Netflix, कॉलिंग और डेटा एक साथ, Jio के इन दो प्लान्स में है सबकुछ फ्री

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SA20 Auction: खिलाड़ियों की करोड़ों में लगेगी बोली, इस बड़ी लीग में क्रिकेटर्स पर बरसेगा जमकर पैसा, क्रिस मौरिस का बड़ा दावा

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इधर ट्रंप की खुशामद करता रहा पाक, उधर सामने आई शहबाज की नींद उड़ाने वाली अमेरिकी रिपोर्ट

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों भारत से नाराज चल रहे हैं. उन्होंने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगा दिया है, लेकिन इस बीच उनकी पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ गई है. पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर हाल ही में दो बार अमेरिका पर गए. हालांकि इस बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. अमेरिका ने मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर एक वार्षिक रिपोर्ट जारी की है. रॉयटर्स के मुताबिक इस रिपोर्ट के जरिए पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई गई है.

अमेरिका ने मंगलवार (12 अगस्त) को इस रिपोर्ट को जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि पाकिस्तान मानवाधिकार हनन के मामलों में सिर्फ कभी-कभी कार्रवाई करता है. इसमें भारत का भी जिक्र है. राष्ट्रपति ट्रंप के कार्यकाल में अमेरिका ने इस वैश्विक मानवाधिकार रिपोर्ट का आकार छोटा कर दिया है. इसके साथ ही सहयोगी देशों की आलोचना को भी नरम कर दिया गया है. भारत और पाकिस्तान को लेकर आई रिपोर्ट छोटी है.

रिपोर्ट में भारत-पाकिस्तान को लेकर क्या कहा गया

रिपोर्ट में भारत को लेकर गया है, सरकार ने मानवाधिकार उल्लंघन करने वाले अधिकारियों के खिलाफ न्यूनतम विश्वसनीय कदम उठाए. उनके खिलाफ कम एक्शन लिया गया है.वहीं पाकिस्तान को लेकर कहा गया, सरकार ने मानधिकार हनन करने वाले अधिकारियों के लिए शायद ही कभी सख्त कदम उठाए.यह रिपोर्ट पाकिस्तान को करारा झटका देने वाली है.

क्या भारत और अमेरिका के बीच बढ़ गई है दूरी

ट्रंप को इस बात से दिक्कत है कि भारत, रूस से क्यों तेल खरीदता है. उन्होंने कहा था कि भारत अच्छा साझेदार नहीं है. ट्रंप ने यही कहकर टैरिफ को दोगुना कर दिया. पहले 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया. दूसरी ओर अमेरिका और पाकिस्तान की दूरी कम हो गई है. वे दोनों ऑपरेशन सिंदूर के बाद काफी करीब आ गए हैं. पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर दो बार अमेरिका का चक्कर काट चुके हैं.

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जेसीबी और ट्रक ने दिखाया रोमियो जूलियट का ड्रामा, मशीनों की एक्टिंग देख हैरान रह गए यूजर्स

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जरा सोचिए, रोमियो और जूलियट की प्यारी कहानी हो और मैदान में कलाकार इसे बखूबी हकीकत में उतार रहे हों, लेकिन इस बार कोई इंसान नहीं, बल्कि बड़े-बड़े ट्रक और मशीनें ही कलाकार हों तो क्या लगेगा? हां, आपने सही पढ़ा. अभी तक आपने मशीनों को केवल बॉब द बिल्डर कार्टून में ही अभिनय करते देखा होगा, लेकिन इस वीडियो में हकिकी तौर पर लाल फोर्ड पिकअप ट्रक जूलियट बनी, रैली ट्रक रोमियो और दो उत्खनन मशीनों ने लड़ाई दिखाई. ये नाटक इतना मजेदार और अनोखा था कि देखकर लगे, “वाह! गाड़ियां भी प्यार दिखा सकती हैं.” और सबसे हिट बात ये कि इसे पुरानी खदान में किया गया, जैसे पूरा मंच खुद-ब-खुद तैयार हो गया हो.

