पाप धोने वाली मशीन नहीं हैं… बाबा प्रेमानंद पर क्या बोल गए खेसारी लाल यादव, यूजर्स करने लगे ट

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वृंदावन के प्रेमानंद बाबा इन दिनों पूरे देश और दुनिया में चर्चा में हैं. उनके करोड़ों भक्त हैं. विराट कोहली से लेकर राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री के कई बड़े नाम उनके आशीर्वाद लेने जा चुके हैं. हाल ही में भोजपुरी सिंगर खेसारी लाल यादव ने बाबा पर एक टिप्पणी की जिसमें उन्होंने कहा कि प्रेमानंद बाबा कोई पाप धोने वाली मशीन नहीं हैं. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने उन्हें जमकर ट्रोल करना शुरू कर दिया.

लोग अपने-अपने अंदाज में मीम्स और कमेंट्स शेयर कर रहे हैं. मामला तेजी से वायरल हो गया है. कई यूजर्स ने कहा कि खेसारी की बात सही हो सकती है. लेकिन इसे लेकर उनका अंदाज विवादित बन गया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ उनके समर्थन में दिख रहे हैं. तो वहीं ट्रोल करने वाले भी पीछे नहीं हैं.

प्रेमानंद बाबा को लेकर खेसारी हुए ट्रोल

भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुके हैं. दरअसल खेसारी लाल यादव ने कुछ दिनों पहले ही प्रेमानंद महाराज को लेकर एक ट्वीट किया था. जिसमें उन्होंने कहा कि प्रेमानंद महाराज पाप धोने वाली मशीन नहीं है. बस फिर गया था सोशल मीडिया पर लोगों ने उनको ट्रोल करना शुरू कर दिया. लोगों अलग-अलग तरीकों से खेसारी लाल यादव पर तीखें कमेंट कर रहे हैं.

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एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा ‘तुम जो चारा चोर के घर जो 940 करोड़ का पाप किया है.’ तो वहीं एक और यूजर उन्हें ट्रोल करते हुए लिखा ‘जिंदगी भर लौंडा का नाच किए और अश्लील खाने गाकर भोजपुरी समाज और बिहार को बदनाम कर रहे हो और अब ज्ञान बांट रहे यहां पर.’ तू एक और यूजर ने कमेंट किया है ‘अब नचनिया भी ज्ञान देगा क्या.’

 

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पोस्ट में कही थी यह बात

भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स अकाउंट @khesariLY से पोस्ट करते हुए लिखा था ‘एक अपील..प्रेमानंद महाराज को बस अनुभूति कीजिए, कुछ दिन से नोटिस किए की कई लोग Image Making के लिए वहाँ जाने लगे हैं. वो पाप धोने वाले मशीन नहीं हैं. सच्ची श्रद्धा है तो बस उनके बातो को अनुसरण कीजिए। हर जगह प्रमोशन और प्रचार ठीक नहीं लगता..भोरे भोरे ज़्यादा ज्ञान लगे फिर भी ठीक हैं.’ उनकी इस पोस्ट को अब तक 95 हजार से ज्यादा बार देखा जा चुका है. जहां कुछ लोग उनकी इस बात को सही कह रहे हैं. तो वहीं काफी संख्या में लोग खेसारी को ट्रोल भी कर रहे हैं. 

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Social Media Viral Video: ऑस्ट्रेलिया के क्वींसलैंड में रहने वाले सिख डाकिया गुरप्रीत सिंह की एक नेकदिली भरी हरकत ने दुनिया भर के लोगों का दिल जीत लिया है. एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें गुरप्रीत सिंह एक पैकेज डिलीवरी करने के बाद बारिश शुरू होने पर महिला की लॉन्ड्री बचाने के लिए आगे आए. इस वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है और कई लोगों और बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपडा समेत ने उनकी तारीफ की है.

गुरप्रीत सिंह ने नोट में क्या लिखा?

