अब जापान बनेगा मेडिकल स्टूडेंट्स का नया ठिकाना, कई बड़े देशों को पीछे छोड़ रचेगा इतिहास

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अगर आप डॉक्टर बनने का सपना देख रहे हैं और विदेश में एमबीबीएस की पढ़ाई करना चाहते हैं, तो जापान आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. अब तक भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका, यूके, रूस या यूक्रेन जैसे देशों को मेडिकल पढ़ाई का हॉटस्पॉट माना जाता था, लेकिन अब तेजी से बदलती परिस्थितियों में जापान इन देशों को पीछे छोड़ते हुए एक नया आकर्षण बन रहा है.

क्यों खास है जापान की मेडिकल शिक्षा?

जापान की शिक्षा प्रणाली अपनी सख्ती और गुणवत्ता के लिए जानी जाती है. यहां एमबीबीएस की पढ़ाई छह साल के कार्यक्रम में होती है, जिसमें छात्रों को केवल किताबों से ज्ञान नहीं बल्कि क्लिनिकल ट्रेनिंग, रिसर्च और प्रैक्टिकल अनुभव पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है. यही कारण है कि यहां से डिग्री लेने वाले डॉक्टरों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत मांग रहती है.

वर्तमान में जापान में लगभग 80 विश्वविद्यालय और 82 मेडिकल संस्थान चिकित्सा शिक्षा प्रदान कर रहे हैं. यह संख्या खुद बताती है कि जापान एशिया के बड़े मेडिकल हब्स में से एक बन चुका है.

फीस और खर्च

कई स्टूडेंट्स के मन में सवाल होता है कि जापान में पढ़ाई कितनी महंगी होगी. तो आपको बता दें कि यहां एमबीबीएस की पढ़ाई का शुल्क करीब 35 लाख येन से 48 लाख येन (भारतीय मुद्रा में लगभग 20 से 28 लाख रुपये सालाना) तक होता है. अगर तुलना करें तो यह खर्च अमेरिका और ब्रिटेन जैसे देशों से काफी कम है. इतना ही नहीं, रहने और खाने का खर्च भी अपेक्षाकृत किफायती माना जाता है.

एडमिशन के लिए जरूरी योग्यता

  • भारतीय छात्रों को जापान में एमबीबीएस पढ़ने के लिए कुछ योग्यताएं पूरी करनी होती हैं.
  • सबसे पहले, NEET परीक्षा पास करना अनिवार्य है.
  • भाषा दक्षता भी जरूरी है. अगर आप जापानी भाषा में पढ़ाई करना चाहते हैं तो आपको JLPT N1 या N2 स्तर का सर्टिफिकेट देना होगा. वहीं, अंग्रेजी माध्यम से पढ़ाई करने के लिए TOEFL या IELTS स्कोर मांगा जाता है.
  • कुछ विश्वविद्यालय अपनी प्रवेश परीक्षा या इंटरव्यू भी आयोजित करते हैं.

आवेदन प्रक्रिया

जापान के मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए भारतीय छात्रों को यह स्टेप्स पूरे करने होते हैं:

1. 12वीं (साइंस स्ट्रीम) में अच्छे अंक प्राप्त करना.
2. भाषा दक्षता का प्रमाणपत्र हासिल करना.
3. अपने पसंद के विश्वविद्यालय का चयन करना.
4. ऑनलाइन आवेदन करना.
5. यदि आवश्यकता हो तो प्रवेश परीक्षा या इंटरव्यू में बैठना.
6. चयन होने के बाद छात्र वीज़ा प्राप्त करना.

कैरियर के अवसर

  • जापान से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद छात्रों के पास कई बड़े मौके होते हैं.
  • वे जापान में मेडिकल लाइसेंस लेकर डॉक्टर के रूप में प्रैक्टिस कर सकते हैं.
  • जापान की डिग्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त है, यानी आप अन्य देशों में भी नौकरी कर सकते हैं.
  • भारत में भी मेडिकल काउंसिल की मान्यता मिलने पर प्रैक्टिस करना संभव है.

