GST रिफॉर्म के ऐलान भर से नहीं रुक रही रुपये की तेजी, फिर डॉलर को करेंसी के रिंग में दी पटखनी

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Rupee vs Dollar: भारतीय रुपये में हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 19 अगस्त 2025 को भी जबरदस्त तेजी देखी गई. कारोबार की शुरुआत होते ही डॉलर के मुकाबले रुपया 19 पैसे की उछाल के साथ 87.20 के स्तर पर पहुंच गया. विदेशी मुद्रा कारोबारियों का कहना है कि पीएम मोदी द्वारा जीएसटी रिफॉर्म समेत कर सुधारों को लेकर किए गए ऐलान का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ा है. यही वजह है कि रुपया अपने मौजूदा स्तर से ऊपर बना हुआ है.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि केंद्र ने जीएसटी सुधारों का मसौदा राज्यों के बीच वितरित किया है और दिवाली से पहले प्रस्ताव को लागू करने के लिए उनसे सहयोग मांगा गया है. प्रस्तावित ‘दो स्लैब’ वाली व्यवस्था को यदि जीएसटी परिषद की मंजूरी मिल जाती है, तो यह माल एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था में मौजूदा चार ‘स्लैब’ की जगह ले लेगी और 12 प्रतिशत एवं 28 प्रतिशत वाले ‘स्लैब’ समाप्त हो जाएंगे.

मजबूत हुआ रुपया
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार (Inter Bank Foreign Exchange Market) में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 87.24 पर खुला. उसके बाद यह 87.20 पर पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 19 पैसे की बढ़त दर्शाता है. एक दिन पहले सोमवार को अमेरिकी डॉलर की तुलना में भारतीय रुपया 87.39 पर बंद हुआ था. इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर इंडेक्स 0.05 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.21 पर आ गया.

शेयर बाजार में तेजी
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 203.44 अंक चढ़कर 81,477.19 अंक पर और निफ्टी 53.4 अंक की बढ़त के साथ 24,930.35 अंक पर पहुंच गया. वहीं, अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.44 प्रतिशत फिसलकर 66.31 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा. शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) सोमवार को लिवाल रहे और उन्होंने शुद्ध रूप से 550.85 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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रेस्टोरेंट में बैठा फूड रिव्यू कर रहा था कपल, तेज रफ्तार कार ने मार दी टक्कर- वीडियो वायरल

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विदेशी फूड व्लॉगर कपल अपने कैमरे के सामने बैठकर बड़े ही आराम से खाने का रिव्यू कर रहा था. मेज पर सजा था तरह-तरह का खाना और उनके चेहरे पर वही मुस्कान जो हर व्लॉगर अपने दर्शकों को दिखाना चाहता है. लेकिन तभी जो हुआ उसने पूरे माहौल को मिनटों में हंसी से दहशत में बदल दिया. रेस्टोरेंट के बाहर से आती हुई एक कार अचानक तेज रफ्तार में बेकाबू हुई और सीधी आकर उसी कांच से टकरा गई जिसके पीछे ये कपल बैठकर अपना वीडियो शूट कर रहा था. इसके बाद का मंजर बड़ा ही भयावह था जिसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

रेस्टोरेंट में फूड रिव्यू कर रहे कपल को तेज रफ्तार कार ने मारी टक्कर

टक्कर इतनी जोरदार थी कि पल भर में वहां अफरा-तफरी मच गई. कांच टूटने की आवाज के साथ ही कपल घबराकर अपनी सीट से उछल पड़ा और टेबल के नीचे जा गिरा. वीडियो में उस वक्त का डर साफ नजर आता है जब कुछ सेकंड पहले तक हंसी-मजाक और खाने का टेस्ट डिस्कस कर रहे व्लॉगर अचानक हादसे के बीच फंस गए. रेस्टोरेंट में मौजूद लोग भी चीखते-भागते दिखे और कैमरे में कैद हुआ ये मंजर अब सोशल मीडिया पर ताबड़तोड़ वायरल हो गया है. कपल बड़े आराम से वहां बैठा बर्गर खा रहा था, लेकिन जैसे ही पहला बाइट उसने चखा वैसे ही तेज रफ्तार कार ने धावा बोल दिया और हर जगह दहशत के साथ अफरा तफरी मच गई.


