रक्षाबंधन पर राखी बांधते वक्त आखिर क्यों लगाते हैं तीन गांठें ?
[ad_1]
Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर राखी बांधते वक्त आखिर क्यों लगाते हैं तीन गांठें ?
[ad_2]
[ad_1]
Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन पर राखी बांधते वक्त आखिर क्यों लगाते हैं तीन गांठें ?
[ad_2]
[ad_1]
भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ को लेकर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा की है. इस बीच अमेरिका और पाकिस्तान के बीच नजदीकी बढ़ती दिख रही है. पाक आर्मी चीफ आसिम मुनीर दूसरी बार अमेरिका दौरे पर जाने के लिए तैयार हैं. पाक न्यूज वेबसाइट डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक मुनीर इस साल अगस्त के आखिरी हफ्ते में वॉशिंगटन जा सकते हैं.
आसिम मुनीर ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी अमेरिका दौरे पर गए थे. अब वे फिर तैयारी कर रहे हैं. यह अमेरिका और पाकिस्तान के बीच गहराते द्विपक्षीय संबंधों का संकेत हो सकता है. रिपोर्ट के मुताबिक मुनीर अमेरिकी सेना के जनरल और यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के कमांडर माइकल कुरिला के विदाई समारोह में हिस्सा लेंगे. मुनीर इसी वजह से वॉशिंगटन जा रहे हैं. कुरिला ने अपने कार्यकाल के दौरान पाकिस्तान को आतंक के खिलाफ एक्शन लेने वाला साझेदार बताया था.
अमेरिकी जनरल ने क्यों की थी पाकिस्तान की तारीफ
अमेरिका के धाकड़ आर्मी जनरल कुरिला मिडिल ईस्ट में अपनी सेना की अगुवाई कर चुके हैं. वे इसी महीने रिटायर हो रहे हैं. ‘द हिंदू‘ की एक रिपोर्ट के मुताबिक कुरिला ने कुछ महीने पहले आईएसआईएस के पांच आतंकियों को पकड़ने के लिए पाकिस्तान की तारीफ की थी. उन्होंने कहा था कि पाकिस्तान ने अमेरिका के दिए इनपुट के आधार पर आतंकियों को पकड़कर बेहतरीन काम किया है.
मुनीर-ट्रंप की मुलाकात पर व्हाइट हाउस ने क्या दी थी प्रतिक्रिया
मुनीर इस साल जून महीने में अमेरिका दौरे पर गए थे. उन्होंने ट्रंप के साथ लंच भी किया था, जिसकी काफी चर्चा हुई थी. ट्रंप और मुनीर ने करीब दो घंटे तक मीटिंग की थी. व्हाइट हाउस ने कहा था कि ट्रंप ने मुनीर को इनवाइट किया था. उसका कहना था कि ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध रोकने की सिफारिश की है. अहम बात यह भी है कि ट्रंप ऑपरेशन सिंदूर के बाद कई बार दोनों देशों के बीच सीजफायर का क्रेडिट ले चुके हैं.
[ad_2]
[ad_1]
सोशल मीडिया पर एक दिल दहला देने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जो कि किसी पहाड़ी क्षेत्र का लगता है. यहां घुमावदार सड़कों पर एक पल्सर बाइक सवार पूरी रफ्तार में आगे निकलने की कोशिश कर रहा होता है. उसके आगे एक स्कॉर्पियो कार चल रही है और दोनों ही वाहन पहाड़ी रास्ते पर जैसे-जैसे आगे बढ़ते हैं, बाइक सवार कार को ओवरटेक करने की जद्दोजहद में लगातार अपनी बाइक को तेजी से चलाता है. लेकिन उसके बाद जो होता है वो जरूर आपको सोचने पर मजबूर कर देगा.
