‘अब ट्रेन निकल चुकी है और स्टेशन मास्टर…’, शेख हसीना के मामले में बांग्लादेश की कोर्ट ने क्या

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बांग्लादेश के अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने मंगलवार (12 अगस्त, 2025) को सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील जेडआई खान पन्ना को पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति देने संबंधी याचिका खारिज कर दी. यह मामला पिछले साल जुलाई में शुरू हुए प्रदर्शनों से जुड़े मानवता विरोधी अपराधों से संबंधित है.

विश्लेषकों का मानना है कि यह फैसला न्यायिक प्रक्रिया के साथ अन्याय है और इससे हसीना के बचाव के अधिकार का हनन हुआ है. वकील नजनीन नाहर ने पन्ना की ओर से यह आवेदन दायर किया था.

स्थानीय मीडिया के अनुसार, गवाही के चरण में याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधिकरण ने कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है. आईसीटी ने टिप्पणी की, “ट्रेन पहले ही स्टेशन से निकल चुकी है, स्टेशन मास्टर को सूचना देकर अब उसमें सवार होना संभव नहीं है. केस के इस चरण में नया वकील नियुक्त करने का कोई अवसर नहीं है.” न्यायाधिकरण ने बताया कि राज्य की ओर से पहले ही सुप्रीम कोर्ट के वकील अमीर हुसैन को हसीना की पैरवी के लिए नियुक्त किया गया है.

किस मामले में शेख हसीना पर चल रहा केस?

गौरतलब है कि तीन अगस्त को आईसीटी में हसीना और दो अन्य के खिलाफ मानवता विरोधी अपराधों के मामले में अभियोजन पक्ष ने अपनी कार्यवाही शुरू की थी. सह-आरोपियों में पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमान खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (IGP) चौधरी अब्दुल्ला अल मामून शामिल हैं. कार्यवाही के बाद अवामी लीग ने अपने नेतृत्व पर लगाए गए आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया और इसे मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अवैध अंतरिम सरकार की साजिश बताया.

अवामी लीग के नेता ने यूनुस सरकार को बताया गैर-निर्वाचित कब्जाधारी

अवामी लीग के नेता मोहम्मद ए. अराफात ने कहा, “न तो पूर्व प्रधानमंत्री हसीना और न ही उन्हें इस मुकदमे की औपचारिक सूचना मिली है, जो इस गैर-निर्वाचित सरकार की बेतुकी कार्रवाई को दर्शाता है. यह एक गैर-निर्वाचित कब्जाधारी की साजिश का हिस्सा है, जो लोकतांत्रिक वैधता खत्म करने, विपक्ष को चुप कराने और सत्ता में बने रहने के लिए बेताब है. ऐसी सरकार के पास न कानूनी और न नैतिक अधिकार है कि वह जनता के जनादेश से चुनी गई सरकार पर मुकदमा चलाए. संसद की ओर से पारित कानून में संशोधन का अधिकार केवल संसद को है.”

उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नेता पर हिंसक विद्रोह का सामना करते हुए संवैधानिक कर्तव्यों का पालन करने के लिए मुकदमा नहीं चलाया जाना चाहिए.

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पुतिन या ट्रंप किसको मिलती है ज्यादा सैलरी, जानिए रूस और अमेरिका में राष्ट्रपति का वेतन

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आधिकारिक तौर पर सालाना करीब 1,40,000 डॉलर (लगभग 1.16 करोड़ रुपये) की बेसिक सैलरी मिलती है.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को आधिकारिक तौर पर सालाना करीब 1,40,000 डॉलर (लगभग 1.16 करोड़ रुपये) की बेसिक सैलरी मिलती है.

यह आंकड़ा क्रेमलिन के आधिकारिक दस्तावेजों से सामने आया है. पुतिन को इसके अलावा भी कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं, जो उनकी कुल पैकेज को बड़ा बना देती हैं.

यह आंकड़ा क्रेमलिन के आधिकारिक दस्तावेजों से सामने आया है. पुतिन को इसके अलावा भी कई तरह की सुविधाएं मिलती हैं, जो उनकी कुल पैकेज को बड़ा बना देती हैं.