वीडियो में देखा जा सकता है कि गुरप्रीत सिंह एक पैकेज डिलीवरी करने के लिए एक घर में पहुंचे. तभी अचानक बारिश शुरू हो गई. उन्होंने नोटिस किया कि घर के बाहर सूखने के लिए लटकाए गए कपड़े बारिश में भीगने लगे हैं. बिना किसी हिचकिचाहट के गुरप्रीत सिंह ने कपड़ों को समेटना शुरू किया और उन्हें अंदर ले जाकर सुरक्षित जगह पर रखा. इसके बाद उन्होंने एक नोट लिखा, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने कपड़े अंदर रख दिए हैं ताकि वे बारिश में न भीगें.

लोगों ने गुरप्रीत सिंह की खूब तारीफ की

इस घटना को कैद करने वाली महिला, वेरिटी वेंडेल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर वीडियो शेयर किया और गुरप्रीत सिंह के साथ एक सेल्फी पोस्ट की. उन्होंने कैप्शन में लिखा,” मिलिए गुरप्रीत सिंह से, उस अद्भुत डाकिए से जो बारिश शुरू होने पर लॉन्ड्री अंदर ले आए.” इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया और लोग गुरप्रीत की नेकदिली की तारीफ करने लगे. वीडियो  वायरल होने के बाद बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने भी इसे लाइक किया और कमेंट किया कि यह सच्ची नेकदिली है. 


भारत की टी20 वर्ल्ड कप जीतने की कोई उम्मीद नहीं,’ टीम सेलेक्शन पर पूर्व भारतीय का बड़ा बयान

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बीसीसीआई ने मंगलवार को एशिया कप के लिए भारतीय टीम का एलान कर दिया. इस टीम में यशस्वी जायसवाल और श्रेयस अय्यर जैसे बड़े स्टार खिलाड़ी को जगह नहीं मिली. इस दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर क्रिस श्रीकांत ने टीम सेलेक्शन पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने अक्षर पटेल को उपकप्तानी से हटाने और हर्षित राणा, रिंकू सिंह और शिवम दुबे को टीम में शामिल करने की भी आलोचना की. श्रीकांत ने यहां तक कह दिया कि इस टीम के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का कोई चांस नहीं है.

इस टीम के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का कोई चांस नहीं है- श्रीकांत

श्रीकांत का कहना है कि यह टीम एशिया कप जीत सकती है, लेकिन टी20 वर्ल्ड कप जीतने के लिए काफी नहीं है. अपने यूट्यूब चैनल Cheeky Chaka पर बोलते हुए उन्होंने कहा, हम एशिया कप जीत सकते हैं, लेकिन इस टीम के साथ टी20 वर्ल्ड कप जीतने का कोई चांस नहीं है. क्या आप वर्ल्ड कप में यही टीम ले जाएंगे? क्या यही वर्ल्ड कप की तैयारी है, जो अब सिर्फ छह महीने दूर है?”

टीम सेलेक्शन पर उठाए सवाल

श्रीकांत ने टीम सेलेक्शन पर सवाल उठाते हुए कहा, चयनकर्ता पीछे चले गए हैं. अक्षर पटेल से उपकप्तानी छीन ली गई. मुझे समझ नहीं आता कि रिंकू सिंह, शिवम दुबे और हर्षित राणा टीम में कैसे आ गए. आईपीएल को सेलेक्शन का मुख्य आधार माना जाता है, लेकिन लगता है चयनकर्ताओं ने उससे पहले के प्रदर्शन को ज्यादा अहमियत दी है.”

2025 एशिया कप के लिए भारतीय टीम

सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा और रिंकू सिंह.

एशिया कप में भारतीय टीम का शेड्यूल

2025 एशिया कप की शुरुआत 9 सितंबर से होगी. वहीं टूर्नामेंट में टीम इंडिया अपना पहला मैच 10 सितंबर को खेलेगी. भारत का पहला मैच यूएई से होगा. इसके बाद 14 सितंबर को टीम इंडिया चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से भिड़ेगी. फिर 19 सितंबर को ओमान से मुकाबला होगा.