वीडियो में देखा जा सकता है कि कई बार वो कार के बेहद पास तक पहुंचता है लेकिन रास्ता तंग होने की वजह से आगे नहीं निकल पाता. वीडियो में बाइक सवार का कैमरा चालू होता है और वह हर उस मौके की तलाश में रहता है जब उसे एक फुट भी जगह मिले ताकि वह कार को पार कर सके. थोड़ी ही देर में जैसे ही उसे हल्की सी साइड मिलती है, वो पल्सर की रफ्तार बढ़ाकर स्कॉर्पियो को ओवरटेक करने की कोशिश करता है. लेकिन तभी स्कॉर्पियो चालक अचानक बिना इंडिकेटर के दाईं ओर कार को मोड़ देता है. इस मोड़ में स्कॉर्पियो का पिछला हिस्सा सीधा जाकर बाइक से टकराता है. और फिर जो होता है, वह बेहद डराने वाला है.
I know Scorpio guy is at fault? but what is your opinion on it? pic.twitter.com/oJftGULkxB
— Deadly Kalesh (@Deadlykalesh) August 6, 2025
बाइक सवार सीधे सड़क पर गिर पड़ता है. उसकी बाइक दूर जा गिरती है और कैमरे का लेंस टूटने की आवाज के साथ वीडियो भी वहीं बंद हो जाता है. उसके बाद क्या हुआ, ये वीडियो में नहीं दिखता, लेकिन जो देखा गया उसने ही देखने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं. ये वीडियो सिर्फ एक हादसे का नहीं, बल्कि एक सबक भी है कि पहाड़ी रास्तों पर रफ्तार और जल्दबाजी, दोनों ही जानलेवा हो सकती हैं. ओवरटेक करने की जिद कभी-कभी ऐसी कीमत वसूलती है जिसे इंसान जिंदगी भर नहीं चुका सकता… या फिर कभी जिंदगी ही नहीं बचती.
यह भी पढ़ें: इंडिगो फ्लाइट में मुस्लिम यात्री को शख्स ने मारा थप्पड़, चिल्लाती रही एयर होस्टेस; वीडियो वायरल
वीडियो को @Deadlykalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन भी दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…काफी जगह थी पास करने के लिए, गलती तो कार वाले की लग रही है. एक और यूजर ने लिखा…बाइक सवार छपरियों को ऐसी सड़कों पर बैन कर देना चाहिए. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बाइक सवार की भी गलती है, हीरो नहीं बनना चाहिए था.
यह भी पढ़ें: Video: Reels के लिए पागल होते युवक! पानी की टंकी पर चढ़ रेलिंग से लटका सिरफिरा, बोला- भाई को फॉलो कर लो
[ad_1]
भारतीय क्रिकेट टीम के दो स्टार खिलाड़ी मोहम्मद सिराज और शुभमन गिल मैदान पर अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत चुके हैं. लेकिन क्रिकेट के अलावा फैंस के मन में यह सवाल भी आता है कि इन दोनों खिलाड़ियों की पढ़ाई-लिखाई कैसी रही? कौन ज्यादा पढ़ा-लिखा है और किसने किस स्तर तक पढ़ाई की है? चलिए जानते हैं दोनों की एजुकेशन डिटेल्स और उनकी जर्नी.
मोहम्मद सिराज की एजुकेशन
मोहम्मद सिराज हैदराबाद के रहने वाले हैं और एक बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं. उनके पिता ऑटो रिक्शा चालक थे, जबकि मां घरेलू काम करती थीं. सिराज का बचपन काफी संघर्षों के बीच गुजरा. पढ़ाई की बात करें तो सिराज ने शुरुआती शिक्षा हैदराबाद के एक स्थानीय स्कूल से हासिल की. उन्होंने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की थी, लेकिन आर्थिक तंगी के कारण आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाए.
सिराज का ध्यान बचपन से ही क्रिकेट में था. वह क्लास में औसत छात्र थे, लेकिन मैदान पर हमेशा बेहतरीन प्रदर्शन करते थे. स्कूल छोड़ने के बाद सिराज ने क्रिकेट को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया और स्थानीय टूर्नामेंट्स में खेलना शुरू किया. कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने घरेलू क्रिकेट में अपनी पहचान बनाई और फिर टीम इंडिया तक पहुंचे. आज सिराज न केवल भारत के लिए खेल रहे हैं, बल्कि IPL में भी उनका जलवा है.