मशीनों ने दिखाया रोमियो जूलियट का ड्रामा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें एक नाटक दिखाया गया है और नाम है “रोमुला जा जूलिया”. ये रोमियो और जूलियट की कहानी थी, लेकिन इस बार इसमें लोग नहीं, बल्कि बड़े-बड़े वाहन और मशीनें कलाकार बने थे. रोमियो का काम एक रैली ट्रक ने किया, जूलियट बनी एक लाल फोर्ड पिकअप ट्रक और टायबाल्ट और मर्कुटियो की लड़ाई दो उत्खनन मशीनों के बीच हुई. इन मशीनों ने अपनी बाल्टियां ऊपर-नीचे करके लड़ाई दिखाई.

हूबहू इंसानों की तरह किया अभिनय

सोचो, गाड़ियों और मशीनों ने कैसे प्यार और दोस्ती दिखा दी. वीडियो में दिखता है कि जूलियट ट्रक जैसे मंच पर आती और रोमियो ट्रक के पास होती, तो ऐसा लगता कि वे एक-दूसरे से बात कर रहे हैं और प्यार दिखा रहे हैं. कई लोग कह रहे हैं कि भले ही यह मशीनें थीं, लेकिन ये बहुत प्यारा और मजेदार लगा. उन्होंने देखा और महसूस किया कि जैसे ये गाड़ियां नहीं इंसान ही प्यार दिखा रहे हों. वीडियो देखने के बाद लोगों ने तरह तरह के रिएक्शन देकर कमेंट बॉक्स में बाढ़ ला दी है.

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यूजर्स ने लिए मजे

वीडियो को Inside Edition नाम के यूट्यूब चैनल से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भाई ये क्या हो रहा है भाई, मुझे तो चक्कर आ रहे हैं. एक और यूजर ने लिखा…हे भगवान और क्या क्या देखना बाकी है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा….एक्टर्स का करियर खतरे में है.

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Numerology: मूलांक से जानिए अपना लकी रंग, रत्न और चिन्ह प्रतीक! देखिए फोटो

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मूलांक 1 वालों के लिए लाल और सुनहरा रंग शुभ होता है. रत्न की बात करें तो माणिक (रुबी) उनके लिए अच्छा माना जाता है. जबकि प्रतीक चिन्ह के रूप सूर्य और कमल इनके लिए प्रभावी माना जाता है. मूलांक 1 वालों में नेतृत्व, आत्मविश्वास और ऊर्जा की विशेषता होती है.

मूलांक 1 वालों के लिए लाल और सुनहरा रंग शुभ होता है. रत्न की बात करें तो माणिक (रुबी) उनके लिए अच्छा माना जाता है. जबकि प्रतीक चिन्ह के रूप सूर्य और कमल इनके लिए प्रभावी माना जाता है. मूलांक 1 वालों में नेतृत्व, आत्मविश्वास और ऊर्जा की विशेषता होती है.

मूलांक 2 वालों के लिए शुभ रंग सफेद और हल्का नीला होता है. रत्नों में मोती इनके लिए उत्तम माना जाता है. जबकि प्रतीक चिन्ह के रूप में चंद्रमा और शंख इनपर विशेष प्रभाव डालता है. बात करें मूलांक 2 की विशेषता की तो ये लोग संवेदनशील और शांति प्रिय होते हैं.

मूलांक 2 वालों के लिए शुभ रंग सफेद और हल्का नीला होता है. रत्नों में मोती इनके लिए उत्तम माना जाता है. जबकि प्रतीक चिन्ह के रूप में चंद्रमा और शंख इनपर विशेष प्रभाव डालता है. बात करें मूलांक 2 की विशेषता की तो ये लोग संवेदनशील और शांति प्रिय होते हैं.

मूलांक 3 वालों के लिए शुभ रंग पीला और बैंगनी होता है. जबकि इनका शुभ रत्न पुखराज होता है. बात करें प्रतीक चिन्ह की तो त्रिशूल और वज्र इनके लिए अच्छा माना जाता है. ये लोग रचनात्मक किस्म के होते हैं.

मूलांक 3 वालों के लिए शुभ रंग पीला और बैंगनी होता है. जबकि इनका शुभ रत्न पुखराज होता है. बात करें प्रतीक चिन्ह की तो त्रिशूल और वज्र इनके लिए अच्छा माना जाता है. ये लोग रचनात्मक किस्म के होते हैं.

