अलास्का में नकली पुतिन से मिले थे ट्रंप? वीडियो देखकर यूजर्स ने जताया अंदेशा- सच्चाई कर देगी..

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दुनिया की राजनीति में कई मुलाकातें ऐसी होती हैं जिनके बाद हलचल थमने का नाम नहीं लेती. अलास्का में हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की बैठक भी कुछ ऐसा ही मंजर लेकर आई है. जब ये दोनों दिग्गज आमने-सामने आए तो कैमरों की फ्लैशें लगातार चमकती रहीं और सोशल मीडिया पर वीडियो की बाढ़ आ गई. लेकिन इस मुलाकात का असली तूफान वीडियो से नहीं बल्कि उन सवालों से उठा जो नेटिजन्स पूछने लगे. लोग कहने लगे कि ट्रंप से मिलने वाले असल में पुतिन थे ही नहीं बल्कि उनके हमशक्ल थे.

पुतिन के हमशक्ल से मिले थे ट्रंप?

अब सवाल ये है कि आखिर ये शक क्यों उठे. वीडियो में पुतिन सामान्य से ज्यादा हंसते और मुस्कुराते हुए दिखे. जबकि दुनिया उन्हें एक शांत और गंभीर नेता के रूप में जानती है. कई यूजर्स ने लिखा कि असली पुतिन इतनी आसानी से हंसते नहीं. कुछ ने तो यहां तक कह दिया कि जिस शख्स ने ट्रंप से हाथ मिलाया उसके गालों की हड्डियां अलग नजर आ रही थीं और उसकी शक्ल में हल्का सा फर्क साफ दिखा. ट्विटर और रेडिट जैसे प्लेटफॉर्म पर #PutinDouble और #FakePutin जैसे हैशटैग भी ट्रेंड करने लगे.

यूजर्स उठा रहे सवाल

अलास्का वाली मुलाकात ने एक बार फिर इस विवाद को ताजा कर दिया है. सोशल मीडिया पर लोग मजाक भी उड़ा रहे हैं कि असली पुतिन तो शायद मॉस्को में होंगे और अलास्का में सिर्फ उनका डुप्लीकेट भेज दिया गया. कुछ ने तो ट्रंप को भी निशाने पर ले लिया और लिखा कि वो पहचान ही नहीं पाए कि सामने खड़ा शख्स पुतिन नहीं बल्कि उनका हमशक्ल है.

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पहले भी लग चुके हैं ऐसे आरोप!

वैसे ये पहली बार नहीं है जब पुतिन के हमशक्लों की चर्चा हुई हो. रूस और बाहर की मीडिया में कई बार ये बात उठ चुकी है कि पुतिन के कई डुप्लीकेट्स हैं, जो जरूरत पड़ने पर अलग-अलग जगहों पर उनकी जगह खड़े होते हैं. कई पुराने वीडियो और तस्वीरों में भी शक जताया गया था कि पुतिन के चेहरे में मामूली बदलाव नजर आते हैं, कभी कानों की बनावट अलग दिखती है तो कभी जबड़े की लाइन में फर्क नजर आता है. हालांकि पुतिन के करीबी लोगों ने हमेशा इन बातों को सिरे से नकारा है और कहा है कि पुतिन सिर्फ एक ही हैं और वही हर जगह मौजूद रहते हैं.

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PCB ने बाबर और रिजवान की कर दी घनघोर बेइज्जती, क्या अब संन्यास लेंगे दोनों खिलाड़ी?

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एक साल के भीतर क्या कुछ बदल सकता है, वह एशिया कप के लिए पाकिस्तानी स्क्वाड (Pakistan Squad For Asia Cup) ने साबित कर दिया है. बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान, दो बड़े नाम जो पाक टीम के बैटिंग लाइन-अप की रीढ़ की हड्डी के समान हुआ करते थे, उन्हें एशिया कप के लिए टी20 टीम में स्थान ही नहीं मिला है. एशिया कप में सलमान अली आगा (Asia Cup Pakistan Squad Captain) कप्तानी करेंगे बाबर और रिजवान को बाहर कर PCB ने उनकी घनघोर बेइज्जती कर दी है.

मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम, दोनों पिछली चार टी20 सीरीज से पाक टीम में नहीं चुने गए हैं. कुछ सप्ताह पहले पाकिस्तान सुपर लीग में बाबर ने पूरे टूर्नामेंट में 288 रन बनाए, लेकिन उनका स्ट्राइक रेट सिर्फ 128 का रहा. यही स्ट्राइक रेट टी20 फॉर्मेट में उनका सबसे बड़ा दुश्मन बना रहा है. दूसरी ओर रिजवान ने 367 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट भी 139 से अधिक रहा, लेकिन प्रदर्शन में निरंतरता की कमी टी20 टीम में उनके स्थान को भी ले डूबी है.

कोच माइक हेसन ने बताई वजह

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कोच माइक हेसन ने बताया कि बाबर आजम को कुछ क्षेत्रों में सुधार के लिए कहा गया है. खासतौर पर उन्हें स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ अपने स्ट्राइक रेट को बेहतर करने की सलाह दी गई है. माइक हेसन ने यह भी कहा कि बाबर अभी बहुत ज्यादा मेहनत कर रहे हैं.

मिल गए हैं रिप्लेसमेंट

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड लगभग एक साल पहले तक बाबर आजम और मोहम्मद रिजवान पर सबसे ज्यादा भरोसा दिखाया करता था. मगर दोनों के खराब बल्लेबाजी आंकड़े उनके ड्रॉप होने का मुख्य कारण बने हैं. मोहम्मद रिजवान टी20 मैचों में ओपनिंग करते रहे हैं, उनकी जगह सैम अय्यूब एक बेहतरीन सलामी बल्लेबाज बनकर उभरे हैं. उनके जोड़ीदार के रूप में निरंतर साहिबजादा फरहान को मौका मिला है. वहीं बाबर आजम टी20 टीम में नंबर-3 पाए बैटिंग करते हैं, लेकिन उनकी जगह मोहम्मद हारिस को परखने का काम जारी है.

एशिया कप के लिए पाकिस्तान का स्क्वाड: सलमान अली आगा (कप्तान), अबरार अहमद, फहीम अशरफ, फखर जमान, हारिस रऊफ, हसन अली, हसन नवाज, हुसैन तलत, खुशदिल शाह, मोहम्मद हारिस, मोहम्मद नवाज, मोहम्मद वसीम जूनियर, साहिबजादा फरहान, सैम अय्यूब, सलमान मिर्जा, शाहीन शाह अफरीदी और सूफियां मुकीम

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एक मिनट की देर हुई और पटवारी बनने से चूके कई कैंडिडेट्स, सख्ती देखकर हर कोई हैरान

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राजस्थान में आज यानी रविवार (17 अगस्त) को पटवारी के 3705 पदों के लिए लिखित परीक्षा हुई, जिसके लिए राज्य के 38 जिलों में 1035 परीक्षा केंद्र बनाए गए. इस भर्ती के लिए करीब साढ़े छह लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किया. बता दें कि सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र राजधानी जयपुर में हैं. दो पालियों में आयोजित इस परीक्षा में काफी सख्ती बरती गई. वहीं, तमाम कैंडिडेट्स ऐसे भी रहे, जो महज एक मिनट देर से पहुंचने के कारण पटवारी बनने से चूक गए. 

