Bathing Vastu: नहाने के बाद भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना हो सकता है भारी नुकसान!

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Bathing Vastu Tips: नहाना केवल शरीर को साफ करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह थकान दूर करने और मानसिक ताजगी पाने का सबसे आसान उपाय भी है. लेकिन अक्सर लोग नहाने के बाद कुछ ऐसी छोटी-छोटी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका असर सिर्फ स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि घर की ऊर्जा और वास्तु पर भी पड़ता है.

आइए जानते हैं कि नहाने के बाद किन गलतियों से बचना चाहिए.

बाथरूम में पानी इकट्ठा छोड़ना
नहाने के बाद बाथरूम में गंदा पानी इकट्ठा छोड़ना अशुभ माना जाता है. मान्यता है कि इससे राहु और केतु नाराज हो जाते हैं और घर में दरिद्रता का वास होता है. इसलिए स्नान के बाद हमेशा बाल्टी को साफ करके उसमें ताजा पानी भरें और गंदे पानी को बाहर निकाल दें.

फर्श पर बाल छोड़ना
नहाने के बाद अपने बालों को बाथरूम में ही छोड़ देना न केवल गंदगी फैलाता है, बल्कि यह घर में नकारात्मक ऊर्जा को भी आकर्षित करता है. शास्त्रों में कहा गया है कि ऐसा करने से शनि और मंगल अप्रसन्न हो जाते है. इसलिए हर बार नहाने के बाद बाथरूम की सफाई करनी चाहिए.

गीले कपड़े बाथरूम में छोड़ना
कई लोग नहाने के तुरंत बाद गीले कपड़ों को बाथरूम में ही छोड़ देते हैं. यह आदत सेहत और वास्तु दोनों के लिए हानिकारक है. गीले कपड़े बैक्टीरिया और फंगस को जन्म देते हैं. इसलिए बेहतर है कि कपड़ों को तुरंत धूप या हवा में सुखाने डाल दें.

नहाने के बाद तुरंत सिंदूर लगाना
वास्तु शास्त्र के अनुसार नहाने के तुरंत बाद सिंदूर लगाना उचित नहीं माना जाता. कहा जाता है कि इस समय शरीर और मन को स्थिर होने में समय लगता. जिससे  जल्दबाजी में सिंदूर लगाने से वैवाहिक जीवन पर नकारात्मक असर पड़ सकता है और पति की आयु पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है.

चप्पल पहनकर न नहाएं
नहाते समय चप्पल पहनना वास्तु में वर्जित माना गया है. यह आदत न केवल शारीरिक रूप से खतरनाक हो सकती है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा को भी रोकती है. स्वच्छता और सुरक्षा के लिए बिना चप्पल स्नान करना बेहतर है.

स्वास्थ्य से जुड़ी गलतियां
नहाने के बाद दरवाजा बंद रखने से अंदर नमी बनी रहती है, जो फंगस और मोल्ड का कारण बनती है. यह नमी दीवारों को खराब करने के साथ-साथ त्वचा और सांस से जुड़ी बीमारियों का भी कारण बनती हैं.

गीले पैरों के साथ बाहर निकलना न केवल फिसलने का खतरा बढ़ाता है बल्कि पैरों में फंगल इंफेक्शन की संभावना भी बढ़ती है. इसलिए स्नान के बाद पैरों को अच्छी तरह पोंछना जरूरी है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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डेवाल्ड ब्रेविस की सैलरी से लेकर बटलर को मांकड़ करने तक, IPL में अश्विन से जुड़े बड़े विवाद

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रविचंद्रन अश्विन ने IPL  से रिटायरमेंट ले ली है. अपने 221 मैचों के आईपीएल करियर (R Ashwin IPL Career) में अश्विन ने 833 रन बनाने के साथ-साथ 187 विकेट भी लिए. उन्होंने सबसे ज्यादा समय चेन्नई सुपर किंग्स में बिताया, जिसके लिए वो 9 सीजन खेले. इस लंबे सफर में अश्विन कुछ विवादित घटनाओं का भी हिस्सा रहे. हाल ही में उनका डेवाल्ड ब्रेविस की सैलरी को लेकर दिया गया बयान भी विवादों में घिर गया था. यहां अश्विन के IPL करियर के सबसे बड़े विवादों के बारे में जानिए

