GST 2.0 से सरकार को सालाना होगा 85000 करोड़ का नुकसान, फिर भी इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार; कैसे?

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GST 2.0: भारत सरकार इस साल अक्टूबर तक टू-टियर जीएसटी स्ट्रक्चर लागू करने की तैयारी में जुटी हुई है. इसमें 2 परसेंट और 28 परसेंट के टैक्स स्लैब को खत्म कर 5 परसेंट और 18 परसेंट के स्लैब को रखने की बात की जा रही है. इससे बेशक हर रोज की जिंदगी में काम आने वाली चीजें सस्ती हो जाएंगी जैसे कि FMCG,सीमेंट, छोटी कारें और एयरकंडीश्नर वगैरह सस्ती हो जाएंगी.

हालांकि, इससे सरकार को सालाना 85,000 करोड़ तक का नुकसान उठाना पड़ सकता है. रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि कारोबारी साल 2025-26 में अक्टूबर से मार्च तक के बीच सरकार को लगभग 45,000 करोड़ रुपये के घाटे का सामना करना पड़ सकता है. अच्छी बात यह है कि इससे कंजप्शन के लगभग 1.98 लाख करोड़ तक पहुंचने की भी उम्मीद है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से जीएसटी में अगली पीढ़ी के सुधार के संकेत दिए थे. इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होगा, लेकिन खपत बढ़ेगी, तो अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. इसका असर देश की जीडीपी पर देखने को मिलेगा. SBI रिसर्च की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. 

दो कैटेगरी में बांटी जाएंगी चीजें 

चूंकि नई व्यवस्था के तहत दो ही टैक्स स्लैब होंगे. इस हिसाब से चीजों को ‘मानक’ और ‘आवश्यक’ दोनों कैटेगरी में बांट दिया जाएगा. पान मसाला, तंबाकू और ऑनलाइन गेमिंग जैसी चुनिंदा चीजों पर 40 परसेंट तक का टैक्स वसूला जाएगा. SBI की रिसर्च में बताया गया है कि प्रभावी भारित औसत जीएसटी दर (Weighted average GST rate) साल 2017 से लगातार घट रही है. इस तरह से इसमें 14.4 परसेंट से सितंबर 2019 तक 11.6 परसेंट तक की गिरावट आ चुकी है और अब दरों में संशोधन के साथ यह आंकड़ा और घटकर 9.5 परसेंट तक जा सकता है. 

महंगाई में आ सकती है गिरावट 

जीएसटी रिफॉर्म्स से भले ही रेवेन्यू को नुकसान पहुंचे, लेकिन बावजूद इसके GDP में 0.6 परसेंट का उछाल आने का अनुमान है. देश की इकोनॉमी को उपभोग वाली वस्तुओं की मजबूत खपत का सहारा मिलेगा. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि सरकार के इस कदम से महंगाई के बढ़ने की भी कोई संभावना नहीं है क्योंकि आम उपभोग की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी. नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) मुद्रास्फीति में 20-25 बेसिस पॉइंट की कमी आ सकती है. सरकार के इस प्रस्ताव पर राज्यों के वित्त मंत्री बुधवार और गुरुवार को चर्चा करेंगे. अगर सहमति बन गई, तो अगले महीने इसे जीएसटी काउंसिल की होने वाली बैठक में रखा जाएगा. 

 

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आज के समय में इन फीचर्स के बिना बेकार है फ्रीज, नया लेने से पहले जरूर करें पड़ताल

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समय के साथ हर इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम में बदलाव आता जा रहा है. अब इन आइटम्स में पहले से अधिक फीचर्स मिलने लगे हैं और इनकी एफिशिएंसी भी बेहतर हुई है. फ्रीज भी एक ऐसा ही अप्लायंस है, जो आज सिर्फ खाना स्टोर करने की जगह नहीं रह गया है. यह घर के एस्थेटिक्स में भी योगदान देता है और इसमें कई शानदार फीचर्स भी आने लगे हैं. ऐसे में अगर आप नया फ्रीज लेने जा रहे हैं तो उसमें कुछ जरूरी फीचर्स का ध्यान जरूर रखें.

इन्वर्टर कंप्रेसर

आजकल फ्रीज में इन्वर्टर कंप्रेसर मिलने लगा है, जो जरूरत के हिसाब से कूलिंग को एडजस्ट करता है. यानी अगर फ्रीज में कम सामान है तो यह अपने आप कूलिंग कम कर देगा. इससे बिजली भी बचती है और फ्रीज जल्दी खराब भी नहीं होता. 

