कॉर्पोरेट से लेकर जीवन तक, गणेश जी के 9 अनमोल सबक जो हर प्रोफेशनल को जानने चाहिए

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Ganesha Business Lessons: गणेश जी को हिंदू धर्म में प्रथम देवता माना गया है. आज के दौर में गणेश जी पर्सनल और प्रोफशनल लाइफ में बड़ी भूमिका निभाते हैं. गणेश जी के बड़े कान से लेकर टूटा दांत और वाहन चूहे तक, हर प्रतीक हमें जीवन और कॉर्पोरेट जगत के लिए एक व्यावहारिक सबक देते हैं. आइए जानते हैं वे 9 अनमोल Life & Business Lessons, जो हर प्रोफेशनल और लीडर के लिए अनिवार्य हैं.

1- बड़े कान: क्यों एक सच्चा लीडर सबसे पहले सुनने की कला सीखता है

गणेश जी के बड़े कान यह बताते हैं कि Listening Leadership हर टीम और संगठन की रीढ़ है.

शास्त्रों में उन्हें श्रुतिसागरः कहा गया है, यानी जो सब सुनते हैं.

आधुनिक कॉर्पोरेट दुनिया में, गूगल और अमेजन जैसी कंपनियां Active Listening Workshops आयोजित करती हैं.

संदेश: एक महान लीडर वही है जो अपनी टीम, ग्राहक और निवेशक को ध्यान से सुनता है और फिर निर्णय लेता है.

2- छोटा मुख: कम बोलना, लेकिन असरदार बोलना ही सच्ची लीडरशिप है

गणेश जी का छोटा मुख हमें सिखाता है कि precise communication ही सफलता का मंत्र है.

बोर्डरूम में लंबी-लंबी बातें नहीं, बल्कि Short, Impactful Communication ज़रूरी है.

रामायण में गणेश जी को मधुवक्ता कहा गया है , जो मधुर और संक्षिप्त बोलते हैं.

Corporate Takeaway: Talk less, work more. Speak short, speak smart.

3- छोटी आंखें: लक्ष्य पर अडिग रहना ही सफलता का सबसे बड़ा सूत्र

गणेश जी की छोटी लेकिन पैनी आंखें बताती हैं कि Focus Over Distraction हर क्षेत्र में जरूरी है.

बिजनेस में बाजार की हलचल, प्रतिस्पर्धा और अस्थिरता आपको भटका सकती है.

लेकिन जो अपने लक्ष्य पर नज़र टिकाए रखता है, वही विजेता बनता है.

यह सिद्धांत हर स्टार्टअप और कॉर्पोरेट ग्रोथ स्ट्रैटेजी की नींव है.

4- बड़ा मस्तिष्क: इनोवेशन वहीं से आता है जहाँ सोच बड़ी होती है

गणेश जी का बड़ा सिर हमें यह सीख देता है कि Think Big, Innovate Smart.

स्टार्टअप इकोसिस्टम का यही मंत्र है, Think Big, Start Small, Scale Fast.

माइक्रोसॉफ्ट और टेस्ला जैसी कंपनियों ने अपनी बड़ी सोच से दुनिया बदल दी.

Corporate Lesson: बड़ा सोचो, लेकिन Execution को Smart और Practical रखो.

टूटा दांत: त्याग और धैर्य ही महानता की पहचान है

महाभारत लिखते समय गणेश जी ने अपना दांत तोड़कर कलम बनाई.

यह त्याग हमें सिखाता है कि कभी-कभी छोटे Sacrifice से Long Term Success मिलती है.

एक लीडर को चाहिए कि वह अपने Ego या Comfort को टीम और संगठन के लिए त्याग दे.

Lesson: Short-term compromise for long-term vision.

6- बड़ा पेट: सफलता और असफलता दोनों को संतुलन से पचाना

गणेश जी का विशाल पेट बताता है कि Maturity is accepting Both Success and Failure.

हर प्रोजेक्ट सफल नहीं होता, लेकिन हर असफलता भविष्य के लिए सबक छोड़ जाती है.

भगवद्गीता में भी कहा गया: समत्वं योग उच्यते , संतुलन ही योग है.

Corporate Lesson: Fail fast, learn faster.

सूंड: बदलाव के अनुसार लचीला बनना ही असली ताकत है

गणेश जी की सूंड कभी कठोर और कभी कोमल हो सकती है.

यही हमें सिखाती है कि Agility ही Survival Strategy है.

बिज़नेस में टेक्नोलॉजी, मार्केट और पॉलिसी हर दिन बदलते हैं. जो कंपनी सबसे तेज Adapt करती है, वही जीतती है.

आशीर्वाद का हाथ: लीडर का काम आदेश देना नहीं, प्रेरणा देना है

गणेश जी का वरदहस्त हमें याद दिलाता है कि Positive Leadership सबसे बड़ी ताकत है.

संकट में भी जो लीडर अपनी टीम को प्रेरित करता है, वही संगठन को आगे ले जाता है.

Corporate Example: महामारी के समय जिन CEOs ने positivity फैलाई, उनकी कंपनियां तेज़ी से रिकवर हुईं.

9- वाहन चूहा: छोटे संसाधनों से भी बड़ी उपलब्धि संभव है

गणेश जी का वाहन चूहा हमें सिखाता है कि Small Resources- Big Impact.

