वॉर 2 में एआई के सहारे ऋतिक रोशन, लेकिन चार कदम आगे निकले जूनियर एनटीआर

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‘वॉर 2’ साल की मच अवेटेड फिल्मों में से एक है. ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर स्टारर इस फिल्म को ग्रैंड बनाने में यशराज फिल्म्स भी कोई कसर नहीं छोड़ रहा है. एक्शन पैक्ज फिल्म को एक्साइटिंग बनाने के लिए नई-नई एडवांस टेक्निक अपनाई जा रही हैं. वहीं प्रोडक्शन हाउस ने फिल्म की पैन इंडिया रिलीज के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल भी किया है. इसके तरत ऋतिक की तेलुगु डबिंग के लिए एआई का इस्तेमाल किया गया है. हालांकि जूनियर एनटीआर इस मामले में ऋतिक से चार कदम आगे साबित हुए हैं.

ऋतिक रोशन ने डबिंग के लिए लिया एआई का सहारा
बता दे कि रामायण के लिए नमित मल्होत्रा के एआई अप्रोच को फॉलो करते हुए, आदित्य चोपड़ा और उनकी वाईआरएफ टीम ‘वॉर 2’ के लिए एआई बेस्ड डबिंग और लिप-सिंक टेक्निक का इस्तेमाल कर रही है. ऋतिक रोशन की तेलुगु आवाज़ के लिए एक प्रोफेशनल डबिंग आर्टिस्ट की आवाज का इस्तेमाल किया गया है जिसे फिर एआई द्वारा ऋतिक के लहजे से हूबहू मिलाया गया है और सटीक लिप-सिंक किया गया गै.

ऋतिक से चार कदम आगे हैं जूनियर एनटीआर
इसके ठीक उलट, तेलुगु सिनेमा के महानायक एनटीआर जूनियर ने ट्रेडिशन लेकिन दमदार रास्ता अपनाया है. उन्होंने तेलुगु और हिंदी, दोनों वर्जन के लिए अपनी आवाज़ खुद डब की है. ऋतिक रोशन से चार कदम आगे बढ़ते हुए, एनटीआर जूनियर ने तेलुगु स्क्रिप्टिंग में भी अहम रोल प्ले किया है. दरअसल वे तेलुगु दर्शको के टेस्ट से बखूबी वाकिल हैं इसलिए उन्होंने तेलुगु के डायलॉग्स के लिए अपनी पर्सनल राइटिंग टीम को भी शामिल किया है ताकि उनके डायलॉग्स बेहतर हो और वे ऑडियंस के दिल को छू सके.

दिलचस्प बात यह है कि टीज़र में भी, तेलुगु में बेहतर प्रभाव के लिए एआई तकनीक का इस्तेमाल किया गया था और इसे तेलुगु दर्शकों से ज़बरदस्त पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है. बताया जा रहा है कि जूनियर एनटीआर ने आदित्य चोपड़ा से कंसल्ट करने के बाद तेलुगु में डायलॉग्स कंसेप्चुअलाइज किए थे.  

कब रिलीज हो रही है वॉर 2
बता दें कि वॉर 2 का निर्देशन अयान मुखर्जी ने किया है. ये फिल्म 14 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देगी. इसका क्लैश रजनीकांत और नागार्जुन की कुली से होगा. वॉर 2 में ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर के अलावा कियारा आडवाणी ने भी अहम रोल प्ले किया है. 

ये भी पढ़ें:-‘धड़क 2’ हुई फ्लॉप! 45 करो़ड़ के बजट में बनी फिल्म का 5 दिनों का कलेक्शन है शॉकिंग

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शहबाज को बड़ी टेंशन! इमरान खान के समर्थकों ने पाकिस्तान में किया बवाल, 500 से ज्यादा गिरफ्तार

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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भले ही जेल में बंद हैं, लेकिन वे सरकार को भी चैन से नहीं बैठने दे रहे हैं. इमरान के समर्थकों ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की नींद उड़ा दी है. करीब दो सालों से जेल में बंद चल रहे इमरान के समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया. पाकिस्तान में मंगलवार (5 अगस्त) सैकड़ों समर्थक सड़कों पर उतर आए.