नकल रोकने के लिए दिखी काफी सख्ती

परीक्षा में किसी भी तरह की नकल या गड़बड़ी रोकने के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने सख्त कदम उठाए. सभी केंद्रों पर बायोमैट्रिक अटेंडेंस और फेस स्कैनिंग की व्यवस्था की गई. इसके अलावा महिला कैंडिडेट्स को सलाह दी गई थी कि वे अपने अंगूठे पर मेहंदी न लगाएं. इससे बायोमैट्रिक प्रोसेस में दिक्कत आती है. कई केंद्रों पर सख्ती इतनी ज्यादा थी कि कैंडिडेट्स को जूते-चप्पल भी क्लासरूम के बाहर उतारने पड़े. बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने सोशल मीडिया के जरिए कैडिडेट्स को लगातार दिशा-निर्देश दिए और निष्पक्ष परीक्षा का भरोसा दिलाया.

परीक्षा केंद्रों पर लगीं लंबी कतारें, समय पर बंद हुए गेट

परीक्षा केंद्रों के बाहर सुबह से ही कैंडिडेट्स की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिलीं. पहली पाली के लिए सुबह 8 बजे गेट बंद कर दिए गए. नियमों के मुताबिक, एक मिनट की देरी होने पर भी किसी को एंट्री नहीं दी गई. राजसमंद जिले में लाइन में खड़े एक दिव्यांग युवक को ठीक 8 बजे गेट बंद होने की वजह से अंदर नहीं जाने दिया गया. उसने काफी गुहार लगाई, लेकिन नियमों का हवाला देकर उसे प्रवेश से रोक दिया गया. कई कैंडिडेट्स का कहना है कि वे लाइन में खड़े थे, फिर भी उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया. कुछ कैंडिडेट्स ने बोर्ड पर सवाल उठाए और कहा कि इतने सख्त नियमों की वजह से कई मेहनती छात्र-छात्राओं का मौका छिन गया. 

Patwari Exam 2025: एक मिनट की देर हुई और पटवारी बनने से चूके कई कैंडिडेट्स, सख्ती देखकर हर कोई हैरान

कुछ केंद्रों पर नजर आई अव्यवस्था

कई परीक्षा केंद्रों पर अव्यवस्था की शिकायतें भी सामने आईं. कुछ जगहों पर बैठने की व्यवस्था ठीक नहीं थी तो कहीं कैंडिडेट्स को समय पर सही जानकारी नहीं मिली. कुछ केंद्रों पर पानी और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी भी देखी गई. कैंडिडेट्स ने बताया कि इतनी बड़ी परीक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए जा सकते थे. बोर्ड का कहना है कि वे हर शिकायत को गंभीरता से ले रहे हैं और इसमें सुधार लाने की कोशिश करेंगे.

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सरकार ने दी मुफ्त बस यात्रा की सुविधा

राजस्थान सरकार ने कैंडिडेट्स की मदद के लिए खास कदम उठाया. इसके तहत कैंडिडेट्स को 15 से 19 अगस्त तक रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी गई. इससे कैंडिडेट्स बिना किराया दिए अपने परीक्षा केंद्र तक पहुंच सके. हालांकि, इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए उन्हें अपना प्रवेश पत्र दिखाना पड़ा. अहम बात यह है कि परीक्षा देने के बाद कैंडिडेट्स फ्री में ही अपने घर भी जा सकते हैं.

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चीन की नई तकनीक! अब रोबोट पैदा करेंगे बच्चें, जानें क्या है तकनीक और कितनी आएगी लागत

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Humanoid Robot: सोचिए, अगर एक दिन ऐसा आ जाए जब कोई रोबोट इंसानों की तरह गर्भ धारण कर सके और नौ महीने बाद बच्चे को सुरक्षित जन्म दे? यह अब सिर्फ़ कल्पना नहीं, बल्कि हकीकत बनने की दिशा में पहला कदम है. चीन के शोधकर्ता एक ऐसे ह्यूमनॉइड प्रेग्नेंसी रोबोट पर काम कर रहे हैं जो आर्टिफ़िशियल गर्भाशय के ज़रिए भ्रूण को जन्म तक पाल सकेगा.

