GST रिफॉर्म ने बढ़ाई राज्यों की चिंता, हर साल 7000 से 9000 करोड़ का हो सकता है भारी नुकसान

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Next Gen GST: गुड्स एवं सर्विस टैक्स (GST) में प्रस्तावित रिफॉर्म चालू वित्त वर्ष के मध्य में लागू किया जा सकता है. लेकिन इसके चलते कई बड़े राज्यों ने चिंता जताई है कि नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म प्रभावी होने पर उनके राजस्व को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा. राज्यों के सरकारी अधिकारियों के मुताबिक, प्रस्तावित सुधारों से उन्हें हर साल 7000 से 9000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो सकता है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यह कमी राज्यों के सामाजिक विकास और प्रशासनिक कामकाज पर सीधा असर डाल सकती है.

राजस्व वृद्धि पर असर
राज्यों का कहना है कि आंतरिक आकलन के अनुसार रेवेन्यू ग्रोथ की रफ्तार घटकर 8% पर आ सकती है. पिछले कुछ वर्षों में यह दर 11.6% रही है, जबकि 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले यह लगभग 14% थी.

यूबीएस का अनुमान
अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज हाउस यूबीएस के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026 में जीएसटी से होने वाला राजस्व घाटा भरपाई योग्य है. इसके अनुमान के अनुसार, सालाना तौर पर 1.1 ट्रिलियन रुपये यानी जीडीपी का 0.3% घाटा हो सकता है. वहीं, 2025-26 में यह नुकसान लगभग 430 बिलियन रुपये (जीडीपी का 0.14%) तक रह सकता है. इस कमी की भरपाई आरबीआई के डिविडेंड और अतिरिक्त सरप्लस सेस ट्रांसफर के जरिए की जा सकती है.

समाचार एजेंसी एएनआई के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि उपभोग को बढ़ावा देने के लिए व्यक्तिगत आयकर या कॉर्पोरेट टैक्स में कटौती के मुकाबले जीएसटी में कटौती कहीं अधिक असरदार है, क्योंकि इसका सीधा असर खरीदारी पर पड़ता है.

गौरतलब है कि पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए भाषण में दिवाली से पहले नेक्स्ट जेनरेशन जीएसटी रिफॉर्म लागू करने का ऐलान किया था. सरकार का कहना है कि इस रिफॉर्म का सीधा लाभ उपभोक्ताओं, छोटे उद्योगों और एमएसएमई को मिलेगा.

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असम को शिक्षा के क्षेत्र में मिला बड़ा तोहफा, गुवाहाटी में बनेगा देश का 22वां IIM

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असम के छात्रों और पूरे पूर्वोत्तर भारत के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है. शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक फैसला लेते हुए सोमवार को लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (संशोधन) विधेयक, 2025 पेश किया. इस विधेयक के तहत गुवाहाटी में नया इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM Guwahati) स्थापित किया जाएगा. यह असम का पहला और देश का 22वां आईआईएम होगा.

555 करोड़ का कॉर्पस फंड

सरकार की योजना के मुताबिक, गुवाहाटी में बनने वाले आईआईएम के लिए केंद्र 2025-26 से 2029-30 तक कुल 555 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड उपलब्ध कराएगी. यह फंड संस्थान की शुरुआती पांच साल की जरूरतों को पूरा करने में इस्तेमाल किया जाएगा. पांच साल बाद आईआईएम गुवाहाटी को अपनी आय खुद पैदा करनी होगी और केंद्र सरकार से अतिरिक्त आर्थिक मदद नहीं मिलेगी.

असम का पहला आईआईएम

गौरतलब है कि असम की आबादी तीन करोड़ से ज्यादा है, लेकिन यहां अब तक कोई आईआईएम मौजूद नहीं था. देश के बाकी हिस्सों में प्रबंधन शिक्षा के लिए आईआईएम नेटवर्क काफी मजबूत है, लेकिन पूर्वोत्तर क्षेत्र इस मामले में अब तक पीछे था. गुवाहाटी में आईआईएम खुलने से न सिर्फ असम बल्कि पूरे पूर्वोत्तर के छात्रों को फायदा मिलेगा.

