सूरज बड़जात्या की फिल्म में सलमान को रिप्लेस कर ये एक्टर बनेगा ‘प्रेम’, जानें सच

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बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान ने डायरेक्टर सूरज बड़जात्या की कई फिल्मों में ‘प्रेम’ का किरदार निभाया और लोगों के दिलों में बस गए. अब खबरें हैं कि सलमान का ये आइकॉनिक किरदार किसी दूसरे एक्टर को मिलने जा रहा है. इन खबरों पर अब खुद सूरज बड़जात्या ने चुप्पी तोड़ी है. जानिए वो क्या बोले….

कहां हो रही है फिल्म की शूटिंग?

दरअसल पिछले काफी दिनों से ये खबरें सामने आ रही हैं कि सूरज बड़जात्या की अपकमिंग फिल्म में सलमान खान की एक्टर आयुष्मान खुराना ‘प्रेम’ का रोल निभाने जा रहे हैं. अब पीटाआई से बात करते हुए डायरेक्टर ने इन खबरों पर चुप्पी तोड़ी. उन्होंने बताया कि, “हम आयुष्मान और शरवरी के साथ मुंबई में फिल्म की शूटिंग कर रहे हैं, फिल्म की कहानी भी मुंबई पर ही आधारित है. आयुष्मान की एक अच्छे एक्टर हैं. फिल्म में इन दोनों के अलावा और भी कई शानदार एक्टर होने वाले हैं.”

मैं बहुत ज्यादा नर्वस हूं – सूरज बड़जात्या

डायरेक्टर ने आगे कहा कि, हर बार की तरह मैं इस फिल्म के लिए भी नर्वस हूं. ये किस्सा मेरे साथ ‘मैंने प्यार किया’  से चलता हुआ आ रहा है. क्योंकि मेरी लिए ये बहुत मायने रखता है कि जनता उस विचार या दृश्य से जुड़ पा रही है या नहीं..” हालांकि इस दौरान सूरज बड़जात्या ने ये भी बताया कि फिल्म में आयुष्मान के किरदार का नाम ‘प्रेम’ ही होने वाला है.

इन फिल्मों में प्रेम’ बन चुके हैं सलमान

बता दें कि सलमान खान अभी तक “मैंने प्यार किया”, “हम आपके हैं कौन”, “हम साथ साथ हैं” और “प्रेम रतन धन पायो” जैसी कई फिल्मों में प्रेम का रोल निभाया है. बात करें आयुष्मान की तो वो इन दिनों फिल्म ‘थामा’ की शूटिंग में बिजी हैं. फिल्म में वो रश्मिका मंदाना के साथ नजर आएंगे.

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जिस भारत को ट्रंप कह रहे ‘डेड इकोनॉमी’, वहीं फल-फूल रहीं अमेरिकी कंपनियां; देखें लिस्ट

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US Companies in India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर तंज कसते ही जा रहे हैं. कभी वह भारत को ‘टैरिफ किंग’ कह रहे हैं, तो कभी यहां की इकोनॉमी को ‘डेड’ बता रहे हैं. ट्रंप ने भारतीय सामानों के आयात पर भी 50 परसेंट टैरिफ लगा दिया है.

भारत में मैकडॉनल्ड्स और कोका-कोला से लेकर अमेजन और ऐप्पल तक कई बड़ी कंपनियों का कारोबार फैला हुआ है. आज के समय में भारत अमेरिका का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. ऐसे में अगर भारत बदला लेने पर उतर आया, तो अमेरिका को लेने के देने पड़ जाएंगे. 

भारत में जमकर हो रहा अमेरिकी कंपनियों का कारोबार 

ट्रंप भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ बता रहे हैं, लेकिन इसी में कई अमेरिकी कंपनियों का कारोबार फल-फूल रहा है. देश का शायद ही कोई सेक्टर ऐसा हो, जहां अमेरिकी कंपनी मौजूद नही हो. बेशक, अमेरिका के भारत पर 50 परसेंट टैरिफ लगाने से भारतीय निर्यात पर असर पड़ेगा, लेकिन भारत ने अगर पलटवार करने का मूड बना लिया, तो अमेरिका को अरबों का नुकसान हो जाएगा.

