Raksha Bandhan 2025 Purnima Live: रक्षाबंधन का पर्व कल, जानें शुभ योग, राखी बांधने का मुहूर्त

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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ट्रंप का भारत पर 50% टैरिफ! क्या iPhone 17 की कीमतों पर पड़ेगा असर? यहां जानें पूरी जानकारी

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Apple iPhone 17 Series: अगर आप iPhone 17 खरीदने की सोच रहे हैं, तो एक बड़ा राजनीतिक फैसला आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आयात होने वाले कुछ सामानों पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया है जिससे कुल टैरिफ 50% तक पहुंच गया है. इस फैसले की वजह भारत द्वारा रूस से तेल खरीद जारी रखना बताया गया है जिससे अमेरिका नाराज़ है.

iPhone की कीमतें बढ़ेंगी?

फिलहाल iPhones पर यह नया टैरिफ लागू नहीं हुआ है. लेकिन अमेरिकी प्रशासन अब उन उत्पादों की सूची की समीक्षा कर रहा है जिन पर ये शुल्क लगाया जाएगा और स्मार्टफोन भी जल्द ही उस लिस्ट में शामिल हो सकते हैं. अगर ऐसा हुआ तो iPhone की कीमतों में $50 से लेकर $300 तक की बढ़ोतरी हो सकती है. Apple खुद इस बढ़े हुए बोझ को थोड़ा कम कर सकता है लेकिन पूरी लागत ग्राहकों तक पहुंचना तय है.

भारत में क्यों बनते हैं iPhones?

Apple ने पहले चीन से उत्पादन हटाकर भारत में निर्माण शुरू किया था ताकि चीन-अमेरिका ट्रेड वॉर से बचा जा सके और सप्लाई चैन को सुरक्षित रखा जा सके. भारत खासकर बेस मॉडल iPhones के निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा था जो अमेरिका में बेचे जाते हैं. लेकिन अब भारत भी अमेरिकी टैरिफ के निशाने पर है जिससे Apple की रणनीति को झटका लग सकता है.

Apple का नया प्लान

स्थिति को संभालने के लिए Apple ने अमेरिका में $100 बिलियन का निवेश करने की घोषणा की है. इसमें केंटकी में स्थित ग्लास फैक्ट्री का विस्तार भी शामिल है जो अब दुनियाभर के iPhones और Apple Watch के लिए ग्लास बनाएगी. यह कदम Apple द्वारा अमेरिकी सरकार को संतुष्ट करने और भविष्य के टैरिफ से बचने की रणनीति माना जा रहा है.

आगे क्या हो सकता है?

अगर स्मार्टफोन टैरिफ से बाहर रहे तो iPhone 17 की कीमत सामान्य रह सकती है. अगर टैरिफ लागू होता है, तो इसी साल के अंत तक कीमतों में बढ़ोतरी संभव है. Apple अब वियतनाम और अमेरिका में निर्माण की प्रक्रिया तेज कर रहा है ताकि भविष्य में ऐसे झटकों से बचा जा सके.

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जबरदस्त मुनाफे के बावजूद क्यों इस ज्वैलरी कंपनी का शेयर हुआ धड़ाम, ऐसे लगी निवेशकों को चपत

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Kalyan Jewellers Shares: देश की जानी-मानी रिटेल ब्रांड कल्याण ज्वैलर्स ने हाल ही में अपनी तिमाही रिपोर्ट जारी की, जिसमें जबरदस्त मुनाफा और राजस्व वृद्धि देखने को मिली. कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर बढ़कर 264 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष इसी तिमाही में 177.7 करोड़ रुपये था. यानी मुनाफे में 48.6 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. वहीं, कंपनी का राजस्व भी बढ़कर 7,268.4 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले साल यह 5,527.8 करोड़ रुपये था, जिससे 31.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई.

क्या रहा तिमाही नतीजा?

