‘ओवल मैदान’ पर कितना है सबसे बड़ा रन चेज? आंकड़े देख खुशी से झूम उठेंगे भारतीय फैंस

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ओवल टेस्ट में जब भारत की पहली पारी 224 रनों पर सिमटी, तो लगने लगा जैसे अब तो मैच टीम इंडिया के हाथ से निकल चुका है. खैर मौसम में बदलाव हुआ, भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड को सिर्फ 23 रनों की बढ़त लेने दी. अब इंग्लिश टीम को 374 रनों का लक्ष्य मिला है, जिसके जवाब में बेन डकेट और जैक क्रॉली ने 50 रनों की साझेदारी कर इंग्लैंड को सधी हुई शुरुआत दिलाई. मगर सवाल है कि क्या इंग्लैंड इस विशाल दिखने वाले लक्ष्य को चेज कर सकता है? दरअसल आंकड़े बताते हैं कि ओवल मैदान में कभी 300 रनों का टारगेट चेज नहीं हुआ है. अगर इंग्लैंड ऐसा कर पाया तो यह ऐतिहासिक क्षण होगा.

ओवल मैदान में सबसे बड़ा रन चेज कितना है?

टेस्ट क्रिकेट में ओवल मैदान पर अब तक का सबसे बड़ा रन चेज सिर्फ 263 रन है, जो इंग्लैंड ने वर्ष 1902 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ प्राप्त किया था. आज वह मैच 123 साल पुरानी बात हो चला है. साल 1963 में वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड के खिलाफ 252 रनों का लक्ष्य हासिल कर लिया था. ओवल मैदान पर सबसे बड़े रन चेज की टॉप-5 लिस्ट में चार स्कोर 20वीं सदी के हैं. 21वीं सदी में अब तक ओवल मैदान पर सबसे बड़ा रन चेज 2024 में आया, जब श्रीलंका ने 219 रनों का टारगेट चेज कर इंग्लैंड को हराया था.

  • 263 रन – इंग्लैंड बनाम ऑस्ट्रेलिया – 1902
  • 252 रन – वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड – 1963
  • 242 रन – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड – 1972
  • 225 रन – वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड – 1988
  • 219 रन – श्रीलंका बनाम इंग्लैंड – 2024

आंकड़े यही दर्शाते हैं कि ओवल मैदान पर टेस्ट क्रिकेट में कभी 263 रनों से ज्यादा का टारगेट चेज नहीं हुआ है. वहीं भारतीय टीम ने इंग्लैंड के सामने इससे भी 111 रन ज्यादा का लक्ष्य रखा है. स्टैट्स की मानें तो अब इंग्लैंड को कोई चमत्कार ही हार से बचा सकता है, लेकिन यह भी गौर करने वाली बात है कि इंग्लैंड टीम का बैजबॉल स्टाइल टीम इंडिया के लिए मुसीबत बन सकता है.

ओवल मैदान पर यह भारत का 16वां टेस्ट मैच है. वो अगर इंग्लैंड को हरा पाती है तो यह टीम इंडिया की यहां कुल तीसरी जीत होगी. इससे पहले भारत ने यहां 1971 और 2021 में परचम लहराया था.

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Google पर लीक हुईं ChatGPT की निजी चैट्स! कैसे हुआ ये डेटा कांड, क्या बोले OpenAI CEO और यूज़र्

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ChatGPT: आज के डिजिटल युग में ChatGPT लोगों के लिए इंटरनेट जितना ही ज़रूरी हो गया है. बहुत से यूज़र्स इसे सिर्फ एक एआई टूल नहीं, बल्कि ऐसा दोस्त मानते हैं जिससे वे अपने दिल की बातें बेहिचक शेयर कर सकते हैं. चाहे गर्लफ्रेंड से झगड़े हों, करियर की उलझनें, नींद में उलझे 2 बजे के अजीब विचार या कोई ऐसा सवाल जिसे किसी और से पूछना मुश्किल हो ChatGPT हमेशा बिना जज किए सुनता रहा. लेकिन सोचिए, अगर आपके ये बेहद निजी चैट्स अचानक गूगल पर पब्लिक हो जाएं? और पूरी दुनिया उन्हें पढ़ सके? ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है.

