कोई नहीं पढ़ पाएगा आपकी पर्सनल चैट्स! ऐसे लॉक करें WhatsApp की जरूरी बातचीत, जानें तरीका

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Whatsapp Chat Lock: आज के डिजिटल दौर में हमारी चैटिंग एप्स केवल बातचीत का जरिया ही नहीं बल्कि निजी जानकारी और भावनाओं की एक सुरक्षित डायरी बन चुकी हैं. खासतौर पर WhatsApp, जिसे करोड़ों लोग अपने रोज़मर्रा के संवाद के लिए इस्तेमाल करते हैं. लेकिन जैसे-जैसे इस प्लेटफॉर्म पर हमारी निजी जानकारी बढ़ रही है वैसे-वैसे इसे सुरक्षित रखने की ज़रूरत भी बढ़ गई है. अगर आप नहीं चाहते कि कोई और आपकी पर्सनल चैट्स पढ़े तो WhatsApp का नया चैट लॉक फीचर आपके बहुत काम का हो सकता है.

क्या है WhatsApp का चैट लॉक फीचर?

WhatsApp का चैट लॉक फीचर आपको किसी भी खास चैट को ऐप के भीतर ही एक पासवर्ड या बायोमेट्रिक लॉक से सुरक्षित करने की सुविधा देता है. यानी अब सिर्फ ऐप को लॉक करना ही काफी नहीं आप किसी विशेष चैट को भी एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन दे सकते हैं. इससे अगर कोई आपके फोन का लॉक खोल भी ले तो वह आपकी प्राइवेट चैट तक नहीं पहुंच सकेगा.

कैसे करें WhatsApp चैट लॉक?

इस फीचर को इस्तेमाल करना बेहद आसान है. आपको सिर्फ उस व्यक्ति या ग्रुप की चैट खोलनी है जिसे आप लॉक करना चाहते हैं. इसके बाद टॉप राइट में दिए गए तीन डॉट्स पर टैप करें और ‘Chat Lock’ ऑप्शन पर जाएं. यहां आप फिंगरप्रिंट या पासकोड सेट कर सकते हैं जिससे वही व्यक्ति उस चैट को खोल सकेगा जो उसे अनलॉक करने का तरीका जानता है.

चैट लॉक करने के बाद वह चैट आपके मेन चैट लिस्ट से हटकर एक ‘Locked Chats’ नाम के अलग सेक्शन में चली जाती है. इस सेक्शन को एक्सेस करने के लिए भी बायोमेट्रिक या पासकोड जरूरी होता है.

क्या है इसकी सबसे बड़ी खासियत?

इस फीचर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पूरी तरह डिस्क्रीट है. जब कोई आपके फोन में WhatsApp खोलता है, तो उसे यह बिल्कुल भी पता नहीं चलेगा कि आपने कोई चैट लॉक कर रखी है. साथ ही, लॉक की गई चैट की नोटिफिकेशन भी छुप जाती है जिससे चैट के मैसेज का कंटेंट होम स्क्रीन पर दिखाई नहीं देता.

क्यों है यह फीचर जरूरी?

आजकल फोन कई बार दूसरों के हाथ में चला जाता है चाहे वो दोस्त हो, परिवार का कोई सदस्य या ऑफिस कलीग. ऐसे में अगर आपकी पर्सनल या संवेदनशील चैट्स दूसरों के सामने आ जाएं तो यह आपकी प्राइवेसी के लिए खतरा बन सकता है. खासकर उन लोगों के लिए जो अपने फोन को शेयर करते हैं या बच्चों को मोबाइल देते हैं यह फीचर बेहद उपयोगी है.

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बर्थडे गर्ल से मजाक पड़ा भारी! छोटी बच्ची ने बहन को जड़ा चमाट, पार्टी का हुआ सत्यानाश

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घर में बच्चों के बर्थडे पर जो हंसी-खुशी का माहौल बनता है, वो कई बार इस कदर हाई वोल्टेज हो जाता है कि केक, मोमबत्ती और हैप्पी बर्थडे गाने के बीच किसी का गुस्सा भी फ्री में सर्व हो जाता है. जी हां, इस बार मामला एक नन्ही सी बच्ची का है जो अपने ही बर्थडे पर पहले तो हंसी-खुशी के साथ केक काटने बैठी थी, लेकिन मां-बाप ने जैसे ही प्यारे से अंदाज में उसका मुंह केक में डुबोकर ‘मस्ती’ करने की कोशिश की, वैसे ही बच्ची का मूड ऐसे पलटा जैसे किसी ने स्वीट डिश में नींबू निचोड़ दिया हो. अब गुस्से में वो बच्ची बार-बार अपने चेहरे को उसी केक में दे मारती है जैसे उसके और केक के बीच कोई पुराना हिसाब बाकी हो.