रूस पिछले काफी समय से यूक्रेन के साथ युद्ध कर रहा है. जिसके चलते रूस और वहां के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर कई तरह के सेंशन भी लगे हैं.

रूस पिछले काफी समय से यूक्रेन के साथ युद्ध कर रहा है. जिसके चलते रूस और वहां के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर कई तरह के सेंशन भी लगे हैं.

अगर बात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करें तो उनका वेतन 4,00,000 डॉलर (करीब 3.32 करोड़ रुपये) सालाना है. इसके अलावा उन्हें हर साल लगभग 50,000 डॉलर का खर्च भत्ता, 1,00,000 डॉलर की ट्रैवल अलाउंस और 19,000 डॉलर मनोरंजन के लिए दिए जाते थे.

अगर बात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की करें तो उनका वेतन 4,00,000 डॉलर (करीब 3.32 करोड़ रुपये) सालाना है. इसके अलावा उन्हें हर साल लगभग 50,000 डॉलर का खर्च भत्ता, 1,00,000 डॉलर की ट्रैवल अलाउंस और 19,000 डॉलर मनोरंजन के लिए दिए जाते थे.

इतना ही नहीं राष्ट्रपति पद संभालते समय ट्रंप को करीब 1,00,000 डॉलर का एकमुश्त राशि ऑफिस और आवास को सजाने-संवारने के लिए भी मिलती है.

इतना ही नहीं राष्ट्रपति पद संभालते समय ट्रंप को करीब 1,00,000 डॉलर का एकमुश्त राशि ऑफिस और आवास को सजाने-संवारने के लिए भी मिलती है.

इन सभी भत्तों और सुविधाओं को जोड़ने पर ट्रंप का सालाना पैकेज लगभग 5,69,000 डॉलर (करीब 4.72 करोड़ रुपये) तक पहुंच जाता था.

इन सभी भत्तों और सुविधाओं को जोड़ने पर ट्रंप का सालाना पैकेज लगभग 5,69,000 डॉलर (करीब 4.72 करोड़ रुपये) तक पहुंच जाता था.

Published at : 12 Aug 2025 04:38 PM (IST)

शिक्षा फोटो गैलरी

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हिंदी सिनेमा की पहली लेडी सुपरस्टार, मैडम तुसाद में लगा वैक्स स्टैच

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बॉलीवुड में अक्सर कहा जाता है कि हिंदी सिनेमा में नाम कमाने के लिए किसी गॉडफादर का सहारा जरूरी है. लेकिन कुछ सितारे अपनी मेहनत और टैलेंट से इस मिथक को तोड़ देते हैं. ऐसी ही एक सुपरस्टार थीं श्रीदेवी, जिन्होंने अपनी बेजोड़ अदाकारी, खूबसूरती और नृत्य कौशल से हिंदी सिनेमा में अमिट छाप छोड़ी.

श्रीदेवी उन गिनी-चुनी एक्ट्रेसेस में से थीं, जिन्होंने अपने सिनेमाई सफर में ऊंचाइयां हासिल कीं. उनकी चमक इतनी थी कि सालों बाद भी उनका नाम और उनकी फिल्में दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं.

हिंदी सिनेमा की पहली लेडी सुपरस्टार, मैडम तुसाद में लगा वैक्स स्टैचू, अचानक ली दुनिया से विदाई

‘सोलहवां सावन’ से बॉलीवुड डेब्यू
13 अगस्त, 1963 को तमिलनाडु के शिवकाशी में जन्मीं श्रीदेवी का पूरा नाम श्रीदेवी अय्यपन था. उनका फिल्मी सफर महज चार साल की उम्र में शुरू हुआ था. उन्होंने चार साल की उम्र में 1967 में तमिल फिल्म ‘कंधन करुणाई’ से बाल कलाकार के तौर पर करियर की शुरुआत की. इसके बाद श्रीदेवी ने 1978 में फिल्म ‘सोलहवां सावन’ से बॉलीवुड में कदम रखा, लेकिन उनको साल 1983 में आई फिल्म ‘हिम्मतवाला’ से पहचान मिली. इस फिल्म की सफलता ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया.

