‘स्पेशल ऑप्स 2’ का बैकग्राउंड म्यूजिक बनाता है इसे खास, जानिए किसका दिमाग है इसके पीछे

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स्ट्रीमिंग शो ‘स्पेशल ऑप्स’ के दूसरे सीजन के लिए संगीत तैयार करने वाले संगीतकार अद्वैत नेमलेकर को उनके शानदार काम के लिए खूब सराहना मिल रही है. उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री के महान संगीतकारों के साथ काम करने का अनुभव बेहद खास रहा.

सीरीज की खासियत

आज के दौर में जहां म्यूजिक मेकिंग में इलेक्ट्रॉनिक एलिमेंट्स का बोलबाला है, अद्वैत ने इस सीरीज के लिए एक अलग रास्ता चुना. उन्होंने अपने संगीत में म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक साउंड का अनोखा मिश्रण किया है, जो सीरीज को और प्रभावशाली बनाता है.

अद्वैत का इस सीरीज मे अहम योगदान

स्पेशल ऑप्स 2 की कहानी को संगीत के जरिए और गहराई देने में अद्वैत का योगदान अहम रहा है. नीरज पांडे ने सीरीज का निर्माण किया है. इस स्पाई सीरीज में कई रोमांचक मोड़ आते हैं, जिसे शानदार बनाने में अद्वैत के संगीत ने अहम रोल निभाया है. चाहे वह बुडापेस्ट के होटल में तनाव भरा शांत सीन हो या दिल्ली में तनाव भरा माहौल, अद्वैत का संगीत हर सीन को और भी बेहतरीन बना देता है.


 अद्वैत ने स्पेशल ऑप्स 2 मे काम करने पर की बात

स्पेशल ऑप्स 2 में काम करने के अनुभव के बारे में अद्वैत नेमलेकर ने बात की. उन्होंने बताया, “ ‘स्पेशल ऑप्स 1’ का संगीत कहानी के टेंशन, ड्रामा और भावनात्मक गहराई को बढ़ाने के लिए बनाया गया था. पहले सीजन में आक्रामकता थी, इसलिए हमने ऑर्केस्ट्रा और इलेक्ट्रॉनिक साउंड्स का मिश्रण किया था.

उन्होंने आगे बताया, सीजन 2 में भी खूब एक्शन है, कहानी में भावनात्मक गहराई भी आई. इसलिए संगीत को भी उसी तरह बदला गया. हमने पूर्ण स्ट्रिंग सेक्शन के साथ साउंड रिकॉर्डिंग की, जिससे संगीत में और भी गहराई आ सके.”

अद्वैत ने स्टूडियो में लाइव स्ट्रिंग सीजन की रिकॉर्डिंग को अपने लिए सबसे खास अनुभव बताया. उन्होंने कहा, “सच्चे संगीतकारों के साथ संगीत को जीवंत होते देखना कभी न भूल पाने वाला अनुभव देता है.”

दर्शकों की प्रतिक्रिया से वह बेहद खुश हैं. खास तौर पर अभिनेता केके मेनन जैसे कलाकार की प्रशंसा ने उनका हौसला बढ़ाया. मेनन ने हाल ही में इंस्टाग्राम पर शो के साउंडट्रैक की तारीफ की.



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टैरिफ के ऐलान के बीच आज सोना सस्ता हुआ या महंगा, जानें 31 जुलाई 2025 को आपके शहर का ताजा भाव

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Gold Price Today: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा नए टैरिफ के ऐलान, भूराजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजार में अनिश्चितता के चलते सोना लगातार निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है. हाल के दिनों में इसके दामों में काफी उतार-चढ़ाव देखा गया है.

आज, यानी गुरुवार, 31 जुलाई 2025 को भारत में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 1,00,030 रुपये में उपलब्ध है. एक दिन पहले इसका भाव 1,00,480 रुपये था, यानी इसमें 450 रुपये की गिरावट आई है. वहीं, 22 कैरेट सोना 91,700 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जो एक दिन पहले 92,100 रुपये था. इसी तरह, 18 कैरेट सोना आज 75030 रुपये रुपये प्रति दस ग्राम पर कारोबार कर रहा है, जो एक दिन पहले 75360 था.

 आपके शहर का ताजा भाव-

आज राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ ही मुंबई, बेंगलुरू, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, केरला और पुणे में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम बाजार मं 1,00,180 रुपये की दर से बिक रहा है. इसी तरह से 24 कैरेट सोना वडोदरा और अहमदाबाद के बाजार में 1,00,080 रुपये पर कारोबार कर रहा है.

जबकि 22 कैरेट सोना दिल्ली में 91,850 रुपये पर कारोबार कर रहा है. 18 ग्राम सोना प्रति 10 ग्राम 75,150 रुपये पर बिक रहा है. वहीं 22 कैरेट सोना मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता, केरल और पुणे के बाजार में प्रति 10 ग्राम 91,700 रुपये के भाव से उपलब्ध है. इसके अलावा, वडोदरा और अहमदाबाद के बाजार में 22 कैरेट सोना की कीमत 91,750 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 

इसके साथ ही, दिल्ली में आज 18 कैरेट सोना 75,150 रुपये की दर से बिक रहा है, वहीं मुंबई, बेंगलुरू हैदराबाद, कोलकाता, केरल और पुणे के बाजार में 75,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है.

कैसे तय होती है सोने और चांदी की कीमत?

सोना और चांदी के दाम रोज़ाना आधार पर तय किए जाते हैं और इसके पीछे कई कारक जिम्मेदार होते हैं. इनमें मुख्यतः निम्नलिखित कारण शामिल हैं:

एक्सचेंज रेट और डॉलर की कीमतों में उतार-चढ़ाव
चूंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर में तय होती हैं, इसलिए डॉलर-रुपया विनिमय दर में बदलाव का सीधा असर इन धातुओं की कीमत पर पड़ता है. अगर डॉलर की कीमत बढ़ती है या रुपया कमजोर होता है, तो भारत में सोने की कीमतें बढ़ जाती हैं.

सीमा शुल्क और टैक्स
भारत में सोने का अधिकांश हिस्सा आयात किया जाता है. ऐसे में सीमा शुल्क (Import Duty), GST और अन्य स्थानीय टैक्स सोने की कीमतों को प्रभावित करते हैं.

अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति
वैश्विक बाजार में उथल-पुथल (जैसे युद्ध, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में बदलाव) का सीधा असर सोने की कीमत पर पड़ता है. जब वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर या अन्य अस्थिर संपत्तियों की बजाय सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों को चुनते हैं.

भारत में सोने का सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व
भारत में सोना केवल निवेश ही नहीं, बल्कि परंपरा और सांस्कृतिक मान्यताओं से भी जुड़ा हुआ है. शादी-ब्याह, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है. इसलिए मांग अधिक होती है, जिससे कीमतें प्रभावित होती हैं.

मुद्रास्फीति और निवेश के दृष्टिकोण से
सोना लंबे समय से महंगाई के मुकाबले बेहतर रिटर्न देने वाला विकल्प रहा है. जब महंगाई बढ़ती है या शेयर बाजार में जोखिम होता है, तो लोग सोने में निवेश करना पसंद करते हैं. यही कारण है कि इसकी मांग और कीमत हमेशा बनी रहती है.

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