बच्ची से मजाक भारी पड़ा गया, पार्टी का हुआ सत्यानाश

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि बर्थडे के दौरान टेबल पर केक रखा है और बच्ची अपने मां-बाप के साथ बैठी है. मां-बाप जैसे ही मजाक में उसका मुंह केक में देते हैं, केक उसकी नाक और चेहरे पर लग जाता है. इसके बाद बच्ची का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है और वो बदले की कार्रवाई शुरू कर देती है. वो बार-बार अपना चेहरा केक में मारकर पूरे केक का सत्यानाश कर देती है. यहां तक कि उसका गुस्सा जब केक पर भी नहीं थमता तो वो अपनी मां की गोद में बैठी अपनी छोटी बहन के गाल पर एक जोरदार थप्पड़ भी रसीद कर देती है. इस हरकत पर वहां मौजूद लोग हंस-हंसकर लोटपोट हो जाते हैं और वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.


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यूजर्स ने ले लिए मजे

वीडियो को akalize2001 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…अगर आप मजाक करोगे तो मैं खतरनाक बन जाऊंगी. एक और यूजर ने लिखा…छोटी बच्ची सोच रही होगी कि मुझे क्यों तोड़ा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…मां बाप को ऐसा नहीं करना चाहिए था.

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क्या कुत्ते-बिल्ली से अलग होते हैं गाय-भैंस के डॉक्टर, इसकी पढ़ाई करने के बाद कितनी मिलती है सै

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जैसे इंसान बीमार पड़ते हैं तो डॉक्टर के पास जाते हैं, वैसे ही जानवर और पक्षी जब बीमार होते हैं तो उनकी देखभाल और इलाज के लिए खास डॉक्टरों की जरूरत होती है. इन्हें हम पशु चिकित्सक या वेटनरी डॉक्टर कहते हैं. अगर आपको जानवरों से लगाव है और आप उनकी सेवा करना चाहते हैं, तो वेटनरी डॉक्टर बनना आपके लिए एक बेहतरीन करियर हो सकता है. साथ ही इस क्षेत्र में अच्छे पैसे कमाने के भी मौके हैं.

पशु चिकित्सक बनने के लिए सबसे पहले आपको वेटनरी साइंस की पढ़ाई करनी होती है. पहले इस क्षेत्र में प्रवेश के लिए ऑल इंडिया प्री वेटनरी टेस्ट (AIPVT) हुआ करता था, लेकिन अब वेटनरी साइंस के कोर्स में दाखिले के लिए NEET यूजी परीक्षा के अंक देखे जाते हैं. पूरे भारत में जो वेटनरी कोर्स उपलब्ध हैं, उनमें से 15 प्रतिशत सीटें NEET परीक्षा के जरिए भरी जाती हैं.

वेटनरी साइंस में दाखिला लेने के लिए सबसे लोकप्रिय कोर्स बैचलर ऑफ एनिमल साइंस एंड हसबैंड्री है, जो करीब साढ़े पांच साल का होता है. इस कोर्स में एक साल की इंटर्नशिप भी शामिल होती है, जिससे छात्रों को व्यावहारिक अनुभव भी मिलता है. अधिक जानकारी के लिए आप वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं.

वेटनरी कोर्स की योग्यता

इस कोर्स में प्रवेश के लिए जरूरी है कि आप 12वीं कक्षा फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी विषयों के साथ पास हों. आपकी कुल मार्क्स कम से कम 50 प्रतिशत होनी चाहिए.

