गरीबों के मसीहा सोनू जीते हैं रईसों जैसी ज़िंदगी, प्रोड्यूसर हैं पत्नी, जानें नेटवर्थ

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बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद सिर्फ शानदार एक्टर ही नहीं बल्कि एक दरियादिल इंसान भी हैं. कोरोना काल में एक्टर कई गरीब और बेसहारा लोगों के लिए मसीहा बनकर सामने आए थे. उन्होंने लोगों को उनके घर पहुंचाने से लेकर इलाज और राशन तक मुहैया करवाया था. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इतने लोगों की मदद करने वाले सोनू सूद आखिर खुद कितनी संपत्ति के मालिक हैं. एक्टर 30 जुलाई को अपना बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे. ऐसे में हम आपको एक्टर से जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें बताएंगे.

सोनू सूद के पास है इंजीनियरिंग की डिग्री

सोनू सूद का जन्म पंजाब के मोगा गांव में हुआ था. अपनी एक्टिंग से लोगों को फैन बनाने वाले सोनू सूद ने इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल कर रखी है. लेकिन हमेशा से ही वो एक एक्टर बनना चाहते थे. इसलिए उन्होंने फिल्मों का रुख किया. उनका सफर साउथ इंडस्ट्री से शुरू हुआ था. फिर हिंदी में उनकी पहली फिल्म ‘आशिक बनाया आपने’ थी. जो साल 2005 में आई थी. फिल्म हिट रही, लेकिन उनको असली फेम ‘जोधा अकबर’ और ‘दबंग’ से मिला. इसके बाद एक्टर कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में नजर आए.


कितनी है सोनू सूद की नेटवर्थ?

सोनू सूद की ज्यादात्तर कमाई फिल्मों से ही होती है. लेकिन इसके अलावा एक्टर ब्रांड्स एंडोर्समेंट से भी मोटी कमाई करते हैं. नवभारत टाइम्स के अनुसार एक्टर की नेटवर्थ करीब 140 करोड़ रुपए है और वो हर महीने 1 करोड़ से ज्यादा कमाते हैं. उनकी सालाना इनकम 12 करोड़ से भी ज्यादा है. सोनू और उनकी वाइफ सोनाली सूद एक सक्सेसफुल प्रोड्यूसर भी हैं. अपने प्रोजेक्ट्स से सोनाली भी हर साल काफी अच्छी कमाई कर लेती हैं. 


सोनू का मुंबई में हैं आलीशान फ्लैट

सोनू सूद अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मुंबई में एक आलीशान घर में रहते हैं. एक्टर का घर अंधेरी में है. ये एक 4BHK फ्लैट है. इसके अलावा एक्टर के पास दो और फ्लैट भी हैं. उनका अपने गांव में भी एक बड़ा सा बंगला है. इनके अलावा एक्टर का मुंबई के जुहू एरिया में एक होटल भी है.

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इससे तेज कर्मा नहीं देखा होगा…राहगीरों को भिगोते हुए निकला कार सवार फिर कुछ ही मीटर पर हो गया

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कहते हैं कि दूसरों के साथ बदसलूकी करने से पहले सोच लेना चाहिए, क्योंकि ‘कर्मा’ कभी भी और कहीं भी हिसाब बराबर कर देता है. और इस बार तो उसने सेकंडों में अपना काम कर दिखाया. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जो न सिर्फ देखने वालों को चौंका रहा है बल्कि ये भी सिखा रहा है कि सड़क पर रौब झाड़ना हमेशा स्टाइल नहीं बनता, कभी-कभी सबक भी बन जाता है. वीडियो में दिख रहा है कि एक स्कॉर्पियो सवार ने सड़क पर चलते एक स्कूली बच्चे को पानी में भिगो दिया और उसके कुछ ही सेकंड बाद वो खुद सड़क किनारे पलटी खा गया. लोग कह रहे हैं, यही है ‘कर्मा ऑन व्हील्स’.

