भारत में अमेरिका जैसी AI ट्रैफिक तकनीक की एंट्री, गोवा और चेन्नई में लगेंगे स्मार्ट सिग्नल

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अमेरिका के नॉर्थ कैरोलिना में लगे AI ट्रैफिक सिग्नलों ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा है. अब भारत भी इसी दिशा में कदम बढ़ा चुका है. जल्द ही गोवा और तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में AI बेस्ड स्मार्ट ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे, जिनका मकसद शहरों के ट्रैफिक जाम को कम करना और ट्रैवल टाइम को घटाना है.

गोवा और चेन्नई में बड़े स्तर पर तैयारी

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने ऐलान किया है कि राज्य के 91 स्थानों पर AI ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाएंगे. वहीं, चेन्नई में 165 प्रमुख चौराहों पर ये स्मार्ट सिस्टम लागू होगा. पहले फेज में चेन्नई के अन्ना सलाई, जवाहरलाल नेहरू सलाई, सरदार पटेल रोड, कमराजर सलाई, राजाजी सलाई और टेलर्स रोड पर सिग्नल लगाए जाएंगे.

कैसे काम करेंगे ये AI ट्रैफिक सिग्नल?

AI सिग्नल पारंपरिक ट्रैफिक लाइट्स से कई मायनों में अलग हैं. ये सिस्टम 3 प्रमुख हिस्सों में काम करता है:

  1. सड़क पर लगे सेंसर – गाड़ियों की स्पीड और ट्रैफिक फ्लो को मॉनिटर करते हैं.

  2. AI कैमरे – गाड़ियों की गिनती, डायरेक्शन और व्हीकल टाइप (कार, बाइक आदि) की पहचान करते हैं.

  3. कंट्रोल यूनिट – कैमरों और सेंसर से मिली जानकारी को प्रोसेस करके रियल-टाइम में सिग्नल का टाइम एडजस्ट करती है.

ट्रैफिक कम होने पर हरी बत्ती जल्दी मिलेगी, जबकि अधिक भीड़ होने पर सिग्नल का समय बढ़ा दिया जाएगा. यह समय 30 से 120 सेकंड के बीच बदल सकता है.

इमरजेंसी और VIP मूवमेंट में भी फायदेमंद

हालांकि यह सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक होगा, लेकिन पुलिस मैन्युअली भी कंट्रोल कर सकेगी, ताकि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड या VIP काफिलों को प्राथमिकता दी जा सके.

क्या है ‘ग्रीन कॉरिडोर’ योजना?

चेन्नई ट्रैफिक पुलिस की योजना है कि सभी सिग्नलों को एक केंद्रीय सिस्टम से जोड़कर ‘ग्रीन कॉरिडोर’ तैयार किया जाए. इससे शहर की मेन रोड्स पर लगातार ग्रीन लाइट मिलती रहेगी, जिससे बिना रुके सफर किया जा सकेगा.

शुरुआती ट्रायल रहे सफल

चेन्नई के EVR सलाई के 6 चौराहों पर इस सिस्टम का ट्रायल चल रहा है और शुरुआती नतीजे काफी सकारात्मक रहे हैं. लोगों का मानना है कि ट्रैफिक जाम में अब पहले के मुकाबले काफी कमी आई है और दफ्तर या घर पहुंचने का समय घटा है.

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दिग्वेश राठी पर भड़के अंकित कुमार, ‘गाली’ का ऐसा जवाब दिया कि गेंदबाज की हुई बोलती बंद!

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DPL 2025: दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL 2025) में मंगलवार की रात खेले गए मुकाबले में वेस्ट दिल्ली लायंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज को 8 विकेट से हरा दिया. यह मुकाबला सिर्फ तेज बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि मैदान पर हुए एक विवाद की वजह से भी चर्चा में रहा. मैच के दौरान अंकित कुमार और आईपीएल में लखनऊ सुपर जायंट्स से खेलने वाले दिग्वेश राठी के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है.