वेटनरी डॉक्टर बनने के लिए मुख्य कोर्स

  • बैचलर ऑफ वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री (5 साल)
  • मास्टर ऑफ वेटनरी साइंस (2 साल)
  • डिप्लोमा इन वेटनरी फार्मेसी (2 साल)

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प्रमुख संस्थान

  • इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, बरेली (उत्तर प्रदेश)
  • नेशनल डेयरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, करनाल
  • कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंस, बीकानेर
  • मद्रास वेटरनरी कॉलेज, चेन्नई
  • खालसा कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज, पंजाब
  • इंडियन वेटरनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट, कोलकाता
  • आणंद एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी, आणंद (गुजरात)

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पशु डॉक्टर की कमाई

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में एक वेटनरी डॉक्टर औसतन हर महीने 50,000 से 60,000 रुपये की कमाई करता है. लेकिन यह कमाई आपके अनुभव, विशेषज्ञता और काम के क्षेत्र पर निर्भर करती है. यदि आप पालतू जानवरों जैसे कुत्ते, घोड़े या बिल्लियों के विशेषज्ञ डॉक्टर बनते हैं, तो आपकी आय सालाना 10 से 12 लाख रुपये तक भी पहुंच सकती है.

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पहले PM मोदी ने की बात फिर पुतिन ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला को लगाया फोन; ट्रंप को उल्टा न प

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करने के एक दिन बाद रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डी सिल्वा से फोन कर बात की है. क्रेमलिन के बयान के अनुसार, दोनों नेताओं ने ब्रिक्स के भीतर रणनीतिक साझेदारी और समन्वय को और मजबूत करने के अपने संकल्प को दोहराया. ब्राजील के राष्ट्रपति कार्यालय के मुताबिक, यह कॉल पुतिन की पहल पर हुई और इसमें न केवल ब्रिक्स बल्कि यूक्रेन, अमेरिका के साथ ब्राजील-रूस सहयोग और हालिया टैरिफ नीतियों पर भी चर्चा हुई.

एक दिन पहले राष्ट्रपति लूला ने प्रधानमंत्री मोदी को फोन किया था. दोनों नेताओं ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को $20 अरब से अधिक करने के लक्ष्य पर जोर दिया. इसके साथ ही, ऊर्जा, कृषि और तकनीक जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर भी बातचीत हुई. भारत-ब्राजील संबंध खासकर ब्रिक्स और G20 जैसे बहुपक्षीय मंचों पर हाल के वर्षों में तेजी से मजबूत हुए हैं.

ट्रंप के टैरिफ का ब्रिक्स पर क्या होगा असर?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत और ब्राजील दोनों पर उच्च टैरिफ लगाए हैं. अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लगाया है. रूस से तेल खरीदने की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्राजील पर उच्च शुल्क लगाया, जिसे ब्राजील में पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो के खिलाफ मुकदमे से संबंधित रिपब्लिकन दबाव के संदर्भ में देखा जा रहा है. ये टैरिफ ब्रिक्स देशों के लिए एक सामूहिक प्रतिक्रिया की ज़रूरत को उजागर करते हैं, हालांकि लूला ने स्पष्ट किया है कि ब्राजील अकेले अमेरिका पर टैरिफ नहीं लगाएगा.

ब्राजील की रणनीतिक प्रतिक्रिया

ट्रंप के टैरिफ का जवाब देते हुए ब्राजील ने चीन, भारत और दक्षिण-पूर्व एशिया जैसे साझेदारों के साथ व्यापार बढ़ाने की कोशिश तेज की है. हालांकि ब्राजील के तेल उत्पादकों को अमेरिकी टैरिफ से राहत मिली है, लेकिन भारत पर अतिरिक्त टैरिफ़ लगाने के बाद रूसी डीजल पर ब्राजील की निर्भरता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं.

टैरिफ को लेकर क्या कदम उठाएगा ब्राजील?

लूला, पुतिन और मोदी के बीच हालिया संवाद इस ओर इशारा करते हैं कि ब्रिक्स देश अमेरिकी टैरिफ के खिलाफ एक संयुक्त रणनीति तैयार कर सकते हैं. हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक संयुक्त बयान जारी नहीं हुआ है, लेकिन बातचीत का सिलसिला बताता है कि यह मुद्दा आने वाले ब्रिक्स सम्मेलनों में प्रमुख एजेंडा होगा.

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Pitru Paksha 2025: चंद्र ग्रहण का अद्भुत संयोग, श्राद्ध से मिलेगा पितरों का आशीर्वाद! जानें सही

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पितृ पक्ष 2025 और चंद्र ग्रहण का विशेष योग: इस वर्ष पितृ पक्ष 7 सितंबर 2025 से शुरू होगा, जो पूर्णिमा तिथि है, और 21 सितंबर 2025 को सर्व पितृ अमावस्या पर समाप्त होगा.