तेज रफ्तार कार ने राहगीरों को भिगोया

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो किसी फिल्मी सीन से कम नहीं है लेकिन इसमें कोई कलाकार नहीं, बल्कि असल जिंदगी का एक ऐसा पल कैद हो गया है जो सड़क पर रफ्तार, रौब और रवैये का मिला-जुला रूप दिखाता है. वीडियो की शुरुआत में देखा जा सकता है कि एक स्कॉर्पियो कार सड़क से तेज रफ्तार में गुजर रही है. वहीं दूसरी तरफ सड़क पर एक स्कूली बच्चा साइकिल से अपनी लेन में शांत ढंग से आगे बढ़ रहा होता है. सड़क पर काफी मात्रा में पानी जमा है लेकिन स्कॉर्पियो सवार उस बच्चे की मौजूदगी की परवाह किए बिना तेजी से पानी पर से कार निकाल देता है.

आगे जाकर झाड़ियों में जा पलटी

तेज रफ्तार के कारण पूरा पानी छपाक से उठता है और वह स्कूली बच्चा पूरी तरह गंदे पानी से भीग जाता है. कैमरे की फ्रेम तक भी बस पानी ही पानी छा जाता है. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती, कुछ ही मीटर आगे जाकर स्कॉर्पियो का बैलेंस बिगड़ता है और कार सड़क किनारे झाड़ियों में जाकर पलट जाती है. गाड़ी स्किड होते हुए पलटती है और इस पल का वीडियो सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है.

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यूजर्स ले रहे मजे

वीडियो को @gharkekalesh नाम के एक्स अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…साइकिल सवार को जो सुकून मिला होगा बस वही जान सकता है. एक और यूजर ने लिखा…यहीं कर लो और यहीं भुगत लो. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…ऊपर वाला कभी कभी बहुत जल्दी हिसाब कर देता है.

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ड्रोन बनाना है? जानिए कैसे बन सकते हैं ड्रोन डेवलपर, कितनी होती है सैलरी और कहां मिलेगा कोर्स

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ड्रोन आज के समय की सबसे तेजी से बढ़ती टेक्नोलॉजी में से एक है. यह न सिर्फ आर्मी और डिफेंस के काम आता है, बल्कि खेती, फिल्म, डिलीवरी, मैपिंग और सर्वे जैसे सेक्टरों में भी इसकी डिमांड तेजी से बढ़ी है. ऐसे में अगर आप टेक्नोलॉजी में करियर बनाना चाहते हैं, तो ड्रोन डेवलपर या ड्रोन पायलट बनना एक शानदार विकल्प हो सकता है.

ड्रोन को आप एक छोटा उड़ने वाला रोबोट भी कह सकते हैं, जिसे कंप्यूटर या रिमोट कंट्रोल से उड़ाया जाता है. इसमें कैमरा, सेंसर और मोटर होते हैं, जो इसे उड़ने, फोटो-वीडियो लेने और डेटा इकट्ठा करने में मदद करते हैं. अब सवाल यह है कि ड्रोन बनाने या उड़ाने के लिए कौन सा कोर्स करें, कहां से करें और कितनी कमाई हो सकती है.

करें ये पढ़ाई

अगर आप ड्रोन डेवलपर बनना चाहते हैं, तो सबसे पहले आपको टेक्निकल पढ़ाई करनी होगी. इसके लिए बीटेक इन इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन या बीटेक इन एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग जैसे कोर्स किए जा सकते हैं. इन कोर्स की अवधि 4 साल होती है और इसमें ड्रोन के सेंसर, जीपीएस, कैमरा और डिजाइनिंग के बारे में पढ़ाया जाता है. अगर आप कम समय में कोर्स करना चाहते हैं तो 1 से 2 साल के डिप्लोमा या 3 से 6 महीने के सर्टिफिकेट कोर्स भी कर सकते हैं.

भारत में ड्रोन टेक्नोलॉजी के लिए कई अच्छे संस्थान हैं जैसे आईआईटी (दिल्ली, कानपुर, बॉम्बे), IIAE देहरादून, IIST तिरुवनंतपुरम, NIELIT और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ड्रोन टेक्नोलॉजी. इन संस्थानों में आप ड्रोन डेवलपमेंट, पायलटिंग और प्रोग्रामिंग के कोर्स कर सकते हैं.