भारतीय छात्रों के लिए फायदे

  • भारतीय छात्रों के लिए जापान कई मायनों में फायदेमंद है.
  • यहां की विश्वस्तरीय शिक्षा और रिसर्च सुविधाएं डॉक्टर बनने के सपने को मजबूती देती हैं.
  • एशिया के बेहतरीन संस्थानों में पढ़ाई करने का मौका मिलता है.
  • डिग्री की अंतरराष्ट्रीय मान्यता होने से विदेशों में करियर बनाने के दरवाजे खुल जाते हैं.
  • पश्चिमी देशों की तुलना में फीस और रहने का खर्च अपेक्षाकृत कम है.

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रूस से चीन भी खरीदता है तेल फिर भी ट्रंप ने दी राहत, रुबियो ने बताया क्यों भारत पर लगाया टैरिफ

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भारत और अमेरिका के बीच तनाव की स्थिति है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. वहीं दूसरी ओर चीन के प्रति थोड़ी नरमी बरती है. ट्रंप भारत से नाराज हैं और उसका कारण रूस से तेल खरीदना है. इस मामले पर ट्रंप के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बताया कि क्यों चीन को ढील दी गई है. रुबियो ने रविवार (17 अगस्त) को फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि चीन पर प्रतिबंध लगा तो वैश्विक स्तर पर दिक्कत बढ़ सकती है.

भारत के साथ-साथ चीन भी रूस से तेल खरीदता है, लेकिन अमेरिका ने उस पर सेकेंडरी टैरिफ नहीं लगाया है. वहीं भारत पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो का कहना है कि चीन, रूस से जो तेल खरीदता है उसका अधिकांश हिस्सा रिफाइंड करने के बाद वर्ल्ड मार्केट में बेचा जा रहा है. अगर ऐसी स्थिति में चीन पर टैरिफ बढ़ाया गया तो वैश्विक बाजार में कीमत सीधे तौर पर बढ़ जाएगी.

चीन पर लगा टैरिफ तो क्यों बढ़ जाएगी तेल की कीमत

रुबियो ने तेल की कीमत पर बात करते हुए कहा, ”अगर चीन पर सेकेंडरी टैरिफ लगा तो तेल कीमत बढ़ जाएगी. चीन पहले तेल रिफाइन करेगा और फिर वैश्विक बाजार में बेचेगा. इस तेल को खरीदने वाला शख्स अधिक कीमत चुकाएगा. अगर उसे यहां से तेल नहीं मिला तो वह दूसरा विकल्प तलाश करेगा.” रुबियो ने यह भी कहा कि यूरोपीय देश इस नीति को लेकर खुश नहीं होंगे. उन्होंने कहा, ”चीन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने वाले प्रस्ताव से यूरोपीय देश नाखुश हैं. हमने सीनेट में इस बिल पर चर्चा की थी.”

ट्रंप ने 25 से 50 प्रतिशत कर दिया भारत पर टैरिफ

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को रूस से तेल खरीदने को लेकर चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर भारत ने अपना रुख नहीं बदला तो टैरिफ बढ़ा दिया जाएगा. भारत इस को लेकर राजी नहीं था. इसी वजह से ट्रंप ने टैरिफ को 25 से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया. दूसरी ओर चीन के प्रति नरम रवैया अपनाया है.

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ट्रंप-पुतिन मुलाकात से फीकी पड़ी सोने की चमक, जानें आज 18 अगस्त 2025 को आपके शहर का ताजा भाव

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Gold Price Today: पिछले हफ्ते अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात भले ही यूक्रेन सीजफायर पर बेनतीजा रही हो, लेकिन इसके बाद भूराजनीतिक तनाव में कमी के संकेत मिले हैं. इसी वजह से सोमवार 18 अगस्त 2025 को घरेलू बाजार में सोने और चांदी के भाव में गिरावट देखने को मिली. आज 24 कैरेट सोना 1,02,000 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 92,740 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से बिक रहा है. वहीं चांदी भी 100 रुपये सस्ती होकर 1,16,100 रुपये प्रति किलो पर उपलब्ध है.

आपके शहर का ताजा भाव 

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,01,330 रुपये और 22 कैरेट सोना 92,900 रुपये पर बिक रहा है. अहमदाबाद और पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,01,230 रुपये और 22 कैरेट सोना 92,800 रुपये पर उपलब्ध है. इसी तरह आर्थिक राजधानी मुंबई के साथ हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु और कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,01,170 रुपये और 22 कैरेट सोना 92,740 रुपये पर कारोबार कर रहा है.

विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय तनाव में कमी से निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से घट सकता है. अगर यह रुझान जारी रहा तो आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है.

कैसे तय होता है रेट?

सोना और चांदी की कीमतें रोज़ाना बदलती रहती हैं और इनके पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारक काम करते हैं. सबसे बड़ा कारण है डॉलर-रुपया विनिमय दर. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमत अमेरिकी डॉलर में तय होती है, इसलिए जब डॉलर मजबूत होता है या रुपया कमजोर होता है तो भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं.

दूसरा बड़ा कारक है सीमा शुल्क और टैक्स. भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश है, इसलिए इंपोर्ट ड्यूटी, जीएसटी और स्थानीय टैक्स सीधे तौर पर इसके दामों को प्रभावित करते हैं. इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति भी कीमतों को बदलती है. अगर दुनिया में युद्ध, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में बड़ा बदलाव होता है तो निवेशक सुरक्षित विकल्प के तौर पर सोना चुनते हैं. ऐसे समय में सोने की मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती हैं.

भारत में सोने का एक और खास पहलू है – इसका सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व. शादियों, त्योहारों और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना परंपरा मानी जाती है. इस वजह से भारत में सोने की मांग हमेशा अधिक रहती है और दाम प्रभावित होते हैं. अंत में, मुद्रास्फीति और निवेश का दृष्टिकोण भी सोने की कीमत को दिशा देता है. महंगाई बढ़ने पर लोग सुरक्षित निवेश के लिए सोने की ओर रुख करते हैं, क्योंकि लंबे समय से यह बेहतर रिटर्न देने वाला विकल्प माना जाता है. यही वजह है कि सोना हमेशा निवेशकों के लिए आकर्षक बना रहता है.

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प्रेग्नेंसी के बाद नेहा धूपिया ने कम किया 23 किलो वजन, ये है दो बच्चों की मां का फिटनेस मंत्रा

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बॉलीवुड एक्ट्रेस नेहा धूपिया अपनी शानदार एक्टिंग के लिए जानी जाती हैं. नेहा अब टीवी होस्ट भी बन चुकी हैं. नेहा को जूली, कयामत और सिंह इज किंग जैसी फिल्म के लिए जानी जाती हैं. बीते कई सालों में नेहा ने कई तरह के रोल निभाए हैं. कॉमेडी से लेकर थ्रिलर तक हर तरह के रोल नेहा करती हुई नजर आ चुकी हैं. वो एमटीवी के शो रोडीज में जज करती नजर आती हैं. बीते कुछ सालों में नेहा अपने काम को लेकर खूब सुर्खियों में रही हैं. नेहा की पर्सनल लाइफ की बात करें तो वो दो बच्चों की मां बन चुकी हैं और प्रेग्नेंसी के बाद उन्होंने बहुत वजन कम कर लिया है.

प्रेग्नेंसी में महिलाओं को वजन नेचुरली ज्यादा बढ़ जाता है जिसे कम करने के लिए वो डाइट से लेकर वर्कआउट तक कई चीजें फॉलो करने लगी हैं. वहीं नेहा ने बाकी महिलाओं की तरह जल्दबाजी में वजन कम करने की कोशिश नहीं की. नेहा ने अपनी फिटनेस जर्नी शेयर की है.

नेहा ने शेयर की फिटनेस जर्नी

हिंदुस्तान टाइम्स से बात करते हुए नेहा धूपिया ने अपनी फिटनेस जर्नी शेयर की. उन्होंने बताया कि एवरेज पोस्टपार्टम वेट गेन ज्यादातर 17 किलो होता है लेकिन उनका इससे भी ज्यादा बढ़ गया था. उन्होंने कहा- ‘ये चार साल बहुत क्रेजी थे जहां पर मैंने वजन बढ़ाया और कम किया . मां होने के नाते मेरा फोकस ब्रेस्टफीडिंग और बच्चे का ध्यान रखने पर था. जिसका मतलब ये है कि आपकी फिटनेस थोड़े समय के लिए साइड चली जाती है.’

