Vastu Tips: घर में सुख-समृद्धि और शांति चाहिए? नए घर में जाने से पहले इन वास्तु टिप्स को अपनाएं

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Vastu Tips: लोग नया घर लेकर उसमें रहने तो लग जाते हैं, मगर कोई भी व्यक्ति घर के वास्तु पर ध्यान नहीं देता. नए घर के सजावट और सुविधाओं के साथ हमें वास्तु के नियमों का भी पालन करना चाहिए. इससे घर के वास्तु दोष दूर हो जाते हैं और सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है.

यदि इसका पालन न किया जाए तो यह परिवारजनों के स्वास्थ्य, मानसिक और आर्थिक स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव डालता है. इसलिए कुछ ऐसे नियम है जिसका पालन करना जरूरी है. चलिए जानते हैं नए मकान या घर में जाने से पहले किन वास्तु टिप्स को ध्यान में रखना चाहिए. 

प्रवेश द्वार की दिशा
नया घर बनवाते या लेते समय हमेशा ध्यान रखें कि घर के मुख्य द्वार की दिशा उत्तर, पूर्व या ईशान कोण होनी चाहिए. इसे वास्तु शास्त्र में शुभ माना गया है. दरवाजा अंदर कि तरफ खुलाना चाहिए और प्रवेश द्वार के सामने किसी के घर की सीढ़ी या दरवाजा न हो, क्योंकि यह मुश्किलों की वजह बन सकता है. 

बेडरूम की दिशा
बेडरूम की दिशा तय करते समय हमें कई बातें का ध्यान रखनी चाहिए कि बेड हमेशा दक्षिण-पश्चिम की दिशा में होना चाहिए. उसके सामने आईना न हो, इससे नकारात्मकता बढ़ती है. दक्षिण या पूर्व दिशा की तरफ सिरहाना करके सोना शुभ माना गया है. वहीं उत्तर दिशा कि तरफ अशुभ माना जाता है. 

किचन की दिशा 
किचन घर का सबसे प्रभावी हिस्सा होता है. इसलिए किचन को हमेशा आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) दिशा में होना चाहिए. गैस और सिंक पास-पास न हो, क्योंकि वास्तु में जल और अग्नि का टकराव अशुभ माना गया है. खाना बनाते वक्त मुख पूर्व दिशा में होना चाहिए. 

बाथरूम न हो इस दिशा में 
वास्तु शास्त्र के मुताबिक, बाथरूम और टॉयलेट को उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं बनाना चाहिए. इससे वास्तु दोष होता है. इसकी शुभ दिशा उत्तर-पश्चिम को माना गया है.  

लिविंग रूम और फर्नीचर की व्यवस्था
वास्तु शास्त्र के अनुसार लिविंग रूम का भारी फर्नीचर दक्षिण या पश्चिम दिशा की ओर रखना शुभ होता है. उत्तर-पूर्व दिशा को हल्का और खुला रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संतुलन बना रहता है.

घर की शुद्धि और रंग-रोगन
नए घर में प्रवेश से पहले पूरे घर की  सफाई और दीवारों की पुताई कराना आवश्यक माना जाता है. गंगाजल या पवित्र जल से शुद्धिकरण करने से घर का वातावरण शुद्ध होता है और पिछले निवासियों की नकारात्मकता पूरी तरह समाप्त हो जाती है.

गृह प्रवेश के शुभ नियम
गृह प्रवेश का कार्य केवल पंचांग में बताए गए शुभ मुहूर्त और नक्षत्र में करना चाहिए. प्रवेश करते समय दाहिना पैर आगे   बढ़ाएं और गणेश पूजन, नवग्रह पूजा तथा वास्तु शांति हवन कराना अत्यंत कल्याणकारी होता है. मुख्य द्वार पर स्वस्तिक अथवा ॐ का चिन्ह अंकित करना और घर के ईशान कोण में तुलसी का पौधा लगाना सौभाग्य और सुख-समृद्धि लाता है.

पूजा घर की दिशा 
पूजा का स्थान सदैव उत्तर-पूर्व कोण में ही बनाना श्रेष्ठ माना गया है. सीढ़ियों के नीचे या टॉयलेट के पास पूजा घर स्थापित करना वास्तु दोष पैदा कर सकता है, इसलिए इससे बचना चाहिए.

घर के बीच की जगह और सीढ़ियों की स्थिति
वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर का बीच का हिस्सा खुला और स्वच्छ रहना चाहिए. यहां किसी भी प्रकार का भारी सामान या निर्माण कार्य करने से बचें. सीढ़ियों का निर्माण दक्षिण या पश्चिम दिशा में करें और उन्हें घड़ी की दिशा में चढ़ाना फलदायी माना जाता है.

जल से जुड़ी व्यवस्थाएं
पानी की टंकी, कुआं या बोरवेल हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में होना शुभ है. दक्षिण-पश्चिम दिशा में पानी से संबंधित कोई भी व्यवस्था करना अशुभ प्रभाव डाल सकता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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अमेरिका-कनाडा नहीं रूस बन रहा जॉब के लिए भारतीयों की पहली पसंद, जान लीजिए पूरा वीजा प्रोसेस

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रूस में भारतीयों के लिए नौकरी के नए अवसर लगातार बढ़ते जा रहे हैं. भारत के राजदूत विनय कुमार ने हाल ही में जानकारी दी कि रूसी कंपनियां, खासकर मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की बड़ी कंपनियां, भारतीय नागरिकों को रोजगार देने में गहरी रुचि दिखा रही हैं. इससे वहां भारतीय कामगारों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है.

राजदूत विनय कुमार ने यह बयान रूस की सरकारी समाचार एजेंसी टीएएसएस को दिए एक इंटरव्यू के दौरान दिया. उन्होंने बताया कि जैसे-जैसे भारतीय नागरिक रूस में रोजगार के अवसरों का फायदा उठा रहे हैं, वैसे-वैसे भारतीय वाणिज्य दूतावास के कामकाज का बोझ भी बढ़ रहा है.