शोध के पीछे वैज्ञानिक

चीन की टेक मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अनोखे प्रोजेक्ट का नेतृत्व डॉ. झांग क़ीफ़ेंग कर रहे हैं जो सिंगापुर की नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से जुड़े हैं. पारंपरिक इन्क्यूबेटर केवल प्रीमैच्योर शिशुओं को संभालने में मदद करते हैं लेकिन यह रोबोट गर्भाधान से लेकर डिलीवरी तक पूरे गर्भकाल का अनुभव देगा.

तकनीक का आधार

इस ह्यूमनॉइड के पेट के भीतर एक कृत्रिम गर्भाशय लगाया जाएगा. इसमें आर्टिफ़िशियल ऐम्नियोटिक फ़्लूइड भरा होगा जो भ्रूण के विकास के लिए इंसानी गर्भाशय जैसी परिस्थितियां प्रदान करेगा. पोषण की आपूर्ति एक विशेष ट्यूब के ज़रिए होगी बिल्कुल वैसे ही जैसे प्राकृतिक गर्भ में प्लेसेंटा शिशु को पोषण देता है.

पहले भी हो चुका प्रयोग सफल

डॉ. झांग के अनुसार यह विचार पूरी तरह नया नहीं है. कुछ साल पहले वैज्ञानिकों ने एक प्रिमैच्योर भेड़ के शिशु को “बायोबैग” नामक आर्टिफिशियल गर्भ में पाला था. वह न केवल ज़िंदा रहा बल्कि सामान्य रूप से विकसित हुआ. अब उनकी टीम इसी तकनीक को एक नए स्तर पर ले जा रही है जहां भेड़ से इंसानी-नुमा रोबोट तक का सफ़र तय किया जा रहा है.

प्रोटोटाइप और लागत

खबरों के मुताबिक इस प्रेग्नेंसी रोबोट का पहला प्रोटोटाइप अगले साल तक तैयार हो सकता है. इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख युआन (लगभग 12.96 लाख रुपये) बताई जा रही है.

इतनी क्रांतिकारी खोज अपने साथ कई सवाल भी लाती है. क्या समाज रोबोट से जन्मे बच्चों को स्वीकार करेगा? क्या कानून उन्हें इंसानों जैसा दर्जा देंगे? रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुआंगदोंग प्रांत की सरकार के साथ इस विषय पर बातचीत शुरू हो चुकी है और नीतिगत ड्राफ्ट व कानूनी ढांचे तैयार किए जा रहे हैं.

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Video: छूकर निकल गई मौत, साइकिल सवार दो लड़कों को ट्रक ने मारी टक्कर, वीडियो देख सहम जाएंगे आप

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Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां फिंगेश्वर नदी मोड़ पर एक तेज रफ्तार ट्रक ने साइकिल से जा रहे दो युवकों को टक्कर मार दी. हादसा इतना भयावह था कि दोनों युवक ट्रक के पहियों के नीचे आने से बाल-बाल बच गए. गनीमत रही कि चालक ने समय रहते ब्रेक लगा दी और बड़ा हादसा टल गया. इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

ट्रक ड्राइवर ने साइकिल सवार को मारी टक्कर

जानकारी के अनुसार, दोनों युवक रोज की तरह साइकिल से अपने काम पर जा रहे थे. तभी अचानक सामने से तेज रफ्तार में आ रहा ट्रक बेकाबू हो गया और साइकिल से जा भिड़ा. टक्कर लगते ही दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे. एक पल के लिए ऐसा लगा कि ट्रक के पहिए युवकों को कुचल देंगे, लेकिन ड्राइवर ने तुरंत ब्रेक लगा दिया और उनकी जान बच गई.


हादसा इतना खतरनाक था कि वहां मौजूद हर शख्स कुछ पल के लिए सहम गया. लोग तुरंत दौड़कर युवकों को संभालने पहुंचे और उन्हें पास के अस्पताल ले गए. डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि दोनों युवकों को हल्की चोटें आई हैं और उनकी स्थिति खतरे से बाहर है.