जब गुस्से में बोले दिग्वेश, बल्ले से मिला करारा जवाब

मैच के दौरान एक पल ऐसा आया जब माहौल पूरी तरह से गरमा गया. लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए खेलने वाले दिग्वेश राठी और वेस्ट दिल्ली के सलामी बल्लेबाज अंकित कुमार के बीच बहसबाजी देखने को मिली. घटना उस वक्त की है जब राठी ने रनअप लेकर गेंद नहीं फेंकी, और अगली गेंद पर जैसे ही वह बॉल फेंकने आए, अंकित ने क्रीज छोड़ दी. इसके बाद कैमरे में कैद हुआ कि राठी ने अकिंत को शायद कोई अपशब्द बोला.

इस घटना के बाद जो हुआ उसने मैच का रुख ही मोड़ दिया. गुस्से में आए अंकित कुमार ने राठी की गेंदबाजी की जमकर धुनाई की और उनके एक ओवर में लगातार दो छक्के जड़ दिए. राठी ने कुल 3 ओवर में 33 रन दिए और एक भी विकेट नहीं ले सके.

मैच का हाल

साउथ दिल्ली सुपरस्टार्ज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 185 रन बनाए. सलामी बल्लेबाज कुंवर बिधुड़ी ने 27 गेंद में 42 और सुमित माथुर ने 29 गेंद में 33 रन बनाए. दोनों ने मिलकर पहले विकेट के लिए 74 रन की साझेदारी की. इसके बाद कप्तान आयुष बडोनी ने मोर्चा संभाला और 25 गेंद में 48 रन की तेज पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे.

हालांकि एक समय पर टीम ने 113 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन बडोनी और अभिषेक खंडेलवाल (12 गेंद, 8 रन) की साझेदारी ने स्कोर को संभाला. इन दोनो बल्लेबाजों की साझेदारी से अंत में टीम 185 के सम्मानजनक टोटल पर पहुंच सकी. गेंदबाजी में अनिरुद्ध चौधरी ने 3 विकेट झटके और मनन भारद्वाज ने भी 2 विकेट लिए.

अंकित-कृष की धमाकेदार ओपनिंग साझेदारी

वेस्ट दिल्ली की ओर से अंकित कुमार और कृष यादव ने 158 रनों की ओपनिंग साझेदारी कर टीम की जीत सुनिश्चित कर दी थी. कृष ने 42 गेंद में 67 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे. वहीं दूसरी ओर अंकित ने 46 गेंदों में 96 रन ठोक दिए, जिसमें 11 चौके और 6 छक्के शामिल थे. शतक के बेहद करीब पहुंचकर अंकित सिर्फ 4 रन से चूक गए, जब वो एक बड़ा शॉट खेलने की कोशिश में लांग ऑन पर कैच हो गए. इस समय टीम को जीत के लिए सिर्फ 1 रन की जरूरत थी.

टीम के कप्तान नीतीश राणा ने पांच गेंद में 16 रन बनाकर मैच को खत्म किया. वेस्ट दिल्ली लायंस ने सिर्फ 15.4 ओवर में आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया.

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भारत को टैरिफ के जाल में फंसाकर मुनीर को ट्रंप का बुलावा, अमेरिका-पाकिस्तान के बीच क्या पक रहा?

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भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इस बीच अमेरिका और पाकिस्तान के बीच नजदीकी बढ़ती दिख रही है. पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर दूसरी बार अमेरिका दौरे पर जाने के लिए तैयार हैं. पाक न्यूज वेबसाइट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक मुनीर इस साल अगस्त के आखिरी हफ्ते में वॉशिंगटन जा सकते हैं.

आसिम मुनीर ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी अमेरिका दौरे पर गए थे. अब वे फिर तैयारी कर रहे हैं. यह अमेरिका और पाकिस्तान के बीच गहराते द्विपक्षीय संबंधों का संकेत हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक मुनीर अमेरिकी सेना के जनरल और यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के कमांडर माइकल कुरिला के विदाई समारोह में हिस्सा लेंगे. मुनीर इसी वजह से वॉशिंगटन जा रहे हैं. कुरिला ने अपने कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान को आतंक के खिलाफ एक्शन लेने वाला साझेदार बताया था.

