डोनाल्ड ट्रंप को मिले शांति का नोबेल पुरस्कार… पाकिस्तान और इजरायल के बाद अब ये दो धुर-विरोधी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए नोबेल शांति पुरस्कार की दावेदारी करने वाले देशों में अजरबैजान और आर्मेनिया का भी नाम जुड़ गया है. अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने आर्मेनिया संग मिलकर संयुक्त नामांकन भेजने का सुझाव दिया है. उन्होंने ये बयान शुक्रवार (8 अगस्त, 2025 को) वॉशिंगटन में दिया. 

अजरबैजान और आर्मेनिया के नेताओं ने डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में दशकों से चले आ रहे संघर्ष को खत्म करने के मसौदे पर हस्ताक्षर किए, जिसके बाद दोनों देशों की ओर से ये बयान दिया गया. अलीयेव ने व्हाइट हाउस के कार्यक्रम में कहा, “शायद हम प्रधानमंत्री (निकोल) पशिनयान के साथ सहमत हों कि वे राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने के लिए नोबेल समिति को एक संयुक्त अपील भेजें.” अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिनयान ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए कहा कि ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं. 

अर्मेनिया के प्रधानमंत्री ने क्या कहा?

पाशिनयान ने कहा, “मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार के हकदार हैं और हम इसकी रक्षा करेंगे और इसे बढ़ावा देंगे.” अजरबैजान और आर्मेनिया के शामिल होने के साथ नोबेल के लिए रिपब्लिकन नेता का समर्थन करने वाले देशों की सूची बढ़कर 5 हो गई है. इससे पहले पाकिस्तान ने ट्रंप को ये पुरस्कार दिए जाने की मांंग की थी.

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल समिति को भेजा एक पत्र भेंट किया था, जिसमें उनके नामांकन का समर्थन किया गया. कंबोडिया ने भी इस पुरस्कार के लिए उनका समर्थन किया.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पाकिस्तान के बीच हुए सीजफायर का श्रेय लेने के बाद पाकिस्तान ने नोबेल शांति पुरस्कार के लिए डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन किया. उनके दावों के बावजूद भारत ने इस बात से इनकार किया है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद 10 मई को घोषित युद्धविराम में उनकी कोई भूमिका थी।

इजरायल सौंप चुका है पत्र 

ट्रंप के नोबेल शांति पुरस्कार नामांकन के लिए इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की वाशिंगटन डी.सी. यात्रा के दौरान औपचारिक रूप से समर्थन दिया गया. इस मुलाकात के दौरान इजरायली नेता ने ट्रंप को एक पत्र सौंपा, जिसमें शांति पुरस्कार नामांकन के लिए तेल अवीव का समर्थन व्यक्त किया गया था.

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आमिर खान-रीना दत्ता के तलाक पर बोले फैसल खान, किरण राव को लेकर किया ये खुलासा

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बॉलीवुड सुपरस्टार आमिर खान के भाई फैसल खान ने ‘मेला’ और ‘मदहोश’ जैसी फिल्मों में काम किया. हालांकि उन्हें अपने भाई की तरह फेम नहीं मिल सका. हाल ही में फैसल ने आमिर खान की एक्स वाइफ रीना दत्ता और किरण राव के साथ अपने रिश्ते पर बात की. उन्होंने बताया कि रीना के साथ उनकी अच्छी बॉन्डिंग रही लेकिन किरण से वो ज्यादा घुल-मिल नहीं पाए. 

पिंकविला को दिए एक हालिया इंटरव्यू में फैसल मलिक ने कहा- ‘रीना के साथ मेरा रिश्ता बहुत अच्छा था. रीना हमेशा मेरे साथ बहुत अच्छी रही हैं और वो एक प्यारी महिला हैं. आमिर और रीना का इस तरह ब्रेकअप होना वाकई दुखद था. हां, आमिर भी इससे टूट गए थे और रीना, वो उनके साथ तब थीं जब वो कुछ भी नहीं थे. तो, उनका कोई छिपा हुआ मकसद नहीं था, जैसे कि ओह, वो आमिर खान हैं. वो बाद में आमिर खान बने, रीना पहले आईं. तो, आप समझ सकते हैं, वो सच्चा प्यार था.’

