आयुर्वेद को दिलाई वैश्विक पहचान, आचार्य बालकृष्ण के योगदान से ऐसे शिखर पर पहुंचा पतंजलि

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पतंजलि आयुर्वेद भारत की एक ऐसी कंपनी है, जिसने आयुर्वेद और योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई. पतंजलि का दावा है कि कंपनी की अभूतपूर्व सफलता के पीछे आचार्य बालकृष्ण का नेतृत्व एक प्रमुख प्रेरक शक्ति रहा है. उनकी दूरदर्शिता, कड़ी मेहनत और भारतीय संस्कृति के प्रति समर्पण ने पतंजलि को एक साधारण शुरुआत से देश की सबसे बड़ी कंज्यूमर प्रोडक्ट कंपनियों में से एक बनाया है.

पतंजलि ने कहा, ”आचार्य बालकृष्ण ने आयुर्वेद और योग को आधुनिक दुनिया में नया जीवन दिया. 1995 में स्वामी रामदेव के साथ मिलकर उन्होंने दिव्य योग मंदिर ट्रस्ट की स्थापना की और 2006 में पतंजलि आयुर्वेद की नींव रखी. उनका मानना है कि स्वास्थ्य, समृद्धि और मानसिक शांति आपस में जुड़े हुए हैं. इस दर्शन को उन्होंने पतंजलि के उत्पादों में शामिल किया, जो प्राकृतिक और रसायन-मुक्त हैं. उनके नेतृत्व में पतंजलि ने साबुन, तेल, खाद्य पदार्थों से लेकर हर्बल दवाओं तक 400 से अधिक उत्पाद लॉन्च किए, जो उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हैं.”

भारतीय उत्पाद गुणवत्ता में किसी से कम नहीं- पतंजलि

पतंजलि का कहना है, ”आचार्य बालकृष्ण ने ‘स्वदेशी’ और ‘मेक इन इंडिया’ के सिद्धांत को पतंजलि की रणनीति का आधार बनाया. उन्होंने भारतीय उत्पादों को वैश्विक ब्रांडों के मुकाबले खड़ा किया और उपभोक्ताओं में यह विश्वास जगाया कि भारतीय उत्पाद गुणवत्ता में किसी से कम नहीं हैं. उनकी मार्केटिंग रणनीति पारंपरिक नियमों को चुनौती देती है, जिसमें बिना बाहरी मार्केट रिसर्च के कई श्रेणियों में उत्पाद लॉन्च किए गए. यह दृष्टिकोण पतंजलि को एक अनूठी पहचान देता है.”

पतंजलि ने बताया, ”आचार्य बालकृष्ण का कार्यशैली और समर्पण उनकी सफलता का एक बड़ा कारण है. वह प्रतिदिन 15 घंटे काम करते हैं, बिना छुट्टी लिए. वह पतंजलि में 94% हिस्सेदारी रखते हैं, लेकिन वेतन नहीं लेते. उनकी सादगी भरी जीवनशैली और अनुशासन कर्मचारियों के लिए प्रेरणा है. उनके कार्यालय में कंप्यूटर की बजाय कागजी दस्तावेजों का उपयोग और पारंपरिक पोशाक में काम करना उनकी सादगी को दर्शाता है.”

शिक्षा और अनुसंधान में भी आचार्य का योगदान- पतंजलि

पतंजलि का दावा है, ”आचार्य बालकृष्ण ने केवल व्यापार में ही नहीं, बल्कि शिक्षा और अनुसंधान में भी योगदान दिया है. वह पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलपति हैं और 330 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं. उनकी ‘वर्ल्ड हर्बल एनसाइक्लोपीडिया’ 50,000 औषधीय पौधों का दस्तावेजीकरण करती है, जो वैश्विक स्तर पर सराहा गया. यह उनके ज्ञान और आयुर्वेद के प्रति समर्पण का प्रतीक है.”

पतंजलि का कहना है, ”आचार्य बालकृष्ण के नेतृत्व में पतंजलि ने न केवल भारत में बल्कि वैश्विक बाजार में भी अपनी उपस्थिति दर्ज की. अमेजन और बिगबास्केट जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी ने ऑनलाइन बिक्री को बढ़ावा दिया. उनकी रणनीति में वितरक नेटवर्क को दोगुना करना, नए कारखाने स्थापित करना और कर्मचारी संख्या को पांच लाख तक बढ़ाना शामिल है.”