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‘भारत की फर्स्ट लेडी सुपरस्टार’ का खिताब अपने नाम किया
श्रीदेवी ने एक के बाद एक कई सुपरहिट फिल्में दीं, जिनमें ‘सदमा’, ‘नगीना’, ‘निगाहें’, ‘मिस्टर इंडिया’, ‘चालबाज’, ‘लम्हे’, ‘खुदा गवाह’ और ‘जुदाई’ शामिल हैं. हिंदी सिनेमा के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में अपनी छाप छोड़ने वाली श्रीदेवी ने ‘भारत की फर्स्ट लेडी सुपरस्टार’ के तौर पर पहचान बनाई. जीतेंद्र और श्रीदेवी की जोड़ी ने 16 फिल्मों में साथ काम किया, जिनमें से कई ने बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचाया.

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कई अवॉर्ड से नवाजी गई, मैडम तुसाद में लगा स्टैचू
श्रीदेवी की हिट फिल्मों में ‘हिम्मतवाला’ (1983), ‘जानी दोस्त’ (1983), ‘जस्टिस चौधरी’ (1983), ‘मवाली’ (1983), ‘सुहागन’ (1986), ‘घर संसार’ (1986), और ‘सोने पे सुहागा’ (1988) शामिल हैं. इस जोड़ी की केमिस्ट्री ने दर्शकों को खूब लुभाया और 80 के दशक में बॉलीवुड में एक खास मुकाम बनाया. श्रीदेवी को कई नेशनल और फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा गया. 2013 में उन्हें भारत सरकार ने पद्मश्री से सम्मानित किया था. यहां तक कि मैडम तुसाद म्यूजियम में उनके वैक्स स्टैचू को जगह दी गई.

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लंबे ब्रेक के बाद पर्दे पर कमबैक, अचानक हुई मौत
फिल्मी दुनिया में नाम कमाने वालीं श्रीदेवी अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर भी चर्चाओं में रहीं. उन्होंने फिल्म मेकर बोनी कपूर से 1996 में शादी की और इस शादी से उन्हें दो बेटियां, जाह्नवी और खुशी कपूर, हुईं. परिवार को समय देने की वजह से श्रीदेवी ने फिल्मी दुनिया से दूरी बना ली, लेकिन लंबे ब्रेक के बाद 2012 में ‘इंग्लिश विंग्लिश’ से उन्होंने शानदार वापसी की. 24 फरवरी, 2018 को दुबई में अचानक 54 साल की उम्र में उनकी मौत हो गई जिसने पूरी फिल्म इंडस्ट्री और फैंस को गहरे सदमे में डाल दिया.

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Samsung Galaxy Z Fold 7 Vs Vivo X Fold 5: फोल्डेबल फोन में कौन है सबसे तगड़ा, कंपैरिजन से समझें

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Samsung Galaxy Z Fold 7 Vs Vivo X Fold 5: Vivo X Fold 5 का मोटाई प्रोफाइल फोल्ड होने पर 9.2mm और खुलने पर 4.3mm है जिसका वजन 217 ग्राम है. इसके कवर स्क्रीन पर सेकेंड-जेनरेशन आर्मर ग्लास है और यह IPX8, IPX9, और IPX9+ वॉटर रेसिस्टेंस के साथ आता है जो इंडस्ट्री में पहली बार है. वहीं, Samsung Galaxy Z Fold 7 का वजन थोड़ा कम 215 ग्राम है और इसमें सैमसंग की पहचान वाली फोल्डेबल डिजाइन है लेकिन इसमें Vivo जैसी एडवांस वॉटर रेसिस्टेंस रेटिंग नहीं दी गई है.