हर बड़ा बिज़नेस कभी छोटी शुरुआत से ही खड़ा हुआ है.

स्टार्टअप्स ने छोटे Resource और Smart Utilization से Global कंपनियां बनाई.

Lesson: टीम का आकार नहीं, उसकी दिशा और नेतृत्व महत्वपूर्ण है.

FAQ

Q1. Lord Ganesha से बिज़नेस मैनेजमेंट के कौन-से सबक मिलते हैं?
गणेश जी के स्वरूप से Listening Leadership, Smart Communication, Focus, Innovation और Flexibility जैसे कॉर्पोरेट सबक मिलते हैं.

Q2. क्या गणेश जी के प्रतीक आधुनिक स्टार्टअप संस्कृति में भी उपयोगी हैं?
हां, स्टार्टअप्स limited Resources, Agility और Innovation पर चलते हैं , ठीक वैसे ही जैसे गणेश जी का वाहन चूहा और सूंड का लचीलापन सिखाता है.

Q3. बड़े कान और छोटा मुख लीडरशिप के लिए क्या संदेश देते हैं?
यह सिखाते हैं कि एक लीडर को अधिक सुनना चाहिए और कम लेकिन असरदार बोलना चाहिए.

Q4. क्या गणेश जी के सबक Crisis Management में मदद करते हैं?
जी हां, बड़ा पेट और आशीर्वाद हाथ हमें सिखाते हैं कि सफलता और असफलता दोनों को संतुलन से स्वीकार कर टीम को प्रेरित किया जाए.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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43 साल के जेम्स एंडरसन ने नीलामी में फिर दिया नाम, CSK, MI, RR या DC, कौनसी फ्रैंचाइजी खरीदेगी?

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इंग्लैंड के दिग्गज खिलाड़ी जेम्स एंडरसन जुलाई 2024 में इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं. उन्हें टेस्ट के महानतम गेंदबाजों में गिना जाएगा, जिन्होंने 704 टेस्ट विकेट झटके, लेकिन अब उनकी दिलचस्पी टी20 और फ्रैंचाइजी क्रिकेट में बढ़ने लगी है. उन्होंने IPL 2025 मेगा ऑक्शन के लिए अपना नाम रजिस्टर करवाया था, लेकिन अनसोल्ड रहे. अब उन्होंने दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग के ऑक्शन में अपना नाम दिया है. बताते चलें कि 9 सितंबर को होने वाले ऑक्शन (SA20 Auction 2025) के लिए 782 खिलाड़ियों ने अपना नाम रजिस्टर करवाया है.

SA20 लीग का अगला सीजन 26 दिसंबर से शुरू होगा और फाइनल टी20 वर्ल्ड कप से कुछ ही दिन पहले खेला जाएगा. 43 वर्षीय जेम्स एंडरसन की बात करें तो जुलाई 2024 में अपने इंटरनेशनल करियर को विराम देने के बाद उन्होंने फर्स्ट-क्लास, द हंड्रेड लीग और अन्य टी20 मुकाबलों को मिलाकर कुल 17 मैच खेले हैं.

मुंबई-चेन्नई या दिल्ली-राजस्थान, किसके लिए खेलेंगे एंडरसन

द हंड्रेड लीग में जेम्स एंडरसन, मैनचेस्टर ऑरिजिनल्स के लिए खेल रहे हैं, लेकिन अब तक 3 मैचों में कोई विकेट नहीं ले पाए हैं. SA20 लीग की बात करें तो उसमें कुल 6 टीम भाग लेती हैं, जिनमें से पांच का मालिकाना हक IPL टीमों के पास है. जोबर्ग सुपर किंग्स (CSK), पार्ल रॉयल्स (RR), प्रिटोरिया कैपिटल्स (DC) और MI केपटाउन (Mumbai Indians) और सनराइजर्स ईस्टर्न केप (SRH), ये सभी ऑक्शन टेबल पर मौजूद होंगी, जिनमें से कोई भी एंडरसन पर बोली लगाकर उन्हें अपने स्क्वाड में शामिल कर सकता है.

भारत के 13 खिलाड़ियों ने किया रजिस्ट्रेशन

SA20 लीग का आगामी सीजन इसलिए भी खास रहने वाला है क्योंकि 13 भारतीय खिलाड़ियों ने ऑक्शन के लिए रजिस्टर किया है. इन 13 खिलाड़ियों के नाम पीयूष चावला, सिद्धार्थ कॉल, अंकित राजपूत, सरुल कंवर, अनुरीत सिंह कथुरिया, अंसारी मारूफ, महेश अहीर, निखिल जागा, मोहम्मद फैद, केएस नवीन, इमरान खान, वेंकटेश गलीपेली, अतुल यादव है.

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अब मजदूरों की मजदूरी भी खतरे में! मकान में हथौड़ा लेकर दीवार तोड़ता दिखा रोबोट- वीडियो वायरल

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जरा सोचिए.. घर के अंदर कोई मजदूर नहीं बल्कि एक रोबोट काम करता दिखे और वो भी हाथ में हथौड़ा लेकर दीवार तोड़ता हुआ.सुनने में अजीब लगता है ना.. लेकिन सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है. इस वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक घर के अंदर एक रोबोट मजदूरी करता नजर आ रहा है. रोबोट अपने हाथों से हथौड़ा पकड़कर दीवार पर जोर-जोर से मार रहा है और उसे तोड़ रहा है. देखने वालों को यह नजारा किसी साइंस फिक्शन फिल्म से कम नहीं लग रहा. लोग कह रहे हैं अब मजदूर की मजदूरी खतरे में है.