इन मजबूत तिमाही नतीजों के बावजूद शुक्रवार को बीएसई पर कल्याण ज्वैलर्स के शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली. एक दिन पहले यह शेयर 615.65 रुपये पर बंद हुआ था, लेकिन शुक्रवार सुबह करीब 10:50 बजे यह 9.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 534.95 रुपये तक गिर गया. हालांकि, इसके बाद इसमें थोड़ी रिकवरी देखने को मिली और यह 6.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 550 रुपये पर कारोबार करता देखा गया. इस गिरावट ने निवेशकों को हैरान कर दिया, क्योंकि आम तौर पर बेहतर नतीजों के बाद शेयर में तेजी देखने को मिलती है.

क्या है सलाह?

तो सवाल उठता है कि शानदार प्रदर्शन के बावजूद शेयर क्यों गिरा? विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट “Sell on News” रणनीति का नतीजा हो सकती है, जिसमें निवेशक अच्छे नतीजों के बाद मुनाफा वसूली करते हैं. इसके अलावा, कुछ निवेशकों को कंपनी के वैल्यूएशन या भविष्य की मार्जिन ग्रोथ को लेकर भी चिंता हो सकती है, जिसकी वजह से यह करेक्शन देखने को मिला है.

हालांकि ब्रोकिंग फर्म्स अभी भी इस स्टॉक को लेकर आशावादी नजर आ रही हैं. मोतीलाल ओसवाल ने कल्याण ज्वैलर्स के शेयर को ‘बाय’ रेटिंग देते हुए इसका टारगेट प्राइस 700 रुपये तय किया है. उनका मानना है कि वित्त वर्ष 2026 से 2028 के बीच कंपनी में सालाना 21 प्रतिशत तक की राजस्व वृद्धि संभव है. वहीं, ICICI सिक्योरिटीज़ ने भी इस स्टॉक की खरीदारी की सिफारिश की है और इसका टारगेट प्राइस 670 रुपये रखा है. ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि कल्याण ज्वैलर्स में सिंगापुर सरकार की भी हिस्सेदारी है, जो अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के भरोसे को दर्शाता है.

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डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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Video: सड़क किनारे खड़े थे दूल्हा-दुल्हन, प्रेमानंद महाराज ने दिया आशीर्वाद, वीडियो वायरल

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Premanand Maharaj Video: सोशल मीडिया पर इन दिनों मथुरा, वृंदावन का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें प्रेमानंद जी महाराज सुबह के समय भ्रमण के लिए निकलते हुए दिख रहे हैं. इस दौरान एक नवविवाहित जोड़ा उनसे मिलने आता है और उनके चरणों में झुककर आशीर्वाद लेता है. वीडियो में देखा जा सकता है कि महाराज जी बड़े ही स्नेह और शांति के साथ नवदंपति को आशीर्वाद देते हैं और उन्हें अपनी ओर से एक चुनरी भी भेंट करते हैं. यह दृश्य देखकर यह साफ हो जाता है कि प्रेमानंद जी महाराज के प्रति भक्तों की श्रद्धा और आस्था आज भी पहले जैसी ही है.

प्रेमानंद जी महाराज से लोगों का भावनात्मक जुड़ाव

इस वीडियो को जिसने भी देखा, उसके मन में एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा हुआ है. लोग कह रहे हैं कि यह दिखाता है कि सच्चे संतों के प्रति लोगों का प्रेम समय के साथ कभी कम नहीं होता. इस वीडियो ने एक बार फिर से प्रेमानंद जी महाराज की सकारात्मक छवि को सामने लाने का काम किया है.

हाल ही में प्रेमानंद जी महाराज कुछ विवादों में घिर गए थे. कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके खिलाफ टिप्पणियां और आरोप लगाए गए थे. हालांकि, इन आरोपों को लेकर अब तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं आया है. कुछ लोग इसे केवल एक बदनाम करने की साजिश बता रहे हैं, जबकि उनके समर्थक और भक्त लगातार सोशल मीडिया पर उनके पक्ष में आवाज उठा रहे हैं.