डिस्प्ले क्वालिटी

Vivo X Fold 5 में 8.03-इंच AMOLED फोल्डेबल इनर डिस्प्ले (2480 x 2200 पिक्सल) और 6.53-इंच कवर डिस्प्ले (2748 x 1172 पिक्सल) दी गई है. दोनों स्क्रीन 120Hz रिफ्रेश रेट, 4,500 निट्स ब्राइटनेस, TÜV Rheinland सर्टिफिकेशन और Zeiss Master Colour कैलिब्रेशन के साथ आती हैं. Samsung Galaxy Z Fold 7 में 8-इंच फोल्डेबल इनर डिस्प्ले और 6.5-इंच Dynamic AMOLED 2X कवर स्क्रीन (2520 x 1080 पिक्सल) दी गई है जो 120Hz रिफ्रेश रेट सपोर्ट करती है.

कैमरा सेटअप

Vivo X Fold 5 में ट्रिपल 50MP कैमरा सेटअप है—मुख्य सेंसर, अल्ट्रावाइड लेंस और ZEISS टेलीफोटो लेंस (3x ऑप्टिकल और 100x डिजिटल जूम). इसमें इनर और कवर स्क्रीन दोनों पर 20MP फ्रंट कैमरा दिया गया है. Samsung Galaxy Z Fold 7 में 200MP मुख्य सेंसर, 12MP अल्ट्रावाइड और 10MP टेलीफोटो लेंस (3x ऑप्टिकल जूम) है, साथ ही दो 10MP फ्रंट कैमरे हैं.

बैटरी और चार्जिंग

Vivo X Fold 5 में 6,000mAh की बैटरी है, जो फोल्डेबल फोन्स में सबसे बड़ी है. यह 80W वायर्ड और 40W वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करता है. Samsung Galaxy Z Fold 7 में 4,400mAh की बैटरी है जो 25W वायर्ड और वायरलेस चार्जिंग सपोर्ट करती है. बैटरी क्षमता और चार्जिंग स्पीड के मामले में Vivo आगे है.

AI फीचर्स और कनेक्टिविटी

Vivo में Google Gemini Assistant और AI इमेजिंग टूल्स जैसे AI Image Expander, AI Magic Move, AI Erase, AI Reflection Erase शामिल हैं. Samsung One UI 8 (Android 16) पर चलता है और कई स्मार्ट फीचर्स देता है लेकिन Vivo जैसी डेडिकेटेड AI इमेजिंग क्षमताएं नहीं हैं. दोनों फोन में 5G, Wi-Fi 7, Bluetooth, डुअल सिम जैसी आधुनिक कनेक्टिविटी है जबकि Samsung में Bluetooth 5.4 है जो तेज़ डेटा ट्रांसफर और कम लेटेंसी देता है.

कीमत में अंतर

Vivo X Fold 5 (16GB + 512GB) की कीमत 1,49,999 रुपये है. वहीं, दूसरी ओर Samsung Galaxy Z Fold 7 के 12GB + 256GB वेरिएंट की कीमत 1,74,999 रुपये है. इसके अलावा इस फोन के  12GB + 512GB वेरिएंट की कीमत 1,86,999 रुपये है. हालांकि डिस्काउंट के बाद आप इसे कम कीमत में भी खरीद सकते हैं.

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IPL 2026 की नीलामी में इस ऑलराउंडर पर लगेगी सबसे बड़ी बोली? अश्विन ने बताया कौन बिकेगा महंगा

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Ashwin Prediction On IPL 2026: इंडियन प्रीमियर लीग का 19वां सीजन अभी काफी दूर है, लेकिन आईपीएल 2025 में कई रोमांचक मोड़ के बाद IPL 2026 को लेकर चर्चा अभी से तेज हो गई है. पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन ने इस बात की भविष्यवाणी की है कि आईपीएल के अगले सीजन में विदेशी खिलाड़ियों के लिए सबसे ज्यादा बोली लग सकती है. वहीं भारतीय खिलाड़ियों में मयंक यादव को लेकर आईपीएल टीमों के बीच क्रेज नजर आ सकता है.

IPL 2026 में कौन बिकेगा सबसे महंगा?

भारतीय दिग्गज खिलाड़ी रविचंद्रन अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात (Ash Ki Baat)’ में कहा कि आईपीएल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों को ढूंढना टीमों के लिए काफी मुश्किल होने वाला है और अगले सीजन नए भारतीय खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं. इसके साथ ही अश्विन ने कहा कि विदेशी प्लेयर्स के लिए खूब बोली लगने वाली हैं.

