10 अगस्त 2025, भाद्रपद माह शुरू, पंचांग, पूजा मुहूर्त, उपाय, मुहूर्त, किन राशियों को होगा लाभ ज

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Hindi Panchang 10 अगस्त 2025: 10 अगस्त 2025 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद खास है. इस दिन से भाद्रपद माह शुरू हो रहा है जो भगवान गणेश और श्रीकृष्ण को समर्पित है. भाद्रपद माह में बाल गोपाल की पूजा करने वालों सुख, समृद्धि और संतान की प्राप्ति होती है. साथ ही गणपति पूजन से सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे होते हैं.

आइए जानते हैं ये दिन किन राशियों के लिए शुभ-अशुभ है, इस दिन का शुभ समय, अशुभ काल, राहुकाल, ग्रह स्थिति और विशेष उपाय भी जानें.

10 अगस्त का पंचांग 2025 (Hindi Panchang 10 August 2025)












तिथि

प्रतिपदा (9 अगस्त 2025, दोपहर 1.54 – 10 अगस्त 2025, दोपहर 12.09)

वार रविवार
नक्षत्र धनिष्ठा
योग शोभन
सूर्योदय सुबह 5.38
सूर्यास्त
शाम 6.42
चंद्रोदय
रात 7.55
चंद्रोस्त
सुबह 6.32
चंद्र राशि
कुंभ

चौघड़िया मुहूर्त











सुबह का चौघड़िया
चर सुबह 7.27 – सुबह 9.07
लाभ सुबह 9.07 – सुबह 10.47
अमृत सुबह 10.47 – दोपहर 12.27
शाम का चौघड़िया
शुभ रात 7.05 – रात 8.25
अमृत रात 8.25 – रात 946
चर रात 9.46 – रात 11.06

राहुकाल और अशुभ समय (Aaj Ka Rahu kaal)









राहुकाल (इसमें शुभ कार्य न करें) शाम 5.25 – रात 7.05
यमगण्ड काल दोपहर 12.26 – दोपहर 2.06
आडल योग
सुबह 5.48 – दोपहर 1.52
विडाल योग
दोपहर 1.52 – सुबह 5.48, 11 अगस्त
गुलिक काल
दोपहर 3.46 – शाम 5.25
पंचक
पूरे दिन

ग्रहों की स्थिति (Grah Gochar 10 August 2025)












सूर्य कर्क
चंद्रमा कुंभ
मंगल सिंह
बुध कर्क
गुरु मिथुन
शुक्र मिथुन
शनि मीन
राहु कुंभ
केतु सिंह

किन राशियों को लाभ





मकर राशि आपने किसी नई योजना की शुरूआत की थी, तो वह भी आपको बेहतर लाभ देगी.
कन्या राशि बिजनेस कर रहे लोगों को अच्छा मुनाफा मिलेगा.

कौन सी राशियों संभलकर रहें





धनु राशि काम को लेकर टेंशन रहेगी. सोच समझकर किसी पर भरोसा करें.
सिंह राशि आपका कोई सहयोगी आपके खिलाफ कोई षड्यंत्र रच सकता है, जिससे आपको थोड़ा सावधान रहने की आवश्यकता है.

FAQs: 10 अगस्त 2025

  1. Q.कौन सा उपाय करें ?
    भाद्रपद मास में “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” और “ॐ गं गणपतये नमः” का जाप करें। प्रतिदिन कम से कम 108 बार इन मंत्रों का उच्चारण करने से मन शांत रहता है और नकारात्मकता दूर होती है.
  2. Q. कौन से शुभ संयोग बन रहे हैं ?
    इस दिन शोभन योग बन रहा है.

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Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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JSW Cement IPO में दांव लगाने का आखिरी मौका, चेक करें लेटेस्ट GMP, कब होगा शेयरों का अलॉटमेंट?

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JSW Cement IPO: देश की दिग्गज सीमेंट कंपनी JSW Cement का आईपीओ 7 अगस्त से खुल चुका है. इसके लिए निवेशक 11 अगस्त तक बोली लगा सकेंगे. बीते दो दिनों में आईपीओ को 56 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिल चुका है. इस सार्वजनिक पेशकश का लगभग 50 परसेंट योग्य संस्थागत खरीदारों (qualified institutional buyers) के लिए, लगभग 35 परसेंट रिटेल निवेशकों (retail investors) के लिए और शेष 15 परसेंट गैर-संस्थागत निवेशकों (non-institutional investors) के लिए रिजर्व है. 