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एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच से पहले सूर्यकुमार यादव के रिटर्न पर आई ‘गुड न्यूज’

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Suryakumar Yadav Sports Hernia Surgery: भारत की टी20 इंटरनेशनल टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव की हाल ही में स्पोर्ट्स हर्निया की सर्जरी हुई थी. अब सूर्यकुमार यादव की हेल्थ को लेकर बड़ा अपडेट आया है. सर्जरी के बाद भारतीय कप्तान पहली बार प्रैक्टिस के लिए लौटे हैं. पिछले हफ्ते सूर्यकुमार यादव बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में प्रैक्टिस करते नजर आए. भारत के इस खिलाड़ी की जुलाई 2025 में जर्मनी में सर्जरी हुई थी.

एशिया कप से पहले लौटे SKY

सूर्यकुमार यादव तब से ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मेडिकल स्टाफ की देख-रेख में हैं, जब से उनके पेट के निचले दाहिने हिस्से की सर्जरी से उबर रहे हैं. अब धीरे-धीरे अगले कुछ हफ्तों में सूर्यकुमार यादव का वर्कलोड बढ़ेगा और वे 9 सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप (Asia Cup 2025) से पहले टीम इंडिया में वापसी करेंगे. इस बार एशिया कप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में होने वाला है.

ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक, पहले सूर्यकुमार यादव बांग्लादेश के खिलाफ अगस्त में होने वाली टी20 सीरीज में ही वापसी करने वाले थे, लेकिन अब ये सीरीज अगले साल 2026 तक के लिए स्थगित हो गई है. ऐसे में अब सूर्यकुमार सीधे एशिया कप में ही खेलते नजर आएंगे. सूर्या को दिलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन टीम के स्क्वाड में भी शामिल किया गया था, लेकिन सर्जरी वजह से ही इस खिलाड़ी को ये टूर्नामेंट छोड़ना पड़ा.

एशिया कप में पाकिस्तान के साथ मैच

एशिया कप में भारत के टी20 कप्तान वापसी करने वाल हैं, लेकिन इसी एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ मैच को लेकर बवाल मचा हुआ है. कुछ लोग इस मैच के विरोध में हैं. वहीं कुछ लोग चाहते हैं कि पाकिस्तान के साथ खेलकर उसे हराया जाए. अगर भारत, पाकिस्तान के खिलाफ नहीं खेलता है तो इससे ओलंपिक में क्वालीफाई करने के लिए टीम इंडिया को काफी नुकसान हो सकता है.

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Putrada Ekadashi 2025: पुत्रदा एकादशी पर राशि अनुसार करें इन मंत्रों का जाप, होगी मनोकामना पूरी

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हिंदू धर्म में एकादशी तिथि को बहुत ही शुभ और पुण्य फलदायी माना जाता है. इस दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा-अराधना की जाती है. हर मास शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में दो एकादशी तिथि पड़ती है. सावन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि में पड़ने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है. जोकि मंगलवार 5 अगस्त 2025 को है.

पुत्रदा एकादशी का व्रत और पूजन करने से जातक को संतान सुख की प्राप्ति होती है. संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले दंपति को यह व्रत अवश्य करना चाहिए. इसके अलावा यह व्रत संतान की सुरक्षा, सफलता और सुखद पारिवारिक जीवन के लिए भी रखा जाता है.

ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास के अनुसार, एकादशी पूजन में कथा, पाठ, विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ आदि भी किया जाता है. साथ ही पूजा के दौरान भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप भी करना चाहिए. लेकिन अगर आप अपनी राशि के अनुसार मंत्रों का जाप करेंगे तो, इससे आपकी मनोकामना पूर्ण होगी.

राशि अनुसार मंत्रों का जाप (Mantra Jaap According to Zodiac Sign)

मेष राशि (Mesh Rashi)- ‘ऊँ श्री प्रभवे नम: और ॐ महाकन्यायै नमः’ मंत्र का जाप करें.

वृषभ राशि (Vrishabh Rashi)- ‘ऊँ श्री सुरेशाय नम: और ॐ महादेव्यै नमः’ मंत्र का जाप करें.

मिथुन राशि (Mithun Rashi)- पुत्रदा एकादशी की पूजा के दौरान ‘ऊँ श्री कमलनयनाय नम: और ॐ त्रिपुरायै नमः’ मंत्र का जाप करें.

कर्क राशि (Kark Rashi)- कर्क राशि वाले ‘ऊँ श्री धनंजाय नम: और ॐ कामाक्ष्यै नमः’ मंत्र का जाप करें.