रूस को चाहिए कुशल मानव संसाधन

रूस की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे पश्चिमी देशों में इमिग्रेशन पॉलिसी लगातार सख्त होती जा रही है. इन देशों में वीजा और वर्क परमिट हासिल करना अब पहले की तुलना में मुश्किल हो गया है. ऐसे में भारतीय युवाओं के लिए रूस एक बेहतर विकल्प बनकर उभर रहा है.

भारतीय राजदूत ने कहा कि रूस को फिलहाल बड़ी संख्या में कुशल मानव संसाधन की जरूरत है और भारत के पास ऐसे कामगार और प्रोफेशनल्स हैं जो इस मांग को पूरा कर सकते हैं. रूस के कानून और नियमों के तहत वहां की कंपनियां भारतीयों को नियुक्त कर रही हैं.

किन क्षेत्रों में बढ़ रही है भारतीयों की डिमांड

अब तक रूस में अधिकतर भारतीय कामगार निर्माण और टेक्सटाइल सेक्टर में काम करते थे. लेकिन अब मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी तकनीकी क्षेत्रों में भारतीयों की मांग तेजी से बढ़ रही है. इन क्षेत्रों में भारतीय कर्मचारियों की मेहनत, लगन और तकनीकी ज्ञान को कंपनियां खूब पसंद कर रही हैं.

यही वजह है कि रूसी कंपनियां भारत से ज्यादा लोगों को नौकरी देने की दिशा में कदम बढ़ा रही हैं. हालांकि, भारतीय कामगारों की बढ़ती संख्या ने रूस में भारतीय वाणिज्य दूतावास के कामकाज को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है.

रूस में भारतीय समुदाय का लगातार विस्तार

आज रूस में भारतीय समुदाय की संख्या लगातार बढ़ रही है. अनुमान है कि वहां करीब 14,000 भारतीय रहते हैं. इसके अलावा लगभग 1,500 अफगान नागरिक भी भारतीय मूल के हैं, जो लंबे समय से रूस में बस गए हैं.

भारतीय छात्र बना रहे पहचान

रूस में पढ़ने वाले करीब 90 प्रतिशत भारतीय छात्र देशभर के 20 से ज्यादा विश्वविद्यालयों में मेडिकल शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं. इसके अलावा, इंजीनियरिंग, एयरोनॉटिक्स, डिजाइनिंग और कंप्यूटर साइंस जैसे क्षेत्रों में भी भारतीय छात्र अपनी पहचान बना रहे हैं.

जानिए कैसे मिलेगा स्टूडेंट वीजा

रूस में पढ़ाई करने के लिए सबसे पहले किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से एडमिशन और इन्विटेशन लेटर जरूरी है. वीजा के लिए पासपोर्ट, शैक्षणिक दस्तावेज, मेडिकल रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट और फोटो लगानी होती है. आवेदन रूसी दूतावास या VFS सेंटर के माध्यम से किया जाता है और प्रोसेसिंग में 2-4 हफ्ते लगते हैं.

शुरुआती वीजा 90 दिनों का मिलता है, जिसे कोर्स अवधि तक बढ़ाया जा सकता है. रूस की यूनिवर्सिटी खासकर मेडिकल और इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए किफायती और विश्वस्तरीय हैं. भारतीय छात्रों का अनुभव है कि वहां पढ़ाई का माहौल सकारात्मक है और डिग्री भारत समेत कई देशों में मान्यता प्राप्त है.

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IPL से अचानक रिटायरमेंट पर बोले रविचंद्रन अश्विन, एमएस धोनी को लेकर कही बहुत बड़ी बात

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भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने अचानक इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) से संन्यास लेकर सभी को चौंका दिया. 17 साल के लंबे सफर के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर IPL से विदाई की घोषणा की. अश्विन ने बताया कि अब वह विदेशी लीगों में खेलने का मन बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि IPL के तीन महीने अब उनके लिए काफी थका देने वाला है. इसी दौरान उन्होंने एमएस धोनी की फिटनेस और समर्पण की भी जमकर तारीफ की.

इस वजह से लिया संन्यास, धोनी के फिटनेस की जमकर की तारीफ

अश्विन ने IPL से संन्यास लेकर क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया. अश्विन ने कहा कि IPL का लंबा और व्यस्त शेड्यूल अब उनके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण हो गया है. उन्होंने साफ कहा कि तीन महीने तक लगातार यात्रा, मैच खेलना और फिर रिकवरी करना अब आसान नहीं रहा.

अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा, “मैंने सोचा कि क्या मुझे अगला IPL खेलना चाहिए या नहीं. तीन महीने का IPL अब मेरे लिए थोड़ा ज्यादा लगता है. मेरी जिंदगी के इस दौर में तीन महीने खेलना बहुत थकाने वाला हो गया है. यही वजह है कि मैं एमएस धोनी से बहुत प्रभावित हूं. वह सिर्फ तीन महीने खेलते हैं, लेकिन उम्र बढ़ने के साथ उन तीन महीनों को खेल पाना और मुश्किल होता जाता है.”

अश्विन ने आगे कहा, “लगातार तीन महीने यात्रा करना, मैच खेलना और फिर रिकवरी करना आसान नहीं होता. उम्र बढ़ने पर रिकवरी की क्षमता भी कम हो जाती है, और जैसे ही आप ठीक होते हैं, फिर से खेलना पड़ता है. इन सब बातों पर मैंने काफी सोचा. इसमें सेहत का पहलू भी बड़ा कारण है.”