भारत में कई अमेरिकी कंपनियां कारोबार कर रही हैं जैसे कि एजिलेंट, अमेजन, एडोब सिस्टम्स इनकॉर्पोरेटेड, अमेरिकन एक्सप्रेस, एमवे, एप्पल इंक, कोका कोला, पेप्सिको इंडिया, फोर्ड, कैटरपिलर, जनरल मोटर्स, जिलेट, गूगल, हनीवेल इंडिया, आईबीएम, एग्रो टेक, इंटेल, जेपी मॉर्गन, मैकडॉनल्ड्स, मेटलाइफ इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट, मॉर्गन स्टेनली, पिज्जा हट, केएफसी ओरेकल, टाइमेक्स, व्हर्लपूल वगैरह. यह लिस्ट काफी लंबी है.

टेक्नोलॉजी से लेकर ऑटोमोबाइल, बैंकिंग और फाइनेंस किस सेक्टर में नहीं हैं अमेरिकी कंपनियां. आप भारत की टॉप-20 आईटी कंपनी को ही ले लीजिए इनमें से ज्यादातर अमेरिकी ही है. भारत में अमेरिकी कंपनियों को निवेश से भारी मुनाफा हो रहा है. 

भारत अमेरिका का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर 

भारत और अमेरिका के बीच कारोबार भी काफी बड़े पैमाने पर होता है. वित्त वर्ष 2024-25 में दोनों देशों के बीच कुल 131.84 बिलियन अमेरिकी डॉलर का कारोबार हुआ. इस दौरान अमेरिका के लिए भारत का एक्सपोर्ट 86.51 बिलियन अमेरिकी डॉलर का रहा. वहीं, अमेरिका ने भारत में 45.33 बिलियन डॉलर के सामान भेजे. यह कोई हाल-फिलहाल की बात नहीं है, बल्कि भारत कई सालों से अमेरिका का बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. एक तरफ जहां भारत अमेरिका से पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, विमान के पुर्जे, कोयला खरीदता है. वहीं, अमेरिका भी भारत से फार्मास्यूटिकल्स, टेक्नोलॉजी, जेम्स और ज्वेलरी जैसे कई प्रोडक्ट्स खरीदता है. यानी कि दोनों एक-दूसरे पर निर्भर है. 

क्या हो अगर भारत करें पलटवार? 

हाल ही में आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद अशोक कुमार मित्तल ने ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी की जमकर आलोचना की. उन्होंने ट्रंप को लिखे एक ओपन लेटर में कहा, ”आपने भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ कहा है, लेकिन यही  ‘डेड इकोनॉमी’ भारत की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है. जल्द ही तीसरी हो जाएगी. अमेरिकी कंपनियां शिक्षा, तकनीक, वित्त और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में सालाना 80 अरब डॉलर से ज्यादा कमा रही हैं.”

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‘भारत जानता है इससे कैसे निपटना है’, आसिम मुनीर की गीदड़भभकी पर शशि थरूर का करारा जवाब

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार (11 अगस्त, 2025) को पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख आसिम मुनीर की ओर से दिए गए परमाणु हमले की धमकी का करारा जवाब दिया है. थरूर ने कहा कि हम ऐसी किसी भी परमाणु धमकी के आगे झुकने वाले नही हैं. मंत्रालय ने भी इसका मुंहतोड़ जवाब दे दिया है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की ओर से इंडिया गठबंधन के नेताओं के लिए आयोजित डिनर में शामिल होने के बाद कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने पत्रकारों से कहा, “इस व्यक्ति (आसिम मुनीर) को पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय के सामने ऐसी बातें कहने की आदत है, जो जाहिर है कि वह अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए कहता है. लेकिन भारत को पता है कि ऐसी चीजों से हवा में और जमीन पर कैसे निपटना है, इसलिए मैं बहुत ज्यादा परेशान नहीं हूं.”