सिंह राशि (Singh Rashi)‘ऊँ श्री कृष्णाय नम: और ॐ देव्यै नमः’ मंत्र का जाप करना लाभकारी रहेगा.

कन्या राशि (Kanya Rashi)- पूजा के समय ‘ ऊँ श्री विष्णवे नम: और ॐ परमायै नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं.

तुला राशि (Tula Rashi)- ‘ऊँ श्री भूभवे नम: और ॐ देवमात्रे नमः मंत्र का जाप करें. इससे भगवान विष्णु के साथ ही देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होंगी.

वृश्चिक राशि (Vrishchik Rashi)- ‘ऊँ श्री प्रजापतये नम: और ॐ मोहिन्यै नमः’ मंत्र का जाप करें.

धनु राशि (Dhanu Rashi)- आप ‘ऊँ श्री उपेन्द्राय नम: और ॐ चन्द्रिकायै नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं.

मकर राशि (Makar Rashi)- ‘ऊँ श्री शत्रुजिते नम: और ॐ हरिप्रियायै नमः’ मंत्र का जाप करें.

कुंभ राशि (Kumbh Rashi)- इस राशि के जातक ‘ऊँ श्री माधवाय नम: मंत्र का जाप करें.

मीन राशि (Meen Rashi)- पूजा के समय ‘ऊँ श्री हिरण्यगर्भाय नम: और ॐ सिद्धलक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप करें.

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q. क्या हर राशि के लिए अलग मंत्र होता है?

A. हां, हर राशि का ग्रह अलग है. राशि की प्रकृति के अनुसार विशिष्ट मंत्र भी होते हैं.

Q. मंत्र का जाप किस दिशा में करना चाहिए?

A. मंत्र जाप करते समय जाकत का मुख उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए.

Q.क्या सिर्फ व्रत के दौरान ही मंत्र जाप कर सकते हैं?

A. नहीं, ऐसा नहीं है. अगर आप व्रत ना भी रखें तो श्रद्धा से मंत्र जाप कर सकते हैं.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.ो

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Infinix GT 30 5G Plus: 8 अगस्त को होगा लॉन्च, गेमिंग के शौकीनों के लिए दमदार फीचर्स के साथ आएगा

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अगर आप एक नया गेमिंग स्मार्टफोन खरीदने की सोच रहे हैं तो आपके लिए एक अच्छी खबर है. Infinix GT 30 5G Plus अगले हफ्ते, 8 अगस्त दोपहर 12 बजे भारत में लॉन्च होने जा रहा है. कंपनी ने लॉन्च से पहले ही इसके कई दमदार फीचर्स का खुलासा कर दिया है, जिससे यह साफ हो गया है कि यह फोन खास तौर पर गेमिंग लवर्स के लिए तैयार किया गया है.

Flipkart पर हुआ लिस्ट, डिजाइन और कलर ऑप्शन का खुलासा

फोन के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइट Flipkart पर एक डेडिकेटेड पेज भी लाइव हो चुका है, जहां से इसके डिजाइन और कलर ऑप्शन की जानकारी मिलती है. Infinix GT 30 5G+ को प्लस ग्रीन, साइबर ब्लू और ब्लेड व्हाइट जैसे तीन आकर्षक रंगों में पेश किया जाएगा. फोन के बैक साइड में नथिंग फोन की तरह लाइटिंग डिजाइन देखने को मिलेगी, जिसे कंपनी ने साइबर मेचा डिजाइन 2.0 नाम दिया है.

दमदार परफॉर्मेंस और गेमिंग के लिए स्पेशल ट्रिगर बटन

फोन में MediaTek Dimensity 7400 प्रोसेसर मिलेगा, जो 7,79,000+ Antutu स्कोर के साथ आता है. यह चिपसेट 25% ज्यादा पावर एफिशिएंसी देने का दावा करता है. इसके साथ फोन में 16GB तक RAM और 256GB तक स्टोरेज का ऑप्शन मिलेगा. गेमिंग अनुभव को और बेहतर बनाने के लिए इसमें GT शोल्डर ट्रिगर बटन भी दिया गया है, जो क्विक लॉन्च, कैमरा कंट्रोल और वीडियो प्लेबैक में काम आएगा.

शानदार डिस्प्ले और AI फीचर्स से लैस

फोन में 1.5K रेजोल्यूशन वाली AMOLED डिस्प्ले दी गई है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट, 10-बिट कलर डेप्थ, 4500 निट्स पीक ब्राइटनेस और Gorilla Glass 7i प्रोटेक्शन के साथ आएगी. इसके अलावा, फोन में एडवांस्ड AI फीचर्स भी मिलेंगे जो स्मार्टफोन को और ज्यादा यूजर-फ्रेंडली बनाते हैं.