डेवाल्ड ब्रेविस और CSK की डील

डेवाल्ड ब्रेविस को IPL 2025 में चेन्नई सुपर किंग्स ने गुरजपनीत सिंह के रिप्लेसमेंट के तौर पर अपनी टीम में जोड़ा था. अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा था कि कई सारी टीमें ब्रेविस को अपने साथ लाना चाहती थीं, लेकिन CSK ने चोरी-छिपे ब्रेविस को ज्यादा पैसे देकर अपनी टीम में शामिल किया था. उनके इस बयान पर चेन्नई टीम को ऑफिशियल स्टेटमेंट तक जारी करना पड़ा कि नियमों का पालन करके ही ब्रेविस को साइन किया गया था.

जोस बटलर को मांकडिंग करके आउट किया

यह साल 2019 की बात है, जब अश्विन पंजाब किंग्स के लिए खेल रहे थे. पंजाब का मैच राजस्थान रॉयल्स के साथ हो रहा था. इसी मैच में राजस्थान 185 रनों के टारगेट का पीछा कर रही थी, वहीं जोस बटलर जबरदस्त लय में चल रहे थे. बटलर नॉन-स्ट्राइकिंग एंड पर थे, 69 रन बना चुके थे. तभी अश्विन ने मांकडिंग करके बटलर को आउट कर दिया, बटलर बहुत गुस्से में मैदान से बाहर गए थे. बटलर के विकेट से राजस्थान को गहरी चोट पहुंची, नतीजन वो 14 रन से मैच हार गई.

रिटायर्ड आउट हुए

साल 2022 में आर अश्विन राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलते थे. अश्विन 23 गेंद में 28 रन बना चुके थे, लेकिन तभी 19वें ओवर में उन्होंने खुद को रिटायर्ड आउट घोषित कर दिया. उनके इस फैसले पर खूब बवाल मचा. किसी ने कहा कि ऐसा करना खेल भावना के अंतर्गत नहीं आता, अन्य लोगों ने अलग-अलग तरह से अश्विन की जमकर आलोचना की. दरअसल अश्विन ने ऐसा इसलिए किया कि रियान पराग बैटिंग करने आ सकें. उनका ये फैसला कारगर भी रहा, लेकिन मैच विनिंग पारी शिमरोन हेटमायर के हाथों आई थी.

इयोन मॉर्गन के साथ फाइट

IPL 2021 में दिल्ली कैपिटल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स का मैच खेला जा रहा था. मामला यह था कि राहुल त्रिपाठी ने थ्रो फेंका, लेकिन गेंद ऋषभ पंत को जा लगी. इसके बाद अश्विन रन भागना चाहते थे. पूर्व क्रिकेटर दिनेश कार्तिक ने इस पूरी घटना का जिक्र करते हुए बताया कि शायद अश्विन का रन भागना मॉर्गन को पसंद नहीं आया था. वहीं जब पारी के अंतिम ओवर में टिम साउदी ने अश्विन को आउट किया, उसके बाद भी अश्विन और मॉर्गन की कहासुनी हो गई थी.

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IPS ने अपने ऑफिस के बाहर लगाया अनोखा पोस्टर, सोशल मीडिया पर जमकर हो रही तारीफ- यहां देखें

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सोचिए.. एक बड़ा ऑफिस.. बाहर लगी नेमप्लेट पर लिखा हो “आईपीएस अधिकारी”.. अंदर जाने से पहले हर कोई सोच रहा हो कि अब जूते-चप्पल उतारने होंगे.. लेकिन तभी दरवाजे पर टंगी एक लाइन सबको रोक देती है.. एक ऐसी लाइन जिसने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है. जी हां, किशन सहाय नाम के इस आईपीएस अधिकारी ने एक ऐसी पहल को जन्म दिया है जिसे जानने के बाद आप हैरान तो रह ही जाएंगे साथ ही अधिकारी की तारीफ करते भी नहीं थकेंगे.

