iPhone 17 Series लॉन्च होने की तारीख आई सामने! कंपनी की चूक से हुआ खुलासा, इस दिन होगा इवेंट

[ad_1]

iPhone 17 Series: टेक दिग्गज ऐप्पल जल्द ही अपनी नई आईफोन 17 लाइनअप लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. अब कंपनी की एक चूक से इस लाइनअप की लॉन्च डेट का खुलासा हो गया है. दरअसल, कंपनी ने ऐप्पल टीवी ऐप में एक इवेंट इनवाइट पोस्ट किया था. इस पर नई आईफोन सीरीज को लॉन्च करने की तारीख लिखी हुई थी. हालांकि, थोड़ी ही देर बाद कंपनी ने इस पोस्ट को डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक यह पता चल चुका था कि ऐप्पल अगले नए डिवाइस किस डेट को लाने वाली है. 

किस तारीख को लॉन्च होंगे नए आईफोन?

ऐप्पल के इवेंट इनवाइट के अनुसार, कंपनी 9 सितंबर को नई लाइनअप लॉन्च करेगी. आमतौर पर ऐप्पल अगस्त महीने के अंत तक अपने इवेंट का ऐलान करती है. ऐसे में इवेंट की तारीख का खुलासा करना कंपनी की चूक भी हो सकती है या एक सोची-समझी रणनीति भी हो सकती है. हालांकि, कंपनी की तरफ से अभी तक आधिकारिक तौर पर लॉन्च डेट का ऐलान नहीं किया गया है. 

कंपनी लॉन्च करेगी 4 नए आईफोन

ऐप्पल हर साल सितंबर में अपनी नई सीरीज के आईफोन लॉन्च करती है और टेक जगह को इस लॉन्च इवेंट का बेसब्री से इंतजार रहता है. अभी तक कंपनी ने आधिकारिक तौर पर अपनी पेशकश को लेकर कुछ नहीं कहा है, लेकिन रिपोर्ट्स और लीक्स से यह पता चल चुका है कि ऐप्पल इस बार चार नए आईफोन पेश करेगी. नई लाइनअप में आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स शामिल होंगे. आईफोन के साथ इस इवेंट में ऐप्पल वॉच और नेक्स्ट जेन एयरबड्स भी लॉन्च होने की उम्मीद की जा रही है.

प्लस मॉडल की जगह लेगा आईफोन 17 एयर

ऐप्पल इस बार आईफोन लाइनअप से प्लस मॉडल को हटाकर उसकी जगह आईफोन 17 एयर लॉन्च करेगी. यह कंपनी का अब तक का सबसे पतला आईफोन होगा. इसकी कीमत प्लस मॉडल की तुलना में थोड़ी ज्यादा रह सकती है. ऐसे अनुमान है कि इसे लगभग 94,900 रुपये की कीमत पर बाजार में उतारा जा सकता है.

[ad_2]

बहन इसकी तो मत उतार! दूल्हे की नजर उतार रही महिला के मजे लेने लगे यूजर्स- वीडियो देखा क्या?

[ad_1]

शादी में सजना-संवरना आम बात है, लेकिन जब नजरबट्टू खुद दूल्हा बन जाए तो सोशल मीडिया पर हंसी के ठहाके लगना तय है. एक ऐसा ही वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें दूल्हा-दुल्हन शादी के मंडप में तैयार खड़े हैं और एक दीदी बड़ी ही भक्ति और गंभीरता से नजर उतार रही हैं. लेकिन कैमरा जैसे ही दूल्हे की तरफ जाता है तो लोग अपनी हंसी रोक नहीं पा रहे. वजह? दुल्हन की दमकती रंगत और भारी मेकअप के बीच दूल्हा थोड़ा ‘रॉ’ लुक में नजर आ रहा है. अब आमतौर पर लोग बुरी नजर से बचाने के लिए काले टीके या नींबू-मिर्च का सहारा लेते हैं, लेकिन यहां तो लोग कह रहे हैं ‘भाभी जी को नजर से बचाना ठीक है, लेकिन जीजाजी तो पहले से ही सेफ हैं.’