‘रीना बहुत समझदार इंसान हैं’
फैसल खान ने आगे कहा- ‘बाकी सब जो अभी हो रहा है वो ठीक है, लेकिन रीना के अलावा उनके आस-पास (आमिर खान) सही लोग होने चाहिए थे. रीना बहुत समझदार इंसान हैं. मुझे उनसे बहुत लगाव है. मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं. हां, मुझे रीना से वाकई बहुत लगाव है. बाकी सब ठीक है. आमिर के साथ अभी जो कुछ भी हो रहा है वो उनकी मर्जी है. लेकिन आमिर को किसी तरह अपने आस-पास सही लोग मिलने चाहिए.’

किरण राव संग कैसा था फैसल का रिश्ता?
फैसल खान ने आगे खुलासा किया कि आमिर खान और किरण राव दो साल तक लिव इन रिलेशनशिप में थे. उन्होंने कहा- ‘किरण और मैने कभी ज्यादा बात नहीं की. दरअसल, मैं उसे ज्यादा अच्छी तरह नहीं जानता. मैंने उसके साथ कभी समय नहीं बिताया या उससे गहराई से बातचीत नहीं की. इसलिए, मैं किरण को बिल्कुल नहीं जानता. मैं इस पर कमेंट नहीं कर सकता कि वो कैसी इंसान है क्योंकि मैंने उससे कभी बातचीत नहीं की और वो भी मुझे नहीं जानती.’

लिव इन रिलेशनशिप में थे आमिर खान और किरण राव
किरण के साथ बॉन्डिंग ना होने को लेकर फैसल कहते हैं- ‘हमें कभी मौका नहीं मिला. जब 2005 में आमिर की शादी हुई तो, उससे पहले ही वो दो साल तक लिव इन में रह रही थीं. फिर उनकी शादी हो गई, और मैं घर छोड़कर चला गया. मैं पहले उस घर में रहता था, लेकिन शादी के बाद आमिर काम में बहुत बिजी हो गए और किरण की भी अपनी काम की जिम्मेदारियां थीं. मैं ज्यादातर घर में अपने कमरे में ही बंद रहता था.’

फैसल खान बताते हैं- ‘फरवरी 2006 में, मैं बेला विस्टा चला गया. मैं अपने घर में ही रहा और लेखन पर ध्यान लगाया. आखिरकार, मैंने वो घर भी छोड़ दिया. मेरे अपने स्ट्रगल थे. तो, किरण से मिलने या ये जानने का समय कहां था कि वो कैसी है?’

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फिटकरी में इस 1 चीज को मिलाकर लगाने से काले होंगे बाल, बस ऐसे कर लें इस्तेमाल

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Hair Care Tips: आज के समय में बाल काफी जल्दी सफेद होने लगे हैं. बहुत से लोगों के बाल तो 25 या 30 की उम्र में ही सफेद होने लगे हैं. लेकिन ऐसा हो क्यों रहा है, इस बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते. इसलिए ज्यादातर लोग सफेद बाल होने का कारण हेयर ड्राई का इस्तेमाल करने लगते हैं. ऐसे में बाल काले होने की जगह झड़ने लगते हैं. सवाल यह उठता है कि, आखिर करें तो क्या करें. 

 फिटकरी का इस्तेमाल 

फिटकरी में ऐंटीबैक्टीरियल, ऐंटीफंगल और क्लीनिंग प्रॉपर्टीज होती हैं, जो स्कैल्प को साफ रखने में मदद करती हैं. यह डैंड्रफ कम करने के साथ-साथ बालों की जड़ों को मजबूत बनाती है. जब इसे सही सामग्री के साथ मिलाया जाता है, तो यह सफेद बालों को काला करने में भी मदद कर सकती है. 

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फिटकरी में नारियल तेल मिला सकते हैं 

नारियल तेल में मौजूद फैटी एसिड और पोषण तत्व बालों को भीतर से मजबूत बनाते हैं और उनका नेचुरल रंग बरकरार रखते हैं. जब फिटकरी और नारियल तेल का कॉम्बिनेशन लगाया जाता है, तो यह जड़ों में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाता है और मेलानिन के उत्पादन को सपोर्ट करता है, जिससे सफेद बाल धीरे-धीरे काले होने लगते हैं. 