दीवार तोड़ते हुए मजदूरी करता दिखा रोबोट

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक रोबोट हाथ में बड़ा सा हथौड़ा लेकर घर की दीवार तोड़ता दिखाई दे रहा है. जी हां, इतना ही नहीं, रोबोट दीवार तोड़ने में ज्यादा देर भी नहीं लगाता, दो से तीन शॉट में ही वो पूरी दीवार को जमींदोज कर देता है. रोबोट को इस तरह के रूप में देखने के बाद मजदूर वर्ग में डर का माहौल है.

हर कोई कह रहा है कि पहले तो एआई ने सभी की नौकरी पर कब्जा जमाना शुरू किया, एक मजदूर ही बचे थे,बेचारे वो भी गए.खास बात ये है कि रोबोट दीवार तोड़ने में पूरी ताकत लगा रहा है इसके बाद भी वो ना तो गिर रहा है और ना ही उसका संतुलन बिगड़ रहा है. इंटरनेट पर ये वीडियो काफी वायरल है और लोग इसके मजे लेते दिखाई दे रहे हैं.

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यूजर्स ले रहे मजे, बोले मजदूर की मजदूरी खतरे में

वीडियो को @NazeerHuss47926 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…मजदूर लोगों का रोजगार खतरे में है, आने वाले दिनों में इसका असर दिखेगा. एक और यूजर ने लिखा…यहां लेबर नहीं मिल रही, इस रोबोट को हमारे पास भेजो. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…दीवार इतनी आसानी से तोड़ दी, गजब की तकनीक है.

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किस कॉलेज से पढ़े हैं जगद्गुरू रामभद्राचार्य, बाबा प्रेमानंद पर टिप्पणी के बाद हो रही चर्चा?

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दरअसल, रामभद्राचार्य ने हाल ही में संत प्रेमानंद महाराज के संस्कृत ज्ञान को लेकर एक चुनौती भरा बयान दिया था. उनके इस बयान को कई लोगों ने प्रेमानंद महाराज का अपमान मान लिया.

दरअसल, रामभद्राचार्य ने हाल ही में संत प्रेमानंद महाराज के संस्कृत ज्ञान को लेकर एक चुनौती भरा बयान दिया था. उनके इस बयान को कई लोगों ने प्रेमानंद महाराज का अपमान मान लिया.

रामभद्राचार्य का संस्कृत अध्ययन वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से हुआ है. यहीं से उन्होंने वेद, दर्शन और संस्कृत व्याकरण में गहरी पकड़ बनाई. इसी विश्वविद्यालय से उनकी विद्वत्ता की नींव रखी गई, जिसने उन्हें जगद्गुरु का दर्जा दिलाया.

रामभद्राचार्य का संस्कृत अध्ययन वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से हुआ है. यहीं से उन्होंने वेद, दर्शन और संस्कृत व्याकरण में गहरी पकड़ बनाई. इसी विश्वविद्यालय से उनकी विद्वत्ता की नींव रखी गई, जिसने उन्हें जगद्गुरु का दर्जा दिलाया.

वाराणसी, उत्तर प्रदेश में स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय देश का एक प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान है. यह दुनिया के सबसे बड़े संस्कृत विश्वविद्यालयों में गिना जाता है. वर्तमान में विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की पढ़ाई करवा रहा है.

वाराणसी, उत्तर प्रदेश में स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय देश का एक प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान है. यह दुनिया के सबसे बड़े संस्कृत विश्वविद्यालयों में गिना जाता है. वर्तमान में विश्वविद्यालय विभिन्न विषयों में स्नातक और स्नातकोत्तर कार्यक्रमों की पढ़ाई करवा रहा है.

बचपन में आंखों की रोशनी खोने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद धर्म और अध्यात्म के प्रचार के लिए रामकथा की शुरुआत की और उससे मिलने वाली दक्षिणा को दिव्यांगों की सेवा में लगाया.

बचपन में आंखों की रोशनी खोने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद धर्म और अध्यात्म के प्रचार के लिए रामकथा की शुरुआत की और उससे मिलने वाली दक्षिणा को दिव्यांगों की सेवा में लगाया.

पहले उन्होंने मिडिल स्तर तक की पढ़ाई के लिए एक विद्यालय खोला और बाद में उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना कर समाजहित में बड़ा योगदान दिया. यही कारण है कि वह आजीवन इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बने रहे.

पहले उन्होंने मिडिल स्तर तक की पढ़ाई के लिए एक विद्यालय खोला और बाद में उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय की स्थापना कर समाजहित में बड़ा योगदान दिया. यही कारण है कि वह आजीवन इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति बने रहे.

वह दुनिया के पहले दृष्टिबाधित कुलाधिपति हैं. जब वह सिर्फ दो महीने के थे, तभी ट्रेकोमा नामक बीमारी के कारण उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी.