उछलकर नीचे गिरा कपल

वीडियो में साफ दिख रहा है कि कार की भिड़ंत इतनी तेज थी कि कपल को एक पल के लिए भी संभलने का मौका नहीं मिला और सब कुछ वहीं धरा का धरा रह गया. पूरा वीडियो फ्रेम टक्कर के बाद कांच ही कांच से भर गया और कपल असंतुलित होकर चेयर से नीचे गिर गया. वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल होने में वक्त नहीं लगा. अब यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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घबरा गए यूजर्स

वीडियो को ninaunrated नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा….हे भगवान ये कितना भयावह था. एक और यूजर ने लिखा…हादसा कभी भी हो सकता है, इंसान कहीं भी सुरक्षित नहीं है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कितना खतरनाक सीन है, क्या हाल हुआ होगा बेचारों का.

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वाह ये डॉग लवर… MCD वाले ले जा रहे थे कुत्ते, शख्स ने खोल दी वैन की कुंडी; वीडियो वायरल

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कैसा हो कि सड़क पर एक वैन खड़ी हो और उसमें मासूम कुत्ते बैठे हों जिन्हें वैक्सीनेशन के लिए शेल्टर ले जाया जा रहा हो. माहौल बिल्कुल नॉर्मल हो, लेकिन तभी फिल्मी अंदाज में बाइक से एक शख्स एंट्री मारे और ऐसा कारनामा कर जाए कि देखने वाले दंग रह जाएं. जी हां, सोशल मीडिया पर इस वक्त एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें खुद को डॉग लवर बताने वाला शख्स कुत्तों को छुड़ाने के मिशन पर उतर आता है. लेकिन इस तरह की हरकतें गैर जिम्मेदाराना है और विभाग की कार्रवाई में अड़ंगा लगाती हैं. वीडियो देखने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स खासे नाराज दिखाई दे रहे हैं.

डॉग वैन का गेट खोलकर भाग गया कथित डॉग लवर!

वीडियो में साफ दिखता है कि जैसे ही डॉग वैन सड़क किनारे खड़ी थी, तभी बाइक से आया शख्स फटाफट उतरता है और बड़ी चालाकी से वैन की कुंडी बाहर से खोल देता है. कुंडी खुलते ही अंदर बैठे कुत्तों में से एक फुर्ती से बाहर कूद जाता है और मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है. हैरानी की बात ये है कि शख्स कुंडी खोलने के बाद बिना रुके तुरंत बाइक पर बैठकर वहां से फरार हो जाता है. सोशल मीडिया पर इस वीडियो को देखकर लोग दो हिस्सों में बंट गए हैं.

कुछ कह रहे हैं कि ये शख्स सच्चा एनिमल लवर है जिसने मासूम जानवर को आजाद किया, तो वहीं दूसरे लोग इसे लापरवाही बताते हुए कह रहे हैं कि वैक्सीनेशन जानवरों के लिए जरूरी है, ऐसे में ये हरकत खतरनाक भी साबित हो सकती है. कुल मिलाकर, ये वीडियो इंटरनेट पर ताबड़तोड़ वायरल हो गया है और लोग अब इसे “डॉग वैन वाली कहानी” नाम देकर शेयर कर रहे हैं.

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भड़क गए यूजर्स, बोले इसका भी वैक्सीनेशन जरूरी

वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…ऐसे लोगों का भी वैक्सीनेशन जरूरी है. एक और यूजर ने लिखा…ये लोग खुद को डॉग लवर कहते हैं लेकिन ये पूरी इंसानियत के लिए खतरा है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…इसे पकड़कर जेल भेज देना चाहिए. MCD किसी कुत्ते के साथ गलत नहीं करती है तो फिर ये हरकत क्यों?