अश्विन ने अपने यूट्यूब शो में कहा कि किसी भी फ्रेंचाइजी के लिए भारत के बड़े प्लेयर्स को रिलीज करना काफी महंगा पड़ सकता है. अश्विन ने आगे कहा कि इस बार कई ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी ऑक्शन में नजर आ सकते हैं. अश्विन ने दो ऑलराउंडर प्लेयर कैमरून ग्रीन (Cameron Green) और मिचेल ओवेन (Mitchell Owen) के लिए आईपीएल के 19वें सीजन में सबसे बड़ी बोली लग सकती है.

आईपीएल 2026 में लगेगी सबसे बड़ी बोली?

अश्विन ने भविष्यवाणी की है कि आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन में सबसे बड़ी बोली 25 से 30 करोड़ रुपये तक की लग सकती है. अगर किसी खिलाड़ी को 30 करोड़ रुपये में खरीदा जाता है तो वो आईपीएल इतिहास की सबसे बड़ी बोली बन सकती है. आईपीएल 2025 में सबसे बड़ी बोली ऋषभ पंत के लिए लगी थी. लखनऊ सुपर जायंट्स के मालिक संजीव गोयनका ने भारत के इस स्टार खिलाड़ी को 27 करोड़ रुपये में खरीदा था. देखना होगा कि आईपीएल 2026 में किस खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ी बोली लगती है. अश्विन की भविष्यवाणी सच होगी या फिर एक बार कोई भारतीय खिलाड़ी आईपीएल का सबसे महंगा प्लेयर बनेगा.

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Video: कुछ ही सेकंड में दो बार हुआ शख्स का एक्सीडेंट, दूसरे में मिली दर्दनाक मौत, देखें वीडियो

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Social Media Viral Video: सोशल मीडिया पर एक ऐसा दर्दनाक हादसा वायरल हो रहा है, जिसे देखने के बाद आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे.वायरल वीडियो में देखा गया है कि एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक बाइक सवार को कुचल दिया. इस हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा व्यक्ति बाल-बाल बच गया.

ये भयावह हादसा सड़क पर लगे सीसीटीवी पर रिकॉर्ड हो गया. घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें ट्रक की लापरवाही और बाइक सवारों की हताशा स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है.

जनिए क्या है पूरा मामला?

हालांकि, यह खतरनाक घटना कहां की है इसकी कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है. वीडियो मे देखा जा सकता है कि एक ट्रक सामने से आता है और दो बाइक सवार भी सामने से आ रहे होते हैं. तभी अचानक एक बाइक सवार का बैलेंस बिगड़ जाता है और वह सड़क पर बुरी तरह गिर जाता है. उसके तुरंत बाद एक ट्रक और सामने से तेज रफ्तार में आ रहा होता है.

ट्रक ड्राइवर ने बाइक सवारों को देखने के बावजूद ब्रेक नहीं लगाया और सीधे उनकी बाइक से टकरा गया. वीडियो में देखा गया कि दोनों ट्रक भी आपस में टकरा गए टक्कर इतनी जबरदस्त थी . कि एक बाइक सवार सड़क पर गिर गया और ट्रक के पहिए के नीचे आ गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई.

घटना के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया

दूसरा बाइक सवार किसी तरह ट्रक के नीचे आने से बच गया, लेकिन वह भी गंभीर रूप से घायल हो गया. हादसे के बाद ट्रक ड्राइवर ने वाहन वहीं रोका और आगे बढ़ गया, जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया. स्थानीय लोगों की शिकायत के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक ड्राइवर को हिरासत में ले लिया. घटना इतनी खतरनाक थी कि जिसने भी वीडियो देखा वो हैरान रह गया.