वह दुनिया के पहले दृष्टिबाधित कुलाधिपति हैं. जब वह सिर्फ दो महीने के थे, तभी ट्रेकोमा नामक बीमारी के कारण उनकी आंखों की रोशनी चली गई थी.

Published at : 27 Aug 2025 06:13 PM (IST)

Preferred Sources

शिक्षा फोटो गैलरी

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जिगर मा बड़ी आग है! घोड़े बेचकर सो रहा था शख्स, अचानक जेब में रखे फोन में लग गई आग-देखें वीडियो

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कहते हैं मौत और मुसीबत कभी कहकर नहीं आती. लेकिन अगर किस्मत अच्छी हो और खुदा मेहरबान हो तो मौत भी आने से पहले पूछती है और मुसीबत आने से पहले चेतावनी देती है. ऐसा ही कुछ हुआ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में शख्स के साथ. ये जनाब घोड़े बेचकर सो रहे थे कि तभी इन्हें अहसास हुआ कि उनकी जेब में कुछ हलचल हो रही है जिसके बाद इन्हें थोड़ी दिक्कत जरूर हुई लेकिन बहरहाल जान बच गई. मंजर डरावना था लेकिन जानलेवा नहीं, आप भी देखिए.

कुर्सी पर सो रहे शख्स की जेब में रखे फोन ने पकड़ी आग

दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जो किसी किचन का मालूम होता है. यहां कुर्सी पर घोड़े बेचकर सो रहे शख्स के साथ जो हुआ वो आपको हैरान कर देगा. हुआ यूं कि शख्स जब नींद ले रहा था तो उसकी जेब में रखे फोन में अचानक चिंगारी निकली और वो गर्म हो गया. जिसके बाद शख्स की नींद खुल गई, नींद खुलते ही मोबाइल ने आग पकड़ ली मानों उसके जागने का ही इंतजार कर रहा था. बहरहाल, जैसे ही फोन ने आग पकड़ी शख्स घबरा गया, मोबाइल धूं धूं करके जलने लगा तब तक भाग कर आए शख्स और नींद धारी जनाब ने फोन को जेब से निकालकर बाहर फेंक दिया जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया.

फिर इस तरह से बची जान

बताया जा रहा है कि मोबाइल फोन की बैटरी फूलने के बाद गर्म हो गई थी ,जिसके बाद उसमें आग लग गई. आग लगते ही शख्स ने फुर्ती दिखाते हुए फोन को जेब से निकालकर बाहर फेंक दिया. वक्त पर नींद खुलना और समझदारी दिखाने की वजह से शख्स की जान जाने से बच गई. वीडियो अब इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है जिसे देखने के बाद यूजर्स भी तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स ने यूं किया रिएक्ट

वीडियो को @Faruk_pathan01 नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक हजारों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई की किस्मत बढ़िया थी जो जान बच गई. एक और यूजर ने लिखा….भाई के जिगर मा बड़ी आग है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भाई दिल जला है, मोहब्बत का मारा है तभी आग लग गई.

यह भी पढ़ें: Video: मां-बाप सावधान! 30 सेकंड में लड़की को किया किडनैप, भगा ले गए कार, देखें वीडियो


‘ट्रंप ने सब कुछ गंवा दिया, जब तक वो राष्ट्रपति रहेंगे…’, भारत पर 50% टैरिफ की दुनियाभर में च

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाई टैरिफ के ऐलान के बाद आखिर वो दिन आ ही गया, जब से यह टैरिफ लागू होंगे. बुधवार (27 अगस्त, 2025) को अमेरिका ने भारत पर 50% टैरिफ लागू कर दिया. ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह कदम भारत के रूस से तेल खरीद को बंद नहीं करने की वजह से उठाया गया. चूंकि अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है, ऐसे में इस टैरिफ ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है. दुनिया के बड़े-बड़े मीडिया संस्थानों में इस फैसले पर चर्चा हो रही है.

ट्रंप के टैरिफ पर क्या बोली US मीडिया?

अमेरिकी चैनल CNN ने इस खबर को प्रमुखता से कवर किया. उसके विश्लेषण में कहा गया कि इस टैरिफ विवाद से अमेरिका ने भारत को खो दिया है और इसके नतीजे बहुत खराब होंगे. CNN ने लिखा कि रूस से तेल खरीद पर लगाया गया टैरिफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए पचाना मुश्किल है, क्योंकि ट्रंप के पहले कार्यकाल में मोदी और ट्रंप के रिश्ते बेहद अच्छे थे. CNN की दूसरी रिपोर्ट में कहा गया कि 50% टैरिफ से भारत जैसे बड़े साझेदार के साथ अमेरिका का रिश्ता खराब हो गया है. इससे अमेरिका में भारतीय सामान महंगा हो गया है और उपभोक्ता व कंपनियां पहले से महंगाई और खराब लेबर मार्केट की मार झेल रहे हैं. भारत ने पहले ही कहा है कि वह टैरिफ का जवाब देगा.

ब्रिटिश मीडिया ने कैसे किया रिपोर्ट?