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भारत में पहली बार बनेंगे iPhone 17 Series के सभी मॉडल, अमेरिका में भी बिकेगा मेड इन इंडिया आईफो

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ऐप्पल अगले महीने अपनी नई आईफोन 17 सीरीज लॉन्च करेगी. इसमें आईफोन 17, आईफोन 17 एयर, आईफोन 17 प्रो और आईफोन 17 प्रो मैक्स शामिल होंगे. बताया जा रहा है कि इस चारों आईफोन्स का प्रोडक्शन भारत में होगा. यह पहली बार होगा, जब ऐप्पल अपनी सीरीज के सभी मॉडल का प्रोडक्शन भारत में करने जा रही है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका में बिक्री के पहले दिन से ही भारत में बने आईफोन उपलब्ध होंगे. 

5 संयंत्रों में होगा प्रोडक्शन

भारत में घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ऐप्पल आईफोन 17 का प्रोडक्शन भारत के 5 संयंत्रों में करेगी. पहले से चल रहे संयंत्रों के साथ-साथ हाल ही में ऑपरेशनल हुए फॉक्सकॉन के बेंगलुरू संयंत्र और टाटा ग्रुप के तमिलनाडु के होसुर संयंत्र में भी इस मॉडल का प्रोडक्शन किया जाएगा. इसी के साथ यह पहली बार होगा, जब ऐप्पल अपने नए मॉडल का प्रोडक्शन भारत में कर उन्हें दूसरे देशों में बेचेगी. बता दें कि अमेरिकी कंपनी पिछले काफी समय से चीन पर अपनी निर्भरता कम कर रही है और इसी कड़ी में वह भारत में अपना प्रोडक्शन बढ़ा रही है.

टाटा ग्रुप की भूमिका रहेगी अहम

भारत में ताइवानी कंपनी फॉक्सकॉन ऐप्पल की बड़ी कॉन्ट्रैक्टर है. अब टाटा ग्रुप भी ऐप्पल के प्रोडक्शन में अहम भूमिका निभाने जा रही है. टाटा ग्रुप अकेली भारतीय कंपनी है, जो आईफोन 17 सीरीज को असेंबल कर रही है. 2023 में टाटा ग्रुप ने विस्ट्रॉन कॉर्प के कर्नाटक स्थित प्लांट को खरीद लिया था. इसके अलावा कंपनी की चेन्नई स्थित पेगाट्रॉन के प्लांट में भी हिस्सेदारी है. रिपोर्ट्स में बताया गया है कि अगले दो सालों में भारत में बनने वाले आईफोन में आधे से अधिक टाटा ग्रुप बनाएगा.

भारत से बढ़ा आईफोन का निर्यात

भारत से अमेरिका जाने वाले आईफोन का निर्यात तेजी से बढ़ा है. 2024 में अमेरिका के स्मार्टफोन आयात का केवल 11 प्रतिशत हिस्सा भारत से गया था, लेकिन इस साल के शुरुआती पांच महीनों में यह बढ़कर 36 प्रतिशत हो गया. दूसरी तरफ चीन से अमेरिका का स्मार्टफोन आयात 82 प्रतिशत से घटकर 49 प्रतिशत रह गया है.

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युजवेंद्र से तलाक के बाद दोबारा प्यार को चांस देना चाहती हैं धनश्री वर्मा?

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युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा का ब्रेकअप 2025 के सबसे चर्चित सेलिब्रिटी ब्रेकअप में से एक था. कोर्ट में तलाक की सुनवाई के लिए जाने के दौरान भारतीय स्पिनर ने एक टी-शर्ट पहनी थी जिस पर लिखा था, “बी योर ओन शुगर डैडी”. चहल की टीशर्ट पर लिखे इस मैसेज ने सभी का ध्यान खींचा और फैंस ने इसे तुरंत उनकी एक्स वाइफ धनश्री से जोड़ा. वहीं चहल ने भी बाद में कबूल किया कि यह उनकी लाइफ के उस चैप्टर को खत्म करने से पहले उनके लिए एक आखिरी बयान भेजने का उनका तरीका था.

 अगर चहल ने अपनी टी-शर्ट से सुर्खियाँ बटोरीं, तो धनश्री को ऑनलाइन ट्रोलिंग का खामियाजा भुगतना पड़ा. नेटिज़ेंस ने उन्हें चहल से सैपरेशन के लिए दोषी ठहराया, और कई ने तो उन्हें “गोल्ड डिगर” तक कह दिया. लेकिन दबाव में टूटने के बजाय, धनश्रीवर्मा और भी मजबूत हो गई.वहीं एक इंटरव्यू में धनश्री ने आगे बढ़ने के बारे में खुलकर बात की.