अमेरिकी की जमीन से भारत को दी गई धमकी, यह चिंतनीय विषय- थरूर

वहीं, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार (11 अगस्त) को विदेश मामलों की स्थायी संसदीय समिति की बैठक के बाद कहा, “अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर की ओर से भारत को दी गई हालिया परमाणु धमकियों पर विदेश मामलों की स्थायी समिति में चर्चा हुई. समिति ने इस तरह की टिप्पणी के लिए एक मित्र देश की जमीन के दुरुपयोग पर चिंता व्यक्त की है.

विदेश मामलों की स्थायी समिति के चेयरमैन शशि थरूर ने कहा, “समिति ने चिंता जताई है कि एक मित्र देश (अमेरिका) की जमीन का इस तरह से हमारे खिलाफ कुछ कहने के लिए दुरुपयोग किया गया. साथ ही, परमाणु धमकियों की जो आदत पाकिस्तान को है, उस पर विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में स्पष्ट प्रतिक्रिया दी गई है. हम भी उसी बयान को दोहराते हैं. समिति का दृष्टिकोण भी वही है, भारत पर कोई परमाणु धमकी काम नहीं करेगा और इस पर किसी भी दल की असहमति नहीं है.”

पाकिस्तानी सैन्य प्रमुख ने क्या कहा था?

पाकिस्तान के सैन्य प्रमुख फेल्ड (फील्ड) मार्शल आसिम मुनीर ने अमेरिका के फ्लोरिडा में पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय के साथ एक बैठक की. बैठक में मुनीर ने कहा कि भविष्य में भारत के साथ किसी भी संघर्ष की स्थिति में अगर पाकिस्तान के अस्तित्व पर खतरा महसूस होता है, तो पाकिस्तान अपने परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर भारत और आधी दुनिया को निशाना बना सकता है.

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हरियाणा में निकली असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के 255 पदों पर भर्ती, 1 लाख 67 हजार मिलेगी सैलर

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अगर अपने एलएलबी किया हुआ है और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. हरियाणा लोक सेवा आयोग असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी के पदों पर भर्ती निकाली है. हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने अभियोजन विभाग में असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी (ADA) के पदों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. इस भर्ती के तहत कुल 255 पद भरे जाएंगे. अगर आप कानून की पढ़ाई कर चुके हैं और सरकारी नौकरी का सपना देख रहे हैं, तो यह आपके लिए सुनहरा मौका है. आवेदन प्रक्रिया 13 अगस्त 2025 से शुरू होगी और 02 सितंबर 2025 तक चलेगी.

इस पद के लिए योग्यता की बात करें तो उम्मीदवार के पास भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कानून में स्नातक (LLB) की डिग्री होनी चाहिए. इसके साथ ही 10वीं तक हिंदी या संस्कृत भाषा पढ़ी होनी जरूरी है और उम्मीदवार बार काउंसिल में बतौर एडवोकेट पंजीकृत होना चाहिए. उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट www.hpsc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं.

उम्र सीमा कितनी

आयु सीमा न्यूनतम 21 वर्ष और अधिकतम 42 वर्ष रखी गई है. आरक्षित वर्ग को नियमों के तहत आयु सीमा में छूट मिलेगी. SC और ST उम्मीदवारों को 5 साल की और OBC उम्मीदवारों को 3 साल की छूट दी जाएगी.

ऐसे होगा चयन

चयन प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी होगी सबसे पहले स्क्रीनिंग टेस्ट, फिर सब्जेक्ट टेस्ट और आखिर में साक्षात्कार होगा.

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सैलरी कितनी मिलेगी?