कूलिंग और फ्रेशनेस फीचर

इन दिनों कई फ्रीज में हाइब्रिड कूलिंग सिस्टम मिलने लगा है. यह टेंपरेचर को स्टेबल रखता है और अंदर रखे खाने को खराब होने से बचाता है. इसके साथ ही मॉइश्चर कंट्रोल और एंटी-बैक्टीरियल गैसकेट्स जैसी चीजें फ्रीज के अंदर सफाई रखती है. इससे अंदर पड़े फल और सब्जियां लंबे समय तक ताजे रह सकते हैं.

स्मार्ट इंटीग्रेशन

आजकल कई फ्रीज कनेक्टिविटी फीचर्स के साथ आते हैं. वाई-फाई से लैस इन फ्रीज की सेटिंग को मोबाइल से कंट्रोल किया जा सकता है. थोड़ा ज्यादा पैसा खर्च कर इंटीग्रेटेड कैमरा वाला फ्रीज भी खरीदा जा सकता है, जो सामान कम होने पर यूजर को अलर्ट कर देता है. 

फ्लेक्सिबल स्टोरेज डिजाइन

कई कंपनियां इन दिनों कन्वर्टिबल कंपार्टमेंट देने लगी हैं. इन्हें जरूरत के हिसाब से फ्रीज या फ्रीजर के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है. इसके अलावा स्लाइडिंग ट्रे या फ्लेक्सिबल स्टोरेज डिजाइन भारतीय घरों के हिसाब से अधिक उचित रहता है.

एनर्जी एफिशिएंसी का भी रखें ध्यान

फ्रीज समेत कोई भी इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम लेते समय उसकी एनर्जी स्टार रेटिंग देखना जरूरी है. रेटिंग में जितने ज्यादा स्टार होंगे, वह अप्लायंस उतनी ही कम बिजली की खपत करेगा. 4 या 5 एनर्जी स्टार रेटिंग वाले अप्लायंसेस लंबे समय में आपके बिजली बिल को काफी कम कर सकते हैं.

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चंद्रमा की राशि में शुक्र का गोचर, मेष, कन्या और मीन समेत 5 राशियों को लाभ

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शुक्र ग्रह का ज्योतिष में विशेष स्थान है. ये धन, प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख, ऐश्वर्य और लग्जरी लाइफ के कारक माने जाते हैं. फिलहाल शुक्र मिथुन राशि में मौजूद हैं और गुरुवार 21 अगस्त को कर्क राशि में गोचर करेंगे.

शुक्र ग्रह का ज्योतिष में विशेष स्थान है. ये धन, प्रेम, सौंदर्य, भौतिक सुख, ऐश्वर्य और लग्जरी लाइफ के कारक माने जाते हैं. फिलहाल शुक्र मिथुन राशि में मौजूद हैं और गुरुवार 21 अगस्त को कर्क राशि में गोचर करेंगे.

21 अगस्त को शुक्र मिथुन राशि की यात्रा पूरी कर कर्क राशि में आ जाएंगे, जोकि चंद्रमा की राशि है. वहीं कर्क राशि में पहले से ही बुध ग्रह मौजूद हैं.

21 अगस्त को शुक्र मिथुन राशि की यात्रा पूरी कर कर्क राशि में आ जाएंगे, जोकि चंद्रमा की राशि है. वहीं कर्क राशि में पहले से ही बुध ग्रह मौजूद हैं.

शुक्र के गोचर के बाद कर्क राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नायारण योग का संयोग बनेगा, जिसका लाभ कई राशियों को मिलेगा. आइये जानते हैं शुक्र का गोचर का किन राशियों को मिलेगा शुभ फल.

शुक्र के गोचर के बाद कर्क राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नायारण योग का संयोग बनेगा, जिसका लाभ कई राशियों को मिलेगा. आइये जानते हैं शुक्र का गोचर का किन राशियों को मिलेगा शुभ फल.

मेष राशि (Aries)- शुक्र का गोचर आपकी राशि से चौथे भाव में होगा, जोकि लाभकारी रहेगा. गोचर के बाद मेष राशि वालों को सुखद परिणाम मिलेंगे और साथ ही लंबंति लक्ष्यों की प्राप्ति होगी. वित्तीय स्थिति में भी सुधार होगा.

मेष राशि (Aries)- शुक्र का गोचर आपकी राशि से चौथे भाव में होगा, जोकि लाभकारी रहेगा. गोचर के बाद मेष राशि वालों को सुखद परिणाम मिलेंगे और साथ ही लंबंति लक्ष्यों की प्राप्ति होगी. वित्तीय स्थिति में भी सुधार होगा.