मूलांक 4 वालों के लिए शुभ रंग नीला और ग्रे है. इनका लकी रत्न गोमेद है, जबकि भाग्यशाली प्रतीक चिन्ह चौकोर आकृति और पहिया है. इनकी विशेषता की बात करें तो ये लोग स्थिर, मेहनती और अनुशासन का पालन करने वाले होते हैं.

मूलांक 4 वालों के लिए शुभ रंग नीला और ग्रे है. इनका लकी रत्न गोमेद है, जबकि भाग्यशाली प्रतीक चिन्ह चौकोर आकृति और पहिया है. इनकी विशेषता की बात करें तो ये लोग स्थिर, मेहनती और अनुशासन का पालन करने वाले होते हैं.

मूलांक 5 वालों की बात करें तो इनका शुभ रंग हरा और फिरोजी होता है. फिरोजी रत्न इनके व्यक्तित्व के लिए एकदम सही माना जाता है. जबकि प्रतीक चिन्ह के रूप में पंख और घड़ी इनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है. ये लोग तेज बुद्धि, संचार और बदलाव से भरे होते हैं.

मूलांक 5 वालों की बात करें तो इनका शुभ रंग हरा और फिरोजी होता है. फिरोजी रत्न इनके व्यक्तित्व के लिए एकदम सही माना जाता है. जबकि प्रतीक चिन्ह के रूप में पंख और घड़ी इनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालता है. ये लोग तेज बुद्धि, संचार और बदलाव से भरे होते हैं.

मूलांक 6 वालों का शुभ रंग गुलाबी और सिल्वर होता है. बात करें रत्न की तो इनका लकी रत्न हीरा होता है. दिल और सितारा इनका प्रतीक चिन्ह होता है.

मूलांक 6 वालों का शुभ रंग गुलाबी और सिल्वर होता है. बात करें रत्न की तो इनका लकी रत्न हीरा होता है. दिल और सितारा इनका प्रतीक चिन्ह होता है.

मूलांक सात वालों का लकी कलर समुद्री नीला और सफेद होता है. जबकि शुभ रत्न गोमेद और नीला पुखराज है. बात करें प्रतीक चिन्ह की तो त्रिकोण औ मछली इनके जीवन पर अच्छा प्रभाव डालती है.

मूलांक सात वालों का लकी कलर समुद्री नीला और सफेद होता है. जबकि शुभ रत्न गोमेद और नीला पुखराज है. बात करें प्रतीक चिन्ह की तो त्रिकोण औ मछली इनके जीवन पर अच्छा प्रभाव डालती है.

मूलांक 8 वालों का शुभ रंग काला और गहरा नीला होता है. नीलम इनका लकी रत्न जबकि तराजू और अष्टकोण इनका प्रतीक चिन्ह होता है. ये लोग न्यायप्रियता और मेहनती किस्म के व्यक्ति होते हैं.

मूलांक 8 वालों का शुभ रंग काला और गहरा नीला होता है. नीलम इनका लकी रत्न जबकि तराजू और अष्टकोण इनका प्रतीक चिन्ह होता है. ये लोग न्यायप्रियता और मेहनती किस्म के व्यक्ति होते हैं.

मूलांक 9 वालों का शुभ रंग लाल और मैरून होता है. लकी रत्न की बात करें तो मूंगा धारण करना इनके लिए शुभ माना जाता है. जबकि तलवार और सूर्य इनका प्रतीक चिन्ह होता है. बात करें इनके व्यक्तित्व की तो ये लोग साहसी, ऊर्जावान और नेतृत्वकर्ता किस्म के होते हैं.

मूलांक 9 वालों का शुभ रंग लाल और मैरून होता है. लकी रत्न की बात करें तो मूंगा धारण करना इनके लिए शुभ माना जाता है. जबकि तलवार और सूर्य इनका प्रतीक चिन्ह होता है. बात करें इनके व्यक्तित्व की तो ये लोग साहसी, ऊर्जावान और नेतृत्वकर्ता किस्म के होते हैं.

Published at : 14 Aug 2025 07:00 AM (IST)

अंक शास्त्र फोटो गैलरी

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फार्मा में मजबूती के साथ बंद बाजार, सेंसेक्स में 304 अंक उछाल, कल कैसी रहेगी मार्केट की चाल?