हर कैटेगरी में मिला इतना सब्सक्रिप्शन 

2009 में बनी यह कंपनी आज के समय में ग्राइंडिंग कैपेसिटी और बिक्री के मामले में भारत के तीन सबसे बड़े सीमेंट उत्पादकों में से एक है. CRISIL (क्रेडिट रेटिंग इंफॉर्मेशन सर्विसेज ऑफ इंडिया लिमिटेड) के मुताबिक, 31 मार्च, 2025 तक मैन्युफैक्चरिंग कैपेसिटी और बिक्री के मामले में यह देश में सीमेंट बनाने वाली टॉप 10 कंपनियों में शुमार है.

इश्यू को दूसरे दिन सभी कैटेगरी में कुल मिलाकर 56 परसेंट सब्सक्रिप्शन मिल चुका है. इसे रिटेल कैटेगरी में 72 परसेंट, NII सेगमेंट में 23 परसेंट और QIBs सेगमेंट में भी 23 परसेंट सब्सक्राइब किया गया. 

कितना है जीएमपी? 

9 अगस्त को कंपनी का आईपीओ ग्रे मार्केट में 8 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है. जबकि 7 अगस्त को यह 13 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा था. यानी कि बीते दो दिनों में इसमें 3 रुपये की गिरावट आई है. इन्वेस्टरगेन के मुताबिक, जेएसडब्ल्यू सीमेंट के आईपीओ की अनुमानित लिस्टिंग 155 रुपये पर होने की संभावना है, जो इसके अपर प्राइस बैंड 147 से लगभग 5.44 परसेंट ज्यादा है.

बीते सात सेशन में देखे गए ग्रे मार्केट रूझानों के मुताबिक, आईपीओ का जीएमपी लगातार बढ़ रहा है और इसके शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है. इन्वेस्टरगेन डॉट कॉम के एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसका मिनिमम जीएमपी 0.00 रुपये, जबकि अधिकतम जीएमपी 19 रुपये दर्ज किया गया है. 

कब तक अलॉट होंगे शेयर? 

आईपीओ में 1,600 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर और 2,000 करोड़ रुपये के शेयर मौजूदा शेयरहोल्डर्स ऑफर-फॉर-सेल (ओएफएस) विंडो के तहत बेचेंगे. आईपीओ से जुटाई गई 800 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी राजस्थान के नागौर में एक सीमेंट फैक्ट्री के आंशिक वित्तपोषण के लिए, 520 करोड़ रुपये का उपयोग कर्ज का भुगतान करने के लिए और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए खर्च करेगी. जेएसडब्ल्यू सीमेंट के शेयर की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर 14 अगस्त को होगी, जबकि अलॉटमेंट 12 अगस्त तक होने की उम्मीद है. 

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

 

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अमेरिका-रूस की बैठक का भारत ने किया समर्थन, यूक्रेन युद्ध खत्म होने की जताई उम्मीद

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भारत ने शनिवार (9 अगस्त, 2025) को अमेरिका और रूस के बीच अलास्का में होने वाली बैठक के लिए बनी समझ का स्वागत किया है. दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह घोषणा की है कि वह रूस-यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के उद्देश्य से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से अगले हफ्ते की शुक्रवार (15 अगस्त, 2025) को अलास्का में मिलेंगे. भारतीय विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा, “यह युद्ध का युग नहीं है.”

विदेश मंत्रालय ने अमेरिका-रूस के बीच बैठक को लेकर जारी किया बयान

विदेश मंत्रालय ने कहा, “भारत अमेरिका और रूसी संघ के बीच अगले हफ्ते शुक्रवार (15 अगस्त, 2025) को अलास्का में होने वाली बैठक के लिए हुई समझ का स्वागत करता है. यह बैठक यूक्रेन में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति की संभावनाओं को खोलने का वादा करती है. जैसा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई मौकों पर कह चुके हैं कि यह युद्ध का युग नहीं है.”

2015 के बाद पहली अमेरिका यात्रा पर जाएंगे पुतिन

संयुक्त राज्य अमेरिका के एक राज्य अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ शिखर सम्मेलन में बैठक करने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन साल 2015 के बाद पहली बार अमेरिका की यात्रा पर जाएंगे. इससे पहले पुतिन ने साल 2015 में अपनी अमेरिकी यात्रा के दौरान तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से मुलाकात की थी.