दूल्हे की नजर उतारती दीदी से आप भी हो जाएंगे खफा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में एक शादी का सीन दिखाई देता है जिसमें दूल्हा और दुल्हन एकसाथ मंच पर खड़े हैं. दुल्हन भारी ज्वेलरी, गजब के मेकअप और चमचमाते लहंगे में बेहद खूबसूरत दिख रही हैं, जबकि दूल्हा अपने सिंपल लुक और हल्के कॉम्प्लेक्शन के कारण इंटरनेट का ध्यान खींच लेता है. तभी एक महिला, जिन्हें लोग वीडियो में ‘दीदी’ कह रहे हैं, गंभीरता से दोनों की नजर उतारती हैं. लेकिन इस प्रक्रिया को देखकर सोशल मीडिया यूजर्स हंस-हंस कर लोटपोट हो रहे हैं. दरअसल, दूल्हा और दुल्हन की जोड़ी आपस में बेमेल दिखाई दे रही है और दूल्हे के लुक को लेकर उसकी नजर उतारना यूजर्स को रास नहीं आ रहा है. वीडियो को brohhhhh_999 नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है.


यह भी पढ़ें: सुसाइड करने जा रही थी लड़की, गार्ड्स ने बाल पकड़कर ऐसे बचाई जान; देखें हैरान करने वाला VIDEO

यूजर्स जमकर ले रहे मजे

कुछ यूजर्स ने लिखा, “दीदी जीजाजी की क्यों नजर उतार रही हो, वो तो खुद ही बुरी नजर से बचाने के लिए काफी हैं.” तो किसी ने लिखा, “इतनी नजरें तो दुल्हन पर नहीं जितनी लोगों की जीजा जी के कॉन्फिडेंस पर टिकी हैं.” हालांकि इस वीडियो में किसी की बुराई करने का मकसद नहीं है, बल्कि लोग इसे एक हल्के-फुल्के मजेदार पल के रूप में देख रहे हैं. कई लोग यह भी कह रहे हैं कि असली जोड़ी वही होती है जिसमें प्यार नजर आए और ये कपल एक-दूसरे के साथ बेहद खुश नजर आ रहा है. वीडियो पर लगातार हजारों लाइक्स और कमेंट्स आ रहे हैं और यह क्लिप अब इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर छा गया है.

यह भी पढ़ें: Viral: वेज की जगह आ गया नॉनवेज सूप, फिर UPSC टीचर ने जो किया जानकर आप भी करेंगे तारीफ


ट्रंप दिखाते रहे आंख इधर भारत ने रूस के साथ कर डाली कई बड़ी डील, पलट गया पूरा गेम

[ad_1]

भारत और रूस ने अपने द्विपक्षीय व्यापार को संतुलित तरीके से बढ़ाने और ऊर्जा सहयोग को बनाए रखने का गुरुवार (21 अगस्त 2025) को संकल्प लिया और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गैर-शुल्क (टैरिफ) बाधाओं और नियामक अड़चनों को तेजी से दूर करने की आवश्यकता को रेखांकित किया. दोनों देशों की तरफ से रूस को भारतीय निर्यात बढ़ाने सहित द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने का यह संकल्प, व्यापार और टैरिफ पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों में बढ़ती दूरी के बीच लिया गया है.

जयशंकर ने अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव के साथ व्यापक वार्ता के बाद संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘हमारा मानना ​​है कि भारत और रूस के बीच संबंध द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद दुनिया के सबसे प्रमुख संबंधों में से एक रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘भू-राजनीतिक स्थिति, जन भावनाएं और नेतृत्व संपर्क इसके प्रमुख प्रेरक बने रहेंगे.’’ जयशंकर, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की नवंबर या दिसंबर में होने वाली भारत यात्रा के अलग-अलग पहलुओं को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार (19 अगस्त) को मॉस्को पहुंचे.

द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने का लक्ष्य
लावरोव के साथ बातचीत में  जयशंकर ने कहा, ‘‘आज हमारी बैठक के लिए वैश्विक संदर्भ उभरती भू-राजनीतिक स्थिति, बदलते आर्थिक और व्यापार परिदृश्य है और हमारा साझा लक्ष्य हमारी पूरकता को अधिकतम करना है.’’ जयशंकर और लावरोव ने आतंकवाद से निपटने के तरीकों पर भी विचार-विमर्श किया. जयशंकर ने कहा, ‘‘आतंक के मुद्दे पर, हमने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ संयुक्त रूप से लड़ने का संकल्प लिया.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैंने आतंकवाद को कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाने के भारत के दृढ़ संकल्प और सीमा पार आतंकवाद से अपने नागरिकों की रक्षा करने के हमारे संप्रभु अधिकार से अवगत कराया.’’ जयशंकर की टिप्पणियों से ऐसा प्रतीत हुआ कि उनकी बातचीत का मुख्य केंद्र द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देना है.