शुभमन गिल की एजुकेशन
अब बात करते हैं टीम इंडिया के स्टाइलिश बैटर शुभमन गिल की. गिल का जन्म पंजाब के फजिल्का जिले में हुआ और उनका परिवार खेती से जुड़ा था. गिल बचपन से ही पढ़ाई में अच्छे थे. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई फजिल्का के एम.के. हाई स्कूल से की. इसके बाद गिल ने पंजाब के मोहाली में जाकर क्रिकेट की प्रोफेशनल ट्रेनिंग लेना शुरू किया.
शुभमन गिल ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई पूरी की है. क्रिकेटिंग करियर के चलते उन्होंने कॉलेज की पढ़ाई आगे नहीं बढ़ाई, लेकिन उनका फोकस हमेशा क्रिकेट पर रहा. गिल के पिता ने बचपन से ही उनके टैलेंट को पहचाना और उन्हें क्रिकेट की बारीकियां सिखाने में अहम भूमिका निभाई.
कौन है ज्यादा पढ़ा-लिखा?
अगर पढ़ाई की तुलना करें तो शुभमन गिल और मोहम्मद सिराज दोनों ने इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई की है. हालांकि, गिल की पढ़ाई थोड़ा व्यवस्थित रही, क्योंकि उनका परिवार आर्थिक रूप से बेहतर स्थिति में था और उन्हें पढ़ाई के साथ क्रिकेट में भी सपोर्ट मिला. वहीं सिराज ने शुरुआती शिक्षा के बाद पूरी तरह क्रिकेट पर ध्यान दिया.
फोकस रहा सिर्फ क्रिकेट पर
दोनों खिलाड़ियों ने क्रिकेट के लिए अपनी पढ़ाई को पीछे छोड़ दिया, और आज वे देश के सफलतम क्रिकेटरों में गिने जाते हैं. उनकी जर्नी यह साबित करती है कि अगर जुनून और मेहनत हो, तो शिक्षा में पीछे रह जाने के बावजूद इंसान बड़ी ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है.
इसे भी पढ़ें- ऑनलाइन पढ़ाई से बच्चों की सोचने, लिखने और समझने की ताकत हुई कमजोर; जानिए
Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI
[ad_2]
[ad_1]
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित Deepfake तकनीक के बढ़ते खतरे को देखते हुए डेनमार्क सरकार ने इस पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी कर ली है. यह कानून बिना अनुमति किसी की आवाज या छवि का उपयोग कर बनाए गए नकली ऑडियो-वीडियो को दंडनीय अपराध घोषित करेगा.डेनमार्क ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश बनने जा रहा है, जिससे उम्मीद की जा रही है कि इस तकनीक के दुरुपयोग पर लगाम लगेगी.
Deepfake एक एडवांस तकनीक है, जिसमें AI और मशीन लर्निंग की मदद से किसी व्यक्ति की आवाज या चेहरे की नकल कर नकली वीडियो या ऑडियो तैयार किया जाता है. इसे इस तरह एडिट किया जाता है कि वह असली जैसा दिखाई देता है, जबकि असल में वह पूरी तरह से फर्जी होता है. Deepfake शब्द ‘Deep learning’ और ‘Fake’ को मिलाकर बना है.
Deepfake टेक्नोलॉजी मुख्य रूप से दो एल्गोरिदम पर काम करती है – Encoder और Decoder.
Encoder: यह असली व्यक्ति की तस्वीरों और वीडियो को एनालाइज कर हाव-भाव और आवाज का पैटर्न सीखता है.
Decoder: यह सीखी गई जानकारी को दूसरे वीडियो या ऑडियो में इस तरह से मिक्स करता है कि नकली क्लिप बिल्कुल असली जैसी लगती है.
Deepfake तकनीक के दुरुपयोग से कई गंभीर खतरे सामने आ चुके हैं:
राजनीतिक झूठ: चुनावों में नेताओं के फर्जी वीडियो से जनता को गुमराह किया जा सकता है.
सोशल ब्लैकमेलिंग: फर्जी अश्लील वीडियो बनाकर लोगों को बदनाम किया जा सकता है.
फर्जी खबरें: नकली वीडियो के जरिए दंगे-फसाद भड़काए जा सकते हैं.
साइबर क्राइम: पहचान की चोरी और बैंकिंग धोखाधड़ी में भी इसका उपयोग हो सकता है.
