ISRO-NASA की बड़ी प्लानिंग, 30 जुलाई को NISAR होगा लॉन्च, अंतरिक्ष में जाकर क्या-क्या करेगा काम

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने रविवार (27 जुलाई, 2025) को बताया कि भारत और अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसियों, ISRO और NASA द्वारा मिलकर बनाया गया पहला पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (NISAR) अब 30 जुलाई को लॉन्च किया जाएगा. यह उपग्रह धरती की सतह, समुद्र, बर्फ और जंगलों पर होने वाले बदलावों पर नजर रखेगा.

NISAR मिशन लॉन्च की तारीख और जगह

NISAR को 30 जुलाई शाम 5:40 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से GSLV-F16 रॉकेट के जरिए लॉन्च किया जाएगा.

क्या है NISAR मिशन?

NISAR (NASA-ISRO Synthetic Aperture Radar) एक उन्नत उपग्रह मिशन है जिसे ISRO और NASA ने मिलकर विकसित किया है. यह उपग्रह धरती की सतह, बर्फ, जंगल और महासागरों में होने वाले बदलावों को सटीक रूप से मापने में मदद करेगा. यह उपग्रह हर 12 दिन में पूरी पृथ्वी की तस्वीर ले सकेगा, जिससे वैज्ञानिक जलवायु परिवर्तन, भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन और ग्लेशियर के पिघलने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं का अध्ययन कर सकेंगे. इसका डाटा खेती, आपदा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में भी उपयोग होगा. लॉन्च के बाद 90 दिन सेटअप में लगेंगे, फिर यह काम शुरू करेगा.

क्या है NISAR मिशन का उद्देश्य?

1. जमीन और बर्फ की हलचल को मापना.

2. फसलों और जंगलों में हो रहे बदलावों को समझना.

3. हिमालय, ग्रीनलैंड और अंटार्कटिका की बर्फ का अध्ययन करना.

4. भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन और भूजल स्तर में बदलावों का विश्लेषण करना

दोनों देशों की बढ़ी जिम्मेदारी

1. ISRO ने S-band रडार, उपग्रह ढांचा, डाटा सिस्टम और लॉन्च तैयार किया है.

2. NASA ने L-band रडार, जीपीएस रिसीवर, सॉलिड-स्टेट रिकॉर्डर और 12 मीटर चौड़े रिफ्लेक्टर के लिए 9 मीटर का बूम बनाया है.

3. लॉन्च के बाद पहले 90 दिन ‘कमिशनिंग फेज़’ कहलाएंगे, जिसमें सभी उपकरणों की जांच और सेटिंग की जाएगी.

क्या है NISAR मिशन का महत्व

ISRO के अनुसार, यह मिशन पृथ्वी की निगरानी तकनीक में एक मील का पत्थर साबित होगा. वैज्ञानिकों को एक ही मंच से दो अलग-अलग रडार तकनीकों का डाटा मिलेगा, जिससे पर्यावरण और जलवायु से जुड़े बदलावों को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा.

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जब पापा सुनील दत्त से जिद करके बांग्लादेश गए थे संजय दत्त, होना पड़ा था शर्मिंदा

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Sanjay Dutt Birthday Special: बॉलीवुड के ‘बाबा’ संजय दत्त की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है. वह आज बॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार्स में से एक हैं. उनकी दमदार एक्टिंग और बेहतरीन अंदाज ने लाखों लोगों का दिल जीता है. हर चमकते सितारे के जीवन में कई दिलचस्प कहानियां होती हैं. ऐसे ही संजय के बचपन की एक घटना है, जब उन्हें एक छोटी सी गलती के कारण स्वर कोकिला लता मंगेशकर के सामने शर्मिंदा होना पड़ा था.