मिथुन राशि (Gemini)- आपकी राशि से शुक्र दूसरे भाव में गोचर कर शुभ साबित होंगे. इस समय खासकर कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा और व्यापार में भी उन्नति होगी. इस दौरान यात्रा के योग भी बन सकते हैं.

मिथुन राशि (Gemini)- आपकी राशि से शुक्र दूसरे भाव में गोचर कर शुभ साबित होंगे. इस समय खासकर कला क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ होगा और व्यापार में भी उन्नति होगी. इस दौरान यात्रा के योग भी बन सकते हैं.

कर्क राशि (Cancer)- शुक्र आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे कि यह समय कर्क राशि वालों के लिए बहुत लकी रहने वाला है. इस दौरान आप जीवन का भरपूर आनंद उठाएंगे. घर पर सुख-सुविधा से जुड़ी चीजें आ सकती है. धन संबंधी मामले में भी लाभ की उम्मीद है.

कर्क राशि (Cancer)- शुक्र आपकी ही राशि में गोचर कर रहे हैं, जिससे कि यह समय कर्क राशि वालों के लिए बहुत लकी रहने वाला है. इस दौरान आप जीवन का भरपूर आनंद उठाएंगे. घर पर सुख-सुविधा से जुड़ी चीजें आ सकती है. धन संबंधी मामले में भी लाभ की उम्मीद है.

कन्या राशि (Virgo)- शुक्र का गोचर आपकी राशि से 11वें भाव में होगा, जोकि लाभ का भाव होता है. इसलिए इस दौरान आपको विभिन्न क्षेत्रों से लाभ मिलने की संभावना है. धन में वृद्धि हो सकती है. साथ ही पारिवारिक रिश्तों में भी मजबूती आएगी और कार्य में भाग्य का साथ मिलेगा.

कन्या राशि (Virgo)- शुक्र का गोचर आपकी राशि से 11वें भाव में होगा, जोकि लाभ का भाव होता है. इसलिए इस दौरान आपको विभिन्न क्षेत्रों से लाभ मिलने की संभावना है. धन में वृद्धि हो सकती है. साथ ही पारिवारिक रिश्तों में भी मजबूती आएगी और कार्य में भाग्य का साथ मिलेगा.

मीन राशि (Pisces)- शुक्र का गोचर मीन राशि वालों के पांचवे भाव में होगा, जिससे की आपको भी शुभ और सकारात्मक परिणाम मिलेंगे. छात्रों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा. नौकरी-पेशा वाले अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ेंगे.

मीन राशि (Pisces)- शुक्र का गोचर मीन राशि वालों के पांचवे भाव में होगा, जिससे की आपको भी शुभ और सकारात्मक परिणाम मिलेंगे. छात्रों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा. नौकरी-पेशा वाले अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ेंगे.

Published at : 21 Aug 2025 04:10 AM (IST)

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‘अगर भारत रूस से तेल नहीं खरीदता है तो…’, पुतिन के दूत ने दिया ऐसा ऑफर कि तिलमिला उठेंगे डोना

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भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते आर्थिक तनाव के बीच रूस ने भारत को एक बड़ा ऑफर दिया है. बुधवार को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान रूस के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन रोमन बाबुश्किन ने कहा कि अगर भारतीय सामानों को अमेरिकी बाजार में दिक्कत हो रही है तो रूस भारतीय एक्सपोर्ट्स का स्वागत करेगा.

अमेरिकी दबाव पर क्या बोले बाबुश्किन?
बाबुश्किन ने कहा कि भारत पर अमेरिकी दबाव, खासकर रूस से कच्चे तेल की खरीद को लेकर पूरी तरह अनुचित और एकतरफा है. उन्होंने कहा, ‘अगर भारतीय प्रोडक्ट्स को अमेरिकी मार्केट में समस्या हो रही है तो रूसी बाजार उनके लिए खुला है. असल में ये पाबंदियां उन्हीं पर भारी पड़ रही हैं जो इन्हें लगाते हैं.’

भारत-रूस ऊर्जा साझेदारी पर कही बड़ी बात
बाबुश्किन ने भरोसा जताया कि भारत-रूस की ऊर्जा साझेदारी किसी भी बाहरी दबाव के बावजूद जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि रूस भारत का सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर है और भारत की जरूरतें हर साल बढ़ रही हैं. यह दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच आपसी सामंजस्य का उदाहरण है.

