, न कोई गुस्सा बस पेट पूजा का मिशन था और कुछ नहीं. गौर करने वाली बात ये है कि ऐसी घटनाएं अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं. जून में थाईलैंड के खाओ याई राष्ट्रीय उद्यान के पास भी ऐसा ही एक दृश्य रिकॉर्ड हुआ. वहां एक भूखा हाथी जिसका नाम स्थानीय लोग ‘प्लाई बियांग लेक’ के नाम से जानते हैं एक दुकान में घुस गया था. कैमरे में कैद इस वीडियो में हाथी को आराम से दुकान में टहलते और खाने की चीजें सूंघते देखा गया था.

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यूजर्स हुए हैरान

वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भूख सभी को लगती है, चूहे हर किसी के पेट में दौड़ते हैं. एक और यूजर ने लिखा…भाई उसे कुछ दे दो, यूं ही भूखा मत जाने दो. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भूख हाथी को भी परेशान कर देती है.

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