पुतिन संग डोनाल्ड ट्रंप की अलास्का में बातचीत हो जाएगी फेल? अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- ’25 परसेंट

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि रूस के यूक्रेन पर हमले को खत्म करने के लिए कोई भी समझौता उनकी और व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार को होने वाली अलास्का बैठक में नहीं, बल्कि दूसरी, तीनतरफा बैठक में होगा जिसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी शामिल होंगे. ट्रंप ने बताया कि अलास्का बैठक मुख्य रूप से अगले चरण के लिए माहौल तैयार करेगी.

दूसरी बैठक होगी निर्णायक
फॉक्स न्यूज़ रेडियो से बात करते हुए ट्रंप ने कहा, “दूसरी बैठक बहुत, बहुत महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि वहीं समझौता होगा. मैं ‘बांटने’ शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहता, लेकिन किसी हद तक यह बुरा शब्द भी नहीं है.” उन्होंने अनुमान लगाया कि शुक्रवार को पुतिन के साथ होने वाली बैठक के असफल होने की 25% संभावना है.

अलास्का समिट का महत्व
अलास्का बैठक पुतिन की 10 साल में पहली अमेरिकी यात्रा होगी. यह 15 अगस्त को जॉइंट बेस एल्मेनडॉर्फ रिचर्डसन, एंकोरेज, अलास्का में होगी. यह जगह ऐतिहासिक महत्व रखती है, क्योंकि 1867 में रूस ने अलास्का को अमेरिका को बेचा था और इसका पश्चिमी छोर रूस से बेरिंग जलडमरूमध्य के पार है.

बैठक का कार्यक्रम
क्रेमलिन के मुताबिक, बैठक सुबह 11:30 बजे (स्थानीय समय) ट्रंप और पुतिन की वनऑनवन बातचीत से शुरू होगी, फिर प्रतिनिधिमंडल स्तर की बैठक और उसके बाद संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी. व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी कैरोलाइन लेविट ने कहा कि यह एक “लिसनिंग एक्सरसाइज” होगी जिससे ट्रंप पुतिन के इरादों को बेहतर तरीके से समझ सकें.

अमेरिकी और यूक्रेनी रुख
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि किसी भी शांति समझौते में यूक्रेन के लिए “सुरक्षा गारंटी” शामिल होनी चाहिए और जल्द प्रगति की उम्मीद जताई. हाल ही में जेलेंस्की ने ट्रंप और यूरोपीय नेताओं के साथ पांच सिद्धांतों पर चर्चा की थी, जिसमें युद्धविराम भी शामिल है. हालांकि, अलास्का बैठक में कोई यूक्रेनी अधिकारी मौजूद नहीं होगा. ट्रंप ने कहा कि वह पुतिन से मुलाकात के बाद जेलेंस्की को कॉल करेंगे.

पुतिन की संभावित शर्तें
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पुतिन की शर्तों में पूर्वी यूक्रेन पर रूस के नियंत्रण की मान्यता, यूक्रेन को नाटो से बाहर रखना, उसकी सेना को सीमित करना और कीव में मॉस्को समर्थित सरकार सुनिश्चित करना शामिल हो सकता है. ट्रंप जिन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान 24 घंटे में युद्ध खत्म करने का वादा किया था, अपनी शांति पहल को नोबेल शांति पुरस्कार पाने की महत्वाकांक्षा से जोड़ते हैं.

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एशिया कप के लिए कब होगा टीम इंडिया का एलान? आ गई कंफर्म डेट; अजीत अगरकर करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस

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एशिया कप 2025 के लिए भारतीय स्क्वाड की घोषणा पर बड़ी खबर सामने आई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 19 अगस्त को मुंबई में अजीत अगरकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भारतीय स्क्वाड का एलान करेंगे. एशिया कप 2025 का आगाज 9 सितंबर से होगा और खिताबी भिड़ंत 28 सितंबर को होगी. कयास लगाए जा रहे हैं कि टीम इंडिया की कप्तानी सूर्यकुमार यादव के हाथों में होगी, जिन्हें हाल ही में हर्निया सर्जरी से गुजरना पड़ा था.

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक एशिया कप के लिए टीम इंडिया की घोषणा 19 अगस्त को होगी. बताया जा रहा है कि मेडिकल और फिटनेस रिपोर्ट ‘ओके’ होने पर ही प्लेयर्स को एशिया कप स्क्वाड में शामिल किया जाएगा. पिछले दिनों शुभमन गिल की टी20 टीम में वापसी की अटकलें जोरों पर रही हैं. यह तक दावा किया गया है कि गिल बतौर उपकप्तान एशिया कप में खेल कर सकते हैं.