क्या दोबारा प्यार को चांस देंगी युजवेंद्र चहल 
दरअसल ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे के साथ हाल ही में एक इंटरव्यू में, धनश्री ने अपने तलाक के बाद प्यार के बारे में खुलकर बात की. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह अब भी इसके लिए तैयार हैं, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के कहा, “मुझे लगता है कि हम सभी ज़िंदगी में प्यार चाहते हैं. भला कौन नहीं चाहता कि उसे प्यार मिले? हम सभी कहीं न कहीं प्यार करते हैं, हम सभी उम्मीद करते हैं, हमें उस पर भरोसा है.”

और कभी-कभी प्यार एक ऐसी चीज़ होती है जो आपको इंस्पायर भी करती है, मैं सेल्फ लव चाहती हूं क्योंकि सेल्फ लव, नंबर वन, आप जानते हैं, खुद से प्यार करें और फिर बाद में प्यार पाएं. लेकिन अगर मेरी लाइफ में आगे मेरे लिए कुछ अच्छा लिखा है, तो क्यों नहीं?” उसने प्यार को “सबसे खूबसूरत एहसास” कहा और स्वीकार किया कि वह अभी भी दिल से एक निराशाजनक रोमांटिक है.

उन्होंने कहा, “यह बहुत बॉलीवुड है, वह सब घंटी, आप पर फूल गिरना और वह सब. कौन उस एहसास को नहीं चाहता? हम सभी चाहते हैं और हम सभी को इससे गुजरना होगा. हर किसी को उस तरह का प्यार मिलना चाहिए. तो हां, यह मेरी राय है. मैं ओपन यूनिवर्स में ओपन हूं.”

 


धनश्री वर्मा और चहल की लव स्टोरी से तलाक तक की कहानी
धनश्री वर्मा और युजवेंद्र चहल की लव स्टोरी  2020 में शुरू हुई थी जब चहल ने धनश्री की ऑनलाइन डांस क्लासेस के लिए साइन अप किया. प्यार जल्दी ही गहरा गया और कुछ ही महीनों में उनकी सगाई (अगस्त 2020) और शादी (दिसंबर 2020) हो गई. लेकिन चार साल बाद, ये फेयरीटेल जैसी लव स्टोरी खत्म हो गई. मार्च 2025 में ये जोड़ी ऑफिशियली तलाक लेकर अलग हो गई थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक  चहल ने धनश्री को 4.75 करोड़ रुपये की एलिमिनी दी थी. 

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इस जगह हो सकती है ट्रंप-पुतिन और जेलेंस्की की मुलाकात! तैयारी तेज, इसलिए है ये पहली पसंद

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ट्रंप प्रशासन के अधिकारियों ने संकेत दिया है कि अमेरिका, रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों की संभावित त्रिपक्षीय शांति बैठक की मेजबानी हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट कर सकता है. यह पहल वर्षों से चल रहे रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अगले चरण की बातचीत मानी जा रही है.

अमेरिकी खुफिया एजेंसियां पहले से ही बुडापेस्ट में सुरक्षा और व्यवस्थाओं की तैयारी कर रही हैं. हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ओर्बन लंबे समय से ट्रंप के करीबी रहे हैं, जिससे इस जगह के चयन को राजनीतिक और रणनीतिक समर्थन मिलता दिख रहा है. हालांकि, सीक्रेट सर्विस के अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से अंतिम स्थान बदल भी सकता है. फिर भी बुडापेस्ट फिलहाल अमेरिका की पहली पसंद है.

किन जगहों के नाम पर हो रही है चर्चा?
रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपतियों की संभावित त्रिपक्षीय शांति बैठक के लिए मॉस्को, जिनेवा और स्विट्जरलैंड को लेकर भी चर्चा की जा रही है. इस पर राष्ट्रपति पुतिन ने मॉस्को को प्राथमिक स्थान बताया, जबकि फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों ने जिनेवा को सही जगह करार दिया है. वहीं स्विट्जरलैंड ने तटस्थता का हवाला देते हुए खुद को मेजबान बनाने की कोशिश की और यहां तक पेशकश की कि अगर बैठक वहीं होती है तो पुतिन पर लगे वॉर क्राइम के वारंट को छूट देने का रास्ता भी निकाला जा सकता है.