एक विदेशी लीग में रजिस्टर भी कर चुके हैं अश्विन

अश्विन ने इस दौरान बताया कि उन्होंने एक विदेशी लीग में रजिस्टर भी करा लिया है. लेकिन उन्होंने टूर्नामेंट का नाम नहीं बताया. अश्विन ने कहा, “अगर आप विदेश जाकर खेलते हैं तो उसका अनुभव अलग और मजेदार होता है. वहां आपको सड़क पर ज्यादा लोग पहचानते भी नहीं, तो आप आराम से एंजॉय कर सकते हैं.

अश्विन ने आगे कहा, “ऐसा नहीं है कि मैं दुनिया भर घूमकर हर लीग खेलूंगा. नहीं, मैं साल के 10 महीने नहीं खेल सकता. मैं मौके का इंतजार करूंगा और देखूंगा कि अलग-अलग टीमों की योजनाओं में मैं कैसे फिट बैठता हूं. मैंने पहले ही एक लीग के लिए रजिस्ट्रेशन कर दिया है. अब देखते हैं आगे क्या होता है.”

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’11 अरब डॉलर इस्तेमाल करने में नाकाम…’, अपनी सरकार पर क्यों भड़के PAK एक्सपर्ट

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पाकिस्तान का पंजाब प्रांत इस समय मानसूनी बारिश की वजह से भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है. ऐसे हालातों में 20 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाय गया है. जून से अब तक मानसूनी बारिश की वजह से पाकिस्तान में 800 लोगों की जान जा चुकी है. इस बीच पाकिस्तानी एक्सपर्ट कमर चीमा ने पाक सरकार की नाकामी पर नाराजगी जाहिर करते हुए अहम जानकारी साझा की है. उन्होंने अफसोस जताया है कि साल 2022 में बाढ़ की समस्या से उबरने के लिए 11 अरब डॉलर की विदेशी मदद मिलनी थी, लेकिन सरकार ये बताने में नाकाम रही कि क्या प्रोजेक्ट हैं और क्या-क्या काम होना है. इस वजह से वह सिर्फ 2.8 अरब डॉलर ही इस्तेमाल कर सकी.

कमर चीमा ने कहा, पाकिस्तान में सैलाब दोबारा आ गया है, लेकिन हमारी हुकूमत की नालायकियां भी चरम पर हैं. हमारे वित्त मंत्री ने बताया कि साल 2022 में पाकिस्तान को 11 अरब डॉलर बाढ़ की समस्याओं से निपटने के लिए मदद के तौर पर मिलने थे, लेकिन पाकिस्तान कोई प्रोजेक्ट ही पेश नहीं कर सका.

उन्होंने कहा कि 11 अरब डॉलर में से 4.6 अरब डॉलर ऑयल की फाइनेंसिंग थी और बाकी का 6.4 अरब डॉलर पुनर्वास और रिकंस्ट्रशन के लिए मिलना था. उन्होंने कहा कि सरकार विश्वसनीय प्रोजक्ट्स नहीं ला सकी. हमारी हुकूमत की मशीनरी प्रोजेक्ट्स तैयार ही नहीं कर सकी, जिसकी वजह से हम नाकाम हो गए. हम दुनिया को जवाब नहीं दे सके. उन्होंने कहा कि हम प्रोजेक्ट देते तो वे आगे से पैसे देते. जब हम प्रोजेक्ट ही नहीं दे सके तो हमारे पास कौन खड़ा होता. हमने अपने लोगों को मुश्किल में डाल दिया. हमारी इतनी बड़ी ब्यूरोक्रेसी क्या कर रही है.

कमर चीमा ने बताया, दुनिया के देशों ने हमें 30 अरब डॉलर देने के लिए कहा था फिर 11 अरब डॉलर पर बात खत्म हुई. नुकसान हमारा 30 अरब डॉलर का हुआ और हम 11 अरब डॉलर भी नहीं ले सके. जो 6.4 अरब डॉलर था उसमें से सिर्फ 2.8 अरब डॉलर ही ले पाए. जिन प्रोजेक्ट्स की उन्होंने 6.4 अरब डॉलर की फाइनेंसिंग करनी थी हम वो प्रोजेक्ट्स नहीं दिखा सके. हम उनको बता नहीं सके कि यहां-यहां पैसा लगेगा. ये है हमारी पॉजीशन.

पाक एक्सपर्ट कमर चीमा ने आगे कहा, 2022 में वर्ल्ड बैंक ने भी 2.2 अरब डॉलर देने की बात की थी, जिसमें से सिर्फ 1.6 अरब डॉलर ही हम लगा पाए. एशियन वर्ल्ड डेवलपमेंट बैंक ने 1.6 अरब डॉलर की बात की थी, जिसमें से सिर्फ 513 मिलियन डॉलर लगा. चाइना और एशियन इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक ने 1.1 अरब डॉलर का कहा और हम सिर्फ 250 मिलियन डॉलर ही इस्तेमाल कर पाए यानी हम उसकी पूरी कपैसिटी इस्तेमाल ही नहीं कर सके. इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक ने 600 मिलियन डॉलर का वादा किया, लेकिन सिर्फ 231 मिलियन डॉलर आया. पेरिस क्लब की कंपनियों ने 800 मिलियन डॉलर का कहा, लेकिन सिर्फ 139 मिलियन डॉलर आए. अमेरिका ने प्रोमिस किया 100 मिलियन डॉलर का हम 70 मिलियन डॉलर ही ले पाए. 30 मिलियन डॉलर हम वहां से भी नहीं ले सके.

उन्होंने देश की इकोनॉमी पर चिंता जताते हुए कहा कि सवाल तो ये है कि दुनिया तो आपके साथ खड़ी होती है. आप जब जाकर कहते हैं कि हमारे हालात खराब हैं और हमारी मदद करें. दुनिया मदद को तैयार होती है, हमारी सरकार ही कुछ नहीं कर पाती है. अब फिर बाढ़गई है, अब फिर उसमें पैसा लगेगा. उन्होंने कहा कि इस सेंचुरी में कैसे हम बड़ी इकोनॉमी बन पाएंगे. हमारे वित्त मंत्री कह रहे हैं कि 2047 तक पाकिस्तान तीन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी नहीं बन सकता है.