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बिना रिफ्यूलिंग 10,000 KM की रेंज, 1100KM/H स्पीड… B-2 से कितने खतरनाक हैं अमेरिका के B-21 बॉ

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अमेरिका ने ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’ में जिन B-2 बॉम्बर्स से ईरान के परमाणु ठिकानों को तबाह किया था, अब उनकी विदाई होने वाली है. अब अमेरिका छठी पीढ़ी का एक ऐसा महाविनाशक बॉम्बर तैयार कर रहा है, जो पूरी दुनिया में तबाही मचा सकता है. इस बॉम्बर का नाम है- B-21. ये बिना रिफ्यूलिंग के 10 हजार किलोमीटर तक की उड़ान भर सकेगा और इसकी रफ्तार 1,100 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी. यह दुनिया के सबसे एडवांस स्टेल्थ बॉम्बर्स में से एक माना जा रहा है और पुराने B-2 जेट की तुलना में कई मायनों में ज्यादा खतरनाक है.

क्या है B-21 बॉम्बर की विशेषताएं और क्षमता?

B-21 बॉम्बर फिलहाल टेस्टिंग फेज में है और इसे B-2 के फ्लाइंग विंग डिजाइन के आधार पर बनाया गया है, लेकिन इसमें कई अपग्रेडेशन किए गए हैं. इसके एयर-इनलेट्स अंदर धंसे हुए हैं, जिससे रडार पर पकड़ना मुश्किल है. 2-D एग्जॉस्ट सिस्टम इन्फ्रारेड ट्रैकिंग को मुश्किल बनाता है. इसमें लेटेस्ट रडार, सेंसर, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर, ISR और नेटवर्किंग क्षमताएं शामिल हैं. इसका रेंज लंबा है और ओपन सिस्टम आर्किटेक्चर भविष्य में नए हथियार जोड़ने में आसान बनाएगा.

US एयरफोर्स को कितने B-21 बॉम्बर मिलेंगे?

 अमेरिकी वायुसेना कम से कम 100 B-21 बॉम्बर शामिल करना चाहती है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि संख्या कम होने पर लागत कई अरब डॉलर तक पहुंच सकती है. B-2 बॉम्बर के समय 132 बनाने का लक्ष्य था, लेकिन सिर्फ 21 ही बने. अमेरिकी जनरल्स ने सुझाव दिया है कि कम से कम 200 B-21 खरीदने चाहिए, खासकर चीन और अन्य क्षेत्रों में शक्ति प्रदर्शन के लिए.

लंबी दूरी के मिशनों के लिए बना B-21

B-21 को खास तौर पर लंबी दूरी के सीक्रेट स्ट्रैटजिक बमबारी मिशनों के लिए डिजाइन किया गया है. इसके तकनीकी विवरण गुप्त रखे गए हैं, लेकिन माना जाता है कि इसकी अधिकतम स्पीड हाई सबसोनिक रेंज में है, यानी लगभग मैक 0.85 से 0.95 (करीब 630 मील प्रति घंटा). इसकी रेंज लगभग 6,500 मील आंकी गई है, जो हवाई रिफ्यूलिंग के साथ और भी ज्यादा हो सकती है. इसी वजह से यह आसानी से इंटरकॉन्टिनेंटल मिशन पूरे कर सकता है.

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डोनाल्ड ट्रंप के शपथ से पहले अपशकुन और दुर्योधन के जन्म के समय की स्थिति में क्या कोई राज है?

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इतिहास जब स्वयं को दोहराता है, तो वह सीधे तथ्य नहीं लाता, वह प्रतीकों, अपशकुनों और घटनाओं की छायाओं में अपनी गूंज सुनाता है. महाभारत में दुर्योधन का जन्म जिस प्रकार महायुद्ध का शंखनाद बन गया था, उसी प्रकार ट्रंप की शपथ से पहले लगी जंगल की आग और आज भारत-पाक को लेकर दिए जा रहे उनके बयान एक ही पंक्ति में खड़े दिखाई देते हैं, क्या ये सब मात्र संयोग हैं या सत्ता की वही पुरानी नियति?