संजय दत्त का जन्म 29 जुलाई 1959 को एक फिल्मी परिवार में हुआ था. उनके पिता सुनील दत्त और मां नरगिस दोनों ही मशहूर कलाकार थे. बचपन में संजय को म्यूजिक का बड़ा ही शौक था. वह स्कूल की बैंड में सबसे पीछे ड्रम बजाते हुए चलते थे. उनकी बहन प्रिया दत्त ने एक टीवी शो में बताया था कि संजय को सिर्फ़ एक ही तरह का स्कूल ड्रम बजाना आता था.

जब संजय दत्त ने की थी बांग्लादेश जाने की जिद

1971 में भारत और पाकिस्तान के युद्ध के बाद कलाकारों का एक समूह बांग्लादेश जाकर वहां के सैनिकों और आम जनता के लिए शो करने वाला था. सुनील दत्त भी उस ग्रुप में थे. उस वक्त संजय दत्त की उम्र महज 12-13 साल की थी, जब इस बात का पता उन्हें चला तो उन्होंने भी पिता से बांग्लादेश जाने की जिद की.

इस पर सुनील दत्त ने पहले संजय को मना किया और कहा कि वहां वही कलाकार जा रहे हैं, जो गा सकते है, बजा सकते है या कोई कला दिखा सकते हैं. इस पर संजय ने तुरंत जवाब देते हुए कहा, ‘मैं बोंगो बजाऊंगा!’

संजय की जिद के आगे आखिरकार पिता को झुकना पड़ा और वह उन्हें अपने साथ ले गए. जब शो का दिन आया तो मंच पर लता मंगेशकर अपनी जादुई आवाज में गा रही थीं. पूरा माहौल शांत और भावुक था. इस दौरान संजय दत्त ने बोंगो बजाना शुरू कर दिया.

बोंगो की गड़बड़ाती लय ने लता जी का ध्यान भटकाया और उन्होंने अचानक पीछे मुड़कर देखा कि ये कौन बोंगो बजा रहा है? तब मासूमियत भरे अंदाज में संजय पीछे खड़े थे. लता जी को देख संजय शर्म से पानी-पानी हो गए. ये पल उनके लिए ऐसा था जिसे वह कभी नहीं भूल सके.

इस किस्से को खुद सुनील दत्त ने फारुक शेख को दिए एक टीवी इंटरव्यू में सुनाया था.


संजय दत्त की फिल्मी करियर

संजय दत्त का फिल्मी करियर बहुत ही दिलचस्प और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है. उन्होंने 1981 में फिल्म ‘रॉकी’ से अपने अभिनय की शुरुआत की, जिसे उनके पिता सुनील दत्त ने निर्देशित किया था.

इसके बाद उन्होंने ‘साजन’, ‘खलनायक’, ‘वास्तव’ और “कांटे’ जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय निभाते हुए अपनी अलग पहचान बनाई. लेकिन लोकप्रियता उन्हें फिल्म ‘वास्तव’ से मिली. इसके लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था.

उन्होंने फिल्मों में कई अलग-अलग तरह के किरदार निभाए. वह कभी प्रेमी बने, तो कभी खतरनाक गैंगस्टर की भूमिका में दिखे. उनके स्टाइल की वजह से उन्हें ‘संजू बाबा’ के नाम से बुलाया जाने लगा. लेकिन उनका जीवन फिल्मों जितना आसान नहीं था.

संजय दत्त पर लगे आरोप

1993 में मुंबई में हुए बम धमाकों के मामले में संजय दत्त का नाम आया. उस वक्त उन पर आरोप लगे कि उन्होंने अपने घर पर हथियार रखे थे, जो उन धमाकों में इस्तेमाल हो सकते थे. संजय ने हमेशा कहा कि वह ऐसा नहीं करना चाहते थे और केवल अपने परिवार की सुरक्षा के लिए हथियार रखे थे. इस मामले की वजह से उन्हें कई साल जेल में बिताने पड़े और 2016 में जेल से रिहा हुए.