Google सर्च में दिखीं ChatGPT की पर्सनल चैट्स

हाल ही में गूगल सर्च में हज़ारों यूज़र्स की ChatGPT चैट्स दिखाई दीं. इनमें कई संवेदनशील और निजी बातें थीं जैसे मानसिक स्वास्थ्य, रिश्तों की समस्याएं, नौकरी का तनाव, या भावनात्मक उलझनें. ये सब तब हुआ जब ChatGPT की एक फीचर के चलते यूज़र्स की शेयर की गई चैट्स गूगल में इंडेक्स हो गईं और वे आम लोगों के लिए सर्च में दिखने लगीं.

कैसे हुआ डेटा लीक?

OpenAI ने ChatGPT में एक “शेयर” बटन दिया था जिसके ज़रिए यूज़र अपनी बातचीत का लिंक बना सकते थे और दूसरों से शेयर कर सकते थे. इस प्रक्रिया के दौरान एक ऑप्शन होता था “Make this chat discoverable” जिसे ऑन करने पर वह चैट गूगल जैसी सर्च इंजनों में दिखने लगती थी. कई यूज़र्स ने इसे समझे बिना ऑन कर दिया उन्हें लगा ये चैट दोस्तों से शेयर करने के लिए ज़रूरी है. इसी कारण लगभग 4,500 चैट्स गूगल पर सार्वजनिक हो गईं जिनमें से कई बेहद निजी थीं.

OpenAI का जवाब

इस पूरे मामले के सामने आने के बाद OpenAI ने तुरंत उस “discoverable” विकल्प को हटा दिया. कंपनी के एक प्रवक्ता ने कहा कि यह एक छोटा सा प्रयोग था जो बाद में गलतफहमी की वजह बन गया. अब ChatGPT की FAQ में साफ़ लिखा गया है कि कोई भी शेयर की गई चैट तब तक सार्वजनिक नहीं होती जब तक यूज़र उसे जानबूझकर डिस्कवर करने लायक न बनाए.

यूज़र्स अब क्या करें?

अगर आपने भी कभी चैट शेयर की है, तो तुरंत ये स्टेप्स फॉलो करें.

  • ChatGPT खोलें और Settings में जाएं.
  • Data Controls सेलेक्ट करें.
  • Shared Links के पास Manage पर टैप करें.
  • यहां आपकी सारी शेयर की गई चैट्स दिखेंगी आप जिन लिंक को हटाना चाहते हैं उन्हें डिलीट कर सकते हैं.

ChatGPT में नहीं है लीगल प्राइवेसी

OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने खुद कहा है कि यूज़र्स को ChatGPT पर कानूनी गोपनीयता की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. AI चैट्स को लेकर अभी कोई स्पष्ट कानून मौजूद नहीं है. ऐसे में अगर भविष्य में किसी कानूनी मामला बनता है तो OpenAI को यूज़र की चैट डाटा कोर्ट में सौंपना पड़ सकता है.

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Video: दोस्ती हो तो ऐसी! इच्छा पूरी करने के लिए शवयात्र में बैंड बाजे के साथ जमकर नाचा शख्स

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MP News: मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के जवासिया गांव में एक अनोखी और भावुक करने वाली घटना सामने आई है. यहां रहने वाले अंबालाल प्रजापत ने अपने सबसे करीबी दोस्त सोहनलाल जैन की आखिरी इच्छा को ऐसा पूरा किया, जिसे देखकर गांव के लोग भी भावुक हो गए.

