NEET PG 2025 का एडमिट कार्ड जारी, 3 अगस्त को होगी परीक्षा, ऐसे करें डाउनलोड

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देशभर के मेडिकल स्टूडेंट्स के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने NEET PG 2025 परीक्षा का एडमिट कार्ड 31 जुलाई को जारी कर दिया है. जिन उम्मीदवारों ने इस परीक्षा के लिए रजिस्ट्रेशन किया है, वे अब अपना प्रवेश पत्र आधिकारिक वेबसाइट natboard.edu.in से डाउनलोड कर सकते हैं.

कब होगी परीक्षा?

नीट पीजी 2025 परीक्षा 3 अगस्त को आयोजित की जाएगी. यह परीक्षा एक ही शिफ्ट में सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक होगी. परीक्षा में कुल 200 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे, जिनमें से हर प्रश्न के लिए चार विकल्प दिए जाएंगे. अभ्यर्थियों को सही उत्तर का चुनाव करना होगा.

NBEMS ने जानकारी के आदान-प्रदान के लिए एक आधिकारिक व्हाट्सएप चैनल भी शुरू किया है, जहां से उम्मीदवार NEET PG और अन्य मेडिकल परीक्षाओं से जुड़ी सटीक और प्रामाणिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

किन कोर्सों में मिलेगा दाखिला?

  • MD (डॉक्टर ऑफ मेडिसिन)
  • MS (मास्टर ऑफ सर्जरी)
  • PG डिप्लोमा
  • DNB (डिप्लोमेट ऑफ नेशनल बोर्ड)
  • DrNB (डॉक्टरेट ऑफ नेशनल बोर्ड)

अन्य पोस्ट MBBS डिप्लोमा कोर्स

परीक्षा के बाद जल्द ही नीट पीजी 2025 की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके जरिए उम्मीदवारों को मेडिकल कॉलेजों में दाखिला मिलेगा.

इन बातों का रखें ध्यान

  • एडमिट कार्ड में दिए गए नाम, परीक्षा केंद्र, समय और रोल नंबर जैसी जानकारियां ध्यान से पढ़ें.
  • अगर किसी प्रकार की गलती या त्रुटि दिखे तो तुरंत NBEMS से संपर्क करें.
  • परीक्षा वाले दिन एडमिट कार्ड के साथ एक वैध फोटो आईडी प्रूफ जैसे आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस आदि भी अनिवार्य रूप से साथ लाएं. बिना इसके परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा.

ऐसे करें नीट पीजी 2025 एडमिट कार्ड डाउनलोड

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31 जुलाई 2025 राशिफल: क्या कहता है आपका भाग्य? जानें आज का दिन सभी 12 राशियों के लिए!

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Daily Horoscope 31 July 2025: ज्योतिष विद्या में ग्रहों की स्थिति की गणना से राशिफल राशिफल निकाला जाता है. गुरुवार, 31 जुलाई 2025 का दिन सभी राशियों के लिए कैसा होगा? जानिए इसके बारे में. 

मेष राशि (Aries)
आज आत्मविश्वास से कार्य करें. किसी पुराने मित्र से मुलाकात संभव है. नौकरी में पदोन्नति या कार्य की सराहना हो सकती है. प्रेम संबंध मजबूत होंगे.

  • उपाय: सूर्य को जल अर्पित करें.

वृषभ राशि (Taurus)
आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें. बाहरी राज्य की यात्रा के योग बन रहे हैं. पारिवारिक जीवन में संतुलन बना रहेगा.

  • उपाय: गौ माता को हरा चारा खिलाएं.

मिथुन राशि (Gemini)
नया कार्य शुरू करने के लिए दिन अनुकूल है. नौकरी और व्यापार में प्रगति होगी. सेहत सामान्य रहेगी.

  • उपाय: भगवान गणेश की आराधना करें.

कर्क राशि (Cancer)
मन भावुक हो सकता है. किसी करीबी से अनबन की संभावना है. विवादों से बचें और धैर्य रखें.

  • उपाय: चावल का दान करें.

सिंह राशि (Leo)
करियर में सफलता मिलेगी. किसी वरिष्ठ अधिकारी से सहयोग मिलेगा. प्रेम में कुछ खटपट संभव है.