अब तक क्या है अपडेट?

एशिया कप के लिए अब तक किसी भी खिलाड़ी के नाम पर मुहर नहीं लगी है. हर्निया सर्जरी के बाद सूर्यकुमार यादव बतौर कप्तान नजर आएंगे. हालांकि गिल उपकप्तान बनेंगे या नहीं, इस पर स्थिति कुछ स्पष्ट नहीं है. कप्तान सूर्यकुमार यादव के साथ अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, तिलक वर्मा और हार्दिक पांड्या का स्थान भी पक्का लग रहा है. वहीं रिंकू सिंह और यशस्वी जायसवाल को ड्रॉप किया जा सकता है.

जसप्रीत बुमराह को आखिरी बार 2024 के वर्ल्ड कप में कोई टी20 मैच खेलते देखा गया था. अभी तक सामने आई रिपोर्ट्स अनुसार बुमराह एशिया कप में भारतीय पेस अटैक को लीड कर सकते हैं. उनका साथ देने के लिए मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा को भी मौका मिल सकता है. ये खबरें सच साबित होंगी या नहीं, यह 19 अगस्त को साफ हो जाएगा.

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Aaj ka Meen Rashifal 15 August 2025: मीन राशि निवेश से लाभ, पुराने मित्र से मुलाकात होगी

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Pisces Horoscope 15 August 2025: मीन राशिफल 15 अगस्त 2025, शुक्रवार चन्द्रमा आपके 2वें भाव में स्थित हैं, जिससे धन-निवेश में लाभ मिलने की संभावना है. ऑफिस और कार्यक्षेत्र में अपने प्रोजेक्ट पर पूरी तरह ध्यान दें, जिससे प्रमोशन या प्रशंसा प्राप्त हो सकती है. ऑफिस में किसी भी विवाद से बचने के लिए सभी पक्षों की बात सुनकर ही निर्णय लें.

करियर और बिजनेस: बिजनेसमैन नए कस्टमर को आकर्षित करने के लिए नई योजनाएं और ऑफर प्रस्तुत कर सकते हैं. कर्मचारी का सकारात्मक रवैया कार्यक्षेत्र की व्यवस्था को बेहतर बनाएगा. किसी भी व्यावसायिक यात्रा या मीटिंग में संयम और धैर्य रखें.

परिवार और सामाजिक जीवन: घर का वातावरण मंगलमय रहेगा. किसी पुराने मित्र से मुलाकात होगी और पुरानी खुशनुमा यादें ताजा होंगी. परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताकर आप मानसिक संतुलन और खुशी महसूस करेंगे.

युवा और विद्यार्थी: कॉम्पिटिटिव और सामान्य छात्रों के लिए दिन मेहनत और प्रयासों के लिए अनुकूल रहेगा. अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें और कठिनाईयों का सामना साहस के साथ करें.

स्वास्थ्य: वाहन चलाते समय सतर्क रहें, चोट या दुर्घटना की संभावना बनी हुई है. शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दें. हल्का व्यायाम और संतुलित आहार लाभकारी रहेगा.

शुभ अंक: 3
शुभ रंग: पीला

उपाय: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण को पीला चावल और चंदन अर्पित करें. “ऊँ देवी-नंदनाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करें. भगवान को इलायची, नारियल और फल अर्पित करें.

FAQs

Q1. क्या आज निवेश करना शुभ रहेगा?
हाँ, आज धन-निवेश से लाभ की संभावना है, लेकिन सोच-समझकर ही निर्णय लें.

Q2. क्या पुराने मित्र से मिलने का समय लाभकारी रहेगा?
हाँ, यह मुलाकात सुखद यादों और सकारात्मक भावनाओं से भरपूर रहेगी.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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स्वतंत्रता दिवस पर 15 अगस्त के दिन क्या डोमेस्टिक मार्केट में होगा कारोबार या बंद रहेगा बाजार?

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Stock Market News: आजादी के दिन यानी 15 अगस्त को भारतीय स्टॉक मार्केट में कोई भी कारोबार नहीं हो पाएगा, क्योंकि एनएसई और बीएसई दोनों ही ट्रेडिंग के लिए बंद रहेंगे. इसके सात ही, इक्विटी डेरिवेटिव सेक्सन, एसएलबी सेगमेंट के साथ ही इक्विटी भी कारोबार के लिए नहीं खुल पाएंगे.