ऐसे किया वजन कम

नेहा ने क्रैश डाइट फॉलो करने की बजाय बस अपनी डाइट से कुछ फूड्स को हटा दिया. उन्होंने शुगर, फ्राइड स्नैक और ग्लूटन खाना बंद कर दिया था और साथ ही अपने खाने का टाइम बदल दिया था. उन्होंने कहा- मैं अपने बच्चों के साथ शाम को 7 बजे खाना खा लेती हूं. ये बहुत मदद करता है और मेरा ब्रेकफास्ट पति के साथ सुबह 11 बजे होता है. इस सबने मेरी मदद की. नेहा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर करके अपनी फिटनेस जर्नी के बारे में भी बताया था कि कैसे उन्होंने 23 किलो कम किया था.

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जिस यूट्यूब से लोग लाखों कमाते हैं लोग उसके मालिक के एक दिन की कितनी है कमाई! जान लीजिए

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YouTube Income: आज इंटरनेट की दुनिया में YouTube का नाम हर किसी की ज़ुबान पर है. यह सिर्फ मनोरंजन का प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि लाखों-करोड़ों लोगों के लिए कमाई का जरिया भी बन चुका है. भारत से लेकर अमेरिका तक, हर देश में ऐसे कंटेंट क्रिएटर्स हैं जो सिर्फ यूट्यूब से लाखों-करोड़ों रुपये कमा रहे हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस यूट्यूब से लोग इतना कमा रहे हैं, उसके मालिक यानी गूगल (Alphabet Inc.) की इस प्लेटफ़ॉर्म से एक दिन की कमाई कितनी होती है? आइए जानते हैं.

यूट्यूब की कमाई का बड़ा खेल

यूट्यूब का बिज़नेस मॉडल सीधा है, यह वीडियो पर दिखने वाले विज्ञापनों (Ads) से पैसा कमाता है. कंपनियां अपने प्रोडक्ट या सर्विस का प्रचार करने के लिए यूट्यूब को पैसे देती हैं और यूट्यूब उस पैसे का कुछ हिस्सा कंटेंट क्रिएटर्स को बांट देता है. यही कारण है कि लाखों लोग यूट्यूब से घर बैठे कमाई कर पाते हैं.

यूट्यूब की सालाना आय

Alphabet Inc. (गूगल की पैरेंट कंपनी) हर तिमाही अपनी कमाई के आंकड़े जारी करती है. 2024 की रिपोर्ट्स के अनुसार, यूट्यूब ने सालभर में लगभग 31 अरब डॉलर (करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये) की कमाई की. यह आंकड़ा केवल विज्ञापनों से आया है. इसमें YouTube Premium और YouTube Music की कमाई को अलग माना जाता है.

एक दिन की कमाई का हिसाब

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यूट्यूब की पैरेंट कंपनी गूगल एक दिन में औसतन 50 से 70 मिलियन डॉलर प्रति दिन कमाती है. ये कमाई यूट्यूब ऐड से होती है. हालांकि, अन्य कमाई के जरिए भी हैं जिससे कंपनी की कमाई होती है. जी हां, यानी जिस प्लेटफ़ॉर्म से छोटे-बड़े यूट्यूबर्स लाखों कमाते हैं, वही प्लेटफ़ॉर्म रोज़ाना सैकड़ों करोड़ रुपये कमाता है.

यूट्यूबर्स और यूट्यूब की साझेदारी

यूट्यूब की कमाई का एक बड़ा हिस्सा कंटेंट क्रिएटर्स को भी जाता है. आमतौर पर यूट्यूब विज्ञापनों से होने वाली कमाई का लगभग 55% क्रिएटर को और 45% यूट्यूब अपने पास रखता है. यही कारण है कि भारत, अमेरिका और दुनिया भर में लाखों लोग यूट्यूबर बनकर अपनी ज़िंदगी बदल रहे हैं.