असम विकास पैकेज का हिस्सा

यह परियोजना केवल शिक्षा से जुड़ी नहीं है, बल्कि असम के विकास पैकेज का भी अहम हिस्सा है. दरअसल, भारत सरकार, असम सरकार और यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (ULFA) के बीच हुए समझौते में यह प्रावधान शामिल था कि राज्य के विकास के लिए विशेष पैकेज लागू किया जाएगा. उसी समझौते के तहत गुवाहाटी में आईआईएम की स्थापना को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना माना गया है.

पूर्वोत्तर की शिक्षा में नई ऊर्जा

केंद्र सरकार का कहना है कि गुवाहाटी में आईआईएम खुलने से पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी. यहां के छात्रों को प्रबंधन की उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा अपने ही राज्य और क्षेत्र में मिलेगी, जिसके लिए पहले उन्हें देश के दूसरे हिस्सों में जाना पड़ता था. इससे न केवल शिक्षा बल्कि स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा.

सरकार की मंशा

बिल में साफ तौर पर कहा गया है कि असम एक ऐसा राज्य है जिसकी बड़ी आबादी है लेकिन अब तक वहां कोई आईआईएम मौजूद नहीं है. इस संस्थान के खुलने से पूर्वोत्तर की प्रतिभाओं को अवसर मिलेगा और क्षेत्रीय विकास को नई दिशा मिलेगी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी लोकसभा में इसे एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि यह न केवल असम बल्कि पूरे देश की प्रगति में योगदान देगा.

छात्रों और अभिभावकों की उम्मीदें

इस घोषणा के बाद असम और पूर्वोत्तर के छात्रों व अभिभावकों में उत्साह है. लंबे समय से यहां के लोग मांग कर रहे थे कि इस क्षेत्र में उच्च स्तरीय शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए जाएं. अब आईआईएम गुवाहाटी की स्थापना से यह सपना पूरा होता दिखाई दे रहा है.

स्थानीय विकास को बढ़ावा

आईआईएम गुवाहाटी से न केवल शिक्षा क्षेत्र में बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे के विकास को भी फायदा होगा. यहां आने वाले छात्रों और शिक्षकों के लिए नए अवसर पैदा होंगे, जिससे गुवाहाटी और आसपास के इलाकों में रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी.

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क्या ताइवान पर हमला करने की तैयारी में चीन? ADIZ में तैनात किए 10 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 6 नौसै

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ताइवान के रक्षा मंत्रालय (MND) ने मंगलवार (19 अगस्त, 2025) को बताया कि उसने अपने क्षेत्र के पास चीन की सैन्य गतिविधि दर्ज की है. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ताइवान ने चीन के 10 सैन्य विमान और छह नौसैनिक जहाजों की गतिविधियां देखने की पुष्टि की है.

ताइवानी रक्षा मंत्रालय (MND) के मुताबिक, 10 विमानों में से दो विमानों ने ताइवान जलडमरूमध्य की मध्य रेखा पार कर ताइवान के उत्तरी वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (Air Defense Identification Zone/ADIZ) में प्रवेश किया. इसके जवाब में ताइवान की सेना ने स्थिति पर करीबी नजर बनाए रखी और अपने विमान, नौसैनिक जहाज और तट-आधारित मिसाइल प्रणालियों को भी चीनी सैन्य विमान की ओर तैनात कर दिया.

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने एक्स पर किया पोस्ट

ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, “आज मंगलवार (19 अगस्त, 2025) को सुबह 6 बजे तक पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के 10 विमान और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (पीएलएएन) के 6 जहाज ताइवान के आसपास देखे गए. इनमें से 2 विमानों ने मध्य रेखा पार कर उत्तरी एडीआईजेड में प्रवेश किया. हमने स्थिति पर नजर रखी और आवश्यक प्रतिक्रिया दी.”

पहले भी कई बार ताइवान ने दर्ज की थी चीन की गतिविधि

यह घटना लगातार हो रही चीनी सैन्य गतिविधियों की कड़ी में नवीनतम है. सोमवार (18 अगस्त, 2025) को भी ताइवान ने 6 चीनी सैन्य विमान और 5 नौसैनिक जहाजों की गतिविधियां दर्ज की थीं, जिनमें से 3 विमानों ने मध्य रेखा पार कर उत्तरी ADIZ में प्रवेश किया था.

इसी तरह रविवार को भी ताइवान के एमएनडी ने बताया था कि 6 चीनी सैन्य विमान और 5 नौसैनिक जहाज उसके आसपास सक्रिय थे. इनमें से 2 विमानों ने मध्य रेखा पार कर ताइवान के उत्तरी और दक्षिण-पश्चिमी एडीआईजेड में प्रवेश किया था.