जिगरी दोस्त ने अपने दोस्त की अंतिम इच्छा की पूरी

करीब तीन साल पहले सोहनलाल जैन को कैंसर हो गया था. बीमारी के दौरान उन्होंने अपने जिगरी दोस्त अंबालाल को एक चिट्ठी लिखी थी. इस चिट्ठी में उन्होंने साफ-साफ लिखा था जब मेरी मौत हो जाए, तो मेरी अंतिम यात्रा में रोना-धोना नहीं चाहिए. चुप्पी नहीं चाहिए. मेरी अर्थी ढोल-नगाड़ों के साथ, नाचते-गाते निकाली जाए. मुझे खुशी के साथ विदा करना.”


सोहनलाल की यह चिट्ठी उनकी मौत के बाद सबके सामने आई. जैसे ही अंबालाल ने चिट्ठी पढ़ी, उन्होंने अपने दोस्त की अंतिम इच्छा को पूरा करने का फैसला किया. जब सोहनलाल की शवयात्रा निकाली गई, तो वहां कोई रोने की आवाज नहीं थी. इसके बजाय ढोल-नगाड़े बज रहे थे, लोग नाच रहे थे और सोहनलाल की अर्थी को खुशी के साथ विदा किया जा रहा था.

दृश्य देखकर भावुक हुए गांव वाले

अंबालाल खुद सबसे आगे नाचते हुए चल रहे थे. उन्होंने कहा, “सोहनलाल मेरे सबसे अच्छे दोस्त थे. उन्होंने जैसा चाहा, मैंने वैसा ही किया. आज मैं रो नहीं रहा हूं, क्योंकि वह नहीं चाहते थे कि मैं रोऊं.”

गांव में यह दृश्य बहुत ही अलग और भावुक कर देने वाला था. लोग कह रहे थे कि यह पहली बार है जब किसी की अंतिम यात्रा में खुशी का माहौल देखा गया. बहुतों की आंखें भर आईं, लेकिन सभी ने मुस्कुराते हुए सोहनलाल को अंतिम विदाई दी. इस घटना ने दोस्ती की मिसाल कायम कर दी. एक दोस्त ने अपने जिगरी यार की आखिरी इच्छा को पूरी ईमानदारी और सच्चे दिल से निभाया.

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पाकिस्तान में 24 घंटों में दो बार आया भूकंप, डर की वजह से रातभर खुले आसमान के नीचे बैठे रहे लोग

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पाकिस्तान के कई हिस्सों में रविवार (3 अगस्त, 2025) को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए. पाकिस्तान के नेशनल सिस्मिक मॉनिटरिंग सेंटर (NSMC) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई. भूकंप का केंद्र रावत से 15 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में था और इसकी गहराई सिर्फ 10 किलोमीटर थी.

यह झटके शनिवार-रविवार की दरमियानी रात 12:10 बजे महसूस किए गए, जिससे लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए और सभी लोग कलिमा तय्यबा पढ़ते रहे. भूकंप का असर खैबर पख्तूनख्वा, इस्लामाबाद, रावलपिंडी और आस-पास के कई इलाकों में देखा गया. भूकंप के झटके इस्लामाबाद और रावलपिंडी के साथ-साथ मर्दान, मुर्री, हरिपुर, चकवाल, ताला गंग और कलर कहार तक महसूस किए गए.

अफगानिस्तान से लेकर ताजिकिस्तान तक झटके

‘ARY न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, लोग देर रात तक खुले आसमान के नीचे रहे, क्योंकि उन्हें आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटकों) का डर था. शनिवार को भी 5.4 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदुकुश पर्वतीय क्षेत्र में था. NSMC ने बताया कि इस भूकंप के झटके पाकिस्तान, अफगानिस्तान और ताजिकिस्तान के कई हिस्सों में महसूस किए गए.