इन सभी चरणों को पास करने वाले उम्मीदवारों को 53,100 रुपये से लेकर 1,67,800 रुपये तक का मासिक वेतन मिलेगा, साथ ही अन्य भत्ते और सुविधाएं भी दी जाएगी.

इतना देना होगा आवेदन शुल्क

आवेदन करने के लिए सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को 1000 रुपये का शुल्क देना होगा, जबकि EWS, OBC और हरियाणा राज्य की महिला उम्मीदवारों के लिए शुल्क 250 रुपये तय किया गया है. शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा.

कैसे करें आवेदन

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर भर्ती सेक्शन में Assistant District Attorney Recruitment 2025 लिंक पर क्लिक करना होगा. फॉर्म भरने के बाद जरूरी दस्तावेज अपलोड करें, शुल्क का भुगतान करें और सबमिट करने से पहले सभी जानकारी जांच लें. आवेदन फॉर्म की एक प्रति अपने पास सेव रखें. ज्यादा डिटेल्स के लिए उम्मीदवार आधिकारिक साइट की मदद ले सकते हैं.

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Instagram या YouTube! कहां से होती है ज्यादा कमाई? यहां समझें पूरी गणित

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Instagram vs Youtube: आज के समय में सोशल मीडिया सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि कमाई का एक बड़ा जरिया बन चुका है. लाखों लोग Instagram और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म्स पर कंटेंट बनाकर अपनी आय कमा रहे हैं. लेकिन अक्सर क्रिएटर्स के मन में यह सवाल रहता है आखिर ज्यादा कमाई कहां से होती है Instagram से या YouTube से?

YouTube से कमाई कैसे होती है?

YouTube पर सबसे बड़ा कमाई का स्रोत AdSense है. जैसे ही कोई वीडियो देखा जाता है उस पर आने वाले विज्ञापनों से क्रिएटर को पैसे मिलते हैं. इसके अलावा YouTube पर:

  • स्पॉन्सरशिप डील्स
  • मेंबरशिप प्लान्स
  • सुपर चैट और सुपर थैंक्स
  • एफिलिएट मार्केटिंग

जैसे कई तरीके हैं जिनसे कमाई की जा सकती है.

YouTube का फायदा यह है कि यहां लंबे समय तक वीडियो से आय आती रहती है. पुराने वीडियो भी सालों बाद पैसे कमा सकते हैं.

Instagram से कमाई कैसे होती है?

Instagram पर सीधे विज्ञापनों से कमाई का सिस्टम अभी सीमित है. यहां कमाई के मुख्य तरीके हैं:

  • ब्रांड कोलैबोरेशन (प्रमोशनल पोस्ट और रील्स)
  • अफिलिएट मार्केटिंग
  • अपने प्रोडक्ट या सर्विस की प्रमोशन
  • गिफ्ट्स और बैजेस (लाइव स्ट्रीमिंग में)

Instagram का फायदा यह है कि यहां तेजी से फॉलोअर्स बढ़ सकते हैं और ब्रांड डील्स मिलने की संभावना ज्यादा रहती है. खासकर फैशन, लाइफस्टाइल और ट्रैवल कंटेंट के लिए Instagram बेहतरीन है.

कमाई में अंतर

कमाई के मामले में YouTube आमतौर पर ज्यादा स्थिर और लंबी अवधि का विकल्प है क्योंकि यहां कंटेंट लंबे समय तक देखा जाता है और AdSense से नियमित आय होती है. दूसरी ओर, Instagram पर कमाई ज्यादातर ब्रांड डील्स और प्रमोशनल कंटेंट पर निर्भर करती है, जो फॉलोअर्स और एंगेजमेंट के हिसाब से बदल सकती है. यहां स्थिर आय बनाए रखना थोड़ा मुश्किल है लेकिन वायरल होने की संभावना ज्यादा रहती है.

किस प्लेटफॉर्म पर कितना कमा सकते हैं?