नशे ने घेरा था संजू बाबा को

इसके अलावा, संजय दत्त की जिंदगी में नशे की आदत भी एक बड़ा संघर्ष रही. कई इंटरव्यूज में उन्होंने खुद कबूल किया कि वह ड्रग्स के आदी हो गए थे. लेकिन इलाज के बाद उन्होंने नशे से छुटकारा पाया. उनकी इस लड़ाई को देखकर कई लोग प्रेरित हुए.

फैंस की पसंदीदा फिल्मों में ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ और ‘लगे रहो मुन्ना भाई’ शामिल हैं. 2022 में रिलीज हुई ‘केजीएफ: चैप्टर 2’ में उनका ‘अधीरा’ किरदार काफी चर्चा में रहा; इस किरदार ने उन्हें साउथ इंडस्ट्री में पहचान दिलाने में मदद की.

उन्होंने ‘शमशेरा’, ‘सम्राट पृथ्वीराज’, और ‘लियो’ जैसी फिल्मों में भी अहम भूमिकाएं निभाईं. इसके अलावा, उन्होंने प्रोडक्शन में भी हाथ आजमाया और ‘प्रस्थानम’ जैसी फिल्म को प्रोड्यूस किया. संजय दत्त का करियर कभी एक सीध में नहीं चला, लेकिन हर गिरावट के बाद उन्होंने और मजबूत होकर वापसी की. वह आज भी फिल्मों में सक्रिय हैं और उनकी झोली में कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं.



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गौतम गंभीर के साथियों की जाएगी नौकरी! BCCI जल्द सुना सकता है फैसला; जानें पूरा मामला

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अभी कुछ सप्ताह पहले की बात है जब अभिषेक नायर को BCCI ने टीम इंडिया के सहायक कोच पद से हटा दिया था. अब खबर है कि कोचिंग स्टाफ में शामिल 2 अन्य कोचों की नौकरी जा सकती है. हेड कोच गौतम गंभीर के अंडर एक युवा टेस्ट टीम तैयार की जा रही है, लेकिन टेस्ट सीरीज में लचर प्रदर्शन के कारण मोर्ने मोर्केल और रायन टेन डोइशे को निकाला जा सकता है. द टेलीग्राफ के मुताबिक बीसीसीआई जल्द दोनों को बर्खास्त कर सकता है.

अपने कार्यकाल के 7 महीने पूरे होने के बाद ही अभिषेक नायर को हटा दिया गया था. द टेलीग्राफ के अनुसार पिछले 3 दौरों पर रणनीतियों और टीम के चयन को देखते हुए BCCI मोर्ने मोर्केल और रायन टेन डोइशे को सहायक कोच के पद से हटा सकता है. एक सूत्र ने बताया कि कोच हमेशा टीम में बैलेंस बनाए रखने की बात करते हैं, लेकिन कुलदीप यादव जैसे वर्ल्ड-क्लास रिस्ट स्पिनर को बाहर बैठाने के बेकार परिणाम निकल कर आए हैं.

भारत-इंग्लैंड सीरीज पर ही नजर डालें तो जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने बहुत ज्यादा गेंदबाजी की है. ऐसा ही ऑस्ट्रेलिया में भी हुआ था, लेकिन टीम मैनेजमेंट ने अपनी गलतियों में सुधार नहीं किया. इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में सिराज ने रवींद्र जडेजा से अधिक गेंदबाजी की है. वहीं बुमराह अब तक सीरीज में 119.4 ओवर फेंक चुके हैं.

रिपोर्ट अनुसार भारत बनाम इंग्लैंड टेस्ट सीरीज का परिणाम कुछ भी आए, मोर्केल और रायन की नौकरी जानी लगभग तय है. दोनों का पद एशिया कप 2025 तक सुरक्षित रह सकता है, क्योंकि व्हाइट बॉल टीमों का प्रदर्शन अच्छा रहा है. मगर अक्टूबर में भारत की अगली टेस्ट सीरीज वेस्टइंडीज के साथ होनी है, रिपोर्ट अनुसार तब तक मोर्केल और रायन, दोनों को निकाला जा चुका होगा.