क्या है 1994 का बुडापेस्ट ज्ञापन?
यूक्रेन के लिए बुडापेस्ट एक संवेदनशील और असहज विकल्प है. 1994 के बुडापेस्ट ज्ञापन में अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने यूक्रेन की स्वतंत्रता, संप्रभुता और उसकी सीमाओं का सम्मान करने का वादा किया था. बदले में यूक्रेन ने अपने परमाणु हथियार छोड़ दिए थे, लेकिन 2014 में पुतिन के यूक्रेन पर हमले ने इस समझौते को अप्रासंगिक बना दिया. उस समय किसी भी  देश ने सैन्य बल से यूक्रेन की मदद नहीं की. यही वजह है कि बुडापेस्ट का नाम सुनते ही यूक्रेन के लिए यह अतीत की यादें ताजा करता है.

यूरोपीय नेताओं की भूमिका और ट्रंप की सक्रियता
जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने हाल ही में व्हाइट हाउस में जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ बैठक की. उन्होंने संकेत दिया कि पुतिन और जेलेंस्की के बीच एक बैठक कुछ हफ्तों में हो सकती है. इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया पर घोषणा की कि वे खुद पुतिन और जेलेंस्की के साथ एक त्रिपक्षीय बैठक करेंगे. अलास्का में पुतिन से उनकी हालिया मुलाकात के बाद इस पहल को नई गति मिली है.

क्या बुडापेस्ट बनेगा ऐतिहासिक समझौते का गवाह?
हालांकि तैयारी तेज है, लेकिन बैठक की सफलता अभी भी अनिश्चित है. रूस की ओर से पुतिन की अपनी शर्तें और मूल कारणों पर चर्चा की मांग है. यूक्रेन अब भी सुरक्षा और भरोसे को लेकर सतर्क है. अमेरिका इस बैठक को शांति प्रक्रिया के अंतिम चरण की तरह पेश कर रहा है.

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DRDO में वैज्ञानिक बनने के लिए इन यूनिवर्सिटी से कर सकते हैं पढ़ाई, मोटी मिलती है सैलरी

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देश की सबसे बड़ी रक्षा अनुसंधान संस्था डीआरडीओ हर उस युवा के लिए सपनों की मंजिल है, जो विज्ञान और टेक्नोलॉजी के जरिए देश की सुरक्षा को मजबूत बनाना चाहता है. अगर आपका सपना है कि आप भारत की रक्षा से जुड़ी सबसे अहम परियोजनाओं पर काम करें और वैज्ञानिक बनें, तो यह खबर आपके लिए खास है. डीआरडीओ वैज्ञानिक बनने का रास्ता आसान नहीं है, लेकिन अगर आप सही दिशा में मेहनत करें और सही संस्थानों से पढ़ाई करें, तो आपके लिए करियर के बड़े दरवाजे खुल सकते हैं.

वैज्ञानिक बनने के लिए सबसे पहले आपके पास इंजीनियरिंग या साइंस में मजबूत बैकग्राउंड होना चाहिए. भारत की कुछ चुनिंदा यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट्स ऐसे हैं, जहां से पढ़ाई करने के बाद डीआरडीओ में करियर बनाने का सुनहरा मौका मिलता है. इनमें आईआईटी (IITs), आईआईएससी बेंगलुरु (IISc), एनआईटी (NITs) जैसे संस्थान शामिल हैं. यहां से आप एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, फिजिक्स, केमिस्ट्री या अन्य टेक्निकल सब्जेक्ट्स में पढ़ाई कर सकते हैं.

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कैसे होता है चयन?