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Stock Market News: अपोलो हॉस्पिटल के शानदार तिमाही नतीजों और फार्मा सेक्टर की मजबूती के दम पर शेयर बाजार उछाल के साथ कारोबार करते हुए बद हुआ. एसएंडपी पर 30 अंकों वाला बीएसई सेंसेक्स 302 अंक चढ़कर 80,539.91 पर बंद हुआ, जबकि एनएसई पर निफ्टी 50 भी 131.95 अंक की बढ़त के साथ कारोबार करते हुए अंत में 24,619.35 के स्तर पर बंद हुआ.

बाजार में क्यों उछाल?

जियोजीत इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के मुख्य शोधकर्ता विनोद नायर का कहना है कि उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के पिछले आठ वर्षों में सबसे निचले स्तर पर जाने की वजह से बाजार में सकारात्मक रुझान देखने को मिला है. इसके साथ ही ऑटो और मेटल के शेयरों में भी तेजी आई है. मिडकैप के शानदार प्रदर्शन से निवेशकों का बाजार में भरोसा मजबूत हुआ है.

उनका कहना है कि चीन पर अमेरिकी टैरिफ की समय-सीमा बढ़ने और कच्चे तेल के दाम में गिरावट ने भी वैश्विक स्तर पर बाजार को सहारा दिया है. ऐसे में राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ पर रुख और दुनिया के सामने खड़े संकट से पैदा हुई अनिश्चितता के बीच भारत की वृद्धि दर और मुद्रास्फीति दर वित्त वर्ष 2025-26 में नियंत्रण में ही रहने की संभावना है.

पुतिन-ट्रंप मुलाकात पर टिकी नजर

गौरतलब है कि इस हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप और रुसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात होनी है. इससे सकारात्मक नतीजे निकलने की उम्मीद की जा रही है और भारत के साथ ही दलाल स्ट्रीट के निवेशक उम्मीद भरी निगाहों से उनकी तरफ देख रहे हैं.

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डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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कौन हैं अर्जुन तेंदुलकर की मंगेतर सानिया चंडोक? उनके बारे में ये सात बातें आप नहीं जानते होंगे

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क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर की सगाई हो गई है, जो आईपीएल में मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हैं. अर्जुन तेंदुलकर की सगाई सानिया चंडोक से हुई है, जो मुंबई के एक बड़े कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं. अर्जुन तेंदुलकर की सगाई की खबर बुधवार को आई, इस सगाई समारोह में सिर्फ परिवार के लोग और कुछ खास मेहमान ही शामिल हुए. चलिए आपको बताते हैं सानिया चंडोक कौन हैं?

कौन हैं सानिया चंडोक

सानिया चंडोक घई परिवार की हैं. जो मुंबई का एक बड़ा मशहूर कारोबारी परिवार है. सानिया चंडोक रवि घई की पोती है. रवि इंटरकॉन्टिनेंटल मरीन ड्राइव होटल और ब्रुकलिन क्रीमरी (लो-कैलोरी आइसक्रीम ब्रांड) के मालिक हैं.

सोशल मीडिया पर कम एक्टिव रहती हैं अर्जुन तेंदुलकर की मंगेतर सानिया

अर्जुन तेंदुलकर और उनकी बहन सारा तेंदुलकर सानिया चंडोक को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर फॉलो करती हैं. सानिया का इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट है, उन्हें 804 लोग फॉलो करते हैं और उनके अकाउंट से 26 पोस्ट किए गए हैं.

 



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NCERT के पन्नों ने पकड़ा तूल, मराठा को 22 और राजपूत को सिर्फ 2 पेज! जानिए क्या है बवाल

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इस साल राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) एक के बाद एक विवादों में घिरती जा रही है. एक मुश्किल खत्म भी नहीं होती कि दूसरी सामने खड़ी हो जाती है. ताजा मामला NCERT की एक किताब से जुड़ा है, जिसने सोशल मीडिया पर नया बवाल खड़ा कर दिया है.