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक इमरान को रिहा करने की मांग कर रहे हैं. पीटीआई कार्यकर्ताओं का दावा है कि लाहौर में रातभर की गई छापेमारी में पार्टी के 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया. पीटीआई के ‘एक्स’ अकाउंट पर पोस्ट शेयर की. इसके जरिए कहा, इमरान खान ने अपने समर्थकों से देश में सच्चे लोकतंत्र के बहाल होने तक बाहर आकर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने का आग्रह किया.

पाकिस्तान में कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन

पार्टी ने अपने नेताओं को अलग-अलग जगह विरोध प्रदर्शन करने के लिए कहा है, जबकि पीटीआई के केंद्रीय नेतृत्व ने सिंध, बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के नेताओं के साथ मिलकर प्लान बनाया है. पीटीआई की ओर से घोषित योजना के मुताबिक, चार प्रांतों और पीओजेके में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन होंगे. इमरान खान की बहन अलीमा खान के नेतृत्व में राष्ट्रीय सभा के सभी सदस्य (एमएनए) और सीनेटर अदियाला जेल के बाहर इकट्ठा होंगे.

जेल की बढ़ाई गई सुरक्षा

इस बीच पीटीआई की ओर से घोषित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर अदियाला जेल के चारों ओर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती के अनुरोध के बाद यह कदम उठाया गया है. इसके साथ ही, सुरक्षा कड़ी करते हुए दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 भी लागू कर दी गई है. अवैध रूप से एकत्रित होने और बड़ी संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगा दी गई है. यह धारा इस्लामाबाद और रावलपिंडी, दोनों जगहों पर लागू की गई है.

इमरान को 2023 में किया गया था गिरफ्तार

इमरान खान ने 2018 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था, लेकिन 2022 में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए उन्हें सत्ता से हटा दिया गया. 2023 में उनकी गिरफ्तारी के बाद पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके बाद पीटीआई पर कड़ी कार्रवाई शुरू हुई. जनवरी में इमरान खान को भ्रष्टाचार के एक मामले में दोषी ठहराया गया था.

इनपुट – आईएएनएस

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आरबीआई ने घटाकर 3.1 प्रतिशत किया महंगाई का अनुमान, MPC बैठक की जानिए 5 खास बातें

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RBI Repo Rate Cut: आरबीआई की मौद्रिक समिति की तीन दिवसीय बैठक के बाद बुधवार को गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट में किसी तरह के परिवर्तन नहीं करने का ऐलान किया है. इसके साथ ही, उन्होंने चालू वित्त वर्ष (2025-26) के दौरान सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत बरकरार रखा है. साथ ही, केन्द्रीय बैंक ने मुद्रा स्फीति के अनुमान को 3.7 प्रतिशत से कम कर के 3.1 प्रतिशत करने का अनुमान लगाया है.

आइये जानते हैं गवर्नर संजय मल्होत्रा की पांच बड़ी बातें-

1. वित्त वर्ष 2025-26 के लिए तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति के फैसले साझा करते हुए आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि सामान्य से बेहतर दक्षिण-पश्चिम मानसून, कम मुद्रास्फीति, क्षमता उपयोग में बढ़ोतरी और अनुकूल वित्तीय स्थितियां घरेलू आर्थिक गतिविधियों को समर्थन दे रही हैं. मजबूत सरकारी पूंजीगत व्यय सहित सहायक मौद्रिक, नियामकीय एवं राजकोषीय नीतियों से भी मांग में तेजी आने की उम्मीद है. आने वाले महीनों में निर्माण और व्यापार में निरंतर वृद्धि से सेवा क्षेत्र में भी गति बनी रहने के आसार हैं.

2. गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि वृद्धि दर मजबूत है और अनुमानों के अनुरूप बनी हुई है. हालांकि, यह हमारी आकांक्षाओं से कम है. शुल्क की अनिश्चितताएं अब भी बनी हुई हैं. मौद्रिक नीति का लाभ अभी भी मिल रहा है. फरवरी 2025 से रेपो दर में एक प्रतिशत की कटौती का अर्थव्यवस्था पर असर अब भी जारी है.

3. आरबीआई गवर्नर ने कहा कि घरेलू वृद्धि दर स्थिर है और मोटे तौर पर आकलन के अनुरूप ही आगे बढ़ रही है. हालांकि, मई-जून में कुछ उच्च-आवृत्ति संकेतकों (जैसे जीएसटी संग्रह, निर्यात, बिजली की खपत आदि) ने मिले-जुले संकेत दिए हैं. मल्होत्रा ने कहा कि ग्रामीण उपभोग में स्थिरता बनी हुई है, जबकि शहरी खपत में सुधार देखा गया है, विशेष रूप से विवेकाधीन व्यय धीमा है.