डीआरडीओ में वैज्ञानिक के पद पर भर्ती मुख्य रूप से DRDO Scientist Entry Test (SET Exam), GATE स्कोर और इंटरव्यू के जरिए होती है. अगर आप इंजीनियरिंग के किसी भी विषय से ग्रेजुएट हैं और आपके पास GATE क्वालीफिकेशन है, तो डीआरडीओ में आवेदन कर सकते हैं. वहीं, साइंस बैकग्राउंड के छात्रों को रिसर्च में बेहतर प्रदर्शन और पब्लिकेशन पर भी मौके मिलते हैं.

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कितनी सैलरी मिलती है?

डीआरडीओ वैज्ञानिकों की सैलरी सरकारी नौकरियों में सबसे आकर्षक मानी जाती है. यहां लेवल-10 से लेकर लेवल-13 तक के पे स्केल पर वैज्ञानिकों को नौकरी मिलती है. शुरुआत में वैज्ञानिक-बी (Scientist-B) पद पर चयन होने पर बेसिक सैलरी करीब 56,100 रुपये प्रति माह होती है. इसके साथ HRA, ट्रैवल अलाउंस और अन्य भत्ते जोड़कर इनकी इन-हैंड सैलरी 80,000 रुपये से ऊपर पहुंच जाती है.

जैसे-जैसे अनुभव और पद बढ़ता है, सैलरी भी तेजी से बढ़ती है. उच्च पदों पर वैज्ञानिकों को 1.3 लाख से लेकर 2 लाख रुपये तक मासिक सैलरी मिलती है. इसके अलावा सरकारी नौकरी की सुरक्षा, पेंशन, मेडिकल और रिसर्च फंडिंग जैसी सुविधाएं इस नौकरी को और आकर्षक बनाती हैं.

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5 भारतीय खिलाड़ी जो टीम में चुने तो गए लेकिन मैदान पर नहीं उतर पाएंगे, जानिए क्या है वजह

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Asia Cup 2025: एशिया कप 2025 की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने इस टूर्नामेंट के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम की घोषणा भी कर दी है. इस बार स्क्वॉड में अनुभव और युवा खिलाड़ियों का बेहतरीन संतुलन दिख रहा है. सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया है जबकि शुभमन गिल उपकप्तान की भूमिका निभाएंगे, लेकिन इस बीच चयनकर्ताओं ने ऐसे 5 खिलाड़ियों को भी शामिल किया है, जिनके पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच खेलने की संभावना बेहद कम है.

कौन हैं वो 5 खिलाड़ी?

BCCI ने मुख्य टीम के अलावा पांच खिलाड़ियों को स्टैंडबाय के तौर पर भी चुना है. इनमें तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा, ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर, युवा बल्लेबाज रियान पराग, विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल और ओपनर यशस्वी जायसवाल का नाम शामिल है.

ये खिलाड़ी क्यों नहीं खेल पाएंगे?

स्टैंडबाय खिलाड़ियों को सीधे तौर पर टीम में खेलने का मौका नहीं मिलता है. ये केवल तब मैदान पर उतर सकते हैं जब मुख्य टीम का कोई खिलाड़ी चोटिल हो जाए या टूर्नामेंट से बाहर हो गया हो. ऐसे में सामान्य हालात में इनके लिए प्लेइंग इलेवन में जगह बनाना लगभग नामुमकिन है. यही कारण है कि इस बार भी इन पांचों के इस टूर्नामेंट में डेब्यू करने की उम्मीद बेहद कम है.

फिर भी अहम हैं ये 5 खिलाड़ी

भले ही ये खिलाड़ी मेन स्क्वॉड का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन इनमें से हर एक नाम टीम इंडिया के लिए भविष्य में मैच विनर साबित हो सकता है.

प्रसिद्ध कृष्णा- अपनी तेज गेंदबाजी से मैच का रुख पलट सकते हैं.

वॉशिंगटन सुंदर- बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में संतुलन लाते हैं.

रियान पराग और यशस्वी जायसवाल- अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाने जाते हैं.

ध्रुव जुरेल- टीम में बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज बेहतरीन विकल्प हो सकते हैं.

एशिया कप 2025 के लिए भारत की मुख्य टीम

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, संजू सैमसन, हर्षित राणा, रिंकू सिंह.