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सौरव गांगुली या सचिन तेंदुलकर की पत्नी, कौन है ज्यादा पढ़ी-लिखी? जानिए 

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क्रिकेट के मैदान पर सौरव गांगुली और सचिन तेंदुलकर की जोड़ी ने कई बार भारत को जीत दिलाई है. लेकिन आज बात इन दोनों दिग्गजों की नहीं, बल्कि उनकी जीवन संगिनियों की है—डोना गांगुली और अंजलि तेंदुलकर. सवाल ये है कि आखिर पढ़ाई-लिखाई के मामले में कौन है आगे?

डोना गांगुली: प्रोफेसर भी, डांसर भी

सौरव गांगुली की पत्नी डोना गांगुली सिर्फ एक क्रिकेटर की पत्नी नहीं, बल्कि एक स्थापित शिक्षिका और कलाकार भी हैं. वह साल 2012 से कोलकाता के भवानीपुर एजुकेशन सोसायटी कॉलेज में पॉलिटिकल साइंस विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में पढ़ा रही हैं.

पढ़ाई के मामले में डोना ने पहले पोस्ट ग्रेजुएशन किया और फिर जाधवपुर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन में MPhil और PhD की डिग्रियां हासिल कीं. इसके अलावा, वह ओडिसी डांस की ट्रेन्ड क्लासिकल डांसर भी हैं और एक डांस एकेडमी चलाती हैं, जहां बच्चों को शास्त्रीय नृत्य सिखाती हैं.

अंजलि तेंदुलकर: डॉक्टर और गोल्ड मेडलिस्ट

वहीं सचिन तेंदुलकर की पत्नी अंजलि भी किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं. अंजलि ने बॉम्बे इंटरनेशनल स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की और फिर मुंबई के मशहूर ग्रांट मेडिकल कॉलेज और सर जे.जे ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स से MBBS की डिग्री ली. अंजलि सिर्फ डॉक्टर नहीं, बल्कि अपने बैच की गोल्ड मेडलिस्ट भी रहीं. खास बात यह रही कि जब सचिन का क्रिकेट करियर चरम पर था, उस वक्त अंजलि ने अपना मेडिकल प्रोफेशन छोड़कर परिवार को समय देने का फैसला किया.

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दोनों ही हैं प्रेरणा की मिसाल

डोना गांगुली हों या अंजलि तेंदुलकर दोनों ही महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षा और संस्कार का मजबूत उदाहरण पेश किया है. डोना ने जहां शिक्षा और कला को एक साथ साधा है, वहीं अंजलि ने मेडिकल के कठिन क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई और फिर परिवार के लिए खुद को समर्पित भी किया.

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मेष अगस्त मासिक राशिफल, करियर, प्रेम, स्वास्थ्य पर बड़ा बदलाव! जानें उपाय और सावधानियां

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Aries Monthly Horoscope August 2025: अगस्त 2025 का महीना मेष राशि के जातकों के लिए नए अवसरों और चुनौतियों से भरा रहेगा. इस माह बिजनेस और करियर में उतार-चढ़ाव के बीच सफलता पाने के लिए धैर्य और सतर्कता की आवश्यकता रहेगी. पारिवारिक जीवन में कुछ मतभेद आ सकते हैं, लेकिन प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी. विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए यह समय मिश्रित परिणाम लेकर आएगा.