ब्रिटिश अखबार Guardian ने इस कदम को भारत-अमेरिका रिश्तों में अब तक की ‘सबसे बड़ी क्षति’ बताया. एक भारतीय व्यापार अधिकारी के हवाले से लिखा गया कि ट्रंप ने सब कुछ गंवा दिया है और दोनों देशों के रिश्ते को फिर से पटरी पर लाने में लंबा वक्त लगेगा. गार्डियन ने यह भी लिखा कि भारत में माहौल विद्रोही है. मोदी सरकार ने रूसी तेल की खरीद रोकने से इनकार कर दिया है और ‘मेड इन इंडिया’ सामान खरीदने पर जोर दिया है. मोदी ने कहा है, ‘टैरिफ से दबाव बढ़ सकता है, लेकिन हम मुकाबला करेंगे.’ अखबार ने Goldman Sachs के अर्थशास्त्री शांतनु सेनगुप्ता के हवाले से चेतावनी दी कि अगर 50% टैरिफ जारी रहा तो भारत की जीडीपी वृद्धि दर 6.5% से घटकर 6% से नीचे जा सकती है.

टैरिफ के जरिए ताकत दिखा रहे हैं ट्रंप: गार्जियन

Guardian के डिप्लोमैटिक एडिटर पैट्रिक विन्टॉर ने लिखा कि ट्रंप टैरिफ के जरिए अपनी ताकत दिखाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन भारत और ब्राजील जैसे देश मिलकर विरोध कर रहे हैं. ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन) देशों की ओर से विरोध जताया गया है, जो दिखाता है कि ट्रंप की रणनीति उलटी पड़ सकती है और एक नई प्रतिरोध धुरी बन सकती है.

रॉयटर्स ने ट्रंप के टैरिफ पर क्या कहा?

रॉयटर्स ने लिखा कि टैरिफ लागू होते ही दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतांत्रिक देशों और रणनीतिक साझेदारों में तनाव बढ़ गया है. इससे भारत के छोटे निर्यातकों और नौकरियों पर खतरा मंडरा रहा है. एजेंसी के मुताबिक, अमेरिका-भारत के बीच पांच दौर की वार्ता नाकाम होने के बाद यह कदम उठाया गया. भारत चाहता था कि अमेरिकी टैरिफ को 15% तक सीमित किया जाए, जैसा जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ पर लागू है. लेकिन राजनीतिक गलतफहमियों और संकेतों की अनदेखी के कारण वार्ता विफल रही. अमेरिकी जनगणना ब्यूरो के अनुसार, 2024 में भारत-अमेरिका का व्यापार 129 अरब डॉलर का था, जिसमें अमेरिका का घाटा 45.8 अरब डॉलर रहा.

चीन के ग्लोबल टाइम्स ने क्या लिखा?

चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने लिखा कि भारत पर 50% टैरिफ अमेरिका के ‘सबसे ऊंचे टैरिफ’ में से एक है. रूस से तेल खरीद से नाराज होकर ट्रंप ने यह कदम उठाया है. भारत-अमेरिका वार्ता विफल होने के बाद भारतीय निर्यातक ऑर्डर में भारी गिरावट का सामना कर रहे हैं. अखबार ने यह भी दावा किया कि ट्रंप ने चार बार फोन कर मोदी से बात करने की कोशिश की, लेकिन मोदी ने कॉल रिसीव करने से इनकार कर दिया.

अल जजीरा और AP ने कैसे रिपोर्ट किया?

कतर के सरकारी चैनल Al Jazeera ने लिखा कि भारी टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा क्योंकि अमेरिका उसका सबसे बड़ा निर्यात बाजार है. 2024 में भारत ने अमेरिका को 87 अरब डॉलर से ज्यादा का सामान बेचा था. अल जज़ीरा ने मोदी सरकार के हवाले से लिखा कि यह टैरिफ ‘अनुचित और अविवेकपूर्ण’ है और 48 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात प्रभावित हो सकता है. AP एजेंसी के हवाले से कहा गया कि इससे नौकरियों पर भी खतरा है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ सकती है.

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Google पर कभी नहीं करने चाहिए ये काम नहीं तो घर से उठा ले जाएगी पुलिस, जानें किन चीजों से बचना है

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सबसे पहले जान लीजिए कि गूगल एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो हर सर्च क्वेरी का रिकॉर्ड रखता है. जब भी आप कुछ टाइप करते हैं, तो उसका डेटा सुरक्षित रहता है. साइबर सेल और इन्वेस्टिगेशन एजेंसियां जरूरत पड़ने पर इन सर्च हिस्ट्री को ट्रैक कर सकती हैं. ऐसे में अगर आपने कोई गलत या संदिग्ध शब्द गूगल पर डाला तो यह आपके खिलाफ सबूत भी बन सकता है.

सबसे पहले जान लीजिए कि गूगल एक ऐसा प्लेटफॉर्म है जो हर सर्च क्वेरी का रिकॉर्ड रखता है. जब भी आप कुछ टाइप करते हैं, तो उसका डेटा सुरक्षित रहता है. साइबर सेल और इन्वेस्टिगेशन एजेंसियां जरूरत पड़ने पर इन सर्च हिस्ट्री को ट्रैक कर सकती हैं. ऐसे में अगर आपने कोई गलत या संदिग्ध शब्द गूगल पर डाला तो यह आपके खिलाफ सबूत भी बन सकता है.