कितनी होगी फीस?

अगर फीस की बात करें तो सरकारी कॉलेजों में सालाना 50 हजार से 2 लाख रुपये और प्राइवेट कॉलेजों में 3 से 5 लाख रुपये तक फीस होती है. डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स की कुल फीस लगभग 30 हजार से 1 लाख रुपये तक होती है.

ड्रोन डेवलपर बनने के बाद आपको कई सेक्टरों में काम मिल सकता है. जैसे रक्षा क्षेत्र (DRDO, भारतीय सेना), एग्रीकल्चर (DeHaat, Fasal), डिलीवरी कंपनियां (Amazon, Flipkart), फिल्म इंडस्ट्री और सर्वे एजेंसियां. इसके अलावा आप फ्रीलांसर के रूप में वेडिंग, इवेंट या रियल एस्टेट फोटोग्राफी में भी काम कर सकते हैं.

सैलरी कितनी?

शुरुआती सैलरी 3 से 6 लाख रुपये सालाना हो सकती है. वहीं अनुभवी लोग 10 से 20 लाख तक कमा सकते हैं. फ्रीलांसर एक प्रोजेक्ट के लिए 50 हजार से 2 लाख रुपये तक कमा सकते हैं.

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बचपन में ही पता लग जाएगा कि जवानी में मोटापा आएगा या नहीं? यह तकनीक खोलेगी राज

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यह जानना कि बच्चा बड़ा होकर मोटा होगा या नहीं, अब मुश्किल नहीं. हाल ही में हुए एक अध्ययन से पता चला है कि 6 साल की उम्र में ही इसका पता लगाया जा सकता है. डच वैज्ञानिकों के अनुसार, पहले पांच साल बच्चे के स्वस्थ जीवन के लिए सबसे अहम होते हैं. 3,500 से अधिक बच्चों के रिकॉर्ड खंगालने पर पाया गया कि अगर 6 साल की उम्र में बॉडी मास इंडेक्स में सिर्फ एक यूनिट की भी बढ़ोतरी होती है, तो 18 साल की उम्र तक मोटापे या अधिक वजन का खतरा दो गुना से ज्यादा हो जाता है. रिसर्चर्स जोर देते हैं कि बचपन में ही ऐसी नीतियां बननी चाहिए, जिनसे बच्चों में मोटापा न बढ़े. 

कितना खतरनाक होता है मोटापा?

गाजियाबाद में पीडियाट्रिशियन डॉ. आशीष प्रकाश बताते हैं कि मोटापा एक साइलेंट किलर है, जो ब्लड प्रेशर और कैंसर जैसी कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है. कई स्टडीज में पाया गया है कि बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है. करीब आधा बच्चे समय से पहले ज्यादा वजन के शिकार हो जाते हैं. यूरोपीय कांग्रेस ऑन ओब्सिटी में पेश एक अलग रिसर्च में बताया गया कि पिछले 15 वर्षों में किशोरों में मोटापे की दर 50 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसमें पाया गया है कि बच्चों में मोटापा के लिए अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स और खराब जीवनशैली सबसे बड़े जिम्मेदार कारक हैं. ऐसे में जरूरी है कि बचपन में ही पता चल जाए कि जवानी में मोटापा आएगा या नहीं. विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में हो रही नई तकनीकों और अध्ययनों से यह बात सामने आई है. 

बचपन में मोटापे का अनुमान बताने वाली तकनीक

हाल ही में, वैज्ञानिकों ने जेनेटिक टेस्ट (पॉलीजेनिक रिस्क स्कोर) विकसित किया है , जो पांच-छह साल की उम्र तक यह बता सकता है कि बच्चे को वयस्कता में मोटापा होने का कितना खतरा है.  यह टेस्ट डीएनए से प्राप्त जेनेटिक डाटा का विश्लेषण करता है और उन हजारों जेनेटिक वैरिएंट्स को पहचानता है, जो मोटापे के जोखिम को बढ़ाते हैं. 

यह कैसे काम करता है?