बनाने का तरीका

  • 1 छोटी फिटकरी का टुकड़ा
  • 2 से 3 चम्मच नारियल तेल
  • फिटकरी को पीसकर बारीक पाउडर बना लें
  • एक पैन में नारियल तेल हल्का गर्म करें
  • इसमें फिटकरी का पाउडर डालकर अच्छे से मिलाएं
  • ठंडा होने पर इसे बालों की जड़ों में हल्के हाथों से मसाज करें
  • 30–40 मिनट बाद माइल्ड शैम्पू से धो लें

इस्तेमाल का तरीका और सावधानियां

  • इस नुस्खे को हफ्ते में 2 से 3 बार इस्तेमाल करें
  • अगर स्कैल्प पर कोई घाव या एलर्जी हो तो इसका उपयोग न करें
  • हमेशा ताजा तैयार किया हुआ मिश्रण ही लगाएं
  • फिटकरी और नारियल तेल के अन्य फायदे
  • डैंड्रफ कम करता है
  • बालों का झड़ना रोकता है
  • स्कैल्प को इंफेक्शन से बचाता है
  • बालों को मुलायम और शाइनी बनाता है

अगर आप सफेद बालों से परेशान हैं और केमिकल्स से बचना चाहते हैं, तो फिटकरी और नारियल तेल का यह घरेलू नुस्खा आपके लिए मददगार हो सकता है. यह न केवल बालों को काला करने में मदद करता है, बल्कि उन्हें मजबूत और स्वस्थ भी बनाता है.

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OpenAI का सबसे ताकतवर AI मॉडल हो गया लॉन्च! ये बदलाव मचा देंगे धमाल, जानें कैसे करें इस्तेमाल

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ChatGPT-5: ओपनएआई ने अपने मशहूर चैटबॉट ChatGPT को और शक्तिशाली बनाने के लिए GPT-5 पेश किया है. यह नया वर्ज़न करीब दो साल बाद आया है जब GPT-4 ने जनरेटिव एआई की दुनिया में तहलका मचाया था. इस लॉन्च को लेकर उद्योग जगत बारीकी से नज़र रख रहा है यह देखने के लिए कि क्या एआई की प्रगति तेज़ रफ़्तार से जारी है या अब धीमी पड़ रही है. GPT-5 का आगमन निवेश, चर्चा और एआई की क्षमताओं पर बहस के बीच हुआ है.

डेवलपर्स के लिए ज़्यादा लचीलापन

GPT-5 अब API यूज़र्स के लिए तीन आकारों में उपलब्ध है—gpt-5, gpt-5-mini और gpt-5-nano. इससे डेवलपर्स अपनी ज़रूरत और बजट के मुताबिक परफॉर्मेंस, लागत और गति का संतुलन बना सकते हैं. ओपनएआई ने साफ़ किया है कि ChatGPT में GPT-5 कई तरह के reasoning और non-reasoning मॉडल का संयोजन है जबकि API पर उपलब्ध GPT-5 केवल reasoning मॉडल है जो ChatGPT में सबसे उच्च प्रदर्शन देता है. इसके अलावा, ChatGPT का non-reasoning मॉडल gpt-5-chat-latest नाम से भी उपलब्ध है.

एक कदम और AGI की ओर

ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने GPT-5 को GPT-4 के मुकाबले बड़ा सुधार बताते हुए इसे “Artificial General Intelligence (AGI) की दिशा में महत्वपूर्ण कदम” कहा. उनके मुताबिक, GPT-5 ऐसा पहला मॉडल है जो किसी भी विषय पर पीएचडी-स्तर के विशेषज्ञ जैसा जवाब देने में सक्षम है. उन्होंने इस तकनीक को आम लोगों तक पहुंचाने पर भी ज़ोर दिया और पहली बार इसे फ्री टियर में शामिल किया. GPT-5 का रोलआउट 7 अगस्त से फ्री, प्लस और प्रो यूज़र्स के लिए शुरू हो गया है जबकि एंटरप्राइज़ और एजुकेशन यूज़र्स को एक हफ्ते बाद एक्सेस मिलेगा.