आईपीएस अधिकारी ने दरवाजे पर चिपकाया अनोखा नोट

सोचिए.. किसी अफसर के ऑफिस में जाने से पहले आपको जूते-चप्पल उतारने की टेंशन न हो और उल्टा दरवाजे पर ही बड़ा सा बोर्ड टंगा दिख जाए जिस पर साफ-साफ लिखा हो कि “आगंतुक अपने जूते-चप्पल ना उतारें” है न चौकाने वाली बात, लेकिन ऐसा ही कुछ एक आईपीएस अधिकारी ने कर दिखाया है और अब उनकी ये अनोखी पहल सोशल मीडिया पर धूम मचा रही है.दरअसल, किशन सहाय नाम के एक आईपीएस अधिकारी ने सोशल मीडिया पर अपने दफ्तर के बाहरी हिस्से की तस्वीर क्लिक करके पोस्ट कर दी. यहां उनकी नेम प्लेट के ठीक नीचे एक कागज चिपका हुआ है जिस पर लिखा है…” आगंतुक जूते/चप्पल नहीं उतारें.


पोस्ट शेयर करते हुए लिखी दिल छू जाने वाली बात!

सोशल मीडिया पर ये तस्वीर शेयर करते हुए अधिकारी ने लिखा…वैसे आगंतुक से घर के बाहर जूते उतरवाना अपमानजनक सा लगता है चाहे काफी कम मात्रा का ही अपमान क्यों नहीं हो. अपने घर पर आए हुए आगन्तुक का लेशमात्र भी अपमान सामान्य शिष्टाचार के खिलाफ है. मैंने तो 5-6 साल पहले से ही गेट पर यह लिख रखा है”. इसके बाद तो मानों उनकी पोस्ट पर रिएक्शन की बाढ़ आ गई. आपको बता दें कि किशन सहाय जयपुर में आईजी के पद पर तैनात हैं.

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यूजर्स कर रहे तारीफ

सोशल मीडिया पर पोस्ट को kishan_sahay_ips नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने पोस्ट को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा..आपको दिल से सलाम है सर. एक और यूजर ने लिखा…इस तरह के अधिकारी ही पुलिस महकमे की थोड़ी बहुत इज्जत बचाए हुए हैं. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…आपकी तरह सब नहीं होते सर, सलाम है आपकी सोच को.

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किस कंपनी का फोन बेचने पर दुकानदार को होती है सबसे ज्यादा कमाई? हैरान कर देगी सच्चाई

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असल में मोबाइल कंपनियां अपने फोन को मार्केट में धकेलने के लिए दुकानदारों को अलग-अलग तरह के मार्जिन और इंसेंटिव देती हैं. जिन कंपनियों के फोन कम लोकप्रिय होते हैं या जिन्हें ज्यादा प्रमोट करना होता है, वे दुकानदारों को मोटा मुनाफा देती हैं ताकि वे ग्राहकों को वही फोन खरीदने के लिए मनाएं. वहीं जिन ब्रांड्स की मार्केट में पहले से मजबूत पकड़ है, वे दुकानदारों को कम मार्जिन देते हैं, क्योंकि उनके फोन वैसे ही आसानी से बिक जाते हैं.

असल में मोबाइल कंपनियां अपने फोन को मार्केट में धकेलने के लिए दुकानदारों को अलग-अलग तरह के मार्जिन और इंसेंटिव देती हैं. जिन कंपनियों के फोन कम लोकप्रिय होते हैं या जिन्हें ज्यादा प्रमोट करना होता है, वे दुकानदारों को मोटा मुनाफा देती हैं ताकि वे ग्राहकों को वही फोन खरीदने के लिए मनाएं. वहीं जिन ब्रांड्स की मार्केट में पहले से मजबूत पकड़ है, वे दुकानदारों को कम मार्जिन देते हैं, क्योंकि उनके फोन वैसे ही आसानी से बिक जाते हैं.