शेयर बाजार कुछ खास दिनों पर बंद रहता है, जिनमें स्वतंत्रता दिवस के साथ ही धार्मिक-सांस्कृतिक और राष्ट्रीय उत्सव जैसा आयोजन रहता है. अगस्त के महीने में 15 अगस्त के अलावा 25 अगस्त को गणेश चतुर्थी के दिन में शेयर मार्केट में छुट्टी रहेगी.

आज क्या रहा बाजार का हाल?

आज गुरुवार 14 अगस्त 2025 को बीएसई पर 30 अंकों वाला सेंसेक्स 57.75 अंक चढ़कर 80,597.66 अंक पर बंद हुआ. जबकि एनएसई पर निफ्टी 50 भी 11.95 अंकों की मामूली बढ़त के साथ 24,631.30 अंक पर रहा.

आज के टॉप गेनर शेयरों में एटरनल सबसे आगे रहा, जिसके स्टॉक में 1.94 प्रतिशत की उछाल दर्ज हुई. इसके बाद इन्फोसिस 1.50 प्रतिशत, एशियन पेंट्स 1.16 प्रतिशत, टाइटन 0.65 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 0.56 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए. वहीं, टॉप लूजर में टाटा स्टील 3.04 प्रतिशत की बड़ी गिरावट के साथ सबसे नीचे रहा. इसके अलावा टेक महिंद्रा 1.53 प्रतिशत, अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन 1.34 प्रतिशत, भारत इलेक्ट्रोनिक्स 1.02 प्रतिशत और अल्ट्राटेक सीमेंट 0.80 प्रतिशत गिरकर बंद हुए. 

भारत की क्रेडिट रेटिंग में सुधार

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे पर, 15 अगस्त को पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की होने वाली बैठक ऊर्जा बाजारों के लिए अहम मानी जा रही है. चर्चाओं के अनुसार, रूस पर लगे पश्चिमी प्रतिबंधों में ढील दी जा सकती है, जिससे कच्चे तेल और गैस के दामों में उतार-चढ़ाव संभव है. इसी बीच, एसएंडपी ने लगभग 19 साल बाद भारत की सरकारी क्रेडिट रेटिंग में सुधार करते हुए इसे ‘बीबीबी’ कर दिया है और दृष्टिकोण स्थिर बनाए रखा है. 

ये भी पढ़ें: छंटनी के दौर में इस IT कंपनी के स्टाफ के लिए आई बड़ी खुशखबरी, बढ़ जाएगी 80% कर्मचारियों की सैलरी

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बिहार के सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में आधी सीटें अब भी खाली, जानें कौन कर सकता है अप्लाई

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बिहार के 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में कुल 13,675 सीटें हैं, लेकिन जेईई मेन (JEE Main) के आधार पर हुए दो राउंड के नामांकन के बाद भी आधी से ज्यादा सीटें खाली रह गईं. आंकड़ों के मुताबिक, जेईई मेन स्कोर पर केवल 6,432 सीटों पर ही दाखिला हो पाया, जबकि 7,243 सीटें अब भी रिक्त हैं.

बिहार के 38 सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में कुल 13,675 सीटें हैं, लेकिन जेईई मेन (JEE Main) के आधार पर हुए दो राउंड के नामांकन के बाद भी आधी से ज्यादा सीटें खाली रह गईं. आंकड़ों के मुताबिक, जेईई मेन स्कोर पर केवल 6,432 सीटों पर ही दाखिला हो पाया, जबकि 7,243 सीटें अब भी रिक्त हैं.

बीसीईसीईबी (BCECEB) यानी बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामांकन के पहले दो राउंड जेईई मेन स्कोर के आधार पर होंगे.

बीसीईसीईबी (BCECEB) यानी बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा बोर्ड ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि इंजीनियरिंग कॉलेजों में नामांकन के पहले दो राउंड जेईई मेन स्कोर के आधार पर होंगे.

लेकिन जब दो राउंड पूरे हो गए और आधी सीटें अब भी खाली रहीं, तो बोर्ड ने खुद की प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया.

लेकिन जब दो राउंड पूरे हो गए और आधी सीटें अब भी खाली रहीं, तो बोर्ड ने खुद की प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया.

बीसीईसीई की परीक्षा हाल ही में आयोजित की गई और अब इसकी मेधा सूची (Merit List) के आधार पर बची हुई सीटों पर नामांकन किया जाएगा. यह कदम इसलिए जरूरी हो गया, क्योंकि बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाने से कॉलेजों की क्षमता का सही उपयोग नहीं हो पा रहा था.

बीसीईसीई की परीक्षा हाल ही में आयोजित की गई और अब इसकी मेधा सूची (Merit List) के आधार पर बची हुई सीटों पर नामांकन किया जाएगा. यह कदम इसलिए जरूरी हो गया, क्योंकि बड़ी संख्या में सीटें खाली रह जाने से कॉलेजों की क्षमता का सही उपयोग नहीं हो पा रहा था.