  • उपाय: पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें.

कन्या राशि (Virgo)
नया निवेश करने से पहले सोच-विचार करें. पारिवारिक जीवन में किसी बात को लेकर चिंता बनी रह सकती है. स्वास्थ्य का ध्यान दें.

  • उपाय: तुलसी में जल चढ़ाएं.

तुला राशि (Libra)
साझेदारी के कामों में लाभ होगा. वैवाहिक जीवन सुखद रहेगा. कानूनी मामलों से दूर रहें.

  • उपाय: सफेद मिठाई का दान करें.

वृश्चिक राशि (Scorpio)
आज कोई बड़ा निर्णय लेने से बचें. खर्चों पर नियंत्रण जरूरी है. प्रेम संबंधों में ईगो टकरा सकता है.

  • उपाय: सुबह के समय एक लोटा पानी में लाल फूल डालकर सूर्य भगवान को अर्पित करें.

धनु राशि (Sagittarius)
कोई शुभ समाचार मिल सकता है. विद्यार्थियों को सफलता के योग हैं. धन लाभ भी संभव है.

  • उपाय: हल्दी मिश्रित जल से स्नान करें.

मकर राशि (Capricorn)
धैर्य और संयम से काम लें. स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रह सकता है. करियर में नए अवसर मिलेंगे.

  • उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं.

कुंभ राशि (Aquarius)
आज का दिन मित्रों के साथ अच्छा बीतेगा. यात्रा के योग हैं. आय के नए स्रोत बन सकते हैं.

  • उपाय: काले तिल का दान करें.

मीन राशि (Pisces)
रचनात्मकता बढ़ेगी. लव लाइफ में सकारात्मक बदलाव होगा. मानसिक शांति का अनुभव करेंगे.

  • उपाय: नीले फूलों से विष्णु भगवान की पूजा करें.

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. यहां यह बताना जरूरी है कि ABPLive.com किसी भी तरह की मान्यता, जानकारी की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें. 

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‘भारत-रूस मिलकर डेड इकॉनमी को नीचे ले जा सकते हैं’, फिर गया ट्रंप का दिमाग, टैरिफ अटैक के बाद ये क्या बोल गए

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भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक और बड़ा धमाका किया है. भारत और रूस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा है कि उन्हें रूस के साथ भारत के लेन-देन की कोई परवाह नहीं है और दोनों मिलकर अपनी मरी हुई अर्थव्यवस्थाओं को नीचे गिरा सकते हैं.

खबर अपेडट की जा रही है…

(ये ब्रेकिंग न्यूज़ स्टोरी है और इसे अपडेट किया जा रहा है. ताजा अपडेट के लिए कृपया रिफ्रेश करें)

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डिलीवरी के बाद ज्यादा ब्रेस्ट फीडिंग कराने वाली महिलाओं को देर से क्यों आते हैं पीरियड्स, क्या

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डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं. उनमें से एक है पीरियड्स का समय पर न आना. कई बार महिलाएं सोचती हैं कि यह कोई बीमारी है या हार्मोनल समस्या. लेकिन असल में यह एक सामान्य प्रक्रिया है, खासकर अगर महिला ब्रेस्ट फीडिंग कर रही हो. प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद महिला का शरीर रिकवरी मोड में रहता है. इस दौरान शरीर में प्रोलैक्टिन (Prolactin) नाम का हार्मोन बढ़ जाता है. यही हार्मोन दूध बनाने के लिए जिम्मेदार है. मेडिकल रिसर्च के अनुसार, ज्यादा ब्रेस्ट फीडिंग करने से प्रोलैक्टिन का लेवल हाई रहता है. यह हार्मोन ओव्यूलेशन यानी एग रिलीज होने की प्रक्रिया को रोक देता है. जब एग रिलीज नहीं होगा, तो पीरियड्स भी नहीं आएंगे.

कितने समय तक पीरियड्स रुक सकते हैं?