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कैसे ग्राहकों की सेवा करते हुए पृथ्वी की रक्षा कर रहा है पतंजलि का ऑर्गेनिक अभियान? जानिए

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पतंजलि आयुर्वेद का कहना है कि कंपनी ने अपनी जैविक पहल के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और उपभोक्ताओं की सेहत को प्राथमिकता दी है. पतंजलि का दावा है कि स्वामी रामदेव और आचार्य बालकृष्ण द्वारा स्थापित यह कंपनी न केवल आयुर्वेदिक उत्पादों के लिए जानी जाती है, बल्कि पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को भी बखूबी निभा रही है. पतंजलि की जैविक खेती, सौर ऊर्जा, और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी पहलें पर्यावरण और उपभोक्ताओं के लिए एक सकारात्मक बदलाव ला रही हैं.

पतंजलि ने बताया है, ”पतंजलि ऑर्गेनिक रिसर्च इंस्टीट्यूट (PORI) के तहत कंपनी ने जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. यह संस्थान जैव उर्वरकों और जैव कीटनाशकों का विकास करता है, जो रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता को कम करते हैं. इससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है, जल और वायु प्रदूषण कम होता है, और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है. PORI ने 8 राज्यों में 8,413 किसानों को प्रशिक्षण देकर जैविक खेती की तकनीकों को अपनाने में मदद की है. यह पहल न केवल पर्यावरण को स्वच्छ रखती है, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि करती है.”

गांव और शहर में स्थापित होगा ‘पतंजलि एनर्जी सेंटर’ 

पतंजलि का दावा है, ”कंपनी की सौर ऊर्जा पहल भी उल्लेखनीय है. कंपनी ने सौर पैनल, इनवर्टर, और बैटरी को किफायती बनाकर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा दिया है. स्वामी रामदेव का विजन है कि हर गांव और शहर में ‘पतंजलि एनर्जी सेंटर’ स्थापित हो, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करेगा. इसके अलावा, कंपनी ने अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अनोखा कदम उठाया है. पतंजलि यूनिवर्सिटी में सूखे कचरे को खाद में बदला जाता है और गोबर से यज्ञ के लिए पवित्र सामग्री तैयार की जाती है. यह प्राचीन ज्ञान और आधुनिक तकनीक का अनूठा मेल है.”

पतंजलि का कहना है, ”कंपनी की पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग और रासायन-मुक्त उत्पाद उपभोक्ताओं को स्वस्थ और सुरक्षित विकल्प प्रदान करते हैं. कंपनी के आयुर्वेदिक दवाएं, जैविक खाद्य पदार्थ, और प्राकृतिक सौंदर्य प्रसाधन न केवल स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचाते. पतंजलि का दृष्टिकोण है कि सच्ची प्रगति तभी संभव है जब हम अपने और पर्यावरण दोनों का ध्यान रखें.”

बाधाओं को धीरे-धीरे दूर कर रहा है पतंजलि

हालांकि, जैविक उत्पादों के विपणन और वितरण में कुछ चुनौतियां हैं, लेकिन पतंजलि का कहना है कि कंपनी का विश्वसनीय नाम और उपभोक्ताओं के साथ सीधा संपर्क इन बाधाओं को धीरे-धीरे दूर कर रहा है. पतंजलि ने कहा, ”कंपनी की यह पहल न केवल भारत में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए एक मिसाल बन रही है. पतंजलि की जैविक पहल यह साबित करती है कि व्यवसाय और पर्यावरण संरक्षण एक साथ चल सकते हैं, जिससे न केवल उपभोक्ताओं को लाभ हो रहा है, बल्कि हमारी धरती को भी एक स्वस्थ भविष्य मिल रहा है.”

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9 सितंबर को लॉन्च होगी iPhone 17 Series, पहले ही सामने आ गई कीमत और कलर ऑप्शन की जानकारी

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ऐप्पल ने अपने Awe-Dropping इवेंट का ऐलान कर दिया है. 9 सितंबर को होने वाले इस इवेंट में iPhone 17 Series को लॉन्च किया जाएगा. इस सीरीज में आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स शामिल होगा. अभी आधिकारिक तौर पर इनके फीचर्स और कीमत की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन लीक्स से अंदाजा हो गया है कि इस सीरीज में क्या कुछ मिलने वाला है. 

इन कलर ऑप्शन में लॉन्च हो सकती है नई सीरीज

आईफोन 17– रिपोर्ट्स के अनुसार, इस फोन को ब्लैक, व्हाइट, स्टील ग्रे, ग्रीन, पर्पल और लाइट ब्लू कलर में लॉन्च किया जा सकता है. 
आईफोन 17 एयर– यह अल्ट्रा-स्लिम आईफोन ब्लैक, व्हाइट, लाइट ब्लू और लाइट गोल्ड कलर में लॉन्च हो सकता है.
आईफोन 17 प्रो और प्रो मैक्स– सीरीज के प्रीमियम आईफोन को ब्लैक और व्हाइट के साथ ग्रे, डार्क ब्लू और ब्राइट ऑरेंज कलर ऑप्शन के साथ उतारा जा सकता है.

क्या होगा नया?

ऐप्पल ने इस सीरीज में कई नए कलर ऑप्शन शामिल किए हैं. इसके अलावा अपकमिंग फोन नए डिजाइन, बेहतर डिस्प्ले, बड़ी बैटरी और दमदार प्रोसेसर के साथ अपग्रेड किए जाएंगे. कंपनी प्रो मैक्स मॉडल में अपनी अब तक की सबसे बड़ी बैटरी दे सकती है. वहीं प्रोसेसर के मामले में भी चारों आईफोन को अपग्रेड किया जाएगा. कंपनी पहली बार इस सीरीज में 24MP फ्रंट कैमरा दे सकती है. 