GPT-4 से GPT-5 में बदलाव

GPT-5 बुद्धिमत्ता और तर्क क्षमता में GPT-4 से कहीं आगे है. जहां GPT-4 को “कॉलेज स्तर” का माना जाता था, वहीं GPT-5 को “पीएचडी स्तर” का आंका गया है जो जवाब देने से पहले गहराई से सोचता है और अधिक भरोसेमंद नतीजे देता है. इसका hallucination rate पहले से काफी कम हो गया है और यह कोडिंग में अब तक का सबसे मजबूत मॉडल है जो फ्रंट-एंड डेवलपमेंट, डिबगिंग और जटिल एजेंट-आधारित कार्यों में माहिर है. इसके साथ ही टूल इंटीग्रेशन अब ऑटोमैटिक हो गया है और जीमेल, गूगल कैलेंडर जैसे नए सर्विस कनेक्शन भी जुड़े हैं. यूजर्स अब प्रीसेट पर्सनैलिटी और चैट रंग जैसी कस्टमाइज़ेशन सुविधाओं का आनंद ले सकते हैं.

भारतीय भाषाओं में बड़ी छलांग

GPT-5 ने मल्टीलिंगुअल सपोर्ट में बड़ा सुधार किया है, खासकर 12 से अधिक भारतीय भाषाओं में. यह न सिर्फ हिंदी बल्कि कई क्षेत्रीय भाषाओं को भी बेहतर समझता और संभालता है जिससे भारत में इसका उपयोग और बढ़ने की उम्मीद है.

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चंडीगढ़ में JBT शिक्षकों की 218 पदों पर भर्ती, 28 अगस्त तक करें आवेदन

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शिक्षक बनने का सपना देखने वालों के लिए चंडीगढ़ से बड़ी खबर आई है. समग्र शिक्षा, चंडीगढ़ ने जेबीटी के 218 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. अगर आप बच्चों को पढ़ाने का जुनून रखते हैं और सरकारी नौकरी की तलाश में हैं, तो यह आपके लिए बेहतरीन मौका है.

जारी अधिसूचना के मुताबिक, सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 111 पद, ओबीसी वर्ग के लिए 44 पद, अनुसूचित जाति (SC) के लिए 41 पद और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 22 पद आरक्षित हैं. इन पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया आज से शुरू हो चुकी है. इच्छुक उम्मीदवार 28 अगस्त 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं, जबकि आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 30 अगस्त 2025 तय की गई है. आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को समग्र शिक्षा, चंडीगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा.

जरूरी योग्यता

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की होनी चाहिए. साथ ही डीएलएड (D.El.Ed.) का कोर्स पूरा होना जरूरी है. इसके अलावा, उम्मीदवारों को केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) पास करनी होगी.

आयु सीमा की बात करें तो 1 जनवरी 2025 को उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष होनी चाहिए. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को सरकार के नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी.

सैलरी कितनी?

चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 45,260 रुपये का वेतन दिया जाएगा, जो शुरुआती स्तर पर एक स्थिर और आकर्षक पैकेज माना जाता है.

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर होगा. इस परीक्षा में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जो 150 अंकों के होंगे. प्रश्न पत्र में सामान्य जागरूकता, रीजनिंग, संख्यात्मक क्षमता (Numerical Ability), टीचिंग एप्टीट्यूड, गणित, सामान्य विज्ञान और सामाजिक विज्ञान जैसे विषय शामिल होंगे.

परीक्षा की अवधि 2 घंटे 30 मिनट रखी गई है. ध्यान देने वाली बात यह है कि गलत उत्तर देने पर एक-चौथाई (¼) अंक काटे जाएंगे, यानी इसमें नेगेटिव मार्किंग लागू होगी. इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा में सोच-समझकर जवाब देना होगा.

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भारत के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर खतरा, टैरिफ के चलते दूसरे देशों में शिफ्ट हो सकता है प्रोडक्शन

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Trump Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 परसेंट टैरिफ लगा दिया है. इससे भारत अब ब्राजील सहित उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिन पर सबसे ज्यादा अमेरिकी टैरिफ लगाया गया है. ट्रंप के इसी फैसले के साथ भारत से अमेरिका को सालाना होने वाले 87,000 करोड़ रुपये के टेक्सटाइल एक्सपोर्ट पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं. ऐसे एक्सपोटर्स जिनका मैन्युफैक्चरिंग बेस विदेशों में हैं, वे अब अपना प्रोडक्शन भारत से बाहर शिफ्ट करने का प्लान बना रहे हैं. इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है. 