4. संजय मल्होत्रा ने कहा कि लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक अनिश्चितताएं और वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता से उत्पन्न प्रतिकूल परिस्थितियां वृद्धि परिदृश्य के लिए जोखिम उत्पन्न कर रही हैं. गवर्नर ने कहा, “इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए 2025-26 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान है.” इसके तहत पहली तिमाही में 6.5 प्रतिशत, दूसरी तिमाही में 6.7 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.6 प्रतिशत और चौथी तिमाही में 6.3 प्रतिशत वृद्धि का अनुमान है. वहीं, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है. जोखिम दोनों ओर समान रूप से संतुलित हैं.

5. मुद्रास्फीति पर गवर्नर ने कहा कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई दर लगातार आठवें महीने गिरकर जून में 77 महीनों के निचले स्तर 2.1 प्रतिशत पर आ गई. मुख्य रूप से खाद्य मुद्रास्फीति में भारी गिरावट के कारण महंगाई दर में यह गिरावट आई है. उन्होंने कहा, “2025-26 के लिए मुद्रास्फीति का अनुमान जून में अपेक्षा से अधिक अनुकूल रहा है.”

ये भी पढ़ें: RBI MPC Meeting: टैरिफ टेंशन के बीच ब्याज दरों में नहीं बदलाव, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा का ऐलान

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क्या ब्लूटूथ हेडफोन से कैंसर होता है? टेक फ्रैंडली लोग जान लें सच्चाई

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ब्लूटूथ हेडफोन और वायरलेस ईयरफोन जैसे Apple AirPods, Bose, Beats या bone-conduction हेडफोन (जैसे Shokz) को लेकर एक सवाल लंबे समय से चर्चा में है – क्या ये कैंसर का कारण बन सकते हैं?

इस आशंका की जड़ यह है कि ये डिवाइस रेडियोफ्रीक्वेंसी रेडिएशन (RFR) उत्सर्जित करते हैं, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाकर कैंसर पैदा कर सकता है. लेकिन अब तक की रिसर्च में इस दावे को पुख्ता समर्थन नहीं मिला है.

ब्लूटूथ और कैंसर का कनेक्शन: चिंता क्यों हुई?

2015 में कुछ स्टडीज़ ने यह संकेत दिया कि लंबे समय तक इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन (EMR) के संपर्क में रहना-जैसे कि मोबाइल फोन, वाई-फाई, मोबाइल टावर, या वायरलेस बेबी मॉनिटर-से मस्तिष्क के ट्यूमर, बांझपन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं.

इस आधार पर, दुनिया भर के 200 से अधिक वैज्ञानिकों ने WHO और UN से EMR पर सख्त नियम लागू करने की अपील की थी.

2019 में AirPods और अन्य वायरलेस हेडसेट्स की लोकप्रियता के साथ इस बहस ने फिर तूल पकड़ा. खास फोकस रहा RFR पर, जो वायरलेस संचार के लिए कम बैंडविड्थ पर काम करता है.

रेडिएशन के प्रकार: कितना खतरनाक है?

रेडिएशन दो प्रकार का होता है:

  1. आयोनाइजिंग रेडिएशन (जैसे X-ray, गामा किरणें): यह कोशिकाओं की DNA संरचना को नुकसान पहुंचा सकता है और कैंसर का कारण बन सकता है.

  2. नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन (जैसे रेडियो तरंगें, माइक्रोवेव, ब्लूटूथ): इसमें इतनी ऊर्जा नहीं होती कि DNA को सीधे नुकसान पहुंचाए.

UV किरणें, जो नॉन-आयोनाइजिंग हैं, ज्यादा मात्रा में स्किन कैंसर का कारण बन सकती हैं. इस आधार पर कुछ विशेषज्ञों को RFR के दीर्घकालिक प्रभावों को लेकर चिंता रही है, विशेषकर बच्चों में, जिनकी खोपड़ी पतली होती है और RFR अवशोषण अधिक होता है.

अब तक के वैज्ञानिक निष्कर्ष क्या कहते हैं?

Bluetooth डिवाइस द्वारा उत्सर्जित RFR बहुत कम होती है—यह सेल फोन के मुकाबले 10 से 400 गुना कम होती है.