ताइवान को अपना हिस्सा बताता है चीन

चीन लगातार ताइवान को अपने “वन चाइना” सिद्धांत के तहत अपने क्षेत्र का हिस्सा बताता है और उसका बीजिंग के साथ पुनर्मिलन कराने पर जोर देता है. वहीं, ताइवान जनता के व्यापक समर्थन के साथ अपनी संप्रभुता बनाए रखते हुए चीन की घुसपैठों का जवाब देता आ रहा है.

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करोड़ों की मालकिन होकर भी सिंपल लाइफ जीती हैं रवि किशन की बीवी प्रीति शुक्ला

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Tarot Card Predictions: आज क्या रहेगा आपके लाइफ में खास, टैरो कार्ड्स से पढ़ें 20 अगस्त का राशिफल

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मेष टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के जातकों को आज ऐसा महसूस होगी की सारी परिस्थितियां आपके हाथ से निकलती जा रही है. लेकिन, जल्द ही सबकुछ आपके अनुकूल हो जाएगा. साथ ही आज आप किसी मांगलिक कार्य में शामिल भी हो सकते हैं.

मेष टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मेष राशि के जातकों को आज ऐसा महसूस होगी की सारी परिस्थितियां आपके हाथ से निकलती जा रही है. लेकिन, जल्द ही सबकुछ आपके अनुकूल हो जाएगा. साथ ही आज आप किसी मांगलिक कार्य में शामिल भी हो सकते हैं.

वृषभ टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स के अनुसार, वृषभ राशि के जातक आज नई चीजों को लेकर अपने आपको उत्साहित नहीं कर पाएंगे. शीघ्र ही आपको की गयी गलती का अहसास होने लगेगा. स्वास्थ्य नरम रहेगा.

वृषभ टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स के अनुसार, वृषभ राशि के जातक आज नई चीजों को लेकर अपने आपको उत्साहित नहीं कर पाएंगे. शीघ्र ही आपको की गयी गलती का अहसास होने लगेगा. स्वास्थ्य नरम रहेगा.

मिथुन टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है. आज आपको व्यापारिक कार्यों में प्रतिकूलता देखने को मिलेगी. आप महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं. साझेदारी में सावधान रहें.

मिथुन टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मिथुन राशि के लोगों के लिए आज का दिन सामान्य रहने वाला है. आज आपको व्यापारिक कार्यों में प्रतिकूलता देखने को मिलेगी. आप महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत कर सकते हैं. साझेदारी में सावधान रहें.

कर्क टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कर्क राशि के जातकों का कार्यकौशल आज देखने लायक होगा. आज आपका पूरा फोकस नई-नई योजनाओं के क्रियान्वयन पर रहेगा. बेहतर निवेश के लिए तुरंत कदम उठाएं.

कर्क टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कर्क राशि के जातकों का कार्यकौशल आज देखने लायक होगा. आज आपका पूरा फोकस नई-नई योजनाओं के क्रियान्वयन पर रहेगा. बेहतर निवेश के लिए तुरंत कदम उठाएं.

सिंह टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, सिंह राशि के जातकों की ऊर्जा, करिश्मा, प्रभावशीलता इस समय शीर्ष स्तर पर रहने वाली है. हालांकि, आज आपका स्वास्थ्य थोड़ा नरम रहने वाला है. आपको उदर विकार, पित्त विकार या ब्लड प्रेशर परेशान करेंगा.

सिंह टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, सिंह राशि के जातकों की ऊर्जा, करिश्मा, प्रभावशीलता इस समय शीर्ष स्तर पर रहने वाली है. हालांकि, आज आपका स्वास्थ्य थोड़ा नरम रहने वाला है. आपको उदर विकार, पित्त विकार या ब्लड प्रेशर परेशान करेंगा.

कन्या टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कन्या राशि के जातकों को आज स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियों से जूझना पड़ेगा. निरंतर भागदौड़ की स्थितियां बारम्बार आयेंगी. आध्यात्मिक बने रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा.

कन्या टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कन्या राशि के जातकों को आज स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियों से जूझना पड़ेगा. निरंतर भागदौड़ की स्थितियां बारम्बार आयेंगी. आध्यात्मिक बने रहना आपके लिए लाभदायक रहेगा.