इन एशियाई देशों में शिफ्ट हो सकता है प्रोडक्शन 

पर्ल ग्लोबल इंडस्ट्रीज का कहना है कि अमेरिका में निर्यात होने वाले कपड़ों के प्रोडक्शन को हम और अधिक अनुकूल केंद्रों पर शिफ्ट करने का सोच रहे हैं. कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर पल्लब बनर्जी ने कंपनी की तिमाही के नतीजों का ऐलान करते हुए कहा था, ”हमें वियतनाम, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और ग्वाटेमाला के अपने परिचालनों के लिए अमेरिकी ग्राहकों से पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिल रहा है.” 

अफ्रीका में भी प्रोडक्शन शिफ्ट करने की तैयारी 

दूसरे टॉप गारमेंट और टेक्सटाइल एक्सपोटर्स ने ईटी से बात करते हुए कहा कि अमेरिकी ऑडर्स के लिए वे अपना प्रोडक्शन अफ्रीका में शिफ्ट करने का प्लान बना रहे हैं. उनका कहना है कि अफ्रीका में उनकी मैन्युफैक्चरिंग फेसिलिटी में अमेरिकी ऑडर्स के लिए अपना प्रोडक्शन शिफ्ट करने का प्लान है. पर्ल ग्लोबल की मैन्युफैक्चरिंग भारत, बांग्लादेश, वियतनाम, इंडोनेशिया और ग्वाटेमाला में होती है. कंपनी चिकोस, कोहल्स, ओल्ड नेवी, पोलिगोनो, प्राइमार्क, पीवीएच, राल्फ लॉरेन, स्टाइलम और टारगेट जैसे ग्लोबल ब्रांड्स को सप्लाई करती है. 

भारत के लिए विकास के रास्ते

भारत पर अब 50 परसेंट टैरिफ लगाए जाने की बात पर पल्लब बनर्जी ने कहा कि कंपनी इन बदलती परिस्थितियों के बीच अपने बिजनेस स्ट्रैटेजी पर फिर से काम कर रही है. उन्होंने बताया कि अमेरिकी बाजारों के लिए प्रोडक्शन को अधिक अनुकूल केंद्रों में शिफ्ट किया जाएगा. वहीं, भारत ब्रिटेन के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट जेसे दूसरे साझेदारियों का लाभ उठाकर और जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे अपने अन्य FTA मार्केट्स पर फोकस कर तब तक अपना विकास जारी रख सकता है जब तक कि टैरिफ का मुद्दा हल नहीं हो जाए.  

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आखिरी गेंद पर छक्का! आयरलैंड की इस खिलाड़ी ने रचा महिला T20I क्रिकेट में इतिहास

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PAK-W vs IRE-W T20I: क्रिकेट के मैदान पर आखिरी गेंद पर छक्का मारकर मैच जिताने के नजारे आपने अक्सर पुरुष क्रिकेट में देखे होंगे, लेकिन महिलाओं के T20I क्रिकेट में ये कारनामा अब तक किसी ने नहीं किया था. 8 अगस्त को डबलिन में आयरलैंड की गेंदबाज जेन मैग्वायर ने इतिहास रचते हुए ये उपलब्धि अपने नाम कर ली है. उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए दूसरे T20I मुकाबले में आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर न सिर्फ टीम को जीत दिलाई, बल्कि ऐसा करने वाली दुनिया की पहली महिला क्रिकेटर बन गई हैं.

मैच का पूरा हाल

पाकिस्तान की महिला टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. टीम ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 168 रन बना दिए. ओपनर शवाल जुल्फिकार ने 27 गेंदों में 33 रनों की पारी खेली, जिसमें 6 चौके शामिल थे. उन्होंने विकेटकीपर बल्लेबाज मुनीबा अली (27 रन) के साथ पहले विकेट के लिए 48 गेंदों में 62 रन की पार्टनरशिप की. हालांकि पाकिस्तान की दोनों ओपनर जल्दी आउट हो गईं, जिससे टीम की रन गति पर असर देखने को मिला. कप्तान फातिमा सना ने 16 गेंदों में एक चौका और एक छक्का लगाकर 23 रन बनाए, जबकि एयमान फातिमा ने भी 16 गेंदों में 23 रन बनाकर टीम को सहयोग दिया. आयरलैंड की तरफ से उनकी गेंदबाज कारा मुरे और लारा मैकब्राइड ने दो-दो विकेट चटकाए.