उदाहरण के तौर पर, अगर ग्राहक एप्पल या रेडमी जैसी कंपनी का फोन खरीदता है तो दुकानदार को बहुत ज्यादा फायदा नहीं होता. इन कंपनियों के फोन की डिमांड पहले से ही इतनी है कि ग्राहक बिना समझाए भी इन्हें खरीद लेते हैं. इसलिए दुकानदारों को इन फोन पर मार्जिन बेहद सीमित मिलता है. वहीं, दूसरी तरफ चीनी कंपनियां जैसे ओप्पो, वीवो और रियलमी अपने फोन पर दुकानदारों को ज्यादा कमाई का मौका देती हैं. इन ब्रांड्स का बिज़नेस मॉडल ही यही है कि ज्यादा से ज्यादा मार्केट शेयर पाने के लिए रिटेलर्स को आकर्षक मार्जिन दिया जाए.

उदाहरण के तौर पर, अगर ग्राहक एप्पल या रेडमी जैसी कंपनी का फोन खरीदता है तो दुकानदार को बहुत ज्यादा फायदा नहीं होता. इन कंपनियों के फोन की डिमांड पहले से ही इतनी है कि ग्राहक बिना समझाए भी इन्हें खरीद लेते हैं. इसलिए दुकानदारों को इन फोन पर मार्जिन बेहद सीमित मिलता है. वहीं, दूसरी तरफ चीनी कंपनियां जैसे ओप्पो, वीवो और रियलमी अपने फोन पर दुकानदारों को ज्यादा कमाई का मौका देती हैं. इन ब्रांड्स का बिज़नेस मॉडल ही यही है कि ज्यादा से ज्यादा मार्केट शेयर पाने के लिए रिटेलर्स को आकर्षक मार्जिन दिया जाए.

यही वजह है कि अक्सर आपने देखा होगा कि जब आप किसी दुकान पर जाते हैं और किसी खास फोन के बारे में पूछते हैं तो दुकानदार आपको बार-बार ओप्पो या वीवो जैसे फोन की तरफ खींचने की कोशिश करता है. दरअसल, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन कंपनियों के फोन बेचने पर उन्हें सीधा ज्यादा मुनाफा मिलता है. कई बार तो कंपनियां दुकानदारों को हर महीने सेलिंग टारगेट भी देती हैं. अगर वे उस टारगेट को पूरा कर लेते हैं तो उन्हें अतिरिक्त बोनस, गिफ्ट या ट्रिप जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं.

यही वजह है कि अक्सर आपने देखा होगा कि जब आप किसी दुकान पर जाते हैं और किसी खास फोन के बारे में पूछते हैं तो दुकानदार आपको बार-बार ओप्पो या वीवो जैसे फोन की तरफ खींचने की कोशिश करता है. दरअसल, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इन कंपनियों के फोन बेचने पर उन्हें सीधा ज्यादा मुनाफा मिलता है. कई बार तो कंपनियां दुकानदारों को हर महीने सेलिंग टारगेट भी देती हैं. अगर वे उस टारगेट को पूरा कर लेते हैं तो उन्हें अतिरिक्त बोनस, गिफ्ट या ट्रिप जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन्स पर दुकानदारों को 10 से 15 प्रतिशत तक का मार्जिन मिल सकता है जबकि प्रीमियम ब्रांड्स के फोन पर यह मार्जिन मुश्किल से 3 से 5 प्रतिशत तक ही रहता है. यानी एक तरफ दुकानदार अगर एक आईफोन बेचकर कुछ सौ रुपये कमाता है तो दूसरी तरफ ओप्पो या वीवो का फोन बेचने पर हजारों रुपये तक कमा सकता है. हालांकि, कई रिटेलर्स को सैमसंग के फोन्स पर करीब 14 से 15 फीसदी तक का मार्जिन मिलता है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ बजट और मिड-रेंज स्मार्टफोन्स पर दुकानदारों को 10 से 15 प्रतिशत तक का मार्जिन मिल सकता है जबकि प्रीमियम ब्रांड्स के फोन पर यह मार्जिन मुश्किल से 3 से 5 प्रतिशत तक ही रहता है. यानी एक तरफ दुकानदार अगर एक आईफोन बेचकर कुछ सौ रुपये कमाता है तो दूसरी तरफ ओप्पो या वीवो का फोन बेचने पर हजारों रुपये तक कमा सकता है. हालांकि, कई रिटेलर्स को सैमसंग के फोन्स पर करीब 14 से 15 फीसदी तक का मार्जिन मिलता है.