द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करने की कोशिश
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘हमने रूस को भारत के निर्यात को बढ़ाने समेत, संतुलित और टिकाऊ तरीके से द्विपक्षीय व्यापार का विस्तार करने की अपनी साझा महत्वाकांक्षा की पुष्टि की.’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसके लिए गैर-शुल्क बाधाओं और नियामक बाधाओं को तुरंत दूर करने की आवश्यकता है. फार्मास्यूटिकल, कृषि और वस्त्र जैसे क्षेत्रों में रूस को भारतीय निर्यात बढ़ाने से निश्चित रूप से मौजूदा असंतुलन को दूर करने में मदद मिलेगी.’’जयशंकर ने कहा, ‘‘उर्वरकों की दीर्घकालिक आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए गए. भारतीय कुशल श्रमिक, विशेष रूप से आईटी, निर्माण और इंजीनियरिंग क्षेत्र में रूस की श्रम आवश्यकताओं को पूरा कर सकते हैं और सहयोग को प्रगाढ़ कर सकते हैं.’’ उन्होंने कहा कि व्यापार और निवेश के माध्यम से ऊर्जा सहयोग को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है.

रूसी सेना में सेवा दे रहे भारतीयों का मुद्दा 
विदेश मंत्री ने रूसी सेना में सेवा दे रहे कुछ भारतीयों का मुद्दा भी उठाया.उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, कई लोगों को रिहा कर दिया गया है, फिर भी कुछ मामले लंबित हैं और कुछ लोग लापता हैं. हमें उम्मीद है कि रूसी पक्ष इन मामलों को शीघ्रता से सुलझाएगा.’’बैठक में जयशंकर और लावरोव ने वैश्विक शासन में सुधार के लिए भारत और रूस की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की. दोनों पक्षों ने यूक्रेन, पश्चिम एशिया और अफग़ानिस्तान में स्थिति पर भी विचार-विमर्श किया. जयशंकर ने कहा, ‘‘मैं कहना चाहता हूं कि भारत का दृष्टिकोण मतभेदों को सुलझाने के लिए बातचीत और कूटनीति को आवश्यक मानता है.’’

भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों का उल्लेख
लावरोव के साथ बैठक में विदेश मंत्री ने वर्ष के अंत में होने वाले वार्षिक भारत-रूस शिखर सम्मेलन की तैयारियों का उल्लेख किया. उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं चाहता हूं कि इन द्विपक्षीय चर्चाओं को आगे बढ़ाया जाए ताकि वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान हमें अधिकतम परिणाम प्राप्त हो सकें.’’ ऐसा माना जा रहा है कि लावरोव के साथ जयशंकर की बातचीत में भारत-रूस ऊर्जा संबंधों पर प्रमुखता से चर्चा हुई.

भारत-अमेरिका संबंधों में पैदा हुआ तनाव   
जयशंकर की यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ (शुल्क) दोगुना कर कुल 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद भारत-अमेरिका संबंधों में तनाव पैदा हो गया है. इस टैरिफ में रूसी कच्चा तेल खरीदने पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है. नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने जयशंकर की मॉस्को यात्रा पर कहा, ‘‘इस यात्रा का उद्देश्य दीर्घकालिक और वक्त की कसौटी पर कसी गई भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना है.’’ जयशंकर ने बुधवार को रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ व्यापक वार्ता की थी.ऐसा समझा जाता है कि दोनों पक्षों ने यूक्रेन संघर्ष पर भी विचार-विमर्श किया. भारत लगातार बातचीत और कूटनीति के माध्यम से रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने का आह्वान करता रहा है.

एस जयशंकर ने पुतिन से की मुलाकात
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने गुरुवार (21 अगस्त 2025) को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की. उन्होंने भारत-रूस संबंधों को और विस्तारित करने के तरीकों पर चर्चा की. यह बैठक जयशंकर की तरफ से रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ व्यापक वार्ता के कुछ घंटों बाद हुई, जिसमें दोनों देशों के बीच व्यापार संबंधों को बढ़ाने पर मुख्य रूप से ध्यान केंद्रित किया गया.  जयशंकर ने बुधवार को रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ व्यापक वार्ता की, जिसमें इस वर्ष के अंत में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ शिखर वार्ता के लिए पुतिन की भारत यात्रा की तैयारियों पर ध्यान दिया गया.