लक्ष्य का पीछा और अंतिम गेंद पर छक्का

पाकिस्तान ने आयरलैंड की टीम के सामने 169 रनों का लक्ष्य रखा. शुरुआत में टीम की ओपनर एमी हंटर केवल 6 रन बनाकर आउट हो गई. कप्तान गेबी लेविस ने 21 रन बनाए, जबकि ओरला प्रेंडरगैस्ट ने 34 गेंदों में 4 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 51 रन की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली. लौरा डेलानी ने भी 34 गेंदों में महात्वपूर्ण 42 रनों का योगदान दिया. रेबेका स्टोकेल ने मात्र 16 गेंदों में 34 रन बनाकर टीम को जीत के करीब पहुंचाया.

आखिरी गेंद पर आयरलैंड को जीत के लिए 4 रन चाहिए थे और स्ट्राइक पर जेन मैग्वायर थी.  वे मुख्य रूप से गेंदबाज हैं और इस मैच से पहले 26 T20I मैचों में केवल 13 रन ही बना पाई थी, लेकिन इस बार उन्होंने पाकिस्तान की सादिया इकबाल को आड़े हाथों लिया और उनके ओवर की आखिरी गेंद पर जोरदार छक्का लगाकर टीम को जीत दिला दी.

पाकिस्तान की तरफ से रमीन शमीम ने सबसे ज्यादा 3 विकेट लिए. फातिमा सना और सादिया इकबाल को एक-एक विकेट मिला.

ऐतिहासिक उपलब्धि

जेन मैग्वायर महिला T20I क्रिकेट इतिहास की पहली खिलाड़ी बन गई हैं, जिन्होंने लक्ष्य का पीछा करते हुए आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर मैच जिताया हो. इस जीत के साथ आयरलैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर ली है. पहले T20I मैच में भी आयरलैंड ने पाकिस्तान को 11 रनों से हार का स्वाद चखाया था.

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पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर का राग, कहा- ‘अमेरिका या किसी भी दूसरे देश की मध्यस्थता…’

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कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान ने एक बार फिर  बिना सिर पैर वाली बात की है. पाकिस्तान ने शुक्रवार को बयान दिया कि कश्मीर मसले के समाधान के लिए वह अमेरिका समेत किसी भी देश की मदद लेने के लिए तैयार है. पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता शफकत अली खान ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि पाकिस्तान न केवल अमेरिका से, बल्कि किसी भी ऐसे देश से मदद का स्वागत करेगा जो कश्मीर विवाद को हल करने और स्थिति को स्थिर करने में मदद कर सके. उन्होंने कहा कि यह विवाद दक्षिण एशिया में शांति और सुरक्षा के मुद्दों के केंद्र में है.

भारत का रुख स्पष्ट: तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार
भारत लगातार यह कहता रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ बातचीत में किसी तीसरे पक्ष की भागीदारी नहीं चाहता. 1972 के शिमला समझौते में भी दोनों देशों के बीच किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को अस्वीकार किया गया था. भारत ने यह भी साफ किया है कि वह पाकिस्तान के साथ केवल पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) की वापसी और आतंकवाद के मुद्दे पर ही बातचीत करेगा.

मई के संघर्ष के बाद कोई संपर्क नहीं
मई में दोनों देशों के बीच हुए चार दिवसीय संघर्ष के बाद से किसी भी तरह का आपसी संपर्क नहीं हुआ है. खान ने कहा कि पाकिस्तान इस मुद्दे के समाधान के लिए अमेरिका की रुचि का स्वागत करता है, लेकिन भारत को अपना मन बनाना होगा. फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच नियमित राजनयिक संपर्क के अलावा कोई बातचीत नहीं हो रही है.