वीडियो ने सकारात्मक संदेश किया देने का काम

इस वायरल वीडियो ने उस विवाद के बीच एक सकारात्मक संदेश देने का काम किया है. यह दिखाता है कि जनता का एक बड़ा हिस्सा अभी भी प्रेमानंद जी महाराज पर पूरा विश्वास करता है और उन्हें श्रद्धा की दृष्टि से देखता है. इस घटना ने भक्तों के बीच यह विश्वास और मजबूत कर दिया है कि सच्चाई सामने जरूर आएगी और प्रेम, भक्ति और आस्था की विजय होगी.

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आमिर या शाहरुख खान कौन है ज्यादा पढ़ा लिखा? जानें किसने कहां से ली है डिग्री

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बॉलीवुड के दो दिग्गज सितारे शाहरुख खान और आमिर खान अपनी फिल्मों और अभिनय के लिए दुनियाभर में मशहूर हैं. लेकिन जब बात पढ़ाई-लिखाई की आती है, तो कौन है असली बादशाह? चलिए जानते हैं इन दोनों सुपरस्टार्स की एजुकेशनल जर्नी और फैसला करते हैं कि किसका एजुकेशन बैकग्राउंड है ज्यादा दमदार.

आमिर खान की पढ़ाई

आमिर खान का जन्म मुंबई में हुआ था. उनकी शुरुआती पढ़ाई जे.बी. पेटिट स्कूल से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट ऐनीज हाई स्कूल और फिर बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से नवीं-दसवीं तक की पढ़ाई पूरी की. आमिर बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और नाटकों में भी बहुत एक्टिव रहते थे.

कॉलेज की पढ़ाई उन्होंने नर्सी मोंजी कॉलेज, मुंबई से कॉमर्स विषय में शुरू की, लेकिन दो साल बाद ही पढ़ाई छोड़ दी और अपने अंकल की फिल्म में असिस्टेंट डायरेक्टर के रूप में काम करने लगे. उन्होंने ग्रेजुएशन पूरा नहीं किया, क्योंकि उन्होंने एक्टिंग को अपना करियर बनाने का मन बना लिया था.

बॉलीवुड में आमिर खान ने ‘क़यामत से क़यामत तक’ से डेब्यू किया और फिर ‘लगान’, ‘3 इडियट्स’, ‘दंगल’ जैसी फिल्मों से लाखों दिलों को जीता. वे एक्टिंग के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय हैं और ‘पानी फाउंडेशन’ जैसे प्रोजेक्ट्स के ज़रिए समाज में बदलाव लाने का प्रयास करते हैं.

शाहरुख खान

शाहरुख खान का जन्म 2 नवंबर 1965 को दिल्ली में हुआ था. उन्होंने दिल्ली के सेंट कोलंबा स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई की. यहां वो पढ़ाई में भी तेज़ थे और स्पोर्ट्स में भी काफी एक्टिव रहे.

12वीं के बाद शाहरुख ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के मशहूर हंसराज कॉलेज से बीए ऑनर्स (इकोनॉमिक्स) की डिग्री ली. इसके बाद उन्होंने जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन का कोर्स शुरू किया, लेकिन एक्टिंग में दिलचस्पी के चलते बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी.

आज शाहरुख न सिर्फ एक सफल एक्टर हैं, बल्कि एक अच्छे बिजनेसमैन और प्रेरणा देने वाले शख्स भी माने जाते हैं. उनके नाम पर ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’, ‘स्वदेश’, ‘चक दे इंडिया’, ‘पठान’ जैसी सुपरहिट फिल्में हैं.

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वनडे क्रिकेट में कौन-कौन सी टीमों ने किया सीरीज में ‘व्हाइटवॉश’? जानिए पूरी लिस्ट

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ODI Records: वनडे इंटरनेशनल (ODI) क्रिकेट में जब कोई टीम किसी द्विपक्षीय सीरीज में हर मुकाबला जीतती है, तो उसे ‘व्हाइटवॉश’ कहा जाता है. यह किसी भी टीम के लिए पूरी तरह से दबदबा दिखाने वाला होता है. इतिहास में कुछ ऐसी यादगार सीरीज रही हैं, जहां टीमों ने अपने विरोधियों को कोई भी मौका नहीं दिया और हर मुकाबला जीतकर सीरीज को पूरी तरह से अपने नाम किया. आइए नजर डालते हैं वनडे व्हाइटवॉश सीरीज पर, जिसने क्रिकेट इतिहास में खास जगह बनाई है.

वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड (1976, इंग्लैंड में)

प्रुडेंशियल ट्रॉफी के तहत वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड जैसी मजबूत टीम को 3 मैचों की सीरीज में 3-0 से हराया था. यह उस समय की सबसे शक्तिशाली वेस्टइंडीज टीमों में से एक थी, जिसमें विवियन रिचर्ड्स और माइकल होल्डिंग जैसे खिलाड़ी शामिल थे. इस सीरीज ने वेस्टइंडीज की बादशाहत को और मजबूत किया था.

वेस्टइंडीज बनाम पाकिस्तान (1980–81, पाकिस्तान में)

वेस्टइंडीज की टीम ने साल 1980-81 में पाकिस्तान की धरती पर एक और क्लीन स्वीप किया था. इस बार भी सीरीज 3-0 से उनके नाम रही थी. पाकिस्तान जैसी मजबूत घरेलू टीम को हराना यह दिखाता है कि वेस्टइंडीज का उस दौर में क्या दबदबा था.

भारत बनाम श्रीलंका (1982–83, भारत में)

भारत ने भी 1982–83 में श्रीलंका के खिलाफ घरेलू सरजमी पर शानदार प्रदर्शन किया था और तीनों मुकाबले जीतकर सीरीज अपने नाम की थी. यह सीरीज भारत के लिए खासतौर पर इसलिए भी अहम थी क्योंकि इसके कुछ महीनों बाद भारतीय टीम ने पहली बार 1983 विश्व कप भी जीता था. इस क्लीन स्वीप ने टीम को आत्मविश्वास से भर दिया था.

न्यूजीलैंड बनाम इंग्लैंड (1982–83, न्यूजीलैंड में)

इस सीरीज में न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड की टीम को 3-0 से मात दी थी. घरेलू हालात का फायदा उठाते हुए कीवी टीम ने पूरे टूर्नामेंट में इंग्लैंड की टीम को वापसी का कोई मौका नहीं दिया था.

न्यूजीलैंड बनाम श्रीलंका (1982–83, न्यूजीलैंड में)

उसी साल, फिर से न्यूजीलैंड की टीम ने श्रीलंका को भी 3-0 से हराकर अपने नाम एक और व्हाइटवॉश दर्ज किया था. लगातार दो सीरीज में क्लीन स्वीप करना किसी भी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होती है.

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किस देश के राष्ट्रपति को गिरफ्तार करना चाहता है अमेरिका? लादेन से दोगुना रख दिया सिर पर इनाम

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अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने घोषणा की है कि अमेरिका वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी में मददगार को जानकारी देने पर 5 करोड़ डॉलर का इनाम देगा. यह राशि पहले 2.5 करोड़ डॉलर थी, जिसे अब दोगुना कर दिया गया है. बॉन्डी के मुताबिक, मादुरो पर दुनिया के सबसे बड़े ड्रग तस्करी नेटवर्क ट्रेन डी अरागुआ और सिनालोआ कार्टेल के साथ काम करने का आरोप है. अमेरिका का दावा है कि मादुरो और उनके करीबी सहयोगियों ने कोकीन की विशाल मात्रा अमेरिका में पहुंचाने की साजिश रची.