भारत में यूट्यूब का असर

भारत यूट्यूब के लिए सबसे बड़ा बाज़ार बन चुका है. यहां हर महीने करोड़ों लोग यूट्यूब पर वीडियो देखते हैं और हजारों नए क्रिएटर्स जुड़ते हैं. म्यूज़िक, गेमिंग, व्लॉगिंग और टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में भारतीय यूट्यूबर्स दुनिया के टॉप कंटेंट क्रिएटर्स में शामिल हैं. यूट्यूब ने न केवल मनोरंजन और सीखने का तरीका बदल दिया है, बल्कि इसने लाखों लोगों को रोजगार भी दिया है. लेकिन असली खेल इसके मालिकों के हाथ में है जो हर दिन अरबों रुपये की कमाई कर रहे हैं.

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70 की उम्र में भी दिल रहेगा एकदम हेल्दी, बस आजमाने होंगे ये 5 टिप्स

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Healthy Heart Tips: कहते हैं उम्र सिर्फ एक संख्या है. अगर दिल स्वस्थ है तो 70 की उम्र में भी इंसान खुद को उतना ही ऊर्जावान महसूस करता है जितना 40 की उम्र मेंलेकिन हकीकत यह भी है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, दिल की सेहत को लेकर लापरवाही बरतना खतरनाक हो सकता है. ब्लड प्रेशर, शुगर, मोटापा, तनाव और गलत खानपान दिल की बीमारियों को न्योता देते हैं.

इस मसले पर डॉ. बिमल छाजेड़ का कहना है कि, सही जीवनशैली अपनाकर और कुछ आसान टिप्स फॉलो करके 70 साल की उम्र में भी दिल को मजबूत और स्वस्थ रखा जा सकता है. तो आइए जानते हैं वे 5 टिप्स, जिन्हें अपनाकर बढ़ती उम्र में भी आप दिल को फिट और हेल्दी रख सकते हैं.

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रोजाना हल्की-फुल्की कसरत करें

उम्र चाहे कितनी भी हो, शरीर को एक्टिव रखना जरूरी है. 70 साल की उम्र में भी हल्की-फुल्की एक्सरसाइज जैसे टहलना, योग, प्राणायाम, स्ट्रेचिंग या घर के छोटे-छोटे काम करना दिल को मजबूती देता है. इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, हार्ट की मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और अनावश्यक फैट शरीर में जमा नहीं होता.

संतुलित और हल्का आहार लें

उम्र बढ़ने पर पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है, इसलिए भोजन हमेशा हल्का और पचने में आसान होना चाहिए. आहार में हरी सब्जियां, मौसमी फल, दालें, सलाद, ओट्स और नट्स शामिल करें. तैलीय और मसालेदार भोजन से दूरी बनाएं। साथ ही, नमक और चीनी का सेवन सीमित मात्रा में करें. इससे ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल कंट्रोल रहता है, जो दिल की बीमारियों से बचाता है.

तनाव से रहें दूर

तनाव दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण है। छोटी-सी चिंता भी दिल की धड़कनें असामान्य बना सकती है. इसलिए इस उम्र में मानसिक शांति बेहद जरूरी है. मेडिटेशन करें, अच्छा संगीत सुनें, परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताएं। हंसना और पॉजिटिव सोच बनाए रखना दिल को लंबे समय तक स्वस्थ रखने की कुंजी है.

नींद को दें प्राथमिकता

अच्छी नींद सिर्फ दिमाग ही नहीं, दिल की सेहत के लिए भी जरूरी है. उम्र बढ़ने पर कई लोगों को नींद पूरी नहीं हो पाती, लेकिन कम से कम 6-7 घंटे की गहरी नींद लेना जरूरी है. नींद से शरीर को आराम मिलता है, ब्लड प्रेशर सामान्य रहता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता.

नियमित हेल्थ चेकअप कराएं

70 की उम्र में दिल को स्वस्थ रखने का सबसे आसान तरीका है समय-समय पर चेकअप कराना. ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर लेवल और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट कराते रहें. इससे किसी भी समस्या का पता समय रहते चल जाता है और बीमारी बढ़ने से पहले उसका इलाज किया जा सकता है.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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शुभमन गिल नहीं होंगे एशिया कप टीम में शामिल, श्रेयस अय्यर को मिलेगा मौका, इस रिपोर्ट में दावा

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अजीत अगरकर की अगुवाई में पुरुष राष्ट्रीय चयन समिति मंगलवार, 19 अगस्त को एशिया कप टीम चुनने के लिए बैठक करेगी. अच्छी बात ये हैं कि कप्तान सूर्यकुमार यादव पूरी तरह फिट हैं. कुछ समय पहले सूर्या की सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उन्होंने फिटनेस टेस्ट पास कर लिया है. चयनकर्ताओं के सामने कई मुश्किलें हैं, उन्हें मंगलवार को बोल्ड फैसले लेने पड़ेंगे. इसी कड़ी में एक बड़ा सवाल ये भी है कि क्या शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल के लिए टीम में जगह बन पाएगी. रिपोर्ट के अनुसार श्रेयस अय्यर टीम में शामिल किए जा सकते हैं.