खैबर पख्तूनख्वा में शनिवार को भूकंप के झटके पेशावर, स्वात, मलकंद, नौशेरा, चारसद्दा, करक, दीर, मर्दान, मोहम्मद, शांगला, हंगू, स्वाबी, हरिपुर और एबटाबाद में महसूस किए गए. बता दें कि इसके अलावा इस्लामाबाद, रावलपिंडी, लाहौर, अटॉक, टेक्सिला, मुर्री, सियालकोट, गुजरांवाला, गुजरात, शेखुपुरा, फिरोजवाला और मुरिदके में भी ये झटके महसूस किए गए.

अब तक दोनों भूकंपों से किसी भी तरह की जान-माल की हानि की कोई खबर नहीं आई है. हालांकि, लोगों में डर का माहौल बना हुआ है और वे किसी भी संभावित आफ्टरशॉक से सतर्क हैं.

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Video: चलती बस में अचानक लगा ब्रेक, मां के हाथ से छिटकर सड़क पर गिरा बच्चा, खौफनाक वीडियो वायरल

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Tamil Nadu News: तमिलनाडु के श्रीविल्लिपुथुर से एक चिंताजनक वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह वीडियो एक चलती हुई बस का है, जिसमें अचानक ब्रेक लगने की वजह से महिला के हाथ से उसका बच्चा फिसलकर सड़क पर गिर गया. गनीमत रही कि बच्चे को केवल हल्की चोटें आईं और वह सुरक्षित है.

संतुलन बिगड़ने से महिला के हाथ से गिरा बच्चा

जानकारी के अनुसार, महिला अपने भाई के साथ बस में सफर कर रही थी. उनके साथ दो छोटे बच्चे भी थे. बस जैसे ही अचानक रुकी, जोरदार झटका लगा. इसी झटके की वजह से महिला का संतुलन बिगड़ गया और उसके हाथ से गोद में बैठा बच्चा सड़क पर जा गिरा. उसी झटके से महिला का भाई और एक अन्य बच्चा भी गिर पड़े.


पूरा हादसा बस में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि बस में बैठे यात्री अचानक झटके से आगे की ओर गिरते हैं. महिला तुरंत बस से उतरकर सड़क पर गिरे अपने बच्चे को उठाती है. आसपास मौजूद लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़ते हैं.

ड्राइवर की लापरवाही को लेकर उठे सवाल

बस चालक ने सामने आए एक वाहन को बचाने के लिए अचानक ब्रेक लगाया था, जिससे यह हादसा हुआ. हालांकि इस घटना के बाद यात्री बस की सुरक्षा व्यवस्था और ड्राइवर की लापरवाही को लेकर सवाल उठा रहे हैं. प्रशासन ने घटना की जांच शुरू कर दी कि चालक की गलती थी या परिस्थिति कारण थे. यह घटना सभी अभिभावकों के लिए चेतावनी है कि यात्रा के दौरान बच्चों को हमेशा मजबूती से संभालकर रखना जरूरी है.

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कौन हैं पार्थ सारथी बिस्वाल? अनिल अंबानी लोन फ्रॉड केस से कैसे जुड़ा नाम? अब ED ने किया गिरफ्ता

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Anil Ambani Loan Fraud Case: अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप से जुड़े 3,000 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पहली गिरफ्तरी की है. बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर पार्थ सारथी बिस्वाल को शुक्रवार को हिरासत में लिया गया. उन पर सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) को 68.2 करोड़ रुपये की जाली बैंक गारंटी जमा करने का आरोप है, जो कथित तौर पर रिलायंस पावर की ओर से दी गई थी. 

अब बुधवार तक ईडी करेगी पूछताछ

बिस्वॉल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तर किया गया है. सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद स्पेशल कोर्ट में उनकी पेशी हुई, जिसके बाद उन्हें बुधवार तक ईडी की हिरासत में भेज दिया गया.

सूत्रों की दी गई जानकारी के मुताबिक, 2019 में स्थापित बिस्वाल ट्रेडलिंक ने जाली दस्तावेजों और नकली ईमेल कंफर्मेशन के जरिए फर्जी गारंटी जमा की थी. जांच के दौरान पाया गया कि ये ईमेल एक नकली डोमेन ‘s-bi.co.in’ से भेजे गए थे, जो भारतीय स्टेट बैंक के ऑफिशियल डोमेन ‘sbi.co.in’ से काफी मिलता-जुलता है. 