करियर और व्यवसाय (Career & Business)
अगस्त के शुरुआती दिनों में तृतीय भाव में गुरु की पंचम दृष्टि सप्तम भाव पर पड़ने से बिजनेस से जुड़े कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने के योग बनेंगे. हालांकि, 10 अगस्त तक बुध के वक्री रहने से बिजनेसमैन को सतर्क रहना होगा. इस समय बड़े निवेश या नए सौदों में जल्दबाजी न करें.
15 अगस्त तक चतुर्थ भाव में सूर्य-बुध का बुधादित्य योग बिजनेस ट्रेवलिंग के लिए लाभकारी रहेगा.
11 अगस्त के बाद बुध मार्गी होकर शनि से नवम-पंचम राजयोग बनाएगा, जिससे विदेश से जुड़ी डील या संपर्कों से लाभ हो सकता है.
21 और 22 अगस्त को चंद्रमा की अनफा योग स्थिति निवेश के लिए शुभ रहेगी, लेकिन निवेश से पहले पूरी रिसर्च करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा.

नौकरी और प्रोफेशन (Job & Profession)
नौकरीपेशा जातकों को 10 अगस्त तक वर्कप्लेस पर सीनियर या सहकर्मियों से सावधानी बरतनी होगी.
15 अगस्त के बाद सूर्य की दशम भाव पर दृष्टि से कार्यक्षेत्र में राहत और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं.
16 अगस्त से पंचम भाव में सूर्य और केतु का ग्रहण दोष होने के कारण ऑफिस पॉलिटिक्स और गॉसिप से दूरी बनाए रखना जरूरी होगा.
महीने के उत्तरार्ध में कुबेर योग करियर में उन्नति और नई संभावनाएं लेकर आएगा.

परिवार और प्रेम संबंध (Family & Love Life)
पारिवारिक जीवन में द्वादश भाव के शनि के प्रभाव से उतार-चढ़ाव रह सकता है. लव लाइफ में राहु की दृष्टि के कारण गलतफहमियां बढ़ सकती हैं.
19 अगस्त तक गुरु-शुक्र का शंख योग पारिवारिक रिश्तों को मजबूत करने में सहायक होगा.
20 से 29 अगस्त तक लक्ष्मीनारायण योग प्रेम संबंधों को गहराई देगा, हालांकि प्रियजन से दिल की बात कहने में कुछ संकोच रहेगा.

शिक्षा और विद्यार्थी (Education & Students)
अगस्त के शुरुआती 15 दिनों में सूर्य की स्थिति के कारण विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है.
राहु की दृष्टि से प्रतियोगी छात्रों को अपेक्षित परिणाम पाने में कुछ समय लगेगा.
गुरु के शुभ प्रभाव से छात्रों को करियर में नए अवसर मिलेंगे, जिनका लाभ वे सही तैयारी के साथ उठा पाएंगे.
16 अगस्त के बाद सूर्य पंचम भाव में प्रवेश कर खेलकूद में भाग लेने वाले छात्रों के लिए सफलता की संभावनाएं बढ़ाएगा.

स्वास्थ्य और यात्रा (Health & Travel)
शनि की दृष्टि स्वास्थ्य को लेकर सावधान रहने का संकेत दे रही है. हृदय, त्वचा या थायरॉइड के मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी.
16 अगस्त से सूर्य-राहु का ग्रहण दोष गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दे रहा है.
11 अगस्त के बाद बिजनेसमैन को बिजनेस से जुड़ी यात्राएं करनी पड़ सकती हैं.

उपाय (Remedies)

  • 09 अगस्त रक्षाबंधन पर बहन भाई को लाल रेशम की राखी बांधें और भाई बहन को तांबे का सिक्का या लाल रंग की वस्तु उपहार दें.
  • 15 अगस्त श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर श्रीकृष्ण को लाल वस्त्र, तुलसी दल और मिश्री का भोग अर्पित करें. ऊँ क्लीं कृष्णाय नमः मंत्र का 108 बार जाप करें. रात्रि को दक्षिण दिशा में 1 दीपक जलाएं.
  • 27 अगस्त श्रीगणेश चतुर्थी पर लाल फूल, दूर्वा और मोदक से गणेशजी की पूजा करें. ऊँ गं गणपतये नमः मंत्र का 108 बार जप करें. तांबे के लोटे में जल भरकर सूर्य को अर्घ्य दें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें.