शुभमन गिल की गैरमौजूदगी और रोहित शर्मा की रिटायरमेंट के बाद टी20 में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा को ओपनिंग का मौका मिला, जिसे उन्होंने खूब भुनाया है. इसलिए उनके फिट होने पर उन्हें बाहर किए जाने का कोई मतलब नहीं है. शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल भारतीय टीम का बड़ा नाम है, इसलिए देखना दिलचस्प होगा कि क्या चयनकर्ता इन दोनों को बाहर करने का बोल्ड फैसला कर पाएगी.

एशिया कप के लिए टीम में नहीं चुने जाएंगे शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल?

स्पोर्टस्टार की रिपोर्ट के अनुसार चयनकर्ता एक बड़ा फैसला लेते हुए शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल को एशिया कप की टीम से बाहर रखने पर तैयार हैं. अजीत अगरकर उस टीम को बरकरार रखने की तैयारी में हैं, जिसने गौतम गंभीर की कोचिंग में हालिया टी20 सीरीज में शानदार प्रदर्शन किया है.

एशिया कप 2025 का फाइनल मैच 28 सितंबर को खेला जाएगा, इसके बाद भारत 2 अक्टूबर से वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज खेलेगी. इसलिए कप्तान गिल और जायसवाल को उस सीरीज के लिए तैयार रहने के लिए भी ऐसा किया जा सकता है.

एशिया कप 2025 में खेलेंगे श्रेयस अय्यर?

इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि चयनकर्ता टीम में श्रेयस अय्यर और दूसरे विकेट कीपर के रूप में जितेश शर्मा को शामिल कर सकते हैं. जितेश ने आईपीएल में आरसीबी के लिए खेलते हुए शानदार प्रदर्शन किया था और आरसीबी को पहले खिताब दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वहीं पंजाब किंग्स के कप्तान श्रेयस अय्यर का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी शानदार रहा था

श्रेयस अय्यर ने आईपीएल 2025 में खेले 17 मैचों में 175.07 की स्ट्राइक रेट से 604 रन बनाए थे, इसमें 6 अर्धशतक शामिल हैं. उनकी कप्तानी में पंजाब फाइनल तक पहुंची थी.

श्रेयस अय्यर को क्यों चुना जाएगा?

रिपोर्ट के अनुसार, यूएई की परिस्थितियों को देखते हुए चयनकर्ता एक अनुभवी मिडिल आर्डर बल्लेबाज़ को टीम में चाहते हैं. इसी वजह से श्रेयस अय्यर का टीम में चुना जाना तय माना जा रहा है. अय्यर ने यूएई में हुई चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई थी. इसके फाइनल में भारत ने न्यूज़ीलैंड को हराकर खिताब जीता था. फाइनल में अय्यर ने 48 रन बनाए थे.

श्रेयस अय्यर को अगर एशिया कप स्क्वॉड में शामिल किया जाता है तो रिंकू सिंह और शिवम दुबे में से किसी एक को बाहर करना पड़ सकता है. स्क्वॉड चुनने के लिए होने वाली मीटिंग में कप्तान सूर्यकुमार यादव भी शामिल होंगे.

एशिया कप में भारत के मैचों का शेड्यूल

  • 10 सितंबर- बनाम यूएई (दुबई)
  • 14 सितंबर- बनाम पाकिस्तान (दुबई)
  • 19 सितंबर- बनाम ओमान (अबू धाबी)

भारत ग्रुप ए में शामिल है, जिसमें उसके साथ पाकिस्तान, यूएई और ओमान हैं. सभी टीमें अपने ग्रुप की प्रत्येक टीम के साथ 1-1 मैच खेलेगी, जिसके बाद टॉप 2 टीमें सुपर 4 में जाएंगी. दूसरे ग्रुप में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, श्रीलंका और हांगकांग हैं.