सोशल मीडिया पर हुआ वीडियो

घटना का सीसीटीवी फुटेज इलाके में लगे कैमरे में कैद हो गया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे ट्रक साइकिल को ठोकर मारता है और फिर युवक सड़क पर गिर जाते हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हादसे की भयावहता को महसूस कर रहे हैं.

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में अक्सर तेज रफ्तार वाहन गुजरते हैं और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है. समय रहते कार्रवाई न हुई तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है. फिलहाल पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है.

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चीन ने पाकिस्तान को सौंपी हंगोर पनडुब्बी, हिंद महासागर में बढ़ी PAK आर्मी की ताकत; भारत की बढ़े

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पाकिस्तान ने चीन के साथ जिन आठ हंगोर श्रेणी की पनडुब्बियों की डील की थी, उनमें से चीन ने तीसरी पनडुब्बी PAK को सौंप दी है. बीजिंग का यह कदम इस्लामाबाद की नौसैनिक ताकत को अपग्रेड कर भारत के निकट हिंद महासागर में पाकिस्तान की बढ़ती उपस्थिति को समर्थन देने के प्रयासों का एक अहम हिस्सा है.

चीन के सरकारी समाचार पत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ ने शनिवार (16 अगस्त, 2025) को बताया कि हंगोर-श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी का जलावतरण समारोह गुरुवार को चीन के वुहान में आयोजित किया गया. चीन द्वारा पाकिस्तान के लिए बनाई जा रही 8 पनडुब्बियों में से दूसरी पनडुब्बी इस साल मार्च में सौंपी गई थी.

यह उन चार आधुनिक नौसैनिक लड़ाकू पोत के अतिरिक्त हैं, जिन्हें चीन ने पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान को दिया है. यह आपूर्ति अरब सागर में चीनी नौसेना के निरंतर विस्तार के बीच पाकिस्तान की नौसैनिक ताकत को बढ़ाने के उनके प्रयासों का हिस्सा है, जहां वो बलूचिस्तान में ग्वादर बंदरगाह का विकास करने के साथ-साथ हिंद महासागर में भी विकास कर रहा है.

पाकिस्तान के रक्षा विभाग ने क्या कहा?

पाकिस्तान रक्षा विभाग के एक बयान के हवाले से बताया गया कि तीसरी पनडुब्बी के जलावतरण के अवसर पर पाकिस्तान के उप नौसेना प्रमुख प्रोजेक्ट-2 वाइस एडमिरल अब्दुल समद ने कहा कि हंगोर श्रेणी की पनडुब्बी के अत्याधुनिक हथियार और अपग्रेड सेंसर क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को बनाए रखने और समुद्री स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायक होंगे.

पाकिस्तान को और क्या-क्या दे चुका है चीन?

स्टॉकहोम अंतरराष्ट्रीय शांति अनुसंधान संस्थान (सिपरी) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने पाकिस्तान को 81 प्रतिशत से अधिक सैन्य हार्डवेयर की आपूर्ति की है. चीन ने 2022 में पाकिस्तानी वायुसेना को मल्टीपर्पज जे-10सीई लड़ाकू विमानों की पहली खेप सौंपी थी, जो दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित जेएफ-17 लड़ाकू विमानों के अतिरिक्त है. पाकिस्तान ने भारत के साथ हालिया संघर्ष में इन लड़ाकू विमानों का इस्तेमाल किया था.

हंगोर श्रेणी की पनडुब्बी की खासियत

चीनी सैन्य मामलों के विशेषज्ञ झांग जुनशे ने ‘ग्लोबल टाइम्स’ को बताया कि हंगोर श्रेणी की पनडुब्बी की विशेषता इसकी पानी के नीचे मजबूत लड़ाकू क्षमता है, जिनमें व्यापक सेंसर प्रणाली, उत्कृष्ट ‘स्टील्थ’ विशेषताएं, उच्च गतिशीलता, एक बार ईंधन भरने के बाद लंबे समय तक जल के नीचे रहने की क्षमता और भीषण मारक क्षमता शामिल है.