ये भी पढ़ें: चीन-पाकिस्तान की ‘आयरनक्लैड फ्रैंडशिप’, CPEC 2.0 का ऐलान, जानें क्यों भारत के लिए टेंशन वाली बात

[ad_2]

गिरते-पड़ते दूसरे गुरुवार ‘वॉर 2’ बनी 200 करोड़ी, जानें- 8 दिनों की टोटल कमाई

[ad_1]

ऋतिक रोशन, कियारा आडवाणी और जूनियर एनटीआर स्टारर फिल्म ‘वॉर 2’ एकदम फुस्स साबित हुई है. ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बेहद ठंडा परफॉर्म कर रही है. 14 अगस्त, 2025 को रिलीज़ हुई ये स्पाई थ्रिलर 2025 की मच अवेटेड बॉलीवुड फिल्म थी लेकिन ये दर्शकों का दिल जीतने मे नाकामयाब साबित हुई है. चलिए यहां जानते हैं ‘वॉर 2’ ने रिलीज के 8वें दिन यानी दूसरे गुरुवार को कितना कलेक्शन किया है?

वॉर 2’ ने रिलीज के 8वें दिन कितना किया कलेक्शन?
अयान मुखर्जी निर्देशित फिल्म ‘वॉर 2’ ने ऑफिशियली अपना पहला हफ़्ता पूरा कर लिया है लेकिन वाईआरएफ स्पाई यूनिवर्स की ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बंपर कमाई करने से चूक गई है. हालांकि ये साल  2025 की कई बॉलीवुड फिल्म को पछाड़ने में कामयाब भी रही, लेकिन ये ‘छावा’ को मात देकर नंबर 1 पोजिशन हासिल करने में फेल हो गई है.

हैरानी की बात ये है कि इस भारी भरकम बजट में बनी एक्शन पैक्ड फिल्म को वीकडेज में दर्शक नहीं मिल रहे हैं. इसी के साथ अब ये बॉक्स ऑफिस पर टिके रहने के लिए स्ट्रगल कर रही है. वहीं अब ये दूसरे हफ्ते में एंट्री कर चुकी है. इस बीच फिल्म के कलेक्शन की बात करें तो

  • ‘वॉर 2’ ने पहले हफ्ते में 199.25 करोड़ की कमाई की है.
  • जिसमें हिंदी में फिल्म ने 146.4 करोड़, तमिल में 1.55 करोड़, तेलुगु में 51.3 करोड़ का कलेक्शन रहा है.
  • वहीं सैकनिल्क की अर्ली ट्रेंड रिपोर्ट के मुताबिक ‘वॉर 2’ ने रिलीज के 8वें दिन 5 करोड़ कमाए हैं.
  • इसी के साथ ‘वॉर 2’ की 8 दिनों की कुल कमाई अब 204.25 करोड़ रुपये हो गई है.

साल की नंबर 1 फिल्म नहीं बन पाई ‘वॉर 2′
ऋतिक रोशन और जूनियर एनटीआर स्टारर ‘वॉर 2’ ने कछुए की चाल चलते हुए 8वे दिन 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया. हालांकि साल 2025 की दूसरी बॉलीवुड फिल्म है जिसने अपने शुरुआती हफ़्ते में 200 करोड़ क्लब में जगह बनाई है. हालांकि, इस फिल्म से उम्मीदें कहीं ज़्यादा थी. ये सैयारा और अन्य रिलीज़ को पछाड़ने में तो कामयाब रही, लेकिन विक्की कौशल की छावा से काफ़ी पीछे रह गई. फिल्म की कमाई जिस रफ्तार से हर दिन घट रही है उसे देखते हुए तो अब इसका छावा को मात देना नामुमकिन है.  

ये भी पढ़ें:-अरिजीत सिंह की दौलत करोड़ों में, फिर भी जीते हैं बेहद सिंपल लाइफ, जानें सब कुछ

 

 

[ad_2]

ड्रीम 11 पर गिरी ऑनलाइन गेमिंग बिल की गाज, कारोबार समेटने की तैयारी कर रही कंपनी!

[ad_1]

Dream 11: ऑनलाइन गेमिंग बिल लोकसभा के बाद कल राज्यसभा में भी पास हो गया. इसमें ई-स्पोर्ट्स को तो बढ़ावा दिया जाएगा, लेकिन रियल मनी गेम्स पर रोक लगाई जाएगी. इस बिल के पास होने का असर देश के 3.8 अरब डॉलर के गेमिंग इंडस्ट्री पर देखने को मिलेगा. अब सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, इस बिल के पास होने के साथ ही फैंटेसी गेमिंग कंपनी ड्रीम 11 अपना कारोबार समेटने की तैयारी में जुट गई है.