YouTube: अगर आपके पास 1 लाख सब्सक्राइबर हैं और हर महीने लाखों व्यूज़ आते हैं तो आप आसानी से 50,000 से 2 लाख रुपये या उससे ज्यादा कमा सकते हैं.

Instagram: 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स वाले क्रिएटर्स को एक प्रमोशनल पोस्ट के लिए 5,000 से 50,000 रुपये तक मिल सकते हैं लेकिन यह डील्स की संख्या और ब्रांड के बजट पर निर्भर करता है.

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2025 में सबसे ज्यादा चौके और छक्के लगाने वाले 7 बल्लेबाज, देखें लिस्ट में कितने भारतीय

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साल 2025 में आधे से ज्यादा समय बीत चुका है. इस साल अब तक बल्लेबाजों के बल्ले से खूब चौके और छक्के देखने को मिले हैं. इसमें से कुछ जानें-मानें चेहरे हैं. तो वहीं कुछ बल्लेबाज हैं, जो नए हैं. उन्होंने अपने शानदार प्रदर्शन से इस लिस्ट में जगह बनाया है. इस साल सबसे ज्यादा चौके लगाने वाले बल्लेबाजों में कई दिग्गज खिलाड़ी हैं, उसमें से एक भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान भी हैं. लेकिन छक्के लगाने वालों की लिस्ट में वो खिलाड़ी हैं, जिनको आपने शायद ही खेलते देखा होगा. छक्के लगाने वालों की लिस्ट से बड़े नाम गायब हैं.

साल 2025 में सबसे ज्यादा चौके लगाने वाले 7 बल्लेबाज

इस लिस्ट में सबसे ऊपर इंग्लैंड के बल्लेबाज बेन डकेट हैं. डकेट ने अब तक तीनों फॉर्मेट को मिलाकर 172 चौके लगा दिए हैं. इस लिस्ट में इकलौते भारतीय शुभमन गिल हैं. जिन्होंने 14 मैचों में 143 चौके लगाए हैं. गिल दूसरे नंबर पर हैं.

1- बेन डकेटइंग्लैंड– 172 चौके

2- शुभमन गिल- इंग्लैंड– 143 चौके

3- जो रूटइंग्लैंड– 112 चौके

4- ब्रायन बेनेटजिंबाब्वे– 108 चौके

5- हैरी ब्रूकइंग्लैंड– 98 चौके

6- करनबीर सिंह- ऑस्ट्रिया– 96 छक्के

7- कुशल मेंडिल– श्रीलंका- 92 चौके

साल 2025 में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले 7 बल्लेबाज

ये लिस्ट आपको हैरान करने वाली है. इस लिस्ट में कई बड़े-बड़े देशों के दिग्गज खिलाड़ी का नाम नहीं है. इस लिस्ट में एक भी भारतीय नहीं है. पहले नंबर पर ऑस्ट्रिया के करनबीर सिंह हैं. करनबीर ने 24 मैचों में 74 छक्के लगाए हैं. हालांकि इस लिस्ट में एक पाकिस्तानी खिलाड़ी है. जो 7वें नंबर पर हैं. उन्होंने 16 मैच खेलकर अब तक 33 छक्के लगाए हैं.

  1. करनबीनर सिंह- ऑस्ट्रिया– 74 छक्के
  2. फियाज अहमदबाहरेन– 52 छक्के
  3. बिलाल जलमईऑस्ट्रिया– 43 छक्के
  4. जे बेकर- केमेन– 37 छक्के
  5. जॉर्ज मन्सीस्कॉटलैंड– 36 छक्के
  6. आसिफ अली- बाहरेन– 35 छक्के
  7. हसन नवाज– पाकिस्तान- 33 छक्के

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बांग्लादेश सीमा से सटे फरक्का बैराज पर भारत की त्रिशक्ति का युद्धाभ्यास, PAK सेना ने दी धमकी