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डॉग लवर्स ये नजारा देख आ जाएगी शर्म! बच्ची को नोच नोच के किया अधमरा- आवारा कुत्तों ने की हैवानि

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सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसा वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर हर कोई डर से कांप उठे. यह वीडियो किसी हॉरर फिल्म का सीन लग रहा है, लेकिन यह असली है. एक शांत और सामान्य सा घर अचानक खौफनाक दृश्य का गवाह बन जाता है जब तीन से चार आवारा कुत्ते घुस आते हैं और एक छोटी बच्ची पर हमला कर देते हैं. कुत्तों की आंखों में हिंसा और डरावनी भूख साफ दिखाई देती है, उनके पंजों और दांतों की तेजी देखकर कोई भी ठंडा-पसीना महसूस कर सकता है. बच्ची की चीखें, उसकी मदद की पुकार. यह सब देखकर आपका कलेजा कांप उठेगा.

बच्ची को अधमरा करने तक काटते रहे कुत्ते

वीडियो में कुत्ते बच्ची को नोचते और काटते हैं, उसकी छोटी-छोटी कोशिशें अपनी जान बचाने की, पूरी तरह से नाकाम होती दिखती हैं. बच्ची धीरे-धीरे अधमरी होने लगती है और हर सेकंड ऐसा लगता है जैसे समय रुक गया हो और कोई उसे बचाने नहीं आएगा. हर किसी के दिल में डर और घबराहट बढ़ती जा रही है और वीडियो देखने वाला हर इंसान सोचता है कि यह बच्ची कब तक जीवित रहेगी.

मां ने पहुंचकर बचाई जान

तभी अचानक, जैसे किसी फिल्मी हीरो की तरह, एक शख्स दौड़ता हुआ आता है. वह घर दीवार से कूदकर आंगन में उतरता है और आवारा कुत्तों पर हमला करता है. उसकी हिम्मत और तेज निर्णय ने बच्ची को उनके पंजों से छुड़ा दिया. कुछ ही सेकंड बाद बच्ची की मां भी वहां पहुंच जाती है और मिलकर कुत्तों को भगाती है. पूरा मंजर इतना भयावह और डरावना है कि इसे देखकर कोई भी अपने बच्चे को तुरंत गोद में उठा लेना चाहे.

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भड़क उठे यूजर्स

वीडियो को @KarishmaAziz_ नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…डॉग लवर्स को ये वीडियो भेजना चाहिए. एक और यूजर ने लिखा…दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले कुत्तों के वफादारों देखो और शर्म करो. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा….इंसानी बस्ती से हर जानवर को दूर रखा जाए.

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अटैक के बाद पहली बार बच्चों संग एकसाथ स्पॉट हुए सैफ-करीना, एयरपोर्ट पर दिखा स्टाइलिश लुक

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करीना कपूर और सैफ अली खान को हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया. जहां दोनों काफी वक्त बाद बच्चों के साथ दिखे.

करीना कपूर और सैफ अली खान को हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया. जहां दोनों काफी वक्त बाद बच्चों के साथ दिखे.

दरअसल सैफ अली पर हुए हमले के बाद के बाद बेबो ने अपने बच्चों की तस्वीरें लेने से मीडिया को मना कर दिया था.

दरअसल सैफ अली पर हुए हमले के बाद के बाद बेबो ने अपने बच्चों की तस्वीरें लेने से मीडिया को मना कर दिया था.

लेकिन अब एक्ट्रेस ने काफी वक्त बाद तैमूर और जेह का फेस दिखाया. एयरपोर्ट पर बेबो ने पैपराजी को तस्वीरें क्लिक करने मना नहीं किया.