  • जेनेटिक फैक्टर्स: यदि माता-पिता मोटे हैं, तो बच्चों में भी मोटापे का खतरा अधिक होता है. नए जेनेटिक टेस्ट इसी आनुवंशिक प्रवृत्ति को समझने में मदद करते हैं. 
  • बॉडी मास इंडेक्स: बच्चों में बीएमआई की गणना उनकी उम्र और लिंग के अनुसार की जाती है. दो साल या उससे अधिक उम्र के बच्चों में बीएमआई का 95वें परसेंटाइल से अधिक होना मोटापे का संकेत माना जाता है. हालांकि, केवल बीएमआई वर्तमान मोटापे का संकेत देता है, भविष्य के मोटापे का नहीं.
  • मशीन लर्निंग: एआई और मशीन लर्निंग मॉडल बचपन के मोटापे की भविष्यवाणी में सटीकता बढ़ाते हैं. ये मॉडल बच्चे के जन्म के समय के बीएमआई गर्भकालीन आयु और विभिन्न क्लिनिकल विजिट  से प्राप्त बीएमआई जैसे बुनियादी डाटा का उपयोग करके पांच साल की उम्र तक बच्चे की मोटापे की श्रेणी का अनुमान लगा सकते हैं.

इस तकनीक का महत्व

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह कम उम्र में ही उन बच्चों की पहचान करने में मदद करती है, जिन्हें जेनेटिकली मोटापे का अधिक खतरा है. इससे माता-पिता और हेल्थ प्रोफेशनल्स को कम उम्र में ही जीवनशैली में हस्तक्षेप करने का अवसर मिलता है, जिससे भविष्य में मोटापे और उससे जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सके. यह तकनीक निश्चित रूप से भविष्य में मोटापे के जोखिम को बचपन में ही पहचानने का राज खोल सकती है. यह शुरुआती हस्तक्षेप और रोकथाम के लिए एक शक्तिशाली उपकरण साबित हो सकती है, जिससे बच्चों को स्वस्थ जीवन जीने में मदद मिलेगी.

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Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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अभी तक नहीं जीता कोई मैच, फिर भी सेमीफाइनल में जा सकती है टीम इंडिया; जानें पूरा समीकरण

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वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स का रोमांच चरम पर है, लेकिन अभी तक यह टूर्नामेंट भारतीय टीम और उसके फैंस के लिए रोमांचक नहीं रहा है. टीम इंडिया 4 मैच खेल चुकी है, जिनमें उसे एक भी जीत नसीब नहीं हुई है. बीते रविवार उसे इंग्लैंड के हाथों 23 रन की हार झेलनी पड़ी. अब भारत का ग्रुप स्टेज में आखिरी मैच 29 जुलाई को वेस्टइंडीज के साथ होना है. बता दें कि तीन टीम पहले ही सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुकी हैं और अब लड़ाई चौथे और आखिरी स्थान की है. यहां जानिए क्या टीम इंडिया अब भी सेमीफाइनल में पहुंच सकती है. यदि हां, तो आखिर कैसे?

भारत के सेमीफाइनल में जाने का समीकरण

WCL 2025 में अब तक भारत ने 4 मैच खेले हैं, जिनमें उसे एक भी जीत नहीं मिली है. भारत के पास एक अंक है क्योंकि उसका पाकिस्तान के साथ मैच रद्द कर दिया गया था. अब टीम इंडिया का आखिरी मैच 29 जुलाई को वेस्टइंडीज के साथ होना है. सेमीफाइनल में जाने वाली चौथी टीम बनने के लिए वेस्टइंडीज, भारत और इंग्लैंड में टक्कर है. बताते चलें कि इंग्लैंड अपने सभी मैच खेल चुकी है, जिसके 3 अंक हैं और उसका नेट रन-रेट -0.809 है.