ऑपरेशन का कोई रास्ता नहीं बचा

सूत्रों के मुताबिक, 20 अगस्त को कंपनी ने अपने कर्मचारियों को एक इंटरनल टाउन हॉल के जरिए अपने रियल मनी गेमिंग ऑपरेशन को बंद करने की जानकारी दी थी. रियल मनी गेम्स के सालाना रेवेन्यू का 67 परसेंट हिस्सा अकेले ड्रीम 11 से आता था. 

सूत्रों के मुताबिक, ड्रीम स्पोर्ट्स के सीईओ हर्ष जैन ने अपने कर्मचारियों से कहा था कि कानून बनने के बाद ऑपरेशन को जारी रख पाने का कोई रास्ता नहीं है. ऑन-रोल और कॉन्ट्रैक्ट पर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को इस बारे में सूचित कर दिया गया है. अब कंपनी फैनकोड, ड्रीमसेटगो और ड्रीम गेम स्टूडियोज जैसे अपने दूसरे वर्टिकल्स का रूख करेगी. 

अकेले इसी प्लेटफॉर्म के दम पर खूब कमाई

यह कंपनी के किसी बड़े झटके से कम नहीं है क्योंकि अमूमन इसका 90 परसेंट से अधिक रेवेन्यू ड्रीम11 की पेड फैंटेसी कॉन्टेस्ट से आता है. 2008 में हर्ष जैन और भावित शेठ की बनाई गई इस कंपनी ने 28 करोड़ से भी ज्यादा अपने रजिस्टर्ड यूजर्स के साथ भारत के फैंटेसी स्पोर्ट्स बाजार पर अपना दबदबा कायम रखा.

कारोबारी साल 2024 में पुरुष क्रिकेट विश्व कप के दौरान कंपनी को अकेले इस प्लेटफॉर्म से 9,600 करोड़ से अधिक की कमाई हुई. फैनकोड और ड्रीमसेटगो जैसे वर्टिकल का कंट्रीब्यूशन अभी भी कुछ खास नहीं है. इससे पता चलता है कि बैन लगने से ड्रीम स्पोर्ट्स के कोर बिजनेस पर कितना असर होगा. 

अब बनेगा नया कानून 

राज्यसभा ने 21 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग विधेयक, 2025 को मंजूरी दे दी. इसी के साथ ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का रास्ता भी साफ हो चुका है. इस विधेयक को लोकसभा ने 20 अगस्त को मंजूरी दी थी.

‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक, 2025’ विधेयक को केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उच्च सदन में पेश किया. उन्होंने कहा कि यह विधेयक दो-तिहाई ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देगा, लेकिन ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाएगा, जो समाज, खासकर मध्यम वर्ग के युवाओं के लिए एक बड़ी समस्या बन गए हैं. 

ये भी पढ़ें: 

क्या Dream11 और My11Circle खेलना हो जाएगा बंद? इन प्लेटफॉर्म्स को ऑनलाइन गेमिंग बिल से खतरा

[ad_2]

NEET की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए खुशखबरी, इस साल बढ़ सकती हैं 8000 सीटें

[ad_1]

मेडिकल अभ्यर्थियों के लिए यह जरूरी खबर है. नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने वर्ष 2025 में एमबीबीएस और पीजी पाठ्यक्रमों के लिए लगभग 8000 नई सीटें जोड़ने की संभावना बताई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनएमसी के चेयरपर्सन डॉ. अभिजीत शेट ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण कार्य तेजी से चल रहा है और शीघ्र ही इन अतिरिक्त सीटों को उपलब्ध कराया जाएगा. ऐसे में नीट-यूजी या पीजी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह शानदार अवसर हो सकता है.

कब होगी काउंसलिंग?
एनएमसी के मुताबिक मेडिकल यूजी और पीजी में करीब 8000 सीटें बढ़ सकती हैं. नीट यूजी 2025 की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पहला राउंड पूरा हो गया है. अब दूसरा राउंड 25 अगस्त से शुरू होने की संभावना है.

पीजी काउंसलिंग सितंबर से शुरू होने की संभावना है क्योंकि मेडिकल कॉलेजों का निरीक्षण जारी है. इसलिए यदि आप काउंसलिंग का इंतजार कर रहे हैं तो तैयार रहें, क्योंकि सीटों में बढ़ोतरी से चयन की संभावनाएं बढ़ जाएंगी.