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अदालत में पति पत्नी में जमकर चले लात घूंसे- बाल खींचे चांटे मारे और बना दिया भूत- वीडियो वायरल

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बांग्लादेश की अदालत का माहौल उस दिन कुछ ऐसा हो गया मानो कोर्ट रूम नहीं बल्कि रेसलिंग का अखाड़ा हो. जहां लोग केस की सुनवाई और वकीलों की दलीलें सुनने आए थे, वहीं अचानक कानों में गूंजने लगी थप्पड़ों की आवाज और आंखों के सामने दिखने लगा ऐसा नजारा जिसे देखकर किसी का भी सिर चकरा जाए. दरअसल अदालत के कॉरिडोर में एक पत्नी अपने ही पति पर इस कदर टूट पड़ी कि देखने वाले हैरान रह गए. लोग सोच रहे थे कि यहां तो कानून का डंडा चलेगा लेकिन बीवी का हाथ और मुक्का ही कानून बन गया. जो पति इंसाफ की उम्मीद में कोर्ट आया था, उसे तो अपनी बीवी से ही ऐसी सजा मिली जिसकी गूंज अब सोशल मीडिया तक पहुंच गई है.

अदालत में ही अपने पति को कूटने लगी बीवी

वीडियो में साफ नजर आता है कि महिला गुस्से से तमतमाई हुई पहले पति को जोरदार चांटा जड़ती है. इसके बाद उसके बाल पकड़कर घसीटने की कोशिश करती है और फिर बिना रुके दो-चार मुक्के भी रसीद कर देती है. पति बेचारा हाथ-पांव जोड़ता नजर आता है लेकिन गुस्से से भरी पत्नी का चेहरा किसी खूंखार शेरनी जैसा दिख रहा है जो अपने शिकार पर टूट पड़ी हो. वहां मौजूद लोग ये नजारा देखते ही रह गए और किसी को यकीन नहीं हुआ कि अदालत जैसी गंभीर जगह पर ऐसा तमाशा हो सकता है. अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है और लोग मजाक में कह रहे हैं “बीवी ने कोर्ट में ही फैसला सुना दिया और सजा तुरंत लागू कर दी”.

हंसता रहा और खाता रहा मार

वीडियो में जैसे ही पत्नी अपने पति को कूटना शुरू करती है तो आसपास खड़े लोग हैरान रह जाते हैं, लेकिन ज्यादा हैरानी तो उस वक्त हुई जब पत्नी मार खाते हुए भी हंसता दिखा, मानों लोगों को कह रहा होगा कि नई बात नहीं है, मैं जिंदगी भर यही सब देखता और सहता आया हूं. आसपास खड़े कुछ लोग गंभीर अवस्था में हैं तो कुछ पति को देख मुंह छिपाए हंस रहे हैं. वीडियो इंटरनेट पर वायरल है और यूजर्स इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

यूजर्स लेने लगे मजे

वीडियो को @gharkekalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…बेचारा कुटते हुए भी इज्जत बचाने के लिए हंस रहा है. एक और यूजर ने लिखा…ये सब क्या देखना पड़ रहा है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…कैसी खूंखार बीवी है भाई, लगता है परेशान थी काफी वक्त से.

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ऑनलाइन गेमिंग की जाल में बुरा फंसा मुंबई का कारोबारी, जीत की उम्मीद में गंवा बैठे 12 करोड़

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Online Gaming: हर चमकती हुई चीज सोना नहीं होती है, इस कहावत को जानते हुए भी हम कई बार दूर से लुभावनी लगने वाली किसी चीज के जाल में फंसकर अपना ही नुकसान कर बैठते हैं. मुंबई के एक कारोबारी के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान उसकी नजर एक ऐसे गेमिंग ऐप पर पड़ी, जिसका उस वक्त सेलेब्रिटीज खूब प्रचार कर रहे थे. चूंकि उस दौरान खाली वक्त में कारोबारी ने इसमें हाथ आजमाने का सोचा. Parimatch ऐप पर शुरू-शुरू में वह जीतता गया, तो उसका हौंसला बढ़ता गया.