इसका मतलब यह नहीं कि दुकानदार ग्राहक को हमेशा नुकसान पहुंचाना चाहता है बल्कि उसकी कोशिश होती है कि वह ज्यादा मुनाफा कमाते हुए अपनी सेल्स भी बढ़ाए. लेकिन ग्राहक के लिए जरूरी है कि वह दुकान पर जाने से पहले फोन की पूरी जानकारी और रिव्यू खुद पढ़ ले ताकि सिर्फ दुकानदार की बातों में आकर कोई गलत फैसला न कर बैठे.

इसका मतलब यह नहीं कि दुकानदार ग्राहक को हमेशा नुकसान पहुंचाना चाहता है बल्कि उसकी कोशिश होती है कि वह ज्यादा मुनाफा कमाते हुए अपनी सेल्स भी बढ़ाए. लेकिन ग्राहक के लिए जरूरी है कि वह दुकान पर जाने से पहले फोन की पूरी जानकारी और रिव्यू खुद पढ़ ले ताकि सिर्फ दुकानदार की बातों में आकर कोई गलत फैसला न कर बैठे.

Published at : 27 Aug 2025 03:23 PM (IST)

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राहुल की वोटर अधिकार यात्रा के लिए बिहार पहुंचे स्टालिन, भाजपा ने किया विरोध, कहा – ‘दम है तो..

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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी बुधवार (27 अगस्त) को बिहार पहुंचे. उनके बिहार पहुंचने के बाद बवाल खड़ा हो गया. ये दोनों ही नेता राहुल गांधी की वोट अधिकार यात्रा में शामिल होने आए हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने हंगामा खड़ा कर दिया. बीजेपी का कहना है कि बिहारियों को गाली देने वाले नेताओं को यहां आने का हक नहीं है. भाजपा प्रवक्ता नारायण तिरुपति ने कहा कि दम है तो अपने बयानों को फिर से दोहराएं.

दरअसल बिहार में इस साल के अंत में चुनाव होने वाले हैं. इससे पहले एमके स्टालिन, राहुल की वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुए. एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान भाजपा ने डीएमके के प्रमुख स्टालिन को चुनौती देते हुए कहा कि अगर उनमें हिम्मत है तो बिहारियों को लेकर किए गए कमेंट को फिर से दोहराएं. स्टालिन के सहयोगी दयानिधि मारन ने उत्तर प्रदेश और बिहार को लेकर दिसंबर 2023 में विवादित बयान दिया था.

भाजपा प्रवक्ता ने स्टालिन को बनाया निशाना

तमिलनाडु के भाजपा प्रवक्ता नारायण तिरुपति ने स्टालिन को घेरा है. उन्होंने एक्स पोस्ट में लिखा, मैं बिहार जा रहे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके. स्टालिन को चुनौती देता हूँ, अगर हिम्मत है, तो अपने बेटे उदयनिधि के बयान को दोहरा कर दिखाई. उसने कहा था कि सनातन धर्म को खत्म कर देना चाहिए. साथ ही, आपके रिश्तेदार और द्रमुक सांसद दयानिधि मारन ने कहा था कि बिहारी तमिलनाडु में टॉयलेट साफ करते हैं, क्या आप वहां यह बात कह सकते हैं?

बिहार पहुंचकर क्या बोले स्टालिन

स्टालिन ने वोटर अधिकार यात्रा में शामिल होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, बिहार पहुंच गया हूं. लालू प्रसाद की धरती अपनी आंखों में आग लेकर मेरा स्वागत कर रही है, इसकी मिट्टी पर हर चुराए गए वोट का बोझ है. मैं अपने भाइयों राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ उस वोटर अधिकार यात्रा में शामिल हुआ, जो लोगों के दर्द को ताकत में बदल देती है.