ट्रंप ने पुतिन के साथ होने वाली बैठक का किया ऐलान

राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा, “अमेरिका के राष्ट्रपति के रूप में मेरे और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच लंबे समय से इंतजार के बाद अगले शुक्रवार (15 अगस्त, 2025) को अमेरिका के महान राज्य अलास्का में बैठक होगी. इस बैठक से संबंधित आगे की जानकारी बाद में साझा की जाएगी. इस विषय पर आपका ध्यान देने के लिए धन्यवाद!”

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IIT गुवाहाटी ने जारी किया GATE 2026 का सिलेबस, जानें कब होगी परीक्षा और क्या रहेगा पैटर्न

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इंजीनियरिंग के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए बड़ी खबर आई है. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गुवाहाटी ने ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट इन इंजीनियरिंग यानी GATE 2026 का सिलेबस जारी कर दिया है. अब परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट gate2026.iitg.ac.in पर जाकर पूरा सिलेबस देख सकते हैं. अगर आप भी इस परीक्षा में बैठने का सोच रहे हैं तो सिलेबस जरूर देख लें, क्योंकि तैयारी की सही दिशा यहीं से तय होगी.

कब होगी GATE 2026 परीक्षा?

आधिकारिक शेड्यूल के मुताबिक, गेट 2026 की परीक्षा 7 फरवरी 2026 से शुरू होगी. यह चार दिन में आयोजित होगी – 7, 8, 14 और 15 फरवरी 2026 को. परीक्षा का परिणाम 19 मार्च 2026 को घोषित किया जाएगा. सबसे खास बात यह है कि गेट के अंक रिजल्ट आने की तारीख से तीन साल तक वैध रहेंगे. इसका मतलब है कि आप इन अंकों का इस्तेमाल आने वाले वर्षों में भी कर सकते हैं.

कब शुरू होगा रजिस्ट्रेशन?

गेट 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 25 अगस्त 2025 से शुरू होगा. उम्मीदवार बिना लेट फीस के 25 सितंबर 2025 तक आवेदन कर सकेंगे. उसके बाद भी आवेदन किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए लेट फीस देनी होगी. आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन ही होगी.

सिर्फ पढ़ाई नहीं, नौकरियों के लिए भी जरूरी

गेट का स्कोर सिर्फ पीजी प्रवेश के लिए ही नहीं, बल्कि कई सरकारी और पब्लिक सेक्टर कंपनियों (PSUs) में भर्ती के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है. कई नामी संस्थान और कंपनियां, उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग के लिए गेट स्कोर को एक अहम मानदंड मानती हैं.

इस बार क्या नया है?

सिलेबस में इस बार एक खास बदलाव किया गया है. इंजीनियरिंग साइंसेज के पेपर में ‘एनर्जी साइंस’ का नया सेक्शन जोड़ा गया है. इसके अलावा कुल 30 प्रश्नपत्र होंगे, जिसमें उम्मीदवार एक या दो पेपर चुन सकते हैं. हालांकि, अगर कोई दो पेपर देता है तो वह सिर्फ तय किए गए पेयरिंग के अनुसार ही होगा.

परीक्षा का पैटर्न

  • कुल अंक: 100
  • भाषा: अंग्रेजी
  • जनरल एप्टीट्यूड (GA): सभी पेपर्स में 15 अंक
  • बाकी पेपर: विषय-विशेष के लिए 85 अंक

मार्किंग स्कीम

  • सही उत्तर के लिए 1 या 2 अंक (प्रश्न के अनुसार)
  • 1 अंक वाले गलत उत्तर पर 1/3 अंक की कटौती
  • 2 अंक वाले गलत उत्तर पर 2/3 अंक की कटौती

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Andaaz 2 Review: Akshay Kumar की फिल्म की बेइज्जती, फिल्म का ये अंदाज लगेगा सजा

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अंदाज 2 का trailer देखते ही fans काफ़ी excited हो गए थे, लेकिन release के बाद reactions mixed रहे। Akshay Kumar की ये film एक बड़े star cast के साथ आई थी, लेकिन कहानी और screenplay audience को इतना impress नहीं कर पाई। Film में comedy और drama का combination था, लेकिन dialogues weak लगे और pacing slow थी। Music average था और सिर्फ़ 2-3 songs ही याद रह गए। Akshay Kumar का performance decent था, लेकिन उनका charm पुरानी films जैसा feel नहीं दे पाया। Supporting cast ने अपनी तरफ़ से full effort दिया, लेकिन weak script ने overall impact कम कर दिया। Fans जो एक धमाकेदार sequel की उम्मीद कर रहे थे, उनके लिए ये एक disappointment बनी। Box office पर शायद opening strong हो, लेकिन long run में sustain करना मुश्किल लगता है।