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पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर की अमेरिका पहुंचकर भारत को दी गई गीदड़भभकी के बीच भारतीय सेना ने बांग्लादेश सीमा के बेहद करीब एक बड़ा युद्धाभ्यास फरक्का बैराज पर किया. थलसेना की त्रिशक्ति कोर ने वायुसेना, नौसेना और पैरा-एसएफ (स्पेशल फोर्सेज) के कमांडो के साथ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में डैम के पानी पर हेली ऑपरेशन की ड्रिल की. क्योंकि मुनीर और पाकिस्तानी सेना, निकट भविष्य में भारत के खिलाफ युद्ध को पूर्वी छोर (बांग्लादेश) से छेड़ने की धमकी दे रहे हैं.

पिछले साल शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से बांग्लादेश की अस्थिरता का फायदा उठाते हुआ पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI की गतिविधियां बढ़ गई हैं. जिसके बाद भारत ने बांग्लादेश सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है.

MI-17 हेलीकॉप्टर के जरिए भारतीय सेना ने किया युद्धाभ्यास

उत्तर बंगाल के सुखना (सिलीगुड़ी) स्थित भारतीय सेना की त्रिशक्ति कोर ने मुर्शिदाबाद स्थित फरक्का बैराज पर बड़ा युद्धाभ्यास किया. इस अभ्यास में वायुसेना के MI-17 वी5 हेलीकॉप्टर ने हिस्सा लिया. बेहद नीची ऊंचाई से हेलीकॉप्टर ने उड़ान भरी तो फरक्का बैराज में गंगा की लहरों पर सेना, वायुसेना और आपदा प्रबंधन बल के जवान अपनी ताकत और फुर्ती का प्रदर्शन किया.

रक्षा मंत्रालय के क्षेत्रीय प्रवक्ता के मुताबिक, 6-8 अगस्त के मध्य, सेना और नौसेना के विशेष बलों ने हेलोकास्टिंग तकनीक और भारतीय वायु सेना के MI-17 हेलीकॉप्टर से निम्न-स्तरीय जल प्रवेश का उपयोग किया. हेलोकास्टिंग एक ऐसी विधि है, जिसमें सैनिक पानी के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ रहे हेलीकॉप्टर से उतरते हैं और अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए तैरते हैं या नावों का उपयोग करते हैं, जिससे चुपके से और तेजी से प्रवेश संभव होता है. अभ्यास के दौरान प्रदर्शित संयुक्त कौशल, सटीकता और टीम वर्क ने तीनों सेनाओं के बीच उच्च स्तर की परिचालन तत्परता को प्रदर्शित किया.

ISPR और आसिम मुनीर ने बांग्लादेश के जरिए हमला करने की दी है धमकी

कुछ दिनों पहले पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग, इंटर सर्विस पब्लिक रिलेशन (ISPR) की ओर से कहा गया था कि बांग्लादेश के जरिए भारत पर अटैक किया जाएगा. ऐसे में इस अभ्यास की अहमियत बढ़ जाती है. इन दिनों अमेरिका के दौरे पर गए पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भी निकट भविष्य में पूर्वी छोर से भारत पर आक्रमण करने की धमकी दी है. आसिम मुनीर के मुताबिक, पूर्वी सीमा पर भारत के अधिक सामरिक ठिकाने हैं.

सेना के त्रिशक्ति कोर के अधिकारी ने दी जानकारी

सेना के त्रिशक्ति कोर के अधिकारी के मुताबिक, यह अभ्यास हमारे सशस्त्र बलों की तालमेल, गति और सटीकता का प्रमाण है. यह इस बात की पुष्टि करता है कि हम हर क्षेत्र, चाहे वह जमीन हो, समुद्र हो या हवा में, सभी विरोधियों के खिलाफ हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार हैं.