दुर्योधन जन्म का भयावह आरंभ

महाभारत में वर्णन है, कि जब दुर्योधन का जन्म हुआ तो आकाश से उल्का-पिंड बरसे. गिद्ध, कौवे और गीदड़ अशुभ ध्वनि करने लगे. धरती कांप उठी और नगर में भय फैल गया.

उस समय इन स्थितियों को देखते हुए महर्षि व्यास और ब्राह्मणों ने धृतराष्ट्र से कहा था कि- त्याग दीजिए इस बालक को, अन्यथा यह युद्ध की ज्वाला में समस्त वंश को भस्म कर देगा.

लेकिन मोह ने निर्णय पर पर्दा डाल दिया. नतीजा वही हुआ, महाभारत का युद्ध. यह प्रसंग हमें बताता है कि जब सत्ता की शुरुआत अपशकुनों से होती है, तो अंत में समाज महाविनाश की ओर धकेल दिया जाता है. इसे पढ़ें- ‘डोनाल्ड ट्रंप’ की शपथ से पहले अमेरिका में लगी आग किसी अपशकुन का संकेत तो नहीं?

इसे लेकर शास्त्र क्या कहता है?

शकुनाः स्युर्विनाशाय, शुभाय च शुभाशुभाः
यानी शकुन-अपशकुन कभी व्यर्थ नहीं होते; वे आने वाले समय की दिशा बताते हैं.

महाभारत (आदि पर्व, अध्याय 115–116)

“जज्ञे तु तस्मिन्नेव दिने कुरुपुंगवः, तदा चापि महाभागा विनाशं जगतः स्मृतम्
दुर्योधन का जन्म होते ही विद्वानों ने इसे विश्व-विनाश का कारण बताया.

ट्रंप की शपथ और आधुनिक अपशकुन

20 जनवरी 2017 को डोनाल्ड ट्रंप का शपथग्रहण था. लेकिन यह कोई सामान्य सत्ता परिवर्तन नहीं था. लेकिन इससे पूर्व कैलिफ़ोर्निया और लॉस एंजेलिस में लगी भयंकर जंगल की आग ने लाखों पक्षियों और पशुओं की जान ले ली.

वॉशिंगटन डी.सी. में शपथ से पहले ही दंगे और आगजनी हुई, मानो लोकतंत्र का उत्सव एक युद्धभूमि में बदल गया हो. मौसम ने भी संकेत दिया, अचानक बारिश और बादलों की स्थिति में अजीब सी हलचल देखी गई, जो अमूमन कम ही देखने को मिलती है.

ज्योतिषीय दृष्टि से भी शनि संधिकाल, राहु-केतु दोष और मंगल-सूर्य तनाव जैसे योग उस क्षण को घेरे हुए थे. यह सब एक ही बात की ओर इशारा कर रहे थे, सत्ता का यह आरंभ शांति का नहीं, विभाजन का दूत होगा.

भारत-पाक पर ट्रंप के बयान: कूटनीति या अशुभ हस्तक्षेप?

आज, आठ वर्ष बाद, ट्रंप जब भारत-पाक संबंधों पर दावा करते हैं कि उन्होंने युद्ध रोका, विमान गिराए जाने की स्थिति को शांत किया और ट्रेड को हथियार की तरह इस्तेमाल किया, तो भारतीय जनमानस में यह कथन किसी अपशकुन की पुनरावृत्ति सा प्रतीत होता है.

व्हाइट हाउस और ट्रंप का दावा कि हमने भारत-पाक युद्ध रोका, भारत ने सख्ती से इसे खारिज किया.

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने स्पष्ट कहा कि संघर्ष को विराम भारत की सैन्य कार्रवाई (ऑपरेशन सिंदूर) से मिला, किसी तीसरे की दखल से नहीं.

शशि थरूर ने तीखी टिप्पणी की थी कि शांति का कारण ट्रंप नहीं, बल्कि भारत की सफल स्ट्राइक्स थीं.

यहां भी वही प्रतीक दोहराया जाता है, दूसरे की सत्ता अपने अहंकार में अपशकुन को नज़रअंदाज़ कर देती है, और असल कारण को छिपाने का प्रयास करती है.

भारतीय धारणा: मित्रता का अंत?