उदाहरण के तौर पर, हथियार बनाने के तरीके, बम तैयार करने के फार्मूले या ड्रग्स से जुड़ी जानकारी सर्च करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. अगर कोई व्यक्ति मज़ाक या जिज्ञासा में भी ऐसे शब्द गूगल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है. कई मामलों में लोगों को पुलिस ने ऐसे ही सर्च पैटर्न की वजह से हिरासत में लिया है.

उदाहरण के तौर पर, हथियार बनाने के तरीके, बम तैयार करने के फार्मूले या ड्रग्स से जुड़ी जानकारी सर्च करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. अगर कोई व्यक्ति मज़ाक या जिज्ञासा में भी ऐसे शब्द गूगल करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सकती है. कई मामलों में लोगों को पुलिस ने ऐसे ही सर्च पैटर्न की वजह से हिरासत में लिया है.

इसके अलावा, गूगल पर अश्लील या प्रतिबंधित कंटेंट से जुड़े कीवर्ड डालना भी जोखिम भरा हो सकता है. नाबालिगों से संबंधित पोर्नोग्राफी सर्च करना भारतीय कानून के तहत सख्त अपराध है. ऐसा करते पकड़े जाने पर न सिर्फ जेल हो सकती है बल्कि भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.

इसके अलावा, गूगल पर अश्लील या प्रतिबंधित कंटेंट से जुड़े कीवर्ड डालना भी जोखिम भरा हो सकता है. नाबालिगों से संबंधित पोर्नोग्राफी सर्च करना भारतीय कानून के तहत सख्त अपराध है. ऐसा करते पकड़े जाने पर न सिर्फ जेल हो सकती है बल्कि भारी जुर्माना भी भरना पड़ सकता है.

एक और गलती जो लोग अक्सर कर बैठते हैं वह है किसी व्यक्ति, संस्था या धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें सर्च करना या कंटेंट शेयर करना. यह साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है और इस पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है. ऐसे मामलों में सोशल मीडिया और गूगल दोनों की सर्च हिस्ट्री जांची जाती है.

एक और गलती जो लोग अक्सर कर बैठते हैं वह है किसी व्यक्ति, संस्था या धर्म के खिलाफ अपमानजनक बातें सर्च करना या कंटेंट शेयर करना. यह साइबर क्राइम की श्रेणी में आता है और इस पर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है. ऐसे मामलों में सोशल मीडिया और गूगल दोनों की सर्च हिस्ट्री जांची जाती है.

गूगल पर बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी नोट बनाने के तरीके या हैकिंग ट्रिक्स सर्च करना भी बेहद खतरनाक है. यह सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में आता है और साइबर पुलिस तुरंत अलर्ट हो जाती है. कई बार तो संदिग्ध सर्च करने वालों को ट्रैक कर तुरंत गिरफ्तार भी कर लिया जाता है.

गूगल पर बैंकिंग फ्रॉड, फर्जी नोट बनाने के तरीके या हैकिंग ट्रिक्स सर्च करना भी बेहद खतरनाक है. यह सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में आता है और साइबर पुलिस तुरंत अलर्ट हो जाती है. कई बार तो संदिग्ध सर्च करने वालों को ट्रैक कर तुरंत गिरफ्तार भी कर लिया जाता है.

इसलिए याद रखिए कि गूगल आपका दोस्त ज़रूर है लेकिन यह कानून से ऊपर नहीं. इंटरनेट पर कुछ भी टाइप करने से पहले सोचें कि कहीं वह आपको मुश्किल में तो नहीं डाल देगा. सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट यूज़ ही सबसे बेहतर विकल्प है. ऐसे में गूगल का इस्तेमाल हमेशा जानकारी और सीखने के लिए करें न कि अवैध या संदिग्ध गतिविधियों के लिए. वरना लापरवाही में किया गया एक सर्च आपकी जिंदगी को मुश्किल बना सकता है और पुलिस आपके घर तक पहुंच सकती है.

इसलिए याद रखिए कि गूगल आपका दोस्त ज़रूर है लेकिन यह कानून से ऊपर नहीं. इंटरनेट पर कुछ भी टाइप करने से पहले सोचें कि कहीं वह आपको मुश्किल में तो नहीं डाल देगा. सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट यूज़ ही सबसे बेहतर विकल्प है. ऐसे में गूगल का इस्तेमाल हमेशा जानकारी और सीखने के लिए करें न कि अवैध या संदिग्ध गतिविधियों के लिए. वरना लापरवाही में किया गया एक सर्च आपकी जिंदगी को मुश्किल बना सकता है और पुलिस आपके घर तक पहुंच सकती है.

Published at : 27 Aug 2025 01:47 PM (IST)

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ढाई साल की राहा ने खीचीं मॉम आलिया भट्ट की शानदार फोटो, देखकर लोग यकीन नहीं कर पा रहे

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आलिया भट्ट अपनी फिटनेस का खास ध्यान रखती हैं. बेटी राहा के जन्म के बाद वो एकदम फिट अवतार में वापस आ गई हैं. आलिया ने राहा को नवंबर 2022 में जन्म दिया था और उसके जन्म के कुछ समय बाद ही उन्होंने अपना फिटनेस रूटीन फॉलो करना शुरू कर दिया था. आलिया वर्कआउट के साथ गेम्स भी खेलती हैं ताकि वो फिट रह सकें. आलिया अक्सर अपने वर्कआउट की फोटोज और वीडियो फैंस के लिए शेयर करती रहती हैं. इस बार आलिया के ट्रेनर ने उनकी वर्कआउट करते हुए फोटोज शेयर की हैं. जिसमें से एक फोटो उनकी बेटी राहा ने क्लिक की है.