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ट्रंप के टैरिफ से किन सेक्टर्स में ले-ऑफ का खतरा, जानें चली जाएंगी कितनी नौकरियां?

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27 अगस्त से अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है. यानी अब भारत से अमेरिका जाने वाले कई उत्पादों पर कुल 50% टैक्स देना होगा. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कदम से भारत के कई बड़े सेक्टरों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है. सबसे ज्यादा असर उन उद्योगों पर पड़ेगा, जो पहले से ही ग्लोबल मंदी और प्रतिस्पर्धा से जूझ रहे हैं.

किन सेक्टरों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

  • टेक्सटाइल (कपड़ा उद्योग): भारत का अमेरिका को टेक्सटाइल निर्यात काफी बड़ा है. लेकिन 50% टैरिफ बढ़ने से भारतीय उत्पाद महंगे हो जाएंगे और अमेरिकी कंपनियां दूसरे देशों से सस्ता माल खरीद सकती हैं.
  • ज्वेलरी (आभूषण उद्योग): सोने-चांदी और डायमंड ज्वेलरी पर टैक्स बढ़ने से भारतीय ज्वेलर्स को सीधा झटका लगेगा.
  • झींगा उद्योग: भारत से अमेरिका को बड़े पैमाने पर झींगा निर्यात होता है. टैरिफ बढ़ने से इसकी मांग बुरी तरह गिर सकती है.
  • हैंडीक्राफ्ट (हस्तशिल्प): भारतीय कारीगरों की मेहनत से बने सामान अब महंगे हो जाएंगे, जिससे उनकी बिक्री पर असर पड़ेगा.

GTRI का अनुमान है कि इन उद्योगों का निर्यात 70% तक गिर सकता है. अगर ऐसा हुआ तो हजारों नौकरियां सीधे-सीधे खतरे में आ सकती हैं.

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कौन से सेक्टर फिलहाल सुरक्षित?

रिपोर्ट के मुताबिक फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर ट्रंप के टैरिफ का फिलहाल बड़ा असर नहीं होगा. अमेरिका इन क्षेत्रों में भारत पर निर्भर है, इसलिए अभी इन पर छूट दी गई है.

ट्रंप ने क्यों बढ़ाया टैरिफ?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि रूस की नीतियां अभी भी अमेरिका की सुरक्षा और विदेश नीति के लिए खतरा बनी हुई हैं. भारत लगातार रूस से तेल खरीद रहा है, जिससे रूस को आर्थिक मदद मिल रही है. यही वजह है कि अमेरिका ने इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का इस्तेमाल करके भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का फैसला किया.

भारत पर कितना असर?

  • भारत के लिए यह टैरिफ दोहरी चुनौती है. एक तरफ निर्यातक उद्योगों को झटका लगेगा, दूसरी तरफ नौकरियों का संकट खड़ा हो सकता है.
  • टेक्सटाइल और हैंडीक्राफ्ट जैसे उद्योग ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में लाखों लोगों को रोजगार देते हैं.
  • झींगा और ज्वेलरी सेक्टर में भी बड़ी संख्या में मजदूर और कारीगर काम करते हैं.
  • अगर अमेरिका में भारतीय उत्पादों की मांग घटती है, तो इन उद्योगों में छंटनी हो सकती है.

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Video: आंगन में खेल रहे थे बच्चे, तभी आ गया तेंदुआ, कुत्ते देखकर भागा, वीडियो वायरल

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Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक चौंका देने वाला वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक तेंदुआ एक बच्चे पर हमला करने वाला था, लेकिन एक कुत्ते के आना पर तेंदुआ डरकर वहां से भाग जाता है, जिससे बच्चे की जान बाल-बाल बच जाती है. ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जिससे देखने के बाद लोगों के दिल दहल गए,क्योंकि तेंदुआ बच्चे की ताक में था, लेकिन गनीमत रही कि बच्चे की जान बच गई.