तुला टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशि के जातक आज ऊर्जा से भरे रहेंगे. साथ ही आज आप कुछ नए कदम साहसिक कदम उठाएंगे. आपकी लोकप्रियता में वृद्धि होगी. आपकी लोकप्रियता से विरोधी पक्ष तिलमिला जाएगा.

तुला टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि तुला राशि के जातक आज ऊर्जा से भरे रहेंगे. साथ ही आज आप कुछ नए कदम साहसिक कदम उठाएंगे. आपकी लोकप्रियता में वृद्धि होगी. आपकी लोकप्रियता से विरोधी पक्ष तिलमिला जाएगा.

वृश्चिक टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृश्चिक राशि के जातक आज अपने आत्म सुधार और विकास पर कुछ धन खर्च कर सकते हैं. जीवन साथी से संबंधों में कटुता आएगी जिस कारण मन उद्वेलित रहेगा.

वृश्चिक टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि वृश्चिक राशि के जातक आज अपने आत्म सुधार और विकास पर कुछ धन खर्च कर सकते हैं. जीवन साथी से संबंधों में कटुता आएगी जिस कारण मन उद्वेलित रहेगा.

धनु टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि धनु राशि के लोगों को इस समय संपत्ति मकान और जमीन के सौदों से भी अच्छे मुनाफे की संभावना दिखाई दे रही है. व्यवसाय हो या नौकरी दोनो ही क्षेत्र में उन्नति के द्वार खुलेंगे.

धनु टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि धनु राशि के लोगों को इस समय संपत्ति मकान और जमीन के सौदों से भी अच्छे मुनाफे की संभावना दिखाई दे रही है. व्यवसाय हो या नौकरी दोनो ही क्षेत्र में उन्नति के द्वार खुलेंगे.

मकर टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशि के जातक फिलहाल, कामकाज को अत्यंत युक्ति संगत व सुचारु करेंगे. स्वास्थ्य में कष्ट प्रतीत होगा. कुछ सामाजिक या धार्मिक सेवा के कार्य भी किए जा सकते हैं.

मकर टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि मकर राशि के जातक फिलहाल, कामकाज को अत्यंत युक्ति संगत व सुचारु करेंगे. स्वास्थ्य में कष्ट प्रतीत होगा. कुछ सामाजिक या धार्मिक सेवा के कार्य भी किए जा सकते हैं.

कुंभ टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशि के लोगों को आज तनाव से मुक्ति मिलेगी. आज घर, गृहस्थी, दाम्पत्य से संबंधित मामलों का तनाव भी ठीक होगा. नवीन कार्यों में मित्र वर्ग से वांछित सहयोग मिलेगा.

कुंभ टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना बता रही है कि कुंभ राशि के लोगों को आज तनाव से मुक्ति मिलेगी. आज घर, गृहस्थी, दाम्पत्य से संबंधित मामलों का तनाव भी ठीक होगा. नवीन कार्यों में मित्र वर्ग से वांछित सहयोग मिलेगा.

मीन टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, मीन राशि के लोगों को आज मानसिक तनाव से राहत मिलेगी. आज आपको संतान से संबंधित समस्याएं भी काफी कम हो जाएंगी. हालांकि, आपको सरकारी कार्यों में लाभ होगा.

मीन टैरो राशिफल: टैरो कार्ड्स की गणना के अनुसार, मीन राशि के लोगों को आज मानसिक तनाव से राहत मिलेगी. आज आपको संतान से संबंधित समस्याएं भी काफी कम हो जाएंगी. हालांकि, आपको सरकारी कार्यों में लाभ होगा.

Published at : 20 Aug 2025 01:01 AM (IST)

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एक साथ कैसे ठप पड़ गए मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क? इंटरनेट पर लोगों ने जताई नाराजगी

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सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई. लोग हैरान थे कि आखिर एक ही समय पर सभी बड़ी कंपनियों के नेटवर्क में समस्या कैसे आ सकती है. कई यूजर्स ने ट्विटर (X) जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनियों से जवाब मांगा. खास बात यह रही कि जियो ने इस मामले में आधिकारिक सफाई भी दी.

सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई. लोग हैरान थे कि आखिर एक ही समय पर सभी बड़ी कंपनियों के नेटवर्क में समस्या कैसे आ सकती है. कई यूजर्स ने ट्विटर (X) जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए कंपनियों से जवाब मांगा. खास बात यह रही कि जियो ने इस मामले में आधिकारिक सफाई भी दी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में सबसे ज्यादा परेशानी रही. Airtel के यूजर्स कॉल तो छोड़िए, मोबाइल डेटा तक नहीं चला पा रहे थे. आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट Downdetector के मुताबिक, Airtel में समस्या शाम 3:30 बजे के आसपास शुरू हुई. कुछ रिपोर्ट्स इसे 4:30 बजे बताती हैं. सिर्फ दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु से ही 3 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं. करीब 5:30 बजे तक सर्विस धीरे-धीरे सुधरने लगी थी.

रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों में सबसे ज्यादा परेशानी रही. Airtel के यूजर्स कॉल तो छोड़िए, मोबाइल डेटा तक नहीं चला पा रहे थे. आउटेज ट्रैकिंग वेबसाइट Downdetector के मुताबिक, Airtel में समस्या शाम 3:30 बजे के आसपास शुरू हुई. कुछ रिपोर्ट्स इसे 4:30 बजे बताती हैं. सिर्फ दिल्ली-NCR, मुंबई और बेंगलुरु से ही 3 हजार से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं. करीब 5:30 बजे तक सर्विस धीरे-धीरे सुधरने लगी थी.

हालांकि सबसे ज्यादा परेशानी Airtel यूजर्स को हुई लेकिन रिपोर्ट्स में बताया गया कि Jio और Vodafone-Idea के यूजर्स को भी नेटवर्क समस्या झेलनी पड़ी. जियो पर करीब 200 शिकायतें दर्ज हुईं. Vi को लेकर लगभग 50 शिकायतें सामने आईं. शिकायतें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु के अलावा चंडीगढ़, लखनऊ और पटना जैसे शहरों से भी मिलीं.

हालांकि सबसे ज्यादा परेशानी Airtel यूजर्स को हुई लेकिन रिपोर्ट्स में बताया गया कि Jio और Vodafone-Idea के यूजर्स को भी नेटवर्क समस्या झेलनी पड़ी. जियो पर करीब 200 शिकायतें दर्ज हुईं. Vi को लेकर लगभग 50 शिकायतें सामने आईं. शिकायतें दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु के अलावा चंडीगढ़, लखनऊ और पटना जैसे शहरों से भी मिलीं.

लोगों ने कहा कि वे न तो कॉल कर पा रहे हैं और न ही इंटरनेट चला पा रहे हैं. एक यूजर ने मजाक में लिखा

लोगों ने कहा कि वे न तो कॉल कर पा रहे हैं और न ही इंटरनेट चला पा रहे हैं. एक यूजर ने मजाक में लिखा “दिल्ली में Airtel डाउन है? पिछले एक घंटे से मेरी पत्नी सोच रही है कि मैं उसके कॉल्स को इग्नोर कर रहा हूं. शुक्रिया Airtel, नेटवर्क की समस्या को शादी की समस्या में बदलने के लिए.”

Airtel की ओर से माना गया कि नेटवर्क में गड़बड़ी आई थी और उसे ठीक करने के लिए तुरंत काम किया गया. वहीं, Jio ने सफाई देते हुए कहा कि उनका नेटवर्क पूरे दिन सामान्य रूप से काम कर रहा था. सभी Jio-to-Jio कॉल्स और Jio से अन्य नेटवर्क पर कॉल्स सुचारू रूप से चल रही थीं. दिक्कत सिर्फ उस स्थिति में आई जब Jio यूजर्स ने ऐसे नेटवर्क पर कॉल किया जिसमें पहले से डाउनटाइम चल रहा था.

Airtel की ओर से माना गया कि नेटवर्क में गड़बड़ी आई थी और उसे ठीक करने के लिए तुरंत काम किया गया. वहीं, Jio ने सफाई देते हुए कहा कि उनका नेटवर्क पूरे दिन सामान्य रूप से काम कर रहा था. सभी Jio-to-Jio कॉल्स और Jio से अन्य नेटवर्क पर कॉल्स सुचारू रूप से चल रही थीं. दिक्कत सिर्फ उस स्थिति में आई जब Jio यूजर्स ने ऐसे नेटवर्क पर कॉल किया जिसमें पहले से डाउनटाइम चल रहा था.