अमेरिकी टैरिफ और भारत पर असर
यह बयान ऐसे समय आया है जब व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलीन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है, ताकि रूस को यूक्रेन युद्ध जारी रखने से रोका जा सके. यह टैरिफ 27 अगस्त से लागू होगा. बाद में ट्रंप ने इसे 50% तक दोगुना कर दिया. इससे भारत के टेक्सटाइल, मरीन और लेदर एक्सपोर्ट पर बड़ा असर पड़ सकता है. भारत ने इस कदम को ‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और अव्यावहारिक’ बताया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साफ कहा कि भारत आर्थिक दबाव में झुकेगा नहीं.

पश्चिमी देशों पर हमला करते हुए क्या कहा रूस ने?
बाबुश्किन ने कहा कि अगर भारत रूसी तेल से मुंह मोड़ेगा तो भी उसे पश्चिम से बराबरी का सहयोग नहीं मिलेगा क्योंकि पश्चिमी देशों की प्रवृत्ति “नव-औपनिवेशिक” है. उन्होंने कहा, ‘अगर पश्चिम आपकी आलोचना करता है तो समझ लीजिए आप सही रास्ते पर हैं. हम जानते हैं कि भारत कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा है लेकिन यही असली रणनीतिक साझेदारी है.’

उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हाल ही में हुई बातचीत इस बात का प्रमाण है कि भारत रूस के लिए बेहद अहम है. दोनों देशों की साझेदारी को और गहराई देने से दोनों को फायदा होगा.

रूसी अधिकारी ने कहा-“पाबंदियां अवैध और असफल”
रूसी अधिकारी ने कहा कि गैर-यूएन पाबंदियां और सेकेंडरी सैंक्शंस अवैध हैं और इनका मकसद केवल अर्थव्यवस्था को हथियार बनाना है. उन्होंने कहा, ‘BRICS देश और रूस कभी भी इस तरह की पाबंदियां नहीं लगाते. रूस पर जबरदस्त दबाव होने के बावजूद हमारी अर्थव्यवस्था लगातार बढ़ रही है. इसका मतलब है कि इतनी बड़ी और अहम अर्थव्यवस्था को ग्लोबल सिस्टम से बाहर नहीं किया जा सकता. पाबंदियां अंत में उन्हीं को नुकसान पहुंचाती हैं जो इन्हें थोपते हैं.’

अमेरिका-भारत रिश्तों पर क्या है रूस की राय?
बाबुश्किन ने कहा कि अगर अमेरिका सचमुच भारत को अपना दोस्त मानता तो वह इस तरह व्यवहार नहीं करता. उन्होंने कहा कि अमेरिकी कदम ‘अनुचित प्रतिस्पर्धा का हथियार’ हैं, जिसमें डबल स्टैंडर्ड, दबाव और ब्लैकमेल शामिल है.



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कान्हा की छठी पर लगाएं ये 5 भोग, छप्पन भोग के समान है ये प्रसाद

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भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को जन्माष्टमी के 6 दिन बाद कान्हा की छठी मनाई जाती है. श्रीकृष्ण की छठी का दिन भक्तों के लिए जन्माष्टमी की तरह ही विशेष होता है. कान्हा जी की छठी का आयोजन ठीक वैसे ही किया जाता है, जैसे घर पर किसी नवजात शिशु के जन्म के बाद होता है.

भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को जन्माष्टमी के 6 दिन बाद कान्हा की छठी मनाई जाती है. श्रीकृष्ण की छठी का दिन भक्तों के लिए जन्माष्टमी की तरह ही विशेष होता है. कान्हा जी की छठी का आयोजन ठीक वैसे ही किया जाता है, जैसे घर पर किसी नवजात शिशु के जन्म के बाद होता है.

छठी वाले दिन कान्हा को स्नान कराया जाता है, नए वस्त्र पहनाए जाते हैं, काजल लगाया जाता है, आभूषणों से श्रृंगार किया जाता है और तरह-तरह के भोग अर्पित किए जाते हैं. आइये जानते हैं कान्ही जी की छठी पर किन चीजों का लगाएं भोग.

छठी वाले दिन कान्हा को स्नान कराया जाता है, नए वस्त्र पहनाए जाते हैं, काजल लगाया जाता है, आभूषणों से श्रृंगार किया जाता है और तरह-तरह के भोग अर्पित किए जाते हैं. आइये जानते हैं कान्ही जी की छठी पर किन चीजों का लगाएं भोग.