इस अवधि में पूर्ण चंद्र ग्रहण भी होगा, जो भारत सहित एशिया, यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, अमेरिका और अंटार्कटिका में दिखाई देगा. भारत में यह ग्रहण संपूर्ण रूप से दिखाई देगा, जिससे इसका धार्मिक प्रभाव और बढ़ जाएगा.

पितरों का महत्व: हमारे पूर्वज यानी पितर भी देवी-देवताओं की तरह जीवन में सुख, शांति और मंगल कार्यों में योगदान देते हैं. मान्यता है कि वे पितृलोक में रहते हैं, लेकिन पितृ पक्ष के 15 दिनों के लिए धरती पर आते हैं. इन दिनों में श्रद्धा और विधि से तर्पण, अर्पण और दान करने की परंपरा है, ताकि उनकी आत्मा को शांति मिले और वे तृप्त होकर आशीर्वाद दें.

श्राद्ध और तर्पण का सही समय
देवताओं की पूजा जहां सुबह या शाम को होती है, वहीं पितरों के लिए दोपहर का समय श्रेष्ठ है. सुबह स्नान और नित्यकर्म के बाद, दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच तर्पण और अर्पण करना सबसे उचित माना गया है. इस समय किया गया कर्म पितरों तक जल्दी पहुंचता है और वे प्रसन्न होकर आशीर्वाद देते हैं.

पितृ दोष से जुड़ी मान्यता
जो लोग पितरों का सम्मान नहीं करते या पितृ पक्ष में उन्हें याद नहीं करते, उनकी कुंडली में पितृ दोष उत्पन्न हो सकता है. इसके कारण जीवन में रुकावटें, आर्थिक समस्याएं, वैवाहिक तनाव और स्वास्थ्य संबंधी कठिनाइयां हो सकती हैं. इसीलिए पितृ पक्ष के 15 दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए बहुत महत्वपूर्ण माने जाते हैं.

पितरों के लिए क्या करें?

  • तिल, कुशा और जल से तर्पण करें.
  • ब्राह्मण को भोजन करवाएं और दान दें.
  • अनाथ, गरीब और जरूरतमंदों की मदद करें.
  • घर में अनावश्यक विवाद से बचें और शांत वातावरण रखें.

पितृ पक्ष 2025: सभी श्राद्ध तिथियां

  • 7 सितंबर – पूर्णिमा श्राद्ध
  • 8 सितंबर – प्रतिपदा श्राद्ध
  • 9 सितंबर – द्वितीया श्राद्ध
  • 10 सितंबर – तृतीया व चतुर्थी श्राद्ध
  • 11 सितंबर – पंचमी श्राद्ध
  • 12 सितंबर – षष्ठी श्राद्ध
  • 13 सितंबर – सप्तमी श्राद्ध
  • 14 सितंबर – अष्टमी श्राद्ध
  • 15 सितंबर – नवमी श्राद्ध
  • 16 सितंबर – दशमी श्राद्ध
  • 17 सितंबर – एकादशी श्राद्ध
  • 18 सितंबर – द्वादशी श्राद्ध
  • 19 सितंबर – त्रयोदशी श्राद्ध
  • 20 सितंबर – चतुर्दशी श्राद्ध
  • 21 सितंबर – सर्व पितृ अमावस्या
  • 22 सितंबर – मातामह (नाना) श्राद्ध

पितृ पक्ष में क्या न करें?

  • घर में मांसाहार, मदिरा या नशे का सेवन न करें.
  • पेड़ या पालतू जानवरों को बिना वजह नुकसान न पहुंचाएं.
  • पितृ पक्ष में किसी का अपमान या अनावश्यक गुस्सा न करें.