भारत में अभी कितनी सीटें हैं?

वर्तमान में देश में 1 लाख से ज्यादा मेडिकल सीटें हैं. MBBS में कुल 1,18,098 सीटें, जिनमें से 59,782 सरकारी कॉलेजों में और 58,316 निजी कॉलेजों में हैं. PG में कुल 53,960 सीटें, जिनमें 30,029 सरकारी और 23,931 निजी कॉलेजों की हैं. इस साल CBI जांच की वजह से कुछ यूजी सीटें कम हुई थीं लेकिन NMC का कहना है कि निरीक्षण पूरा होने के बाद सीटों की संख्या बढ़कर 8,000 या उससे अधिक हो सकती है.

क्यों की गई सीबीआई जांच

जुलाई में CBI ने स्वास्थ्य मंत्रालय NMC अधिकारियों और कुछ निजी मेडिकल कॉलेजों पर भ्रष्टाचार और नियम उल्लंघन का मामला दर्ज किया था इसी कारण नए कोर्स शुरू करने और सीटें बढ़ाने की प्रक्रिया रोक दी गई थी हालांकि अब NMC ने निरीक्षण की गति तेज कर दी है NMC चेयरमैन डॉ. अभिजीत शेट के अनुसार जल्द ही करीब 8,000 नई सीटें जोड़ी जाएंगी. यह खबर उन छात्रों के लिए बड़ी राहत है जो सीटें कम होने की आशंका से चिंतित थे.

मेडिकल एजुकेशन में बदलाव

नई सीटें जुड़ेंगी. क्वालिटी पर फोकस रहेगा. पिछले कुछ सालों में मेडिकल कॉलेजों की संख्या तेजी से बढ़ी है. 2014 से अब तक कॉलेजों की तादाद लगभग दोगुनी हो गई है. हालांकि सिर्फ संख्या बढ़ाना काफी नहीं है, पढ़ाई की क्वालिटी भी उतनी ही जरूरी है. इसी कारण NMC अब कॉलेजों में फैकल्टी, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लिनिकल सुविधाओं की जांच कर रहा है.

यह भी पढ़ें : पटना हाई कोर्ट ने स्टेनोग्राफर ग्रुप-सी भर्ती का ऐलान, जानें कब और कैसे करें आवेदन

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

[ad_2]

Ganesh Chaturthi Puja Samagri: गणेश चतुर्थी की पूजा में जरूरी है ये सामग्री, तैयार कर लें लिस्ट

[ad_1]

गणेश चतुर्थी का त्योहार भाद्रपद के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से लेकर अनंत चतुर्दशी (Anant Chaturdashi) तक चलती है. 10 दिवसीय गणेशोत्सव के दौरान पूजा पंडाल, मंदिर और घर-घर बप्पा की मूर्ति स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है. बता दें कि इस साल गणेश चतुर्थी की शुरुआथ 27 अगस्त से हो रही है, जिसका समापन 6 सितंबर 2025 को होगा.

भगवान गणेश की पूजा-उपासना के लिए गणेश चतुर्थी विशेष अवसर होता है. इसे भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में भी मनाया जाता है. गणेश चतुर्थी शुरू होने से पहले लोग पूजा-पाठ की तैयारियों में जुट जाते हैं, जिससे कि पूजा में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न है. इसी तरह पूजा में काम आने वाली सामग्रियों की सूची भी पहले से ही तैयार कर लेनी चाहिए, ताकि पूजा के दौरान किसी चीज की कमी से पूजा अधूरी न रह जाए.

यदि आप पूजा सामग्री पहले से ही तैयार रखेंगे तो स्थापना और पूजन में कोई विघ्न नहीं आएगी. इनमें से कई चीजें आप गणेश चतुर्थी के पहले भी लाकर रख सकते हैं तो वहीं फूल, माला, पत्तियां और फल-मिठाई पूजा वाले दिन या एक दिन पूर्व भी ला सकते हैं. यहां देखें गणेश पूजा के लिए जरूरी पूजा सामग्रियों की लिस्ट-

गणेश चतुर्थी पूजा सामग्री लिस्ट (Ganesh Pujan Item List)

गणेश जी की मिट्टी की प्रतिमा

पूजा का आसन या लकड़ी की चौकी

चौकी पर बिछाने के लिए लाल या पीला कपड़ा

भगवान के लिए वस्त्र, जनेऊ का जोड़ा,

मिट्टी और पीतल या तांबे का कलश,

नारियल और आम के पत्ते

अक्षत (चावल)