कान्हा की छठी पर भोग लगाना धार्मिक विधि के साथ ही पारंपरिक तरीका भी है, जिसमें बाल स्वरूप कान्हा को गोद में उठाकर सभी भोग बारी-बारी उनके मुंह में लगाया जाता है. वैसे तो कान्हा क छप्पन भोग लगाने का विधान है. लेकिन ऐसे पांच भोग जोकि 56 भोग के समान माने जाते हैं और कान्हा को ये भोग अतिप्रिय भी है.

कान्हा की छठी पर भोग लगाना धार्मिक विधि के साथ ही पारंपरिक तरीका भी है, जिसमें बाल स्वरूप कान्हा को गोद में उठाकर सभी भोग बारी-बारी उनके मुंह में लगाया जाता है. वैसे तो कान्हा क छप्पन भोग लगाने का विधान है. लेकिन ऐसे पांच भोग जोकि 56 भोग के समान माने जाते हैं और कान्हा को ये भोग अतिप्रिय भी है.

कढ़ी चावल- कान्हा जी की छठी पर कढ़ी चावल का भोग लगाने की परंपरा है. इसका कारण यह है कि, श्रीकृष्ण को बचपन से कढ़ी चावल का भोजन पसंद था. हल्का और सुपाच्य होने के कारण मां यशोदा भी उन्हें यही परोसती थी. इसलिए कान्हा को कढ़ी चावल का भोग लगाया जाता है.

कढ़ी चावल- कान्हा जी की छठी पर कढ़ी चावल का भोग लगाने की परंपरा है. इसका कारण यह है कि, श्रीकृष्ण को बचपन से कढ़ी चावल का भोजन पसंद था. हल्का और सुपाच्य होने के कारण मां यशोदा भी उन्हें यही परोसती थी. इसलिए कान्हा को कढ़ी चावल का भोग लगाया जाता है.

खीर का भोग- कान्हा को दूध से बनी चीजें भी बचपन से ही बहुत प्रिय थी. इसलिए छठी के दिन उन्हें खीर का भोग भी लगाया जाता है.

खीर का भोग- कान्हा को दूध से बनी चीजें भी बचपन से ही बहुत प्रिय थी. इसलिए छठी के दिन उन्हें खीर का भोग भी लगाया जाता है.

माखन मिश्री- माखन-मिश्री तो कान्हा के प्रिय भोगों में एक है. इसे बनाना भी बहुत आसान है. मिश्री से मिठास आती है और माखन तो कान्हा को बचपन से ही पसंद है. माखन चोरी करके खाने के कारण ही उनका एक नाम माखन चोर भी पड़ा.

माखन मिश्री- माखन-मिश्री तो कान्हा के प्रिय भोगों में एक है. इसे बनाना भी बहुत आसान है. मिश्री से मिठास आती है और माखन तो कान्हा को बचपन से ही पसंद है. माखन चोरी करके खाने के कारण ही उनका एक नाम माखन चोर भी पड़ा.

सूजी का हलवा- घी, केसर, मेवे और दूध से बना सूजी का हलवा बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक भी होता है. सूजी के हलवा का भोग भी कान्हा जी की छठी पर लगा सकते हैं. हलवा बनाने के बाद जब यह ठंडा हो जाए आप इसमें ऊपर से तुलसी पत्ता डालकर भी भोग लगा सकते हैं.

सूजी का हलवा- घी, केसर, मेवे और दूध से बना सूजी का हलवा बहुत स्वादिष्ट और पौष्टिक भी होता है. सूजी के हलवा का भोग भी कान्हा जी की छठी पर लगा सकते हैं. हलवा बनाने के बाद जब यह ठंडा हो जाए आप इसमें ऊपर से तुलसी पत्ता डालकर भी भोग लगा सकते हैं.

धनिया पंजीरी- जन्माष्टमी की तरह की आप कान्हा की छठी पर भी धनिया पंजीरी का भोग लगा सकते हैं. यह भोग कृष्ण को बहुत पसंद है. धनिया पंजीरी के भोग को श्रीकृष्ण प्रेम पूर्वक ग्रहण करते हैं.

धनिया पंजीरी- जन्माष्टमी की तरह की आप कान्हा की छठी पर भी धनिया पंजीरी का भोग लगा सकते हैं. यह भोग कृष्ण को बहुत पसंद है. धनिया पंजीरी के भोग को श्रीकृष्ण प्रेम पूर्वक ग्रहण करते हैं.