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आयुष्मान भारत योजना में 1.2 लाख करोड़ बकाया, क्या Fail हो गई आयुष्मान भारत ?| Paisa Live

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Media Reports के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना खराब Financial Conditions से गुज़र रही हैं। IMA के मुताबिक आयुष्‍मान भारत योजना के तहत प्राइवेट अस्‍पतालों द्वारा किए गए इलाज का 1.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक अभी बकाया है ऐसे में भुगतान में देरी, कम पैकेज दरें और जटिल क्लेम प्रक्रिया Delayed payments, low package rates and complicated claim process ने निजी अस्पतालों की कमर तोड़ दी है|                                                                                   

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भारत की ताकत देख तुर्किए का दुश्मन पहुंच गया दिल्ली, जानें कौन सा हथियार खरीद रहा?

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जम्मू कश्मीर के पहलगाम में (22 अप्रैल, 2025) को हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर न सिर्फ आतंकी ठिकानों को नष्ट किया बल्कि पाकिस्तानी आर्मी को भी उसकी औकात दिखाई. भारतीय सैन्य बलों और भारत के रक्षा सिस्टम के आगे चीन और तुर्किए के हथियार भी फिसड्डी साबित हुए. इसके बाद से दुनिया के कई देश न सिर्फ भारत के फैन हो गए हैं बल्कि उनमें भारत से मिसाइल और अन्य युद्ध सामग्री खरीदने की होड़ मच गई है.

भारत के स्वदेशी हथियारों की दुनिया में डिमांड बढ़ गई है. ऐसे में आर्मेनिया जो पहले से ही भारतीय हथियार खरीदता रहा है, उसके कई टॉप मिलिट्री ऑफिसर हथियार समझौते करने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं. इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर्नल म्हेर इस्रायेल्यान कर रहे हैं.

तुर्किए के हथियारों के दम पर उछल रहा अजरबैजान 
रिपोर्ट के मुकाबिक उनका मकसद भारत में विकसित स्वदेशी डिफेंस सिस्टम जैसे AK-203 असॉल्ट राइफल, अत्याधुनिक फ्रंटलाइन सेंसर और स्मार्ट निगरानी सिस्टम की टेक्नोलॉजिक क्षमताओं को जानना है. आर्मेनिया और अजरबैजान सालों से संघर्ष में हैं और अजरबैजान के साथ तुर्किए लगातार खड़ा रहता है. अजरबैजान तुर्किए के हथियारों के दम पर आर्मेनिया से लड़ता है. 

भारत से क्या खरीद रहा आर्मेनिया ?  
आंकड़ों को देखा जाए तो पिछले कुछ वर्षों में भारत और आर्मेनिया के बीच रक्षा व्यापार ने एक नया मुकाम हासिल किया है. 2020 से लेकर अब तक आर्मेनिया ने भारत से करीब 2 अरब डॉलर से ज्यादा के हथियार सौदे किए हैं. आर्मेनिया ने पिछले कुछ सालों में पिनाका मल्टी बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) खरीदा है, जो दुश्मन के ठिकानों पर तेजी से हमला करने में सक्षम है. 

इसके अलावा आर्मेनिया ने भारत से आकाश एयर डिफेंस सिस्टम खरीदे हैं, जो कम ऊंचाई पर आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को नष्ट कर सकता है. भारत अभी आर्मेनिया को आकाश-1S एयर डिफेंस सिस्टम की दूसरी खेप सौंप रहा है. यह 2022 में हुए 720 मिलियन डॉलर के सौदे का हिस्सा है, जिसके तहत आर्मेनिया ने 15 आकाश सिस्टम के लिए भारत से डील की थी और वो इस सिस्टम का पहला अंतरराष्ट्रीय खरीदार बन गया. पहली बैटरी नवंबर 2024 में डिलीवर हुई और दूसरी बैटरी जुलाई 2025 के बाद डिलीवर की जाएगी. 