अमेरिकन कॉलेज ऑफ ओब्सटेट्रिशियन्स एंड गायनेकोलॉजिस्ट्स (ACOG) की गाइडलाइन के मुताबिक, अगर महिला पूरी तरह से ब्रेस्ट फीडिंग कर रही है तो पीरियड्स 6 महीने या उससे भी ज्यादा देर तक नहीं आ सकते. कुछ केस में यह एक साल तक भी डिले हो सकता है. अगर महिला फीडिंग कम करती है या फॉर्मूला मिल्क देती है तो पीरियड्स जल्दी आ सकते हैं.

क्या यह खतरनाक है?

नहीं, यह खतरनाक नहीं है. यह शरीर की प्राकृतिक प्रक्रिया है. ब्रेस्ट फीडिंग करने वाली महिलाओं में हार्मोनल बदलाव के कारण ओव्यूलेशन देर से शुरू होता है, इसलिए पीरियड्स भी देर से आते हैं. हालांकि, अगर डिलीवरी के 1 साल बाद भी पीरियड्स नहीं आते हैं, या पेट में दर्द, ब्लीडिंग या अन्य लक्षण हैं तो डॉक्टर से जरूर मिलें.

क्या इस दौरान प्रेग्नेंसी हो सकती है?

कई लोग मानते हैं कि जब तक पीरियड्स नहीं आते तब तक प्रेग्नेंसी नहीं हो सकती. लेकिन यह सच नहीं है. ओव्यूलेशन पीरियड्स से पहले हो सकता है, इसलिए बिना प्रोटेक्शन के सेक्स करने से प्रेग्नेंसी का रिस्क रहता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, ब्रेस्ट फीडिंग के बावजूद अगर आप प्रेग्नेंसी नहीं चाहतीं तो डॉक्टर से कंसल्ट करके बर्थ कंट्रोल का इस्तेमाल करें.

ब्रेस्ट फीडिंग के फायदे

ब्रेस्ट फीडिंग न केवल बच्चे के लिए फायदेमंद है बल्कि मां के लिए भी है. यह बच्चे की इम्यूनिटी बढ़ाता है और मां के लिए यूटेरस के सिकुड़ने में मदद करता है. साथ ही यह नेचुरल तरीके से पीरियड्स को डिले करता है, जिससे शरीर को रिकवर करने का समय मिलता है.

डिलीवरी के बाद पीरियड्स का लेट होना एक नॉर्मल प्रोसेस है, खासकर अगर आप ज्यादा ब्रेस्ट फीडिंग कर रही हैं. यह हार्मोनल बदलाव की वजह से होता है और खतरनाक नहीं है. लेकिन अगर बहुत लंबे समय तक पीरियड्स नहीं आते, तो डॉक्टर से चेकअप कराना जरूरी है.

इसे भी पढ़ें- ये 5 तेल खाने में इस्तेमाल किए तो तबीयत हो जाएगी हरी-भरी, मिलेंगे इतने फायदे

Disclaimer: खबर में दी गई कुछ जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है. आप किसी भी सुझाव को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.

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AI Tsunami Alert: AI से बचेंगी लाखों जान, ‘GREAT’ तकनीक सुनामी से पहले देगा अलर्ट

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AI Tsunami Alert System: जब समुद्र में तबाही की लहर उठती है, तो उसका कहर सिर्फ तटवर्ती इलाकों तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसमे  जान-माल का भारी नुकसान तय होता है, लेकिन अब इस खतरे से पहले ही अलर्ट मिलने की संभावना को मजबूत करती एक नई AI तकनीक सामने आई है. कैलिफोर्निया और कार्डिफ यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने मिलकर ‘GREAT’ नामक एक एडवांस्ड अलर्ट सिस्टम तैयार किया है, जो सुनामी से पहले सटीक चेतावनी देने में सक्षम हो सकता है.

सुनामी के अलर्ट में आएगी क्रांति

हाल ही में रूस के कामचाटका प्रायद्वीप में 8.8 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने तबाही मचा दी. इसके बाद रूस, जापान और अमेरिका में सुनामी का हाई अलर्ट जारी किया गया है. पारंपरिक चेतावनी सिस्टम अक्सर अलर्ट देने में देर कर देते हैं या गलत साबित होते हैं. ऐसे में ‘GREAT’ जैसी तकनीक उम्मीद की नई किरण बनकर उभर रही है.