डेनमार्क की सरकार द्वारा प्रस्तावित कानून के तहत:
बिना अनुमति किसी की आवाज या छवि का उपयोग कर Deepfake कंटेंट बनाना अपराध माना जाएगा.
Deepfake वीडियो या ऑडियो को फैलाने पर कठोर सजा दी जाएगी.
सोशल मीडिया कंपनियों को ऐसे कंटेंट को हटाना अनिवार्य होगा.
-किसी भी सनसनीखेज वीडियो को बिना जांच शेयर न करें.
-वीडियो के स्रोत की पुष्टि करें.
-Google Reverse Image Search जैसे टूल्स का उपयोग करें.
-संदिग्ध कंटेंट को सोशल मीडिया पर रिपोर्ट करें.
Deepfake तकनीक को लेकर केवल डेनमार्क ही नहीं, अमेरिका, भारत और यूरोपीय यूनियन जैसे देश भी चिंतित हैं. इसे अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा माना जा रहा है. अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने एक वैश्विक फ्रेमवर्क की मांग की है, ताकि हर देश अपने स्तर पर Deepfake के खिलाफ कड़े कानून लागू कर सके.
[ad_2]
[ad_1]
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के साथ-साथ रूस से तेल खरीदने के चलते अतिरिक्त 25 प्रतिशत दंडात्मक टैरिफ लगाने का बुधवार को ऐलान किया है, जो 27 अगस्त से लागू होंगे. इस कदम ने वैश्विक व्यापारिक रणनीतियों पर नई बहस छेड़ दी है, खासकर उन देशों को लेकर जो रूस से बड़ी मात्रा में ऊर्जा उत्पाद आयात कर रहे हैं. एक समय था जब यूरोपीय यूनियन रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीदार हुआ करता था, लेकिन अब उसकी जगह चीन, भारत और तुर्की जैसे एशियाई देशों ने ले ली है. यूरोपीय यूनियन द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बाद एशिया रूस से कच्चे तेल का सबसे बड़ा बाजार बन चुका है.
ईयू के बाद अब एशिया बड़ा खरीदार
वर्तमान में चीन रूस से लगभग 219.5 बिलियन डॉलर की ऊर्जा (तेल, गैस और कोयला) खरीदता है, जबकि भारत करीब 133.4 बिलियन डॉलर और तुर्की लगभग 90.3 बिलियन डॉलर का आयात करता है. इसके अलावा हंगरी जैसे कुछ यूरोपीय देश अब भी पाइपलाइन के जरिए सीमित मात्रा में रूसी तेल खरीद रहे हैं. अमेरिका और यूरोपीय देशों के प्रतिबंधों के बावजूद रूस की तेल से आय में खास कमी नहीं आई है.
कीव स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स के अनुसार, रूस ने जून महीने में ही तेल बेचकर 12.6 बिलियन डॉलर की कमाई की है, और वर्ष 2025 में कुल 153 बिलियन डॉलर की आमदनी की संभावना जताई गई है. यह आंकड़े बताते हैं कि रूस पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद उसके ऊर्जा निर्यात पर सीमित असर पड़ा है और एशियाई बाजार उसकी आर्थिक रीढ़ बने हुए हैं..
भारत की स्थिति बेहतर क्यों?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बावजूद भारत की स्थिति चीन की तुलना में बेहतर बनी हुई है. ट्रंप प्रशासन ने चीन से आयात होने वाले सामानों पर 30 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जबकि वियतनाम से आयात पर केवल 20 प्रतिशत टैरिफ लगाया गया है. वियतनाम पर टैरिफ भारत की तुलना में कम होने के कारण अमेरिकी बाजार में दोनों देशों के उत्पादों के बीच प्रतिस्पर्धा बनी रहेगी. इस बीच, फिच रेटिंग्स ने हाल ही में अपनी टैरिफ नीति पर नजर रखने वाले इंटरैक्टिव टूल “इफेक्टिव टैरिफ रेट (ETR) मॉनिटर” को अपडेट किया है.