National Cancer Institute (NCI) के अनुसार, इन तरंगों की शक्ति इतनी नहीं होती कि वो DNA को नुकसान पहुंचा सके.

2019 की एक स्टडी ने यह भी दिखाया कि Bluetooth का रेडिएशन X-ray जैसी ऊंची ऊर्जा वाली तरंगों से लाखों गुना कमजोर होता है.

आज तक अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया या यूरोप में मोबाइल फोन या Bluetooth डिवाइस के चलते मस्तिष्क कैंसर की दर में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं देखी गई है.

फिर भी सतर्कता जरूरी क्यों मानी जाती है?

CDC, FDA और FCC का मानना है कि Bluetooth डिवाइस से कैंसर का खतरा नहीं है, अंतर्राष्ट्रीय कैंसर अनुसंधान एजेंसी (IARC) अब भी RFR को “संभावित कैंसरजनक” (possibly carcinogenic) श्रेणी में रखती है.

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Video: युवक ने नदी में डूब रहे बंदर को बचाया, उसे ही काटने दौड़ा, फिर जो हुआ… देखिए वीडियो

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Social Media Viral Video: हाल ही में एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जो मानवता और करुणा की एक अनोखी मिसाल पेश करता है. यह वीडियो किसी नदी के किनारे हुई एक घटना को दर्शाता है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी जान जोखिम में डालकर नदी में फंसे एक बंदर को बचाने की कोशिश करता है. इस वीडियो ने न सिर्फ लोगों के दिलों को छुआ, बल्कि यह भी सिखाया कि कैसे एक छोटा सा प्रयास किसी की जान बचा सकता है.

बंदर शख्स को कांटने की कोशिश करने लगा

हालांकि, ये घटना कहां का है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. वीडियो में दिखाया गया है कि एक तेज बहाव वाली नदी में एक बंदर एक चट्टान पर फंसा हुआ है. नदी का पानी इतना तेजी से बह रहा है कि बंदर खुद को सुरक्षित रखने के लिए संघर्ष कर रहा है. इसी दौरान एक व्यक्ति नदी में उतरता है और बंदर को बचाने की कोशिश करता है, लेकिन बंदर डर जाता है और उस व्यक्ति को कांटने की कोशिश करता है, क्योंकि वह खतरे को समझ नहीं पा रहा है. उसके बाद भी व्यक्ति बिना डरे बार-बार प्रयास करता है.

वीडियो देखने के बाद लोगों ने शख्स की तारीफ की

वीडियो में देखा गया कि कैसे व्यक्ति ने अपनी जान जोखिम में डालकर बंदर को बचाने में लगा हुआ है. काफी देर की कड़ी मशक्कत के बाद,आखिरकार बंदर को बचाने में सफल हो जाता है. जब बंदर समझ जाता है कि व्यक्ति उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय बचाने की कोशिश कर रहा है तो वह शांत हो जाता है. व्यक्ति बंदर को पकड़कर पानी से बाहर निकालता है और उसे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाता है. यह पूरी घटना वीडियो में कैद है, जिसे देखने के बाद लोगों ने व्यक्ति की खूब तारीफ की.


NCERT की किताब में ‘ऐतिहासिक भूल’? जैसलमेर को मराठा साम्राज्य का हिस्सा दिखाने पर विवाद

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देशभर के स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली NCERT की नई किताबों को लेकर एक बार फिर विवाद खड़ा हो गया है. इस बार मामला इतिहास से जुड़ा है और आपत्ति जताई गई है 8वीं कक्षा की सामाजिक विज्ञान की किताब में छपे एक मानचित्र पर. इस किताब में जैसलमेर को मराठा साम्राज्य का हिस्सा बताया गया है, जिसे लेकर जैसलमेर रियासत के राजा चैतन्य राज सिंह ने कड़ी नाराजगी जताई है.

उन्होंने इस “गलती” को सिर्फ एक ऐतिहासिक भ्रम नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों की विरासत और गौरवशाली इतिहास के साथ अन्याय बताया है. सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखते हुए उन्होंने शिक्षा मंत्रालय और NCERT से इस गलती को तुरंत ठीक करने की मांग की है.

क्या है पूरा मामला?