कैसे काम करती है ‘GREAT’ तकनीक?

GREAT यानी Geoscience-based Rapid Earthquake and Tsunami alert सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और Advanced Acoustic Technology का इस्तेमाल करता है. जब समुद्र के नीचे भूकंप आता है, तो उसकी तीव्रता और दिशा के आधार पर यह AI मॉडल तेजी से अलर्ट तैयार करता है. इसमें समुद्री हाइड्रोफोन, DART-बॉय और टाइड गेज जैसे उपकरणों से डेटा लिया जाता है, जिसे अलर्ट साउंड वेव्स की स्पीड से भी तेज भेजा जा सकता है.

सटीकता का दावा, स्पीड में सबसे आगे

रिपोर्ट के अनुसार, यह सिस्टम अब तक 200 भूकंपों का एनालिसिस कर चुका है और रिसर्चर्स की योजना है कि भविष्य में इसमें हजारों भूकंपों का डेटा जोड़ा जाएगा. इससे सिस्टम की भविष्यवाणी और अधिक सटीक होगी. इसका अलर्ट रियल-टाइम में जनरेट होता है, जो मौजूदा अलर्ट सिस्टम के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज है.

सिर्फ समुद्री भूकंप ही नहीं, लैंडस्लाइड और ज्वालामुखी भी ट्रैक करेगा

GREAT सिस्टम न केवल समुद्र के नीचे भूकंप से आने वाली सुनामी का संकेत देगा, बल्कि यह लैंडस्लाइड और ज्वालामुखी विस्फोट से उत्पन्न होने वाली सुनामी की संभावना को भी पहचान सकता है. यानी यह तकनीक प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को काफी हद तक कम कर सकती है.

भारत में क्यों है इसकी जरूरत?

हालांकि भारत में सुनामी की घटनाएं अपेक्षाकृत कम होती हैं, लेकिन बिहार जैसे राज्य हर साल बाढ़ और जलप्रलय जैसी परिस्थितियों का सामना करते हैं. अगर देश में ऐसे AI सिस्टम्स को अपनाया जाए, तो समय रहते चेतावनी देकर जान और संपत्ति का बड़ा नुकसान रोका जा सकता है.

AI का अगला कदम

GREAT जैसी तकनीकें यह साबित कर रही हैं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिर्फ चैटबॉट या ऑटोमेशन के लिए नहीं है, यह हमारी जान बचाने के लिए भी काम आ सकती है. आने वाले समय में यदि यह सिस्टम बड़े स्तर पर लागू होता है, तो सुनामी जैसी आपदाओं से पहले एक सटीक अलर्ट मिलने की उम्मीद और मजबूत हो जाएगी.

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भारत पर राष्ट्रपति ट्रंप के नए टैरिफ के ऐलान के बाद क्या क्रैश करेगा बाजार? जानें क्या मिल रहे

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Stock Market Today: भारतीय सामानों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के फैसले के ऐलान के एक दिन बाद गुरुवार 31 जुलाई 2025 को भारतीय घरेलू  बाजार पर असर दिख रहा है. ये टैरिफ की नई दरें शुक्रवार 1 अगस्त से लागू हो जाएंगी. राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से यह घोषणा ऐसे वक्त पर की गई है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक समझौतों पर अभी तक कोई सहमति नहीं बनी पाई है. निवेशकों की पूरी नजर अब बाजार पर आकर टिकी है कि यह किस तरह की प्रतिक्रिया देता है.

इससे पहले गिफ्टी निफ्टी फ्यूचर्स बाजार में 179 प्रतिशत लुढ़ककर यानी 0.73 प्रतिशत गिरकर 24,675 पर कारोबार कर रहा था, जो दलाल स्ट्रीट के कमजोर शुरुआत की संकेत दे रहा था.

भारत पर टैरिफ से बाजार पर असर

भारत पर ताजा टैरिफ लगाने के अमेरिका के फैसले का सीधा बाजार से संबंध है. संवाददाताओं के साथ बात करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि बातचीत अभी चल रही है, लेकिन चेतावनी देते हुए कहा कि भारतीय सामानों के ऊपर शुक्रवार से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा.