Published at : 19 Aug 2025 09:23 AM (IST)

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ODI वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया का एलान, कब है भारत का पहला मैच? नोट कर लीजिए सभी मैचों की डेट

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मेंस क्रिकेट में एशियाई चैंपियन मिलने के 2 दिन बाद ही महिला एकदिवसीय वर्ल्ड कप 2025 शुरू हो जाएगा. विश्व कप के लिए भारतीय स्क्वाड की घोषणा हो चुकी है, जिसकी कप्तानी हरमनप्रीत कौर के हाथों में होगी. एक चौंकाने वाली बात यह है कि तूफानी ओपनिंग बल्लेबाज शेफाली वर्मा को स्क्वाड से बाहर कर दिया गया है. वर्ल्ड कप 30 सितंबर-2 नवंबर तक खेला जाएगा, जिसके मैच भारत और श्रीलंका में खेले जाएंगे. विश्व कप शुरू होने से पहले यहां आप टीम इंडिया का स्क्वाड और उसका पूरा शेड्यूल एकसाथ देख सकते हैं.

महिला ODI वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत और श्रीलंका मिलकर करने वाले हैं, जिसके लिए कुल 5 मैदानों का चयन किया गया है. हालांकि बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम से मैचों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जा सकता है. विश्व कप में कुल 8 टीम खेलेंगी, जो राउंड-रॉबिन फॉर्मेट के तहत लीग स्टेज में एक-दूसरे से एक-एक बार भिड़ेंगी. ग्रुप स्टेज में टॉप-4 टीम सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी. अंत में 2 नवंबर को फाइनल खेला जाएगा.

कब-कब होंगे भारत के मैच?

टूर्नामेंट की शुरुआत 30 सितंबर को भारत बनाम श्रीलंका मैच से होगी. टीम इंडिया का दूसरा मैच 5 अक्टूबर को पाकिस्तान और फिर 9 अक्टूबर को दक्षिण अफ्रीका से होगा. 12 अक्टूबर को टीम इंडिया के सामने ऑस्ट्रेलिया की कठिन चुनौती होगी, जो 7 बार ODI वर्ल्ड कप जीत चुकी है. भारत का सामना 19 अक्टूबर को इंग्लैंड और फिर 23 अक्टूबर को न्यूजीलैंड से होगा. टीम इंडिया का आखिरी लीग स्टेज मुकाबला 26 अक्टूबर को बांग्लादेश से होगा.

ODI वर्ल्ड कप में भारत का पूरा शेड्यूल

30 सितंबर- भारत बनाम श्रीलंका

5 अक्टूबर- भारत बनाम पाकिस्तान

9 अक्टूबर- भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका

12 अक्टूबर- भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया

19 अक्टूबर- भारत बनाम इंग्लैंड

23 अक्टूबर- भारत बनाम न्यूजीलैंड

26 अक्टूबर- भारत बनाम बांग्लादेश

महिला ODI वर्ल्ड कप 2025 के लिए भारतीय स्क्वाड: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), प्रतिका रावल, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, रेणुका सिंह ठाकुर, अरुंधति रेड्डी, ऋचा घोष (विकेटकीपर), क्रांति गौड़, सयाली सतघरे, राधा यादव, श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), स्नेह राणा

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केन्द्रीय कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग बिल को दी मंजूरी, जानें कैसे किया जाएगा रेगुलेट

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Online Gaming Bill: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक में ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी दे दी गई. इसके बाद ऑनलाइन सट्टेबाजी को दंडनीय अपराध बना दिया गया है. इस बिल को लोकसभा में बुधवार को रखा जा सकता है. ऑनलाइन गेमिंग बिल के जरिए ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट किया जाएगा. केन्द्र सरकार का कहना है कि इस कदम से सभी listed और Un-listed कंपनियों पर फोकस करते हुए गेमिंग इंडस्ट्री में पारदर्शिता और नियंत्रण बढ़ेगा.

नए बिल में कुछ ऑनलाइन गेम्स को प्रतिबंधित करने के प्रावधानों को भी शामिल किया गया है. यानी ऐसे गेम्स जो लत, वित्तीय नुकसान या सामाजिक प्रभाव को बढ़ावा देते हैं, उन्हें प्रतिबंधित किया जा सकता है.