मामला कुछ यूं है कि किताब में मराठा इतिहास को 22 पेज का स्थान दिया गया है, जबकि राजपूत इतिहास को मात्र 2 पेज में समेट दिया गया है. इस अंतर को लेकर लोग नाराज हैं और इसे ‘इतिहास के साथ अन्याय’ बता रहे हैं.

सोशल मीडिया पर गुस्से की लहर

सोशल मीडिया पर NCERT को लेकर बहस छिड़ गई. कई यूजर्स ने पोस्ट, वीडियो और कमेंट्स के जरिए नाराजगी जताई. उनका कहना है कि राजपूत वीरता और योगदान को इतनी कम जगह देना गलत है. कुछ लोगों ने तो यहां तक लिख दिया कि यह राजपूतों के बलिदान और शौर्य का अपमान है.

क्या है किताब में अंतर?

रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस किताब को लेकर विवाद है, उसमें मराठा साम्राज्य की स्थापना, छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन, मराठा साम्राज्य के विस्तार, प्रशासन और युद्धनीति को विस्तार से 32 पेज में समझाया गया है. वहीं, राजपूत इतिहास में सिर्फ कुछ प्रमुख युद्धों और शासकों का जिक्र है, जिसे महज 2 पेज में समेट दिया गया है. जबकि इतिहासकारों का मानना है कि दोनों ही समुदायों का भारतीय इतिहास में अहम योगदान रहा है. ऐसे में संतुलित और विस्तृत जानकारी देना जरूरी है, ताकि छात्रों को सही और पूरा इतिहास पढ़ने को मिले.

नहीं है पहला मौका

यह पहला मौका नहीं है जब NCERT को कंटेंट को लेकर आलोचना झेलनी पड़ रही है. इससे पहले भी कई बार पाठ्यक्रम में बदलाव, कुछ अध्याय हटाने या जोड़ने को लेकर सवाल उठ चुके हैं. शिक्षाविदों का मानना है कि किताब में पन्नों की संख्या से ज्यादा जरूरी है कि जानकारी सही, संतुलित और निष्पक्ष हो. विवाद बढ़ने पर NCERT की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है.

इतिहास में योगदान

राजपूतो ने मध्यकाल में कई बड़े युद्ध लड़े और विदेशी आक्रमणकारियों का डटकर सामना किया. मेवाड़ के महाराणा प्रताप, चित्तौड़ की रानी पद्मिनी और अन्य अनेक वीर योद्धाओं की कहानियां आज भी प्रेरणा देती हैं.

मराठा छत्रपति शिवाजी महाराज ने स्वराज की नींव रखी और औरंगजेब जैसे शक्तिशाली मुगल शासकों को चुनौती दी. उनकी युद्धनीति और प्रशासनिक कौशल का आज भी अध्ययन किया जाता है.

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Saare Jahan Se Accha Review: Pratik Gandhi ने दिखा दिया असली Agent क्या होता है!

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Netflix पर एक सीरीज आई है जिसका नाम Sare Jahan Se Achha है. इसकी कहानी काफी exciting है. इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक normal सा लड़का पाकिस्तान जाकर वहां के लोगों की planning को तबाह कर देता है. हमने कई agents देखे हैं – Pathaan, Kabir, Tiger – जो screen पर धमाका कर देते हैं. लेकिन इस सीरीज में Vishnu Shankar नाम का agent है, जिसे पाकिस्तान भेजा जाता है ताकि वहां बन रहे nuclear weapon को नष्ट किया जा सके. सीरीज में कुल 6 episodes हैं. पहले 3 episodes की कहानी काफी शानदार है, लेकिन आखिरी 3 episodes में कहानी थोड़ी फीकी पड़ जाती है. फिर भी, यह सीरीज बेहतरीन है. Pratik Gandhi ने जिस तरह से इस character को निभाया है, उसमें उन्होंने जान डाल दी है. Agents को लेकर आपका नजरिया ही बदल जाता है. वहीं Sani Hinduja ने पाकिस्तानी officer का किरदार निभाया है. उनका dialogue delivery और screen presence दोनों लाजवाब हैं. Sohel Nayar का काम भी काफी अच्छा है. Anup Soni का अभिनय प्रभावी है. Kritika Kamra ने journalist का रोल किया है और बहुत शानदार तरीके से निभाया है.