Published at : 21 Aug 2025 01:26 AM (IST)

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चहल की ‘शुगर डेडी’ वाली टी-शर्ट पर आया एक्स वाइफ धनश्री का रिएक्शन, बोलीं- व्हाट्सऐप कर देता…

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लगभग एक महीने पहले स्टार क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने अपनी तलाक पर चुप्पी तोड़ी थी. अब उनकी पूर्व पत्नी धनश्री वर्मा ने हाल ही में एक पॉडकास्ट शो में अपनी बात रखी है. उन्होंने इस दौरान अपने इमोशनल ब्रेकडाउन के बारे में बात की. इसी के साथ उन्होंने तलाक की अंतिम सुनवाई के दिन चहल द्वारा “Be your own sugar daddy” वाली टी-शर्ट पहनने पर तंज कसा. 

‘Be your own sugar daddy’ का क्या मतलब है?

चहल की इस टी-शर्ट को लेकर तलाक के दौरान भी बहुत बात हुई थी. वहीं अब इस समय भी यह चर्चा का विषय बन गया है. बता दें कि ‘Be your own sugar daddy’ का मतलब है कि आर्थिक रूप से स्वतंत्र रहना. मतलब कि पैसे को लेकर दूसरे पे निर्भर न होकर, खुद ही कमाए.

धनश्री का चहल के लिए था ये लास्ट मैसेज

चहल ने हाल ही में बताया था कि उनके टी-शर्ट पहनने के पीछे का राज यही था कि वो धनश्री को इसके जरिए एक आखिरी मैसेज भेजना चाहते थे.

चहल के टी-शर्ट पर आया धनश्री का रिएक्शन

धनश्री ने माना कि अपने एक्स-हजबैंड की टी-शर्ट देखकर वह हैरान रह गईं. उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से पता था कि डिवोर्स का इल्जाम उन पर ही लगाया जाएगा, भले ही विवाद सामने न भी आया हो. चहल ने जो टी-शर्ट के द्वारा मैसेज धनश्री के लिए भेजा था, उस पर रिएक्ट करते हुए धनश्री ने कहा, मैं बाहर आई, मैंने देखा- ये सच्ची में इसने किया, ऐसा हो गया, उस समय मैंने सोचा बॉस.. हो गया. मैं क्यों रोऊं. कहीं न कहीं मैं सोच रही थी कि मैं किस लिए रो रही थी, इसके लिए! उन्होंने आगे कहा,“अरे भाई, व्हाट्सएप कर देते, टी-शर्ट पहनने की क्या जरूरत थी?”


डिवोर्स के समय फूट-फूट कर रोने लगी थी धनश्री

हाल ही में ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए इंटरव्यू में धनश्री ने बताया कि चहल से तलाक का फैसला सुनने के बाद वह फूट-फूटकर रो पड़ीं. तलाक के दिन को याद करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे आज भी याद है जब मैं वहां खड़ी थी और फैसला सुनाया जाने वाला था. हम दोनों ने खुद को मानसिक रूप से बहुत तैयार कर लिया था, लेकिन उस वक्त मैं बहुत भावुक हो गई. मैं सबके सामने जोर-जोर से रोने लगी.”

धनश्री ने आगे कहा, “मैं उस समय अपने दिल की बात भी ठीक से कह नहीं पा रही थी. मुझे बस इतना याद है कि मैं लगातार रो रही थी, जोर-जोर से चिल्ला रही थी। हां, यह सब हो रहा था और तभी वह सबसे पहले वहां से बाहर चले गए.”

यह भी पढ़ें- शुभमन गिल और अभिषेक होंगे ओपनर? सैमसन रहेंगे बाहर! देखें एशिया कप में कैसी होगी प्लेइंग-11



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‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के लॉन्च में यूं पहुंचीं सुहाना खान, कहा- ‘बड़े भाई का बड़ा दिन’

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'द बैड्स ऑफ बॉलीवुड' के प्रीव्यू लॉन्च इवेंट में सुहाना खान ने अपने ग्रेसफुल और एलिगेंट अंदाज से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था. इवेंट के दौरान की तस्वीरें उन्होंने अपने इंस्टाग्रान पर शेयर की हैं.

‘द बैड्स ऑफ बॉलीवुड’ के प्रीव्यू लॉन्च इवेंट में सुहाना खान ने अपने ग्रेसफुल और एलिगेंट अंदाज से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था. इवेंट के दौरान की तस्वीरें उन्होंने अपने इंस्टाग्रान पर शेयर की हैं.

सुहाना खान ने पिंक और ब्लैक कलर कॉम्बिनेशन का फ्लोरल टॉप पहना और ब्लैक स्कर्ट कैरी किया था. ये आउटफिट एक्ट्रेस पर काफी जच रहा था.

सुहाना खान ने पिंक और ब्लैक कलर कॉम्बिनेशन का फ्लोरल टॉप पहना और ब्लैक स्कर्ट कैरी किया था. ये आउटफिट एक्ट्रेस पर काफी जच रहा था.