अलास्का में मीटिंग से पहले पुतिन के जाल में कैसे फंस गए डोनाल्ड ट्रंप? आखिर कैसे ये रूस के लिए

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की शुक्रवार (15 अगस्त 2025) को मुलाकात होनी है. दोनों नेताओं की मुलाकात अलास्का में होनी वाली है, जो कभी रूस का हिस्सा हुआ करता था. ट्रंप-पुतिन की प्रस्तावित बैठक ने सभी को आश्चर्यचकित कर दिया क्योंकि पिछले हफ्ते तक ट्रंप धमकी दे रहे थे कि यदि मास्को 8 अगस्त तक यूक्रेन युद्ध समाप्त नहीं करता है तो वे उस पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगा देंगे.

अलास्का में मीटिंग पुतिन के लिए क्यों है जीत?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप इन धमकियों के बावजूद पुतिन से आमने-सामने की मुलाकात के लिए राजी हो गए. कूटनीतिक अलगाव को झेलते हुए पुतिन का ट्रंप से मिलना रूस के लिए बड़ी कूटनीतिक जीत भी मानी जा रही है. रूस को अंतरराष्ट्रीय रूप से बहिष्कार करने की धमकियों के बीच ट्रंप ने उन्हें अमेरिकी धरती पर आमंत्रित किया है.

मीटिंग में शामिल नहीं होंगे जेलेंस्की

इसके अलावा ट्रंप यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बिना पुतिन से मिलने के लिए भी सहमत हो गए. इसका साफ मतलब है कि यूक्रेन सीजफायर प्रस्ताव पर अमेरिका और रूस के बीच यूक्रेनी प्रतिनिधित्व के बिना ही चर्चा होगी. इसे पुतिन की बड़ी जीत मानी जा रही है क्योंकि जबसे ट्रंप ने पुतिन से मिलने की बात की है, तबसे ही जेलेंस्की कहते आ रहे हैं कि अगर मीटिंग में यूक्रेन का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा तो वो इस मीटिंग में लिए गए फैसले को नहीं मानेंगे. सबसे बड़ी बात ये है कि दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष जिस जगह पर मिलने वाले हैं उसका चयन खुद पुतिन ने ही किया. 

इंटरनेशनल वारंट के बावजूद पुतिन जाएंगे अमेरिका

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ऐसे समय में अमेरिका का दौरा करेंगे जब इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट (ICC) की ओर से उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी है. जब से पुतिन के खिलाफ ICC ने वारंट जारी किया है तब से उन्होंने किसी भी देश का दौरा नहीं किया है. इस लिहाज से भी अलास्का का दौरा पुतिन के लिए काफी अहम माना जा रहा है.

रूसी न्यूज एजेंसी TASS की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन अलास्का की यात्रा करने वाले पहले रूसी राष्ट्रपति होंगे. अलास्का उत्तरी अमेरिकी महाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी सिरे पर स्थित है और क्षेत्रफल की दृष्टि से अमेरिका का सबसे बड़ा राज्य है, जो यहां के कुल क्षेत्रफल का 18 फीसदी है. रूस और अलास्का के बीच सबसे कम दूरी लगभग 55 मील (88 किमी) है.

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Video: दिल्ली मेट्रो के अंदर बंदर की सवारी, खूब टहला, डरे सहमे बैठे रहे यात्री, वीडियो वायरल

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Delhi Metro Viral Video: दिल्ली मेट्रो के वैशाली स्टेशन पर 11 अगस्त को एक अनोखी और मजेदार घटना घटी, जब एक बंदर मेट्रो ट्रेन के अंदर घूमता हुआ नजर आया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसमें बंदर मेट्रो के डिब्बे में इधर-उधर कूदता और यात्रियों के बीच घूमता दिखाई दे रहा है. यह वीडियो न सिर्फ लोगों के लिए हास्य का विषय बना, बल्कि इसने दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए.