ट्रंप ने कहा कि वे दुनियाभर के उन देशों में शामिल है, जहां पर सबसे ज्यादा टैरिफ लगाया जाता है. वह इसमें कटौती के इच्छुक हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम अभी भारत के साथ बातचीत कर रहे हैं और और देखते हैं कि आगे क्या होता है. हम इस बारे में हफ्ते के आखिर तक जान जाएंगे. इसके साथ ही, ट्रंप ने रुस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर अतिरिक्त हर्जानने का भी ऐलान किया है, जो भारत और अन्य मॉस्क से तेल खरीदार देशों के ऊपर असर पड़ सकता है.

डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. ABPLive.com की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है.)

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ढाई सेशन में ही पूरी टीम लौटी पवेलियन, जानिए किस गेंदबाज ने 6 विकेट लेकर मचाया कोहराम

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NZ vs ZIM 1st Test: लगभग 9 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में आमने-सामने आई न्यूजीलैंड और जिम्बाब्वे की टीमें एकतरफा मुकाबले की गवाह बन गईं. जहां जिम्बाब्वे की उम्मीदें घरेलू पिच पर बेहतर शुरुआत की थी, वहीं न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज मैट हेनरी उनके सारे समीकरण ही ध्वस्त कर दिए.

हेनरी ने सिर्फ 39 रन देकर 6 विकेट लिए और जिम्बाब्वे की पूरी टीम को ढाई सेशन के अंदर 149 रन पर ऑलआउट हो गई. दोनों देशों के बीच 2016 के बाद पहला टेस्ट मुकाबला खेला जा रहा है.

कप्तान एर्विन का गलत फैसला

हरारे में खेले जा रहे इस टेस्ट में जिम्बाब्वे के कप्तान क्रेग एर्विन ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी, लेकिन यह दांव पूरी उनकी टीम पर पूरी तरह उल्टा पड़ गया. ओपनिंग से ही मैट हेनरी ने सटीक लाइन-लेंथ से बल्लेबाजों को परेशानी में डाल दिया. बेनेट (6), कुरेन (13) और निक वेल्च (27) को हेनरी ने आउट कर पहले सेशन में ही पकड़ मजबूत बना ली.

इसके साथ ही, नाथन स्मिथ ने भी सीन विलियम्स (2) को आउट कर जिम्बाब्वे को और मुश्किल में डाल दिया. मिडल ऑर्डर में ताफद्जवा त्सिगा (30) और एर्विन (39) ने टिककर रन बनाने की थोड़ी कोशिश जरूर की, लेकिन न्यूजीलैंड की तरफ से हुई फील्डिंग चूकों के बावजूद उनकी सटीक गेंदबाजी का दबाव बल्लेबाजों पर बना रहा.

फील्डिंग में कुछ चूक, लेकिन कोई असर नहीं

एर्विन और त्सिगा को खराब फील्डिंग के चलते जीवनदान जरूर मिला, लेकिन दोनों ही बल्लेबाज उसका फायदा नहीं उठा सके. स्मिथ और हेनरी की कसी हुई गेंदबाजी के आगे जिम्बाब्वे का स्कोरबोर्ड रुका रहा.  रजा भी वापसी में कुछ खास प्रदर्शन नहीं कर पाए और 2 रन बनाकर आउट हो गए.

लंच के बाद हेनरी ने रजा और फिर बाकी निचले क्रम को समेटते हुए अपना छठा विकेट लिया. 

बल्लेबाजी में भी दिखा न्यूजीलैंड का दम

दिन के खेल खत्म होने तक न्यूजीलैंड ने बिना विकेट गंवाए 92 रन बना लिए हैं. डेवोन कॉनवे नाबाद 51 रन और विल यंग नाबाद 41रन बनाकर क्रीज पर टिके हुए हैं. कॉनवे ने इस दौरान अपना 12वां टेस्ट अर्धशतक भी पूरा किया. टीम ने अब पहली पारी में ही जोरदार पकड़ बना ली है.