यह कोई नया आरोप नहीं है. 2020 में ट्रंप प्रशासन के दौरान मादुरो पर मैनहट्टन की संघीय अदालत में “मादक पदार्थ आतंकवाद” और “कोकीन आयात” के मामले में अभियोग लगाया गया था. उस समय इनाम 1.5 करोड़ डॉलर था, जिसे पहले बाइडन प्रशासन ने 2.5 करोड़ डॉलर और अब 5 करोड़ डॉलर तक बढ़ा दिया. इतनी बड़ी इनामी राशि का उदाहरण पहले ओसामा बिन लादेन के लिए देखा गया था, जब 9/11 हमलों के बाद अमेरिका ने 2.5 करोड़ डॉलर का इनाम घोषित किया था. मादुरो के लिए अब यह राशि उससे भी दोगुनी हो गई है, जो आरोपों की गंभीरता को दर्शाती है.

राजनीतिक पृष्ठभूमि और चुनावी विवाद
मादुरो वेनेजुएला की राजनीति में लंबे समय से विवादित चेहरा रहे हैं. अमेरिका, यूरोपीय संघ और कई लैटिन अमेरिकी देशों ने 2024 के चुनाव को धांधली करार देते हुए मादुरो को वैध राष्ट्रपति मानने से इनकार किया. इसके बजाय, उन्होंने विपक्षी उम्मीदवार को वैध राष्ट्रपति के रूप में मान्यता दी. इसके बावजूद, मादुरो ने सत्ता पर अपनी पकड़ बनाए रखी है. आलोचकों का कहना है कि उन्होंने सरकारी संस्थाओं, सेना और न्यायपालिका पर नियंत्रण के जरिए विपक्ष को कमजोर किया. अमेरिकी न्याय विभाग ने मादुरो से जुड़ी 700 मिलियन डॉलर से अधिक की संपत्ति जब्त की है, जिसमें निजी जेट भी शामिल हैं. बॉन्डी ने दावा किया कि जब्त की गई 70 लाख टन कोकीन की खेप का सीधा संबंध मादुरो से है.

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और संभावित असर
अमेरिका की यह घोषणा केवल एक आपराधिक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक रणनीतिक राजनीतिक संदेश भी है. यह कदम वेनेजुएला की आंतरिक राजनीति पर दबाव बनाने और विपक्ष को मजबूत करने का प्रयास माना जा रहा है. यूरोपीय संघ पहले ही वेनेजुएला पर आर्थिक और राजनीतिक प्रतिबंध लगा चुका है. लैटिन अमेरिका के कई देश भी मादुरो सरकार के खिलाफ हैं. दूसरी ओर, रूस, चीन और ईरान जैसे देश मादुरो को समर्थन देते हैं, जिससे यह मुद्दा एक अंतरराष्ट्रीय शक्ति-संतुलन का हिस्सा बन गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी इनामी राशि से मादुरो के करीबी नेटवर्क में दरार पड़ सकती है, क्योंकि कोई भी व्यक्ति इतने पैसे के लालच में अमेरिका को जानकारी दे सकता है.

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Video: फोन पर बात और तेज रफ्तार, लापरवाह डिलीवरी बॉय को कार ने मारी टक्कर, वीडियो वायरल

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Accident News: दिल्ली में एक जोमैटो डिलीवरी बॉय के साथ हुआ हादसा अब चर्चा का विषय बन गया है. यह घटना दिल्ली के एक व्यस्त इलाके में हुई, जहां एक डिलीवरी बॉय ऑर्डर पहुंचाने के दौरान हादसे का शिकार हो गया. उसकी बाइक एक तेज रफ्तार कार से टकरा गई, जिससे वह सड़क पर गिर पड़ा और उसे गंभीर चोटें आईं. आस-पास के लोगों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है. इस पूरी घटना का वीडियो पीछे न रही राइडर के कैमरे में कैद हो गया.

घटना का जिम्मेदार कौन है ?

अब सबसे बड़ा सवाल यह उठता है इस हादसे का जिम्मेदार कौन है? क्या गलती डिलीवरी बॉय की थी या फिर तेज रफ्तार कार चालक की?