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सपनों को सच करने का साइंटिफिक फॉर्मूला, मैनिफेस्टेशन सिर्फ कल्पना नहीं न्यूरोसाइंस है

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मैनिफेस्टेशन का आइडिया सोशल मीडिया पर पिछले कुछ सालों से काफी पॉपुलर हुआ है, लेकिन क्या यह सिर्फ एक ट्रेंड है या वाकई इसका कोई असर होता है. इस सवाल का जवाब कई एक्सपर्ट्स देते हैं जो मानते हैं कि मैनिफेस्टेशन काम करता है. हालांकि, यह सिर्फ सोचने की बात नहीं बल्कि हमारे ब्रेन को दोबारा ट्रेन करने की साइंटिफिक प्रक्रिया भी है.

मैनिफेस्टेशन सिर्फ कल्पना नहीं एक मेंटल प्रैक्टिस भी

कुछ एक्सपर्ट्स के अनुसार, मैनिफेस्टेशन का मतलब यह मान लेना नहीं कि अगर हम कुछ सोचेंगे तो वह अपने आप सच हो जाएगा. इसके पीछे एक साइंटिफिक तर्क यह है कि जब हम किसी लक्ष्य को पाने की इच्छा बार-बार करते हैं तो वह अपने आप सच हो जाएगा और उस पर केंद्रित रहते हैं तो हमारा दिमाग खुद को उसी दिशा में ढालने लगता है. इसके अलावा कुछ एक्सपर्ट्स यह भी मानते हैं कि जब हम किसी चीज को पाने की सोचते हैं तो हमारा सोचने का तरीका और हमारी भाषा उसी दिशा में बदलने लगती है. इससे न केवल हमारी मेंटल कंडीशन बदलती है बल्कि हम अपने आसपास की चीजों में ऐसे संकेत भी देखने लगते हैं जो हमारे लक्ष्य तक पहुंचने में मदद करते हैं.

सफलता के लिए सिर्फ सोच नहीं एक्शन लेना भी जरूरी

कुछ लोग इस धारणा को बिल्कुल नकारते हैं कि मैनिफेस्टेशन का मतलब है कि आप बस बैठकर सोचते हैं और सब कुछ अपने आप हो जाएगा. कई लोग ऐसे बैठकर सोचते हैं कि उनका बिजनेस सफल हो जाएगा या उन्हें अच्छी नौकरी मिल जाएगी तो ऐसा नहीं होता. इसके लिए आपको रोज कुछ न कुछ करना होगा. इसीलिए एक्सपर्ट विजन बोर्ड के बजाय एक्शन बोर्ड बनाने की सलाह भी देते हैं. जहां आप सिर्फ सपनों की तस्वीर न लगाए बल्कि उस लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए छोटे-छोटे ठोस कदम भी तय करें.

माइंडसेट शिफ्ट करें डर से बाहर निकलेंं

हमारा दिमाग हमें जोखिमों से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है, लेकिन अगर हम हमेशा डर के माहौल में सोचेंगे तो कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे. इसलिए सफलता के लिए जरूरी है कि हम अपने सोचने के तरीके को स्केर्सिटी से अबंडेंस की ओर शिफ्ट करें. वहीं खुद पर भरोसा करना और यह मानना की अवसरों की कोई कमी नहीं है हमारे दिमाग को नए रास्ते देखने और अपनाने में मदद करता है.

दिमाग को मौके पहचानने के लिए ट्रेन करें

हमारा ब्रेन रेटिक्यूलर एक्टीवेटिंग सिस्टम के जरिए चीजों को फिल्टर करता है. इसका मतलब है कि जो चीज हमारे लिए जरूरी होती है वहीं हम देख पाते हैं. जब हम बार-बार अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं तो दिमाग उन संकेतों को भी पकड़ने लगता है जिन्हें पहले हम नजरअंदाज करते थे.