2014–19 के बीच मोदी और ट्रंप की तस्वीरें हाउडी मोदी से लेकर नमस्ते ट्रंप तक मित्रता का प्रतीक बनीं. लेकिन 2025 में यह संबंध तीव्र असंतोष और अविश्वास में बदल चुका है. कैसे समझते हैं-

  • टैरिफ और आर्थिक नीतियां, भारत के लिए संकट.
  • रूस से तेल आयात पर अमेरिकी आपत्ति, भारत की संप्रभुता पर सवाल.
  • ट्रंप के लगातार बयान, भारतीय समाज में आक्रोश और असंतोष.

The Washington Post ने हाल में इसे the worst crisis in two decades कहा. भारतीयों में अब यह धारणा बन रही है कि ट्रंप मित्र नहीं, बल्कि एक अशुभ संकेतक हैं, जैसे दुर्योधन का जन्म कुरु वंश के लिए था.

2025 में फिर वही संकेत दिखाई दे रहे हैं, शनि मीन राशि में प्रवेश कर जल-सुरक्षा, समुद्री संघर्ष और वैश्विक आपूर्ति-शृंखला पर संकट का इशारा कर रहा है.

राहु कुंभ और केतु सिंह से जनआन्दोलन, ऑनलाइन असंतोष और नेतृत्व की छवि पर दबाव है. गुरु मिथुन और अर्द्रा नक्षत्र में रहते हुए सूचना-युद्ध, मीडिया-नैरेटिव और कूटनीतिक तनाव को तीव्र कर रहा है, जबकि मंगल सिंह में प्रवेश कर सीमा-पार सैन्य तनाव का सूचक है.

इसका अर्थ यह है कि आने वाले महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में दरार गहरी हो सकती है, भारत-पाक सीमा पर झड़पें या हवाई संघर्ष की स्थिति बन सकती है और आर्थिक-सामाजिक स्तर पर अस्थिरता का दौर तेज हो सकता है.

यानी महाभारत काल के अपशकुन और आज के ग्रहयोग दोनों एक ही दिशा में संकेत करते हैं, जब सत्ता अहंकार और विभाजन से घिरी हो, तो भविष्य शांति का नहीं बल्कि संघर्ष का दूत बनता है.

शकुन और अपशकुन केवल घटनाएं नहीं होते, वे भविष्य की छाया होते हैं.
दुर्योधन का जन्म एक युद्ध का सूचक था. डोनाल्ड ट्रंप का शपथग्रहण और अब उनके बयान, भारत-पाक युद्ध और कूटनीतिक संकट के बीच, वही संदेश दोहरा रहे हैं, सत्ता जब अहंकार और असत्य पर टिकी हो, तो उसके आरंभ के अशुभ संकेत समाज को महाविनाश की ओर ले जाते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

—-समाप्त——

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Online Gaming Bill 2025: क्या है ई-स्पोर्ट्स जिसे सरकार दे रही बढ़ावा, जानें किन गेम्स पर लगेगा

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Online Gaming Bill 2025: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग के प्रोत्साहन और विनियमन से जुड़ा बिल 2025 पेश किया. इस प्रस्तावित कानून का मकसद ई-स्पोर्ट्स, शैक्षणिक खेलों और सामाजिक गेमिंग को संगठित रूप से बढ़ावा देना है जबकि पैसों पर आधारित ऑनलाइन गेम्स पर कड़ा नियंत्रण लगाया जाएगा.

ई-स्पोर्ट्स और मनी गेम्स में फर्क

सरकार ने ई-स्पोर्ट्स को ऐसे कौशल-आधारित प्रतियोगी खेलों के रूप में परिभाषित किया है जिन्हें वर्चुअल एरिना में नियमों और मानकों के तहत खेला जाता है. इसमें प्रोफेशनल टूर्नामेंट और प्रतियोगिताओं को भी शामिल किया गया है.

दूसरी ओर, जिन खेलों में पैसों या कीमती वस्तुओं की बाज़ी लगाई जाती है उन्हें “मनी गेम्स” माना गया है. यानी ई-स्पोर्ट्स को खेल और प्रतिस्पर्धा के रूप में देखा जाएगा जबकि जुए जैसे खेलों पर पूरी तरह रोक लगाई जाएगी.