जहां तक भारत के सेमीफाइनल में जाने का सवाल है, उसका जवाब है कि वो अब भी सेमीफाइनल में जा सकता है. इसके लिए भारत को वेस्टइंडीज पर जीत की जरूरत होगी, जिससे भारत और इंग्लैंड, दोनों के तीन-तीन अंक हो जाएंगे. टीम इंडिया को यह भी ध्यान में रखना होगा कि उसकी वेस्टइंडीज पर जीत इतनी बड़ी हो, जिससे उसका नेट रन-रेट इंग्लैंड से बेहतर हो जाए. इंग्लैंड के -0.808 की तुलना में भारत का नेट रन-रेट -1.852 है. इसका मतलब भारत को वेस्टइंडीज पर बहुत विशाल जीत की जरूरत होगी.

सेमीफाइनल में पहुंचीं 3 टीम

WCL 2025 में कुल 6 टीम भाग ले रही हैं. इनमें से ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान पहले ही सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुके हैं. पाकिस्तान अभी तक एकमात्र ऐसी टीम है, जिसने WCL 2025 में कोई मैच नहीं हारा है.

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क्या आपकी नौकरी पर मंडरा रहा है AI का खतरा? OpenAI CEO Sam Altman ने दी चौंकाने वाली चेतावनी

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Sam Altman on AI: तेज़ी से विकसित हो रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी अब हमारे रोज़मर्रा के कामों में घुलती जा रही है. बीते एक साल में AI ने कई क्षेत्रों में ऐसी प्रगति की है जिससे नौकरियों पर खतरे की घंटी बजने लगी है. इसी मुद्दे पर अब OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी गंभीर चिंता जताई है. उनका मानना है कि कुछ खास नौकरियों की जगह जल्द ही पूरी तरह AI ले सकता है.

ग्राहक सेवा सबसे अधिक खतरे में

फेडरल रिज़र्व बोर्ड ऑफ गवर्नर्स द्वारा आयोजित Capital Framework for Large Banks सम्मेलन में बोलते हुए ऑल्टमैन ने कहा कि कस्टमर सर्विस से जुड़ी नौकरियां सबसे पहले AI ऑटोमेशन की चपेट में आ सकती हैं. अब कंपनियां ऐसे AI टूल्स का इस्तेमाल कर रही हैं जो कॉल रिसीव करने से लेकर क्वेरी सॉल्व करने तक का पूरा काम खुद ही कर सकते हैं बिना किसी इंसानी मदद के.

ऑल्टमैन ने उदाहरण देते हुए कहा, “अब जब आप कॉल करते हैं तो AI ही जवाब देता है. न कोई कॉल ट्रांसफर होता है, न ही कोई ट्री सिस्टम. वह हर वह काम कर सकता है जो एक इंसानी एजेंट करता है वह भी बिना गलती के तुरंत और सटीक.”

हेल्थकेयर में भी AI का बढ़ता दखल

सिर्फ ग्राहक सेवा ही नहीं, हेल्थ सेक्टर भी AI से प्रभावित हो रहा है. ऑल्टमैन ने बताया कि ChatGPT जैसे AI सिस्टम अब बीमारी पहचानने और सही डायग्नोसिस देने के मामले में कई डॉक्टरों से भी आगे निकल चुके हैं. उन्होंने कहा, “आज ChatGPT अक्सर दुनिया के ज़्यादातर डॉक्टरों से बेहतर निदान कर सकता है.” इसका मतलब है कि भविष्य में AI डॉक्टर की जगह न सही लेकिन उसके सहयोगी के तौर पर काफी मजबूत भूमिका निभा सकता है.

AI की ताकत और जोखिम दोनों ज़रूरी हैं समझना

ऑल्टमैन का कहना है कि AI अब इतना सक्षम हो गया है कि वह न केवल मानव गलतियों को कम करता है बल्कि ज्यादा तेज़ी से कम लागत में और बेहतर सटीकता के साथ काम करता है. यही वजह है कि कंपनियां अब बड़े पैमाने पर AI को अपनाने की तरफ बढ़ रही हैं. लेकिन इसी के साथ यह सवाल भी उठता है कि क्या आने वाले समय में हमारी नौकरी मशीनों की हो जाएगी?

क्या है समाधान?