साथ ही, जिन गेम्स पर रेगुलेशन होगा वो हैं- स्किल-बेस्ड गेम जैसे चेस, क्विज़ और ई-स्पोर्ट्स,  कंपनियों को यह बताना अनिवार्य होगा कि उनका गेम स्किल-बेस्ड है या चांस-बेस्ड. हर प्लेटफॉर्म पर KYC और डेटा प्रोटेक्शन नियम लागू होंगे. नाबालिगों के लिए टाइम लिमिट, खर्च की सीमा और पैरेंटल कंट्रोल अनिवार्य होंगे.

गेमिंग इंडस्ट्री पर असर

इस बिल का उद्देश्य ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर में नियम-कानून तय करना और उपभोक्ताओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है. फिलहाल गेमिंग कंपनियों पर स्पष्ट रेगुलेशन की कमी है, जिसके कारण कई बार उपभोक्ता शोषण और धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं.

नए कानून के बाद भारत की ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री, जिसमें करोड़ों यूजर्स सक्रिय हैं, पर सीधा असर पड़ेगा. खासकर वे कंपनियां जो बिना किसी नियमन के वर्चुअल मनी, रियल कैश गेम्स या बेटिंग से जुड़े गेम्स चला रही हैं, उन्हें अपनी पॉलिसी बदलनी होगी.

किन गेम्स पर बैन लग सकता है?

बिल में उन गेम्स को बैन करने का प्रावधान है जो- जुआ या सट्टेबाजी को बढ़ावा देते हैं. वर्चुअल मनी या रियल कैश बेटिंग पर आधारित होते हैं. खिलाड़ियों की लत बढ़ाते हैं और वित्तीय नुकसान कराते हैं. हिंसक या आपत्तिजनक कंटेंट को प्रमोट करते हैं. इसका सीधा असर उन कंपनियों पर पड़ेगा जो बिना किसी रेगुलेशन के इस तरह के गेम चला रही हैं.

गौरतलब है कि भारत की ऑनलाइन गेमिंग इंडस्ट्री का आकार करीब 3 बिलियन डॉलर से भी ज्यादा का है. ऐसे में नए कानून से असली कंपनियों को फायदा मिलेगा. साथ ही, विदेशी निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा, क्योंकि इंडस्ट्री अब एक कानूनी ढांचे में काम करेगी.

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‘जब तक मैं राष्ट्रपति हूं ताइवान पर हमला नहीं करेगा चीन’, ट्रंप के इस बयान पर आया ताइपे का रिएक

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार (15 अगस्त, 2025) को दावा किया था कि चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जब तक वह राष्ट्रपति हैं, तब तक चीन ताइवान पर हमला नहीं करेगा. अब ताइवान के विदेश मंत्रालय ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि हम खुद अपनी रक्षा कर सकते हैं. ताइवान पिछले पांच सालों से चीन की ओर से सैन्य और राजनीतिक दबाव का सामना करना पड़ रहा है. चीन अक्सर ताइवान को अपने क्षेत्र में मिलाने की बात करता रहा है.

हम अमेरिका और चीन के बीच की बातचीत पर बारीकी से रख रहे नजर- कुआंग वेई

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान पर ताइवान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता कुआंग-वेई ने कहा कि उनकी सरकार अमेरिका और चीन के बीच की बातचीत पर बारीकी से नजर रखती है. उन्होंने कहा, “ताइवान के पास इतनी ताकत है कि वह अपनी रक्षा स्वयं कर सकता है. यही कारण है कि हमारा देश अपनी आत्मरक्षा क्षमताओं को और बढ़ा रहा है. हमारा देश अपनी ताकत को बढ़ाने के लिए लगातार कड़ी मेहनत कर रहा है.”

अमेरिका- ताइवान के बीच नहीं है कोई रक्षा संधि

संयुक्त राज्य अमेरिका ताइवान का सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय समर्थक और हथियार आपूर्तिकर्ता है. हालांकि, दोनों देशों के बीच कोई औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं. दोनों देशों के बीच कोई रक्षा संधि भी नहीं है इसलिए अगर चीन हमला करता है तो वाशिंगटन मदद करने के लिए बाध्य नहीं है.

हालांकि, संयुक्त राज्य अमेरिका जो कानून तौर पर ताइवान को अपनी रक्षा के साधन उपलब्ध कराने के लिए बाध्य है और लंबे समय से रणनीतिक अस्पष्टता की नीति पर कायम है. ऐसे में यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि अगर चीन की ओर से ताइवान पर किसी भी तरह का हमला किया जाता है तो उस स्थिति में अमेरिका अपने सैन्य ताकत का इस्तेमाल कर ताइवान की मदद करेगा या नहीं.