डिलीवरी बॉय ने हेलमेट पहना हुआ था और वह ट्रैफिक नियमों का पालन कर रहा था. लेकिन तभी एक कार तेज रफ्तार में आई और सीधे उसकी बाइक से टकरा गई. कार चालक ने न तो ब्रेक लगाया और न ही हॉर्न दिया. इससे साफ होता है कि हादसे की बड़ी वजह लापरवाही से गाड़ी चलाना है.

पुलिस ने दर्ज किया मामला

हालांकि कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि डिलीवरी बॉय ने अचानक मोड़ लिया, जिससे ड्राइवर को संभलने का मौका नहीं मिला. कई बार कंपनियों का प्रेशर होता है कि ऑर्डर जल्दी डिलीवर हो, जिससे डिलीवरी बॉय भी जल्दबाजी में रहते हैं और सावधानी नहीं बरतते. फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है. उम्मीद की जा रही है कि जांच के बाद साफ हो जाएगा कि असली गलती किसकी थी.

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स्पैम कॉल्स से हैं परेशान? जानिए एंड्रॉइड फोन में उन्हें ब्लॉक करने का आसान तरीका

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Spam Calls: भारत में लगभग हर स्मार्टफोन यूज़र को रोज़ाना स्पैम और टेलीमार्केटिंग कॉल्स का सामना करना पड़ता है. ये कॉल्स अब इतने चालाक हो गए हैं कि बार-बार नंबर बदलकर फोन करते हैं और पहचान से बच निकलते हैं. लेकिन अच्छी खबर यह है कि अधिकतर एंड्रॉइड स्मार्टफोन्स में अब स्पैम कॉल ब्लॉक करने की इनबिल्ट सुविधा दी जा रही है.

Samsung Galaxy स्मार्टफोन्स में स्पैम कॉल कैसे ब्लॉक करें?

Samsung के फोन में कॉल ब्लॉकिंग की सुविधा पहले से मौजूद होती है:

  • फोन ऐप खोलें
  • ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट्स पर टैप करें
  • “Block numbers” विकल्प चुनें
  • “Block calls from unknown numbers” को ऑन करें
  • साथ ही “Block spam and scam calls” को भी सक्रिय करें
  • चाहें तो किसी नंबर को मैनुअली भी ब्लॉक किया जा सकता है

OnePlus स्मार्टफोन्स में स्पैम कॉल रोकने का तरीका

अधिकांश OnePlus डिवाइसेज़ में अब Google का Dialer ऐप पहले से आता है:

  • फोन ऐप खोलें
  • तीन डॉट्स पर टैप करें > Settings में जाएं
  • “Caller ID & Spam” पर टैप करें
  • “Filter spam calls” विकल्प को ऑन करें

Oppo, Vivo, iQOO और Realme फोन्स में कैसे रोकें स्पैम कॉल?

इन ब्रांड्स के ज़्यादातर फोन्स में भी Google Dialer ही इस्तेमाल होता है. स्टेप्स वही हैं:

  • फोन ऐप खोलें
  • Settings में जाएं
  • Caller ID & Spam विकल्प में जाएं
  • “Filter spam calls” को ऑन करें

Xiaomi और Poco स्मार्टफोन्स के लिए तरीका

जो डिवाइसेज़ HyperOS या MIUI पर चलते हैं, उनमें इनबिल्ट डायलर के ज़रिए स्पैम कॉल ब्लॉकिंग की सुविधा मिलती है:

  • फोन ऐप खोलें
  • ऊपर दिए गए तीन डॉट्स पर टैप करें
  • Settings > Caller ID & Spam पर जाएं
  • “Filter spam calls” को ऑन करें

अन्य उपाय

अगर इन सेटिंग्स के बाद भी स्पैम कॉल्स आते रहें, तो सरकारी टूल्स का सहारा लें:

  • DND (Do Not Disturb) सेवा को सक्रिय करें
  • अपने मोबाइल से 1909 पर SMS भेजें: START 0
  • TRAI DND ऐप डाउनलोड करें
  • Google Play Store से डाउनलोड करें
  • अपना मोबाइल नंबर रजिस्टर करें
  • कॉल-ब्लॉकिंग विकल्प चालू करें

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