बीसीईसीई स्कोर के आधार पर नामांकन प्रक्रिया दो चरणों में होगी. पहला राउंड 14 अगस्त से 16 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान मेधासूची में स्थान पाने वाले छात्र नामांकन करवा सकेंगे.

बीसीईसीई स्कोर के आधार पर नामांकन प्रक्रिया दो चरणों में होगी. पहला राउंड 14 अगस्त से 16 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान मेधासूची में स्थान पाने वाले छात्र नामांकन करवा सकेंगे.

जबकि दूसरा राउंड पहले राउंड के बाद अगर सीटें बचती हैं तो 22 अगस्त को दूसरे राउंड का आवंटन रिजल्ट जारी किया जाएगा. इसके बाद नामांकन 24 और 25 अगस्त को होगा.

जबकि दूसरा राउंड पहले राउंड के बाद अगर सीटें बचती हैं तो 22 अगस्त को दूसरे राउंड का आवंटन रिजल्ट जारी किया जाएगा. इसके बाद नामांकन 24 और 25 अगस्त को होगा.

Published at : 14 Aug 2025 03:40 PM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी

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कार्डियोग्रिट गोल्ड: आयुर्वेद की हुई जीत, पतंजलि का शोध ‘Journal of Toxicology’ में छाया

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पतंजलि ने दावा किया है कि आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान के मेल से बड़े से बड़े रोग का इलाज संभव है. पतंजलि ने बताया है कि कंपनी के वैज्ञानिकों ने एक शोध में पाया कि कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली कीमोथेरेपी की दवा Doxorubicin से होने वाले हृदय रोग (कार्डियोटॉक्सिसिटी) को कार्डियोग्रिट गोल्ड नाम की आयुर्वेदिक दवा से ठीक किया जा सकता है. यह शोध दुनिया के सामने आयुर्वेद की ताकत को और मजबूती से पेश करता है. 

आयुर्वेद की वैज्ञानिकता को साबित करता है यह शोध- आचार्य बालकृष्ण

पतंजलि आयुर्वेद के सीईओ आचार्य बालकृष्ण ने कहा, ”यह शोध न सिर्फ आयुर्वेद की वैज्ञानिकता को साबित करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि अगर प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों को वैज्ञानिक तरीके से परखा जाए तो आधुनिक चिकित्सा की जटिल समस्याओं का हल निकाला जा सकता है. कार्डियोग्रिट गोल्ड में योगेंद्र रस, अर्जुन, मोती पिष्टी, अकीक पिष्टी जैसी जड़ी-बूटियां और भस्म शामिल हैं, जो प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों में हृदय रोगों के लिए प्रभावी बताई गई हैं.”

पतंजलि की कार्डियोग्रिट गोल्ड: हृदय रोग का आयुर्वेदिक इलाज, अंतरराष्ट्रीय रिसर्च जर्नल में छपा शोध

उन्होंने आगे कहा, ”यह शोध पतंजलि के वैज्ञानिकों की मेहनत का नतीजा है और यह आयुर्वेद को फिर से स्थापित करने का एक बड़ा कदम है. जब पूरी दुनिया आयुर्वेद को अपनाने के लिए उत्सुक है, यह शोध लोगों को आयुर्वेद पर भरोसा करने का एक मजबूत कारण देता है. यह परंपरा और विज्ञान के मेल का अनमोल तोहफा है.शोध में C. elegans नाम के एक छोटे जीव पर प्रयोग किए गए.”

Journal of Toxicology में प्रकाशित हुआ शोध

पतंजलि ने दावा किया है, ”परिणामों से पता चला कि कार्डियोग्रिट गोल्ड ने इन जीवों की खाना खाने की क्षमता बढ़ाई, हृदय जैसी मांसपेशियों की स्थिति में सुधार किया और हानिकारक तत्वों (ROS) के स्तर को कम किया. साथ ही इन जीवों की लंबाई और प्रजनन क्षमता में भी बढ़ोतरी हुई. इस दवा ने Doxorubicin के स्तर को भी कम किया, जो साबित करता है कि यह हृदय रोगों को कम करने में कारगर है.यह शोध दुनिया के प्रसिद्ध रिसर्च जर्नल Journal of Toxicology में प्रकाशित हुआ है.”