चार साल में 12 करोड़ का नुकसान 

हालांकि, वक्त बीतने के साथ-साथ हालात बदलने लगे. अब उसे पहले जितनी जीत भी नहीं मिल रही थी. वह परेशान रहने लगा. आलम यह हुआ कि उसे इन चार सालों के दरमियान 12 करोड़ रुपये का नुकसान हो गया. आर्थिक तंगी की चपेट में पहले से घिरे कारोबारी पर उस वक्त मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा, जब एक साल के अंदर उनके माता-पिता को एक के बाद एक दिल का दौरा पड़ा और वह धीरे-धीरे डिप्रेशन में जाता गया. 

शराब से कम नहीं ऑनलाइन गेमिंग की लत 

गेमिंग की लत शराब से कम नहीं है. इसका दिमाग पर उतना ही असर पड़ता है, जितना नशीली दवाइयों का होता है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मनोचिकित्सक डॉ. अविनाश देसूसा कहते हैं, शुरू-शुरू इंसान चाहता है कि उसकी हर बार जीत हो. अगर गेम पैसे से जुड़ा हुआ है, तो जीतने की इच्छा और भी बढ़ जाती है. आगे चलकर मुश्किलें आन पड़ती है और गेमर्स पैसे गंवा बैठते हैं. हालांकि, वे इस उम्मीद में पैसे लगाते रहते हैं कि उन्हें कभी न कभी तो पहले की तरह जीत मिलेगी. उनके पास हर हफ्ते तीन से चार नए गेमिंग एडिक्शन मरीज आते हैं.

ऐप ऑपरेटर का भारत में नहीं कोई ठिकाना

डॉ. देसूसा का कहना है कि एक बार छूटने के बाद मरीज कई बार फिर से इस लत की गिरफ्त में आ जाते हैं, जिससे उबरने में समय और मेहनत दोनों लगती है. मुंबई के उस कारोबारी को भी सालों यह समझने में लग गए कि वह भी ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी एक स्थिति में फंस चुका है. 2024 में उसने होश संभाला और फिर जाकर उस ऐप ऑपरेटर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया जिसका भारत में कोई ठिकाना नहीं है और जो अवैध रूप से काम करता है. 

 कैसे हुआ पर्दाफाश? 

अपनी आपबीती बताते हुए उसने कहा कि शुरू-शुरू में उसने लाखों रुपये जीते. बाद में जीत में मिली रकम को कैश में निकालने की कोशिश की, तो ऐप ने मना कर दिया. उसे बताया गया कि ऐसा KYC में दिक्कत आने के चलते हो रहा है. कुछ दिन बाद पैसे दूसरे अकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे. इस बीच उसे एक अकाउंट में पैसे भरकर आगे खेलते रहने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जो हर बार बदलता रहता था. 

उसने कहा, शुरू में जब मैं छोटा-मोटा अमाउंट डालता था, तो मुझे पैसे जमा करने के लिए एक यूपीआई नंबर दिया गया था. फिर जब मैंने बड़ी रकम का भुगतान करना शुरू किया, तो ऑपरेटरों ने मुझे ट्रांसफर के लिए म्यूल अकाउंट देने शुरू कर दिए. धोखाधड़ी के इस नेटवर्क का खुलासा उसके सामने तब हुआ. जब उसने लगभग 25 लाख रुपये डिपॉजिट करने के लिए दिए गए अकाउंट डिटेल को लेकर पूछताछ की. 

फिर उसने औरंगाबाद में एक प्राइवेट बैंक से 25 लाख रुपये के अपने डिपॉजिट को लेकर पूछा, तो टालमटोल वाले जवाब मिले. इसके बाद उसे एक समझौते के लिए ऐप ऑपरेटर का कॉल आया. उसे शक हुआ कि बैंक ने फर्जी अकाउंट को चलाने वाले ऐप ऑपरेटर को उसकी पूछताछ के बारे में जानकारी दी होगी. उसे एक मेल भी आया, जिसमें उसे भेजने वाले ने खुद को गृह मंत्रालय का बताया और कहा कि 10 लाख रुपये के ऐवज में उसे उसके सारे पैसे वापस कर दिए जाएंगे. उसने पहले किए सारे ट्रांजैक्शन डिटेल्स भी भेजे. जब उसने पोस्ट ऑफिस में इस बारे में पूछताछ की, तो पता चला कि वह फेक आईडी है. 

 

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