सेंटनर की कप्तानी, हेनरी की कमान

टॉम लैथम की गैरमौजूदगी में मिचेल सेंटनर टीम की कप्तानी कर रहे हैं. उन्होंने उम्मीद जताई थी कि तेज गेंदबाज पिच का फायदा उठाएंगे और हेनरी ने उनकी उम्मीदों को बखूबी पूरा किया है.

हेनरी ने इस महीने की शुरुआत में हरारे में ही ट्राई-सीरीज के फाइनल में भी अंतिम ओवर में कमाल की गेंदबाजी की थी. अब टेस्ट में भी उन्होंने खुद को सबसे भरोसेमंद गेंदबाज साबित किया है.

जिम्बाब्वे का खराब घरेलू रिकॉर्ड 

अब तक न्यूजीलैंड और जिम्बाब्वे के बीच 17 टेस्ट मुकाबले खेले गए हैं, जिनमें से 11 में न्यूजीलैंड विजयी रहा है और 6 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं. जिम्बाब्वे को अपने घरेलू मैदान पर आखिरी टेस्ट जीत 2013 में पाकिस्तान के खिलाफ मिली थी. नए कप्तान और खिलाड़ियों की वापसी के बावजूद उनकी परेशानियां खत्म होती नहीं दिख रहीं.

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भारी मिस्टेक हो गया सर…पानी में नहा रहे शख्स ने मछली समझ उठा लिया मगरमच्छ- वीडियो वायरल

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नदी में नहाना एक आध्यात्मिक अनुभव माना जाता है, लेकिन जब नदी खुद ‘जुरासिक पार्क’ बन जाए, तो फिर नहाने वाला इंसान नहीं, कंटेस्टेंट बन जाता है, वो भी जिंदगी और मौत के बीच तैरता हुआ. सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है जिसे देखकर आपके शरीर का रोम-रोम पानी-पानी हो जाएगा और डर के मारे आप शायद नल से भी दूर भागने लगें.

वीडियो में एक शख्स अपने दोस्तों के साथ नदी में नहा रहा है. बाकी दोस्त नाव में बैठकर वीडियो बना रहे हैं, क्योंकि दोस्ती का पहला नियम यही है कि खतरे में डालो और फिर रिकॉर्ड करो. नहाते-नहाते अचानक उस शख्स को लगता है कि उसके पैरों के पास कुछ मछली जैसी चीज टकराई है. वो हंसते हुए हाथ डालता है कि पकड़ लूं, लेकिन जो हाथ में आता है, वो देख कर उसकी आंखें, मुंह और आत्मा सब खुल जाती हैं.

नहाते हुए शख्स की गोद में आ गया मगरमच्छ

वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जैसे ही शख्स को मगरमच्छ का एहसास होता है, वो उसे जोर से फेंकता है और बिना कुछ सोचे नदी से सीधे नाव में चढ़ जाता है. उसके हाथ कांप रहे हैं, चेहरे का रंग उड़ चुका है और दोस्तों की हंसी बंद हो चुकी है. नदी के पानी की जगह अब डर की लहरें सबके मन में दौड़ने लगती हैं. कुछ लोगों को तो लगा कि ये प्रैंक है, लेकिन वीडियो के भाव और चेहरे की सच्चाई देखकर साफ लग रहा है कि ये मजाक नहीं, मगरमच्छ की मेहरबानी थी जो वक्त रहते छोड़ दिया. अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है. 

नकली है मगरमच्छ? जान लीजिए

हालांकि देखने पर वीडियो स्क्रिप्टेड लग रहा है. मगरमच्छ को लोग नकली बता रहे हैं. लोगों का कहना है कि इस तरह से मगरमच्छ को गोद में उठाना संभव नहीं है. सच भी है क्योंकि मगरमच्छ किसी भी शिकार के पास आते ही तुरंत हमला बोल देता है. गोद में उठाने जितना मौका न तो आजतक किसी को मिला है और ना ही मिलेगा. वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है और लोग इसे लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं.