दिन की शुरुआत ग्रेटीट्यूड से करें

सुबह-सुबह जब आप नींद से जागते हैं उस वक्त की गई पॉजिटिव सोच पूरे दिन की दिशा तय करती है. ग्रेटीट्यूड की भावना हमें डर और तनाव से निकाल कर एक भरोसे और प्यार की स्थिति में लाती है. जिससे हम ज्यादा खुले और रचनात्मक बनते हैं. ऐसे में सुबह उठते ही तीन चीजों के बारे में आपको सोचना चाहिए जैसे जिनके लिए आप आभारी हैं यह आदतें आपके सोचने के तरीके में बड़ा बदलाव ला सकती है.

पॉजिटिव अफर्मेशन्स से खुद को दोबारा प्रोग्राम करें

हम अक्सर अनजाने में खुद के बारे में नेगेटिव बातें सोचते हैं. इसी आदत को बदलने के लिए आप अपने घर में जगह-जगह पर पॉजिटिव कोट्स लगाकर रख सकते हैं. इन कोट्स को रोज खुद से कहना और उन्हें अपने मन में दोहराना आपके दिमाग को एक नई दिशा दे सकता है.

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‘महावतार नरसिम्हा’ के धमाल के बीच ये जबरदस्त एनीमेशन फिल्में भूले तो नहीं आप? देखें लिस्ट

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IPL चैंपियन बनने पर भावुक हो गए थे विराट, एबी डिविलियर्स के लिए कही थी ऐसी बात

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AB De Villiers And Virat Kohli Friendship: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने आईपीएल 2025 जीतकर पहला टाइटल अपने नाम किया. इंडियन प्रीमियर लीग का ये 18वां सीजन था, जब आरसीबी के हाथों में ट्रॉफी आई. रजत पाटीदार की कप्तानी में बेंगलुरु ने ये खिताब जीता. इससे पहले विराट कोहली RCB के कप्तान थे और उनकी कप्तानी में कई दिग्गज खिलाड़ी टीम का हिस्सा रहे, लेकिन बेंगलुरु के हाथ ट्रॉफी नहीं आई. इन्हीं खिलाड़ियों में एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल का नाम भी शामिल था.

डिविलियर्स ने बताई दिल को छू लेने वाली बात

एबी डिविलियर्स और विराट कोहली की दोस्ती काफी गहरी है. आरसीबी के लिए खेलते हुए ये दोनों खिलाड़ी काफी अच्छे दोस्त बने. डिविलियर्स ने स्पोर्ट्स तक पर राहुल रावत से बात करते हुए इस बात का खुलासा किया कि विराट कोहली ने पहला आईपीएल टाइटल जीतने के बाद उनसे क्या कहा था. डिविलियर्स ने बताया कि ‘मैं पूरी तरह से हैरान रह गया जब विराट ने मुझसे कहा कि मैं उनकी इस जर्नी का हिस्सा हूं’. डिविलियर्स ने आगे बताया कि ‘विराट का ऐसा कहना मेरे लिए बहुत बड़ी बात है और इस बात का मैं बहुत सम्मान करता हूं’.

विराट ने लगाया डिविलियर्स को गले

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पहला आईपीएल टाइटल जीतने के बाद विराट कोहली भावुक हो गए थे और उनकी आंखों से खुशी के आंसू बहने लगे. आरसीबी की जीत के बाद विराट ने डिविलियर्स को गले लगाया. इन दोनों का गले लगाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ. आईपीएल फाइनल के लिए खासतौर पर एबी डिविलियर्स और क्रिस गेल भारत आए थे, क्योंकि वे काफी लंबे समय तक आरसीबी से जुड़े रहे. इन दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने टीम के साथ आरसीबी की टी-शर्ट पहनकर पोडियम पर ट्रॉफी भी शेयर की.

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