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भारत-चीन के बीच कब तक शुरू हो सकती है सीधी उड़ानें, चीनी विदेश मंत्रालय ने किया खुलासा

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चीन ने गुरुवार (14 अगस्त, 2025) को कहा कि वह भारत के साथ इस सिलसिले में बातचीत कर रहा है कि दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें बहाल की जा सकें. ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि दोनों देश पांच साल के अंतराल के बाद बहुत जल्द हवाई संपर्क फिर से शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं.

चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान से जब उन खबरों के बारे में पूछा गया कि दोनों देशों की एयरलाइनों को उड़ानें संचालित करने के लिए तैयार रहने को कहा गया है और 31 अगस्त से 1 सितंबर तक तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान आधिकारिक घोषणा की उम्मीद है, तो उन्होंने कहा, ‘‘हमने संबद्ध खबरों पर गौर किया है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ समय से, चीनी पक्ष दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें जल्द से जल्द बहाल करने के लिए भारत के साथ लगातार संपर्क में है.’’

शंघाई में भारतीय महावाणिज्य दूत ने दी जानकारी

शंघाई में भारतीय महावाणिज्य दूत प्रतीक माथुर ने गुरुवार (14 अगस्त, 2025) को चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस के अधिकारियों के साथ बातचीत की, जिससे अटकलें तेज हो गईं. वाणिज्य दूतावास की ओर से एक्स पर पोस्ट में कहा गया कि माथुर ने चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस की वैश्विक वरिष्ठ प्रबंधन टीम के साथ मुलाकात की, जिसका नेतृत्व वरिष्ठ जीएम ग्लोबल (महाप्रबंधक वैश्विक) शेन जिनसोंग ने किया तथा क्षेत्र में नागरिक उड्डयन और आतिथ्य क्षेत्रों के विकास से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की.

कोविड महामारी और सैन्य गतिरोध के बाद रुका था हवाई यातायात

सरकारी स्वामित्व वाली चाइना ईस्टर्न एयरलाइंस, एयर चाइना के साथ मिलकर दिल्ली सहित कई भारतीय शहरों के लिए दैनिक उड़ानें संचालित करती थी, लेकिन कोविड-19 महामारी और पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के बाद द्विपक्षीय तनाव के बाद हवाई यातायात रुक गया.

लिन ने कहा, “चीनी मुख्य भूमि और भारत के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू होने से दोनों देशों के बीच यात्रा, आदान-प्रदान और सहयोग को सुविधाजनक बनाने में मदद मिलेगी क्योंकि दोनों देशों की संयुक्त जनसंख्या 2.8 अरब से अधिक है.”

चीन भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है- लिन

पूर्वी लद्दाख में सैन्य गतिरोध के कारण चार साल से अधिक समय तक संबंधों में जमी बर्फ पिघलने के बाद भारत और चीन रिश्ते सामान्य बनाने की प्रक्रिया में हैं. चीनी विदेश मंत्री वांग यी के 18 अगस्त को विशेष प्रतिनिधि वार्ता में भाग लेने के लिए भारत का दौरा करने की खबरों के बारे में पूछे जाने पर, लिन ने कहा, ‘‘चीन और भारत विभिन्न स्तरों पर बातचीत जारी रखे हुए हैं.’’

लिन ने कहा, ‘‘हम दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमति पर अमल करने, उच्च स्तरीय आदान-प्रदान की गति बनाए रखने, आपसी राजनीतिक विश्वास को मजबूत करने, व्यावहारिक सहयोग बढ़ाने, मतभेदों को उपयुक्त तरीके से सुलझाने और चीन-भारत संबंधों के निरंतर, सुदृढ़ और स्थिर विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार हैं.’’

वाशिंगटन के साथ नई दिल्ली की चुनौतियों पर चीन की प्रतिक्रिया

वांग और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल सीमा वार्ता के लिए नामित विशेष प्रतिनिधि हैं. यह पूछे जाने पर कि वाशिंगटन के साथ नई दिल्ली के संबंधों के चुनौतियों का सामना करने के बीच चीन भारत के साथ अपने संबंधों को किस तरह देखता है, लिन ने कहा कि चीन और भारत दोनों ही प्रमुख विकासशील देश और ग्लोबल साउथ के महत्वपूर्ण सदस्य हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ड्रैगन (चीन) और हाथी (भारत) का एक-दूसरे की सफलता में मदद करने वाला सहयोगी कदम दोनों पक्षों के लिए सही विकल्प है.’’

उन्होंने कहा, “चीन, दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी महत्वपूर्ण आम सहमति पर कार्य करने, राजनीतिक पारस्परिक विश्वास को निरंतर बढ़ाने, आदान-प्रदान और सहयोग का विस्तार करने, व्यापक परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए मतभेदों को उपयुक्त तरीके से निपटाने को तैयार है. साथ ही, शंघाई सहयोग संगठन (SCO) जैसे बहुपक्षीय मंचों पर समन्वय और सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत के साथ मिलकर काम करने को तैयार है, ताकि चीन-भारत संबंधों के सुदृढ़ और स्थिर विकास को बढ़ावा दिया जा सके.”