जनिए क्या है पूरा मामला?

वीडियो में देखा गया है कि एक छोटा बच्चा अपने घर के आंगन में खेल रहा होता है और उसके आसपास कुत्ते भी होते है. बच्चा बेफिक्र होकर बाहर खेल रहा होता है, लेकिन अचानक से पीछे से एक तेंदुआ बच्चे के शिकार के लिए आ रहा होता है. वैसे ही एक कुत्ता दौड़कर आता है, जिसे देखकर तेंदुआ डर जाता है और वहां से भाग जाता है. बच्चे को इस बात कि खबर तक नहीं होती है कि उसके पीछे तेंदुआ आ रहा था, लेकिन जैसे ही बच्चे ने तेंदुए को भागते हुए देखा. वह बहुत बुरी तरह से डर जाता है.


पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई

बच्चा डरकर घर के अंदर चला जाता है. वो इतना डर जाता है कि जोर-जोर से रोने लगता है. ये पूरी घटना घर के बाहर लगे सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो जाती है, जिसमें कुत्ते की बहादुरी साफ तौर पर दिखाई दे रही है. वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों ने कुत्ते को बच्चे की जान बचाने वाला कहा और कहा कि अगर कुत्ता तेंदुए को न भगाता तो बच्चे को तेंदुआ उठा ले जाता. कई यूजर्स ने वीडियो को शेयर करते हुए वन्यजीवों के प्रति सतर्कता बरतने की अपील की.


क्यों नहीं चला सोनू निगम का एक्टिंग करियर? सिंगर ने सालों बाद बताई चौंकाने वाली वजह

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सोनू निगम बॉलीवुड के स्टार सिंगर हैं. उन्होंने अपनी मैजिकल वॉइस में कई सुपर-डुपर हिट गाने गाए हैं. वहीं सोनू निगम मे सिंगिंग के अलावा एक्टिंग में भी हाथ आजमाया था. हालांकि कुछ फिल्मों के बाद उन्होंने एक्टिंग को अलविदा कह दिया था. वहीं अब एक इंटव्यू में उन्होंने खुलासा किया है कि उन्होंने एक्टिंग क्यों छोड़ी थी?

सोनू निगम ने क्यों छोड़ी थी एक्टिंग?
दरअसल सोनू निगम फ़रीदून शहरयार के पॉडकास्ट पर पहुंचे थे. इस दौरान सिंगर ने अपने छोटे से अभिनय करियर के बारे में बात की और कहा कि जानी दुश्मन: एक अनोखी कहानी और काश आप हमारे होते जैसी फिल्मों ने उन्हें इतना निराश किया कि उन्होंने अभिनय से पूरी तरह किनारा कर लिया.

2002 की फैंटेसी ड्रामा फिल्म ‘जानी दुश्मन’ में सनी देओल, अक्षय कुमार, मनीषा कोइराला, अरशद वारसी सहित कई कलाकार थे. अपने बड़े नामों के बावजूद, यह फिल्म बॉलीवुड की सबसे बड़ी डिजास्टर फिल्मों में से एक थी.

सोनू ने कहा, “अरमान कोहली मेरे लिए भाई जैसे हैं, वह सचमुच मेरी परवाह करते हैं. लेकिन हमने कभी नहीं सोचा था कि इतने सारे लोग गलत रास्ते पर चलेंगे. जब मैंने फिल्म साइन की, तो मैंने सोचा, सनी देओल इसमें हैं, तो यह कितना गलत हो सकता है? अक्षय कुमार हैं, तो वह कितना गलत हो सकते हैं? मनीषा कोइराला हैं, तो वह कितनी गलत हो सकती हैं? अरशद वारसी, आफताब शिवदासानी, आदित्य पंचोली… इतने सारे लोग इसमें शामिल थे. ऐसी फिल्म कितनी गलत हो सकती है, लेकिन यह हो गई.”