अमेरिकी जनरल ने क्यों की थी पाकिस्तान की तारीफ

अमेरिका के धाकड़ आर्मी जनरल कुरिला मिडिल ईस्ट में अपनी सेना की अगुवाई कर चुके हैं. वे इसी महीने रिटायर हो रहे हैं.द हिंदू की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुरिला ने कुछ महीने पहले आईएसआईएस के पांच आतंकियों को पकड़ने के लिए पाकिस्तान की तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने अमेरिका के दिए इनपुट के आधार पर आतंकियों को पकड़कर बेहतरीन काम किया है.

मुनीर-ट्रंप की मुलाकात पर व्हाइट हाउस ने क्या दी थी प्रतिक्रिया

मुनीर इस साल जून महीने में अमेरिका दौरे पर गए थे. उन्होंने ट्रंप के साथ लंच भी किया था, जिसकी काफी चर्चा हुई थी. ट्रंप और मुनीर ने करीब दो घंटे तक मीटिंग की थी. व्हाइट हाउस ने कहा था कि ट्रंप ने मुनीर को इनवाइट किया था. उसका कहना था कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने की सिफारिश की है. अहम बात यह भी है कि ट्रंप ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई बार दोनों देशों के बीच सीजफायर का क्रेडिट ले चुके हैं.

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अरे भाई जगह दे दो..बाइक वाले ने की ओवर टेक की कोशिश और हो गया कांड- वीडियो हो रहा वायरल

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सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जो कि किसी पहाड़ी क्षेत्र का लगता है. यहां घुमावदार सड़कों पर एक पल्सर बाइक सवार पूरी रफ्तार में आगे निकलने की कोशिश कर रहा होता है. उसके आगे एक स्कॉर्पियो कार चल रही है और दोनों ही वाहन पहाड़ी रास्ते पर जैसे-जैसे आगे बढ़ते हैं, बाइक सवार कार को ओवरटेक करने की जद्दोजहद में लगातार अपनी बाइक को तेजी से चलाता है. लेकिन उसके बाद जो होता है वो जरूर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा.

ओवरटेक करने के चक्कर में हो गया कांड

वीडियो में देखा जा सकता है कि कई बार वो कार के बेहद पास तक पहुंचता है लेकिन रास्ता तंग होने की वजह से आगे नहीं निकल पाता. वीडियो में बाइक सवार का कैमरा चालू होता है और वह हर उस मौके की तलाश में रहता है जब उसे एक फुट भी जगह मिले ताकि वह कार को पार कर सके. थोड़ी ही देर में जैसे ही उसे हल्की सी साइड मिलती है, वो पल्सर की रफ्तार बढ़ाकर स्कॉर्पियो को ओवरटेक करने की कोशिश करता है. लेकिन तभी स्कॉर्पियो चालक अचानक बिना इंडिकेटर के दाईं ओर कार को मोड़ देता है. इस मोड़ में स्कॉर्पियो का पिछला हिस्सा सीधा जाकर बाइक से टकराता है. और फिर जो होता है, वह बेहद डराने वाला है.

कार से टकराकर बुरी तरह से गिरा बाइक सवार

बाइक सवार सीधे सड़क पर गिर पड़ता है. उसकी बाइक दूर जा गिरती है और कैमरे का लेंस टूटने की आवाज के साथ वीडियो भी वहीं बंद हो जाता है. उसके बाद क्या हुआ, ये वीडियो में नहीं दिखता, लेकिन जो देखा गया उसने ही देखने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. ये वीडियो सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि एक सबक भी है कि पहाड़ी रास्तों पर रफ्तार और जल्दबाजी, दोनों ही जानलेवा हो सकती हैं. ओवरटेक करने की जिद कभी-कभी ऐसी कीमत वसूलती है जिसे इंसान जिंदगी भर नहीं चुका सकता… या फिर कभी जिंदगी ही नहीं बचती.

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यूजर्स ने दे डाली नसीहत

वीडियो को @Deadlykalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…काफी जगह थी पास करने के लिए, गलती तो कार वाले की लग रही है. एक और यूजर ने लिखा…बाइक सवार छपरियों को ऐसी सड़कों पर बैन कर देना चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बाइक सवार की भी गलती है, हीरो नहीं बनना चाहिए था.