5 अगस्त को बाकी फीचर्स से उठेगा पर्दा

Infinix ने कुछ प्रमुख फीचर्स का खुलासा कर दिया है, लेकिन बाकी स्पेसिफिकेशन से कंपनी 5 अगस्त को पर्दा उठाएगी.

अन्य लॉन्चिंग अपडेट

आपको बता दें कि Infinix GT 30 5G Plus के अलावा, Vivo T4R 5G की सेल भी अगले हफ्ते 5 अगस्त दोपहर 12 बजे से शुरू हो रही है. यह फोन भारत का सबसे पतला क्वाड कर्व्ड डिस्प्ले फोन है और इसे भी Flipkart के जरिए खरीदा जा सकेगा.

इसमें 6.77 इंच की क्वाड कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले, MediaTek Dimensity 9400 दमदार प्रोसेसर, 120Hz रिफ्रेश रेट+ 2160Hz PWM डिमिंग सपोर्ट, Diamond Shield ग्लास प्रोटेक्शन, IP68 और IP69 वाटर-डस्ट रेसिस्टेंट, Google Circle to Search, AI Note Assist जैसे एडवांस फीचर्स हैं.

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मेडिकल स्टूडेंट्स पर भारी पड़ रहा बिहार सरकार का फैसला, प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों ने डबल की फीस

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अगर आप बिहार में MBBS करने का सपना देख रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. बिहार के निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को अब भारी भरकम फीस का सामना करना पड़ सकता है. दरअसल, निजी मेडिकल कॉलेजों ने संकेत दिए हैं कि यदि सरकार का मौजूदा आदेश पूरी तरह लागू होता है, तो बाकी बची 50% सीटों पर छात्रों से 30 से 40 लाख रुपये तक वसूले जा सकते हैं.

बिहार सरकार ने यह आदेश दिया है कि निजी मेडिकल कॉलेजों की 50 प्रतिशत सीटों पर सरकारी मेडिकल कॉलेजों जैसी कम फीस ही ली जाए. यानी हर साल सिर्फ करीब 1.2 से 1.5 लाख रुपये में MBBS की पढ़ाई का मौका मिल सकेगा. ये नियम कुल 9 निजी मेडिकल कॉलेजों की लगभग 1350 MBBS सीटों में से 675 सीटों पर लागू होगा.

इस फैसले का फायदा तो हजारों छात्रों को मिलने वाला है लेकिन अब कॉलेज प्रशासन ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. उनका कहना है कि अगर आधी सीटों पर कम फीस ली जाएगी, तो वे बाकी की आधी सीटों पर भारी फीस वसूलने को मजबूर होंगे, जिससे छात्र 5 साल की पढ़ाई में कुल 30 से 40 लाख रुपये तक चुकाने को मजबूर हो सकते हैं.

महंगी होगी फीस?

इसका सीधा असर उन छात्रों पर पड़ेगा जिन्हें सरकारी फीस पर सीट नहीं मिलेगी. पहले से ही निजी कॉलेजों में मैनेजमेंट कोटा की फीस 8 से 16 लाख रुपये सालाना तक होती है और अब यह और भी महंगी हो सकती है. यानी मेडिकल की पढ़ाई सिर्फ अमीर तबके तक सीमित रह सकती है.

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कम खर्च में डॉक्टर

हालांकि जिन छात्रों का चयन कम फीस वाली सीटों पर हो जाएगा, उनके लिए यह किसी वरदान से कम नहीं होगा. उन्हें कम खर्च में डॉक्टर बनने का मौका मिल सकता है. खासकर ग्रामीण इलाकों, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और ओबीसी छात्रों को इस नीति से बड़ा फायदा मिल सकता है.

क्या बोले प्राइवेट मेडिकल कॉलेज

प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों का कहना है कि यदि सरकार इतनी कम फीस पर सीट भरवाना चाहती है, तो उन्हें वित्तीय सहायता भी देनी चाहिए. वरना कॉलेजों की आर्थिक हालत बिगड़ सकती है और संस्थान चलाना मुश्किल हो जाएगा.