 


बिना क्लाइमेक्स के कौन शूटिंग करता है?’
सोनू ने इटरव्यू के दौरान ‘काश आप हमारे होते’ में काम करने के एक्सपीरियंस को भी याद किया, जिसमें राज बब्बर की बेटी जूही बब्बर ने भी काम किया था. वह शूटिंग भी काफी उथल-पुथल भरी थी. सोनू ने कहा, “उस फिल्म का भी यही हाल हुआ. हम उसे शूट करने के लिए इतने आगे बढ़ गए, और उन्होंने क्लाइमेक्स भी नहीं लिखा था. ऐसा कौन करता है? और अब, शूटिंग के दौरान, वे सोच रहे हैं कि इसे कैसे खत्म किया जाए. मैं सोच रहा था, ये लोग कौन हैं? क्लाइमेक्स? मुझे नहीं पता कि यह किसकी गलती थी, लेकिन मुझे लगता है कि यह हमारी किस्मत में लिखा था.”

अभिनेता से गायक तक
हालांकि सोनू निगम का प्ले बैक सिंगिंग करियर लगातार ऊंचाइयों पर था, लेकिन उनका अभिनय सफर शुरू होने से पहले ही खत्म हो गया था. पीछे मुड़कर देखने पर, वे कहते हैं कि उन बुरे एक्सपीरियंस के चलते उन्होंने एक्टिंग से तौबा कर ली थी.

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और दे दो इन्हें चाबी! खंभे से बुरी तरह से टकराए बाइक सवार बच्चे- होश उड़ा देगा वीडियो

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो को जिसने भी देखा उसका कलेजा मुंह को आ गया. दरअसल वीडियो एक गली का है जहां सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ था. कैमरे में अचानक एक खौफनाक नजारा रिकॉर्ड हो जाता है. दो बच्चे तेज रफ्तार में बाइक भगाते हुए आते हैं और अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ जाता है. देखते ही देखते बाइक गली के किनारे लगे एक खंभे से इतनी जोरदार टकराती है कि उसके परखच्चे उड़ जाते हैं. वीडियो देखने के बाद आपका भी कलेजा हिल जाएगा.

खंभे से टकराई बाइक और उड़ गए चिथड़े

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि गली में सबकुछ बिल्कुल सामान्य चल रहा होता है. अचानक सीसीटीवी फ्रेम में बाइक तेजी से घुसती है. बाइक पर दो बच्चे बैठे होते हैं और रफ्तार इतनी तेज होती है कि बाइक संभालना उनके बस से बाहर हो जाता है. एक पल में ही बाइक बेकाबू होकर सीधा खंभे से जा टकराती है. टक्कर की आवाज इतनी जोरदार थी कि आसपास के लोग सहम गए और मदद के लिए दौड़े. इस दौरान बाइक के पुर्जे तक टूटकर सड़क पर बिखर जाते हैं. दोनों बच्चे हवा में उछलकर कुछ फीट दूर जा गिरते हैं और जमीन पर धड़ाम से टकराते हैं.

नाबालिग को क्यों पकड़ा दी चाबी? इंटरनेट पर छिड़ी बहस

बच्चों को बाइक चलाते वक्त रफ्तार का शौक चढ़ा हुआ था और इसी लापरवाही ने उन्हें हादसे की तरफ धकेल दिया. गनीमत ये रही कि हादसे के वक्त गली में कोई और राहगीर मौजूद नहीं था, वरना किसी और की जान भी जा सकती थी. फिलहाल बच्चों की हालत पर जानकारी नहीं मिल पाई है लेकिन ये वीडियो सोशल मीडिया पर बहस छेड़ रहा है कि आखिर नाबालिग बच्चों को बाइक क्यों सौंप दी जाती है.

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यूजर्स बोले, जान जाने से अच्छा है एक टांग चली गई

वीडियो को @Deadlykalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई लोगों को खुश होना चाहिए, जान जाने से अच्छा है एक टांग चली गई. एक और यूजर ने लिखा…अब इन बच्चों की सरकारी नौकरी आसानी से लग जाएगी. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…और दो इन्हें चाबी.

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