चैतन्य राज सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पोस्ट किया कि पर 8वीं कक्षा की NCERT की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक का एक नक्शा साझा किया है. इस नक्शे में मराठा साम्राज्य के विस्तार को दिखाया गया है, जिसमें जैसलमेर को भी साम्राज्य का हिस्सा बताया गया है. इसी को लेकर उन्होंने गंभीर आपत्ति जताई है.

उन्होंने लिखा है पेज संख्या 71 पर मौजूद मानचित्र में जैसलमेर को मराठा साम्राज्य के अधीन बताया गया है. यह न सिर्फ ऐतिहासिक रूप से भ्रामक और गलत है, बल्कि बेहद आपत्तिजनक भी है. इस तरह की तथ्यहीन जानकारी हमारे इतिहास और जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली है.

क्या जैसलमेर मराठा साम्राज्य का हिस्सा था?

चैतन्य राज सिंह का दावा है कि जैसलमेर रियासत कभी भी मराठा साम्राज्य का हिस्सा नहीं रही. उन्होंने कहा कि हमारे पास ऐतिहासिक दस्तावेज, अभिलेख और लोककथाएं हैं जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि मराठाओं ने जैसलमेर में कभी कोई हस्तक्षेप नहीं किया.

इतिहासकारों के अनुसार जैसलमेर एक स्वतंत्र राजपूत रियासत रही है और उसने कई युद्धों में अपनी सीमाओं की रक्षा की थी. मराठा साम्राज्य का प्रभाव मुख्य रूप से महाराष्ट्र, मध्य भारत और दक्षिण भारत में देखा गया जबकि जैसलमेर पश्चिमी राजस्थान में स्थित था और वहां का प्रशासन अलग ही चलता था.

शिक्षा मंत्री से की सीधी अपील

चैतन्य राज सिंह ने इस मुद्दे को हल्के में न लेने की सलाह दी है. उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मांग की है कि NCERT किताबों में मौजूद इस ऐतिहासिक गलती को तुरंत ठीक किया जाए. उन्होंने लिखा यह केवल एक नक्शे की बात नहीं है, यह हमारी ऐतिहासिक सच्चाई, आत्मसम्मान और नई पीढ़ी को सही जानकारी देने का विषय है. जब देश के छात्र इन किताबों से पढ़ते हैं, तो ऐसी गलत जानकारी उनके दिमाग में गलत छवि बना सकती है.

कौन हैं चैतन्य राज सिंह?

चैतन्य राज सिंह, जैसलमेर रियासत के 44वें महारावल हैं. वे एक शाही विरासत से आते हैं लेकिन उनका झुकाव आधुनिक शिक्षा और राजनीति की ओर भी है. उन्होंने नई दिल्ली के संस्कृत स्कूल से पढ़ाई की है और फिर लंदन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओरिएंटल एंड अफ्रीकन स्टडीज (SOAS) से राजनीति विज्ञान में डिग्री हासिल की है.

NCERT पर फिर उठे सवाल

यह पहला मौका नहीं है जब NCERT की किताबों में तथ्यात्मक गलतियों को लेकर सवाल खड़े हुए हों. पहले भी कई बार किताबों में इतिहास से जुड़े विषयों पर विवाद हो चुका है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब करोड़ों छात्र इन्हीं किताबों से शिक्षा पाते हैं, तो उनकी विश्वसनीयता सबसे जरूरी हो जाती है.

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मैं उजड़ चुकी धराली हूं… सीने में खंजर सा लगेगा मौत का तांडव, तबाही के बाद वायरल हो रहीं ये तस्वीरें

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लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही तेज़ बारिश और सैलाब ने गांव को अपनी चपेट में ले लिया. कई परिवारों के घर उजड़ गए. कई लोग लापता हैं और कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है. बच्चे, बूढ़े, महिलाएं, हर कोई डर और सदमे में है. किसी को अब तक अपनों की खबर नहीं है.

लोगों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही तेज़ बारिश और सैलाब ने गांव को अपनी चपेट में ले लिया. कई परिवारों के घर उजड़ गए. कई लोग लापता हैं और कई लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है. बच्चे, बूढ़े, महिलाएं, हर कोई डर और सदमे में है. किसी को अब तक अपनों की खबर नहीं है.

जिन घरों में कल तक चूल्हा जलता था, वहां अब पत्थर और कीचड़ का ढेर पड़ा है. बिजली, मोबाइल नेटवर्क और रास्ते सब ठप हो चुके हैं. राहत बचाव टीम मौके पर तो पहुंची है. लेकिन इलाके की स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है. गांव पूरी तरह टुकड़ों में बंट चुका है.