बनेगी नई Regulatory Authority

इस बिल में एक स्वतंत्र नियामक प्राधिकरण (Regulatory Authority) बनाने का प्रावधान है जो ऑनलाइन गेमिंग क्षेत्र की नीतियों को दिशा देगा, विकास को बढ़ावा देगा और सभी नियमों के अनुपालन की निगरानी करेगा. इसके पास किसी भी ऑनलाइन मनी गेम के संचालन, विज्ञापन या प्रचार पर रोक लगाने की शक्ति भी होगी. चाहे वह खेल मोबाइल, कंप्यूटर या इंटरनेट प्लेटफॉर्म पर क्यों न चल रहा हो.

बिल में क्या-क्या है खास

इस कानून के तहत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को रियल-मनी गेमिंग के लेन-देन करने से रोका जाएगा. साथ ही, ऐसे गेम्स के विज्ञापनों पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा. वहीं, ई-स्पोर्ट्स और कौशल-आधारित गैर-आर्थिक खेलों को बढ़ावा देने की बात कही गई है. इसके अलावा, बिना पंजीकरण वाले या अवैध प्लेटफॉर्म्स पर सख्त कार्रवाई होगी. सरकार का लक्ष्य है कि इस क्षेत्र में एक ही तरह का कानूनी ढांचा बने ताकि अलग-अलग राज्यों में होने वाले भ्रम और विवाद कम हो सकें.

सरकार क्यों लाई यह पहल

2023 में सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग पर 28% जीएसटी लगाया था. इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025 से ऐसे खेलों से हुई जीत पर 30% टैक्स लगाया जा रहा है. विदेशों में चल रहे गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को भी भारतीय कर सिस्टम में शामिल किया गया है. दिसंबर 2023 में भारतीय न्याय संहिता (Bharatiya Nyaya Sanhita) में संशोधन कर अवैध बेटिंग को आपराधिक अपराध घोषित किया गया जिसमें सात साल तक की सजा और भारी जुर्माना हो सकता है. पिछले तीन सालों में केंद्र सरकार ने 1,400 से ज्यादा वेबसाइट्स और ऐप्स को ब्लॉक किया है जो ऑनलाइन सट्टेबाजी या जुए से जुड़े थे.

नशे और लत को लेकर चिंता

शिक्षा मंत्रालय ने अभिभावकों और शिक्षकों को चेतावनी जारी की है कि नाबालिगों में गेमिंग की लत तेजी से बढ़ रही है. वहीं, सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्रसारकों को निर्देश दिया है कि वे गेमिंग के वित्तीय खतरों पर चेतावनी संदेश दिखाएं.

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Video: टोपीबाज पंप वाले! पानी भर फुल कर दी स्कूटी की टंकी, फिर क्या हुआ? देखें वीडियो

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Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद आप हैरान हो जाएंगे. वीडियो में एक होंडा स्कूटी की टंकी से पेट्रोल की बजाय पानी निकलता हुआ दिखाई दे रहा है. वीडियो में एक व्यक्ति स्कूटर को उठाने की कोशिश कर रहा है और टंकी से पानी जमीन पर फैल रहा है. युवक अपनी स्कूटी से पानी निकालते समय कहते है कि उसने कल पूरी टंकी फुल करवाई थी, लेकिन उसमें पेट्रोल की जगह पानी भारा हुआ है, जिसके बाद पेट्रोल पंप पर हड़कंप मच जाता है.

युवक ने इसे लापरवाही और स्कैम बताया

हालांकि, ये वीडियो कहां का है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है.वीडियो में देखा गया है कि युवक पेट्रोल पंप पर सबके सामने टंकी से पानी बाहर निकालता है और इस पर अपना गुस्सा भी व्यक्त करता है. इस पूरे दृश्य को देखकर वहां पर मौजूद लोग हैरान हो जाते हैं और इतनी ज्यादा मात्रा में पानी को देखकर हर कोई चौंक जाता है.