कितनी रहेगी कीमत?

आमतौर पर भारत में नई आईफोन सीरीज की शुरुआती कीमत 79,990 रुपये रहती है, लेकिन इस बार यह बढ़ सकती है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आईफोन 17 की कीमत 84,990 रुपये से शुरू हो सकती है. इसी तरह ग्राहकों को 17 प्रो मॉडल के लिए 1,24,999 रुपये और प्रो मैक्स के लिए 1,50,000 रुपये चुकाने पड़ सकते हैं. बता दें कि ये मात्र कयास हैं और कीमत की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. 

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अक्षरा सिंह की इन 10 तस्वीरों में झलकती खूबसूरती, बॉलीवुड हसीनाओं पर भारी

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इस लुक में अक्षरा ने मल्टीकलर प्रिंटेड साड़ी पहनी है, जिसे उन्होंने हल्के हरे रंग के ब्लाउज़ के साथ मैच किया है. साड़ी मे रंग-बिरंगे पत्तियों वाले प्रिंट बना हैं. उन्होंने इस लुक को सिल्वर ज्वेलरी के साथ पूरा किया है – कानों में झुमके, गले में चोकर नेकलेस और नाक में नथ. माथे पर लाल बिंदी और हल्का मेकअप उनके ट्रेडिशनल अंदाज़ को पूरा कर रहा है.

इस लुक में अक्षरा ने मल्टीकलर प्रिंटेड साड़ी पहनी है, जिसे उन्होंने हल्के हरे रंग के ब्लाउज़ के साथ मैच किया है. साड़ी मे रंग-बिरंगे पत्तियों वाले प्रिंट बना हैं. उन्होंने इस लुक को सिल्वर ज्वेलरी के साथ पूरा किया है – कानों में झुमके, गले में चोकर नेकलेस और नाक में नथ. माथे पर लाल बिंदी और हल्का मेकअप उनके ट्रेडिशनल अंदाज़ को पूरा कर रहा है.

इस लुक में अक्षरा ने एक हल्के फ्लोरल प्रिंट वाली साड़ी पहनी है, जिसके बॉर्डर पर मोतियों की है. साड़ी के साथ उन्होंने गहरे भूरे रंग का फुल-स्लीव ब्लाउज़ पहना है. उनके बाल बीच से मांग निकालकर खुले रखे गए हैं. हल्का मेकअप, न्यूड लिपस्टिक और छोटी काली बिंदी उनके सिंपल लुक को पूरा कर रहे है.

इस लुक में अक्षरा ने एक हल्के फ्लोरल प्रिंट वाली साड़ी पहनी है, जिसके बॉर्डर पर मोतियों की है. साड़ी के साथ उन्होंने गहरे भूरे रंग का फुल-स्लीव ब्लाउज़ पहना है. उनके बाल बीच से मांग निकालकर खुले रखे गए हैं. हल्का मेकअप, न्यूड लिपस्टिक और छोटी काली बिंदी उनके सिंपल लुक को पूरा कर रहे है.

इस लुक में अक्षरा ने ब्लैक कलर का डिज़ाइनर ब्लेज़र पहना है, जिस पर सिल्वर थ्रेड से फ्लोरल वर्क किया गया है. अंदर से उन्होंने ब्लैक ब्रालेट कैरी किया है, जो इस लुक को ग्लैमरस टच दे रहा है. बालों को उन्होंने क्लीन और एलिगेंट बन में बांधा है. उनके कानों में पर्ल ईयररिंग्स, न्यूड मेकअप, शार्प आईलाइनर और न्यूड लिपस्टिक उनके लुक को पूरी तरह से बॉस लेडी वाइब दे रहा है.

इस लुक में अक्षरा ने ब्लैक कलर का डिज़ाइनर ब्लेज़र पहना है, जिस पर सिल्वर थ्रेड से फ्लोरल वर्क किया गया है. अंदर से उन्होंने ब्लैक ब्रालेट कैरी किया है, जो इस लुक को ग्लैमरस टच दे रहा है. बालों को उन्होंने क्लीन और एलिगेंट बन में बांधा है. उनके कानों में पर्ल ईयररिंग्स, न्यूड मेकअप, शार्प आईलाइनर और न्यूड लिपस्टिक उनके लुक को पूरी तरह से बॉस लेडी वाइब दे रहा है.

इस लुक में अक्षरा ने पीले रंग की सुंदर साड़ी पहनी है, जिसके साथ उन्होंने मैचिंग डिज़ाइनर ब्लाउज़ कैरी किया है. साड़ी का हल्का और फ्लोई फैब्रिक है. उन्होंने अपने बाल खुले रखे हैं और सॉफ्ट वेव्स में सेट किए हैं. गले में एक एलिगेंट नेकपीस पहना है. उनका मेकअप बहुत नैचुरल और सटल है, जिसमें न्यूड लिपस्टिक और डिफाइंड आईज़ शामिल हैं.

इस लुक में अक्षरा ने पीले रंग की सुंदर साड़ी पहनी है, जिसके साथ उन्होंने मैचिंग डिज़ाइनर ब्लाउज़ कैरी किया है. साड़ी का हल्का और फ्लोई फैब्रिक है. उन्होंने अपने बाल खुले रखे हैं और सॉफ्ट वेव्स में सेट किए हैं. गले में एक एलिगेंट नेकपीस पहना है. उनका मेकअप बहुत नैचुरल और सटल है, जिसमें न्यूड लिपस्टिक और डिफाइंड आईज़ शामिल हैं.