इसके अनुसार, अमेरिका की औसत प्रभावी टैरिफ दर अब बढ़कर 17 प्रतिशत हो गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक है. अमेरिका के प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में चीन की ETR सबसे अधिक 41.4 प्रतिशत (जो पहले 10.7 प्रतिशत थी) दर्ज की गई है, जबकि भारत की ETR 21 प्रतिशत से कुछ अधिक है, जिससे वह चीन की तुलना में अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में बना हुआ है.
ETR यानी प्रभावी टैरिफ दर से यह समझा जा सकता है कि किसी देश पर लगाए गए टैरिफ का वास्तविक असर व्यापार और आर्थिक रणनीतियों पर किस प्रकार पड़ता है. चीन के रेनमिन यूनिवर्सिटी के लेक्चरर लियाओ यू के अनुसार, ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में उनका “मेक अमेरिका ग्रेट अगेन” एजेंडा और अधिक आक्रामक रूप ले चुका है. लियाओ का कहना है कि इस विचारधारा के समर्थकों का मानना है कि फ्री ट्रेड ने अमेरिका को नुकसान पहुंचाया है और इसके लिए खासतौर पर चीन को जिम्मेदार ठहराया जाता है. आने वाले समय में चीन को और भी गंभीर टैरिफ युद्ध का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि ट्रंप की ‘अमेरिका फर्स्ट’ नीति से अमेरिका के पारंपरिक गठबंधन कमजोर होने के चलते चीन के लिए रणनीतिक अवसर भी बन सकते हैं.
[ad_2]
[ad_1]
बॉलीवुड एक्ट्रेस वाणी कपूर पाकिस्तानी एक्टर फवाद खान के साथ रोमांटिक फिल्म अबीर गुलाल में नजर आने वाली थीं. ये फिल्म इंडिया में रिलीज भी होने वाली थी मगर पहलगाम आतंकी हमले के बाद इस फिल्म पर बैन लगा दिया गया था. साथ ही पाकिस्तानी आर्टिस्ट पर भी इंडिया में बैन लगा दिया गया है. वाणी के अलावा दिलजीत दोसांझ की फिल्म सरदारजी 3 भी रिलीज होने वाली थी जिसमें उनके साथ हानिया आमिर नजर आती. दिलजीत ने कुछ समय पहले सरदारजी 3 को इंडिया में नहीं मदर ओवरसीज रिलीज कर दिया है.
दिलजीत दोसांझ के इस फैसले पर वाणी कपूर ने एक इंटरव्यू में रिएक्ट किया है. उन्होंने दिलजीत को सपोर्ट किया है. जहां लोग सरदारजी 3 को बैन करने की बात कर रहे थे वहीं दिलजीत ने इसे ओवरसीज रिलीज कर दिया.
वाणी ने किया दिलजीत का सपोर्ट
एनडीटीवी से खास बातचीत में वाणी कपूर ने बताया कि उस समय परिस्थितियां और थीं जब दिलजीत फिल्म शूट कर रहे थे. वाणी ने कहा- ‘मैं मान रही हूं कि उनकी फिल्म की शूटिंग उस भयावह हमले से पहले हुई होगी, और एक प्रोड्यूसर होने के नाते, उनका पैसा भी फंस गया होगा. मुझे लगता है कि फिल्म बनाने में लगभग 100 तकनीशियन लगे होंगे. फिल्म की शूटिंग के समय हालात अलग थे. मुझे नहीं लगता कि उनका देश का अनादर करने का कोई इरादा था. वो एक ग्लोबल स्टार हैं. दुनियाभर में उनका सम्मान किया जाता है. उन्होंने जो भी सही समझा, उसके मुताबिक कदम उठाए हैं. लेकिन मुझे नहीं लगता कि कोई कानून तोड़ा गया है, है ना?’
बता दें 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद इंडिया और पाकिस्तान के रिश्ते में तनाव आ गया है. पाकिस्तानी आर्टिस्ट को इंडिया में काम करने से बैन कर दिया गया है. हालांकि इसी बीच दिलजीत ने अपनी मोस्ट अवेटिड फिल्म सरदारजी 3 इंडिया छोड़कर ओवरसीज रिलीज करने का फैसला लिया था.