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चांद के ‘बिस्तर’ पर गर्लफ्रेंड संग संबंध बनाना चाहता था शख्स, NASA से चुराया 184 करोड़ का पत्थर

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अमेरिका में एक शख्स ने अपनी गर्लफ्रेंड को चांद पर ले जाने के लिए करीब 184 करोड़ की चोरी कर डाली. बॉलीवुड में भले ही चांद पर ले जाने की बात सिर्फ गानों तक सीमित रहते हों, लेकिन इस शख्स ने चांद पर अपनी प्रेमिका के साथ संबंध बनाने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए ऐसी चोरी की, जिसकी चर्चा अब दुनियाभर में हो रही है.

नासा से चुराया 184 करोड़ का पत्थर

अमेरिका के इस शख्स का नाम थाड रॉबर्ट है, जो नासा का पूर्व इंटर्न है. एफबीआई के मुताबिक थाड रॉबर्ट ने साल 2002 में अमेरिका के एक स्पेस सेंटर से अपोलो मिशन के दौरान चांद की सतह से लाए गए 17 पाउंड (करीब 7.7 किलो) पत्थर और उल्कापिंड को चुराने का प्लान बनाया. इसमें उसकी प्रेमिका और दोस्तों ने भी मदद की. इसकी कीमत करीब 21 मिलियन डॉलर यानि कि करीब 184 करोड़ रुपये थी.

एफबीआई के अनुसार चोरों ने हदें पार कर दीं. उन्होंने सुरक्षा कैमरों में फेरबदल किया, नियोप्रीन बॉडीसूट पहने और यहां तक कि असली नासा बैज भी हासिल कर लिए थे. रॉबर्ट ने उस चुराए हुए पत्थरों को अपने बिस्तर पर चादर के नीचे बिछा दिया और उसी पर गर्लफ्रेंड के साथ संबंध बनाए. रॉबर्ट के अनुसार उसके लिए ऐसा करना बिल्कुल भी सामान्य नहीं था, लेकिन वह अपनी प्रेमिका को चांद के खास पलों का अहसास दिलाना चाहता था.

गर्लफ्रेंड के साथ मिलकर बनाया प्लान

थाड रॉबर्ट जब 24 साल के थे तो उन्हें नासा में इंटर्नशिप मिली. यहां उनकी मुलाकात टिफनी फाउलर से हुई और धीरे-धीरे वे एक-दूसरे को डेट करने लगे. कुछ हफ्तों बाद दोनों साथ रहने लगे. रॉबर्ट ने चांद के पत्थरों की चोरी का आइडिया अपनी गर्लफ्रेंड को बताया, जिसके बाद दोनों ने मिलकर नासा के ही एक और इंटर्न को इस क्राइम में शामिल किया.

रॉबर्ट ने साल 2012 में अमेरिकी न्यूज चैनल सीबीएस को बताया कि उसने यह चोरी अपने प्यार के लिए किया. उन्होंने कहा, “मैंने ऐसा इसलिए किया क्योंकि मैं प्यार पाना चाहता था। मैं चाहता था कि किसी को पता चले कि मैं उनकी कितनी परवाह करता था. यह हमारे के लिए एक प्रतीक था कि हम चांद पर संबंध बना रहे हैं. इससे पहले किसी ने चांद पर ऐसा नहीं किया था.”

कैसे पकड़ा गया थाड रॉबर्ट 

एफबीआई ने खुलासा किया कि थाड रॉबर्ट की उस पत्थर को बेचने के लिए बेल्जियम के एक खरीदार के संपर्क में था. बेल्जियम का वह शख्स उस पत्थर के लिए 1,000 से 5,000 डॉलर प्रति ग्राम तक देने को तैयार था. जब खरीदार को शक हुआ तो उसने एफबीआई से संपर्क किया.

इसके बाद सीक्रेट मिशन के तहत सभी आरोपियों को पकड़ा गया. रॉबर्ट ने 2002 में चांद के पत्थर को चुराने की बात स्वीकार की, जिसके बाद उसे आठ साल की जेल की सजा सुनाई गई. 6 साल से ज्यादा जेल में बिताने के बाद दो साल पहले ही 2008 में उसे रिहा कर दिया गया.