यह भी पढ़ेंः 1971 की जंग का वो जांबाज, जो पाकिस्तान की जेल से भी भाग निकला… जानें कौन हैं IAF के विंग कमांडर डीके पारुलकर

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पर्दे पर ‘कृष्ण’ बनकर छा गए ये स्टार्स, अभिनय से मोह लिया फैंस का मन

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श्री कृष्ण की बात कर रहे हैं तो फ़ेमस एक्टर नीतीश को हम कैसे भूल सकते हैं, बीआर चोपड़ा की महाभारत में उन्होंने श्रीकृष्ण की भूमिका निभाई. इसका पहला एपिसोड 2 अक्टूबर 1988 को रिलीज़ हुआ था.

श्री कृष्ण की बात कर रहे हैं तो फ़ेमस एक्टर नीतीश को हम कैसे भूल सकते हैं, बीआर चोपड़ा की महाभारत में उन्होंने श्रीकृष्ण की भूमिका निभाई. इसका पहला एपिसोड 2 अक्टूबर 1988 को रिलीज़ हुआ था.

नितीश भारद्वाज के कृष्ण बनने के बाद उनकी तरह परफॉर्मेंस देना बेहद मुश्किल था, लेकिन सर्वदमन डी. बनर्जी ने रामानंद सागर के श्री कृष्ण में उन्हीं के जितना अच्छा प्रदर्शन किया. श्री कृष्णा 1993- 1999 तक टेलिविज़न पर आता था.

नितीश भारद्वाज के कृष्ण बनने के बाद उनकी तरह परफॉर्मेंस देना बेहद मुश्किल था, लेकिन सर्वदमन डी. बनर्जी ने रामानंद सागर के श्री कृष्ण में उन्हीं के जितना अच्छा प्रदर्शन किया. श्री कृष्णा 1993- 1999 तक टेलिविज़न पर आता था.

सर्वदमन के बाल स्वरूप में श्रीकृष्ण का किरदार एक्टर स्वप्निल जोशी निभा रहे थे. स्वप्निल भारत के टेलिविज़न इतिहास में सबसे बड़े नामों में आते थे. इसका कारण है कि वह दो अहम टीवी शो में नज़र आए जिसमें उन्होंने श्री कृष्णा में बाल कृष्ण और उत्तर रामायण में भगवान राम के पुत्र लव का किरदार निभाया था. दोनों ही शो का निर्देशन रामानंद सागर ने ही किया था.

सर्वदमन के बाल स्वरूप में श्रीकृष्ण का किरदार एक्टर स्वप्निल जोशी निभा रहे थे. स्वप्निल भारत के टेलिविज़न इतिहास में सबसे बड़े नामों में आते थे. इसका कारण है कि वह दो अहम टीवी शो में नज़र आए जिसमें उन्होंने श्री कृष्णा में बाल कृष्ण और उत्तर रामायण में भगवान राम के पुत्र लव का किरदार निभाया था. दोनों ही शो का निर्देशन रामानंद सागर ने ही किया था.

इस लिस्ट में सौरभ राज जैन भी शामिल है. उन्होंने सिद्धार्थ कुमार तिवारी के महाभारत में भगवान श्री कृष्ण का किरदार निभाया. उन्होंने यह किरदार इतनी ख़ूबसूरती से निभाया कि आज वह सीरियल ख़त्म हुए 10 साल से ज़्यादा हो गए, पर आज भी लोग उन्हें कृष्ण के रूप में ही देखते हैं.

इस लिस्ट में सौरभ राज जैन भी शामिल है. उन्होंने सिद्धार्थ कुमार तिवारी के महाभारत में भगवान श्री कृष्ण का किरदार निभाया. उन्होंने यह किरदार इतनी ख़ूबसूरती से निभाया कि आज वह सीरियल ख़त्म हुए 10 साल से ज़्यादा हो गए, पर आज भी लोग उन्हें कृष्ण के रूप में ही देखते हैं.

एक्टर सौरभ पांडे ‘सूर्यपुत्र कर्ण’ में श्री कृष्ण के रूप में नज़र आए. इस एक्टर ने टीवी पर बहुत सारे काम किए लेकिन इनको सबसे ज़्यादा फ़ेम श्रीकृष्ण के किरदार के लिए मिला था. 2015 में आयी ‘सूर्यपुत्र कर्ण’ में उनकी एक्टिंग ने सबका मन मोह लिया.