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Viral: सड़क पर बैठे बेल को तेज रफ्तार कार ने कुचला, घिसटता चला गया बेल, वीडियो वायरल

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Himachal Pradesh News: अक्सर आपने देखा होगा कि गाय, भैस, सांड और बैल थक कर आराम करने के लिए सड़क के किनारे या कही भी बैठ जाते हैं. कई वीडियोज सोशल मीडिया पर वायरल भी होते रहते है, जिसमें  बीच सड़क पर जानवरों के लड़ाई होने के या बीच रोड़ पर बैठने पर होने वाले हादसे के भी कई वीडियो वायरल होते रहते है.

एक ऐसा ही वीडियो हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में शिमला-मटौर नेशनल हाईवे  (NH-5) से सामने आया है, जहां एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पर बैठे एक आवारा बैल को कुचल दिया और उसे कुछ दूरी तक घसीटते हुए ले गई. ये एक बड़ा ही भयावह हादसा था, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

ड्राइवर हादसे के बाद मौके से फरार हुआ

बताया जा रहा है कि इस घटना के बाद बैल गंभीर रूप से घायल हो गया और सड़क पर तड़पता रहा. वह न तो खड़ा हो पा रहा था और न ही चल पा रहा था. पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. कार ड्राइवर हादसे के बाद मौके से फरार हो गया. हादसे के बाद कई गुजरती हुई कारें और एक टेम्पो बैल से बचने के लिए रास्ता बदलते दिखें, लेकिन कोई भी रुककर उसकी मदद नहीं कर पाया. कार ड्राइवर ने हादसे के बाद गाड़ी नहीं रोकी और वहां से निकल गया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया.

ड्राइवर को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश जारी

वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग ड्राइवर की लापरवाही के खिलाफ गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. बिलासपुर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेद के आधार पर जांच शुरू कर दी है. यह घटना सड़क सुरक्षा और आवारा पशुओं की समस्या पर गंभीर सवाल उठाती है. डीएसपी बिलासपुर ने बताया कि हादसे की जांच जारी है और ड्राइवर को जल्द से जल्द पकड़ने की कोशिश की जा रही है.


खाने की तलाश में हाथी ने जाम कर दिया हाईवे! ट्रकों में टटोले बैग और फिर…वीडियो हो रहा वायरल

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भूख न जात-पात देखती है, न जंगल-शहर. इंसान हो या जानवर, जब पेट में चूहे दौड़ते हैं, तो शेर भी सयंमी हो जाता है और हाथी भाई, हाथी तो सीधे ट्रैफिक रोक देता है. जी हां, ऐसा ही कुछ हुआ ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में, जहां एक जंगली हाथी पेट की पुकार सुनकर सीधा सड़क पर आ धमका. ना कोई हुंकार, ना तांडव बस आंखों में भूख और सूंड में उम्मीद लेकर वो ट्रकों के बीचों-बीच खड़ा हो गया, जैसे कह रहा हो “कुछ खिलाओ यार, बहुत दिन से कुछ सही नहीं खाया.” वीडियो देखने के बाद आप भी हैरान तो होंगे ही साथ ही भावुकता के साथ आपकी आंखों में आंसू भी आ जाएंगे.

भूख से परेशान हाथी ने रोक लिया ट्रैफिक

पूरा मामला सुंदरगढ़ के कोइड़ा बनखंड इलाके का है, जहां सागरगढ़-मंडीजोड़ा रोड पर एक जंगली हाथी सड़क पर आ गया. ये रास्ता आम तौर पर व्यस्त रहता है और उस वक्त भी वहां एल्युमीनियम से लदे कई भारी-भरकम ट्रक जा रहे थे. तभी अचानक जंगल की ओर से हाथी आया और ट्रैफिक के बीच खड़ा हो गया. उसे देखकर ट्रक ड्राइवरों की हालत थोड़ी देर के लिए पतली हो गई कोई हॉर्न बजाने की हिम्मत नहीं कर पाया, कोई ट्रक से नीचे नहीं उतरा. सबने गाड़ियां रोक दीं और खुद भी रुक गए.

लेकिन जो आगे हुआ, उसने सबके चेहरे पर हैरानी और मुस्कान दोनों ला दी. हाथी सीधा एक ट्रक के पास गया, सूंड ऊपर उठाई और ड्राइवर की खिड़की से एक बैग उठा लिया. उस बैग को अपनी सूंड में पकड़कर वो बड़ी शांति से सूंघने लगा. जैसे बच्चे टिफिन में झांककर देखते हैं “क्या लाए हैं आज?” वैसे ही हाथी महाशय बैग को सूंघ रहे थे. जब उन्हें लगा कि उसमें कोई स्वादिष्ट चीज नहीं है, तो उन्होंने बैग वहीं छोड़ दिया और आगे बढ़ गए. न किसी को मारा, न डराया बस खाने की तलाश की और आगे बढ़ गए.