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AI से हुआ प्यार तो 75 साल के बुजुर्ग ने पत्नी से मांग लिया तलाक! दीवार पर सिर पीटने लगे यूजर्स

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इंटरनेट की दुनिया में इंसानियत का सबसे बड़ा डर यही है कि कभी मशीनें हमारी सोच और हमारे रिश्तों पर हावी न हो जाएं. लेकिन लगता है ये डर धीरे-धीरे हकीकत बन रहा है. सोचिए, अगर कोई बुज़ुर्ग शख्स जिसने जिंदगी भर अपने परिवार, बच्चों और बीवी के साथ जीया हो, वो अचानक एक नकली चेहरे के प्यार में इतना डूब जाए कि सबकुछ छोड़ने को तैयार हो जाए. एक ऐसी लड़की, जो असल में इंसान ही नहीं बल्कि कंप्यूटर और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बनाई हुई तस्वीर हो. यह सुनने में किसी साइंस-फिक्शन फिल्म की कहानी जैसी लगती है लेकिन अब यह असल जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है और इसका सबसे बड़ा शिकार हो रहे हैं बुज़ुर्ग लोग, खासकर वो जो अकेले रहते हैं और जिनके पास वक्त बिताने का कोई और साधन नहीं है.

एआई से हुआ प्यार, बीवी छोड़ने को तैयार हुआ 75 साल का शख्स

बीजिंग डेली की रिपोर्ट के मुताबिक जियांग नाम का 75 साल का बुज़ुर्ग व्यक्ति सोशल मीडिया पर स्क्रॉल करते हुए एक एआई-जनरेटेड लड़की के संपर्क में आया. डिजिटल अवतारों से परिचित लोग पहली नजर में ही समझ सकते थे कि ये चेहरा नकली है, लेकिन जियांग के लिए वह एक खूबसूरत, हंसमुख और दिल लगाने वाली लड़की थी. उसके होंठों और आवाज में भले ही मेल न था, लेकिन जियांग को फर्क नहीं पड़ा. धीरे-धीरे वह इस एआई अवतार का दीवाना हो गया और हर दिन फोन के पास बैठा उसका इंतजार करने लगा. उसकी जिंदगी का सबसे बड़ा सुख अब वही कुछ शब्दों के संदेश थे, जो स्क्रीन पर चमकते थे.

घर वालों के बहुत समझाने के बाद भ्रम से निकला बाहर

समस्या तब बढ़ी जब जियांग की पत्नी ने उसे बार-बार टोका कि वह फोन पर बहुत ज्यादा वक्त बर्बाद कर रहा है. मगर प्यार में अंधे जियांग ने अपनी जिंदगी की कई दशकों पुरानी साथी से साफ कह दिया कि अब वह सिर्फ अपनी वर्चुअल प्रेमिका के साथ जीना चाहता है और उसे तलाक देकर मुक्त हो जाना चाहता है. यह सुनकर घरवाले और बच्चे हैरान रह गए. उन्होंने बड़ी मुश्किल से जियांग को समझाया कि यह लड़की असली नहीं है बल्कि कंप्यूटर का बनाया हुआ नकली चेहरा है. बाद में जियांग को धीरे-धीरे यकीन आया और वह इस भ्रम से बाहर निकला.

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यूजर्स बोले दिल चाहता है कि दीवार पर सिर दे मारें

सोशल मीडिया पर जैसे ही मामला वायरल हुआ तो यूजर्स ने मौज लेना शुरू कर दिया तो वहीं कई लोग तो दीवार पर अपना सिर पीटने को तैयार हो गए. एक यूजर ने लिखा….ऐसा लग रहा है कि दीवार पर सिर दे मारूं लेकिन घर वाले इलाज नहीं कराएंगे. एक और यूजर ने लिखा…बूढ़े चाचा का दिमाग खिसक गया है कोई इन्हें समझाओ. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कैसे कैसे लोग हैं, एक मशीन के लिए अपनी बीवी छोड़ने को तैयार हो गया.

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