रणबीर और आलिया की छोटी राहा अब अपनी मम्मा की पर्सनल फोटोग्राफर बनती जा रही हैं. वो आलिया के साथ उनके वर्कआउट सेशन में भी जाती हैं. आलिया के ट्रेनर करण ने एक्ट्रेस के वर्कआउट की फोटोज शेयर की हैं.

राहा बनी मम्मा की फोटोग्राफर
करण ने पहले आलिया के साथ एक मिरर सेल्फी शेयर की है और दूसरी फोटो में वो वर्कआउट कर रही हैं. करण ने फोटो शेयर करते हुए लिखा- ‘पहली फोटो में आलिया भट्ट ने 40 मिनट का पुल सेशन बहुत ही शानदार किया. राहा की फोटोग्राफी स्किल्स देखने के लिए स्वाइप करें.’ 


फैंस हुए इंप्रेस
करण के पोस्ट पर फैंस ढेर सारे कमेंट कर रहे हैं. एक ने लिखा- राहा के फोटोग्राफी स्किल्स शानदार हैं. दूसरे ने लिखा- राहा को ये अपने पापा से मिले हैं. एक ने लिखा- वाओ, बेबी फोटोग्राफर राहा.

बता दें रणबीर कपूर भी बहुत अच्छी फोटोग्राफी करते हैं. रणबीर सोशल मीडिया पर नहीं हैं लेकिन आलिया अक्सर उनकी क्लिक की हुई फोटोज शेयर करती रहती हैं. राहा भी अब अपने पापा की तरह बनती जा रही हैं.

वर्कफ्रंट की बात करें तो आलिया भट्ट जल्द ही संजय लीला भंसाली की फिल्म लव एंड वॉर में नजर आने वाली हैं. इस फिल्म में उनके साथ रणबीर कपूर और विक्की कौशल लीड रोल में नजर आएंगे.

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बंदर की तरह उछलकूद करने लगे इंसान? सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा यह अजीबोगरीब ट्रेंड

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अगर आप किसी इंसान को सड़क पर या जंगल में चारों हाथ-पैरों पर दौड़ते, कूदते और पेड़ों पर बंदरों की तरह चढ़ते देखें, तो क्या सोचेंगे? पहले तो यही लगेगा कि शायद कोई वीडियो मजाक के लिए बनाया गया है या किसी फिल्म की शूटिंग चल रही है. लेकिन यह सच्चाई है कि आजकल सोशल मीडिया पर ऐसे वीडियो बड़ी संख्या में वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में महिलाएं और पुरुष जानवरों की तरह दौड़ते, छलांग लगाते और पेड़ों पर चढ़ते नजर आ रहे हैं.

इस अजीब लेकिन तेजी से फेमस हो रहे ट्रेंड को क्वाड्रोबिक्स नाम दिया गया है. यह कोई मस्ती-मजाक नहीं, बल्कि एक नई तरह का फिटनेस ट्रेंड है, जिसमें इंसान अपने शरीर को बिलकुल जानवरों की तरह यूज करता है. अपने हाथ-पैरों का यूज करके दौड़ना, कूदना, रेंगना और यहां तक कि पेड़ों पर चढ़ना जैसी चीजें करता है. ऐसे में लोग इसको लेकर कई तरह के सवाल कर रहे हैं? तो चलिए जानते हैं कि क्यों इंसान बंदर की तरह उछल कूद करने लगे और यह अजीबोगरीब ट्रेंड सोशल मीडिया पर खूब वायरल कैसे हो रहा है. 

अजीबोगरीब ट्रेंड सोशल मीडिया पर वायरल 

क्वाड्रोबिक्स शब्द दो हिस्सों से बना है. पहला क्वाड और दूसरा एरोबिक्स. इसका मतलब है ऐसा वर्कआउट जिसमें शरीर के चारों अंगों. दो हाथ और दो पैर का एक साथ यूज किया जाए. इसमें इंसान जानवरों की तरह व्यवहार करता है जैसे भालू की तरह रेंगना, बिल्ली की तरह फुर्तीले तरीके से कूदना और बंदर की तरह पेड़ों पर चढ़ना. यह सुनने में भले ही बच्चों का खेल लगे, लेकिन करने में यह एक बहुत ही मुश्किल वर्कआउट है, जिससे पूरे शरीर की मांसपेशियों पर गहरा असर पड़ता है. 


कैसे शुरू हुआ ये अजीबोगरीब ट्रेंड?