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रेबीज के मरीज को क्यों लगने लगता है पानी से डर, क्या है इसका कारण?

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सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिल्ली एनसीआर में सभी स्ट्रे डॉग्स को 8 हफ्तों के भीतर शेल्टर होम में रखने का आदेश दिया है. इस फैसले को लेकर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है. कुछ लोग इसे सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए सही मानते हैं तो कुछ इसेजानवरों के अधिकारों के खिलाफ बता रहे हैं. इस आदेश का एक अहम पहलू यह है कि इसका सीधा संबंध रेबीज संक्रमण से है  से जुड़ी चिताओं से है जो कुत्ते के काटने के बाद जानलेवा साबित हो सकता है और जिसका एक गंभीर लक्षण हाइड्रोफोबिया यानी पानी से डर लगना भी है.

क्या है हाइड्रोफोबिया 

हाइड्रोफोबिया असल में पानी से जुड़ा मनोवैज्ञानिक फोबिया नहीं है. बल्कि रेबीज के आखिरी स्टेज में दिखने वाला लक्षण है. इसमें मरीज को पानी पीने की कोशिश पर गले में तेज ऐंठन होती है. जिससे वह बहुत प्यासा होने के बावजूद पानी नहीं पी पता है. यह ऐंठन इतनी तेज होती है कि पानी देखने, सुनने या उसके बारे में सोचने पर भी ट्रिगर हो सकती है. 

कैसे होता है संक्रमण 

रेबीज एक वायरल इंफेक्शन है जो आमतौर पर संक्रमित जानवर के काटने, खरोचने या लार के खुले घाव में जाने से फैलता है.  भारत में ज्यादातर केस कुत्तों से आते हैं लेकिन लोमड़ी, बिल्ली, चमगादड़ या रैकून जैसे जानवर भी इसका कारण बन सकते हैं. यह वायरस धीरे-धीरे नर्वस सिस्टम में पहुंचकर दिमाग को प्रभावित करता है और सांस व निगलने की क्रियाओं को बाधित करता है.

लक्षण, कब समझें खतरे की घंटी

रेबीज की शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे हो सकते हैं. बुखार, सिर दर्द, थकान और काटने के स्थान पर खुजली या झुनझुनी हो सकती है.  लेकिन जैसे जैसे संक्रमण बढ़ता है. मरीज में हाइड्रोफोबिया के साथ अन्य गंभीर लक्षण दिख सकते हैं. इन लक्षणों में निगलने में कठिनाई, गले में ऐंठन, सांस लेने में परेशानी, ज्यादा घबराहट और भ्रम भी हो सकता है.  साथ ही नींद न आने की समस्या और असामान्य व्यवहार या मति भ्रम भी हो सकता है. 

इलाज और बचाव 

एक बार जब हाइड्रोफोबिया जैसे क्लीनिकल लक्षण दिखने लगे तो रेबीज लगभग हमेशा घातक होता है. यहीं कारण है कि काटने के तुरंत बाद पोस्ट एक्स्पोजर प्रौफिलैक्सिस लेना जरूरी है. इसमें घाव को कम से कम 15 मिनट तक साबुन के पानी से धोना,  एंटी रेबीज वैक्सीन का कोर्स और जरूरत पड़ने पर इम्यूनोग्लोब्यूलीन का इंजेक्शन शामिल है. 

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और पब्लिक सेफ्टी

स्ट्रे डॉग्स को लेकर कोर्ट ने यह भी कहा है कि चाहे कुत्ते नसबंदीशुदा हो या नहीं, सड़कों पर किसी भी स्ट्रे डॉग्स का खुलेआम घूमना पब्लिक सेफ्टी के लिए खतरा है. हालांकि मई 2024 के एक पुराने आदेश में अदालत ने साफ किया था कि कुत्तों की अंधाधुंध हत्या नहीं की जा सकती है और सभी कार्य मौजूदा कानून के अनुरूप होने चाहिए  . इसे लेकर लोगों की भी मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है कुछ लोग इस सेफ्टी के लिए सही मान रहे हैं तो कहीं लोग इसे जानवरों के अधिकार का हनन भी मान रहे हैं.

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