लेकिन अब एक्ट्रेस ने काफी वक्त बाद तैमूर और जेह का फेस दिखाया. एयरपोर्ट पर बेबो ने पैपराजी को तस्वीरें क्लिक करने मना नहीं किया.

एयरपोर्ट पर सैफ अली खान ब्लू शर्ट में दिखे, वहीं दोनों बच्चे तैमूर और जेह क्यूट अवतार में नजर आए.

एयरपोर्ट पर सैफ अली खान ब्लू शर्ट में दिखे, वहीं दोनों बच्चे तैमूर और जेह क्यूट अवतार में नजर आए.

इनके अलावा करीना कपूर का एयरपोर्ट पर स्टाइलिश लुक देखने को मिला. उन्होंने व्हाइट टीशर्ट, ब्लू जींस और ब्लैक ब्लेजर पहना था.

इनके अलावा करीना कपूर का एयरपोर्ट पर स्टाइलिश लुक देखने को मिला. उन्होंने व्हाइट टीशर्ट, ब्लू जींस और ब्लैक ब्लेजर पहना था.

करीना ने अपना एयरपोर्ट लुक, लाइट मेकअप, बालों में बन और आंखों पर चश्मा लगाकर पूरा किया.

करीना ने अपना एयरपोर्ट लुक, लाइट मेकअप, बालों में बन और आंखों पर चश्मा लगाकर पूरा किया.

वर्कफ्रंट की बात करें तो सैफ को आखिरी बार ‘देवरा पार्ट वन’ में और करीना फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में देखा गया था.

वर्कफ्रंट की बात करें तो सैफ को आखिरी बार ‘देवरा पार्ट वन’ में और करीना फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में देखा गया था.

Published at : 17 Aug 2025 02:39 PM (IST)

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डिजिटल ट्रांजैक्शन से गंदे नोटों पर लगाम, चार महीने में इतने अरब करेंसी हुई चलन से बाहर

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Digital Transactions: देश में डिजिटल क्रांति और यूपीआई लेन-देन में आई तेज़ी ने न केवल नकद लेन-देन को कम किया है, बल्कि गंदे और क्षतिग्रस्त नोटों की संख्या पर भी लगाम लगाई है. भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि पिछले एक साल में ऐसे नोटों की संख्या में करीब 41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.

नोटों की बर्बादी पर लगी ब्रेक

पहले अक्सर देखा जाता था कि लोग नोटों पर अनावश्यक चीजें लिख देते थे, उन्हें मोड़कर रखते थे या सही तरीके से इस्तेमाल नहीं करते थे. इन वजहों से नोट जल्दी खराब हो जाते थे. लेकिन अब डिजिटल भुगतान की ओर बढ़ते रुझान, लोगों की जागरूकता और केंद्रीय बैंक की सख़्ती ने इस समस्या को काफी हद तक कम कर दिया है.

चार महीने में कितने नोट चलन से बाहर

आरबीआई हर साल क्षतिग्रस्त नोटों को बाजार से बाहर करता है. अप्रैल से जुलाई 2024 के बीच कुल 8.43 अरब नोट वापस लिए गए थे, जबकि इसी अवधि में 2025 में यह संख्या घटकर 5.96 अरब रह गई. यदि अलग-अलग मूल्य वर्ग की बात करें तो साल 2024 में अप्रैल से जुलाई के बीच 500 रुपये के 3.10 अरब, 200 रुपये के 85.63 करोड़, 100 रुपये के 2.27 अरब और 50 रुपये के 70 करोड़ नोट चलन से बाहर किए गए थे.

इसी अवधि के दौरान 2025 में 500 रुपये के 1.81 अरब, 200 रुपये के 56.27 करोड़, 100 रुपये के 1.07 अरब और 50 रुपये के 65 करोड़ रुपये चलन से बार किए गए. इन आँकड़ों से साफ है कि डिजिटल लेन-देन के चलते नकद का इस्तेमाल घट रहा है. इससे न केवल गंदे और पुराने नोटों की संख्या कम हुई है, बल्कि अर्थव्यवस्था में नकदी पर निर्भरता भी लगातार घट रही है. आने वाले समय में यह रुझान और तेज़ हो सकता है.