इस लुक में अक्षरा ने बहुत ही सिंपल लुक कैरी किया है. उन्होंने ऑफ-व्हाइट शर्ट पहनी है, जो उनके पूरे लुक को कैज़ुअल टच दे रही है. गले में हल्की-सी चेन और छोटे ईयररिंग्स उनके स्टाइल को मिनिमल बना रहे हैं. बालों को उन्होंने हल्के वेव्स में खुला रखा है. उनका मेकअप बहुत नैचुरल है, जिसमें हल्की ग्लोइंग बेस, पिंक लिपस्टिक और सटल आई-मेकअप शामिल है.

इस लुक में अक्षरा ने बहुत ही सिंपल लुक कैरी किया है. उन्होंने ऑफ-व्हाइट शर्ट पहनी है, जो उनके पूरे लुक को कैज़ुअल टच दे रही है. गले में हल्की-सी चेन और छोटे ईयररिंग्स उनके स्टाइल को मिनिमल बना रहे हैं. बालों को उन्होंने हल्के वेव्स में खुला रखा है. उनका मेकअप बहुत नैचुरल है, जिसमें हल्की ग्लोइंग बेस, पिंक लिपस्टिक और सटल आई-मेकअप शामिल है.

इस तस्वीर में अक्षरा ने खूबसूरत फ्लोरल लहंगा पहना है, जिसमें कई रंगों के बड़े-बड़े फूलों की कढ़ाई की गई है. लहंगे के साथ उन्होंने मैचिंग ब्लाउज़ और हल्के, ट्रांसपेरेंट दुपट्टे को कैरी किया है, जिस पर बॉर्डर पर एंब्रॉयडरी की गई है. उनका यह लुक बहुत ही फेस्टिव और ट्रेडिशनल फील दे रहा है. गले में उन्होंने स्टोन चोकर नेकलेस और झुमके पहने हैं. बालों को उन्होंने खुले और वेवी स्टाइल में रखा है, जबकि मेकअप सटल है.

इस तस्वीर में अक्षरा ने खूबसूरत फ्लोरल लहंगा पहना है, जिसमें कई रंगों के बड़े-बड़े फूलों की कढ़ाई की गई है. लहंगे के साथ उन्होंने मैचिंग ब्लाउज़ और हल्के, ट्रांसपेरेंट दुपट्टे को कैरी किया है, जिस पर बॉर्डर पर एंब्रॉयडरी की गई है. उनका यह लुक बहुत ही फेस्टिव और ट्रेडिशनल फील दे रहा है. गले में उन्होंने स्टोन चोकर नेकलेस और झुमके पहने हैं. बालों को उन्होंने खुले और वेवी स्टाइल में रखा है, जबकि मेकअप सटल है.

इस लुक में अक्षरा ने ब्लैक कलर का ब्लेज़र सूट पहना है, जिसके अंदर का टॉप लेस और थोड़ा शाइनी फैब्रिक का है. उनके ब्लेज़र की स्लीव्स से लेस डिज़ाइन झलक रही है. उन्होंने अपने बालों को सॉफ्ट वेव्स में खुला रखा है, मेकअप बहुत ही सॉफ्ट और नेचुरल है, न्यूड लिपस्टिक, हल्का आई मेकअप और ग्लोइंग स्किन लुक दे रही है. हाथों में उन्होंने पर्ल ब्रेसलेट पहना है.

इस लुक में अक्षरा ने ब्लैक कलर का ब्लेज़र सूट पहना है, जिसके अंदर का टॉप लेस और थोड़ा शाइनी फैब्रिक का है. उनके ब्लेज़र की स्लीव्स से लेस डिज़ाइन झलक रही है. उन्होंने अपने बालों को सॉफ्ट वेव्स में खुला रखा है, मेकअप बहुत ही सॉफ्ट और नेचुरल है, न्यूड लिपस्टिक, हल्का आई मेकअप और ग्लोइंग स्किन लुक दे रही है. हाथों में उन्होंने पर्ल ब्रेसलेट पहना है.

इस लुक में अक्षरा ने हल्की गुलाबी रंग की साड़ी पहनी है जिस पर छोटे-छोटे लाल दिल बने हुए हैं, जो इसे बहुत ही क्यूट लुक दे रहा हैं. इसके साथ उन्होंने सिंपल वाइट ब्लाउज़ पहना है. उन्होंने हाथों में सिल्वर चूड़ियाँ, बड़े ईयररिंग्स और खुले वेवी हेयरस्टाइल कैरी किया है. हल्का मेकअप और माथे पर छोटी बिंदी के साथ उन्होने लुक को पूरा किया है.

इस लुक में अक्षरा ने हल्की गुलाबी रंग की साड़ी पहनी है जिस पर छोटे-छोटे लाल दिल बने हुए हैं, जो इसे बहुत ही क्यूट लुक दे रहा हैं. इसके साथ उन्होंने सिंपल वाइट ब्लाउज़ पहना है. उन्होंने हाथों में सिल्वर चूड़ियाँ, बड़े ईयररिंग्स और खुले वेवी हेयरस्टाइल कैरी किया है. हल्का मेकअप और माथे पर छोटी बिंदी के साथ उन्होने लुक को पूरा किया है.

इस लुक में अक्षरा ने गहरे मरून रंग की खूबसूरत साड़ी पहनी है, जिस पर छोटे-छोटे सीक्विन का काम किया गया है जो पूरे आउटफिट को शाइनी टच दे रहा है. इसके साथ उन्होंने मैचिंग स्लीवलेस ब्लाउज़ पहना है. बालों को उन्होंने हाई बन स्टाइल में बांधा है. ब्लैक सनग्लासेस और स्टेटमेंट इयररिंग्स उन्हें एक  कॉन्फिडेंट लुक दे रहा हैं.