रिलायंस पावर से कंपनी को मिले इतने करोड़ रुपये 

दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने पहले इन निष्कर्षों के आधार पर एक मामला दर्ज किया और फिर आगे की जांच की गई, तो पता चला कि इस फर्जी बैंक गारंटी के बदले बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड को रिलायंस पावर लिमिटेड से 5.40 करोड़ रुपए मिले थे. ईडी ने फर्म से जुड़े कम से कम सात अघोषित बैंक खातों का भी खुलासा किया, साथ ही फर्जी निदेशकों के इस्तेमाल और अनिवार्य रिकॉर्ड-कीपिंग मानदंडों का पालन न करने का भी खुलासा किया. 

फर्जी बैंक गारंटी के बदले 8 परसेंट कमीशन

पार्थ सारथी बिस्वाल की यह गिरफ्तारी 2017 और 2019 के बीच रिलायंस ग्रुप की कंपनियों को यस बैंक की तरफ से लोन के रूप में दिए गए 3000 करोड़ के संदिग्ध हेराफेरी के मामले की गहरी जांच के बाद की गई. ईडी ने शुक्रवार को बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के भुवनेश्वर स्थित तीन परिसरों और कोलकाता में एक सहयोगी कंपनी की तलाशी ली थी. जांच एजेंसी के सूत्रों का आरोप है कि यह कंपनी 8 परसेंट कमीशन के बदले फर्जी बैंक गारंटी जमा कराती थी. 

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🇮🇳 हर घर तिरंगा: एक राष्ट्र, एक भावना, एक पहचान 🇮🇳

जैसे-जैसे अगस्त का महीना आता है, भारत की हवाओं में एक खास उत्साह और देशभक्ति की महक घुल जाती है। यह महीना हमें हमारे गौरवशाली इतिहास, हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के अथक बलिदान और एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में हमारी पहचान की याद दिलाता है। इसी भावना को जन-जन तक पहुँचाने और राष्ट्रीय ध्वज के साथ हर भारतीय के व्यक्तिगत रिश्ते को और गहरा करने के उद्देश्य से हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक अभूतपूर्व अभियान की शुरुआत की – **”हर घर तिरंगा”**। यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की सामूहिक चेतना और राष्ट्रप्रेम को अभिव्यक्त करने का एक शक्तिशाली जन-आंदोलन है।

**अभियान का मूल दर्शन**

“हर घर तिरंगा” अभियान का मूल दर्शन बहुत गहरा है। पहले, राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का फहराना अक्सर सरकारी कार्यालयों, स्कूलों और औपचारिक कार्यक्रमों तक ही सीमित रहता था। आम नागरिक स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर इसे समारोहों में देखता था, लेकिन अपने घर पर इसे फहराने का विचार उतना प्रचलित नहीं था। प्रधानमंत्री मोदी ने इस दूरी को पाटने का आह्वान किया। उनका मानना था कि जब तिरंगा हर घर की छत पर लहराएगा, तो यह हर नागरिक के दिल में राष्ट्र के प्रति अपनेपन, गर्व और जिम्मेदारी की भावना को और भी मजबूत करेगा। यह अभियान ध्वज को औपचारिक प्रतीक से निकालकर एक व्यक्तिगत गौरव और राष्ट्रीय एकता के जीवंत प्रतीक में बदल देता है।

**तिरंगा – सिर्फ एक ध्वज नहीं, बल्कि हमारी अस्मिता का प्रतीक**

हमारा तिरंगा केवल तीन रंगों का एक कपड़ा नहीं है, यह भारत की आत्मा का प्रतिबिंब है। इसका हर रंग एक महान आदर्श का संदेश देता है:

* **केसरिया:** यह रंग साहस, शौर्य और बलिदान का प्रतीक है। यह हमें हमारे उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की आज़ादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
* **सफ़ेद:** यह रंग शांति, सच्चाई और पवित्रता का प्रतीक है। यह भारत की उस संस्कृति को दर्शाता है जो “वसुधैव कुटुम्बकम्” (पूरी दुनिया एक परिवार है) में विश्वास रखती है और विश्व शांति की पक्षधर है।
* **हरा:** यह रंग देश के विकास, समृद्धि, उर्वरता और विश्वास का प्रतीक है। यह भारत की हरी-भरी धरती और कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था को दर्शाता है, जो हमारे राष्ट्र की जीवन रेखा है।
* **अशोक चक्र:** ध्वज के केंद्र में स्थित नीला अशोक चक्र ‘धर्म चक्र’ का प्रतीक है। इसमें 24 तीलियाँ हैं जो दिन के 24 घंटों को दर्शाती हैं और संदेश देती हैं कि राष्ट्र को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते रहना चाहिए। यह गतिशीलता और अथक परिश्रम का प्रतीक है।

जब हम अपने घर पर तिरंगा फहराते हैं, तो हम इन सभी आदर्शों और मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लेते हैं।

**एकता का महामंत्र**

भारत अपनी विविधता के लिए जाना जाता है। यहाँ विभिन्न भाषाएँ, धर्म, जातियाँ और संस्कृतियाँ एक साथ बसती हैं। “हर घर तिरंगा” अभियान इस विविधता में एकता का सबसे सुंदर और शक्तिशाली प्रदर्शन है। जब कश्मीर से कन्याकुमारी और गुजरात से अरुणाचल प्रदेश तक हर घर पर एक ही तिरंगा लहराता है, तो यह दुनिया को एक स्पष्ट संदेश देता है कि हम भले ही अलग-अलग हों, लेकिन जब बात राष्ट्र की आती है, तो हम सब एक हैं। यह अभियान भाषा, धर्म और क्षेत्र की सीमाओं को तोड़कर हम सभी को ‘भारतीय’ होने की एक अटूट डोरी में पिरोता है।

**युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा**

आज की युवा पीढ़ी, जो ‘आज़ादी का अमृत महोत्सव’ और ‘अमृत काल’ की साक्षी बन रही है, के लिए यह अभियान विशेष महत्व रखता है। जब बच्चे और युवा अपने घर, पड़ोस और शहर में हर तरफ तिरंगे को शान से लहराते हुए देखते हैं, तो उनके मन में राष्ट्र के प्रति जिज्ञासा, सम्मान और प्रेम का भाव स्वतः ही जागृत होता है। यह उन्हें केवल किताबों से नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझने के लिए प्रेरित करता है। सोशल मीडिया के इस युग में, #HarGharTiranga हैशटैग के साथ अपनी सेल्फी साझा करना देशभक्ति की अभिव्यक्ति का एक आधुनिक और लोकप्रिय तरीका बन गया है, जो युवाओं को इस आंदोलन से प्रभावी ढंग से जोड़ता है।

**कैसे बनें इस अभियान का हिस्सा?**

इस वर्ष भी, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, 13 से 15 अगस्त तक, हमें इस अभियान को एक नई ऊर्जा के साथ सफल बनाना है। इसमें भाग लेना बहुत सरल है:

1. **अपने घर पर तिरंगा फहराएँ:** अपने घर, दुकान, या कार्यालय पर सम्मानपूर्वक तिरंगा फहराएँ। सुनिश्चित करें कि आप भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) के नियमों का पालन करें, ताकि हमारे राष्ट्रीय गौरव का कोई अपमान न हो।
2. **डिजिटल तिरंगा:** आप **harghartiranga.com** वेबसाइट पर जाकर तिरंगे के साथ अपनी एक सेल्फी अपलोड कर सकते हैं और इस अभियान में अपनी डिजिटल उपस्थिति दर्ज करा सकते हैं।
3. **दूसरों को प्रेरित करें:** अपने मित्रों, परिवार और पड़ोसियों को भी इस अभियान में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करें। यह एक सामूहिक प्रयास है और हर एक व्यक्ति की भागीदारी मायने रखती है।