शेयर की हुई फोटोज में सुहाना खान को पॉपकॉर्न एंजॉय करते देखा जा सकता है. अलग-अलग पोज में उन्होंने अपनी कई तस्वीरें पोस्ट की हैं.

शेयर की हुई फोटोज में सुहाना खान को पॉपकॉर्न एंजॉय करते देखा जा सकता है. अलग-अलग पोज में उन्होंने अपनी कई तस्वीरें पोस्ट की हैं.

अपने दिलकश अदाओं से एक बार फिर किंग खान की बेटी ने दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है. अक्सर ही सुहाना खान अपने फैशन और स्टाइल के वजह से चर्चाओं में बनी रहती हैं अब एक बार फिर वो फैंस का दिल जीतने में कामयाब हुई हैं.

अपने दिलकश अदाओं से एक बार फिर किंग खान की बेटी ने दर्शकों को अपना दीवाना बना लिया है. अक्सर ही सुहाना खान अपने फैशन और स्टाइल के वजह से चर्चाओं में बनी रहती हैं अब एक बार फिर वो फैंस का दिल जीतने में कामयाब हुई हैं.

अपने इस आउटफिट के साथ सुहाना ने बालों को खुला रखा था और मेकअप भी सेटल किया था.

अपने इस आउटफिट के साथ सुहाना ने बालों को खुला रखा था और मेकअप भी सेटल किया था.

वी नेकलाइन वाले इस फ्लोरल ड्रेस में उनका लुक काफी निखर कर आ रहा है. सुहाना का ये सिंपल और स्टाइलिश आउटफिट आप भी अपने किसी बड़े दिन के लिए रे क्रिएट कर सकती हैं. लुक को और भी स्टाइलिश बनाने के लिए उन्होंने ब्लैक हैंड बैग भी कैरी किया है.

वी नेकलाइन वाले इस फ्लोरल ड्रेस में उनका लुक काफी निखर कर आ रहा है. सुहाना का ये सिंपल और स्टाइलिश आउटफिट आप भी अपने किसी बड़े दिन के लिए रे क्रिएट कर सकती हैं. लुक को और भी स्टाइलिश बनाने के लिए उन्होंने ब्लैक हैंड बैग भी कैरी किया है.

स्टेटमेंट अक्सेसरीज के साथ उन्होंने अपना लुक पूरा किया है. इस पोस्ट को शेयर करते हुए सुहाना खान ने कैप्शन में भाई आर्यन खान को चीयर करते हुए लिखा- 'बड़े भाई का बड़ा दिन है.'

स्टेटमेंट अक्सेसरीज के साथ उन्होंने अपना लुक पूरा किया है. इस पोस्ट को शेयर करते हुए सुहाना खान ने कैप्शन में भाई आर्यन खान को चीयर करते हुए लिखा- ‘बड़े भाई का बड़ा दिन है.’

Published at : 20 Aug 2025 10:50 PM (IST)

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इस संस्थान में प्रोफेसर सहित कई पदों पर निकली वैकेंसी, जानें कौन और कैसे कर सकते हैं अप्लाई

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लखनऊ का संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGIMS) एक बार फिर चर्चा में है. इस प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान ने बड़ी भर्ती का ऐलान करते हुए प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 220 पदों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है. आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 8 सितंबर 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

यह मौका उन मेडिकल उम्मीदवारों के लिए बेहद खास है जो शिक्षा और शोध दोनों में अपना करियर बनाना चाहते हैं. SGPGIMS न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश में अपने चिकित्सा और शोध कार्यों के लिए जाना जाता है.

कितने पदों पर भर्ती होगी?

भर्ती अभियान के तहत कुल 220 फैकल्टी पद भरे जाएंगे. इसमें प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं. इन पदों के लिए संस्थान ने स्पष्ट रूप से पात्रता, वेतन और आवेदन प्रक्रिया भी जारी कर दी है.

सैलरी कितनी होगी?

SGPGIMS की इस भर्ती में उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार शानदार वेतन दिया जाएगा. असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 1,01,500 रुपये से लेकर 1,67,400 रुपये तक का वेतन मिलेगा. एसोसिएट प्रोफेसर के लिए यह वेतन 1,38,300 रुपये से 2,09,200 रुपये तक होगा.

वहीं एडिशनल प्रोफेसर को 1,48,200 रुपये से लेकर 2,11,400 रुपये तक का वेतन मिलेगा. सबसे उच्च पद यानी प्रोफेसर के लिए वेतनमान 1,68,900 रुपये से 2,20,400 रुपये तय किया गया है. यह सैलरी उम्मीदवारों के अनुभव और योग्यता के आधार पर तय की जाएगी.