इस लुक में अक्षरा ने गहरे मरून रंग की खूबसूरत साड़ी पहनी है, जिस पर छोटे-छोटे सीक्विन का काम किया गया है जो पूरे आउटफिट को शाइनी टच दे रहा है. इसके साथ उन्होंने मैचिंग स्लीवलेस ब्लाउज़ पहना है. बालों को उन्होंने हाई बन स्टाइल में बांधा है. ब्लैक सनग्लासेस और स्टेटमेंट इयररिंग्स उन्हें एक कॉन्फिडेंट लुक दे रहा हैं.

इस लुक में अक्षरा ने बेहद कूल और कैज़ुअल लुक रखा है. उन्होंने हल्के बेज रंग का ओवरसाइज़्ड ट्रेंच-कोट पहना है, जिसके साथ ढीली ब्लू जीन्स और वाइट स्पोर्ट्स शूज़ कैरी किया हैं. यह कॉम्बिनेशन उन्हें एकदम कैज़ुअल वाइब दे रहा है. बालों को उन्होंने आधा बांधकर खुला छोड़ा है और ट्रेंडी सनग्लासेस पहना हे हैं.

इस लुक में अक्षरा ने बेहद कूल और कैज़ुअल लुक रखा है. उन्होंने हल्के बेज रंग का ओवरसाइज़्ड ट्रेंच-कोट पहना है, जिसके साथ ढीली ब्लू जीन्स और वाइट स्पोर्ट्स शूज़ कैरी किया हैं. यह कॉम्बिनेशन उन्हें एकदम कैज़ुअल वाइब दे रहा है. बालों को उन्होंने आधा बांधकर खुला छोड़ा है और ट्रेंडी सनग्लासेस पहना हे हैं.

Published at : 29 Aug 2025 03:14 PM (IST)

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भोजपुरी सिनेमा फोटो गैलरी

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यमराज का भैंसा आ ही रहा होगा… बिजी सड़क पर बाइक से खतरनाक स्टंट करता दिखा युवक, यूजर्स बोले-

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सोशल मीडिया पर रोजाना ही कुछ न कुछ अलग तरह के वीडियो देखने को मिल जाते हैं. जिनमें लोग तरह-तरह की हरकते कर रहे होते हैं. इन दिनों एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है. जिसमें एक लड़का अपनी बाइक पर खतरनाक स्टंट करता दिख रहा है. और यह स्टंट एक भरी हुई सड़क पर किया जा रहा है. वीडियो में दिख रहा है कि लड़का ट्रैफिक के बीच में खतरनाक तरीके से बाइक को लहराते हुए जा रहा है. जिससे खुद के साथ-साथ दूसरों की जान के लिए भी खतरा बन सकता है. सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है वीडियो. बहुत से लोगों की इस पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं. 

सड़क पर लड़के ने बाइक से किया खतरनाक स्टंट

सड़कों पर कई बार एक्सीडेंट की खबरें देखने को मिल जाती हैं. जिनमें ज्यादातर मामलों में नुकसान छोटे वाहनों को होता है. इसलिए सड़कों पर कार या बाइक चलाते समय सावधानी बरतना काफी जरूरी होता है. लेकिन कई बार हादसा इन वाहनों के चालकों की लापरवाही के कारण भी हो जाता है. वायरल हो रहे इस वीडियो में देखा जा सकता है कि एक बाइक सवार सड़क पर बाइक का अगला पहिया हवा में उछालते हुए चला रहा है.

यह भी पढ़ें: Video: तू खाने पर फोकस कर भाई! मालिकों ने चेक की कुत्तों की लॉयल्टी, वीडियो देख आएगी हंसी

वहीं वह कभी दाएं तो कभी बाएं बाइक को झुका कर कट मार रहा है. एक मौक पर पर उसे देख कर लगता है कि उसकी बाइक सामने जा रहे कार से टकरा जाएगी. लेकिन ऐसा नहीं होता और लड़का सुरक्षित सड़क पार कर जाता है. सोशल मीडिया पर यह खतरनाक स्टंट का वीडियो काफी वायरल हो रहा है. 

 

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लोग दे रहे हैं अपनी प्रतिक्रियाएं

वायरल हो रहे इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर @jasonbourne0101 नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है. इस वीडियो को अब तक 3.57 लाख बार देखा जा चुका है. वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है ‘इस बेफकूफ़ी के लिए 2 शब्द ? इस पर कई लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही है. एक यूजर ने कमेंट करते हुए कहा है ‘2 नहीं मैं 4 कहूँगा और वो इस प्रकार हैं..एक दिन मर जाएगा..’ एक और यूजर ने लिखा है ‘बेशक ये बेवकूफी है पर टैलेंट भी तो देखो.’ एक अन्य यूजर ने कमेंट किया है ‘देश इन जैसो से ही परेशान है.’

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Sarva Pitru Amavasya 2025: सर्व पितृ अमावस्या कब ? जानें डेट

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Sarva Pitru Amavasya 2025: पितृ पक्ष का समापन आश्विन कृष्ण अमावस्या के दिन होता है, जिसे सर्व पितृ अमावस्या कहते हैं. इस साल सर्व पितृ अमावस्या 21 सितंबर 2025 को है. पितृ पक्ष हिंदू धर्म में पितरों को श्रद्धांजलि देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए तर्पण व पूजन का विशेष समय माना जाता है. खासकर अमावस्या पर पितरों का श्राद्ध, पिंडदान कर उन्हें विदा किया जाता है.

सर्व पितृ अमावस्या श्राद्ध का समय ?

अमावस्या पर तर्पण अपराह्न काल में किया जाता है, जो दोपहर के समय होता है. 21 सितंबर को सर्व पितृ अमावस्या तर्पण के लिए 3 मुहूर्त है.

  • कुतुप मूहूर्त – सुबह 11:50- दोपह 12:38
  • रौहिण मूहूर्त – दोपहर 12:38 – दोपहर 01:27
  • अपराह्न काल – दोपहर 01:27 – दोपहर 03:53

सर्व पितृ अमावस्या क्यों खास मानी गई है ?