दूर्वा घास, केले के पत्ते, पान के पत्ते

लाल-पीले पुष्प, गेंदे का फूल और माला

धूप, दीपक, रुई, घी, कपूर और माचिस

पान, सुपारी, लौंग, इलायची

रोली, हल्दी, कुमकुम, सुपारी, पंचमेवा, लाल चंदन

प्रसाद के लिए मोदक, लड्डू और फल

पंचामृत के लिए (दूध, दही, शहद, घी और शक्कर)

शुद्ध जल और गंगाजल

शंख और घंटी

आरती की थाली

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q. गणेश चतुर्थी पूजा में सबसे जरूरी सामग्री क्या है?
A. दूर्वा की 21 पत्तियां और मोदक पूजा के लिए जरूरी है, क्योंकि ये बप्पा को प्रिय है.

Q. क्या गणेश पूजा में तुलसी चढ़ा सकते हैं?
A. नहीं, गणेश जी की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित है.

Q. क्या गणेश उत्सव में 10 दिनों का व्रत रखना होता है?
A. नहीं, आप पूजा के बाद सात्विक भोजन ग्रहण कर सकते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.a

[ad_2]

एशिया कप से पहले संजू सैमसन का बड़ा कारनामा, सगे भाई संग मिलकर मचाया धमाल; वीडियो वायरल

[ad_1]

एशिया कप 2025 से ठीक पहले संजू सैमसन एक्शन में दिखे हैं. केरल क्रिकेट लीग में अपने भाई, सैली सैमसन (Sanju Samson Brother) संग मिलकर उन्होंने बड़ा कारनामा कर दिखाया है. संजू और सैली, दोनों केरल क्रिकेट लीग में कोच्चि ब्लू टाइगर्स के लिए खेल रहे हैं, दोनों ने मिलकर मैच की पहली गेंद पर अपनी टीम के लिए पहला विकेट लिया. दोनों ने मिलकर अदानी त्रिवेंद्रम रॉयल्स के सुबिन एस को रन आउट किया.

संजू सैमसन ने भाई संग मिलकर किया कमाल

अदानी त्रिवेंद्रम रॉयल्स की टीम पहले बैटिंग करने आई. कप्तान कृष्णा प्रसाद के साथ सुबिन एस ने ओपनिंग की और सामने कोच्चि ब्लू टाइगर्स के लिए गेंदबाजी का आगाज माध्यम गति के तेज गेंदबाज सैली सैमसन (संजू सैमसन के भाई) ने किया. पहली ही गेंद पर सुबिन एस ने गेंद को ऑफ-साइड की तरफ धकेलने के बाद खतरे भरे अंदाज में रन भागा, लेकिन दूसरी ओर संजू सैमसन ने जोरदार थ्रो किया, जिसे उनके भाई सैली ने पकड़ कर सुबिन एस को गोल्डन डक का शिकार बनाया.

दोनों भाइयों की इस जुगलबंदी का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. बताते चलें कि सैली सैमसन कोच्चि ब्लू टाइगर्स के कप्तान हैं और संजू सैमसन इसी टीम के उपकप्तान हैं. बता दें कि सैमसन भारत की टी20 टीम का अभिन्न हिस्सा बने हुए हैं, जिनका एशिया कप स्क्वाड में भी चयन हुआ है.

क्या प्लेइंग इलेवन से बाहर हो जाएंगे सैमसन?

एशिया कप स्क्वाड में शुभमन गिल की एंट्री से टी20 टीम के बल्लेबाजी क्रम में उथल-पुथल मच सकती है. टीम कॉम्बिनेशन पर चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर का कहना था कि बेस्ट प्लेइंग इलेवन तैयार करना कप्तान और कोच के हाथों में होगा. वहीं दुबई पहुंचने के बाद बेहतर टीम कॉम्बिनेशन तैयार करने में आसानी होगी. अगरकर ने यह भी कहा कि शुभमन गिल और संजू सैमसन, दोनों शानदार फॉर्म में रहे हैं और अभिषेक शर्मा के रूप में भी टीम के पास बढ़िया विकल्प है.