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए ज़रूरी है कि लोग AI टूल्स की समझ रखें, नई स्किल्स सीखें, और टेक्नोलॉजी के साथ खुद को लगातार अपडेट करते रहें. AI को दुश्मन नहीं, बल्कि एक अवसर के रूप में अपनाना होगा लेकिन सतर्क रहकर.

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भारत की अग्नि-5 की नकल का पाकिस्तान का सपना चकनाचूर, फिर अबाबील मिसाइल का टेस्ट फेल

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पाकिस्तान गाहे बगाहे सोशल मीडिया पर अपनी मिसाइल ताकत और हथियारों का जखीरा डालकर शेखी बघराता रहता है और खुद को भारत के बराबर पावरफुल दिखाना चाहता है, लेकिन हकीकत इससे कहीं उल्ट है. पाकिस्तान के वैज्ञानिक बैलेस्टिक मिसाइल नहीं बना पा रहे हैं. इस कारण प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ असीम मुनीर का सपना बार-बार टूट रहा है.

हाल ही में पाकिस्तानी वैज्ञानिकों ने मीडियम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइल (MRBM) अबाबील का एक बार फिर टेस्ट किया, मगर यह टेस्ट नाकाम साबित हो गया. पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान भारत के हथियारों से मात खा गया था. भारत के आगे न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि चीन और तुर्किए तक के डिफेंस सिस्टम और हथियार फिसड्डी साबित हुए थे. इसके बाद से ही पाकिस्तान में भारत का खौफ बढ़ता जा रहा है.

कितनी पावरफुल है अबाबील मिसाइल ? 
अबाबील ठोस ईंधन से चलने वाली मिसाइल है, जिसकी रेंज करीब 2,000 किलोमीटर बताई जाती है. इसका पहली बार परीक्षण 2017 में किया गया था. इसमें MIRV तकनीक (Multiple Independent Re-entry)) का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो एकसाथ कई ठिकानों को तबाह करने की ताकत रखती है. पाकिस्तान का सपना बार-बार टूट रहा है, क्योंकि हालिया टेस्ट से पहले अक्टूबर 2023 में भी अबाबील का परीक्षण फेल हो गया था. सोशल मीडिया पर अबाबील के टेस्ट के दौरान उसका मलबा दिखाया जा रहा है और यह दावा किया जा रहा है कि यह परीक्षण फेल हो गया है.

भारत की अग्नि-5 मिसाइल की नकल कर रहा पाक
IDRW वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक MIRV तकनीक इंटरकॉन्टिनेंट बैलेस्टिक मिसाइलों (ICBMs) के लिए काफी बेहतर मानी जाती है. आईसीबीएम की खूबी ये है कि ये 5,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है, जैसे भारत की अग्नि-5 मिसाइल जिसका मार्च, 2024 में टेस्ट काफी कामयाब रहा था. वहीं, इसकी नकल करने में पाकिस्तान बार-बार फेल हो रहा है.

क्यों बार-बार फेल हो रहा पाकिस्तान ?
पाकिस्तान अबाबील मिसाइल टेस्ट में बार-बार फेल होने के बाद भी ये दावे करता रहा है कि उसने मीडियम रेंज की बैलेस्टिक मिसाइल का टेस्ट किया है. कई डिफेंस एक्सपर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा है कि पाकिस्तान के पास इंजीनियरिंग में काफी दिक्कतें हैं. सिस्टमैटिक इश्यू समेत पर्याप्त टेस्ट ढांचे का अभाव, विदेशी तकनीक खासतौर पर चीन पर निर्भरता और संसाधनों की कमी इस मामले में पाकिस्तान को कमजोर बनाती है. 

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जो सोशल मीडिया पर करते हैं कमाई, उन्हें कितना देना होता है टैक्स… कौन सा भरते हैं ITR फॉर्म

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ITR For Social Media Influencers: हाल में सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स और इन्फ्लुएंशर डिजिटल वर्ल्ड में तेजी के साथ उभरा है. आयकर विभाग की मानें तो पिछले दो सालों में 20 लाख रुपये से ज्यादा सालाना कमाई करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की संख्या में इजाफा हुआ है. कुछ इन्फ्लुएंसर्स की कमाई तो सालाना 2 से 5 करोड़ रुपये तक हो गई है. ऐसे में इन पेशों में शामिल लोगों के लिए अलग से कोड लाया गया है. साथ ही, ब्यौरा नहीं देने वालों पर भी शिकंजा कसा जाएगा.