इस ट्रेंड की शुरुआत बेल्जियम में जन्मी डॉक्यूमेंट्री फिल्म निर्माता एलेक्सिया क्राफ्ट डे ला सॉल्क्स ने की थी. साल 2021 में, जब वो स्पेन के जंगलों में एक फिल्म के लिए रिसर्च कर रही थीं, तो उन्होंने एक ऐसे व्यक्ति के बारे में सुना जो जंगलों में टार्जन की तरह रहता था. चारों पैरों पर चलता, दौड़ता और पेड़ों पर चढ़ता था. इस व्यक्ति का नाम विक्टर मैनुअल फ्लेइट्स एस्कोबार था, जो टार्जन मूवमेंट नाम के एक प्रिमिटिव एक्सरसाइज मेथड का संस्थापक है. एलेक्सिया ने विक्टर से संपर्क किया और उनके साथ ट्रेनिंग लेना शुरू किया और फिर दोनों ने मिलकर इस अजीब लेकिन अनोखे मूवमेंट को नया नाम क्वाड्रोबिक्स दिया.

यह शुरुआत में खेल जैसा लगता है, लेकिन जैसे-जैसे इसे करने की स्पीड और समय बढ़ता है, यह एक हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट बन जाता है. एलेक्सिया ने बताया कि पहले छह महीने उन्हें रोज थकान और दर्द महसूस होता था. धीरे-धीरे उनके शरीर में गजब का बदलाव आया, जैसे मजबूत मसल्स, फिट बॉडी और नेचुरल सिक्स-पैक. वहीं अब टिकटॉक, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर हजारों लोग इस ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं. बहुत से लोग इसे अपनाकर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं. 

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ट्रंप के टैरिफ का खौफ, 2800 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने वाली थी कंपनी; अब प्लान हो सकता है चेंज

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Veritas Finance IPO: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर लगाया गया 50 परसेंट का भारी-भरकम टैरिफ आज से लागू हो गया है. इसका असर देश के कई सेक्टरों पर देखने को मिल सकता है. इससे शेयर बाजार में भी गिरावट की आशंका है. इसे भांपते हुए : MSME लेंडर वेरिटास फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड ने अपने 2,800 करोड़ रुपये के आईपीओ को कुछ समय तक के लिए टाल दिया है.

ट्रंप ने पहले भारत पर 25 परसेंट का बेसलाइन टैरिफ लगाया था और अब रूस से तेल की खरीद को लेकर 25 परसेंट का टैरिफ और लाद दिया. यानी कि अब भारत से अमेरिका भेजे जाने वाले सामानों पर 50 परसेंट टैरिफ वसूला जाएगा. देश के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) सेक्टर पर इसके असर की चिंताओं के मद्देनजर वेरिटास फाइनेंस फिलहाल के लिए इसे टाल दिया है. जबकि सूत्रों के मुताबिक, यह नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनी इसी महीने अपना आईपीओ लेकर आने वाली थी. 

दबाव में देश का MSME सेक्टर 

अमेरिका के भारी-भरकम टैरिफ का खामियाजा देश के MSME सेक्टर को भुगतना पड़ेगा, जो देश की एक्सपोर्ट इकोनॉमी की रीढ़ की हड्डी है. रेटिंग एजेंसी क्रिसिल के मुताबिक, भारत के MSME सेक्टर का दायरा कपड़े से लेकर रत्न एवं आभूषण, सीफूड और केमिकल जैसे कई प्रमुख क्षेत्रों में फैला हुआ है. इनकी एक्सपोर्ट कैपेसिटी भी 70 परसेंट से ज्यादा है. अब ये सभी टैरिफ के दायरे में हैं. जैसे कि तमिलनाडु के तिरुप्पुर में कई छोटे-बड़े कपड़ा निर्माता हैं, जो कम मार्जिन पर काम करते हैं.

इनपुट या लॉजिस्टिक पर आने वाले खर्च में थोड़ी-बहुत ऊंच-नींच भी इनके प्रोडक्शन को पटरी से उतार सकती है. इसी तरह से सूरत में हीरे के कई कारोबारी है, पानीपत में घरेलू वस्त्र के कई उद्योग हैं, मोरबी में चीनी मिट्टी की छोटी-बड़ी इंडस्ट्रीज हैं, जो ट्रंप के 50 परसेंट वाले को लेकर बेहद संवेदनशील हैं क्योंकि अमेरिका इनका सबसे बड़ा एक्सपोर्ट मार्केट है. टैरिफ से ये अपने प्रतिद्वंदियों से पिछड़ सकते हैं. 

अप्रैल में मिली थी आईपीओ के लिए मंजूरी 

वेरिटास फाइनेंस शहरों और कस्बों में बसे एमएसएमई को लोन मुहैया कराता है. साथ ही यह गांवों में छोटे-मोटे कारोबार के लिए भी बिजनेस लोन देता है. वेरिटास अपने आईपीओ के जरिए लगभग 2,800 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी. इसमें 600 करोड़ रुपये के नए शेयरों के साथ-साथ  2200 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) शामिल रह सकता है.

वेरिटास को अप्रैल में अपने आईपीओ के लिए सेबी की मंजूरी मिल गई थी, जो अगले 12 महीने के लिए वैलिड है. सूत्रों के मुताबिक, हो सकता है कि साल की दूसरी छमाही में वेरिटास आईपीओ को लॉन्च करने के बारे में दोबारा सोचें. दरअसल, ट्रंप के लगाए गए टैरिफ की वजह से MSME सेक्टर की जरूरतों को पूरा करने वाली NBFC को बाजार में अपने भविष्य को लेकर कुछ बेचैनी दिख रही है. 

 

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