अमावस्या पितृ पक्ष का आखिरी दिन होता है, इस दिन पूर्व अपने लोक वापस लौट जाते हैं, पूरे पितृ पक्ष में यदि पितरों को याद न कर पाए हों, तो केवल अमावस्या को उन्हें याद करके दान-पुण्य करना चाहिए. इस दिन सभी ज्ञात-अज्ञात पितरों का श्राद्ध कर्म किया जा सकता है.

अमावस्या पर किन लोगों का श्राद्ध करते हैं ?

अमावस्या तिथि पर किया गया श्राद्ध, परिवार के सभी पूर्वजों की आत्माओं को प्रसन्न करने के लिये पर्याप्त है.जिन पूर्वजों की पुण्यतिथि ज्ञात नहीं है, उनका श्राद्ध भी अमावस्या तिथि पर किया जा सकता है. पूर्णिमा तिथि पर मृत्यु प्राप्त करने वालों के लिये महालय श्राद्ध भी अमावस्या श्राद्ध तिथि पर किया जाता है.

कैसे करें तर्पण ?

  • स्नान – सबसे पहले सूर्योदय से पहले उठकर किसी पवित्र नदी या घर में गंगाजल डालकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
  • सामग्री – एक लोटे में जल लेकर उसमें काले तिल, जौ और कुश मिलाएं.
  • दिशा – दक्षिण दिशा की ओर मुख करके बैठें.
  • जल अर्पित करने का मंत्र – पितरों का ध्यान करते हुए अपने अंगूठे की सहायता से जल अर्पित करें और “ओम पितृभ्यः स्वधा” मंत्र का जाप करें.
  • पितरों को भोजन – खीर, पूड़ी, सब्जी बनाएं. पंचबलि निकालें, ब्राह्मणों को भोजन कराएं और गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न का दान करें.

September Vrat Tyohar 2025: सितंबर के व्रत-त्योहार, नवरात्रि, पितृ पक्ष, ग्रहण कब है, जानें पूरी लिस्ट

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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PM मोदी का जापान से दशकों पुराना कनेक्शन, मुख्यमंत्री के तौर पर 2007 में कई डील की थीं सील

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मौजूदा जापान दौरा और 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनकी जापान यात्रा दोनों ही देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिहाज से अहम हैं. प्रवासी भारतीयों ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया. पीएम मोदी के 2007 के दौरे की तस्वीरें, मोदी अर्काइव ने शेयर की हैं. वे तब गुजरात के मुख्यमंत्री थी. 

मोदी अर्काइव ने बताया कि नरेंद्र मोदी ने अप्रैल 2007 में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में जापान की यात्रा की. जहां उन्होंने नौकरशाहों और उद्योग जगत के दिग्गजों के 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. उनके मन में एक लक्ष्य था-गुजरात और उसके विस्तार में भारत को उद्योग, बुनियादी ढांचे और नवाचार के केंद्र के रूप में विश्व मानचित्र पर स्थापित करना.

कई जापानी कंपनियों के अधिकारियों से की थी मुलाकात

टोक्यो, ओसाका, हिरोशिमा और कोबे के छह दिवसीय दौरे में उन्होंने मित्सुबिशी, मित्सुई, सुमितोमो, मारुबेनी, सुजुकी, तोशिबा, निप्पॉन स्टील, निसान स्टील, यूनिडो और त्सुनेशी शिपबिल्डिंग जैसी दिग्गज कंपनियों से संपर्क किया और जेईटीआरओ तथा गुजरात के उद्योग विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए.

जापान चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और भारत-जापान मैत्री मंच में बंदरगाह, रसद, बुनियादी ढांचा और मानव संसाधन विकास पर चर्चा हुई, जिसमें गुजरात ने खुद को भारत की विकास गाथा में जापान के लिए स्वाभाविक प्रवेश बिंदु के रूप में प्रस्तुत किया. इस यात्रा के दौरान, नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे से भी मुलाकात की और दिल्ली-मुंबई औद्योगिक गलियारे (डीएमआईसी) पर चर्चा की.

जब मोदी ने आबे को दिया बेहद खास गिफ्ट

मोदी ने आबे को गुजरात के बौद्ध धरोहर स्थलों पर एक सीडी और एक हाथ से बुनी हुई आदिवासी शॉल भेंट की, और उन्हें गुजरात आने का निमंत्रण भी दिया. बदले में, आबे ने मोदी को डीएमआईसी के गुजरात खंड के लिए जापान के पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया. जापानी बुलेट ट्रेन के कॉकपिट में कदम रखा. क्या हो अगर ऐसी हाई-स्पीड रेल भारतीय कनेक्टिविटी को बदल दे? 2007 में इस विचार का बीज वर्षों बाद मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के रूप में फला-फूला, जो भारत-जापान सहयोग की प्रमुख परियोजना है.

नरेंद्र मोदी ने हिरोशिमा में शांति स्मारक पार्क और संग्रहालय का भ्रमण किया और इतिहास के सबक सीखने के लिए कुछ देर रुके. उन्होंने सुजुकी मीकिची साहित्यिक स्मारक और फाउंटेन की प्रार्थना में श्रद्धासुमन अर्पित किए. कोबे में, उन्होंने द इंडिया क्लब में एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया, जो 1904 से प्रवासी भारतीयों के लिए एक सेतु का काम करता रहा है.

2007 की इस यात्रा ने गुजरात और जापान के बीच व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को महत्वपूर्ण रूप से विस्तारित किया. साल 2012 में नरेंद्र मोदी जापान लौटे, इस बार सिर्फ गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक ऐसे नेता के रूप में जिनकी प्रतिष्ठा राज्य की सीमाओं से परे जाने लगी थी. 22 से 27 जुलाई तक उनकी पांच दिवसीय यात्रा जापान सरकार के औपचारिक निमंत्रण पर हुई थी.

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