एक्टर सौरभ पांडे ‘सूर्यपुत्र कर्ण’ में श्री कृष्ण के रूप में नज़र आए. इस एक्टर ने टीवी पर बहुत सारे काम किए लेकिन इनको सबसे ज़्यादा फ़ेम श्रीकृष्ण के किरदार के लिए मिला था. 2015 में आयी ‘सूर्यपुत्र कर्ण’ में उनकी एक्टिंग ने सबका मन मोह लिया.

सीरियल राधाकृष्णन में युवा कृष्ण के रूप में हमें सुमेध मुदगलकर देखने को मिले. स्टार भारत की इस शो में उन्होंने कृष्ण के रूप में इन्होंने भी दर्शकों का खूब दिल जीता. उनकी मासूमियत आज भी फैंस के दिलों में बसी है.

सीरियल राधाकृष्णन में युवा कृष्ण के रूप में हमें सुमेध मुदगलकर देखने को मिले. स्टार भारत की इस शो में उन्होंने कृष्ण के रूप में इन्होंने भी दर्शकों का खूब दिल जीता. उनकी मासूमियत आज भी फैंस के दिलों में बसी है.

श्री कृष्ण के रूप में जो छाप धृति भाटिया ने छोड़ी है उसका क्या ही कहना. जय श्री कृष्णा में बाल कृष्णा का किरदार निभाने वाली धृति भाटिया का नाम आज भी सबको बख़ूबी याद है. उनकी मासूमियत और क्यूटनेस देखकर लगता था कि मानो जैसे साक्षात भगवान कृष्ण ही हों.

श्री कृष्ण के रूप में जो छाप धृति भाटिया ने छोड़ी है उसका क्या ही कहना. जय श्री कृष्णा में बाल कृष्णा का किरदार निभाने वाली धृति भाटिया का नाम आज भी सबको बख़ूबी याद है. उनकी मासूमियत और क्यूटनेस देखकर लगता था कि मानो जैसे साक्षात भगवान कृष्ण ही हों.

Published at : 14 Aug 2025 10:21 PM (IST)

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CSK और राजस्थान रॉयल्स के बाद एक और टीम हुई ‘बैन’, करोड़ों हजम करने का भुगतना पड़ा खामियाजा

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बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने BPL की फ्रैंचाइजी चिट्टागोंग किंग्स (Chittagong Kings) को निलंबित कर दिया है. टीम के पूर्व मालिक एसक्यू स्पोर्ट्स एंटरप्राइजेज लिमिटेड नियमित रूप से वित्तीय उल्लंघन करते रहे, जिसके बाद बोर्ड ने सम्झौता समाप्त करने के बाद इस फ्रैंचाइजी पर बैन लगाया है. बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड का कहना है कि चिट्टागोंग किंग्स ने 46 करोड़ टाका (बांग्लादेशी मुद्रा) की बकाया राशि नहीं चुकाई थी.

BCB ने बताया कि चिट्टागोंग किंग्स ने 46 करोड़ टाका, लगभग 33.1 करोड़ भारतीय रुपये की बकाया राशि नहीं चुकाई है. इस फ्रैंचाइजी पर बांग्लादेश प्रीमियर लीग के पहले 2 सीजन (2012 और 2013) के अलावा 2025 सीजन और 12 साल का ब्याज बकाया है. बोर्ड का कहना है कि एसक्यू स्पोर्ट्स एंटरटेनमेंट लिमिटेड लगातार वित्तीय और संविदात्मक दायित्वों का उल्लंघन करती रही. इनमें फ्रैंचाइजी की फीस, टैक्स के अलावा खिलाड़ियों और ऑफिशियल्स की सैलरी रोकी गई. कंपनी को कई बार इस बारे में अवगत कराया गया, फिर भी पैसे का भुगतान नहीं किया गया.

सितंबर 2024 में एक सेटलमेंट एग्रीमेंट हुआ था, उसका भी उल्लंघन किया गया. आखिरकार बोर्ड ने 22 जुलाई, 2025 को कंपनी के साथ अपने समझौते को समाप्त कर दिया था. 2025 BPL सीजन की ही बात कर लें तो चिट्टागोंग किंग्स फ्रैंचाइजी हेड कोच शॉन टैट, कई खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की की पूरी तंख्वाह भी नहीं दे पाई थी.