ट्रक वालों का बैग टटोलने लगा हाथी

बताया जा रहा है कि यह हाथी अपने झुंड से बिछड़ गया था. शायद जंगल में खाना नहीं मिल पाया, इसलिए इंसानी इलाकों में चला आया. उसकी चाल में न कोई आक्रामकता थी, न कोई गुस्सा बस पेट पूजा का मिशन था और कुछ नहीं. गौर करने वाली बात ये है कि ऐसी घटनाएं अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं हैं. जून में थाईलैंड के खाओ याई राष्ट्रीय उद्यान के पास भी ऐसा ही एक दृश्य रिकॉर्ड हुआ. वहां एक भूखा हाथी जिसका नाम स्थानीय लोग ‘प्लाई बियांग लेक’ के नाम से जानते हैं एक दुकान में घुस गया था. कैमरे में कैद इस वीडियो में हाथी को आराम से दुकान में टहलते और खाने की चीजें सूंघते देखा गया था.

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यूजर्स हुए हैरान

वीडियो को सोशल मीडिया पर अलग अलग प्लेटफॉर्म से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…भूख सभी को लगती है, चूहे हर किसी के पेट में दौड़ते हैं. एक और यूजर ने लिखा…भाई उसे कुछ दे दो, यूं ही भूखा मत जाने दो. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भूख हाथी को भी परेशान कर देती है.

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संजय कपूर की मौत मामले में उनकी मां ने यूके पुलिस को लिखा पत्र, हत्या और साजिश का लगाया आरोप

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सोना ग्रुप के पूर्व चेयरमैन संजय कपूर की लंदन में हुई मौत के मामले में एक नया मोड़ सामने आया है. मृतक संजय कपूर की मां रानी कपूर ने इस हफ्ते अपने बेटे की मौत में अंतरराष्ट्रीय साजिश और हत्या की आशंका जताते हुए यूनाइटेड किंगडम (UK) की पुलिस को एक चिट्ठी लिखी है.

यूके पुलिस के लिखी चिट्ठी में मृतक संजय कपूर की मां रानी कपूर ने दावा किया है कि उनके पास कई पुख्ता सबूत हैं, जो इस बात का इशारा करती है कि उनके बेटे की मौत किसी दुर्घटना या प्राकृतिक रूप से नहीं हुई थी बल्कि उनकी मौत में साजिश, हत्या, धोखेबाजी और जालसाजी जैसे आपराधिक गतिविधियां शामिल हो सकती हैं.

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास ऐसे रिकॉर्ड हैं जो धोखेबाजी, संपत्ति के संदिग्ध ट्रांसफर, संदेहास्पद कानूनी फाइलिंग और उन लोगों की मिलीभगत की ओर इशारा करते हैं, जिन्हें उनकी (संजय कपूर की) मौत से आर्थिक रूप से फायदा हो सकता है. बता दें कि रानी कपूर का इशारा संजय कपूर की दूसरी पत्नी प्रिया सचदेव कपूर की ओर था.

ब्रिटिश अधिकारियों के लिखी चिट्ठी में क्या बोलीं रानी कपूर

रानी कपूर ने ब्रिटिश अधिकारियों को लिखे अपने पत्र में कहा, “ऐसे कई ठोस कारण हैं जो यह यकीन दिलाते हैं कि उनकी मौत को जानबूझकर और को-ऑर्डिनेशन के साथ एक अंतरराष्ट्रीय साजिश के तहत रचा गया, जिसमें यूनाइटेड किंगडम (UK), भारत और संभावित रूप से अमेरिका के लोगों या संस्थाओं की मिलीभगत हो सकती है.”

उन्होंने कहा, “मामले की गंभीरता और ब्रिटिश कानूनों के तहत हत्या, आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे अपराधों को देखते हुए मैं विनम्रता से अनुरोध करती हूं कि इस पर तुरंत एक औपचारिक शिकायत दर्ज की जाए और आपराधिक जांच शुरू की जाए.”

उल्लेखनीय है कि 53 साल के संजय कपूर की मौत लंदन में पोलो खेलते वक्त 12 जून को हो गई थी. शुरुआत में मौत का कारण दिल का दौरा बताया गया था, लेकिन कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया कि उनके मुंह में एक मधुमक्खी घुस गई थी, जिसके कारण उन्हें एनाफिलेक्टिक शॉक आया था.