1975 में बनकर तैयार हुआ था 240 मीटर लंबा फरक्का बैराज

240 मीटर लंबे फरक्का बैराज का निर्माण 1975 में पूरा हुआ था और इसके 109 गेट्स के जरिए गंगा का जल प्रवाह भारत और बांग्लादेश की ओर नियंत्रित किया जाता है. पश्चिम बंगाल को भी इसी बैराज के फीडर नहर से सालभर गंगा का पानी मिलता है.

बैराज की रणनीतिक और सुरक्षा महत्व के चलते सेना ने यहां युद्धाभ्यास किया ताकि तैयारियों का परीक्षण किया जा सके. पहलगाम नरसंहार के बाद भारत की ओर से सिंधु जल रोके जाने के बाद पाकिस्तान बौखलाया हुआ है और आशंका है कि नापाक इरादा ये है कि भारत की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा सके. ऐसे में भारतीय सेना ने भी कमर कस ली है कि छेड़ोगे तो छोड़ेंगे नहीं.

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मुस्लिम होकर भी शिव भक्ति में लीन रहती हैं नवाबों की लाडली, 7 साल में दीं कई शानदार फिल्में!

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‘केदारनाथ’, ‘लव आजकल 2’, ‘सिम्बा’, ‘स्काई फोर्स’ समेत कई चर्चित फिल्मों में अपनी एक्टिंग का जौहर दिखाने वाली पटौदी खानदान की लाडली का 12 अगस्त को बर्थडे है. एक्ट्रेस अमृता सिंह और सैफ अली खान की बेटी सारा अली खान अपने एक्टिंग स्किल की वजह से इंडस्ट्री में खास जगह बनाने में सफल रही हैं.

सारा अली कान की सादगी, मेहनत और बेबाक अंदाज ने उन्हें फैंस का चहेता बना दिया. सारा का करीना कपूर के साथ भी खूबसूरत रिश्ता है, जो अक्सर सुर्खियों में रहता है. सारा ने कोलंबिया यूनिवर्सिटी से हिस्ट्री और पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया है.

मुस्लिम होकर भी शिव भक्ति में लीन रहती हैं नवाबों की लाडली, 7 साल में दीं कई शानदार फिल्में! पहचाना?

‘केदारनाथ’ से सारा का बॉलीवुड डेब्यू
सारा अली खान ने साल 2018 में फिल्म ‘केदारनाथ’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. इस फिल्म में उनके साथ दिवंगत एक्टर सुशांत सिंह राजपूत लीड रोल में थे. इसके बाद सारा ने ‘सिम्बा’, ‘अतरंगी रे’, ‘जरा हटके जरा बचके’, ‘गैसलाइट’, ‘स्काई फोर्स’ के साथ ही हालिया रिलीज ‘मेट्रो…इन दिनों’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अपनी एक्टिंग की छाप छोड़ी.

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रोहित शेट्टी ने की थी सारा की सादगी की तारीफ
सैफ अली खान की लाडली सारा की जिंदगी में भी बेहद सिंपल हैं. इस बात का जिक्र कपिल शर्मा के शो में डायरेक्टर रोहित शेट्टी ने किया था. उन्होंने बताया था कि सारा उनके ऑफिस आईं और हाथ जोड़कर ‘सिम्बा’ में काम मांगा था. रोहित ने उनकी सादगी की तारीफ करते हुए कहा- ‘सारा बहुत मेहनती और जमीन से जुड़ी हैं. अब सारा एक्ट्रेस बन चुकी है तो मैं वो किस्सा आप सबसे शेयर कर सकता हूं.’

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हाथ जोड़कर डायरेक्टर से मांगा था काम
रोहित ने कहा था- ‘जब वो मेरे ऑफिस आने वाली थीं तो मुझे लगा था कि सैफ-अमृता की बेटी और पटौदी खानदान की राजकुमारी है तो साथ में 4 या 5 बॉडीगार्ड तो होंगे ही. आपको जानकर हैरानी होगी कि वो अकेले ही चली आई थीं और सिक्योरिटी के नाम पर एक भी इंसान नहीं था. जब सारा मेरे पास पहुंची तो उसने तुरंत हाथ जोड़कर कहा, सर, प्लीज मुझे काम दे दो.’