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सिराज या शुभमन गिल, कौन ज्यादा पढ़ा-लिखा? जानें दोनों की एजुकेशन डिटेल

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भारतीय क्रिकेट टीम के दो स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सिराज और शुभमन गिल मैदान पर अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत चुके हैं. लेकिन क्रिकेट के अलावा फैंस के मन में यह सवाल भी आता है कि इन दोनों खिलाड़ियों की पढ़ाई-लिखाई कैसी रही? कौन ज्यादा पढ़ा-लिखा है और किसने किस स्तर तक पढ़ाई की है? चलिए जानते हैं दोनों की एजुकेशन डिटेल्स और उनकी जर्नी.

मोहम्मद सिराज की एजुकेशन

मोहम्मद सिराज हैदराबाद के रहने वाले हैं और एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता ऑटो रिक्शा चालक थे, जबकि मां घरेलू काम करती थीं. सिराज का बचपन काफी संघर्षों के बीच गुजरा. पढ़ाई की बात करें तो सिराज ने शुरुआती शिक्षा हैदराबाद के एक स्थानीय स्कूल से हासिल की. उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाए.

सिराज का ध्यान बचपन से ही क्रिकेट में था. वह क्लास में औसत छात्र थे, लेकिन मैदान पर हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन करते थे. स्कूल छोड़ने के बाद सिराज ने क्रिकेट को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया और स्थानीय टूर्नामेंट्स में खेलना शुरू किया. कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और फिर टीम इंडिया तक पहुंचे. आज सिराज न केवल भारत के लिए खेल रहे हैं, बल्कि IPL में भी उनका जलवा है.

शुभमन गिल की एजुकेशन

अब बात करते हैं टीम इंडिया के स्टाइलिश बैटर शुभमन गिल की. गिल का जन्म पंजाब के फजिल्का जिले में हुआ और उनका परिवार खेती से जुड़ा था. गिल बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई फजिल्का के एम.के. हाई स्कूल से की. इसके बाद गिल ने पंजाब के मोहाली में जाकर क्रिकेट की प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेना शुरू किया.

शुभमन गिल ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की है. क्रिकेटिंग करियर के चलते उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई आगे नहीं बढ़ाई, लेकिन उनका फोकस हमेशा क्रिकेट पर रहा. गिल के पिता ने बचपन से ही उनके टैलेंट को पहचाना और उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाने में अहम भूमिका निभाई.

कौन है ज्यादा पढ़ा-लिखा?

अगर पढ़ाई की तुलना करें तो शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज दोनों ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है. हालांकि, गिल की पढ़ाई थोड़ा व्यवस्थित रही, क्योंकि उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहतर स्थिति में था और उन्हें पढ़ाई के साथ क्रिकेट में भी सपोर्ट मिला. वहीं सिराज ने शुरुआती शिक्षा के बाद पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान दिया.

फोकस रहा सिर्फ क्रिकेट पर

दोनों खिलाड़ियों ने क्रिकेट के लिए अपनी पढ़ाई को पीछे छोड़ दिया, और आज वे देश के सफलतम क्रिकेटरों में गिने जाते हैं. उनकी जर्नी यह साबित करती है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो शिक्षा में पीछे रह जाने के बावजूद इंसान बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है.

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Deepfake के लिए सख्त कानून बनाने जा रही सरकार, बढ़ते खतरे को देखते हुए लिया बड़ा कदम

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आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित Deepfake तकनीक के बढ़ते खतरे को देखते हुए डेनमार्क सरकार ने इस पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी कर ली है. यह कानून बिना अनुमति किसी की आवाज या छवि का उपयोग कर बनाए गए नकली ऑडियो-वीडियो को दंडनीय अपराध घोषित करेगा.डेनमार्क ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि इस तकनीक के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी.

क्या है Deepfake?