जिन घरों में कल तक चूल्हा जलता था, वहां अब पत्थर और कीचड़ का ढेर पड़ा है. बिजली, मोबाइल नेटवर्क और रास्ते सब ठप हो चुके हैं. राहत बचाव टीम मौके पर तो पहुंची है. लेकिन इलाके की स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि पहुंचना भी मुश्किल हो रहा है. गांव पूरी तरह टुकड़ों में बंट चुका है.

धराली की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. किसी फोटो में टूटा हुआ घर है, किसी में सड़क पर बही बह रहे लोग. तो कई एक-दूसरे को खोजते फिर रहे हैं. इन तस्वीरों में तबाही साफ दिख रही है. कैमरे में कैद हुए ये मंजर इंसान के रोंगटे खड़े कर देते हैं. मौत का तांडव ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया.

धराली की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं. किसी फोटो में टूटा हुआ घर है, किसी में सड़क पर बही बह रहे लोग. तो कई एक-दूसरे को खोजते फिर रहे हैं. इन तस्वीरों में तबाही साफ दिख रही है. कैमरे में कैद हुए ये मंजर इंसान के रोंगटे खड़े कर देते हैं. मौत का तांडव ऐसा पहले कभी नहीं देखा गया.

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश की शुरुआत होते ही बादल गांव के ऊपर फटा. सबकुछ इतना तेज़ और अचानक हुआ कि कोई कुछ समझ ही नहीं पाया. कुछ लोग अपने बच्चों को बचाते हुए बह गए. कुछ अपने घर छोड़कर निकल ही नहीं पाए.

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश की शुरुआत होते ही बादल गांव के ऊपर फटा. सबकुछ इतना तेज़ और अचानक हुआ कि कोई कुछ समझ ही नहीं पाया. कुछ लोग अपने बच्चों को बचाते हुए बह गए. कुछ अपने घर छोड़कर निकल ही नहीं पाए.

प्रशासन की ओर से SDRF और NDRF की टीमों को भेजा गया है. हेलिकॉप्टर से भी राहत कार्य जारी है. घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. लेकिन हालात इतने बिगड़े हुए हैं कि हर तरफ सिर्फ चीख-पुकार और ग़म का माहौल है.

प्रशासन की ओर से SDRF और NDRF की टीमों को भेजा गया है. हेलिकॉप्टर से भी राहत कार्य जारी है. घायलों को निकालकर नजदीकी अस्पताल पहुंचाया जा रहा है. लेकिन हालात इतने बिगड़े हुए हैं कि हर तरफ सिर्फ चीख-पुकार और ग़म का माहौल है.

धराली अब एक वीरान, उजड़ा हुआ इलाका बन चुका है. यहां सिर्फ तबाही की गूंज रह गई है. लोग कह रहे हैं कि यह किसी बुरे सपने जैसा है. कुछ भी पहले जैसा नहीं रहा. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और भारी बारिश की चेतावनी दी है.

धराली अब एक वीरान, उजड़ा हुआ इलाका बन चुका है. यहां सिर्फ तबाही की गूंज रह गई है. लोग कह रहे हैं कि यह किसी बुरे सपने जैसा है. कुछ भी पहले जैसा नहीं रहा. मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और भारी बारिश की चेतावनी दी है.

Published at : 06 Aug 2025 11:22 AM (IST)

ट्रेंडिंग फोटो गैलरी

YouTube चैनल और हैंडल नेम ऐसे कर सकते हैं चेंज! मोबाइल और कंप्यूटर दोनों के लिए आसान तरीका

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Youtube Rebranding: आपने अपने YouTube चैनल के वीडियो एडिटिंग में मेहनत की, थंबनेल्स को चमकाया, और शायद कमाई का रास्ता भी निकाल लिया है. लेकिन जब कोई पूछे, “आपके चैनल का नाम क्या है?”, तो आप हिचकिचा जाते हैं? शायद आपने चैनल बनाते समय जल्दीबाज़ी में एक ऐसा नाम या हैंडल चुन लिया था जो अब आपके कंटेंट से मेल नहीं खाता या फिर पुराना और बेमेल लगने लगा है. ऐसे में अब समय आ गया है अपने ब्रांड को नया रूप देने का.