पितृ आशीर्वाद के लाभ

  • पितृ पक्ष में श्रद्धा और प्रेम से किया गया तर्पण व दान:
  • परिवार में सुख-शांति लाता है.
  • आर्थिक स्थिति को मजबूत करता है.
  • संतान के जीवन में तरक्की का मार्ग खोलता है.
  • रोग और संकट से रक्षा करता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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सब को सब नहीं मिलता! भरी बरसात में फुटपाथ पर खाना पकाता परिवार, वीडियो देख निकल आएंगे आंसू

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कुछ वीडियो ऐसे होते हैं जो लाइक्स और व्यूज के लिए नहीं, बल्कि दिल की गहराई में जाकर चुपके से आंसू निकाल देते हैं. सोशल मीडिया पर वायरल ये वीडियो भी वैसा ही है जहां बारिश की बूंदें सिर्फ पानी नहीं, बल्कि गरीबी की सच्चाई बनकर बरस रही हैं. फुटपाथ पर, खुले आसमान के नीचे, एक गरीब पिता चूल्हे पर खाना बना रहा है. लेकिन ये कहानी सिर्फ उसके संघर्ष की नहीं, बल्कि उन दो नन्हें-नन्हें हाथों की है जो किसी खिलौने को नहीं, बल्कि लकड़ी का पटिया थामे खड़े हैं ताकि खाने के बर्तन में पानी ना गिर जाए. बर्तन पर पटिया ऐसे रखा है जैसे ये कोई छत हो और उसके पिलर हैं वो मासूम हाथ, जिनकी उम्र में तो बस स्कूल की किताबें या रंग भरने की कॉपियां होनी चाहिए थीं.

गरीब परिवार को फुटपाथ पर खाना पकाते देख आपके भी निकल आएंगे आंसू

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में साफ दिखाई देता है कि भरी बारिश में एक परिवार फुटपाथ पर चूल्हा जलाकर खाना बना रहा है. पिता बर्तन में सब्जी पका रहा है और उसके पास खड़े दो छोटे बच्चे बारिश से बचाने के लिए लकड़ी का पटिया ऊपर पकड़े हैं. बारिश की हर बूंद उस पटिए पर गिरकर फिसल जाती है, लेकिन दोनों बच्चे अपने हाथ जरा भी नहीं हिलाते जैसे ये उनका रोज का काम हो. वीडियो में उनके कपड़े भीगे हुए हैं, पैरों के पास पानी जमा है, लेकिन चेहरे पर न शिकन है न शिकायत. ये नजारा देखने के बाद कई लोगों ने लिखा कि ये बच्चे असल में मजबूरी के स्कूल में पढ़ रहे हैं, जहां पढ़ाई का नाम है जिम्मेदारी.


यूजर्स का फूटा दर्द

वीडियो पर लोगों ने भावुक होकर ढेरों कमेंट किए हैं. किसी ने लिखा “इन मासूमों के हाथ में किताब होनी चाहिए थी, लकड़ी का पटिया नहीं.” तो किसी ने कहा “ये तस्वीर हमारी व्यवस्था के मुंह पर करारा तमाचा है.” कई यूजर्स ने परिवार की मदद के लिए जानकारी मांगी, ताकि बच्चों को बारिश से ही नहीं, जिंदगी की इस सर्द सच्चाई से भी बचाया जा सके. यह वीडियो याद दिलाता है कि कुछ घरों में छत सिर्फ ईंट-पत्थर से नहीं, बल्कि छोटे-छोटे हाथों की थकान से टिकी होती है और ये तस्वीर उतनी ही भारी है जितनी खामोशी से ये वायरल हो रही है.

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कुछ यूजर्स ने लिखा कि अमीरों के लिए यह काम पिकनिक की तरह होता है लेकिन कुछ लोग इस दर्द को रोज जीते हैं. वीडियो को girijaprasaddubey नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है, तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है.

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रोहित शर्मा ने खरीदी Lamborghini Urus Se, कार का नंबर 3015 ही क्यों चुना? ये हैं 3 कनेक्शन

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भारतीय क्रिकेटर रोहित शर्मा ने लैम्बोर्गिनी कार (Lamborghini Urus Se) खरीदी है, जो देखने में काफी खूबसूरत है. लेकिन फैंस की नजरें तो इस कार की नंबर प्लेट पर जा टिकी. रोहित शर्मा की कार का नंबर 3015 है, जिसे यूं ही नहीं लिया गया है बल्कि इसके पीछे एक खास वजह है. इस नंबर से रोहित के 3 कनेक्शन जुड़ रहे हैं.