युवक इस पर पेट्रोल पंप के मैनेजर से बात करने को कहता है और इसे एक बहुत बड़ा स्कैम और लापरवाही बताता है. युवक पेट्रोल पंप के कर्मचारी पर अपना गुस्सा जाहिर करता है और कहता है कि तुमने पेट्रोल डालते समय चेक क्यों नहीं किया?

लोगों ने इस घटना की जांच करने की अपील की

इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है, जिसके बाद यूजर्स ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी है. कई लोगों  ने इसे ईंधन गुणवत्ता और डीलरशिप पर सवाल उठाते हुए सरकार से जांच की मांग की. पेट्रोल पंप के कर्मचारियों पर लोगों ने सवाल उठाए हैं कि कैसे पेट्रोल की जगह लोगों को पानी दिया गया है. यह एक बहुत बड़ी लापरवाही या स्कैम हो सकता है.

स्कूटी से पानी निकलने की यह घटना लोगों के बीच हंसी और चिंता दोनों का कारण बनी है. उम्मीद है कि इस तरह के मामलों की जांच होगी और लोगों को धोखे से बचाने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे.


हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस प्रीमियम पर लगने वाली GST मिल सकती है खुशखबरी! जानें क्या है मामला?

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GST News: मेडिकल ट्रीटमेंट पर बढ़ते खर्च को देखते हुए हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का होना काफी अहम है, खासकर सीनियर सीटिजंस के लिए. इससे इलाज पर आने वाले भारी-भरकम खर्च से तो राहत मिलती ही है. साथ में इंसान मानसिक तौर पर भी खुद को सिक्योर समझता है.

इस बीच, बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि जीएसटी काउंसिल का ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर जीएसटी पर छूट दिए जाने का एक अहम प्रस्ताव रखेगा. इस प्रस्ताव के तहत हेल्थ इंश्योरेंस और लाइफ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर लगने वाले जीएसटी को पूरी तरह से खत्म कर दिए जाने की सिफारिश की जाएगी. 

इंश्योरेंस प्रोडक्ट को जीएसटी से रखना चाहिए बाहर 

मौजूदा समय में लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस के प्रीमियम पर 18 परसेंट जीएसटी लगता है. इसके चलते प्रीमियम इतना महंगा होता जा रहा है, जो आम आदमी की पहुंच के बाहर है.

इससे पहले केंद्रीय रोड ट्रांसपोर्ट और हाईवे मिनिस्टर नितिन गडकरी भी कह चुके हैं कि आज के जमाने में जीवन बीमा और हेल्थ इंश्योरेंस हर व्यक्ति के लिए जरूरी है इसलिए ऐसे प्रोडक्ट्स पर जीएसटी लगाना सही नहीं. सम्राट चौधरी ने आज संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि केंद्र का प्रस्ताव साफ है कि इंश्योरेंस सेक्टर को जीएसटी से छूट दी जानी चाहिए. इस पर चर्चा हो चुकी है और मंत्री समूह की रिपोर्ट परिषद के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी. 

सम्राट चौधरी समूह के संयोजक

उन्होंने कहा, “GoM के सभी सदस्यों ने दरें कम करने पर अपनी सहमति दे दी है. कुछ राज्यों ने अपने विचार भी साझा किए हैं.” उन्होंने आगे कहा कि दरों पर अंतिम फैसला परिषद द्वारा लिया जाएगा. बता दें कि सम्राट चौधरी स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर गठित 13 सदस्यीय राज्य मंत्री समूह के संयोजक हैं.

बीमा पर केंद्र का प्रस्ताव अगली पीढ़ी के समग्र जीएसटी सुधार प्रस्ताव का हिस्सा है, जिसके तहत उत्पादों को उनकी योग्यता और मानक के आधार पर दो दरों – 5 परसेंट और 18 परसेंट  – के तहत वस्तु एवं सेवा कर लगाया जाएगा. स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर गठित 13 सदस्यीय मंत्री समूह का गठन सितंबर में कर दरों पर सुझाव देने के लिए किया गया था. 

 

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