आतंकवाद, अफवाहों और आरोपों पर प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में आतंकवाद पर बोलते हुए खान ने कहा कि अफगानिस्तान से फैल रहे आतंकवाद के मुद्दे को कई बार उठाया गया है. उन्होंने खनिज निकालने के लिए अमेरिका के साथ किसी गुप्त समझौते की खबरों को खारिज किया और यूक्रेन संघर्ष में पाकिस्तानी नागरिकों की संलिप्तता के आरोपों को “बेबुनियाद” बताया. खान ने कहा कि यूक्रेन के अधिकारियों ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान से औपचारिक संपर्क नहीं किया है.

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बोनी कपूर के चार बच्चों में दो हैं सुपर अमीर, बाकी के पास बेहद कम दौलत, जानें नेटवर्थ

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बोनी कपूर बॉलीवुड की जानी मानी हस्ती और मशहूर फिल्म प्रोड्यूसर हैं. ‘नो एंट्री’, ‘जुदाई’ और ‘वॉन्टेड’ जैसी बंपर हिट फिल्मों के मेकर बोनी कपूर की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने दो शादियां की हैं. बोनी कपूर ने पहली शादी मोना कपूर से की थी. इस शादी से उनके दो बच्चे अर्जुन कपूर और अंशुला कपूर हैं. वहीं दूसरी शादी उन्होंने फिल्म एक्ट्रेस श्रीदेवी के साथ की थी. इस शादी से भी उनके दो बेटियां जाह्नवी कपूर और खुशी कपूर हैं.

बोनी कपूर की दोनों शादियों से चार बच्चों का भरा पूरा परिवार है. बोनी के तीन बच्चे फिल्म इंडस्ट्री का हिस्सा हैं और अच्छा खासा नाम कमा चुके हैं. जबकि एक बेटी अंशुला कपूर ने फिल्म इंडस्ट्री से दूरी बनाकर रखी और अंशुला इसके इतर बिजनेस और सोशल सर्विस में काम कर रही हैं.



अर्जुन कपूर की नेटवर्थ कितनी है
?
वहीं बोनी कपूर के चारों बच्चों की नेटवर्थ के बारे में बात करें तो इसमें काफी अंतर दिखाई देता है. जहां दो बच्चों ने काफी दौलत कमाई है तो वहीं दो बच्चे अपने सिबलिंग्स से काफी पीछे दिखाई देते हैं. दरअसल अर्जुन कपूर फिल्म एक्टर हैं और Siasat के मुताबिक, 2023 तक अर्जुन कपूर की नेटवर्थ 85 करोड़ रुपये थी. इसके साथ वो चारों भाई-बहनों में सबसे आगे हैं.



जाह्नवी,
खुशी और अंशुला की नेटवर्थ कितनी है?
दूसरे नंबर पर फिल्म एक्ट्रेस और श्रीदेवी की बेटी जाह्नवी कपूर हैं. टाइम्स नऊ के अनुसार जाह्नवी कपूर की नेटवर्थ की बात करें तो ये 58 से 60 करोड़ रुपये के बीच है. उधर खुशी और अंशुला दोनों ही काफी पीछे हैं. अंशुला तीसरे नंबर पर हैं और करीब 12 करोड़ रुपये की नेटवर्थ रखती हैं. वहीं IMDB के अनुसार खुशी कपूर की नेटवर्थ 7 करोड़ रुपये के आसपास है.


चारों भाई-बहन के बीच है प्यार भरी बॉन्डिंग
वहीं बोनी कपूर के चारों बच्चों के बीच शुरुआती दौर में बॉन्डिंग कुछ ज्यादा अच्छी नहीं थी. रिपोर्ट्स के मुताबिक अर्जुन और अंशुला को बोनी कपूर की श्रीदेवी के साथ दूसरी शादी के कारण इमोशनल चैलेंज झेलने पड़े थे. लेकिन हाल के कुछ सालों में चारों भाई-बहनों के बीच की बॉन्डिंग काफी अच्छी होती दिखी है. कई मौके पर चारों एक साथ दिखाई दिए हैं और एक दूसरे का सपोर्ट भी करते दिखते हैं. बोनी कपूर भी एक मौके पर कह चुके हैं कि मेरे चारों बच्चों में काफी अच्छी बॉन्डिंग है.

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