चैनल नेम और हैंडल

YouTube पर आपकी पहचान दो चीज़ों से बनती है, चैनल नेम जो आपके वीडियो, प्रोफाइल और ब्रांड को दर्शाता है. वहीं, हैंडल (जैसे @yourname), जो शॉर्ट्स, टैग्स और चैनल URL में दिखता है. अच्छी बात ये है कि दोनों को बदला जा सकता है और इसके लिए टेक्नोलॉजी का उस्ताद होना जरूरी नहीं है.

मोबाइल से YouTube चैनल नेम कैसे बदलें?

  • अपने मोबाइल में YouTube ऐप खोलें
  • ऊपर दाईं ओर प्रोफाइल फोटो पर टैप करें
  • View Channel चुनें
  • अपने नाम के पास Edit पर टैप करें
  • नया चैनल नाम लिखें
  • Save पर टैप करें

कंप्यूटर से चैनल नेम कैसे बदलें?

  • किसी भी वेब ब्राउज़र में YouTube खोलें
  • ऊपर दाईं ओर प्रोफाइल आइकन पर क्लिक करें और फिर YouTube Studio खोलें
  • Customisation > Basic Info सेक्शन में जाएं
  • वहां नया चैनल नाम भरें
  • Publish पर क्लिक करें

नोट: आप हर 14 दिनों में अधिकतम दो बार चैनल नेम बदल सकते हैं. नाम बदलने से आपके चैनल का वेरिफिकेशन बैज हट सकता है और नया नाम उपलब्ध होना चाहिए.

मोबाइल से YouTube हैंडल (Handle) कैसे बदलें?

  • YouTube ऐप खोलें
  • प्रोफाइल फोटो पर टैप करें
  • View Channel पर जाएं
  • Edit पर टैप करें
  • Handle सेक्शन में मौजूद हैंडल को एडिट करें
  • नया हैंडल टाइप करें (अगर वो पहले से किसी ने लिया है, तो YouTube सुझाव देगा)
  • Save पर टैप करें

कंप्यूटर से YouTube हैंडल कैसे बदलें?

  • ब्राउज़र पर YouTube Studio खोलें और साइन इन करें
  • Customisation > Basic Info पर जाएं
  • Handle के सेक्शन में नया नाम डालें
  • Publish पर क्लिक करें

नोट: हैंडल भी आप 14 दिनों में दो बार बदल सकते हैं, और यह भी उपलब्धता पर निर्भर करता है.

यह भी पढ़ें:

मोहम्मद सिराज ने दिलाई भारत को जीत, निकल आया गूगल से इसका कनेक्शन, खुद किया खुलासा

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‘रूस की तरफ से लड़ रहे हैं PAK सैनिक’, जेलेंस्की के दावे से बवाल, इन देशों का भी लिया नाम

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. 3 साल से अधिक समय से दोनों देश एक दूसरे पर टारगेटेड हमले कर रहे हैं. हाल के दिनों में रूस ने यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं. इस युद्ध के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने बड़ा दावा कर सनसनी मचा दी है. जेलेंस्की ने कहा है कि यूक्रेन के खिलाफ जंग में रूस की तरफ से पाकिस्तानी सैनिक भी लड़ रहे हैं. 

जेलेंस्की के बयान से मचा बवाल
यूक्रेन के राष्ट्रपति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सोमवार (4 अगस्त, 2025) को एक पोस्ट कर कहा कि मैंने यूक्रेन की सेना की 17वीं मोटराइज्ड इन्फैंट्री बटालियन के जवानों से मुलाकात की और Vovchansk इलाके के हालातों को लेकर जानकारी ली. उन्होंने कहा कि वो युद्ध के मोर्चे पर तैनात कमांडरों से मिले. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा ‘हमारे सैनिक रिपोर्ट कर रहे हैं कि चीन, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, पाकिस्तान और अफ्रीकी देशों से भाड़े के सैनिक युद्ध में भाग ले रहे हैं. हम इसका जवाब देंगे.’

हालांकि ये पहला मौका नहीं है, जब वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस तरह का दावा किया है. इससे पहले उन्होंने एक वीडियो शेयर करते हुए दावा किया था कि यूक्रेन ने 2 चीनी नागरिकों को रूस की तरफ से लड़ते हुए पकड़ा है. जेलेंस्की ने बताया था कि पकड़े गए चीनी नागरिक हिरासत में हैं. 