रोहित शर्मा के पास इससे पहले नीले रंग की लैम्बोर्गिनी कार थी, जिसका नंबर 0264 था. ये नंबर रोहित की वनडे में सबसे बड़ी पारी को ध्यान में रखकर लिया गया था. वनडे क्रिकेट में सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारी खेलने का रिकॉर्ड रोहित के नाम है, उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ एक मैच में 264 रन बनाए थे. हालांकि रोहित ने अपनी इस कार को एक फैंटेसी ऐप विनर को दे दी थी.

रोहित शर्मा की लैम्बोर्गिनी कार का नंबर 3015 क्यों है?

रोहित शर्मा की बेटी का नाम समाइरा शर्मा है, जो रोहित और रितिका की पहली संतान है. समाइरा का जन्म 30 दिसंबर 2018 को हुआ था. सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि गाड़ी के पहले 2 नंबर इसी पर हैं. 2024 में रितिका ने एक बेटे को जन्म दिया, रोहित के बेटे का जन्म 15 नवंबर को हुआ. गाड़ी के आखिरी 2 नंबर बेटे के बर्थ डेट पर हैं. अब इन दोनों नंबर को जोड़ें (30+15) तो 45 बनता है, जो हर क्रिकेट फैन जानता है कि ये उनका जर्सी नंबर है.

रोहित शर्मा की नई कार Lamborghini Urus Se की भारत में कीमत

रोहित शर्मा ने ऑरेंज कलर की Lamborghini Urus Se कार खरीदी है. इसका इंजन 620hp पावर का है, जो  800Nm का टॉर्क जनरेट करता है. इस कार की कीमत की बात करें तो भारत में एक्स-शोरूम कीमत 4.57 करोड़ रुपये है. इलेक्ट्रिक मोड में ये एसयूवी 60 किलोमीटर तक चलाई जा सकती है.

रोहित शर्मा के पास ये लग्जरी कार हैं

  • Mercedes-Benz S-Class- 1.50 करोड़ रुपये
  • Range Rover HSE LWB- 2.80 करोड़ रुपये
  • Mercedes GLS 400 D- 1.29 करोड़ रुपये 
  • BMW M5- 1.99 करोड़ रुपये

रोहित शर्मा के पास कई लग्जरी कार हैं, जो काफी महंगी हैं. रोहित शर्मा हाल ही में इंग्लैंड से लौटे हैं, वह अपने परिवार के साथ वहां थे. रोहित टेस्ट और टी20 से रिटायरमेंट ले चुके हैं. वह अब सिर्फ ओडीआई फॉर्मेट में खेलते हैं.



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इस एक पासवर्ड पर भरोसा कर रहे 76 हजार भारतीय! हैकर एक सेकंड में कर देंगे क्रैक

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Most Common Password: आज के डिजिटल युग में पासवर्ड हमारी ऑनलाइन सुरक्षा की पहली और सबसे अहम दीवार है. लेकिन हैरानी की बात यह है कि लाखों लोग अब भी ऐसे पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं जिन्हें हैकर चुटकियों में तोड़ सकते हैं. हाल ही में आई एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि भारत में 76,000 से ज्यादा लोग एक ऐसा पासवर्ड यूज कर रहे हैं जिसे कोई भी हैकर सिर्फ एक सेकंड में क्रैक कर सकता है.

सबसे कमजोर पासवर्ड का खुलासा

साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर्स के मुताबिक, यह पासवर्ड इतना आम और अनुमान लगाने में आसान है कि इसे “सबसे कमजोर पासवर्ड” की सूची में शीर्ष स्थान पर रखा गया है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हजारों लोग अब भी “123456” जैसे पासवर्ड का इस्तेमाल कर रहे हैं. इस तरह के पासवर्ड को हैकर ब्रूट-फोर्स या डिक्शनरी अटैक जैसी तकनीकों से तुरंत हैक कर सकते हैं.

क्यों है इतना खतरनाक?

आसान पासवर्ड का मतलब है, हैकर के लिए आसान एंट्री. अगर आपका पासवर्ड अनुमान लगाना आसान है तो साइबर अपराधी आपके ईमेल, सोशल मीडिया, बैंकिंग और ऑनलाइन शॉपिंग अकाउंट तक पहुंच सकते हैं.

तेज़ क्रैकिंग टाइम: साधारण पासवर्ड को क्रैक करने में एक सेकंड से भी कम समय लगता है.

ऑटोमेटेड टूल्स: हैकर आजकल ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स का इस्तेमाल करते हैं जो लाखों पासवर्ड को पलक झपकते आज़मा सकते हैं.