यहां तक कि लीग के ब्रांड एम्बेसडर शाहिद अफरीदी को भी पूरा पैसा नहीं मिल पाया. चिट्टागोंग किंग्स टीम के मालिक समीर क्वादर चौधरी ने अफरीदी का पैसा ना चुकाए जाने को पर्सनल मामला बताया था. होस्ट यशा सागर को भी पूरा पैसा नहीं मिल पाया, जिसमें मामला लीगल नोटिस भेजने तक आगे बढ़ गया था.

वैसे तो यह कोई मैच फिक्सिंग का मामला नहीं है, लेकिन सालों पहले इंडियन प्रीमियर लीग में CSK और राजस्थान रॉयल्स फ्रैंचाइजी पर बैन लगाया गया था. उस घटना ने फ्रैंचाइजी क्रिकेट को हिलाकर रख दिया था.

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पातंजलि फूड्स ने पहली तिमाही में दर्ज की शानदार ग्रोथ, ग्रामीण मांग बनी सहारा, जानें आंकड़े

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पातंजलि फूड्स लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं. कंपनी ने ₹8,899.70 करोड़ का स्टैंडअलोन राजस्व दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 24% ज्यादा है. यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब शहरी मांग कमजोर रही और बाज़ार में प्रतिस्पर्धा बढ़ी, खासकर क्षेत्रीय और डिजिटल ब्रांड्स से.

मुख्य आंकड़े और प्रदर्शन:

  • खाद्य और अन्य एफएमसीजी उत्पादों से ₹1,660.67 करोड़ की आय हुई.
  • होम और पर्सनल केयर (HPC) से ₹639.02 करोड़ की कमाई हुई.
  • कुल EBITDA ₹334.17 करोड़ रहा, जिसमें HPC का योगदान 36% से अधिक रहा.
  • कंपनी का शुद्ध लाभ ₹180.39 करोड़ रहा.

ग्रामीण भारत बना ताकत

जहां शहरी उपभोक्ता महंगाई और सरकारी मुफ्त खाद्य योजनाओं के चलते प्रीमियम उत्पादों से दूर रहे, वहीं ग्रामीण मांग स्थिर रही. कंपनी ने ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुँच बढ़ाने के लिए ‘ग्रामीन वितरक कार्यक्रम’ और ‘ग्रामीन आरोग्य केंद्र’ जैसे कदम उठाए.

उपभोक्ता व्यवहार में बदलाव

महंगाई में गिरावट और छोटे पैक की लोकप्रियता के चलते शहरी उपभोक्ता अब किफायती विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं. पातंजलि ने छोटे SKU और वैल्यू पैक लॉन्च कर इस ट्रेंड का फायदा उठाया. ‘समृद्धि अर्बन लॉयल्टी प्रोग्राम’ जैसे प्रयासों से ब्रांड की शहरी दुकानों में मौजूदगी और दोहराए गए ऑर्डर बढ़े हैं.

निर्यात और विस्तार

कंपनी ने इस तिमाही में 27 देशों में अपने उत्पादों का निर्यात किया, जिससे ₹39.34 करोड़ की आय हुई. खासकर घी, बिस्किट, जूस और न्यूट्रास्यूटिकल्स की मांग अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में बनी रही.

होम और पर्सनल केयर में मजबूती

‘दंत कांति’, ‘केश कांति’ और ‘सौंदर्य’ जैसे ब्रांड्स ने अच्छा प्रदर्शन किया. दंत कांति के प्रीमियम वेरिएंट्स जैसे ‘अलोवेरा’, ‘रेड’, ‘मेडिकेटेड जेल’ आदि को उपभोक्ताओं ने पसंद किया.

खाद्य तेल में बदलाव

तिमाही में ₹6,685.86 करोड़ की बिक्री हुई, जिसमें 72% हिस्सा ब्रांडेड तेलों का था. अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में पाम ऑयल की कीमतों में गिरावट और भारत में कस्टम ड्यूटी में कटौती से मांग में सुधार हुआ.

भविष्य की दिशा

कंपनी को उम्मीद है कि महंगाई में गिरावट, आरबीआई की नीतियाँ और अच्छे मानसून के चलते आने वाले महीनों में उपभोक्ता मांग में सुधार होगा. पातंजलि फूड्स ने अपने ब्रांड पोर्टफोलियो को मजबूत करने और वितरण नेटवर्क को विस्तार देने की दिशा में कई रणनीतिक कदम उठाए हैं.

यह तिमाही नतीजे दर्शाते हैं कि पातंजलि फूड्स ने चुनौतियों के बीच भी संतुलित रणनीति अपनाकर स्थिरता और वृद्धि हासिल की है. ग्रामीण भारत की ताकत और उपभोक्ता केंद्रित दृष्टिकोण इसके विकास की कुंजी बनते जा रहे हैं.

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