**निष्कर्ष**

“हर घर तिरंगा” अभियान केवल तीन दिनों का एक उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारे दिलों में राष्ट्रभक्ति की ज्वाला को प्रज्वलित करने और उसे सदैव जलाए रखने का एक संकल्प है। यह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का एक दूरदर्शी कदम है जो हमें हमारी जड़ों से जोड़ता है और हमें एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर ‘नए भारत’ के निर्माण के लिए प्रेरित करता है।

आइए, इस स्वतंत्रता दिवस पर हम सब मिलकर अपने घरों पर तिरंगा फहराएँ और पूरी दुनिया को दिखा दें कि भारत का हर नागरिक अपने देश से कितना प्यार करता है। यह सिर्फ एक ध्वज नहीं, यह हमारा मान है, हमारी शान है और हमारी पहचान है।

**जय हिंद! वंदे मातरम्!**

Aadhaar में बदलाव हुआ आसान! अब घर बैठे बदल सकेंगे अपनी जानकारी, ये नया ऐप करेगा सारे काम

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E-Aadhaar App: भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) अब पूरे देश में एक नई QR कोड आधारित e-Aadhaar प्रणाली शुरू करने जा रहा है जिसकी शुरुआत 2025 के अंत तक की जाएगी. इस सिस्टम की मदद से आधार कार्डधारक बिना किसी फिजिकल फोटोकॉपी के डिजिटल रूप से अपनी पहचान सत्यापित कर सकेंगे.

UIDAI के सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, फिलहाल देशभर में मौजूद एक लाख आधार ऑथेंटिकेशन डिवाइसों में से लगभग 2,000 को QR सपोर्ट के लिए अपडेट किया जा चुका है. इसके बाद केवल एक QR स्कैन से पहचान सत्यापन किया जा सकेगा जिससे पूरी प्रक्रिया और अधिक तेज़ और सरल बन जाएगी.

e-Aadhaar मोबाइल ऐप से घर बैठे करें डिटेल्स अपडेट

UIDAI जल्द ही एक नया आधार मोबाइल ऐप भी लॉन्च करेगा जिससे उपयोगकर्ता अपने नाम, पता और जन्मतिथि जैसी निजी जानकारी को सीधे मोबाइल से अपडेट कर सकेंगे. अब इन कार्यों के लिए आधार सेवा केंद्रों पर जाने की आवश्यकता नहीं होगी. यह ऐप यूजर्स को दस्तावेज़ों की फिजिकल कॉपी देने की झंझट से भी छुटकारा दिलाएगा और अपडेट की पूरी प्रक्रिया पेपरलेस और सुविधाजनक हो जाएगी.

नवंबर 2025 से लागू होंगे नए नियम

UIDAI के अनुसार, नवंबर 2025 से केवल बायोमेट्रिक अपडेट (जैसे फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन) के लिए ही आधार सेवा केंद्रों पर जाना पड़ेगा. बाकी सभी बदलाव नाम, पता, जन्मतिथि आदि ऐप से ही किए जा सकेंगे. इसके साथ ही, UIDAI एक ऐसी प्रणाली पर काम कर रहा है जो यूजर्स की जानकारी को सीधे सरकारी डेटाबेस से प्रमाणित करेगी. इनमें जन्म प्रमाणपत्र, पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, राशन कार्ड, मनरेगा रिकॉर्ड और बिजली बिल तक शामिल हो सकते हैं.