डेटा ब्रीच का खतरा: एक बार पासवर्ड लीक होने पर आपके सभी अकाउंट्स खतरे में आ सकते हैं.

भारतीय यूजर्स क्यों कर रहे हैं ये गलती?

भारतीय यूजर्स अक्सर आसान पासवर्ड इसलिए चुनते हैं ताकि उन्हें याद रखना आसान हो. “123456”, “password”, “india123” या “abcd1234” जैसे पासवर्ड जल्दी टाइप होते हैं और भूलते नहीं, लेकिन यही सुविधा आपके लिए सबसे बड़ा खतरा बन सकती है.

सुरक्षित पासवर्ड कैसे बनाएं?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ सुरक्षित पासवर्ड बनाने के लिए कुछ जरूरी टिप्स देते हैं:

  • पासवर्ड कम से कम 12–16 कैरेक्टर का होना चाहिए.
  • बड़े अक्षर (A-Z), छोटे अक्षर (a-z), नंबर और स्पेशल सिंबल (!, @, #, $) मिलाकर पासवर्ड बनाएं.
  • नाम, जन्मतिथि या मोबाइल नंबर पासवर्ड में न डालें.
  • मजबूत और अलग-अलग अकाउंट के लिए यूनिक पासवर्ड याद रखने के लिए पासवर्ड मैनेजर का इस्तेमाल करें.
  • जहां संभव हो, वहां 2FA जरूर ऑन करें ताकि पासवर्ड लीक होने पर भी अकाउंट सुरक्षित रहे.

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तेजी से आगे बढ़ रहा भारत का डिफेंस सेक्टर, एक साल में 1.50 लाख करोड़ पहुंचा प्रोडक्शन

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India Defence Production: देश का डिफेंस सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है. कारोबारी साल 2024-25 में भारत का डिफेंस प्रोडक्शन 1,50,590 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड हाई लेवल पर पहुंच गया है. एक साल पहले हुए 1.27 लाख करोड़ रुपये के टोटल प्रोडक्शन से यह 18 परसेंट ज्यादा है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को इसकी जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 2019-20 के बाद से प्रोडक्शन में 90 परसेंट का उछाल आया है. उस दौरान रक्षा उत्पादन 79,071 करोड़ रुपये का हुआ था. 

रक्षा मंत्री ने इन्हें दिया कामयाबी का श्रेय 

रक्षा मंत्री ने अपने ऑफिशियल एक्स अकाउंट पर लिखा है, ”वित्त वर्ष 2024-25 में सालाना रक्षा उत्पादन बढ़कर 1,50,590 करोड़ रुपये के अब तक के हाई लेवल पर पहुंच गया है.”

उन्होंने आगे लिखा, ”ये आंकड़े पिछले वित्त वर्ष के 1.27 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन के मुकाबले 18 परसेंट की मजबूत वृद्धि और 2019-20 के बाद से 90 परसेंट की आश्चर्यजनक वृद्धि को दर्शाते हैं, जब यह आंकड़ा 79,071 करोड़ रुपये था.”

उन्होंने इस सफलता का श्रेय डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन, रक्षा क्षेत्र की सरकारी कंपनियों और निजी कंपनियों को दिया. रक्षा मंत्री ने इन सभी के सामूहिक प्रयास को ‘ऐतिहासिक उपलब्धि’ करार दिया. 

‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने दिखाई डिफेंस में भारत की ताकत 

एक दूसरे घटनाक्रम में, रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के प्रमुख समीर कामत ने भारत के सैन्य अभियान, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता की तारीफ की. इस दौरान पता चला कि भारत डिफेंस सेक्टर में कितना आगे है, यह टेक्नीकली कितना एडवांस्ड हैं और इसकी रणनीतिक दूरदर्शिता कितनी है.

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने 7 मई, 2025 को शुरू हुए इस सैन्य अभियान में पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाया था. उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन को डिफेंस सेक्टर में इस्तेमाल की गई टेक्नोलॉजी से सपोर्ट मिला.

हवा में मार करने वाली मिसाइलों, ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों और AI-बेस्ड डिसिशन सपोर्ट सिस्टम का जिक्र किया, जिन्हें भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास पारिस्थितिकी तंत्र द्वारा विकसित किया गया है. 

 

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