यह भी पढ़ें:

एशिया कप में कैसा दिख सकता है टीम इंडिया का बेस्ट बैटिंग लाइन-अप, शुभमन गिल के कारण मचेगा बवाल; जानें क्यों



[ad_2]

क्या जेलेंस्की कर देंगे पुतिन के आगे सरेंडर? यूक्रेन के राष्ट्रपति बोले- ‘कुछ समझौतों के लिए तै

[ad_1]

रूस के साथ युद्धविराम समझौते की अटकलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ‘कुछ समझौते’ करने के लिए तैयार हो गए हैं. जेलेंस्की ने कहा कि वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ किसी भी बातचीत से पहले युद्धविराम की अपनी मांग पर ‘कुछ समझौतों’ के लिए तैयार हैं, बशर्ते यूक्रेन के लिए कुछ सुरक्षा गारंटी स्थापित हो.

यूक्रेनी राष्ट्रपति का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब रूस ने अमेरिका के इस दावे का खंडन किया कि पुतिन और जेलेंस्की के बीच द्विपक्षीय बैठक की योजना चल रही है. यूक्रेन और यूरोप के कुछ सहयोगी देश लगातार युद्धविराम की मांग कर रहे हैं, जिसमें सुरक्षा गारंटी और भूमि विवाद जैसे मुद्दे शामिल हैं.

क्रेमलिन के साथ बातचीत से पहले ‘सुरक्षा गारंटी’ का इंतजार

जेलेंस्की ने कहा, ‘जो प्रारूप प्रस्तावित किया गया है, उसमें कुछ समझौते शामिल हैं. मैंने राष्ट्रपति ट्रंप से कहा कि किसी भी स्थिति में, अगर हम वाकई इस योजना को गंभीरता से लेना चाहते हैं तो युद्ध समाप्त करने की पूरी योजना बनाने के लिए हमें शांति के एक दौर की जरूरत होगी.’

मीडिया से बातचीत के दौरान बुधवार (21 अगस्त, 2025) को यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि यूक्रेन क्रेमलिन के साथ बातचीत की तारीख तय करने से पहले सात से दस दिनों के भीतर ‘सुरक्षा गारंटी ढांचे’ के स्थापित होने का इंतजार कर रहा है. इसी समझ से हमारा लक्ष्य एक त्रिपक्षीय बैठक आयोजित करना है और ये मेरा तर्क है. ट्रंप के बयानों का जिक्र करते हुए यूक्रेनी राष्ट्रपति ने कहा कि ट्रंप, पुतिन और जेलेंस्की के बीच आखिर में एक बैठक होगी.

यूक्रेनी सेना को सुरक्षा गारंटी की जरूरत

हालांकि यूक्रेन, अमेरिका के साथ अमेरिकी हथियारों पर लगभग 90 अरब डॉलर खर्च कर सुरक्षा गारंटी के लिए तैयार हो गया है. जेलेंस्की ने कहा, ‘मेरा मानना ​​है कि यह एक मजबूत हथियार समझौता किया गया है, जिसकी यूक्रेनी सेना को सुरक्षा गारंटी के हिस्से के रूप में जरूरत है.

वहीं रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बुधवार (20 अगस्त, 2025) को कहा कि क्रेमलिन ने इस्तांबुल में यूक्रेन के साथ बातचीत के लिए उच्च-स्तरीय अधिकारियों को भेजने का प्रस्ताव रखा है. हालांकि अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि रूस नेतृत्व स्तर पर बैठक का समर्थन करता है.

युद्धविराम की दिशा में कोई प्रगति नहीं

रूसी विदेश मंत्री ने तुर्की में हुई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि मास्को और कीव कैदियों की अदला-बदली पर सहमत हुए थे, लेकिन युद्धविराम की दिशा में कोई प्रगति नहीं हुई. लावरोव ने यह भी कहा कि मास्को के बिना यूक्रेन की सुरक्षा पर चर्चा करना ‘एक स्वप्नलोक और कहीं नहीं जाने वाला रास्ता’ है.

लावरोव ने आगे कहा, ‘अभी तक यूक्रेन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन सोमवार को राष्ट्रपति ट्रंप की हमारे राष्ट्रपति से बातचीत के बाद, पुतिन ने न केवल वार्ताओं को जारी रखने का प्रस्ताव रखा, बल्कि प्रतिनिधिमंडल प्रमुखों के स्तर को बढ़ाने पर भी विचार करने की बात कही.’

ये भी पढ़ें:- असम में 18 साल से ऊपर के लोगों का नहीं बनेगा आधार कार्ड, जानें हिमंता सरकार ने क्यों लिया ये फैसला

[ad_2]