शैक्षणिक योग्यता
इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास मेडिकल शिक्षा की उच्चतम डिग्रियां होना जरूरी है. आवेदक के पास एमडी (MD), एमएस (MS) या डीएम (DM) की डिग्री होनी चाहिए. इसके अलावा, उम्मीदवारों को संबंधित क्षेत्र में कार्यानुभव भी होना अनिवार्य है. अनुभव और शैक्षणिक पृष्ठभूमि के आधार पर ही उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा.

आयु सीमा

भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 50 वर्ष तय की गई है. हालांकि, एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और ईडब्ल्यूएस उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी.

इतना देना होगा आवेदन शुल्क

भर्ती प्रक्रिया पूरी करने के लिए उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क जमा करना होगा. सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 2000 रुपये है. वहीं, ओबीसी, एससी, एसटी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग उम्मीदवारों को केवल 1000 रुपये शुल्क देना होगा. शुल्क का भुगतान डिमांड ड्राफ्ट (DD) के माध्यम से किया जाएगा.

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए SGPGIMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा. वहां भर्ती सेक्शन पर क्लिक करके संबंधित पद का चयन करना होगा. आवेदन फॉर्म भरने के बाद मांगे गए दस्तावेज अपलोड करने होंगे और शुल्क जमा करना होगा. आवेदन सबमिट करने के बाद उसका प्रिंटआउट निकालकर अपने पास सुरक्षित रखना जरूरी है. 

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उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड

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पैसों की खान से कम नहीं ये शेयर, निवेशक हो रहे मालामाल; 5 साल में 7071 परसेंट तक उछला स्टॉक

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ASM Technologies Shares: शेयर मार्केट में कम समय में मुनाफा कमाना बेहद मुश्किल है. इसके लिए धैर्य के साथ-साथ सही वक्त पर सही स्टॉक चुनने की भी गहरी समझ होनी चाहिए. हालांकि, इस बीच एक कंपनी के शेयर की जमकर चर्चाएं हो रही हैं, जो निवेशकों को लगातार मालामाल बनाते जा रहा है. स्टॉक पर बंपर रिटर्न को देखते हुए रिटेलर्स के साथ-साथ स्टार इन्वेस्टर्स और इंस्टिट्यूशंस भी इस पर दांव लगा रहे हैं. हम यहां बात कर रहे हैं सेमीकंडक्टर स्टॉक ASM Technologies की बात कर रहे हैं. 

छोटी कंपनी के शेयर के बड़े कमाल 

ASM Technologies कोई बहुत बड़ी कंपनी नहीं है, लेकिन इसके शेयर बड़े कमाल रहे हैं. बीते 5 महीने में इसने करीब 200 परसेंट और 5 साल में 7071 परसेंट का दमदार रिटर्न दिया है. साल 1995 से इस स्टॉक ने 51312 परसेंट का रिटर्न दिया है. सुनने में भले ही आपको हैरानी हो, लेकिन यही सच है. जहां पांच महीने पहले इसके शेयर की कीमत 1,223.80 रुपये थी, वह आज बढ़कर 3,634 रुपये पर पहुंच गया है. यानी कि इसमें लगभग 197 परसेंट का उछाल आया है. 20 अगस्त यानी कि आज कंपनी के शेयर अपने 52 हफ्तों के हाई लेवल 3,634 रुपये पर पहुंच गए. वहीं, इसी 52 हफ्ते का लो लेवल 1,033.20 है. आपको जानकर हैरानी होगी कि यह स्टॉक जाने-माने इंवेस्टर्स मुकुल अग्रवाल की पोर्टफोलियो का भी हिस्सा है. 

पहली तिमाही में शानदार परफॉर्मेंस 

कारोबारी साल 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी ने 15.57 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में 2.59 करोड़ रुपये था. वहीं, इस दौरान कंपनी का ऑपरेश्नल रेवेन्यू 122.91 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की समान तिमाही  52.62 करोड़ रुपये था. 4,185 करोड़ मार्केट कैप वाली इस कंपनी का जून तिमाही में कुल आय 124.02 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के इसी तिमाही के 55.81 करोड़ से कहीं ज्यादा है. बीते 9 अगस्त को तिमाही नतीजे के ऐलान के साथ कंपनी ने अपने शेयरहोल्डर्स के लिए 1 रुपये प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड का भी ऐलान किया. 

 

 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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