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यूजर्स ले रहे मजे

वीडियो को Jaswant Gaur नाम के फेसबुक अकाउंट से शेयर किया गया है जिसे अब तक लाखों लोगों ने देखा है तो वहीं कई लोगों ने वीडियो को लाइक भी किया है. ऐसे में सोशल मीडिया यूजर्स वीडियो को लेकर तरह तरह के रिएक्शन दे रहे हैं. एक यूजर ने लिखा…स्क्रिप्टेड वीडियो लग रहा है. एक और यूजर ने लिखा…मगरमच्छ नकली लग रहा है. तो वहीं एक और यूजर ने लिखा…भाई अब नल के नीचे नहाने से भी डरेगा.

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भारत की ‘प्रलय’ से पाकिस्तान में दहशत! टेंशन में दे डाली कोरी धमकी, बोला- ‘युद्ध का रास्ता…’

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भारत ने 28 और 29 जुलाई को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से ‘प्रलय’ मिसाइल का लगातार दो बार सफल परीक्षण कर एक स्पष्ट संदेश दिया है. यह मिसाइल अर्ध-बैलिस्टिक तकनीक पर आधारित है और 150 से 500 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रखती है. इसे सॉलिड फ्यूल प्रपल्शन से संचालित किया गया है, जिससे इसकी गतिशीलता और सटीकता दोनों ही बेहद खास हैं.

‘प्रलय’ मिसाइल की एक विशेष बात यह है कि यह अलग-अलग प्रकार के पारंपरिक वॉरहेड ले जाने में सक्षम है और हाई मोबिलिटी लॉन्च प्लेटफॉर्म से फायर की जा सकती है. इसकी यह विशेषता इसे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम से बचाकर हमला करने में सक्षम बनाती है. यह मिसाइल भारत के प्रस्तावित एकीकृत रॉकेट बल (IRF) का हिस्सा बनने वाली है, जिससे देश की त्रि-सेना क्षमताओं में उल्लेखनीय वृद्धि होगी.

पाकिस्तान की प्रतिक्रिया तनाव या रणनीतिक प्रतिक्रिया?
पाकिस्तानी मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों ने भारत के इस परीक्षण को दक्षिण एशिया में हथियारों की होड़ का संकेत माना है. जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान की सेना का मानना है कि भारत की यह कार्रवाई ‘युद्ध का रास्ता’ खोल रही है. इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान के पास इसका जवाब देने के लिए हत्फ-IX मिसाइल (नस्र) मौजूद है, जो टैक्टिकल न्यूक्लियर वॉरहेड ले जाने में सक्षम है. नस्र मिसाइल की रेंज 60 से 70 किलोमीटर है. वहीं, भारत की प्रलय मिसाइल पारंपरिक बमों के साथ लॉन्च होती है, जिसकी वॉरहेड कैपेसिटी 500 किलोग्राम तक है. इसके मुकाबले पाकिस्तान की हत्फ-IX न्यूक्लियर वॉरहेड के साथ 400 किलोग्राम तक की क्षमता रखती है.

प्रलय बनाम नस्र
खासियत           प्रलय            (भारत)                 हत्फ-IX (पाकिस्तान)
टाइप               अर्ध-बैलिस्टिक मिसाइल             टैक्टिकल न्यूक्लियर मिसाइल
रेंज                   150-500 किमी                       60-70 किमी
वॉरहेड क्षमता    500 किलोग्राम (पारंपरिक)         400 किलोग्राम (न्यूक्लियर)
लॉन्च प्लेटफॉर्म   हाई मोबिलिटी ट्रक                   मोबाइल प्लेटफॉर्म
कीमत              $4-6 मिलियन                          $1-2 मिलियन

दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन पर प्रभाव
भारत के इस मिसाइल परीक्षण ने न केवल पाकिस्तान को, बल्कि पूरे क्षेत्रीय भू-राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित किया है. विशेषज्ञ मानते हैं कि यह परीक्षण भारत की रक्षा रणनीति में एक बड़ा कदम है जो उसे सीमित युद्धों के परिदृश्य में एक रणनीतिक बढ़त देता है. दूसरी ओर, पाकिस्तान इस परीक्षण को अस्थिरता का संकेत मान रहा है और हथियारों की दौड़ को तेज करने का आरोप लगा रहा है, लेकिन भारत का दावा है कि प्रलय मिसाइल पूरी तरह से रक्षात्मक क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई है.

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