Deepfake एक एडवांस तकनीक है, जिसमें AI और मशीन लर्निंग की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज या चेहरे की नकल कर नकली वीडियो या ऑडियो तैयार किया जाता है. इसे इस तरह एडिट किया जाता है कि वह असली जैसा दिखाई देता है, जबकि असल में वह पूरी तरह से फर्जी होता है. Deepfake शब्द ‘Deep learning’ और ‘Fake’ को मिलाकर बना है.

कैसे काम करती है Deepfake तकनीक?

Deepfake टेक्नोलॉजी मुख्य रूप से दो एल्गोरिदम पर काम करती है – Encoder और Decoder.

Encoder: यह असली व्यक्ति की तस्वीरों और वीडियो को एनालाइज कर हाव-भाव और आवाज का पैटर्न सीखता है.

Decoder: यह सीखी गई जानकारी को दूसरे वीडियो या ऑडियो में इस तरह से मिक्स करता है कि नकली क्लिप बिल्कुल असली जैसी लगती है.

Deepfake से बढ़ रहा है खतरा

Deepfake तकनीक के दुरुपयोग से कई गंभीर खतरे सामने आ चुके हैं:

राजनीतिक झूठ: चुनावों में नेताओं के फर्जी वीडियो से जनता को गुमराह किया जा सकता है.

सोशल ब्लैकमेलिंग: फर्जी अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को बदनाम किया जा सकता है.

फर्जी खबरें: नकली वीडियो के जरिए दंगे-फसाद भड़काए जा सकते हैं.

साइबर क्राइम: पहचान की चोरी और बैंकिंग धोखाधड़ी में भी इसका उपयोग हो सकता है.

क्या है डेनमार्क का नया कानून?

डेनमार्क की सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून के तहत:

बिना अनुमति किसी की आवाज या छवि का उपयोग कर Deepfake कंटेंट बनाना अपराध माना जाएगा.

Deepfake वीडियो या ऑडियो को फैलाने पर कठोर सजा दी जाएगी.

सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे कंटेंट को हटाना अनिवार्य होगा.

Deepfake से बचाव के उपाय

-किसी भी सनसनीखेज वीडियो को बिना जांच शेयर न करें.

-वीडियो के स्रोत की पुष्टि करें.

-Google Reverse Image Search जैसे टूल्स का उपयोग करें.

-संदिग्ध कंटेंट को सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें.

वैश्विक स्तर पर भी चिंता

Deepfake तकनीक को लेकर केवल डेनमार्क ही नहीं, अमेरिका, भारत और यूरोपीय यूनियन जैसे देश भी चिंतित हैं. इसे अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा माना जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने एक वैश्विक फ्रेमवर्क की मांग की है, ताकि हर देश अपने स्तर पर Deepfake के खिलाफ कड़े कानून लागू कर सके.

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कौन से देश हैं रुसी तेल के बड़े खरीदार और US के 50% टैरिफ के बावजूद क्यों भारत की स्थिति बेहतर

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के साथ-साथ रूस से तेल खरीदने के चलते अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ लगाने का बुधवार को ऐलान किया है, जो 27 अगस्त से लागू होंगे. इस कदम ने वैश्विक व्यापारिक रणनीतियों पर नई बहस छेड़ दी है, खासकर उन देशों को लेकर जो रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्पाद आयात कर रहे हैं. एक समय था जब यूरोपीय यूनियन रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार हुआ करता था, लेकिन अब उसकी जगह चीन, भारत और तुर्की जैसे एशियाई देशों ने ले ली है. यूरोपीय यूनियन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद एशिया रूस से कच्चे तेल का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है.

ईयू के बाद अब एशिया बड़ा खरीदार

वर्तमान में चीन रूस से लगभग 219.5 बिलियन डॉलर की ऊर्जा (तेल, गैस और कोयला) खरीदता है, जबकि भारत करीब 133.4 बिलियन डॉलर और तुर्की लगभग 90.3 बिलियन डॉलर का आयात करता है. इसके अलावा हंगरी जैसे कुछ यूरोपीय देश अब भी पाइपलाइन के जरिए सीमित मात्रा में रूसी तेल खरीद रहे हैं. अमेरिका और यूरोपीय देशों के प्रतिबंधों के बावजूद रूस की तेल से आय में खास कमी नहीं आई है.