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मुस्लिम होकर महादेव की भक्त हैं सारा अली खान
सारा अली खान सोशल मीडिया पर कई बार ट्रोलिंग की भी शिकार हुई हैं. वो महादेव की परम भक्त हैं और उन्हें अक्सर मंदिरों में मत्था टेकते देखा जाता है. उनकी आस्था को लेकर कई बार सवाल खड़े किए जा चुके हैं. इसके बावजूद, सारा अपनी आस्था पर कायम रहती हैं. एक इंटरव्यू में सारा ने कहा था- ‘मैं जैसी हूं, वैसी ही रहती हूं. मेरा स्टाइल या व्यवहार बनावटी नहीं है.’ उन्होंने ये भी बताया कि वो महादेव की भक्त हैं, उनमें उनकी विशेष आस्था है.

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इस देश में 2026 से पहले जा सकती है 10 लाख जान, एलन मस्क बोले- अब AI ही बन सकता है उनका भगवान

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Elon Musk On AI: टेस्ला के सीईओ एलन मस्क लगातार अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में बने रहते हैं. हाल में वे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मतभेद को लेकर काफी विवादों में रहे. अब उन्होंने जापान को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसकी दुनिया भर में चर्चा हो रही है. उन्होंने जापान के बारे में कहा कि यहां इस साल करीब दस लाख लोगों की जान जा सकती है. टेस्ला सीईओ ने आगे कहा कि इस समय अब केवल यहां के लोगों के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस ही सहारा बन सकता है.

उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर इसके पीछे की अपनी सोच साझा करते हुए कहा कि जन्म और मृत्यु में बड़ा अंतर इसकी वजह है. यह अंतर पिछले कुछ दशकों में काफी बढ़ चुका है.

फिर चर्चा में एलन मस्क

उन्होंने लिखा है कि बेशक जापान में जनसंख्या का कम होना एक देश के लिए बड़ा खतरा होगा, क्योंकि वहां वर्कफोर्स में कमी आएगी और हेल्थ इंडस्ट्री पर इसका दबाव बढ़ेगा. यह एक ऐसा जनसांख्यिकीय बदलाव होगा, जिसकी भरपाई सिर्फ एआई के सहारे ही की जा सकती है, ताकि बुजुर्गों को मदद दी जा सके.

मस्क ने कहा कि ऐसा नहीं है कि जापान की जनसंख्या हाल के दिनों में ही कम हुई है, बल्कि यह पिछले पांच दशकों का परिणाम है. कई जानकार और नीति निर्माता इस पर पहले ही मंथन कर चुके हैं कि कैसे जनसांख्यिकीय गिरावट के बीच आर्थिक संतुलन बरकरार रखा जा सके.

मस्क का मानना है कि इसका मुकाबला एआई के इस्तेमाल से किया जा सकता है. इसमें उम्रदराज लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने से लेकर श्रमशक्ति में इसके इस्तेमाल तक, देश का कायाकल्प हो सकता है.

जनसंख्या में असंतुलन जापान के लिए मुसीबत

गौरतलब है कि आंकड़े बताते हैं कि जापान में प्रजनन दर (fertility rate) काफी कम है. इसके साथ ही, बच्चों की देखभाल (childcare) काफी महंगी है. इन दो कारणों को जापान की जनसांख्यिकी में बदलाव की बड़ी वजह माना जा रहा है. जापान सरकार और मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के वर्षों में यहां जन्म की तुलना में करीब 9 लाख ज्यादा मौतें हुई हैं.

इसके अलावा, जापान की जनसांख्यिकी में आए इस बदलाव के पीछे वजह यह भी है कि लोग शादियों और बच्चे करने में देरी करते हैं. उम्र बढ़ने के बाद बच्चों के जन्म में दिक्कत आती है.

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