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2008 ब्लास्ट केस पर फिल्म ‘मालेगांव फाइल्स’ अनाउंस, इसी साल पूरी हो सकती है शूटिंग

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प्रोड्यूसर साहिल सेठ ने अपनी प्रोडक्शन कंपनी CINEDUST 18 FILMS PVT. LTD. के बैनर तले एक दमदार फिल्म ‘मालेगांव फाइल्स’ की अनाउंस की है. ‘माय फ्रेंड गणेशा’ जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले निर्देशक राजीव एस रूइया इस फिल्म का निर्देशन करेंगे. ये फिल्म 2008 में हुए मालेगांव बम धमाके पर आधारित है.

मालेगांव बम धमाका एक ऐसा मामला रहा है जो भारत के सबसे कंट्रोवर्शियल और राजनीतिक तौर पर संवेदनशील आतंकवाद मामलों में से एक रहा है. फिल्म इस नाजुक घटना की गहराई में जाकर उन पहलुओं को हाइलाइट करेगी जो सालों तक इंसाफ, राजनीति और जांच एजेंसियों के कामकाज को लेकर सवाल उठाते रहे.

प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है फिल्म
‘मालेगांव फाइल्स’ फिलहाल फिल्म प्री-प्रोडक्शन स्टेज में है और इसके लिए जल्द ही कास्ट और क्रू को लॉक कर लिया जाएगा. मेकर्स के मुताबिक फिल्म का मकसद 2008 के मालेगांव बम धमाकों को संवेदनशीलता और रिएलिटी के साथ पेश करना है. ये वो हादसा था जिसने न सिर्फ देश को झकझोर दिया था, बल्कि एक लंबे और जटिल कानूनी संघर्ष की शुरुआत भी की थी. जिसमें जांच एजेंसियों की विफलताओं कथित हिरासत में टार्चर और जस्टिस मैनेजमेंट की इम्पर्तिऑलिटी पर भी सवाल उठे.

डायरेक्टर ने फिल्म पर दिया ऐसा रिएक्शन
डायरेक्टर राजीव एस रूइया ने कहा-
’ये सिर्फ एक धमाके की कहानी नहीं है, ये उस तूफान की कहानी है जो उसके बाद आया. इसमें ह्यूमन स्ट्रगल है, राजनीतिक दवाब है, सच्चाई की खोज है और पीड़ितों और आरोपियों के परिवारों की इमोशनल और कानूनी जंग है. मालेगांव फाइल्स हमारी कोशिश है उस कड़वे सच को पर्दे पर लाने की.’

क्या है मालेगांव बम धमाका?
2008 का मालेगांव धमाका 29 सितंबर को हुआ था, जिसमें 6 लोगों की जान चली गई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे. शुरुआत में इसका आरोप इस्लामिक ऑर्गनाइजेशन पर लगा, लेकिन बाद की जांच में हिंदू एक्सट्रिमिज़्म से जुड़े तत्वों के नाम सामने आए, जिसमें साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर और लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित जैसी विवादास्पद हस्तियों की गिरफ्तारी हुई. ये भारत का पहला मामला था जिसे ‘हिंदुत्व आतंकवाद’ से जोड़ा गया. इस केस में हाल ही में अदालत ने सभी सातों आरोपियों को बरी कर दिया.

मेकर्स ने फिल्म को लेकर दी क्लैरिटी
प्रोड्यूसर साहिल सेठ ने कहा- ‘हम इस विषय को पूरी जिम्मेदारी के साथ पेश कर रहे हैं. हमारा मकसद सनसनी फैलाना नहीं है, बल्कि लोगों को सोचने पर मजबूर करना है, न सिर्फ धमाके को लेकर, बल्कि उसके बाद जो कुछ हुआ उसे लेकर भी.’ मेकर्स ने ये भी साफ किया है कि फिल्म की स्क्रिप्ट अलग-अलग जांच रिपोर्टों, कोर्ट डॉक्यूमेंट्स और असली गवाहियों के आधार पर तैयार की जा रही है, ताकि कहानी में रियलिटी और इम्पार्शीऐलिटी बनी रहे. फिल्म में नाटक जरूर होगी, लेकिन टीम ने ये वादा किया है कि सच्चाई से समझौता नहीं किया जाएगा.

फिल्म की शूटिंग और कास्ट
फिल्म से जुड़े सूत्रों के मुताबिक इसमें कई जाने-माने और गंभीर एक्टिंग के लिए पहचाने जाने वाले कलाकारों को शामिल किए जाने की संभावना है. फिल्म की शूटिंग 2025 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है. कास्ट और शूटिंग से जुड़ी ज्यादा जानकारी जल्द ही शेयर की जाएगी.