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पाकिस्तान की कायराना करतूत से रूबरू होंगे स्कूली बच्चे, NCERT की किताबों में ‘ऑपरेशन सिंदूर’

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एनसीईआरटी ने स्कूलों की किताबों में नया और खास मॉड्यूल जोड़ा है. इस मॉड्यूल का नाम ऑपरेशन सिंदूर है, जो कक्षा 3 से 12 तक के बच्चों के लिए तैयार किया गया है. इसका मकसद बच्चों को पाकिस्तान की कायराना करतूत से रूबरू कराते हुए न सिर्फ पहलगाम आतंकी हमले के बारे में बताना है, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की मजबूत नीति और उसमें आम लोगों की अहम भूमिका को भी समझाना है. इस मॉड्यूल से बच्चे सीखेंगे कि देश में शांति और एकता बनाए रखने के लिए हर नागरिक का योगदान कितना जरूरी है.

पहलगाम हमले में पाकिस्तान की भूमिका

इस मॉड्यूल में पहलगाम आतंकी हमले की पूरी कहानी को सरल और स्पष्ट तरीके से बताया गया है. किताब में साफ-साफ लिखा है कि यह हमला पाकिस्तान के सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के इशारे पर हुआ था. हालांकि, पाकिस्तान ने हमेशा इस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया, लेकिन सबूत बताते हैं कि यह हमला उसकी शह पर ही हुआ. एनसीईआरटी ने बच्चों को यह समझाने की कोशिश की है कि पड़ोसी देश काफी समय से भारत में अशांति और अस्थिरता फैलाने की कोशिश करता रहा है. भारत ने हर बार इन कोशिशों का माकूल जवाब दिया है और आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति को और मजबूत किया है.

मॉड्यूल में इन हमलों का भी जिक्र

पहलगाम हमले के अलावा मॉड्यूल में कुछ और बड़े आतंकी हमलों का भी जिक्र है. इनमें 2016 का उरी हमला और 2019 का पुलवामा हमला आदि शामिल हैं. इन घटनाओं को शामिल करने का मकसद बच्चों को यह बताना है कि आतंकवाद सिर्फ सीमा पर नहीं, बल्कि पूरे समाज की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा है. यह हिस्सा बच्चों को सोचने पर मजबूर करेगा कि आतंकवाद का असर सिर्फ सैनिकों या सरकार पर नहीं, बल्कि आम लोगों की जिंदगी पर भी पड़ता है.

ऑपरेशन सिंदूर: एक नाम, हजारों कहानियां

ऑपरेशन सिंदूर नाम के इस मॉड्यूल में एनसीईआरटी ने बताया है कि यह सिर्फ एक सैन्य अभियान का नाम नहीं है, बल्कि यह उन शहीदों को श्रद्धांजलि है, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपनी जान दी. यह उन महिलाओं के साहस और दुख को भी दिखाता है, जिन्होंने इस हमले में अपना सुहाग खो दिया. इसका नाम ‘सिंदूर’ इसलिए चुना गया, क्योंकि यह उन विधवाओं के प्रति सम्मान और समाज की एकजुटता का प्रतीक है. यह नाम बच्चों को यह सिखाता है कि देश की रक्षा में हर व्यक्ति की भावनाएं और बलिदान शामिल हैं.

कश्मीर के लोगों के साहस का भी जिक्र

मॉड्यूल का एक खास हिस्सा कश्मीर के स्थानीय लोगों की बहादुरी को समर्पित है. पहलगाम हमले के बाद वहां के लोगों ने जिस तरह आतंकवाद के खिलाफ आवाज बुलंद की, उसकी खूब तारीफ की गई है. किताब में लिखा है कि स्थानीय लोग खुलकर आतंकियों के खिलाफ खड़े हुए और यह साबित किया कि कश्मीर की असली पहचान हिंसा नहीं, बल्कि शांति और भाईचारा है. यह हिस्सा बच्चों को सिखाता है कि समाज में एकता और साहस कितना जरूरी है. कश्मीर के लोगों की इस हिम्मत को मॉड्यूल में एक मिसाल के तौर पर पेश किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनेगी.

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