पहचान की सुरक्षा होगी और मज़बूत

यह नया सिस्टम ना सिर्फ सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि पहचान से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों को भी कम करेगा. QR आधारित वेरीफिकेशन को अभी कुछ उप-रजिस्ट्रार कार्यालयों और होटल इंडस्ट्री में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में टेस्ट किया जा रहा है जिससे यह पता चले कि यह सिस्टम कितना सुरक्षित और प्रभावी है. इसमें यूजर की जानकारी तभी साझा की जाएगी जब वह स्पष्ट सहमति देगा जिससे प्राइवेसी को भी पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके.

बच्चों के आधार अपडेट पर भी खास ध्यान

UIDAI अब स्कूली बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट अभियान भी चला रहा है. इसके तहत CBSE जैसी बोर्ड्स के साथ मिलकर 5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष के बच्चों की बायोमेट्रिक जानकारी अपडेट की जाएगी ताकि उनका आधार रिकॉर्ड समय के अनुसार अद्यतित बना रहे.

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हर महीने कितना कमाते हैं अनिरुद्धाचार्य, जानें कहां से होती है कमाई और कहां करते हैं खर्च?

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देश में इन दिनों कथावाचकों की बात की जाए तो अनिरुद्धाचार्य का नाम सबसे टॉप पर आता है. पिछले कुछ समय से सोशल मीडिया सेंसेशन बन चुके अनिरुद्धाचार्य का कोई ना कोई वीडियो वायरल होता हुआ मिल जाता है. हाल ही में अनिरुद्धाचार्य ने लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर लड़कियों के बारे में विवादित टिप्पणी की थी.

जिसके बाद से उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर काफी लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. इस बीच कई लोगों के मन में यह सवाल भी आ रहा है कि अनिरुद्धाचार्य कितनी कमाई करते हैं. क्या है उनकी कमाई का जरिया. कहां करते हैं वह अपने पैसे खर्च. चलिए आपको बताते हैं इस बारे में पूरी जानकारी. 

इतनी है 1 महीने की कमाई 

पूकी बाबा के नाम से दुनिया भर में छाए हुए कथा वाचक अनिरुद्धाचार्य करोड़ों रुपये कमाते हैं. अनिरुद्धाचार्य एक दिन में एक कथा के लिए 1 लाख से लेकर 3 लाख रुपये तक चार्ज करते हैं. इसके अलावा वह 7 दिन की एक भागवत कथा कहने के लिए 10 लाख रुपये से लेकर 15 लाख रुपये लेते हैं. इसके अलावा वह और भी धार्मिक इवेंट्स के जरिए कमाई करते हैं. वह कई ब्रांड्स के साथ भी काम करते हैं. उनकी महीने की कुल कमाई तकरीबन 45 लाख के आसपास बताई जाती है. 

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टोटल नेटवर्थ उड़ा देगी होश

अनिरुद्धाचार्य की महीने की कमाई 45 लाख रुपये के करीब है. प्रवचन देने के अलावा अनिरुद्धाचार्य और जगहों से पैसे कमाते हैं. उनका खुद का यूट्यूब पेज भी है. उसके जरिए भी उनकी काफी कमाई होती है. इसके अलावा वह डोनेशन और ब्रांड डील्स के जरिए भी कमाते हैं. उनकी कुल नेटवर्थ की बात की जाए तो वह फिलहाल 25 करोड़ के आसपास बताई जाती है.  

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यहां करते हैं पैसे खर्च

अनिरुद्धाचार्य अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा दान भी करते हैं. इसके अलावा वृंदावन में उनका गौरी गोपाल आश्रम भी है. जहां लोगों के रहने खाने का इंतजाम किया जाता है. यहां लोगों से किसी तरह का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता. रहना खाना पूरी तरह फ्री होता है. इसका पूरा खर्चा अनिरुद्धाचार्य उठाते हैं. तो साथ ही गौशालाएं भी है. जहां भी उनकी कमाई का हिस्सा जाता है. आपको बता दें देशभर में उनके करोड़ों भक्त है. सोशल मीडिया पर भी उनकी काफी फैन फाॅलोइंग है. 

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