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महिला ने शोरूम के सामने फूंक डाली 6 हजार रुपये की ड्रेस- वीडियो देख घूम जाएगा माथा

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जोधपुर में इन दिनों साड़ियों की दुनिया में भी ‘धधकते’ विवाद देखने को मिल रहे हैं. सोचिए, आपने 6 हजार रुपये देकर एक नई चमचमाती ड्रेस खरीदी, सपनों में उसे पहनकर शादी-ब्याह में जाने के प्लान भी बना लिए. लेकिन घर आकर पता चले कि ड्रेस में डिफेक्ट है. अब सामान्य लोग तो इसे बदलवाने की कोशिश करते हैं, कुछ बहस-मुबाहिसा भी कर लेते हैं और अगर बहुत गुस्सा आ जाए तो सोशल मीडिया पर लंबा चौड़ा पोस्ट डाल देते हैं. लेकिन यहां मामला अलग था, यहां महिला ने गुस्सा जाहिर करने का ‘फुल ऑन’ ज्वलनशील तरीका चुना और नतीजा ये हुआ कि शोरूम के सामने ही एक ‘आग का फैशन शो’ हो गया.

महिला ने शोरूम के सामने फूंक डाली 6 हजार की ड्रेस

सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में साफ दिखता है कि जोधपुर के एक कपड़ों के शोरूम के सामने एक महिला नई खरीदी हुई ड्रेस में पेट्रोल डालकर आग लगाती है. आसपास कई लोग खड़े हैं, कोई रोकने की बजाय अपने-अपने फोन से वीडियो बनाने में जुटा है. महिला का आरोप है कि उसने 6 हजार में यह ड्रेस खरीदी थी, लेकिन घर आकर इसमें डिफेक्ट निकल आया. जब वह बिल लेकर शोरूम पहुंची तो स्टाफ ने इसे बदलने से साफ मना कर दिया. इसके बाद महिला ने वहीं ड्रेस को आग के हवाले कर दिया. अब यह वीडियो इंटरनेट पर हर तरफ चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग कह रहे हैं कि कपड़ों की दुनिया में यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं.

दुकानदार का सत्यानाश हो, बोली महिला

वीडियो में महिला दुकानदार के खिलाफ काफी कुछ कहती दिखाई दे रही है. वो कहती है कि मैं ड्रेस नहीं जला रही बल्कि आत्मा और इन लोगों को जला रही हूं. आगे महिला कहती है कि इन लोगों का सत्यानाश जाए और इनकी दुकान में एक भी ग्राहक ना आए. वीडियो देखकर अब यूजर्स भी अपनी प्रतिक्रियाएं कमेंट बॉक्स में उतार रहे हैं जो कि वीडियो से ज्यादा वायरल हो रही हैं.

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यूजर्स ने भी किया समर्थन

वीडियो को @mktyaggi नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…इस महिला को उपभोक्ता मंच में जाकर शिकायत करनी चाहिए थी. एक और यूजर ने लिखा…ये शोरूम वाले ऐसे ही होते हैं. इसे देखकर तो दयाबैन का गरबा आंदोलन याद आ गया. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…अब से इस दुकानदार की दुकान पर कोई नहीं जाएगा ये तो पक्का है.

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अनिल अंबानी की रिलायंस इंफ्रा को सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी, अब 28483 करोड़ का बकाया वसूलेगी कंपनी

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Anil Ambani: लोन फ्रॉड मामले का सामना कर रहे कारोबारी अनिल अंबानी को बड़ी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर की दो सहायक कंपनियों BSES यमुना पावर लिमिटेड और BSES राजधानी पावर लिमिटेड को 28,483 करोड़ रुपये का बिजली बकाया वसूलने की इजाजत दे दी है. 

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद होगी बकाए की वसूली

शुक्रवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में रिलायंस इंफ्रा ने कहा कि बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड और बीएसईएस राजधानी पावर पर 31 जुलाई, 2025 तक कुल 28,483 करोड़ रुपये बकाया है.