इस्तांबुल वार्ता को लेकर जेलेंस्की का बयान
जंग के बीच हाल ही में यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा था कि जुलाई में इस्तांबुल में हुई वार्ता के बाद यूक्रेन और रूस 1,200 कैदियों की अदला-बदली करने पर सहमत हुए हैं. इसे लेकर दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ है. जेलेंस्की ने कहा था कि जिन लोगों की अदला-बदली की जानी है उनकी लिस्ट तैयार की जा रही है, जिससे हमारे आम नागरिक वापस आ सकें. 

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Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 के लिए टीम का ऐलान, जानिए कौन-कौन बांग्लादेश टीम हुए शामिल

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Bangladesh cricket Board: बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने एशिया कप 2025 और नीदरलैंड्स के खिलाफ होने वाली टी20 सीरीज के लिए 25 खिलाड़ियों की एक शुरुआती टीम घोषित कर दी है. एशिया कप 9 से 28 सितंबर के बीच यूएई में खेला जाएगा, जबकि नीदरलैंड्स के खिलाफ तीन टी20 मैच 30 अगस्त से 3 सितंबर तक सिलहट में खेले जाएंगे.

टीम 6 अगस्त से मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में फिटनेस कैंप शुरू करने जा रही है. इसके बाद 15 अगस्त से खिलाड़ियों की स्किल ट्रेनिंग शुरू की जाएगी. 20 अगस्त से कैंप सिलहट में शिफ्ट हो जाएगा, जहां बांग्लादेशी खिलाड़ी आगे की तैयारियां करेंगे.

नुरुल हसन की वापसी, मोसद्देक बाहर

घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर विकेटकीपर,बल्लेबाज नुरुल हसन सोहन की टी20 टीम में वापसी हुई है. वे पिछले कुछ समय से टीम से बाहर चल रहे थे, लेकिन अब उन्हें एक और मौका दिया गया है. वहीं, मोसद्देक हुसैन सैकत को एक बार फिर टीम में शामिल नहीं किया गया है, जबकि वे घरेलू मैचों में लगातार अच्छा खेलते रहे हैं.

मेहदी हसन खराब फॉर्म के बाद भी टीम में शामिल

ऑलराउंडर मेहदी हसन मिराज को भी बांग्लादेश के इस प्रारंभिक स्क्वॉड में शामिल किया गया है, हालांकि हाल ही के टी20 मैचों में, खासतौर पर श्रीलंका और पाकिस्तान के खिलाफ, उनका प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. इसके बावजूद चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है.

पहली बार बांग्लादेश आएगी नीदरलैंड्स टीम

यह सीरीज नीदरलैंड्स क्रिकेट टीम के लिए ऐतिहासिक होगी, क्योंकि यह उनका बांग्लादेश का पहला द्विपक्षीय टी20 अंतरराष्ट्रीय दौरा होगा. नीदरलैंड्स की टीम 26 अगस्त के आसपास बांग्लादेश पहुंचेगी और सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैच खेलेगी.

कुछ खिलाड़ी डार्विन में भी खेलते दिखेंगे

इस प्रारंभिक टीम के कुछ खिलाड़ी बांग्लादेश A टीम का हिस्सा बनकर ऑस्ट्रेलिया के डार्विन में होने वाली टॉप एंड टी20 सीरीज 2025 में भी भाग लेंगे. यह दौरा 9 अगस्त से शुरू होगा, जिसमें एक चार दिवसीय मैच (साउथ ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ) और कई सीमित ओवरों के मुकाबले शामिल हैं.

बांग्लादेश की 25 सदस्यीय प्रारंभिक टीम

कप्तान- लिटन दास

अन्य खिलाड़ी- तंजीद हसन तमिम, मोहम्मद नईम शेख, सौम्य सरकार, मोहम्मद परवेज हुसैन इमन, तौहीद ह्रिदय, जाकेर अली अनिक, मेहदी हसन मिराज, शमीम हसन पटवारी, नजमुल हसन शंटो, रिशाद हसन, शाक महेदी हसन, तनवीर इस्लाम, नासुम अहमद, हसन महमूद, तस्किन अहमद, तंजीम हसन साकिब, मोहम्मद सैफुद्दीन, नाहिद राना, मुस्तफिजुर रहमान, शोरीफुल इस्लाम, सैयद खालिद अहमद, नुरुल हसन सोहन, महीदुल इस्लाम भुइयां अंकों, सैफ हसन.

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