कीव स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के अनुसार, रूस ने जून महीने में ही तेल बेचकर 12.6 बिलियन डॉलर की कमाई की है, और वर्ष 2025 में कुल 153 बिलियन डॉलर की आमदनी की संभावना जताई गई है. यह आंकड़े बताते हैं कि रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद उसके ऊर्जा निर्यात पर सीमित असर पड़ा है और एशियाई बाजार उसकी आर्थिक रीढ़ बने हुए हैं..

भारत की स्थिति बेहतर क्यों?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बावजूद भारत की स्थिति चीन की तुलना में बेहतर बनी हुई है. ट्रंप प्रशासन ने चीन से आयात होने वाले सामानों पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जबकि वियतनाम से आयात पर केवल 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है. वियतनाम पर टैरिफ भारत की तुलना में कम होने के कारण अमेरिकी बाजार में दोनों देशों के उत्पादों के बीच प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी. इस बीच, फिच रेटिंग्स ने हाल ही में अपनी टैरिफ नीति पर नजर रखने वाले इंटरैक्टिव टूल “इफेक्टिव टैरिफ रेट (ETR) मॉनिटर” को अपडेट किया है.

इसके अनुसार, अमेरिका की औसत प्रभावी टैरिफ दर अब बढ़कर 17 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक है. अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में चीन की ETR सबसे अधिक 41.4 प्रतिशत (जो पहले 10.7 प्रतिशत थी) दर्ज की गई है, जबकि भारत की ETR 21 प्रतिशत से कुछ अधिक है, जिससे वह चीन की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में बना हुआ है.

 ETR यानी प्रभावी टैरिफ दर से यह समझा जा सकता है कि किसी देश पर लगाए गए टैरिफ का वास्तविक असर व्यापार और आर्थिक रणनीतियों पर किस प्रकार पड़ता है. चीन के रेनमिन यूनिवर्सिटी के लेक्चरर लियाओ यू के अनुसार, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनका “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” एजेंडा और अधिक आक्रामक रूप ले चुका है. लियाओ का कहना है कि इस विचारधारा के समर्थकों का मानना है कि फ्री ट्रेड ने अमेरिका को नुकसान पहुंचाया है और इसके लिए खासतौर पर चीन को जिम्मेदार ठहराया जाता है. आने वाले समय में चीन को और भी गंभीर टैरिफ युद्ध का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से अमेरिका के पारंपरिक गठबंधन कमजोर होने के चलते चीन के लिए रणनीतिक अवसर भी बन सकते हैं.

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हानिया आमिर-दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सरदारजी 3’ के सपोर्ट में उतरीं वाणी कपूर, कही ये बात

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बॉलीवुड एक्ट्रेस वाणी कपूर पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान के साथ रोमांटिक फिल्म अबीर गुलाल में नजर आने वाली थीं. ये फिल्म इंडिया में रिलीज भी होने वाली थी मगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस फिल्म पर बैन लगा दिया गया था. साथ ही पाकिस्तानी आर्टिस्ट पर भी इंडिया में बैन लगा दिया गया है. वाणी के अलावा दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदारजी 3 भी रिलीज होने वाली थी जिसमें उनके साथ हानिया आमिर नजर आती. दिलजीत ने कुछ समय पहले सरदारजी 3 को इंडिया में नहीं मदर ओवरसीज रिलीज कर दिया है. 

दिलजीत दोसांझ के इस फैसले पर वाणी कपूर ने एक इंटरव्यू में  रिएक्ट किया है. उन्होंने दिलजीत को सपोर्ट किया है. जहां लोग सरदारजी 3 को बैन करने की बात कर रहे थे वहीं दिलजीत ने इसे ओवरसीज रिलीज कर दिया.