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Whatsapp स्क्रीन रखिए सेफ नहीं तो उड़ जाएंगे खाते से पैसे! ऐसे हो रही साइबर ठगी, जानें कैसे बचे

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Whatsapp Screen Mirroring Fraud: हाल ही में OneCard ने अपने ग्राहकों को एक खतरनाक ऑनलाइन घोटाले के बारे में चेतावनी दी है जिसे WhatsApp Screen Mirroring Fraud कहा जाता है. इस धोखाधड़ी में ठग लोगों को स्क्रीन शेयरिंग चालू करने के लिए फंसाते हैं और फिर उनकी निजी जानकारी जैसे OTP, बैंक डिटेल्स, पासवर्ड और मैसेज चुरा लेते हैं. इसके बाद पीड़ित व्यक्ति आर्थिक नुकसान, बैंक अकाउंट पर कंट्रोल खोने और यहां तक कि पहचान चोरी (Identity Theft) का शिकार हो सकता है.

यह फ्रॉड कैसे काम करता है?

  • ठग खुद को बैंक या किसी वित्तीय कंपनी का कर्मचारी बताकर कॉल करते हैं और अकाउंट में समस्या होने का बहाना बनाते हैं.
  • धोखेबाज यूज़र को स्क्रीन शेयरिंग शुरू करने के लिए कहते हैं और फिर व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए स्क्रीन एक्सेस ले लेते हैं.
  • जब यूज़र बैंकिंग ऐप, UPI या पासवर्ड डालता है तो ठग रियल-टाइम में सबकुछ देख लेते हैं और लेन-देन कर लेते हैं.
  • कई बार ठग मोबाइल में कीबोर्ड लॉगर इंस्टॉल कर देते हैं जिससे वे हर टाइप किए गए शब्द, पासवर्ड और OTP तक पहुंच जाते हैं.

चुराई गई जानकारी का इस्तेमाल

ठग इन डेटा का इस्तेमाल करके अनधिकृत लेन-देन करते हैं, बैंक अकाउंट हैक कर लेते हैं, सोशल मीडिया और UPI अकाउंट तक एक्सेस पाते हैं, पीड़ित की पहचान का दुरुपयोग करते हैं.

क्या बैंकिंग ऐप्स सुरक्षित हैं?

साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, भारत के अधिकांश बड़े बैंकिंग ऐप्स में स्क्रीन कैप्चर ब्लॉक, सिक्योर सेशन और टाइमआउट जैसे फीचर्स मौजूद हैं. लेकिन अगर ग्राहक अनजाने में स्क्रीन शेयरिंग की अनुमति दे देते हैं तो कुछ ऐप्स की सुरक्षा को ठग आसानी से बायपास कर लेते हैं.

खुद को कैसे सुरक्षित रखें?

क्या करें (Dos):

  • कॉल करने वाले की पहचान हमेशा आधिकारिक नंबर से सत्यापित करें.
  • केवल भरोसेमंद लोगों के साथ ही स्क्रीन शेयरिंग करें.
  • मोबाइल में unknown sources से ऐप इंस्टॉल करने का विकल्प बंद रखें.
  • संदिग्ध नंबर तुरंत ब्लॉक करें और शिकायत cybercrime.gov.in या 1930 पर करें.
  • सभी फाइनेंशियल और मैसेजिंग ऐप्स में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू करें.

क्या न करें (Don’ts):

  • अनजान या संदिग्ध कॉल का जवाब न दें.
  • स्क्रीन शेयरिंग के दौरान कभी भी UPI, बैंकिंग या वॉलेट ऐप्स का इस्तेमाल न करें.
  • दबाव डालने वाले कॉलर्स की बातों पर भरोसा न करें.

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