लेकिन, क्या आपको पता है कि सोशल मीडिया पर कमाई करने वालों को कौन सा फॉर्म भरना होता है और वे किस तरह से अपना आयकर रिटर्न भरते हैं? आईटीआर-3 और आईटीआर-4 फॉर्म में आयकर विभाग ने बड़ा बदलाव करते हुए इनमें पांच प्रोफेशनल कैटगरी को जोड़ा है. इनमें यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया से होने वाली कमाई, सट्टा कारोबार, कमीशन एजेंट और वायदा एवं विकल्प ट्रेडर्स शामिल हैं.

सोशल मीडिया से कमाई करने वालों के लिए बदलाव

दरअसल, अब तक सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर या फिर शेयर बाजार के कारोबारी अपना रिटर्न फाइल करने के लिए अन्य कैटगरी का इस्तेमाल करते थे, जिससे यह पहचान करने में मुश्किल आती थी कि आखिर वो व्यक्ति किस पेशे से जुड़ा है.

अब इन्हें खास कोड दिया गया है, जिसके बाद इनकी पहचान में अब कोई दिक्कत नहीं आएगी. यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया से कमाई करने वालों को आयकर विभाग की तरफ से 16021 कोड दिया गया है. प्रमोशन, डिजिटल कंटेंट या फिर विज्ञापन से कमाई करने वालों को यह कोड दिया गया है, जो आईटीआर-3 और आईटीआर-4 दोनों फॉर्म में शामिल किया गया है. 

ऐसे में सोशल मीडिया से कमाई करने वालों को अपनी आय के स्तर और अनुमानित कर के अनुसार आईटीआर 3 या फिर आईटीआर 4 भरना होगा. जानकारों का कहना है कि अगर कोई इन्फ्लुएंशर अनुमानित कराधान के तहत सेक्शन 44ADA का विकल्प चुनता है तो फिर उसे आईटीआर-4 भरना होगा.

स्टॉक मार्केट ट्रेडर्स के लिए क्या नियम 

इसके साथ ही, स्टॉक मार्केट से कमाई करने वाले वायदा विकल्प (F&O) खंड के ट्रेडर के लिए नया कोड 21010 को जोड़ा गया है. इनके ट्रेडिंग से होने वाली कमाई में यह कोड सही जानकारी सुनिश्चित कर पाएगी. ट्रेडर्स के लिए आईटीआर-3 भकर अपनी पूरी आय और लाभ-हानि की जानकारी देनी पड़ेगी.

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Surya Grahan 2025: साल का आखिरी सूर्य ग्रहण इन 4 राशियों के लिए लाएगा मुश्किल समय!

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Surya Grahan 21 September 2025: साल 2025 का अंतिम सूर्य ग्रहण ज्योतिषीय नजरिए खास महत्व रखता है. यह ग्रहण न केवल खगोलीय घटना है बल्कि कई राशियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला समय भी साबित हो सकता है. सूर्य ग्रहण का प्रभाव सभी 12 राशियों पर होता है, लेकिन कुछ राशियों पर इसका असर विशेष रूप से दिखाई देता है.

साल 2025 का आखिरी सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 (रविवार) को लगने जा रहा है. यह ग्रहण  कंकणाकृति (Annular Solar Eclipse) होगा और इसका खगोलीय प्रभाव ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, दक्षिण प्रशांत महासागर के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा. हालांकि भारत में यह ग्रहण दृश्य नहीं होगा, लेकिन इसका ज्योतिषीय प्रभाव सभी राशियों पर अवश्य पड़ेगा.