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Vivo T4R 5G vs Moto G86 Power 5G: 20 हजार रुपये की रेंज में किसे खरीदना होगा फायदेमंद, जानें कौ

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Vivo T4R 5G vs Moto G86 Power 5G: भारतीय स्मार्टफोन मार्केट में Vivo ने एक नया बजट 5G डिवाइस Vivo T4R 5G लॉन्च किया है जिसकी कीमत 20,000 रुपये से कम है. इसका स्टाइलिश डिज़ाइन, दमदार बैटरी और MediaTek Dimensity 7400 प्रोसेसर इसे यूथ के बीच काफ़ी पॉपुलर बना रहा है. लेकिन इसी सेगमेंट में Moto G86 Power 5G भी मौजूद है जो Vivo के इस नए स्मार्टफोन को कड़ी टक्कर देता है. यदि आप भी इस बजट में एक बढ़िया 5G स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं तो यहां हम दोनों फोनों की तुलना कर रहे हैं ताकि आप समझदारी से चुनाव कर सकें.

डिजाइन और डिस्प्ले में किसका पलड़ा भारी?

Vivo T4R 5G का डिज़ाइन काफी हद तक Vivo V50 सीरीज़ जैसा है. इसमें टेक्सचर्ड बैक पैनल, पिल-शेप कैमरा मॉड्यूल और डुअल कैमरा सेटअप दिया गया है. फोन सिर्फ 7.39mm पतला है और इसका वजन 183.5 ग्राम है. इसके अलावा, यह IP68/69 वॉटर-डस्ट रेसिस्टेंस के साथ मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन के साथ आता है.

दूसरी ओर, Moto G86 Power 5G का डिज़ाइन Motorola के क्लासिक लुक के साथ आता है. यह थोड़ा मोटा (7.8mm) है लेकिन वजन के मामले में Vivo के बराबर ही है. इसमें भी वही IP68/69 और MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन मिलता है.

Vivo T4R 5G vs Moto G86 Power 5G: डिस्प्ले

डिस्प्ले की बात करें तो Vivo T4R 5G में 6.77-इंच की क्वाड-कर्व्ड AMOLED स्क्रीन दी गई है जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करती है. वहीं, Moto G86 Power 5G में 6.67-इंच की pOLED सुपर डिस्प्ले है जो 120Hz रिफ्रेश रेट और जबरदस्त 4500 निट्स ब्राइटनेस के साथ आती है.

Vivo T4R 5G vs Moto G86 Power 5G: परफॉर्मेंस और बैटरी

दोनों ही फोनों में MediaTek Dimensity 7400 5G चिपसेट का इस्तेमाल हुआ है. लेकिन RAM और स्टोरेज ऑप्शंस में फर्क है Vivo T4R 5G में 12GB तक RAM और 256GB स्टोरेज का विकल्प मिलता है जबकि Moto G86 Power 5G सिर्फ 8GB RAM और 128GB स्टोरेज के साथ आता है.

बैटरी के मामले में Vivo T4R 5G में 5700mAh की बैटरी दी गई है जो 44W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है. वहीं, Moto G86 Power में 6720mAh की बड़ी बैटरी है, लेकिन चार्जिंग थोड़ी स्लो है सिर्फ 33W फास्ट चार्जिंग मिलती है.

कैमरा कैसा है?

Vivo T4R 5G में Sony IMX882 सेंसर वाला 50MP का प्राइमरी कैमरा है जिसके साथ 2MP का डेप्थ सेंसर मिलता है. फ्रंट में 32MP का सेल्फी कैमरा दिया गया है. दूसरी ओर, Moto G86 Power 5G में 50MP का Sony LYT-600 सेंसर वाला मेन कैमरा, 8MP अल्ट्रावाइड लेंस और एक 3-in-1 फ्लिकर सेंसर दिया गया है. इसमें भी 32MP का फ्रंट कैमरा है जो सेल्फी लवर्स को पसंद आएगा.

कीमत और आपकी चॉइस

Vivo T4R 5G की शुरुआती कीमत 17,499 रुपये है (8GB+128GB वैरिएंट), जबकि Moto G86 Power 5G की कीमत 17,999 रुपये रखी गई है. दोनों की कीमत में थोड़ा अंतर है लेकिन फीचर्स और परफॉर्मेंस में भी एक-दूसरे से मुकाबला है.

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