रेगुलेटरी एसेट्स की वसूली को लेकर जारी दिशा-निर्देश पर सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद रिलायंस इंफ्रा की सब्सिडियरी कंपनियां 1 अप्रैल, 2024 से पूर्वव्यापी प्रभाव से शुरू होने वाले 4 वर्षों की अवधि में 28,483 करोड़ रुपये की नियामक परिसंपत्तियों की वसूली करेंगी.

बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड और बीएसईएस राजधानी पावर में रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की 51 परसेंट हिस्सेदारी है, जबकि शेष 49 परसेंट हिस्सेदारी दिल्ली सरकार के पास है. ये दोनों बिजली वितरण कंपनियां (डिस्कॉम) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगभग 53 लाख घरों में बिजली की सप्लाई करती है. 

बढ़ता जा रहा रेगुलेटरी एसेट्स

बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि 27,200.37 करोड़ रुपये की वहन लागत सहित नियामक परिसंपत्तियों का भुगतान तीन वर्षों के भीतर दिल्ली की तीन निजी डिस्कॉम को किया जाए. रेगुलेटरी एसेट्स बिजली वितरण कंपनियों द्वारा वहन की जाने वाली लागतें हैं, जिन्हें आगे आने वाले समय में राज्य नियामक के द्वारा टैरिफ के रूप में उपभोक्ताओं से वसूलने योग्य माना जाता है.

दिल्ली में रेगुलेटरी एसेट्स बीते कुछ सालों में तेजी से बढ़ी है. 31 मार्च, 2024 तक बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड के लिए रेगुलेटरी एसेट्स 12,993.53 करोड़ रुपये, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड के लिए 8,419.14 करोड़ रुपये और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड के लिए 5,787.70 करोड़ रुपये तक पहुंच गईं, कुल मिलाकर 27,200.37 करोड़ रुपये. 

कंपनी ने दायर की थी रिट याचिका

रिलायंस इंफ्रा ने कहा कि उसकी बिजली वितरण कंपनियों ने 2014 में सुप्रीम  में एक रिट याचिका और दीवानी अपील दायर की थी, जिसमें गैर-लागत-प्रतिबिंबित टैरिफ, नियामक परिसंपत्तियों का अवैध निर्माण और नियामक परिसंपत्तियों का परिसमापन न करने का मुद्दा उठाया गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने ने इन याचिकाओं पर विस्तार से सुनवाई की और राज्य सरकारों तथा राज्य विद्युत नियामक आयोगों सहित सभी पक्षों को सुनने के बादआदेश दिया कि विद्युत नियामक आयोग (ERC) मौजूदा नियामक परिसंपत्तियों के परिसमापन के लिए एक रोडमैप प्रस्तुत करें, जिसमें वहन लागत से निपटने के प्रावधान शामिल होंगे. 

आदेश में कहा गया है कि ईआरसी को उन परिस्थितियों का भी सख्त और गहन ऑडिट करना होगा जिनमें वितरण कंपनियां नियामक परिसंपत्तियों की वसूली के बिना काम करती रही हैं. 

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‘टैरिफों का महाराजा’, डोनाल्ड ट्रंप के करीबी ने भारत को लेकर की टिप्पणी, 50% टैरिफ को लेकर क्या

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी पीटर नवारो ने भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ बताया है. व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर ने रूसी कच्चे तेल की खरीद पर भारतीय आयात पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने के सरकार के फैसले का बचाव करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला बताया है.

ट्रंप प्रशासन की बात दोहराते हुए नवारो ने नई दिल्ली पर रूसी तेल की खरीद जारी रखकर यूक्रेन में मॉस्को के सैन्य आक्रमण को अप्रत्यक्ष रूप से फंड करने का आरोप लगाया. व्हाइट हाउस में एक ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘भारत और चीन दोनों रूसी तेल खरीद रहे हैं. भारत पर महाराजा टैरिफ लगाया गया है, जो किसी भी बड़े देश की तुलना में सबसे ज्यादा है. इसलिए वे हमें ढेर सारी चीजें बेचते हैं और हम उन्हें कुछ नहीं बेच सकते.’

पिछले हफ्ते ट्रंप ने भारतीय आयातों पर 25 प्रतिशत टैरिफ के साथ-साथ अतिरिक्त जुर्माना भी लगाया था, जो 7 अगस्त से लागू हो गया. बुधवार को उन्होंने एक कार्यकारी आदेश जारी कर रूस के साथ भारत के तेल व्यापार पर 25 प्रतिशत और अतिरिक्त शुल्क लगा दिया है, जिससे भारतीय आयातों पर कुल शुल्क 50 फीसदी हो गया. ये अमेरिका द्वारा किसी भी देश पर लगाया गया अब तक का सबसे ज़्यादा टैरिफ है.