किन राशियों पर पड़ेगा ग्रहण का प्रभाव?
21 सिंतबर 2025 को लगने जा रहा सूर्य ग्रहण कन्या राशि और उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र में लगेगा. इसलिए इसका प्रमुख प्रभाव कन्या राशि के जातकों पर विशेष तौर पड़ेगा. इसके अलावा मिथुन, मीन और धनु राशि के जातकों को भी सावधान रहने की जरूरच है.

कन्या राशि

  • कन्या राशि वालों के लिए यह ग्रहण मानसिक तनाव, आत्मविश्वास में कमी और कार्य में रुकावटें ला सकता है. इस दौरान किसी भी महत्वपूर्ण निर्णय को टालना ही बेहतर रहेगा.

मिथुन राशि

  • मिथुन राशि के लोगों को अपने स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में विशेष सावधानी रखनी चाहिए. अनावश्यक विवादों से दूरी बनाएं.

मीन राशि

  • मीन राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतनी होगी. खर्चों में वृद्धि और भ्रम की स्थिति बन सकती है.

धनु राशि

  • धनु राशि के लिए यह ग्रहण संबंधों और कानूनी मामलों में तनाव ला सकता है. किसी भी दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर करने से पहले सावधानी बरतें.

हालांकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दृश्य नहीं होगा, लेकिन इसका ज्योतिषीय प्रभाव गहरा हो सकता है. खासकर कन्या, मिथुन, मीन और धनु राशि वालों को इस अवधि में संयम और सतर्कता के साथ निर्णय लेने की सलाह दी जाती है. ग्रहण से पहले सूर्य मंत्रों का जाप, दान-पुण्य और स्नान-ध्यान करना शुभ माना जाता है.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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आमिर खान के घर क्यों गए थे 25 आईपीएस ऑफिसर, असली कारण का हो गया खुलासा

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एक्टर आमिर खान के घर रविवार को कुछ आईपीएस पहुंचे थे. सोशल मीडिया पर इसका वीडियो काफी वायरल हुआ था. अब इसके पीछे की वजह सामने आ गई है. एक्टर की टीम के एक मेंबर ने इसके बारे में बताया.

आमिर खान के घर क्यों गए थे 25 आईपीएस ऑफिसर्स?

आमिर की टीम मेंबर ने कहा, ‘करंट बैच के ट्रेनी आईपीएस ने आमिर खान से मिलने की रिक्वेस की थी और आमिर ने उन्हें होस्ट किया था. मुंबई में कुछ ट्रेनी आईपीएस ऑफिसर्स घूमने आए हैं. उन आईपीएस ऑफिसर्स को मुंबई में कुछ सेलिब्रिटी से भी मिलना था, जिसके लिए वो शाहरुख खान, आमिर खान और सलमान खान से मिलने उनके घर पहुंचे थे.’

आगे उन्होंने बताया कि ये एक कर्टेसी मीटिंग थी और 25 ट्रेनी आईपीएस ऑफिसर उनसे मिलने पहुंचे थे. ये मीटिंग उनकी ट्रेनिंग का हिस्सा थी. आमिर खान कई सालों से आईपीएस बैच से मिलते रहे हैं. फिल्म सरफरोश के बाद से कई आईपीएस ऑफिसर्स उनसे मिलना चाहते हैं. 

बता दें कि वीडियो में दिखाया गया था कि एक लग्जरी बस में आईपीएस ऑफिसर्स आमिर खान की बिल्डिंग में जाते दिखे थे. जिसके बाद कई तरह के कयास लगाए गए थे.


सितारे जमीन पर में नजर आए थे आमिर खान

आमिर खान के वर्क फ्रंट की बात करें तो उन्हें पिछली बार फिल्म ‘सितारे जमीन पर’ देखा गया था. फिल्म को काफी पसंद किया गया था. फिल्म को आमिर खान ने प्रोड्यूस किया था. सितारे जमीन पर ने 195 करोड़ की कमाई की थी. फिल्म में आमिर खान एक कोच के रोल में थे. 

अब आमिर खान फिल्म कुली में दिखेंगे. फिल्म कुली में रजनीकांत लीड रोल में हैं. आमिर खान कैमियो प्ले करेंगे. फिल्म को लोकेश कनगराज डायरेक्ट कर रहे हैं.

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