यात्री बंदर की हरकतों का मजा लेते हुए दिखे

यह घटना दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पर वैशाली मेट्रो स्टेशन पर हुई. वीडियो में दिख रहा है कि बंदर मेट्रो ट्रेन के अंदर यात्रियों के बीच घूम रहा था. वायरल वीडियो में एक बंदर मेट्रो के डिब्बे में कूदता-फांदता नजर आ रहा है. वह सीटों पर चढ़ता, रेलिंग, पकड़ता और यात्रियों के बीच बेफिक्र घूमता दिखा. कुछ यात्रियों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जिसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉम पर वायरल हो रहा है. वीडियो में यात्रियों को हंसते और बंदर की हरकतों का मजा लेते हुए देखा जा सकता है, हालांकि कुछ यात्री डरे हुए भी दिखे.


बंदर को ट्रेन से सुरक्षित बाहर निकाला गया

वीडियो में साफ तौर पर दिख रहा है कि कुछ यात्री बंदर को देखकर हंस रहे थे, जबकि कुछ ने उससे दूरी बनाए रखी. किसी भी यात्री को बंदर से कोई नुकसान नहीं पहुंचा और बंदर भी शांतिपूर्वक डिब्बे में घूमता रहा. दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है. हालांकि, सूत्रों के मुताबिक मेट्रो कर्मचारियों ने बंदर को ट्रेन से सुरक्षित बाहर निकाला और उसे स्टेशन के बाहर छोड़ दिया.


Retail Inflation: आम आदमी को मिली राहत, 8 साल के निचले स्तर पर पहुंची महंगाई

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Retail Inflation: देश में महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को राहत मिली है. जुलाई के महीने में खाने-पीने की चीजों की कीमतों में आई गिरावट की वजह से इस महीने भारत की रिटेल महंगाई घटकर 1.55 परसेंट रह गई है. यह बीते आठ सालों में सबसे कम है.

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जून 2017 के बाद से यह रिटेल महंगाई का सबसे निचला स्तर है. जुलाई में रिटेल महंगाई इस साल जून के 2.1 परसेंट से भी 55 बेसिस पॉइंट कम रही, जो जनवरी 2019 के बाद से रिटेल महंगाई का सबसे निचला स्तर है. 

नेगेटिव जोन में आई महंगाई

इस साल जुलाई में खाद्य मुद्रास्फीति पिछले साल के इसी महीने के मुकाबले कम होकर -1.76 परसेंट के नेगेटिव जोन में आ गई. जून के मुकाबले जुलाई में भी खाद्य मुद्रास्फीति में भी 75 बेसिस पॉइंट की गिरावट दर्ज की गई है. जनवरी 2019 के बाद से खाद्य मुद्रास्फीति का सबसे निचला स्तर है. जुलाई, 2025 के दौरान मुख्य मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में आई इस गिरावट की वजह दालों, सब्जियों, अनाज, अंडे और चीनी की कम हुई कीमतें हैं.  

जुलाई की खाद्य मुद्रास्फीति दर जनवरी 2019 के बाद से सबसे कम है. जुलाई में ग्रामीण मुद्रास्फीति जून के 1.72 परसेंट से घटकर 1.18 परसेंट रही, , जबकि शहरी मुद्रास्फीति इसी दौरान 2.56 परसेंट से घटकर 2.05 परसेंट रह गई. आवास मुद्रास्फीति 3.17 परसेंट पर लगभग स्थिर रही, शिक्षा मुद्रास्फीति 4.37 परसेंट से घटकर 4 परसेंट हो गई और स्वास्थ्य मुद्रास्फीति एक महीने पहले के 4.38 परसेंट  से बढ़कर 4.57 परसेंट  हो गई. 

इन राज्यों में सबसे कम हुई महंगाई

सबसे ज्यादा केरल में महंगाई संयुक्त रूप से कम हुई है, जो 8.89 परसेंट दर्ज की गई. उसके बाद जम्मू और कश्मीर (3.77 परसेंट), पंजाब (3.53 परसेंट), कर्नाटक (2.73 परसेंट) और महाराष्ट्र (2.28 परसेंट) का स्थान रहा. इसी के साथ परिवहन एवं संचार मुद्रास्फीति जून के 3.90 परसेंट से घटकर जुलाई में 2.12 परसेंट हो गई, जबकि ईंधन एवं प्रकाश मुद्रास्फीति 2.55 परसेंट से मामूली बढ़कर 2.67 परसेंट हो गई. 

 

 

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