व्हाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर ने क्या कहा ?

पीटर नवारो ने अपने बयान में कहा, ‘वे हमारे द्वारा दिए गए धन का इस्तेमाल रूसी तेल खरीदने के लिए करते हैं और फिर रूस उस तेल के पैसे से युद्ध मशीनरी को वित्तपोषित करता है. ऐसे में फिर संयुक्त राज्य अमेरिका को यूक्रेन को रक्षा व्यय सहायता देनी पड़ती है, तो इसमें ग़लत क्या है? और राष्ट्रपति ट्रंप इस बात को अच्छे से जानते हैं.” उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “यह पूरी तरह से राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और रूसी तेल ख़रीदना बंद करने से भारत का साफ़ इनकार सीधे तौर पर रूसी युद्ध मशीन को बढ़ावा दे रहा है.”

नवारो ने आगे कहा, “अमेरिका अनुचित व्यापारिक माहौल में भारत को अरबों डॉलर सामान खरीदने के लिए भेजता है. भारत फिर उन अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल रूसी तेल ख़रीदने में करता है. रूस उस पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन के ख़िलाफ़ अपने सैन्य अभियानों के लिए करता है. बदले में अमेरिकी करदाताओं को यूक्रेन की रक्षा में मदद के लिए बिल चुकाना पड़ता है.”

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इंग्लैंड ने करप्शन की वजह से लगाया बैन, नसीम शाह, मिस्बाह और सईद अजमल से जुड़ा है मामला

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पाकिस्तानी क्रिकेट फिर से गलत कारणों से सुर्खियों में है. हाल ही में युवा बल्लेबाज हैदर अली पर यूके में आपराधिक जांच शुरू हुई थी और अब एक और बड़ा विवाद सामने आया है. इस बार मामला किसी खिलाड़ी का नहीं, बल्कि पाकिस्तान के जाने-माने क्रिकेट एजेंट मोघीस अहमद का है, जिन्होंने मिस्बाहउल-हक, सईद अजमल और मौजूदा तेज गेंदबाज नसीम शाह जैसे सितारों का प्रतिनिधित्व किया है. इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने उन्हें भ्रष्टाचार के मामले में दोषी पाकर बैन कर दिया है.

घूस देने की कोशिश में थे मोघीस, ईसीबी ने लिया एक्शन

टेलीकॉम एशिया स्पोर्ट की रिपोर्ट के मुताबिक मोघीस, जो इंटरनेशनल क्रिकेटर्स एसोसिएशन के मालिक हैं, उन्होंने काउंटी क्रिकेट में खिलाड़ियों के चयन को प्रभावित करने के लिए कोच को पैसे देने का का प्रस्ताव दिया था. ईसीबी की जांच में पाया गया कि मोघीस ने एक कोच को यह ऑफर दिया कि अगर वह उनके खिलाड़ियों को फ्रेंचाइजी लीग में चुनते हैं तो कोच को उनकी कमीशन का हिस्सा मिलेगा.

कोच ने इस प्रस्ताव को तुरंत ईसीबी को रिपोर्ट किया, जिसके बाद मार्च में मोघीस को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया. जांच और सुनवाई के बाद ट्रिब्यूनल ने उन पर पांच साल का बैन लगा दिया, जिसमें कम से कम 30 महीने का बैन तुरंत लागू होगा और बाकी अवधि अच्छे व्यवहार पर निर्भर करेगा.

ईसीबी ने अपने स्टेटमेंट में कहा, “मिस्टर अहमद को इस बात का दोषी पाया गया है कि उन्होंने एक काउंटी टीम के कोच को भ्रष्ट तरीके से संपर्क किया और ऐसा प्रस्ताव दिया कि अगर कोच फ्रेंचाइजी लीग में उनके प्रतिनिधित्व वाले कुछ खिलाड़ियों का चयन करते हैं, तो कोच को उनकी कमीशन में से हिस्सा मिलेगा.”

बता दें कि मोघीस पहले भी काउंटी क्रिकेट के लिए बड़े-बड़े डील करा चुके हैं, लेकिन हाल के सालों में उनका नाम कई बार अनैतिक गतिविधियों में आया है.

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