वाणी ने किया दिलजीत का सपोर्ट
एनडीटीवी से खास बातचीत में वाणी कपूर ने बताया कि उस समय परिस्थितियां और थीं जब दिलजीत फिल्म शूट कर रहे थे. वाणी ने कहा- ‘मैं मान रही हूं कि उनकी फिल्म की शूटिंग उस भयावह हमले से पहले हुई होगी, और एक प्रोड्यूसर होने के नाते, उनका पैसा भी फंस गया होगा. मुझे लगता है कि फिल्म बनाने में लगभग 100 तकनीशियन लगे होंगे. फिल्म की शूटिंग के समय हालात अलग थे. मुझे नहीं लगता कि उनका देश का अनादर करने का कोई इरादा था. वो एक ग्लोबल स्टार हैं. दुनियाभर में उनका सम्मान किया जाता है. उन्होंने जो भी सही समझा, उसके मुताबिक कदम उठाए हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई कानून तोड़ा गया है, है ना?’

बता दें 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद इंडिया और पाकिस्तान के रिश्ते में तनाव आ गया है. पाकिस्तानी आर्टिस्ट को इंडिया में काम करने से बैन कर दिया गया है. हालांकि इसी बीच दिलजीत ने अपनी मोस्ट अवेटिड फिल्म सरदारजी 3 इंडिया छोड़कर ओवरसीज रिलीज करने का फैसला लिया था.

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बारात नहीं रुकनी चाहिए… बारिश से बचने के लिए दूल्हे ने किया ऐसा जुगाड़ कि वायरल हो गया वीडियो

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दूल्हा नहीं हुआ, मानसून का मौसम वैज्ञानिक हो गया! एक तरफ जहां बारिश की पहली फुहार पड़ते ही लोग छतों के नीचे भाग जाते हैं, वहीं इस गांव का दूल्हा अपनी शादी के लिए ऐसी जिद पर अड़ा कि बादल भी सोच में पड़ गए “अबे इतनी बारिश में कौन बारात निकालता है?” लेकिन जनाब की शादी थी, घोड़े पर सवारी तय थी, डीजे की धमक जरूरी थी और सज-धजकर चलने की खुशी भी झलकनी चाहिए थी. बस फिर क्या था जब मौसम ने बगावत की, तो दूल्हा भी जवाब में ‘वॉटरप्रूफ विद्रोह’ कर बैठा. पूरे घोड़े समेत खुद को ट्रांसपेरेंट पॉलिथीन में लपेट लिया और बारातियों को भी आदेश जारी कर दिया कि बारिश हो या बाढ़, बारात निकलेगी, बस छतरी और पॉलीथीन साथ रखो. वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल है.

बारिश में निकाली बारात, दूल्हे का जुगाड़ हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मजेदार वीडियो में देखा जा सकता है कि सुबह के समय एक गांव की गलियों में एक बारात निकल रही है. सबसे आगे वॉटरप्रूफ कवर से लिपटी डीजे वाली गाड़ी है, जिसके स्पीकर से तेज म्यूजिक की आवाजें सुन बाराती आनंद ले रहे हैं. इसके पीछे एक घोड़े पर बैठा दूल्हा, जिसने खुद को और अपने घोड़े को पूरी तरह प्लास्टिक पॉलिथीन में कवर कर रखा है, ताकि उसके शादी वाले कपड़े बारिश से भीग न जाएं. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आसमान में काले बादल छाए हैं, बारिश लगातार हो रही है और चारों तरफ पानी-पानी है, लेकिन दूल्हा और उसके साथी नाचते-गाते बारिश में आगे बढ़ते जा रहे हैं. लोगों के हाथों में छतरियां हैं, कुछ प्लास्टिक की शीतल पेय की बोतलें काटकर सिर पर पहन रखी हैं. गांव वाले सड़क किनारे खड़े होकर ये अनोखी बारिश वाली बारात देखकर मुस्कुरा रहे हैं.

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यूजर्स बोले, बस इतना डेडिकेशन चाहिए लाइफ में

वीडियो को @thenewsbasket नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…आंधी आए या तूफान…भाई शादी करके मानेगा. एक और यूजर ने लिखा…भाई से रहा नहीं जा रहा, शादी करके ही मानेगा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बस इतना डेडिकेशन चाहिए लाइफ में.

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