ये भी पढ़ें: Mahavatar Narsimha BO Collection: बॉलीवुड फिल्मों को धूल चटा रही है ‘महावतार नरसिम्हा’, कमाई का नहीं है कोई तोड़
[ad_2]
[ad_1]
दूल्हा नहीं हुआ, मानसून का मौसम वैज्ञानिक हो गया! एक तरफ जहां बारिश की पहली फुहार पड़ते ही लोग छतों के नीचे भाग जाते हैं, वहीं इस गांव का दूल्हा अपनी शादी के लिए ऐसी जिद पर अड़ा कि बादल भी सोच में पड़ गए “अबे इतनी बारिश में कौन बारात निकालता है?” लेकिन जनाब की शादी थी, घोड़े पर सवारी तय थी, डीजे की धमक जरूरी थी और सज-धजकर चलने की खुशी भी झलकनी चाहिए थी. बस फिर क्या था जब मौसम ने बगावत की, तो दूल्हा भी जवाब में ‘वॉटरप्रूफ विद्रोह’ कर बैठा. पूरे घोड़े समेत खुद को ट्रांसपेरेंट पॉलिथीन में लपेट लिया और बारातियों को भी आदेश जारी कर दिया कि बारिश हो या बाढ़, बारात निकलेगी, बस छतरी और पॉलीथीन साथ रखो. वीडियो अब इंटरनेट पर वायरल है.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस मजेदार वीडियो में देखा जा सकता है कि सुबह के समय एक गांव की गलियों में एक बारात निकल रही है. सबसे आगे वॉटरप्रूफ कवर से लिपटी डीजे वाली गाड़ी है, जिसके स्पीकर से तेज म्यूजिक की आवाजें सुन बाराती आनंद ले रहे हैं. इसके पीछे एक घोड़े पर बैठा दूल्हा, जिसने खुद को और अपने घोड़े को पूरी तरह प्लास्टिक पॉलिथीन में कवर कर रखा है, ताकि उसके शादी वाले कपड़े बारिश से भीग न जाएं. वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आसमान में काले बादल छाए हैं, बारिश लगातार हो रही है और चारों तरफ पानी-पानी है, लेकिन दूल्हा और उसके साथी नाचते-गाते बारिश में आगे बढ़ते जा रहे हैं. लोगों के हाथों में छतरियां हैं, कुछ प्लास्टिक की शीतल पेय की बोतलें काटकर सिर पर पहन रखी हैं. गांव वाले सड़क किनारे खड़े होकर ये अनोखी बारिश वाली बारात देखकर मुस्कुरा रहे हैं.
आंधी आए या तूफान, शादी बहुत ज़रूरी है😂 pic.twitter.com/EBB3B5RkpB
— The News Basket (@thenewsbasket) August 5, 2025
यह भी पढ़ें: इंडिगो फ्लाइट में मुस्लिम यात्री को शख्स ने मारा थप्पड़, चिल्लाती रही एयर होस्टेस; वीडियो वायरल
वीडियो को @thenewsbasket नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…आंधी आए या तूफान…भाई शादी करके मानेगा. एक और यूजर ने लिखा…भाई से रहा नहीं जा रहा, शादी करके ही मानेगा. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…बस इतना डेडिकेशन चाहिए लाइफ में.
यह भी पढ़ें: Video: Reels के लिए पागल होते युवक! पानी की टंकी पर चढ़ रेलिंग से लटका सिरफिरा, बोला- भाई को फॉलो कर लो
[ad_1]
एक तरफ आसमान का शिकारी, दूसरी तरफ एक मासूम परिंदा. एक तरफ मौत की पकड़, दूसरी तरफ जिंदगी की जिद. और फिर हुआ कुछ ऐसा कि सोशल मीडिया भी हक्का-बक्का रह गया. भाई, जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें एक चील ने हवा में उड़ती चिड़िया को दबोच लिया और पंजों से उसकी रगड़ती चीख तक सुनाई दे रही थी. सबको लगा अब गई चिड़िया. लेकिन जनाब ये कहानी वहां खत्म नहीं होती, बल्कि यहीं से शुरू होती है.
वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि चील के लोहे जैसे पंजों में फंसी चिड़िया अपनी पूरी ताकत से छटपटा रही है. कोई उम्मीद नहीं, कोई सहारा नहीं, बस आसमान में मौत की उड़ान. लेकिन तभी, चिड़िया का संघर्ष ऐसा रंग लाया कि चील को खुद हार माननी पड़ी. चील झटके से अपना पंजा खोलती है और हमारी नन्ही वीरांगना हवा में झपटकर दोबारा पर फैला लेती है जैसे किसी ने मौत को तमाचा मार दिया हो और कहा हो, “रुक, मैं अभी जिंदा हूं.”
What lesson did you learn from this? pic.twitter.com/lrXUK4WcFm
— Nature is Amazing ☘️ (@AMAZlNGNATURE) August 5, 2025
इस वीडियो ने लोगों को रुला भी दिया, हौंसला भी दे दिया. वीडियो ये सिखा गया कि जब तक दम में दम है, तब तक हार तय नहीं होती. जान लगाकर कोशिश करो, तो पंजों में भी आजादी उग आती है. वीडियो देखने के बाद आप भी चिड़िया के हौसले की दाद देंगे और कहेंगे कि अगर जिद हो तो जिंदगी का आसमां दूर नहीं है. वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल है जिसे लेकर यूजर्स तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.
यह भी पढ़ें: इंडिगो फ्लाइट में मुस्लिम यात्री को शख्स ने मारा थप्पड़, चिल्लाती रही एयर होस्टेस; वीडियो वायरल
वीडियो को @AMAZlNGNATURE नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…जज्बा हो तो हर चीज मुमकिन है. एक और यूजर ने लिखा…जिद के आगे मौत हार गई. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…हौसला रखो, सब कुछ होता है.
यह भी पढ़ें: Video: Reels के लिए पागल होते युवक! पानी की टंकी पर चढ़ रेलिंग से लटका सिरफिरा, बोला- भाई को फॉलो कर लो
[ad_1]
AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने जहां कई कामों को आसान बना दिया है, वहीं इसके खतरनाक पहलुओं को लेकर अब बड़े दावे और चेतावनी भी दी जाने लगी हैं. गूगल के पूर्व एग्जीक्यूटिव Mo Gawdat ने AI के भविष्य को लेकर जो भविष्यवाणी की है, वह चौंकाने वाली है. उनका कहना है कि आने वाले 15 साल AI इंसानों के लिए नरक जैसे साबित होंगे, और इसका बुरा दौर साल 2027 से शुरू होगा.
Mo Gawdat ने ‘The Diary of a CEO’ पॉडकास्ट में कहा कि AI सबसे पहले व्हाइट कॉलर जॉब्स को खत्म करेगा. यानी जो नौकरियां पढ़ाई, स्किल और डिग्री के आधार पर मिलती हैं, वे सबसे पहले खतरे में आएंगी. उन्होंने बताया कि उनकी खुद की AI आधारित कंपनी Emma.love पहले 350 लोगों से चलती थी, अब सिर्फ 3 लोग काफी हैं.
उनका कहना है कि AI का फायदा केवल अमीर और ताकतवर लोग ही उठा पाएंगे. गरीब और आम लोगों की नौकरियां छिन जाएंगी. इससे मिडिल क्लास धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा और समाज में एक बड़ा विभाजन पैदा होगा.
Mo Gawdat ने चेताया कि जब लोगों की नौकरियां जाएंगी तो वे न सिर्फ अपनी आजीविका, बल्कि जीवन का उद्देश्य भी खो देंगे. इससे मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ेगा, अकेलापन बढ़ेगा और समाज में तनाव और दरारें गहरी होंगी. अगर आज सरकारें और समाज AI को लेकर जरूरी कदम नहीं उठाते हैं, तो आने वाले सालों में स्थिति और बिगड़ सकती है.
हालांकि Gawdat ने उम्मीद की किरण भी दिखाई. उन्होंने कहा कि यह बुरा दौर 2040 तक चलेगा, उसके बाद AI के जरिए एक नया युग शुरू होगा. इस युग में लोग रिपेटिटिव और बोरिंग कामों से मुक्त हो जाएंगे और प्यार, सहयोग और रचनात्मकता से भरे जीवन की ओर बढ़ेंगे, लेकिन ये सब तभी मुमकिन होगा जब आज ही से सही कदम उठाए जाएं.
[ad_2]